फंतासी ऐटिटूड.....( मैजिक + रोमांस )(कम्प्लेटेड) - Page 16 - SexBaba
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फंतासी ऐटिटूड.....( मैजिक + रोमांस )(कम्प्लेटेड)

आप या कोई भी रीडर क्या चाहते hain,is हिसाब से मैंने ये स्टोरी नहीं likhi.iske हर करैक्टर और उसका रोले कहानी शुरू होने से पहले से मैंने तय किया था..

और आप उस कहानी के जो की एक सुपरनैचरल स्टोरी hai,uspe सवाल कर रही hain..jabki रियलिटी में इससे लाख गुना गलत हालत हैं...

अभी हाल hi में श्रीलंका में एक मिड्ली क्लास फॅमिली एक अफोर्डेबल टूर पर गयी थी..

पर अब उस फॅमिली में बस एक hi बाँदा bacha...uski बीवी और दोनों बच्चे आतंकवादी के चपेट में आ गए...

उन बेकसूरों की क्या गलती thi..fir भी मारे गए naa.yahi लाइफ hai..jaisa सोचो वैसा hi हो तोह फिर क्या कहने...

आपकी hi तरह हर रीडर का एक फव करैक्टर है पर उस वजह से मई अपनी सोच नहीं घुमा सकता....

और मेरे पास पर्सनल रिक्वेस्ट भी आते रहे hain,kisi करैक्टर को ज़्यादा लाइम लाइट करने के लिए.....

जैसा मैंने सोचा hai,waise hi hoga.....suit ुरसेल्फ़...
 
Hahahaha........hota है brother...apne आप को छोटा मत samjhiye..is कहानी का कोई भी रीडर ये नहीं बता सकता की आगे क्या ट्विस्ट आने वाले हैं... तोह आप कैसे किसीसे पीछे hue.infact आप एक बेहतरीन रीडर है क्यूंकि आप इस कहानी के गणित को समझने की कोशिश नहीं करते बल्कि बस उपदटेस एन्जॉय करते हैं...

ये बेस्ट तरीके का स्टोरी पढ़ने ka...aage भी साथ बने रहिये
 
थैंक्स 4 थे रिव्यु बरोथेर... साइंस फिक्शन कहानियां सिर्फ एन्जॉय करने के लोए hi होती हैं और वही करना चाहिए...

हाँ कहीं ना कहीं इससे मश्ग भी जाता है और उससे आप कैसे लेते hain,ye आप पर देपेंद करता है..

वैसे तोह मई कहनी ीे आने वाले उपदटेस के बारे में रेवेअल नहीं कर सकता पर दो बातें बता देता हूँ

पहली तोह ये की आगे के उपदटेस में होने वालो चीज़ों के हिंट्स आलरेडी दिए जा चुकें hain,aur जब वो हिंट्स खुदको उसके पीछे छुपी रियलिटी के रूप में रसपोंसे larenhe,mai दावे से लेह सकता हूँ की आपके अंदर ोये तेरी... ये शब्द गूंज उठेंगे....

Dusri.....jo भी मैं मश्ग इस कहानी के माध्यम से मई आप सब तक पहुँचाना चाहता hun,wo लास्ट अपडेट में आप तक पहुँच जाएगा...

और रही बात टाइम लाइन की या बिल्जेबब और विक्रम के बीच के उम्र के फर्क होने के बावकुंड के फर्क की बरोथेर तेरे इस क्यू रीज़न की क्यों 5 उँगलियाँ एक hi साइज की नहीं होती...

और इस बारे में भी बाबा अक्षांत और खुद गॉड के मुँह से शुरुआती उपदटेस में बात की जा चुकी है...

किसी भी बन्दे की नीव उसकी शूट ये तय करती hI की उसकी मातुरित्य किस लेवल की होगी...

मातुरित्य और ऐटिटूड की वजह से hi तोह गॉड ने विक्रम को मीनू और जयराज का बीटा बनाया...

उन दोनों की नेकदिली और सूझबूझ की विक्रम के रगों में उसकी मातुरित्य बनकर दौड़ रही है वहीँ बिल्जेबब शुरुआत से hi नेगेटिव एनवायरनमेंट मिला है जूस वजह से उसकी सोच बंधी हुई है...

पर जो भी हो रहा है उसके पीछे भी एक सीक्रेट है जो आखरी अपडेट में रेवेअल होगा.. सब कुछ जानने के लिए साथ बने रहिये
 
एक रीडर के व्यू पॉइंट से hi मैंने ये कहानी शुरू की thi...par हर रीडर की सोच अलग अलग होती है..

इतने सारे लोग स्टोरी को रीड कर रहे hain,har किसी का कोई न कोई फव है... पर मई इन सब बातों के हिसाब से स्टोरी नहीं लिख सकता..

एक तरफ आप कहती हैं की आप स्टोरी शुरू से पढ़ रही hain,dusri तरफ आप कहती हैं की अगर अंजलि नहीं तोह अवंतिका को भी मर जाना चाहिए..

ी मैं सीरियसली... इस कहानी में अंजलि का बस एक साइड रोले है जभी अवंतिका lead..agar आप की तरह कुछ रीडर्स को अंजलि पसंद hai,toh मेजोरिटी को AVANTIKA...agar उसके साथ कुछ हो जाता तोह क्या रिएक्शन होते रीडर्स ka...mai किसी भी रीडर के लॉजिक्स और ख्वाहसिह के हिसाब से स्टोरी आगे नहीं बढ़ा सकता..

स्टॉर्ट लगातार पढ़ने के बाद भी एक बात आप क्लेअर्ल्य नहीं समझी की अवंतिका से विक्रम है और विक्रम से अवंतिका... अवंतिका को कुछ तभी हो सकता है जब विक्रम मर जाए और विक्रम मर गया तोह कहानी hi ख़त्म...

यही लॉजिक्स हैं जो मैंने शुरू से hi क्लियर रखा है...

रोनित, अंजलि या कोई और तब तक hi इम्पोर्टेन्ट हैं जब तक उनके सामने विक्रम अवंतिका या ास्मोडियस नहीं आ जाते...

आखिर में बस इतना समझ लीजिये की जो भी हो रहा है उसके पीछे हमेशा की hi तरह कोई रीज़न hai....agar दिल करे तोह साथ बने रहिये.....
 
अब तक आपने पढ़ा की एक तरफ VIKRAM,AVANTIKA और दूसरी तरफ रोनित & फ्रेंड्स अपने पहली चुनौती को पार करने में कामियाब हो जाते हैं

अब आगे:-

फाइनल CHAPTER

(एंगेल्स सैक्रिफाइस & डेविल्स डेमोलिशन)

मेगा अपडेट-106

PART-3

PLANET-MIRRORS वर्ल्ड

एडवेंचर कॉन्टिनोस

अब्बे ये तोह वही मिरर है ना जिससे होकर हम इस दुनिया के अंदर आये थे......

HAAN,YE वही HAI....DEKHO मिरर के निचे बुद्धि मथन लिखा है.....

पर ये यहाँ क्या कर रही है.....????

रोनित ने एक सवाल से अपनी बात शुरू की थी जिससे शैला ने एक नए सवाल के साथ आगे बढ़ा दिया....

तोह दोस्तों हुआ यूँ की जैसे hi रोनित और बाकी तीनो ने अपने अपने नाम की आकृतियों को चुने के लिए हाथ आगे kiya,un रौशनी नुमा आकृतियों ने मेरे दोस्तों को अपने अंदर खींच लिया और उन्हें उस जगह पर ला खड़ा किया जिस जगह पर मेरे दोस्त इस वक़्त खड़े थे....

इस वक़्त जहाँ मेरे दोस्त खड़े थे वो जगह हरी भरी घास के लेयर से बानी एक बोहोत बड़ी फील्ड थी....

और उस मैदान के जिस पॉइंट पर मेरे दोस्त खड़े the,unse थोड़ी hi आगे एक बड़ा सा मिरर हवा में लटका हुआ था...

ये वही मिरर था जिससे होकर मेरे दोस्त इस दुनिया के अंदर पहुंचे थे.....

उस मिरर को देख अपना अपना आशय बता सब अपनी अपनी सोच में गम थे...

वहीँ मेरे दोस्तों के गायब होते hi धनुर के आगे एक बार फिरसे एक बड़ा सा पर्दा बन गया जिससे वो मेरे दोस्तों को और उनके आगे टंगे मिरर को देख पा रहे थे..

पर इस बार धनुर को कुछ फर्क लग रहा tha..aur वो ये की पिछली बार उस परदे पर वो मेरे दोस्तों की आवाज़ बस सुन पा रहे the,par इस बार उन्हें मेरे दोस्तों की आवाज़ उनके कानो में गूंजती हुई सी महसूस हो रही थी..

उन्हें ऐसा लग रहा था मानो मेरे दोस्त उनके पास hi खड़े होकर बात कर रहे हों..

और इस बात के दिमाग में क्लिक करते hi धनुर को एक ख्याल aaya..apne ख्याल की सचाई परखने के लिए.....

DHANUR-kya आप सब मुझे सुन सकते हैं???

ये आवाज़ जो धनुर ने मैजिकल डायमेंशन में खड़े होकर कही thi,wo मैदान में खड़े मेरे दोस्तों के कानो में गूंज उठी.....

जिससे सुनकर मेरे दोस्त शॉकेड होकर इधर उधर देखने लगे...

जहाँ मेरे दोस्त शॉकेड थे वहीँ धनुर असली माजरा समझ गए थे......

वो समझ गए थे की चुनौती के इस पड़ाव पर उन्हें अपने दोस्तों का सूत्रधार बनाना है और इसीलिए इस जगह ने उनकी आवाज़ मेरे दोस्तों तक पहुंचाई है...

और इसका रीज़न ये था की अगली चुनौती को शुरू करने के लिए जो की उन्हें उनसे कुछ दूर कड़ी मिरर से मिलने वाली thi,mere दोस्तों को उसी प्रोसेस से गुज़ारना पड़ेगा जिससे इस दुनिया में आने वाला हर व्यक्ति गुज़रता है...

और इसीलिए......

धनुर- यहाँ वहां मत dekho..tumhe कुछ नहीं दिखेगा क्यूंकि मई वहां हूँ hi nahi..mai उसी डायमेंशन में हूँ जहाँ से तुम सब गायब हुए थे.....

और पिछले बार की hi तरह इस बार भी मई तुम सब को देख सकता हूँ....

धनुर की आवाज़ और बातों को सुन मेरे दोस्तों ने इधर उधर देखना बंद कर diya........par सवाल तोह अब भी उनके अंदर थे और इसीलिए.....

रोनित- अगर आप डायमेंशन में hi हैं तोह फिर हमे आपकी आवाज़ कैसे सुनाई दे रही है!!!!

धनुर- ये फैसला भी इस जगह का hi hai..ye चाहती है की तुम्हारी अगली चुनौती को शुरू करने के लिए मई तुम लोगों की मदद करूँ....

जो मिरर तुम देख रहे ho,tum सब उस मिरर के ठीक सामने जाकर खड़े हो जाओ.....

धनुर की बात सुन मेरे दोस्त ों ने वैसा hi किया जैसा करने को धनुर ने कहा था..

सभी आगे बढे और मिरर से कुछ 10 फ़ीट दूर उसके सामने खड़े हो गए..

मिरर की चौड़ाई इतनी ज़्यादा थी की मेरे चारों दोस्तों के एक साथ खड़े होने के बाद भी मिरर उनसे चौड़ा लग रहा था....

मिरर के सामने खड़े होकर मेरे दोस्त कुछ कहने hi वाले थे की तभी....

अरे ये सब क्या HAI????ISNE हमे बाँधा क्यों है????

ये बात मेरे चारों दोस्तों के मुँह से एक साथ निकली thi.....aur वो इसिलए क्यूंकि जैसे hi मेरे दोस्त उस मिरर एक सामने खड़े hue,tabhi उस मिरर से चार रौशनी से बानी हुई रस्सियां निकली जिसने मेरे दोस्तों को कास कर लपेट लिया जिससे मेरे दोस्त शॉकेड हो गए.....

सभी उस बंधन से आज़ाद होने की कोशिश करने लगे पर वो कामियाब नहीं हो पाए...

ताकत के काम ना आते देख मेरे दोस्त स्पेल बोलने जा hi रहे थे की....

धनुर- स्पेल बोलने की कोशिश भी मत karna...jis जादुई रस्सी से तुम सब इस वक़्त बंधे हुए ho,wo कोई मामूली रस्सी नहीं है..

जिस मिरर से वो रस्सी बाहर निकली hai,usme उसी मिरर को ताकत है जो बोहोत ज़्यादा hai....agar तुम सब ने स्पेल बोलै तोह उन रस्सियों में बिजली दौड़ने लगेगी जिसकी शक्ति इतनी ज़्यादा होगी की तुम सब एक शान में hi जल कर राख हो jaaoge..isiliye शान्ति से खड़े रहो....

धनुर की बात सुन मेरे सारे दोस्तों का हिलना डुलना बंद हो गया और वो सब शांत खड़े हो गए....

MOKALSAR-par इस रस्सी ने हमे बाँधा hi क्यों है???

धनुर- अस्त्र शाश्त्र की लड़ाई तोह तुमने लड़ ली और जीत भी li,par अब तुम्हे दिमाग की लड़ाई लड़नी है...

जो मिरर तुम्हारे सामने है उससे तुम्हे बुद्धि बल की चुनौती मिलने वाली है...

क्कुह सवाल तुम्हारे सामने रखकर मिरर तुम सब की परीक्षा legi,uske पूछे गए सवालों के जवाब देने के लिए तुम्हे चुनौती देगी....

अगर तुमने उसके पूछे गए सवालों के जवाब दे दिए तोह ठीक hai,warna तुम ये चुनौती हार जाओगे और उस सूरत में जिस रस्सी से तुम सब बंधे हुए ho,wo रस्सी तुम सब की शक्तियों को सोख कर मिरर के हवाले कर देगी.....

शैला- क्या हम सबसे अलग अलग सवाल पूछे जायेंगे????

शैला की बात का धनुर कुछ जवाब देते

की तभी......

कड़कड़कड़कड़..................

एक तेज़ आवाज़ मेरे दोस्तों के सामने मौजूद मिरर से हुई जिससे मेरी दोस्तों की नज़र उसकी तरफ हो गयी और तभी.......

एक की चोट से बाकी तीनो

को भी क्षति होगी....

एक का जवाब बाकी सब

की भी नियति होगी....

RONIT-iski माँ का साकी naaka......toh ये गणित hai....thik है fir,ab कर भी क्या सकते hain...jawab कोई भी de,usse फायदा भी हम सभी का और नुक्सान भी हम सभी का....

चल भाई MIRROR,sawalon की उलटी कर और जवाब दे देकर उससे साफ़ करते हैं....

मिरर की बात सुनकर सभी एक चित होकर चुनौती के रूप में मिलने वाले सवालों को सुननने के लिए सामने मिरर की तरफ देखने लगे की तभी......

मिरर के बीच वाली जगह पर एक शब्द लिखना लगा जिससे मेरे चरों दोस्तों ने एक साथ पढ़ा.....

CHETAWANI......yahi वो शब्द था जो इस वक़्त मिरर के बीचो बीच लिखा हुआ था...

और इससे पहले की मेरे दोस्तों में से कोई और कुछ kehta,MIRROR के बीच से एक बार फिरसे आवाज़ गूंज उठी....

पांच सवालों के जवाब

हल करने होंगे...

हर गलत जवाब पर जुर्माने

भरने होंगे...

हर सवाल के जवाब के लिए

तीन मौके मिलेंगे....

जो तीनो जवाब गलत निकले

तोह आंसू चारों के निकलेंगे.....

पांच में से कमसेकम

तीन जवाब को सही

होना होगा....

जो तीन गलत दे दिए,

तोह ज़िन्दगी भर

रोना होगा......

मिरर द्वारा दी गयी चेतावनी मेरे चारों दोस्तों के समझ में आ गयी थी....

वो जान गए थे की मिरर उनसे कुल पांच सवाल puchegi..har सवाल के जवाब के लिए उन सब को कुल तीन मौके मिलेंगे और अगर उन तीन मौको में भी उनका जवाब गलत निकला तोह उन्हें इसकी सजा मिलेगी...

मिरर द्वारा उनसब से पूछे गए 5 में से कुल 3 सवाल का सही जवाब उन्हें देना होगा और अगर वो ऐसा नहीं कर पाए तोह वो हार जाएंगे जिसका सीधा सा मतलब है की उनकी शक्तियां उनसे छीन ली जाएंगी.....

एक एक लम्बी सांस छोड़ते हुए मेरे दोस्तों ने एक दूसरे की तरफ देखा और फिर सामने मिरर में देखते हुए एक साथ कहा...

सब- हम तैयार हैं......

जैसे hi मेरे दोस्तों ने इस मिरर की चुनौती को swikara,MIRROR में एक बार तेज़ रौशनी हुई और अगले hi पल मिरर की आवाज़ हर तरफ गूंज उठी.....

पहला SAWAL-aisa कौन सा सवाल है जिससे तुम पुरे दिन पूछ सकते हो और इसका जवाब हर बार अलग अलग हो सकता है पर सवाल एक hi होगा?????

परफॉरमेंस ANXIETY.....yahi वो चीज़ थी जो इस वक़्त मेरे दोस्त फील कर रहे थे...

मिरर के सवाल पूछने से पहले तक तोह सब नार्मल थे पर जैसे hi मिरर की आवाज़ उनके कानो में gunji,unke माथे पर बेचैनी की सिलवटें तैरने लगी....

चुनौती से जीत से मिलने वाले इनाम से ज़्यादा उनसब को हार से मिलने वाली सजा का दर सताने लगा था....

और ये सब उस मायावी रोप की वजह से हो रहा था जिसने इस वक़्त मेरे दोस्तों को लपेटा हुआ था..

वो रोप उस चाक़ू की तरह थी जिससे हलाल होने वाले के गर्दन पर रखा जाता है...

सारे अपने अपने दर को hi टटोले जा रहे थे की इतने में रोनित के दिमाग ने एक झटका मारा..

ये झटका वो वकेउप कॉल था जिसकी उससे और मेरे बाकी के दोस्तों को बेहद ज़रुरत थी...

RONIT-doston,is वक़्त हमे अपना पूरा ध्यान मिरर के सवालों पर केंद्रित करना होगा....

वर्ण हम चुनौती से नहीं बल्कि खुदसे hi हार जाएंगे....

रोनित की आवाज़ और उसकी बात सुनकर बाकी के तीनो जैसे होश में aaye..apne दिमाग में पनप रहे दर को हटा सभी मिरर द्वारा पूछे गए सवाल के बारे में सोचने लगे की तभी.....

MIRROR-ek सवाल पर तुम सब इतना समय नहीं ले sakte....agar जवाब नहीं पता तोह हार मान jaao,apni सजा भुगतो ताकि तुम्हारे सामने दूसरा सवाल रखा जाए???

रोनित- ऐसे कैसे हार मान जाए अंकल...????

आपके सवाल का जवाब है WAQT,SAMAY....

वक़्त कितना हुआ है ये हम सारा दिन कितने भी बार पूछ सकते हैं और हर बार हमे अलग अलग जवाब मिलेगा पर सवाल हमेशा वही रहेगा की वक़्त कितना हुआ है????

रोनित के जवाब को सुन SHAILA,AKSHAANT और मोकलसर ने पहले उसकी तरफ देखा और फिर सामने मिरर की तरफ...

वहीँ रोनित के जवाब देने के बाद कुछ सेकण्ड्स की ख़ामोशी रही पर उसके बाद.....

मिरर- सही जवाब......

मिरर के मुँह से सही जवाब सुनकर जहाँ रोनित के चेहरे पर स्माइल आ गयी वहीँ बाकी के तीनो का तोह ख़ुशी का ठिकाना hi नहीं रहा...

अगर इस वक़्त वो सब उस मायावी रोप से बंधे नहीं होते तोह अब तक रोनित के ऊपर कूद चुके होते...

तीनो रोनित को शाबाशी दे hi रहे थे की एक बार फिरसे हर तरफ मिरर की आवाज़ गूंज उठी....

दूसरा सवाल-

बिना छुए सब खाते हैं,

खाकर भी पछताते हैं,

बोलो ऐसी चीज़ है क्या???

जो कहते हुए सब शर्माते हैं....

अब ये एक ट्रिकी क्वेश्चन था जिससे जैसे hi मिरर ने pucha,mere चारों दोस्तों का दिमाग अलग अलग दिशा में दौड़ उठा...

सभी के दिमाग में अलग अलग जवाब आ रहे थे पर सभी अपने आंसर को सवाल से मैच करने में लगे हुए हैं और तभी....

मोकलसर- मुझे लगता है की मुझे जवाब पता है...

मोकलसर की आवाज़ सुन सभी उसकी तरफ देखने लगे...

रोनित- सिर्फ लग्न नहीं चाहिए MOKALSAR..kyunki लगने का मतलब है की जवाब सही भी हो सकता है और गलत भी..

पर हमे हर जवाब देने से पहले उस जवाब के लिए पूरी तरह से अश्वस्थ होना चाहिए...

शैला- पर मिरर ने तोह कहा है ना की हमे हर सवाल का जवाब देने के लिए तीन मौके मिलेंगे....

अक्षांत- हाँ पर तीन मौके ज़्यादा नहीं होते SHAILA...aur मत भूलो की अगर तीनो जवाब गलत निकले तोह क्या hoga!!!!!teeno जवाब के गलत होते hi मिरर के द्वारा हमे सजा मिलेगी...

ज़रूर उस सजा से ना सिर्फ हमे तकलीफ होगी बल्कि उसके बाद भी और ये हमारे लिए अछि बात नहीं होगी और ख़ास कर इस चुनौती के वक़्त जहाँ हमे दिमागी कसरत करनी पढ़ रही है....

RONIT-AKSHAANT सही है MOKALSAR,tumhe अपने जवाब को लेकर थोड़ा सा भी शक है तोह एक बार और सोच लो और फिर जवाब दो...

अभी और कोई कुछ कहता की.......

मिरर- तुम सब को बताया जा चूका है की एक सवाल के लिए तुम्हे इतना वक़्त नहीं दिया जा सकता...

ये आखरी चेरतवानी hai..agar आगे से तुम सब ने सवाल का जवाब देने के बजाये यूँ एक दूसरे से बात में समय व्यर्थ किया तोह उस सूरत में तुम्हारे 3 मौको में से 1 को काट दिया जाएगा जिससे तुम्हे सजा मिलेगी....

अब बिना समय व्यर्थ करे पूछे गए सवाल का जवाब दो.....

मिरर की बात सुन मेरे दोस्त थोड़े टेंशन में आ गए थे क्यूंकि अभी तक वो सब किसी एक नतीजे पर नहीं पहुंचे थे..

पर मोकलसर के मन में मिरर के पूछे गए सवाल का जो जवाब उभर रहा tha,wo सही लग रहा था और इसीलिए.....

MOKALSAR-jawab है धोका.....

धोके को छुआ नहीं जा sakta,fir भी लोग इससे खाते hain,aur खाकर अक्सर पछताते hain,par धोका खाने के बाद भी इस बारे में बात करने से सब शर्माते हैं....

मोकलसर ने जवाब तोह दे दिया था पर अब उसका दिल धाड़ धाड़ करके बज रहा था...

शामे हालत बाकी सब की भी thi....wo सब ये तक भूल गए थे की अगर मोकलसर का जवाब अगर गलत भी हुआ तोह भी उनके पास और दो मौके हैं मिरर के सवाल का सही जवाब देने के लिए....

सभी धड़कते दिल के साथ मिरर की तरफ देखने लगे....

वहीँ रोनित के पहले जवाब के देने के बाद जिस तरह की शान्ति कुछ देर तक छायी thi,thik वैसी hi शांति इस बार भी अपनी बाहे पसरे हर तरफ फैली हुई थी और तभी.....

MIRROR-SAHI जवाब.....

मिरर के द्वारा बोले गए ये दो शब्द मेरे दोस्तों के रेगिस्तान बन चुके दिलों के ऊपर पानी की बौछार की तरह पड़ी...

सभी की ख़ुशी का ठिकाना hi नहीं raha..sabhi अपना अपना तुम्ब्सप करके मोकलसर को सही जवाब देने के लिए कॉंग्रट्स कहने लगे...

सभी अपनी ख़ुशी में मग्न hi थे की तभी...

MIRROR-TEESRA SAWAL........agar इस सवाल का जवाब तुम सब ने सही दे diya,toh तुम चारों इस चुनौती के विजेता बन जाओगे....

मिरर की आवाज़ एक बार फिरसे हर तरफ गूंज उठी जिससे सुनकर पहले तोह जो ख़ुशी की बौछार मेरे दोस्तों के दिलों पर हो रही thi,wo एक झटके में रूक गयी और वो एरिया एक बार फिरसे नर्वस्नेस के रेगिस्तान में बदल गया..

पर जैसे hi मिरर ने अपनी बात आगे बधाई तोह सबके चेहरे पर ख़ुशी की चमक आ गयी...

सभी के कॉन्फिडेंस वापस आने lage..ek सवाल और चुनौती paar,is ख्याल के मन में उभरते hi सब रोमांचित भी हो उठे और थोड़े नर्वस भी....

सभी धड़कते दिल से एक बार फिरसे मिरर के सवाल का इंतज़ार करने लगे....

तीसरा SAWAL-us चीज़ का नाम batao,chize आग जला नहीं sakti,shashtra उससे काट नहीं sakte,paani उससे भिगो नहीं सकती और मौत उससे मार नहीं सकती......

SHAILA-hawa.......

शैला ने बिना एक पल गवाए मिरर के द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब दे दिया...

शैला को इतनी जल्दी जवाब देते सुन बाकी के तीनो एक तरफ शॉकेड भी हुए और साथ hi खुश भी...

शॉकेड इसीलिए क्यूंकि जवाब देने में शैला ने एक सेकंड भी नहीं लगाया था और खुश इसीलिए क्यूंकि उन्हें लगा की ये सवाल शायद शैला ने पहले भी कहीं सुना होगा और इसीलिए उसने इतनी जल्दी जवाब दे दिया......

सब ख़ुशी ख़ुशी मिरर द्वारा सही जवाब सुननने के लिए बेताबी से मिरर को देख hi रहे थे की तभी मिरर से आवाज़ गुंजी.....

MIRROR-GALAT जवाब.......

एक सेकंड से भी काम समय में चारों की कृषि दुःख और टेंशन में बदल gayi..teeno कभी मिरर की तरफ देखते तोह कभी शैला की तरफ...

कहते है की कभी कभी कॉन्फिडेंस कब ओवर कॉन्फिडेंस में बदल jaaye,pata hi नहीं chalta..thik ऐसा hi कुछ अभी हुआ..

दो सवालों के बैक तो बैक जवाब देने के बाद शैला का न सिर्फ कॉन्फिडेंस badha,balki उस कॉन्फिडेंस ने कुछ ज़्यादा hi आगे बढ़कर ओवर कॉन्फिडेंस का रूप ले लिया था.....

और उसी कवर कॉन्फिडेंस में आकर बिना सवाल और उसके जवाब को अनीलीज़े किये शैला ने जवाब दे दिया था जिसका खामियाजा उसके साथ साथ उसके दोस्तों को भी उठाना पढ़ा था...

उनके तीन मौकों में से एक मौका ख़त्म हो चूका था.....

जहाँ एक तरफ शैला अपनी जल्दबाज़ी और उसके परिणाम की वजह से सर नीचे किये कड़ी थी वहीँ मेरे बाकी के तीनो दोस्त कुछ देर तक तोह शैला की तरफ ग़ुस्से से देखते रहे पर फिर उन सब ने अपना दिमाग मिरर के जवाब की तरफ लगा दिया..

अब भी उनके पास दो मौके और थे इस सवाल का जवाब देने के लिए इसीलिए सभी लग गए अपने अपने दिमाग के घोड़े दौड़ने....

और सबसे पहले नतीजे पर पहुंचे मोकलसर भाई साहब.......

MOKALSAR-kawach.......

मोकलसर के जवाब को सुन एक बार फिसरे बाकी के तीनो ने उसकी तरफ देखा और फिर मिरर की तरफ देखने लगे..

व्याकुल तोह सभी थे पर सबसे ज़्यादा दरी हुई पर उम्मीद किये हुई की जवाब सही हो शैला थी...

वो एक तक मिरर की तरफ देख रही थी और तभी......

MIRROR-GALAT जवाब........

जैसे hi मिरर की आवाज़ ने मोकलसर को फ़ैल bataya,MOKALSAR के साथ साथ बाकी के तीनो को एक तेज़ झटका लगा और सभी एक दूसरे की तरफ देखने लगे..

वहीँ मोकलसर सभी की तरफ देख आखों hi आखों में सभी को सॉरी बोल रहा tha..par अब सॉरी बोलने से क्या फायदा होना tha..jo हो गया सो हो गया...

अब मेरे दोस्तों के पास बस एक hi मौका बाकी tha....SHAILA और मोकलसर ने आलरेडी गलत जवाब दे दिए थे इसीलिए और एक बार जवाब देने की उन दोनों में बिलकुल भी हिम्मत नहीं बची थी..

इसका मतलब था की जो भी जवाब अब सामने aayega,ya तोह वो अक्षांत की थ्रू आएगा या फिर रोनित के थ्रू...

दोनों hi एक दूसरे को देख hi रहे थे की...

मिरर- अगर अगले कुछ hi पलों में तुम सब में से किसी ने जवाब नहीं दिया तोह तुम्हारा तीसरा मौका भी तुमसे छीन लिया जाएगा...

मिरर की बात सुन अक्षांत झट से बोल पड़ा..

अक्षांत- मेरे दिमाग में अभी तक इस सवाल का जवाब नहीं आया....

रोनित- मेरे दिमाग में भी कुछ ख़ास आईडिया नहीं आया hai,bas एक गेस है पर वो कितना सही है इसके बारे में मई कुछ नहीं कह सकता....

AKSHAANT-agar हमने और विलम्ब किया तोह वैसे भी हुमारतीसरा एवम अंतिम कोका हमसे चीन लिया जाएगा तोह इससे ाचा है की जो भी जवाब तुम्हारे मस्तिष्क में उभरा hai,wo तुम बोल दो...

अक्षांत की बात रोनित को ठीक लगी और इसीलिए.....

RONIT-BHAAVNA......

यहाँ रोनित ने जवाब diya,wahan बाकी के तीनो एक बार फिरसे आँखों में उम्मीद लिए मिरर की तरफ देखने लगे...

और अगले hi पल.........

MIRROR-GALAT JAWAB.........SAHI जवाब है परछाई.........

तुम सब इस सवाल के अपने तीनो मौके गावं चुके ho...isiliye सजा के लिए तैयार हो जाओ....

मिरर की बात तोह जैसे मेरे दोस्तों ने सुनी hi nahi..un सब को तोह जैसे यकीं hi नहीं हो रहा था की उनके तीनो जवाब गलत थे....

भले hi चारों ने मिरर की आवाज़ और उसकी बात नहीं सुनी ho,par जो मिरर ने बोलै tha,wo तोह होना hi था...

मिरर की बात ख़त्म होने के अगले hi पल....

AAHHHHHHHHHHHHHHHH.................

AHHHHHHHHHHHHHHHHH.................

AHHHHHHHHHHHHHHHHH.................

AHHHHHHHHHHHHHHHHH.................

चार दर्द भरी आवाज़ फ़िज़ाओं में गूंज uthi..ab बताने की ज़रुरत तोह है नहीं की ये दर्द भरी चीखें किसकी थी...

पर बताने वाली बात ये थी की जो दर्द इस वक़्त मेरे चारों दोस्तों को हो रहा tha,wo सिर्फ शारीरिक दर्द नहीं tha,balki मानसिक भी था....

तोह हुआ यूँ की मिरर की आवाज़ के गूंजने के अगले hi पल जिस मायावी रोप से मेरे चारों दोस्त बंधे हुए the,wo रोप और तेज़ चमकने लगी..

और ऐसा होते hi मेरे दोस्तों के पुरे शरीर से कुछ हलकी हलकी किरणे खींचते हुए उस रोप के अंदर सामने लगी...

ये किरणे और कुछ नहीं मेरे दोस्तों की शक्तियां थी जिनके कुछ कण उस रोप ने खींच लिया था....

वो शक्ति जो ना सिर्फ मेरे दोस्तों के पुरे शरीर में वास करती थी बल्कि उनके आत्मा तक उस शक्ति से जुडी हुई थी...

इतने गहरे बंधन से खींचते हुए जब कोई आपकी शक्ति को आपसे दूर कर दे तोह जो दर्द महसूस हो रहा hoga,us दर्द की बस कल्पना मात्र की जा सकती है.....

शक्ति के कण निकलने की वजह से मेरे दोस्त अपने घुटनो पर आ gaye..naa सिर्फ उन सब को असीम दर्द की अनुभूति हो रही thi,balki उनका दिमाग उन्हें थका हुआ सा महसूस हो रहा था...

जैसा की मिरर ने कहा tha,dard की अत्यधिकता की वजह से ना चाहते हुए बजी मेरे दोस्तों के आँखों से आंसू चालक पड़े...

उन्हें ऐसा लग रहा था जैसे वो सब कुछ भूलते जा रहे hain.....aur कुछ chhodiye,is वक़्त उन सबको अपना नाम तक याद नहीं था और ऐसी हालत को और बद्द्तर बनाने के लिए........

मिरर- चौथा सवाल......??????

बैक तो हीरो:-

श्वेतता पर लाल रंग

रचेगा.....

आगे तभी बढ़ पायेगा जब इस

चुनौती में ज़िंदा बचेगा.....

स्वांस को रोके तू आगे बढ़ेगा....

अपनी परछाई के दूसरे स्वरुप से

देखना है तू कैसे लड़ेगा!!!!!?????

वाह क्या पहेली है????

पहेली को दोहराने के बाद जैसे hi मैंने अपने कदम आगे बढ़ाये....

मई- oh...toh इस श्वेतता की बात हो रही थी...

मई अपने दोनों हाथ अपने वैस्ट पर रख सामने से आ रही चीज़ को अपनी तरफ आते हुए देखने लगा जो की और कुछ नहीं बल्कि एक बड़ी सी लेहेर उठाये मुझे रौंदने के इरादे से मेरी तरफ आ रही पानी थी....

वो पानी जो इस वक़्त एक समंदर का रूप इख़्तियार किये हुए thi..itna hi नहीं मेरे आस पास का माहौल और नज़ारा भी अब पूरी तरीके से बदल चूका था...

जहाँ कुछ देर पहले तक मई एक खुली हुई जगह पर खड़ा था वहीँ अब मई एक सूखे हुए समंदर के भाग में खड़ा था...

पर बोहोत hi जल्द वो सूखा हुआ जगह वापस भरे हुए समंदर में बदलने वाला था...

अगर मई चाहता तोह हवा में उठ उस भयंकर लहर से ऊपर उठ सकता था पर मैंने ऐसा कुछ नहीं किया..

वो पानी का लेहेर अब मेरे बेहद करीब आ चूका tha..aur जैसे hi वो पानी का लेहेर मुझे छूने को hua,maine अपने दोनों पेअर ज़मीं पर धसा से दिए......

और अगले hi पल.......

चिस्स्सह्ह्ह्हह्ह्ह्ह..............

एक बोहोत hi तेज़ आवाज़ hui..is तेज़ आवाज़ का कारण सिर्फ ये नहीं था की वो पानी की लहर मुझसे टकराई thi,balki इस आवाज़ का रीज़न था की लेहेर के मुझसे टकराने के बावजूद मई अपनी जगह से हिला तक नहीं...

और इसी वजह से लेहेर मुझसे टकराने के बाद मेरे दोनों साइड से होती hi क्रॉस हो गयी...

पर शायद मुझे हिला तक ना पाना उस पानी के माया को ाचा नहीं लगा..

इसीलिए उस लेहेर के पीछे आने वाली पानी ने भी बोहोत बड़े लेहेर का रूप ले लिया और सीधे आकर मुझसे टकराई....

पर नतीजा वही nikla..mai हल्का सा भी पीछे नहीं हुआ पर इस बार एक चीज़ बदल गयी थी...

क्यूंकि अब वो समंदर का सूखा एरिया लललब पानी से भर चूका tha,isiliye मई पानी के कई फ़ीट अंदर जा चूका था....

अब पानी के नीचे तोह मुझसे कोई लेहेर टकराने से रही इसीलिए मेरा शरीर पानी के सतह से ऊपर उठने लगा पर तभी........

MAI-LO....SWHETATA पर लाल रंग चढ़ने लगा.......

पहेली का पहला भाग पूरा हो चूका tha...kaise???to वो ऐसे की श्वेतता जिसका मतलब पानी था अब वो पानी धीरे धीरे लाल रंग में बदलने लगा था...

ये लाल रंग खून का नहीं था बल्कि ास्मोडियस की ब्लैक एनर्जी का था पर उस ब्लैक एनर्जी के लाल होने का रीज़न वो पानी था जिसके अंदर मई इस वक़्त tha,jo की असल में ास्मोडियस की एंगेल्स की शक्ति से जिससे हम वाइट एनर्जी के नाम से जानते hain,uske कानो से बना था...

ये दोनों hi शक्तियां जब तक असमदोटूस के अंदर रहती hain,tab तक ये मिक्स नहीं होती पर अब जब इस मायाजाल में ास्मोडियस ने इन दो शक्तियों को बाहर छोड़ दिया था तोह वाइट एनर्जी जो की ास्मोडियस के शरीर को बाहर से घेरती hai,usne श्वेत पानी का रूप ले लिया..

पर उसके अंदर की ब्लैक एनर्जी ने जैसे hi यहाँ आने की वजह से उसकी स्वेत एनर्जी को chua,toh उससे अपनी ताकत से ब्लैक करने की कोशिश करने लगी पर वाइट एनर्जी इसके लिए तैयार नहीं थी...

और कोई वक़्त होता तोह ये दोनों शक्तियां एक दूसरे से hi लड़ने लगती पर क्यूंकि अभी उनका सबसे बड़ा दुश्मन मई हूँ इसीलिए उन्होंने आपस में एक संधि कर लिया...

natija,dono hi एक दूसरे से मिक्स होकर एक नए कलर में जोकि लाल tha,usme कन्वर्ट हो गयी.....

अब तक मई पानी के जिस छोर पर खड़ा tha,us जगह को छोड़ पूरा पानी लाल रंग में बदल चूका था...

जिसकी वजह से जिस पानी के अंदर कुछ देर पहले तक साफ़ साफ़ दिख रहा tha,ab वहां लाल रंग के कुछ नहीं दिख रहा था...

और एक बात थी जो अजीब भी थी और खतरनाक भी...

और वो ये की पानी के अंदर भी मई हर चीज़ स्मेल कर सकता हूँ पर ब्लैक और वाइट ेनेर्गीएस के साथ मिलने की वजह से जो ये लाल रंग के पानी के रूप में जो नया परिवर्तन मेरे सामने आया tha,uski वजह से मई अब कुछ भी स्मेल नहीं कर पा रहा था....

और ये बोहोत ख़तरकनाक बात thi....is बात का अर्थ ये था की उस लाल पानी में ऐसे कण थे या फिर ये कहूं की ऐसे शील्ड थे जो मुझे कुछ भी महसूस करने से रोक रहे थे और साथ hi मुझे चैलेंज भी कर रहे थे की मई उस लाल पानी को स्मेल कर आगे जो होने वाला hai,usse महसूस करूँ...

पर ऐसा करते hi वो लाल पानी नुमा शक्ति मेरे सेंसेस को कमज़ोर कर सकती थी जिससे मुझे आगे बढ़ने और अपनी चुनौती को पार करने में बोहोत तकलीफ होती....

एक बात और थी की अब तक हर जगह पर उस लाल पानी ने अपना कब्ज़ा बना लिया था बस उस जगह को छोड़कर जहाँ इस वक़्त मई खड़ा था..

इसका मतलब था की वो पानी चाहती थी की मई खुद आगे बढूं और उस लाल पानी को टच करूँ....

और इसके सिवा अब मेरे पास कोई चारा भी नहीं था क्यूंकि ऐसा करे बिना नाही मई आगे बढ़ सकता था और नाही इस चुनौती को पार कर सकता था....

और इसका मतलब था की पहेली के दूसरे चरण जिसमे लिखा हुआ था की "स्वांस रोके तू आगे बढ़ेगा" के शुरू होने का टाइम आ गया था और इसीलिए.......

MAI-lets जो.....

एक push,ek झटका और इसीके साथ मई अपनी स्वांस रोके आगे की तरफ तैरते हुए बढ़ने लगा.....

मुझे सामने कुछ दिख नहीं रहा था और नाही है अपनी दिव्या दृष्टि का प्रयोग मुझपर आक्रमण होने से पहले कर सकता था....

मेरे तैरने की स्पीड बोहोत ज़्यादा thi...dikh तोह कुछ रहा नहीं था इसीलिए मैंने अपनी आखें बंद राखी हुई थी..

मई सोच hi रहा था की आगे क्या होने वाला होगा की अचानक.......

बूमम.................

एक तेज़ धमाका hua..dhamake के इम्पैक्ट से मेरा शरीर जो लगातार तेज़ गति से आगे बढ़ रहा tha,mujhe हल्का झटका लगा और पानी के उलटे फाॅर्स की वजह से मई पीछे की तरफ फेकता चला गया पर जल्दी hi मैंने खुदको संभल लिया जिससे मेरा शरीर एक जगह पर रूक गया...

तोह हुआ ये की आगे बढ़ते हुए ासाहनक मेरे कानो में पानी के बुलबुलों की हलकी सी आवाज़ उभरी जो की मेरे सामने से आयी थी...

उस आवाज़ के उभरते hi मैंने अपने शरीर को एक झटके में रोक लिया और तभी मेरे आगे की जगह पर एक तेज़ धमाका हुआ...

अगर मैंने खुदको आगे तैरने से रोका नहीं होता तोह उस धमाके की चपेट में आ चूका होता....

पर फिर भी उस धमाके के इम्पैक्ट के वजह से मेरा शरीर कुछ पीछे की तरफ तैरता चला गया था....

अभी अभी हुए धमाके से एक बात तोह क्लियर हो चुकी थी की मेरी चुनौती का वक़्त या फिर ये कहूं की पहेली की आखरी भाग जिसमे कहा गया था की अपनी परछाई के दूसरे स्वरुप से

देखना है तू कैसे लड़ेगा!!!!!?????

के पुरे होने का वक़्त आ गया है...

अपने आप को आने वाली चुनौती के लिए तैयार करते वक़्त दो और चीज़ें थी जो मेरे दिमाग में चल रही थी...

पहली ये की जब मेरे कानो में उस पानी के बुलबुले की आवाज़ gunji,ussi वक़्त मैंने अपनी बंद की हुई आखें खोल दी थी और जैसे hi धमाका हुआ तोह उस धमाके के इम्पैक्ट की वजह से उसके आस पास और पीछे का पानी कुछ देर के लिए तित्तर बित्तर हो गया था और इसी दौरान मुझे पानी के पीछे की तरफ ज़मीन नज़र आयी थी..

वही ज़मीन जिसमे मई इस चुनौती या फिर ये कहूं की पानी के भरने से पहले खड़ा था....

जिससे मई समझ गया था की ये जो माया है उसका कोई दायरा नहीं hai..aur मई जो लगातार तैर रहा tha,tab भी मई उस माया की वजह से आगे बढ़ने के बजाये उसी जगह पर गोल गोल घूम रहा था...

दूसरी ये की जब वो धमाका hua,toh उस धमाके वाली जगह से मुझे एक बोहोत ताकतवर एनर्जी का आभास हुआ था...

कुछ ऐसी hi एनर्जी जो मुझमे थी और ये कोई छोटी बात नहीं thi....aur उस एनर्जी को मई अब भी मई उसी जगह पर महसूस कर सकता था.....

मई इस बारे में सोच hi रहा था की तभी....

ज़्यादा सोचो मत VIKRAM....TUMHARE हर सवाल का जवाब मेरे सामने आते HI तुम्हे मिल जाएगा....

ये आवाज़ उसी धमाके वाली जगह से आयी थी जिसके मेरे कानो में गूंजते hi मई चौंका..

reason...ye आवाज़ और किसी की नहीं मेरी hi thi......mai कुछ कहने hi वाला था की तभी उस धमाके वाली जगह पर लाल रंग के पानी के बीच एक काली आकृति बनाने लगी और जैसे जैसे उस आकृति ने रूप लेना शुरू kiya,meri साड़ी shankaye,doubts क्लियर होती चली गयी.....

कुछ hi सेकण्ड्स में मेरे सामने की आकृति ने रूप ले लिया था....

और जो रूप मेरे सामने था उससे देखते hi मुझे पहेली का आखरी भाग का मतलब क्लियर हो गया क्यूंकि जो रूप

मेरे सामने था वो और किसी का नहीं बल्कि मेरा hi था.

बस एक फर्क tha,ek ऐसा फर्क जो उस पहेली ने बताया था और जो फर्क मेरे अस्तित्व की नीव है...

जहाँ मई एक एंजेल हूँ वही मेरे सामने खड़ा मेरा hi रूप धरा वो मायावी शक्श एक डेविल.......

दो बातें और क्लियर हो गयी थी...

pehli....mere इस लाल पानी को खुदके इच्छा से छूटे hi इस पानी ने मेरी शक्तियों को खुदमे कॉपी कर लिया और उस शक्ति को उस मायावी विक्रम में ट्रांसफर कर दिया जो इस वक़्त मेरे सामने था...

और इसीलिए hi मुझे उस धमाके वाली जगह से मेरे hi जैसी एनर्जी का आभास हो रहा था.....

अब मई समझ रहा था की ास्मोडियस ने खुदकी दोनों ेनेर्गीएस के कानों को क्यों आज़ाद छोड़ा क्यूंकि ास्मोडियस जानता था की सिर्फ उसकी hi ेनेर्गीएस के कानो के अंदर मेरी शक्तियों को कॉपी करने की क्षमता है...

ास्मोडियस ये भी जानता था की रियल वर्ल्ड में मेरी शक्तियों को कॉपी करने के बावजूद कोई फायदा नहीं होता क्यूंकि मई अपनी शक्तियों से भी ज़्यादा शक्तिशाली हूँ क्यूंकि मुझमे लार्ड ऑफ़ एंगेल्स की ऊर्जा है जिससे मई अपनी बाकी की शक्तियों को हरा सकता हूँ इसीलिए उसने इस काम को अंजाम देने के लिए इस माया जाल को बना...

क्यूंकि वो ये जानता था की इस मायाजाल में मई अपनी लार्ड ऑफ़ एंगेल्स की ऊर्जा का इस्तेमाल नहीं कर सकता क्यूंकि मेरे ऐसा करते hi उसका माया जाल टूट जाएगा और साथ hi ख़त्म हो जाएगा पूरा मिरर वर्ल्ड....

और दूसरी ये की इस चुनौती को पूरा करने के लिए.........

.........मुझे मुझिको हराना होगा..........

आज के लिए इतना HI......

आपका अपना V...J.....
 
सवाल था ऐसी चीज़ जिससे मौत मार नाहक दक्ति... क्यूंकि परछाई खुद से नहीं बनती ,उसका अस्तित्व किसी और से होता है इसीलिए वो मरती नहीं ख़त्म होती है जबकि आत्मा वो सॉफ्टवेयर है जिससे हार्डवेयर यानी शरीर के होने या न होने से फर्क नहीं पड़ता.. क्यूंकि उसकी संरचना के बाद शरीर बांरा है..... जैसे एक्सेप्ट और एक्सेप्ट में फर्क होता hai,waise hi आत्मा और परछाई में फर्क है और वही फर्क इस सवाल के जवाब को बनता है..

परछाई एक चीज़ hai,jiska अस्तित्व खुदका होकर भी किसी और से है पर चीज़ें मरती नहीं हैं जबकि आत्मा कोई चीज़ नहो है और सवाल चीज़ का था..
 
क्वेश्चन वास् तो तेल्ल ा नाम अबाउट ा थिंग तहत कन्नोत दिए नॉट अबाउट अबाउट ा थिंग तहत पार्टिकल्ल्य लॉसेस इतस एक्सिस्टेंस....

शैडो कैन रब ऑफ बूत आईटी फॉर्म्स बैक मेकिंग आईटी ा थिंग तहत कन्नोत दिए....

व्हाटएवर दोने विथ it,it जस्ट वनिशेस बूत नेवर परिशेस......

Bro,its नॉट अबाउट हाउ ी रियेक्ट तो ा comment,its अबाउट व्हाई ी रियेक्ट तो ा कमेंट...

ी हैवे ट्वाइस गूगलेड थिस पजल बिफोर राइटिंग आईटी डाउन.....

Bro,Untill ी हैवे ा क्लियर पिक्चर ऑफ़ व्हाट ी ऍम writing,i डोंट मूव माय फिंगर्स....
 
अब तक आपने पढ़ा की एक तरफ जहाँ रोनित एंड फ्रेंड्स मिरर के पूछे गए तीसरे सवाल का गलत जवाब देते हैं वहीँ विक्रम अपनी चुनौती जोकि और कुछ नहीं बल्कि उसका HI नेगेटिव रूप THA,USKE सामने खड़ा है

अब आगे:-

फाइनल CHAPTER

(एंगेल्स सैक्रिफाइस & डेविल्स डेमोलिशन)

मेगा अपडेट-107

PART-4

PLANET-MIRRORS वर्ल्ड

एडवेंचर कॉन्टिनोस

KAASH........JO रूप मैंने इख़्तियार किया HAI,WO तुम्हारी असलियत होती तोह आज तुम और ास्मोडियस एक साथ मिलकर इस ब्रम्हांड पर राज कर रहे होते....

मेरे सामने खड़े मेरे ब्लैक एनर्जी के रूप के मुँह से ये बात निकली जिससे सुनकर मेरे चेहरे पर स्माइल आ गयी...

MAI-raaj तोह हम दोनों भाईयों का अब भी hai..is ब्रम्हांड के हर कोने में उसकी भी एनर्जी वास करती है और मेरी भी....

और रही बात हम दोनों भाइयों के साथ होने की तोह हम दोनों तोह हमेशा साथ hi हैं ठीक नदी के उन दो किनारों की तरह जो हमेशा साथ साथ hi रहती है पर कभी एक नहीं हो सकती.....

CLONE-bilkul हो सकती hai..aur उसका तरीका है मेरा ये रूप जिससे अगर तुम अपना लो तोह दोनों किनारे एक हो जाएंगे....

MAI-is बात को घुमा देते हैं naa....ASMDOEUS भी तोह मेरा रूप मेरा तरीका इख़्तियार कर सकता है...

और यही सही भी होगा क्यूंकि उसके रगों में बेहटा ब्लैक एनर्जी मेरे रगों में बहते वाइट एनर्जी से hi तोह बना है....

CLONE-mai जानता था की तुम्हारा ऐसा hi कुछ जवाब होगा...

मई- फिर भी बेवकूफों की तरह अपना पक्ष रखने lage...mujhe अफ़सोस हो रहा है की तुम मेरा रूप हो....

मेरी ताकत को तोह कॉपी कर लिया पर मेरे दिमाग और उसकी सोच को nahi.....tumhe खुद को अपग्रेड करने की ज़रुरत है बच्चे.....

क्लोन- तुम भूल रहे हो की मेरे अंदर तुम्हारी साड़ी शक्तियां हैं पर साथ hi मेरे अंदर ब्लैक एनर्जी का भी भण्डार है....

किस्से अपग्रेड होने की ज़रुरत hai,ye कुछ hi देर में तुम्हे पता चल जाएगा.....

क्लोन की बात सुन मई हल्का सा मुस्कुरा दिया और अगले hi पल.......

SHMMMMMMM...SHMMMMMM..............

क्लोन ने मेरे ऊपर एक साथ कई सारे अग्नि अस्त्र छोड़े और ये अस्त्र उसने अपने हाथों से नहीं बल्कि अपनी आँखों से छोड़े थे...

पर मई तोह इसी के इंतज़ार में tha....jaisa की मैंने बताया था की आक्रमण करने के लिए मई पहले से ना तोह कोई अस्त्र का इस्तेमाल कर सकता था और नाही कोई स्पेल उच्चारित कर सकता था...

पर खुदको डिफेंड करने के लिए मई कुछ भी कर सकता था और अब उसका समय आ गया था....

जो अग्नि अस्त्र तेज़ी से मेरी तरफ बढ़ रहे the,mai उन्हें एक तक देखने लगा...

मेरे ऐसा करने से वो अग्नि अस्त्र अपना रूप बदलने लगे..

जहाँ अभी तक वो एक भाले के रूप में मेरी तरफ बढ़ रहे the,wahin अब उन्होंने एक दूसरे से जुड़कर खुदको एक सर्किल का आकर देना शुरू कर दिया था या फिर ये कहूं की मैंने उनको उस आकर में बदल दिया था.....

मेरे पास आते आते ना सिर्फ उन अग्नि अस्त्रों ने पूरी तरह से एक बड़े से सर्किल का रूप ले लिया था बल्कि उनकी रफ़्तार भी काफी काम हो गयी थी....

और जैसे hi वो आग के सर्कल्स मुझे छूने को hue,mai टी ुरन्त नीचे हो गया..

मेरे नीचे होते hi वो सर्कल्स मेरे सर के ऊपर से होते हुए मुझे क्रॉस करने लगे पर इससे पहले की वो मुझे क्रॉस karte,mai झट से वापस ऊपर उठ गया...

मेरे ऊपर उठते hi अब मेरा सर उस सर्किल के बाच में था...

सर्किल के बीच में आने के बाद मैंने उस आग के सर्किल को रोक दिया....

वहीँ मेरा क्लोन जो मेरी चाल को समझने की कोशिश कर रहा tha,us आग के सर्किल के रूकने के अगले hi पल उससे सब समझ में आ गया..

तोह हुआ ये की उस आग के सर्किल को रोकने के बाद मई उस सर्किल को अपने चारों तरफ एक बड़े से माला की तरह लपेटे हुए आगे बढ़ने लगा..

मेरे आगे बढ़ते hi वो आग का सर्किल भी बिना मुझे छुए मुझे चारों तरफ से घेरे हुए आगे बढ़ गया.....

मेरा नेगटिव रूप धारण किये हुए मेरा क्लोन मेरी चाल समझ गया था....

वो जान गया था की मैंने उसकी प्रहार को उसीके तरफ मोड़ दिया है....

और साथ साथ वो मेरी नीति को भी समझ गया tha..wo समझ गया था की क्यूंकि मई अभी उसीके छोड़े हुए अस्त्र के घेरे में hun,isiliye फ़िलहाल वो मुझपर कोई दूसरा वार नहीं कर सकता..

क्यूंकि उसका किया हर वार उस आग के घेरे को चुकार उसीमे समां jaayega....aur इसीलिए........

उसने अपना हाथ आगे kiya..uske ऐसा करते hi उसके हाथों से एक नीली रंग की रे निकली और मेरी रतफ बढ़ गयी..

ये रे उस आग के सर्किल को बुझाने के लिए थी जो मुझे घेरे हुए चल रही thi....wo नीली रे तेज़ी से मेरी तरफ लपकी और अगले hi पल....

धप्प............

ये आवाज़ और किसी की नहीं बल्कि मेरे hi नेगेटिव रूप के बॉडी से आयी थी....

reason.....neeli रे के आग के सर्किल से टकराने से मेरे आस पास एक तेज़ प्रकाश फ़ैल गया....

ये तेज़ प्रकाश उस नीली रे के मेरे आग के सर्किल से टकराकर उससे ख़त्म होने से नहीं हुआ था बल्कि नीली रे और आग के सर्किल के छुवन से बने एक नयी रे जो की एक किस्म का अस्त्र tha,uski वजह से हुआ था......

दरअसल जिस आग के सर्किल ने मुझे घेरा हुआ tha,us घेरे के अंदर की तरफ पर मैंने अपनी शक्ति की कुछ ऊर्जा को लपेट दिया था....

नीली रे के आग के सर्किल के टकराने पर मेरी शक्ति से बानी ऊर्जा एक्टिवटे हो गयी और उस आग के घेरे को चीरते हुए वो शक्ति ऊर्जा मेरे नेगेटिव रूप के छोड़े गए नीली रे से टकराई जिससे मेरे हर तरफ प्रकाश फ़ैल गया.....

पर वो प्रकाश का दायरा तेज़ी से और ज़्यादा बढ़ने laga..mere नेगेटिव रूप को लगा की ये सब बस शक्तियों के आपस में टकराने की वजह से हो रहा है और यहीं वो धोका खा गया.....

वो प्रकाश का दायरा जो की असल में एक फांस अस्त्र tha,wo बढ़ता हुआ आगे बढ़ता गया और जैसे hi उस प्रकाश ने मेरे नेगेटिव रूप को छुआ....

थाप की आवाज़ के साथ उससे एक झटका लगा और इससे पहले की वो कुछ samajhta,us प्रकाश ने जो की एक फासन अस्त्र थे उसने उससे खुदमे लपेट लिया...

अब मेरा नेगेटिव रूप एक अदृश्य बंधन में बंधा हुआ था....

पर मुझे मालुम था की इस बंधन को तोडना उसके लिए कोई बड़ी बात नहीं थी इसीलिए........

इससे पहले की मेरा नेगेटिव रूप उस बंधन से खुदको आज़ाद करने के लिए कोई स्पेल बोले......

बंध्याम स्वज़क्ति

इम्प्रैसोँ ओन एनर्जी

मैंने इस स्पेल को उच्चारित kiya.....aur अगले hi पल.....

विमुक्ति

रिलीज़

ये स्पेल मेरे नेगेटिव रूप ने बोलै tha....uske स्पेल बोलते hi वो अदृश्य बंधन जिसने उससे बाँधा हुआ tha,wo वापस खुलने लगी पर तभी.....

मेरी स्पेल ने अपना काम करना शुरू कर diya....jaise hi वो बंधन खुलने lagi,mere स्पेल ने वापस उस बंधन को धक्का देकर वापस मेरे नेगेटिव रूप को बाँध दिया...

ये सब देख एक पल के लिए मेरा क्लोन शॉकेड हो गया पर अगले hi पल उसके चेहरे पर एक कुटिल मुस्कान नाच गयी...

CLONE-waah,kya बात है....

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?अपनी शक्ति से जो की इस वक़्त मेरे भी अंदर hai,ussise मेरे हर तरफ एक जेल बना दिया....

पर तेरी ये चाल मुझसे कहीं ज़्यादा तेरी लिए नुकसानदायी hai....kyunki ठीक जैसे मई इस घेरे में कैद hun,tu भी इस मायावी पानी में कैद है....

और एक बात तुझे बता dun,jis मायावी पानी में तू इस वक़्त खड़ा hai,wo तेरी चुनौतियों की आखरी सीधी है.....

पर afsos,tu कभी इस चुनौती को पार hi नहीं कर पायेगा और हमेशा के लिए मेरे साथ इस पानी की अंतहीन दुनिया में खोकर रह जाएगा.....

यहाँ से निकलने के लिए तुझे मुझे मारना होगा पर तू ऐसा नहीं कर सकता क्यूंकि मुझमे तेरी जितनी hi शक्ति है..

अगर मई मर सकता हूँ तोह बस उस ऊर्जा से जो की तेरे अंदर है पर जैसे hi तूने उस ऊर्जा को बाहर nikala,toh उसका स्पर्श इस लाल पानी से हो जाएगा और ऐसा होते hi तू ये चुनौती हार जाएगा...

हहहहहहहहहहह...............

अपनी बात कह मेरा नेगेटिव रूप ज़ोर ज़ोर से हसने लगा....

हहहहहहहहहहहहहहाआ..

ये हसी मेरे नेगेटिव रूप की नहीं बल्कि मेरी थी जिससे सुन क्लोन की ना सिर्फ हसी रूक गयी बल्कि वो आश्चर्यचकित होकर मुझे देखने लगा....

MAI-tujhe मेरी शक्ति तोह मिल गयी पर दिमाग का kya???mera दिमाग न तोह तू कॉपी कर सकता है और ना तेरा रचइता......

और रहा सवाल मेरे यहाँ से बाहर निकलने ka,toh ऐसे छोटे मोठे चक्रव्यूह से भी अगर मई बाहर नहीं निकल पाया तोह लानत है मुझपर......

अपनी बात कह मई आगे निकल gaya..kyunki वो जेल मैंने बनाया tha,toh उसके अंदर जाना मेरे लिए कोई बड़ी बात नहीं थी..

मई बिना किसी मुश्किल के उस अदृश्य जेल के अंदर चला गया और ठीक मेरे क्लोन के सामने जाकर खड़ा हो गया....

जहाँ मेरे चेहरे पर मुस्कान थी वहीँ मेरा क्लोन ये समझने की कोशिश कर रहा था की मई क्या करने वाला हूँ....

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?

मई- ज़्यादा मत soch..jo भी hoga,wo होते hi तुझे पता चल जाएगा...

अपने आप को मेरे सामने लाने से पहले जो डीएलओगे मेरे नेगेटिव रूप ने बोलै tha,maine भी उसीकी तरह की बात उससे कही...

और इससे पहले की मेरा क्लोन कुछ कहता या फिर रियेक्ट करता.....

मई आगे बढ़ा और झट से अपने क्लोन के गले लग गया....

ये कोई नार्मल हुग नहीं tha,maine अपनी पूरी ताकत से उससे गले लगाया था...

और कोई होता तोह मेरी गिरफ्त की वजह से कब का मर गया होता पर क्यूंकि सामने वाले बन्दे के अंदर मेरी hi शक्तियां thi,isiliye उससे कुछ ख़ास फर्क नहीं पड़ा...

पर मुझे खुदको यूँ ज़ोर से गले लगता देख वो खुदको मुझसे छुड़ाने की कोशिश करने लगा पर मेरी शक्ति और साथ साथ उस अदृश्य बंधन की वजह से वो कामियाब नहीं हो पाया...

और तभी........

विमुक्ति......

रिलीज़.....

एंटर......

प्रविजति.....

जो स्पेल कुछ देर पहले मेरे क्लोन ने कहा tha,wo अब मैंने कहा और मेरे स्पेल के उच्चारित करते hi.......

NAHIIIIIIIIIIIIIIIII........................

भूमममममममम................

पहली आवाज़ या फिर ये कहूं की वो चीख मेरे गिरफ्त में चटपटा रहे मेरे नेगेटिव रूप मेरे क्लोन की थी...

तोह हुआ ये की मेरे स्पेल उच्चारित करते hi मेरे बॉडी से मेरी लार्ड ऑफ़ एंगेल्स की ऊर्जा बाहर निकली पर क्यूंकि इस वक़्त मई अपने क्लोन के बॉडी से सत्ता हुआ tha,isiliye उस ऊर्जा का स्पर्श लाल पानी से नहीं हुआ...

मेरी ऊर्जा मुझसे चिपके खड़े मेरे क्लोन की बॉडी को चुने लगी और तभी मैंने प्रविजति का स्पेल बोलै जिससे मेरी ऊर्जा सीधे मेरे क्लोन के अंदर घुस गयी.....

अब मेरी ऊर्जा तोह कोई वाइट एनर्जी का धारक भी एक सेकंड के लिए तक नहीं झेल सकता तोह फिर मेरे सामने वाला तोह ब्लैक एनर्जी का धारक था....

मेरे ऊर्जा के उसके शरीर के अंदर घुसते hi एक तेज़ धमाका हुआ और फिर सब शांत.....

उस धमाके के साथ पहली चीज़ का अंत हो गया और दूसरी चीज़ अपने अंत को लपेट रही थी....

पहली चीज़ मतलब मेरा नेगेटिव रूप जो अब ख़त्म हो चूका था और उसके ख़त्म होते hi मेरी ऊर्जा वापस मेरे अंदर समां गयी...

क्यूंकि मेरे नेगेटिव रूप को मारकर मैंने अपनी चुनौती को पूरा कर लिया था इसीलिए मेरी ऊर्जा के लाल पानी को चुने के बावजूद कुछ नहीं हुआ..

दूसरी चीज़ मतलब वो लाल पानी जो अब तेज़ी से वापस खुद को सौख रही थी.....

कुछ hi पलों में उस लाल पानी ने खुदको पूरी तरह से सोखते हुए वापस मुझे उसी जगह पर लाकर खड़ा कर दिया जहाँ मई इस चुनौती के शुरू होने से पहले खड़ा था....

चुनौती को पार कर उस मायावी समंदर से निकल मैंने चैन की सांस की hi थी की तभी.......

मुझसे कुछ दूर पर एक रौशनी चमकी और उसके दूसरे hi पल वहां कुछ बन गया जिससे देख मेरे चेहरे पर मुस्कान नाच गयी...

मई चलते हुए उस जगह पहुँच गया जहाँ अभी अभी कुछ बना था...

जो रौशनी चमकी थी और उससे जो चीज़ बानी थी वो और कुछ नहीं बल्कि एक मैजिक दूर था जिसके दूसरी तरफ एक चीज़ दिख रही थी जिससे देखकर मेरे चेहरे पर मुस्कान आ गयी थी....

मई चलते हुए उस मैजिक दूर के दूसरी तरफ आ gaya..mere दूसरी तरफ आते hi वो मैजिक दूर बंद हो गया.....

मई अभी भी एक तक उस चीज़ देख रहा tha...kuch देर तक उससे देखने के बाद मेरे होंठ हिले......

मई- फाइनली मेरी सोर्ड मेरे सामने है.....

बैक तो फ्रेंड्स:-

चौथा SAWAL-AISA क्या है जिससे तुम देने के बाद भी रख सकते हो?

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?

मिरर ने अपना चौथा सवाल मेरे दोस्तों के सामने रख दिया था पर ये kya????mere दोस्त तोह ज़मीं पर पड़े थरथरा रहे थे....

अपनी शक्ति के कुछ अंश के निकलने की वजह से जो असहनीय दर्द उन्हें हुआ tha,ab वो दर्द एक ना ख़त्म होने वाली थकन में बदल गया था जिसकी वजह से मेरे दोस्त ज़मीं पर पड़े लम्बी लम्बी साँसें भी ले रहे थे और थरथरा भी रहे थे...

चारों ने खड़े होने की कोशिश भी कहि पर उनके पैरों ने उनके शरीर के बोझ को उठाने से मन कर दिया था.....

इन सब के बीच मिरर का पूछा गया सवाल सिर्फ आधा hi उन सबके दिमाग में गया और आधा उनके ऊपर से निकल चूका था....

ये सब धनुर भी उस मायावी परदे के थ्रू देख रहे the.chinta की रेखाएं उनके चेहरे पर साफ़ देखि जा सकती थी....

वो जान गए थे की मेरे दोस्तों ने मिरर के द्वारा पूछे गेय सवाल को ढंग से सुना तक नहीं है तोह फिर जवाब देना तोह बोहोत दूर की बात है.....

वो ये भी जानते थे की मिरर अपना सवाल दोबारा नहीं दोहराएगी और अगर जल्दी hi मेरे दोस्तों ने जवाब देने शुरू नहीं किये तोह उनके तीन मौके उनसे छीन लिए जाएंगे...

और इसीलिए......

DHANUR-mai जानता हूँ की इस वक़्त तुम सब की हालत कैसी hai???khud hi की शक्ति के चीन जाने से तुम सब अंदर तक हिल गए हो...

किन्तु ऐसा तोह होना hi tha....puraskar जितना बड़ा होता hai,usse पाने की कीमत भी उतनी hi कठिन होती है.....

तुम सब जिस मकसद से यहाँ आये ho.agar उस मकसद में कामियाब होना है तोह उठो और अपने मन को शांत कर मिरर के पूछे गए सवाल का जवाब दो.......

वो क्या है जिससे तुम देने के बाद भी रख सकते ho???yahi है तुम सब का sawal...ab अपना ध्यान केंद्रित करो ताकि इस सवाल के जवाब को दे सको......

धनुर की बात सुन मेरे दोस्तों को मिरर का पूछा सवाल जसिका आधा हिस्सा उन सब के सर के ऊपर से निकल गया tha,wo अब क्लियर हो गया था पर अब भी वो इस कंडीशन में नहीं थे की अपने मन को शांत कर इस सवाल का जवाब ढूंढ सकें....

ये सब देख धनुर एक बार फिरसे कुछ कहने hi वाले थे की........

MIRROR-baar बार बताये जाने के बावजूद तुम सब हर प्रश्न के उत्तर को देने में बोहोत ज़्यादा विलम्ब कर रहे हो.....

इसीलिए अब तुम सबको तुम्हारे हर मौके का उपयोग करने के लिए केवल 60 पल मिलेंगे...

अगर 60 पलों में भी तुमने जवाब नहीं दिया तोह तुम्हारा वो मौका रद्द हो जाएगा....

और अगले मौके के 60 पल शुरू हो जाएंगे...

इस सवाल के तुम्हारे पहले मौके के लिए तुम सबने अत्यधिक समय ले लिया है इसीलिए तुम्हारा पहला मौका रद्द किया जाता है..

तुम्हारे दूसरे मौके के 60 पल शुरू होते हैं अब..........

अब ये एक नया नियम लागू हो गया था जो कहीं न कहीं सही भी tha..MIRROR के लगातार आगाह करने के बावजूद मेरे दोस्त बोहोत ज़्यादा वक़्त ले रहे थे...

ऐसे में मिरर का कोई नया और कड़ा नियम बनाना तोह बनता hi tha....jaisa के मिरर ने बताया की उन सब क पहला मौका ख़त्म हो चूका था और अब बस दो मौके बचे थे...

मिरर के घोषणा के बाद से hi धनुर लगातार मेरे दोस्तों को सवाल को समझने और जवाब देने के लिए प्रोत्साहित कर रहे थे....

मेरे दोस्त भी अब इस टाइम लिमिट में अपने दिमाग के जितने घोड़े दौड़ा सकते the,wo सब दौड़ा रहे थे पर उन्हें मिरर के सवाल का कोई जवाब सूझ hi नहीं रहा था और तभी.....

मिरर- दूसरे मौके 60 पल समाप्त hue....tum सबके तीसरे और आखरी मौके के 60 पल शुरू होते है अब.....

मिरर की आवाज़ और बात सुन मेरे दोस्तों को एक झटका लगा...

जो थकावट और कमज़ोरी वो सब महसूस कर रहे the,wo एक झटके में गायब हो गयी...

ऐसा होने की दो वजह thi..pehli तोह यही की वो सब बिना कोई जवाब दिए हारना नहीं चाहते थे और दूसरी वजह थी दर...

दर दोबारा उस दर्द से गुजरने का जिससे वो सब अभी अभी गुज़रे the....mere चारों दोस्त तेज़ी से अपने दिमाग के घोड़े दौड़ते हुए मिरर के सवाल के जवाब को तलाशने की कोशिश कर hi रहे थे की तभी रोनित के दिमाग के दिमाग में जैसे एक बिजली सी कौंधी पर इससे पहले की वो कुछ कहता......

MOKALSAR-jawab है ख़ुशी......

रोनित से पहले मोकलसर ने जवाब दे दिया....

पर मोकलसर के मुँह से जवाब सुन जहाँ एक तरफ अक्षांत और शैला उम्मीद लगाया मिरर की तरफ देखने लगे वहीँ रोनित ने अपना माथा पीट लिया.......

हमेशा की तरह मोकलसर के जवाब देने के बाद कुछ देर तक ख़ामोशी रही और फिर.....

MIRROR-GALAT जवाब.......

सही जवाब है

वचन............

जहाँ मिरर के द्वारा गलत जवाब सुन AKSHAANT.MOKALSAR और शैला निराश हो गए थे वहीँ सही जवाब सुन तीनो शॉकेड हो गए.....

reason...ye जवाब मिरर ने नहीं रोनित ने दिया tha..aur जवाब देने के बाद अफ़सोस वाली नज़रों से मेरे दोस्तों की तरफ देख रहा था....

रोनित- अगर आपको किसी फैसले से तकलीफ ho,par फिर भी सामने वाली की ख़ुशी के लिए आप उस फैसले को मान जाए तोह वो ख़ुशी आप सिर्फ सामने वाले को hi दे सकते hain,khud नहीं रख सकते....

ऐसे में ख़ुशी कैसे जवाब हुआ??

MIRROR-jabki वचन hi एक ऐसी चीज़ है जिससे आप देते तोह सामने वाले को हो पर वो रहती आप hi के पास है...

रोनित की बात को मिरर ने पूरा किया......

अक्षांत- जब तुम्हे जवाब पता था तोह बोलै क्यों नहीं.....

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रोनित- जैसे hi मेरे दिमाग में ये जवाब aaya,thik उसी वक़्त मोकलसर ने बिना विचार विमर्श किये जवाब दे दिया....

रोनित की बात सुन मोकलसर का सर नीचे हो गया.....

मोकलसर- मुझे माफ़ कर do..mujhe sayam.......AHHHHHHHHHHHH............

AHHHHHHHHHHHH............

AHHHHHHHHHHHH............

AHHHHHHHHHHHH............

मोकलसर की बात पूरी होती उससे पहले hi उसके साथ साथ बाकी के तीनो की भी दर्द भरी चीख हर तरफ गूंज उठी....

उस मायावी रोप ने जिसने मेरे दोस्तों को लपेट रखा tha,usne अपना काम कर दिया tha....ab मेरे दोस्तों की शक्ति का आधा भाग उस रोप ने उनसे खींच लिया था...

इस बार दर्द इतना ज़्यादा था की मेरे चारों दोस्त उस दर्द को ना झेल पाकर बेहोश हो गए...

पर ये बेहोशी में मिलने वाली चैन भी मेरे दोस्तों के नसीब में नहीं थी क्यूंकि उनके बेहोश होते hi रोप से एक करंट निकली जिसके मेरे दोस्तों पर पड़ते hi चारों को एक झटके में होश आ गया...

इस वक़्त दर्द की लकीरें मेरे दोस्तों के चेहरे पर साफ़ देखि जा सकती थी पर वहीं मेरे दोस्तों को सब कुछ धुन्दला धुन्दला सा दिख रहा था....

वो चारों बोहोत ज़ोर ज़ोर से साँसें ले रहे थे मानो मीलों लम्बी दौड़ लगाकर आये hon...aur ऐसे में मेरे दोस्तों पर ज़रा सा भी रेहम ना दिकहते हुए.....

MIRROR-PAANCHVA सवाल.......

वो क्या है?

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जो अँधा भी है,

बेहेरा भी है,

और गंगा भी है

पर बोलता हमेशा सच है.....

इस अंतिम सवाल के पहले मौके के 60 पल शुरू होते हैं अब!!!!!

पिछली बार तोह मेरे दोस्तों ने कमसेकम सवाल का आधा हिस्सा सुना भी tha,par इस बार उन सब की हालत इतनी ज़्यादा ख़राब थी की मिरर द्वारा पूछा गया आखरी सवाल का कोई भी भाग उनके कानो तक जैसे पहुंचा hi नहीं था....

सभी अपनी बची हुई शक्ति को समेत कर खुदको काबू में करने की कोशिश कर रहे थे...

और इनसब के बीच उनके पहले मौके के लिए दिए गए 60 पल निकलते जा रहे थे..

और इस बात से धनुर अवगत भी थे और परेशान bhi...wo इस बात का भी अंदाज़ा हो गया था की मेरे दोस्तों ने अपने इस बूढी मंथन के चुनौती का आखरी सवाल जिसपर उन चारों की पूरी नियति निर्भर hai,wo सुना तक नहीं होगा और इसीलिए.....

DHANUR-wo क्या है जो अँधा भी है,

बेहेरा भी है,

और गंगा भी है

पर बोलता हमेशा सच है.....

!!!!!

धनुर ने इस पहेली को लगातार दो बार दोहराया...

इसके अलावा उन्होंने कुछ भी नहीं कहा क्यूंकि वो जानते थे की इस वक़्त कोई भी मोटिवेशनल बात मेरे दोस्तों पर कुछ ख़ास असर नहीं करेगी...

वहीँ मेरे दोस्त जो की अपने आप को सँभालने में लगे हुए the,unhe भी आभास हो गया था की मिरर ने अपना आखरी सवाल बोल दिया है जो उन्होंने नहीं सुना है....

और इस विचार के मन में उभरते hi सभी घबरा से गए the..wo जानते थे की इस अंतिम सवाल पर उनकी ज़िन्दगी तिकी हुई है...

क्या करें क्या ना karen,issi गुत्थी को वो चारों सुलझाने की कोशिश कर hi रहे थे की इतने में उन सब के कानो में धनुर की तेज़ आवाज़ गुंजी जिसमे उन्होंने पहेली दोहराई थी....

पहेली के दोबारा कानो में पड़ते hi सभी के चेहरों पर रहत के भाव आये पर ये रहत क्षणिक hi थी....

अब पहेली तोह सबने सुनली थी पर सुलझाना अभी बाकी था और ये आसान नहीं होने वाला था....

पर फिर भी चारों ने किसी तरह खुदको अंदर से मज़बूत कर पहेली के जवाब के बारे में सोचना शुरू hi किया था की....

मिरर- पहले मौके के 60 पल समाप्त hue.....dusre मौके के 60 पल शुरू होते हैं अब.....

चारों ने खुदको अंदर से मज़बूत बनाकर पहेली का आंसर देने के लिए फोकस किया hi था की मिरर से निकली आवाज़ सुनकर चरों के मनोबल एक बार फिरसे गिर गए....

ये बात परदे पर धनुर ने भी नोटिस की थी इसीलिए...

धनुर- ये मत सोचो की एक मौका चला gaya..ye सोचो की अब भी तुम सब के पास दो और मौके हैं जिनका मतलब है दो ज़िन्दगी....

इन दो ज़िन्दगियों के बीच तुम सब का भविष्य लटक रहा hai...ab अफ़सोस करना छोडो और इन बाकी के बचे दो मौको का पूरा लाभ उठाओ....

धनुर की बातों से और वक़्त के फिसलते लम्हो की एहमियत समझ कर मेरे चारों दोस्त एक बार फिरसे खुदमे कॉन्फिडेंस भर पहेली के आंसर के बारे में सोचने लग गए..

पर हर बीतते वक़्त के साथ साथ मेरे दोस्तों का कॉन्फिडेंस वापस गिरने लगा था....

अभी उनसब को सोचते हुए कुछ hi पल गुज़रे थे की...

मिरर- दूसरे मौके के 60 पल समाप्त hue.....teesre एवम अंतिम मौके के 60 पल शुरू होते हैं अब.....

एक बार फिर ये आवाज़ हर तरफ गूंज उठी पर इस आवाज़ के गूंजते hi मेरे दोस्तों के दिलों की धड़कन मानो रूक सी गयी....

जहाँ एक तरफ SHAILA,MOKALSAR और अक्षांत ने तोह जैसे उम्मीद hi छोड़ दी थी वहीँ रोनित दूसरे मौके के ख़त्म होने की बात सुनकर भी सोचने में लगा हुआ..

हारने के दर से टेंशन लेने का कोई फायदा नहीं hai,yahi सोच को अपना मूलमंत्र बना कर रोनित पहेली को सुझाने में लगा रहा....

पर करीब 40 सेकण्ड्स निकलने के बाद भी जब रोनित किसी नतीजे पर नहीं पहुंचा तोह उसका कॉन्फिडेंस लड़खड़ाने लगा...

वहीँ शैला मोकलसर और अक्षांत तोह पहले hi हार मान चुके थे......

SHAILA-itne सारे प्रतिद्वंदियों को हारने के बाद मैंने कभी नहीं सोचा था की एक दिन मई एक आईने एक दर्पण से हार जाउंगी......

शैला की बात पर कोई अपनी प्रतिक्रिया देता की तभी.....

मिरर- अंतिम 10 पल शेष हैं......

मिरर की आवाज़ गूंजते hi सभी को एक झटका लगा पर इस झटके के कारण दो हिस्सों में बाटे हुए थे..

एक हिस्सा था SHAILA,MOKALSAR और अक्षांत का जिन्हे झटका मिरर की कही गयी बात से लगा था...

वहीँ दूसरे हिस्से में अकेला रोनित था जिससे झटका लगने का कारण मिरर की कही गयी बात नहीं बल्कि शैला की कही गयी बात थी...

REASON.....aayiye खुद जान लीजिये......

RONIT-arre ये मेरे दिमाग में पहले क्यों नहीं aaya.....thank ु SHAILA....anjaane में hi sahi,jawab तोह तुमने खुदही दे दिया...

रोनित की बात किसी को समझ में नहीं आयी पर अभी रोनित को उन सब को एक्सप्लेन करने का वक़्त नहीं था इसीलिए....

RONIT-jawab है DARPAN,AAIYNA,MIRROR.......

दर्पण नाही देख सकता hai,na hi बोल सकता है और नाही सुन सकता है पर फिर भी हमेशा सच बोलता है........

रोनित की बात सुन मेरे बाकी के तीनो दोस्तों को शॉक laga.....ussi शॉकिंग एक्सप्रेशन को कैर्री करते हुए उन तीनो ने पहले रोनित को देखा और उसके उन तीनो की नज़रें मिरर की तरफ पलट गयी....

वहीँ हमेशा की तरह रोनित के जवाब देने के बाद हमेशा की तरह कुछ देर तक ख़ामोशी छायी रही और उसके बाद.....

MIRROR-SAHI JAWAB......CHUNOUTI पूर्ण हुई......

मिरर की बात सुनकर मेरे दोस्तों के मन में ख़ुशी की लेहेर दौड़ gayi..teeno प्रशंशनीय भाव लिए रोनित को देखने लगे....

पर तभी.........

AHHHH....AHHHH......AHHHHH.....AHHHH......

ये आवाज़ भी मेरे दोस्तों के मुँह से hi नीली थी पर इस बार ये चीख नहीं बस एक हलकी सी आवाज़ थी और रीज़न....

जो शक्तियां मिरर ने मेरे दोस्तों की जो शक्तियां उस मायावी रोप के माध्यम से खींच ली thi,usse उसने उसी रोप के माध्यम से मेरे दोस्तों को वापस कर दी थी...

अपनी शक्ति के वापस अपने शरीर में संचारित होने की वजह से मेरे दोस्तों के मुँह से ये आवाज़ निकली थी...

पर जैसे hi मेरे दोस्तों की शक्ति उनके शरीर में वापस gayi,sabhi की थकन भी पूरी तरीके से गायब हो गयी....

वहीँ मेरे दोस्तों को उनकी शक्ति लौटा वो मायावी रोप भी गायब हो चुकी थी...

रोप के गायब होते hi मेरे चारों दोस्त एक दूसरे के गले लग एक दूसरे को बधाई दे रहे थे के तभी....

जहाँ मिरर tha,wahan पर तेज़ प्रकाश फ़ैल गया और उस प्रकाश के किरणों ने एक बार फिरसे मेरे दोस्तों को खींच लिया और कुछ hi देर में मेरे दोस्त एक नयी जगह पर खड़े थे..

ये जगह एक खाली हॉल जैसा था जिसके दोनों साइड में 2,2 रूम्स बने हुए थे........

पहले तोह मेरे दोस्तों की नज़र उस हॉल में hi घूमती रही पर जैसे hi उनकी नज़र घूमते हुए उन चार रूम्स में gayi,toh चारों चौंक गए..

reason......har रूम के ऊपर मेरे एक एक दोस्त का नाम लिखा हुआ tha....par साथ hi उसी नाम के ऊपर हर रूम में दो कॉमन वर्ड्स लिखे हुए the.....aur वो दो वर्ड्स थे...

अंतिम चुनौती........

आज के लिए इतना HI......

आपका अपना V...J.....
 
Hahahaha......Waqt hi नहीं रहता वर्ण ज़रूर तरय करता ज़्यादा लिखने ka..waise भी मेरे उपदटेस के साइज बड़े hi होते hain,aur लास्ट 4 तोह मेगा उपदटेस रहे hain...har अपडेट को लिखने में hi मुझे 5 हॉर्स से ज़्यादा वक़्त लगा है.....

वक़्त की कमी उसके ऊपर उपदटेस के लेंथ, लेट हो hi जाता hai.....mirror वर्ल्ड के एडवेंचर को ख़त्म होने में अब बस एक और अपडेट hai,uske बाद एक लास्ट एडवेंचर जो दो उपदटेस कसमे करेगा और जिसमे ी म सूरे आपको बोहोत मज़ा aayega....saath बने रहिये......
 
कुछ चुनौतियों को पूरा नहीं किया jaata,bas उनमे हिस्सा लिया जाता है बरोथेर....

और रही बात अपडेट की और उसके लिए आपके एक्ससिटेमेंट की तोह उससे काम करने के लिए एक हिंट दे देता हूँ..

अगले अपडेट में V.J तोह एक्शन hi करेगा पर साथ में उसकी बुद्धि भी तेज़ चलेगी पर रोनित एंड फ्रेंड्स जो अब तक युद्ध की चुनौती और साथ hi बुद्धि मंथन की चुनौती भी पार कर चुके hain,toh अब बचा मिरर वर्ल्ड के आखरी आईने की चुनौती मतलब मैजिक....

पर ये मैजिक कोई जादू की लड़ाई नहीं बल्कि एक छोटा सा पर असरदार िल्लुसिओं होने वाला है.. kya????ye जानने के लिए साथ बने रहिये
 
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