अब तक आपने पढ़ा की विक्रम और अवंतिका ट्विस्टेड डायमेंशन में जाते हैं जहाँ विक्रम कुछ नया करता है वहीँ विक्रम के द्वारा भुविका और अनलिए को उनके रिश्ते के बारे में और ास्मोडियस के छल के बारे में पता चलता है
अब आगे:-
फाइनल CHAPTER
(एंगेल्स सैक्रिफाइस & डेविल्स डेमोलिशन)
अपडेट-103
PLANET-EARTH
PLACE-FOREST
LORD,AAPKA हम जितना भी ध्यानवाद करें वो काम HOGA...PEHLE आपने हमारे गृह में आकर हमे हमारे श्राप से मुक्त कराया और आज आपने हमे हमारी बेहेन से मिला दिया....
ये बोलकर अनलिए मेरे आगे झुकने लगी पर मैंने उससे ऐसा करने से रोक दिया....
ास्मोडियस से गले लगने के बाद मई अपने दोस्तों को और भुविका को लेकर वहां से गायब हो गया...
मेरे गायब होते hi मेरे सारे एंगेल्स भी गायब हो गए.....
वहीँ मई गायब होकर मुंबई से बाहर एक छोटे से जंगल में पहुंचा....
यहाँ पहुँचते hi अनलिए दोबारा अपनी बेहेन के गले लग gayi..kuch देर तक गले लगे रहने के बाद जब दोनों अलग हुए तोह अनलिए ने अपनी बात कही...
MAI-tum दोनों के साथ जो hua,wo पूरी तरह अनैतिक tha...aur एक गलत चीज़ को सही करना hi मेरा काम भी है और कर्त्तव्य bhi....iske लिए धन्यवाद कैसा????
अवंतिका- वैसे अब तुम्हारे मन की भावनाओ का क्या हाल hai???kya अब भी V.J के सामने तुम्हे अपनी भावनाओ में प्रबलता लग रही है.....???
अवंतिका के सवाल से अनलिए का ध्यान अपने उन स्ट्रांग फीलिंग्स की तरफ गया जो अब उसके अंदर बिलकुल नहीं थी.....
और इस बात का बोध होते hi वो शॉकेड हो गयी....
ANALIA-arre haan,is तरफ तोह हमारा ध्यान hi नहीं gaya...ab लार्ड के सामने होने पर भी हमारी भावन्ये सामान्य हैं पर हमे ये समझ नहीं आ रहा है की अचानक ये परिवर्तन कैसे आ गया????
मई- वो इसीलिए क्यूंकि तुम्हारे अंदर जो मेरे लिए प्रबल इच्छाएं thi,wo तुम्हारी बेहेन की वजह से थी....
तुम्हारी भावनाये भुविका से जुडी हुई हैं... और कुछ देर पहले तक भुविका के अंदर मेरे लिए बोहोत नफरत thi,infact मई इस ब्रम्हांड में अकेला ऐसा शक्श hun,jisse वो नफरत करती थी....
पर क्यूंकि तुम एक वाइट एनर्जी की श्रोत ho,isiliye उसकी भावनाये तुमपर पूरा असर नहीं कर पायी पर फिर भी उसकी मेरी प्रति नकारात्मक सोच की वजह से तुम्हारे अंदर भी मुझे देख कर एक प्रबल भावना ने जन्म ले लिया....
ऐसी भावना जो ना नकारात्मक थी और नाही सकारात्मक पर फिर भी प्रबल थी....
अवंतिका- और इसीलिए hi V.J ने तुम्हारे अंदर आकर्षण के भावना पैदा ki..kyunki अगर V.J ऐसा नहीं karta,toh तुम्हारी उसके प्रति भावनाये वक़्त के साथ और प्रबल हो जाती और तुम उस भावना को समझ भी नहीं पाती..
और उन हालातों में तुम चैन से जी नहीं पाती पर V.J द्वारा तुम्हारे अंदर छोड़े आकर्षण की वजह से तुम्हारी भावनाओं को एक नाम मिल gaya...PYAR...
और ऐसा होते hi तुम्हारे अंदर एक ठैराव आ गया और तुम शांत हो गयी.....
पर उसी नकली भावना की वजह से जिससे V.J ने तुम्हारे अंदर डाला tha,tumhe उसके पास यहाँ धरती पर खींच लायी जिससे तुम्हारा और तुम्हारी बेहेन का मिलान हो गया....
और अब क्यूंकि तुम्हारी बेहेन के मन V.J में प्रति कोई गलत भावना नहीं है इसीलिए तुम्हारे मन की प्रबल भावनाएं भी ख़त्म हो गयी है...
ANALIA-LORD,hum आपका ये उपकार ज़िन्दगी भर नहीं भूलेंगे....
MAI-har दस मिनट में कोई न कोई वजह देकर तू धन्यवाद धन्यवाद बोलती रहती है....
यार एक काम kar,tere धन्यवाद का जितना भी कोटा बचा हुआ hai,wo अभी एक साथ बोल कर ख़त्म कर दे....
मेरी बात सुन जहाँ अवंतिका और अनलिए के चेहरे पर मुस्कराहट आ gayi,wahin 2 चेहरे ऐसे भी थे जिनमे दो अलग अलग भाव थे....
रोनित और भुविका......
जहाँ भुविका के चेहरे पर pachtaave,aatmglaani और शर्म के भाव थे वहीँ रोनित के चेहरे पर ग़ुस्सा साफ़ दिख रहा था....
और रोनित के इसी ग़ुस्से की वजह से मई सबको यहाँ मुंबई से थोड़ा बाहर एक छोटे से जंगल में लेकर आया था...
मई जानता था की जो ग़ुस्से का लावा रोनित के दिल में उफान मार रहा hai,wo कभी भी फैट सकता है और ऐसे में हमारा किसी पब्लिक प्लेस में या फिर हमारे घर पर होना ठीक नहीं है....
जहाँ अनलिए इस वक़्त अपने hi ख़ुशी में मगन थी वहीँ रोनित के ग़ुस्से से अवंतिका और उसके साथ साथ भुविका भी वाकिफ थी....
भुविका ने कई बार रोनित की तरफ देखा था और हर बार उसके चेहरे पर खुदके लिए बेशुमार ग़ुस्सा और नफरत दिखी थी...
वो अछि तरह जानती थी की उसने जो रोनित के साथ किया hai,uske लिए वो उससे कभी माफ़ नहीं करेगा....
इस वक़्त भी भुविका के अंदर एक डेविल का अंश मौजूद the,par अपनी बेहेन से मिलने के बाद उसके अंदर की नकारात्मकता जैसे कमज़ोर सी पढ़ गयी थी.....
अनलिए के रूप में उससे उसकी असली बेहेन मिल गयी थी जिसके वजह से उसके अंदर मौजूद वाइट एनर्जी उसके अंदर की ब्लैक एनर्जी पर भारी पढ़ रही थी....
जो हुआ या फिर ये कहूं की भुविका ने जो किया वो उससे बदल तोह नहीं सकती थी पर अपने किये की माफ़ी तोह वो हम सब से और सबसे ज़्यादा और पहले रोनित से तोह मांग hi सकती thi...isiliye........
BHUVIKA-RONIT............
चटाख............
रोनित...........
जैसे hi भुविका ने रोनित kaha,RONIT तेज़ी से आगे बढ़ा और सेकंड के दुस्वे हिस्से से भी काम टाइम में उसका हाथ घुमा जो भुविका के गालों से टकराया....
रोनित के मुकाबले भुविका में गयी गुना ज़्यादा शक्ति थी इसी वजह से रोनित के थप्पड़ का उसपर कोई ज़्यादा असर नहीं हुआ..
वो बस हल्का सा पीछे हाथ गयी पर अपनी बेहेन को यूँ थप्पड़ खाता देख अनलिए रोनित का नाम लेकर चिल्लाई....
अनलिए- आप हमारी बेहेन पर हाथ कैसे उठा सकते हैं रोनित????
अनलिए तुरंत अपने बेहेन के पास पहुंची और उसके गाल को जिसपर रोनित ने तमाचा मारा tha,sehlate हुए बोली......
रोनित- तकलीफ hui....wo भी उस रिश्ते के लिए जिसके बारे में तुम्हे अभी अभी पता चला है....
तोह सोचो मुझे कितनी तकलीफ हुयी होगी जब इसने मेरे बचपन के प्यार को मार डाला...
रोनित ने चीखते हुए अपनी बात kahi...ye सब बोलते वक़्त रोनित की आखों में इतना दर्द tha,itna ग़ुस्सा था जिससे देखकर एक तरफ अनलिए को दर लगने लगा वहीँ भुविका का सर एक बार फिरसे शर्म से झुक गया.....
अनलिए- आपको तोह पता है रोणितजी की भुविका ने जो भी किया उसमे इनका हाथ होकर भी नहीं था.....
ये तोह बेहेन प्रेम के वश में आकर वो सब कर baithi....wo प्रेम जो ये मुझसे करती थी किन्तु ास्मोडियस की वजह से उन्हें वो एहसास किसी और के लिए लगने लगा था....
रोनित- waah....kya तर्क दिया है तुमने ANALIA....behen प्रेम में आकर ये एक ऐसी लड़की का बदला लेने निकली जो कहीं से भी सही नहीं थी....
जिसने खुद नजाने कितने hi बेक़सूर लोगों की जाने ली hai..jaanta हूँ की इसका दिल बेहेन शब्द से जुड़े होने की वजह से सिर्फ उसकी तरफ hi झुकता था...
पर दिल के साथ साथ भगवन ने हम सबको दिमाग नाम की भी तोह चीज़ दी है naa...ussi दिमाग का इस्तेमाल कर ये सही और गलत के बीच का फर्क तक नहीं समझ पायी...????!!!!
इसने कोई गलती नहीं की hai,balki पाप किया है और माफ़ी गलती की मिलती है पाप की nahi....aur इसके पाप की सजा आज मई इससे दे कर रहूँगा.....
भुविका- रोनित......
पर इससे आगे भुविका कुछ कह नहीं paayi..kyunki अपनी बात ख़त्म कर रोनित तेज़ी से आगे बढ़ा और इस बार उसने भुविका के चेहरे पर एक किक जड़ दी जिससे एक बार फिरसे भुविका लड़खड़ाते हुए थोड़ा पीछे हो गयी.....
अपनी बेहेन को बचने के लिए अनलिए आगे बढ़ी पर रोनित ने उससे उसके हाथ से पकड़ पीछे धकेल दिया....
अनलिए तेज़ी से पीछे की तरफ गिरने को हुई पर इससे पहले की वो girti,AVANTIKA ने उससे पकड़ लिया...
वहीँ जैसे hi रोनित ने अनलिए को धक्का diya,BHUVIKA को ग़ुस्सा आ गया और उसने रोनित को मारने के लिए अपना हाथ उठाया पर......
उसके हाथ हिले भी nahi....pehle तोह उससे इसका कारण समझ में नहीं आया पर जब उसने मेरी तरफ देखा तोह....
मई- सोचना भी नहीं.....
मेरी बात सुन भुविका का रोनित पर जो ग़ुस्सा आया tha,wo ख़त्म सा हो गया पर रोनित का ग़ुस्सा तोह पल पल बढ़ता hi जा रहा था....
उसने एक के बाद एक कई सरे पंचेस भुविका को maare..BHUVIKA भी चुप चाप उन पंचेस को खाती रही....
पर एक बात थी की भुविका पर रोनित के पूंछे का कुछ ख़ास असर नहीं हो रहा था.
वहीँ अपनी बेहेन को यूँ मारता खता देख अनलिए से सेहेन नहीं हुआ इसीलिए.....
अनलिए- LORD...apne फ्रेंड को रोकिये naa...wo हमारी बेहेन को मार देगा....
मई- इस वक़्त रोनित बोहोत ग़ुस्से में hai...jab तक ये ग़ुस्सा उसके अंदर hai,kuch भी करना ठीक नहीं होगा....
अनलिए- तोह क्या जब तक रोणितजी का ग़ुस्सा शांत नहीं हो jaata,hamari बेहेन यूँही मार खाती रहे....
मई- तुम्हारी बेहेन ने जो काम किए hai,uske लिए तोह रोनित से पहले मुझे hi उससे मार देना चाहिए था....
पर वो ज़िंदा है क्यूंकि उसने जो किया hai,wo कहीं न कहीं उससे करवाया गया है.....
उसकी किस्मत को उसके जन्म से पहले hi बदल दिया गया था इसीलिए मई शांत हूँ.
पर रोनित के साथ जो उसने किया hai,uske लिए उससे दंड मिलना चाहिए या nahi,iska फैसला रोनित karega,mai नहीं.....
यहाँ हम बात कर रहे the,wahan रोनित लगा हुआ था भुविका को मारने me..par अब उससे भी समझ में आने लगा था की उसके वार से या पंचेस और किक्स से भुविका को ज़्यादा फर्क पड़ेगा नहीं इसीलिए.....
RONIT-V.JJ..........
मेरी तरफ देख रोनित ने बस मेरा नाम hi लिया पर मुझे पता था की उससे क्या चाहिए इसीलिए मेरे शरीर से मेरी शक्ति के एक छोटा सा भाग बाहर निकला और उसने रोनित के शरीर को बिना छुए उससे चारों तरफ से घेर लिया...
ऐसा होने के बाद मैंने रोनित को देख हाँ में अपना सर हिलाया जिसका मतलब वो समझ गया और अगले hi पल.....
AHHHH......AHHHH.......AHHHHH........
अबकी बार रोनित ने जितनी बार भी भुविका को पंचेस या किक्स maare,un सब का भुविका पर बोहोत ज़्यादा प्रभाव पड़ा...
कुछ hi सेकण्ड्स में भुविका के होंठ फैट चुके the.maathe से खून निकलने लगा tha,pair हलके मूड से गए the,haath झूल से गए थे.....
ANALIA-BHUVIKAAAAA..................
अनलिए की इस चीख की वजह ये थी की भुविका दर्द और थकन की वजह से अपने घुटनो के बल बैठने hi वाली थी की रोनित का पेअर ज़ोर से घुमा और उसके जबड़े से टकराया जिसके फल स्वरुप भुविका घूमती हुई नीचे ज़मीं पर गिर गयी......
भुविका के गिरते hi अनलिए की चीख निकल गयी....
वो अपनी बेहेन के पास जाने की लिए तड़प रही थी पर अवंतिका ने उसका हाथ नहीं छोड़ा...
रोनित अभी जिस मूड में tha,us मूड में वो अनलिए को भी नुक्सान पहुंचा सकता था इसीलिए अवंतिका ने उसे जाने नहीं दिया....
वहीँ निचे गिरने के बाद भुविका ने अपनी बोझिल आँखों से एक बार रोनित को देखा और कुछ कहने के लिए उसके लैब हिलने hi वाले थे की.......
स्वाति प्रकटम
सोर्ड अप्पेअर
ये स्पेल रोनित ने बोलै tha..SPELL के बोलते hi रोनित के हाथों में एक तलवार चमक उठी जिससे देखकर जहाँ अनलिए का दर सातवे आसमान पर पहुँच गया वहीँ भुविका को लग गया की उसका अंतिम समय आ गया है...
रोनित ने अपना तलवार वाला हाथ ऊपर उठाया और.....
खच..........
भुविका.............
अअअअअ.......................
जैसे hi रोनित ने अपनी तलवार चलायी तोह एक आवाज़ हुई जिससे सुनकर अनलिए की चीख निकल गयी....
उसने एक ज़ोर का झटका देकर अपना हाथ अवंतिका के हाथ से छुड़ा लिया और अपनी बेहेन के पास भागी....
अपने बेहेन के पास जाते hi जहाँ उसके आँखों के आंसू तेज़ हो गए वहीँ दो आँखों में हैरत के भाव थे....
ये दो आँखें और किसी की नहीं भुविका की थी जो आँख फाड़े कभी रोनित को देखती तोह कभी अपने बाजू में ज़मीं में धसे तलवार को......
अनलिए के भी जो आंसू निकल रहे the,wo ख़ुशी के the..apni बेहेन को ज़िंदा देखने की ख़ुशी......
वहीँ तलवार ज़मीं में आधे से ज़्यादा धसने के बाद......
RONIT-AAAAAAAAAAAAAAAAAAAAA..........
रोनित आकाश की तरफ देख कर ज़ोर से cheekha....uski चीख में मजबूरी और दर्द दोनों साफ़ समझ आ रहे थे.....
वहीँ रोनित को भुविका को जान से ना मारता देख मेरे और अवंतिका के चेहरे पर एक मुस्कान नाच गयी...
आज मुझे मेरे फ्रेंड पर गर्व हो रहा tha...aaj उसकी वजह से इंसानियत और अच्छाई फिर जीत गयी थी.....
मई और अवंतिका चलते हुए रोनित के पास pahunche...aur मैंने जैसे hi उसके कंधे पर हाथ lagaya,wo झट से मेरे गले लग कर रोने लगा.....
मैंने भी उससे चुप नहीं कराया और कुछ देर रोने diya....meri शक्तियां जीसने रोनित को घेरा हुआ tha,wo वापस मुझमे समां गयी थी.
वहीँ अपनी बेहेन का सहारा लेते हुए भुविका धीरे धीरे कड़ी हो चुकी थी....
उसकी आँखों में अभी तक अविश्वास झलक रहा tha...wo समझ नहीं पा रही थी की आखिर रोनित ने उससे ज़िंदा क्यों छोड़ दिया.....
कुछ देर तक मुझसे गले लग रट रहने के बाद जब रोनित मुझसे अलग हुआ और जैसे hi उसकी नज़र भुविका की तरफ गयी तोह.....
BHUVIKA-tumne मुझे ज़िंदा क्यों छोड़ diya....maine तुम्हारे साथ जो किया है उसके बाद तोह मुझे वैसे भी जीना का कोई हक़ नहीं है...
रोनित- यहीं तुम गलत हो BHUVIKA..kisi को मारना या ना maarna,iska फैसला करने वाले हम कोई नहीं होते....
जब ज़िन्दगी उस ऊपर वाले ने दी hai,tu लेने का अधिकार भी सिर्फ उसी का hai...par तुम जैसे कुछ मुर्ख इस बात को अनदेखा कर खुद hi दुसरो के जीवन का फैसला लेने लगते हो....
इतना भी नहीं सोचते की तुम जान एक की लेते ho,par उसके साथ साथ मर बोहोत से लोग जाते हैं...
जिससे तुम्हारे जैसे पापी मारते hain,uski साँसों के साथ साथ उसके अपनों की भी साँसें रूक जाती है....
आज अगर मई तुम्हे मार deta,toh मुझमे और तुममे क्या फर्क रह jaata...tum तोह मर जाती पर तुम्हारी बेहेन ज़िन्दगी भर तुम्हारी याद में रोटी रहती....
जो मेरे साथ हुआ hai,jis दर्द के साथ मई जी रहा hun,wahi दर्द मई किसी और को कैसे दे सकता हूँ....
पर haan,ye भी सच है की मई अंजलि से जितना प्यार करता hun,tumse उतनी hi नफरत करता हूँ और हमेशा करता रहूँगा.....
रोनित की बातें भुविका के दिमाग में किसी हथोड़े की तरह बज रही thi...RONIT ने अगर उससे मार दिया होता तोह उससे इतनी तकलीफ नहीं होती जितनी उससे अभी महसूस हो रही थी....
एक और चीज़ थी जो भुविका को महसूस हो रही थी जिससे वो लगातार अंदर hi अंदर ज़ब्त किये जा रही थी और वो था दर्द...
दर्द जो उससे खुदके अंदर छुपा डेविल या ये कहूं की उसके अंदर मौजूद ब्लैक एनर्जी दे रहा था....
रोनित से मार खाते वक़्त नजाने कितनी hi बार भुविका के अंदर मौजूद डेविल ने उससे रोनित को पलटवार करने को कहा पर भुविका ने उसकी बात नहीं मानी और चुप चाप मार खाती रही.....
उसके अंदर मौजूद वाइट एनर्जी उससे खुद को सयंमित करने में मदद कर रही थी और इसी वजह से भुविका के अंदर मौजूद ब्लैक एनर्जी और वाइट एनर्जी के बीच एक किस्म का युद्ध शुरू हो गया जिसकी वजह से भुविका को इस वक़्त बोहोत ज़्यादा दर्द महसूस हो रहा था....
भुविका के दर्द से मई भी अनजान नहीं था और ये जानकार मुझे बोहोत ख़ुशी हो रही थी की भुविका खुद के ऊपर अपने अंदर मौजूद शैतान को हावी नहीं हो ने दे रही है....
मुझे ये भी पता था की जो दर्द उसके दिल में उठ रहा है उस दर्द के सामने उसके शरीर में उठ रहा दर्द कुछ भी नहीं था..
उससे पता था की ये घिनौना एहसास जो उससे खुदके लिए महसूस हो रहा है वो शायद कभी नहीं जाएगा.....
भुविका ने एक बार रोनित की तरफ देखा और फिर मेरी taraf..mujhe कुछ देर तक देखने के बाद भुविका के लैब हिले.....
भुविका- LORD,bhale hi रोनित ने मुझे जीवित छोड़ दिया ho,par मैंने जो किया hai,uske बाद मुझे जीने का कोई हक़ नहीं है....
मुझे खुदसे घृणा सी हो रही hai...ye ज़िन्दगी मेरे लिए मौत से भी बदतर है....
मई इस लायक तोह nahi,par मेरी आपसे एक प्रार्थना hai,ek निवेदन है....
मई- मई सुन रहा hun,bolo......
भुविका- मुझे मृत्यु दे dijiye...mujhe इस श्रापित जीवन से मुक्ति दे दीजिये.....
जहाँ भुविका की बात सुनकर मेरे चेहरे पर स्माइल आ गयी वहीँ.......
अनलिए- BHUVIKA...ye क्या बोल रही हैं आप????
BHUVIKA-wahi जो सच hai..wahi जो होना chahiye....mai जानती हूँ की तुम्हे मेरी बात बिलकुल अच्छी नहीं लगी पर एक बार बस एक बार मेरी बेहेन के नज़रिये से बाहर निकलकर खुद से ये सवाल करो की......
मैंने जो कृत्या किये hain,uske बाद क्या मुझे जीने का कोई हक़ है???
बिलकुल nahi....hum तोह क्यूरियस वाले हैं ANALIA,WHITE एनर्जी के pratik...wo एनर्जी जो हमे स्वयं परमेश्वर से मिलती है.
अनजाने में hi सही पर ब्लैक एनर्जी को अपनाकर मैंने पहले hi एक बोहोत बड़ा पाप कर लिया है....
और फिर दुष्कर्मी बनकर मैंने उस पाप का भार और बढ़ा लिया hai...ab इस पाप से मुक्ति का सिर्फ एक hi उपाय hai,aur वो है मौत....
अनलिए अपनी बेहेन से बोहोत कुछ कहना चाहती थी पर वो कह ना paayi..wo जानती थी की कहीं न कहीं भुविका सच hi कह रही है..
अनलिए ये भी समझ रही थी भुविका की आत्म ग्लानि इतनी ज़्यादा है की ये ज़िन्दगी उसके लिए मौत से भी बदतर है पर उसी समय पर वो अपनी बेहेन से दूर भी नहीं होना चाहती थी...
और अगले hi पल दोनों बेहेने मेरी तरफ देखने लगी....
एक के आँखों में निवेदन था तोह दूसरे की आँखों में लाचारी और एक इल्तजा की मई उसकी लाचारी को ना सिर्फ समझू पर उससे दूर भी करूँ....
वहीँ मई तोह मुस्कुराते हुए hi दोनों बहेनो को देख रहा tha..unki बातों को सुन रहा tha.aur जब दोनों की baatein,tark वितर्क ख़त्म हुआ और दोनों की नज़र मुझपर गयी तोह.....
MAI-BHUVIKA,naa मई तुम्हारे दिल में उठ रहे ग्लानि के दर्द से अनजान हूँ और नाही तुम्हारे शरीर में उठ रहे बी ब्लैक एनर्जी के दर्द से.....
रोनित जब तुम्हे मार रहा tha,tab भी तुमने खुदके अंदर उठ रहे शैतान के उफान को दबा कर rakha,tumhare पश्चाताप और उसके एहसास में कहा गया हर शब्द सच्चा है और एक ब्लैक एनर्जी का धारक के मन में ऐसी भावना का होना बोहोत बड़ी बात है....
मेरी बातों को भुविका ध्यान से सुन रही थी और बीतते पल के साथ उससे आश्चर्य भी हो रहा था...
और वो इसीलिए क्यूंकि जबसे मैंने बोलना शुरू किया tha,tabse उसके शरीर में उठ रहा असीम दर्द काम होने लगा था...
मेरी बातों से ना सिर्फ उसके शरीर के दर्द से राहत मिल रही थी बल्कि उसके दिल का dard,uski ग्लानि भी उससे काम होती महसूस हो रही थी...
MAI-tum मरना छाती हो पर तुम्हे ये तोह मालुम hi है ना की इस वक़्त तुम्हारा शरीर के अंदर जो ब्लैक एनर्जी hai,uski वजह से तुम भी एक डेविल की श्रेणी में hi आती हो!!!
भुविका ने मेरे सवाल पर हाँ में अपना सर हिलाया....
मई- तोह तुम्हे ये भी पता होगा की जब एक डेविल मरता hai,toh सिर्फ उसका शरीर hi ख़त्म नहीं होता बल्कि उसकी आत्मा तक दम तोड़ देती है...
दम तोड़ते hi वो आत्मा अनंत काल के लिए एक दर्द भरे अँधेरे में गुम हो जाती है जिसमे उससे रौशनी कभी नसीब नहीं होती....
जहाँ भुविका ने एक फीकी मुस्कान के साथ फिरसे हाँ में अपना सर हिलाया वहीँ अनलिए मेरे द्वारा बताई गयी बात को सुनकर अपनी बेहेन के लिए दर गयी...
वो कुछ कहने hi वाली थी की मैंने अपना हाथ आगे कर के उससे बोलने से रोक दिया...
मई- ANALIA,tum भुविका की नियति को बदल नहीं sakti.....iske साथ जो होना hai,wo हर हाल में होकर hi रहेगा....
जहाँ मेरी बात सुनकर अनलिए बोहोत ज़्यादा निराश हो गयी वहीँ पहली बार भुविका के चेहरे पर संतुष्टि के भाव जागे थे....
मई- वैसे तोह आज तक किसी डेविल को ये मौका नहीं मिला है पर मई तुम्हे ये मौका देता हूँ....
BHUVIKA-kaisa मौका???
मई- उस अंधकार को जिसमे तुम्हारी आत्मा सदैव के लिए कैद hogi,usse मरने से पहले hi महसूस करने का.....
और इससे पहले की मेरे बात का मतलब भुविका समझती या कोई प्रतिक्रिया deti,mere हाथ उसकी तरफ उठ गए और ऐसा होने के अगले पल hi.....
धम्म........
इस आवाज़ के साथ भुविका का शरीर नीचे ज़मीं पर गिर गया....
अपनी बेहेन को यूँ अचानक गिरता हुआ देख अनलिए बोहोत घबरा गयी और वो भी तुरंत भुविका के पास बैठ गयी..
अपनी बेहेन को छूटे hi अनलिए को एक झटका laga....aur वो इसीलिए क्यूंकि इस वक़्त भुविका का शरीर एकदम ठंडा था जैसे एक मुर्दे का होता है...
उसने तुरंत भुविका के सर को अपनी गोद में ले लिया और उससे उठाने की कोशिह करने लगी पर कोई फायदा नहीं हुआ...
डरते डरते अनलिए ने मुझे देखा पर मुझसे कुछ पूछने की उसकी हिम्मत नहीं हुई...
अवंतिका और रोनित भी समझने की कोशिश कर रहे थे की ये अचानक मेरे हाथ आगे करने के बाद भुविका को क्या hua??wo गिर क्यों गयी??
पर उन्होंने मुझसे कुछ नहीं pucha..dono hi जानते थे की no भी हुआ hai,wo कुछ hi देर में खुद hi डिस्क्लोसे हो जाएगा....
तोह हुआ ये था की मेरे हाथ आगे करते hi भुविका के शरीर से उसकी स्पिरिट या फिर ये कहूं की उसकी स्पिरिट का ब्लैक part जो की डेविल का tha,wo खींचते हुए बाहर आ गया और बाहर आते hi मैंने उससे उसी अंधकार में भेज दिया जिसमे मरने के बाद हर डेविल का सोल जाता था.....
पर यूँ अचानक भुविका के अंदर से उसकी स्पिरिट के नकारात्मक या फिर ये कहूं की डेविल के part के निकलने की वजह से भुविका का जिस्म बोहोत ज़्यादा कमज़ोर हो गया...
इतना hi nahi,uske दिमाग को भी एक ज़ोर का झटका लगा जिसकी वजह से वो भी डक्टिवे हो गया और नतीजा......
भुविका एक मौत सी बेहोशी में चली गयी थी.......
अनलिए- LORD,kya मेरी बेहेन मुज
हे छोड़कर चली गयी....????
बोहोत देर के बाद अनलिए के मुँह से बस इतनी hi बात निकल पायी...
मई- नहीं....
मेरी बात सुनते hi अनलिए की आँखों में एक चमक आ गयी.....
अनलिए- तोह fir,iska शरीर इतना ठंडा क्यों पढ़ गया है....???
MAI-iske अंदर के डेविल को मैंने जिस दुनिया में भेजा hai,wahan पहुँचने के बाद भी वो अभी तक इससे कुछ हद तक जुड़ा हुआ है...
वो वहां से वापस आना चाहता है या फिर इससे भी अपने साथ उस दुनिया में लेजाना चाहता hai.kamzor hi सही पर उसकी पकड़ की वजह से इसका शरीर किसी मरे हुए इंसान की तरह ठंडा है...
अनलिए- तोह क्या मेरी बेहेन उस अंधकार वाली दुनिया में चली जायेगी....
मैंने कुछ कहा नहीं बस अपना हाथ आगे कर diya..aur अगले hi पल भुविका के शरीर के अंदर का हिस्सा दिखने लगा जिससे देखकर सब शॉकेड हो गए....
दरअसल भुविका के अंदर जो क्यूरियस की वाइट एनर्जी thi,jisse उसके डेविल वाले रूप ने कैद कर लिया tha,wo अब आज़ाद हो चुकी थी..
और धीरे धीरे भुविका के सारे शरीर में फ़ैल रही थी.....
अनलिए- ये सब क्या है???
मई- ये वही एनर्जी है जो तुम्हारे शरीर में हर वक़्त घूमती रहती hai....wahi एनर्जी जिससे तुम क्यूरियस वासियों का जन्म होता है....
ये एनर्जी भुविका के अंदर कैद हो गयी थी जो अब आज़ाद हो गयी है और उसके शरीर में फैले रही hai..jaise hi ये एनर्जी उसके पुरे शरीर में failegi,usse होश आ जाएगा....
मेरी बात सुनकर अनलिए की ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा...
वो बेसब्री से अपनी बेहेन के उठने का इंतज़ार करने लगी....
कुछ देर laga,jaise hi वाइट एनर्जी ने भुविका के सारे शरीर को ghera,uski आँखें धीरे धीरे खुल गयी....
आँख खुलते hi भुविका की नज़र सबसे पहले अपनी बेहेन पर गयी जिससे देखकर उसके चेहरे पर एक मुस्कान आ गयी....
अपनी बेहेन को होश में आता देख अनलिए झट से झुक कर अपनी बहन के गले लग गयी...
कुछ देर तक गले लगे रहने के बाद जब दोनों अलग हुए तोह भुविका की नज़र मुझपर gayi...is वक़्त उसके चेरे पर मेरे लिए आभार के भाव थे....
कुछ देर तक यूँही लेटने के बाद भुविका ने जैसे hi उठने की कोशिश की
अह्ह्ह्ह........
एक दर्द भरी कराह उसके गले से निकल गयी जिससे सुनकर अनलिए घबरा गयी.....
ANALIA-kya हुआ भुविका....????
भुविका- पता nahi,par मेरे पैरों में मुझे ताकत महसूस hi नहीं हो रही...
पैरों में hi kya,mujhe अपने शरीर में कहीं भी कोई शक्ति महसूस नहीं हो रही....
अनलिए- अभी अभी तुम ठीक हुई हो ना isiliye..dekhna,kuch hi देर में तुम पूरी ठीक हो जाओगी.....
मई- nahi....BHUVIKA कभी ठीक नहीं हो सकती.....
इससे पहले की भुविका कुछ kehti,meri आवाज़ सबके कानो में पड़ी जिससे सुनकर सभी शॉकेड हो गए...
ANALIA-kabhi ठीक नहीं हो sakti???par क्यों LORD....????aapne तोह इसके अंदर की ब्लैक एनर्जी निकल दी है naa??toh अब क्या परेशानी है???
मई- वही तोह परेशानी hai...BLACK एनर्जी तोह निकल gayi,par अपने साथ भुविका की शारीरिक शत्कि भी साथ ले गयी...
इतना hi nahi,BLACK एनर्जी के पुरे निकलने जाने की वजह से भुविका का ह्रदय और मस्तिष्क भी कमज़ोर हो गए
हैं जिसकी वजह से कभी भी इसकी मृत्यु हो सकती है...
मेरी बात सुनकर अनलिए घबरा gayi..wo कुछ कहती उससे पहले hi.....
भुविका- पर LORD,BLACK एनर्जी तोह मेरे अंदर कुछ hi समय पहले समायी thi...usse पहले तोह ऐसा कुछ नहीं था फिर भी मई पूरी तरह से स्वस्थ थी.....
MAI-manushya योनि में पैदा होने वाले हर इंसान के अंदर जन्म लेते hi ब्लैक और वाइट एनर्जी के कण उसमे समां जाते hain.sirf क्यूरियस hi एक ऐसा गृह है जहाँ के इंसानो में कोई ब्लैक एनर्जी नहीं होती...
अनलिए- पर LORD,meri बेहेन भी तोह क्यूरियस वासी है ना!!!
मई- पूरी नहीं aadhi....garbh में आने के वक़्त भले hi भुविका क्यूरियस में thi,par उसका जन्म ग्लूटो में हुआ था....
अनलिए और भुविका की माँ के गर्भ के अंदर जो वाइट एनर्जी thi,ASMODEUS के उससे बाहर निकलने की वजह से उस एनर्जी के कुछ कण गर्भ में hi रह गए....
और इसी वजह से भुविका की आतंरिक शक्ति भी ठीक से पनप नहीं पायी और इसी वजह से अपनी बेहेन के मामले में वो सही और गलत का फर्क नहीं कर पाती थी....
वाइट एनर्जी के जितने कानो ने भुविका के रूप में जन्म liya,wo उससे ज़िंदा रखने के लिए काफी नहीं थे पर क्यूंकि भुविका का जन्म ग्लूटो में हुआ जहाँ ब्लैक एनर्जी भी पायी जाती thi,isiliye भुविका की वाइट एनर्जी के साथ वहां की ब्लैक ेनेग्री भी मिल गयी जिसकी वजह से भुविका न सिर्फ बच गयी बल्कि तंदरुस्त भी निकली.....
पर अभी जब मैंने भुविका के अंदर के डेविल और उसकी ब्लैक एनर्जी को nikala,toh उस ब्लैक एनर्जी ने भुविका के जन्म के समय उससे मिले ब्लैक एनर्जी को भी अपने साथ साथ खींच लिया और इसीलिए भुविका की ऐसी हालत हो गयी.....
अनलिए- तोह आप मेरी बेहेन को ठीक कर दीजिये ना LORD....uske शरीर में वाइट एनर्जी के कुछ कण दाल दीजिये....
MAI-mai ऐसा नहीं कर sakta.....mere ऐसा करते hi भुविका की तुरंत मौत हो जायेगी....
अनलिए- पर क्यों LORD???aapki hi ऊर्जा तोह मेरे और हम सब क्यूरियस वासियों के अंदर बह रही hai...jab हमे आप अपनी ऊर्जा दे सकते हैं तोह भुविका को क्यों नहीं....
मई- तुम्हे ये याद रहा की मैंने तुम्हे अपनी ऊर्जा di,par ये याद नहीं रहा की मुझे ऐसा क्यों करना पड़ा था???
श्राप की वजह से तुम सबके अंदर की वाइट एनर्जी ख़त्म हो चुकी thi..tum सबके अंदर सिर्फ ब्लैक एनर्जी hi बची थी जिससे मैंने अपनी ऊर्जा से अपनी वाइट एनर्जी से हटाया था....
पर तुम्हारे बेहेन के अंदर पहले से वाइट एनर्जी hai...wo एनर्जी जो उससे उसके जन्म लेने से पहले hi प्राप्त हुई थी....
इतने सालों से भुविका के शरीर को इतनी hi वाइट एनर्जी की आदत हो गयी hai...isse ज़्यादा अगर कोई ऊर्जा उसके शरीर में समां सकती है तोह वो सिर्फ ब्लैक एनर्जी है...
अगर मैंने अपनी ऊर्जा का हल्का सा भी कण उसके अंदर डाला तोह उसका शरीर उसी वक़्त फैट जाएगा.....
अवंतिका- तोह अब????
मई- अब कुछ nahi...agar भुविका कहे तोह मई उसके शरीर में वापस कुछ मात्रा में ब्लैक एनर्जी दाल सकता hun,isse वो पहले जैसी हो जायेगी.....
इससे पहले की कोई कुछ कहता....
भुविका- nahi......mai मरना पसंद karungi,par दोबारा ब्लैक एनर्जी के कण को छूना तक मुझे गवारा नहीं....
अनलिए- पर BHUVIKA,aise तोह तुम जीवित नहीं रह पाओगी.....
अनलिए ने रट हुए अपनी बात कही.....
भुविका- रो मत मेरी behen...mar तोह मई उसी वक़्त गयी थी जब मैंने अँधेरे के रास्ते को चुना था...
मुझे तोह इस बात की ख़ुशी है की मई पाक साफ़ होने के बाद अपनी आँखें हमेशा के लिए बंद करने वाली हूँ....
LORD,aaj आपने मेरे ऊपर इतने एहसान किये हैं जिससे मई अगले 7 जन्मो तक भी चूका नहीं पाउंगी...
बस एक ख्वाशीष बच गयी hai,aur वो ये की मेरी मौत आपके हाथों ho....isse मेरी आत्मा को मोक्ष मिल जाएगा....
जहाँ भुविका की बात सुनकर ANALIA,aur उसके साथ साथ अवंतिका और यहाँ तक की रोनित तक को बुरा लगा वहीँ मेरे चेहरे पर मुस्कान नाच गयी....
अनलिए- क्या हमारी बेहेन को बचने का कोई तरीका नहीं????
MAI-isiliye मई हमेशा कहता हूँ की बातों को ध्यान से सुनना chahiye..har बात अपने आप में एक पहेली है जिससे सुलझाते hi हमारे सारे परेशानियों का हल मिल सकता है....
किसी को भी मेरी बात समझ नहीं aayi,sabhi ाँहों में सवाल लिए मुझे देख रहे the....par मेरी बातों से सभी के मन में एक उम्मीद की किरण jagi,khaas कर अनलिए के मन में और इसीलिए.....
अनलिए- क्या हमारी बेहेन ठीक हो सकती है???
मई- हाँ भी और नहीं भी.....
किसी को भी मेरी बात का मतलब समझ नहीं आया???
अनलिए- हम समझे नहीं....
MAI-pehle ये बताओ की मैंने भुविका के अंदर जो वाइट एनर्जी की कमी hai,uska क्या कारण बताया था????
भुविका- यही की ास्मोडियस ने मुझे लेजाने के लिए जो गर्भ से वाइट एनर्जी निकली thi,us एनर्जी के कुछ कण जो की मेरे शरीर के लिए the,wo गर्भ में hi रह गए थे....
MAI-hmm.ab ये बताओ की अगर तुम्हारे हिस्से की वाइट एनर्जी गर्भ में hi रह गयी थी तोह फिर वो गयी kahan????aur अब वो कहाँ है???
कुछ देर तक सोचने एक बाद सभी के मुँह से एक साथ निकला....
SAB-ANALIA.........
अनलिए- haan,wo कण तोह मुझमे समां गया hoga....par मुझे इस बात का कभी आभास नहीं हुआ???
मई- पानी में पानी मिलाने से पानी को फर्क नहीं पड़ता अनलिए...
जिस तरह भुविका के शरीर को काम वाइट एनर्जी की आदत हो गयी hai,ussi तरह तुम्हारे शरीर को भी ज़्यादा वाइट एनर्जी की आदत हो गयी है....
पुरे क्यूरियस वासियों में एक तुम hi हो जिसके अंदर मेरी ऊर्जा सबसे ज़्यादा hai...aur इसीलिए hi गॉड ने पुरे क्यूरियस में सिर्फ तुम्हे hi चुना tha,mere सपनो में आने के लिए....
ANALIA-oh....par इससे हमारी बेहेन का क्या सम्बन्ध????
MAI-sambhandh hai....bhale hi तुम्हे तुम्हारे अंदर मौजूद आवशयकता से अधिक ऊर्जा से लाभ नहीं हुआ hai,par तुम्हारी बेहेन को हो सकता है.....
ANALIA-matlab,hume जो अलग से ऊर्जा मिली hai,usse बाहर निकलकर भुविका को दिया जा सकता है...
MAI-urja कोई दूकान में मिलने वाला सामान नहीं hai,jo किसी को भी उठाकर दे दिया जाए और वैसे भी मैंने बताया था ना की भुविका के शरीर में और वाइट एनर्जी को नहीं डाला जा सकता...
अनलिए- फिर हमारी बेहेन हमारी ऊर्जा से कैसे ठीक हो सकती है???
MAI-maine कब कहा की वो ठीक हो सकती है....
पर हाँ उससे तुम्हारी अत्यधिक ऊर्जा से लाभ मिल सकता है....
सब- कैसे????
MAI-BHUVIKA को अपने असली स्वरुप में लौटना होगा....
इस बार भी किसीको मेरी बात का मतलब समझ में नहीं aaya.....par इससे पहले की कोई कुछ पूछता....
MAI-BHUVIKA का या फिर किसी भी क्यूरियस वासी का असली स्वरुप वाइट एनर्जी होता है जो उसके जन्म से पहले उसका असली रूप होता है और मरने के समय भी हर क्यूरियस वासी उसी वाइट एनर्जी के रूप में बदल जाता है....
भुविका को भी अपने इस शारीरिक रूप को त्याग अपने असली रूप वाइट एनर्जी में बदलना होगा.....
जहाँ मेरी बात सुनकर भुविका के चेहरे पर संतोष tha,wahin अनलिए फिरसे उदास हो गयी....
अनलिए- मतलब तोह वही हुआ naa..kisi भी तरह से bhi,par भुविका को मरना तोह पड़ा hi ना....
मई- nahi..jab तक तुम हो भुविका मर नहीं sakti..tum दोनों की मौत एक साथ होगी जिसमे अभी काफी समय है....
अनलिए- मतलब????
MAI-tumhare अंदर मौजूद अलग से जो ऊर्जा है वो असल में तुम्हारी बेहेन का निवास स्थान है....
वाइट एनर्जी में बदलने का बाद भुविका तुम्हारे अंदर समां jaayegi..jab ऐसा होगा तोह तुम्हारे अंदर मौजूद भुविका की ऊर्जा उससे मिल जायेगी....
ऐसा होते hi भुविका हमेशा के लिए तुम्हारे साथ तुम्हारे शरीर के अंदर रह सकेगी......
तुम उससे हमेशा महसूस कर पाओगी जैसा अभी कर पा रही ho..itna hi नहीं तुम उससे बात भी कर सकोगी और ज़रुरत पढ़ने पर एक स्पिरिट का रूप लेकर भुविका कुछ देर के लिए तुमसे बाहर भी आ सकती है जिससे तुम्हे अपनी बेहेन को देखने की इच्छा भी पूरी होती रहेगी....
मेरी बात सुनकर अनलिए और भुविका की ख़ुशी का ठिकाना नहीं raha.....dono के सर मेरे सम्मान में मेरे आगे झुक गए...
अवंतिका और रोनित भी मेरी बात सुनकर खुश हो गए थे....
BHUVIKA-aapne तोह मेरे श्राप को वरदान में बदल दिया LORD....ab मुझे और मेरी बेहेन को कोई भी जुड़ा नहीं कर पायेगा.....
अनलिए- आपका कोटि कोटि धन्यवाद् लार्ड...
मई- तैयार हो भुविका.....
भुविका- jee....par उसे pehle,RONIT.....mai इस काबिल तोह nahi..par मुझे इंतज़ार रैहगा तुम्हारी माफ़ी का.....
ये बोल भुविका ने अपनी आखें बंद की और अगले hi पल....
उसका शिरीर वाइट एनर्जी में बदल गया और हवा में उठ अनलिए के सीने के सामने आकर रूक गया.....
एक सेकंड रूकने के बाद भुविका की एनर्जी अनलिए के शरीर के अंदर प्रवेश कर गयी....
ऐसा होते समय अनलिए की आँखें बंद हो gayi...ANALIA के अंदर जाते hi भुविका की एनर्जी उसके बाकी के अनर्गय के साथ मिल गयी और ऐसा होते hi भुविका अनलिए के साथ हमेशा हमेशा के लिए जुड़ गयी....
भुविका- इस नए घर के लिए धन्यवाद बेहेन....
ये आवाज़ अनलिए के अंदर से आयी थी जिससे सुनकर अनलिए के चेहरे पर मुस्कान नाच गयी...
अनलिए की आँखें अभी भी बंद thi....apni बेहेन को अपने अंदर अचे से महसूस कर जैसे hi अनलिए ने अपनी आखें kholi,wo शॉकेड रह गयी....
reason..is वक़्त वो एअर्थ में नहीं बल्कि अपने गृह क्यूरियस में थी.....
वो कुछ ठीक से समझती तभी......
तुम्हारा कार्य पूरा हुआ ANALIA...AB बाकी का जीवन अपनी बेहेन के साथ अपने गृह में ख़ुशी ख़ुशी बिताओ.....
ये आवाज़ मेरी थी जिससे सुनकर अनलिए और उसके अंदर मौजूद भुविका खुश हो गयी....
मन hi मन मुझे धन्यवाद देते हुए दोनों एक दूसरे में गुथे हुए अपने लोगों के तरफ बढ़ गए......
वहीँ जैसे hi अनलिए गायब हुई....
RONIT-abbe ये कहाँ गायब हो गयी...
मई- उसका काम ख़त्म hua..wo अपने घर चली gayi...ab तुझे भी घर जाना hoga..mujhe और अवनि को कल वाली जगह जाना है....
रोनित- अब पूछूंगा की तुम दोनों कहाँ जा रहे हो तोह तू बताएगा तोह नहीं...
मई- satyavachan....par बोहोत जल्द मई कहाँ गया था और क्यों गया tha,dono hi बातें तुझे पता चल जायेगी.....
और अब bye......
रोनित ने कुछ कहने के लिए मुँह खोला hi था पर फिर उससे अपना मुँह बंद करना पड़ा...
reason..filhal वो उसी पार्किंग में खड़ा था जहाँ से हम यहाँ आये थे...
एक लम्बी सांस लेते हुए वो अपनी बाइक की तरफ बढ़ गया....
वहीँ रोनित को गायब करने के बाद मई भी अवंतिका का हाथ पकड़ा गायब हो गया और अगले hi पल हम दोनों कल वाली जगह पर थे.....
थे ट्विस्टेड डायमेंशन
प्लेनेट- मांसलिकेल
PLACE-ASMODEUS पैलेस
कुछ हुआ है ना फादर.......
ास्मोडियस को स्माइल करता देख बिल्जेबब ने धीरे से उससे पूछा....
जब विक्रम को ास्मोडियस ने गले lagaya,tabhi से बिल्जेबब को ये बात खटक रही थी....
गले लग जब दोनों भाई अलग हुए और फिर जैसे hi विक्रम अपने दोस्तों और भुविका को लेकर गायब hua,toh बिल्जेबब तुरंत अपने सवालों को लेकर ास्मोडियस के पास लपका पर जैसे hi वो ास्मोडियस के करीब gaya,toh चौंक गया...
reason....ASMODEUS के चेहरे पर एक स्माइल thi..ek ऐसी स्माइल जो उसके चेहरे पर तभी आती है जब उसके शातिर दिमाग में कुछ नया उपजा होता है..
जब ास्मोडियस ने कुछ ऐसा कर दिया होता है जिसके बारे में तभी पता चल सकता है जब ास्मोडियस सामने से उसके बारे में खुद बताये.....
अपनी बात कह जिज्ञासा भरी नज़रों से बिल्जेबब ास्मोडियस के तरफ देखने लगा.....
ास्मोडियस- तुम्हे ऐसा क्यों लगा की कुछ हुआ है????
बिल्जेबब- आपके चेहरे पर इस वक़्त दिख रही रहस्यमयी मुस्कराहट की वजह से...
ये भाव अकारण आपके मुख पर कभी नहीं aate..pichli बार ऐसे भाव आपके चेहरे पर तभी आये थे जब विक्रम को क्यूरियस के बारे में पता चला था....
और आपने उनके वहां पहुँचने से पहले hi अपनी चाल चल दी thi..aisi चाल जिसकी वजह से विक्रम का अस्तित्व hi बदल गया था...
आज फिरसे वही मुस्कराहट आपके चेहरे पर hai...aur मुझे ऐसा लग रहा की आपका विक्रम को गले लगाना अकारण नहीं है और कहीं न कहीं ये मुस्कराहट भी उस आलिंगन से जुडी हुई है......
बिल्जेबब की बात सुनकर ास्मोडियस के चेहरे की मुस्कराहट और गहरी हो गयी....
ास्मोडियस- तुमने सही कहा BEELZEBUB...VIKRAM को मैंने अकारण गले नहीं लगाया था....
जब हम दोनों एक दूसरे के गले लगे हुए the,us वक़्त मैंने विक्रम के मस्तिष्क में शैडो वर्ल्ड और वहां फसे समय संचालकों की झलकियां दाल दी थी.....
ास्मोडियस की बात सुनकर बेल्ज़सेबुब शॉकेड हो गया....
बिल्जेबब- पर इससे तोह विक्रम न सिर्फ शैडो वर्ल्ड के बारे में सब जान जाएंगे बल्कि वहां जाकर वो सभी समय संचालकों को आज़ाद भी करा लेंगे...
ास्मोडियस- कुछ देर पहले मेरी मुस्कराहट को देख मेरे योजना का अंदाज़ा लगाकर तुमने एक विद्वान होने का परिचय दिया और अभी बेवकूफों भरी बातें कर फिर से अपने मुर्ख होने का ढिंढोरा पीट रहे हो....
murkh,sawaal पूछने से पहले एक बार सवाल के विषय में तोह सोच लिया करो...
विषय मतलब शैडो WORLD..kya जानते हो तुम शैडो वर्ल्ड के बारे में....
ास्मोडियस की बातों को सुन बिल्जेबब का सर नीचे हो गया था और जब ास्मोडियस ने उससे सवाल किया तोह.....
BEELZEBUB-SHADOW वर्ल्ड आपके खुदकी रचना hai...SHADOW वर्ल्ड वैसे तोह एक गृह है पर असल में वो एक कारागार है....
ASMODEUS-haan.kaaragar..ek ऐसा कारगर जिसके बाहर से अंदर तक जाना भी बोहोत कठिन है....
या फिर ये कहूं की विक्रम को छोड़ कर किसी के लिए भी इस कारगर को ढूंढ तक पाना नामुमकिन है पर अगर विक्रम उस कारागार नुमा गृह को खोज उसके अंदर चला भी जाए तोह वहां से बाहर आना उसके लिए भी नामुमकिन है..
क्यूंकि शैडो वर्ल्ड को सिर्फ बाहर से नियंत्रित कर खोला जा सकता hai,andar से नहीं.....
बिल्जेबब- पर FATHER,agar विक्रम चाहे तोह अपनी शक्तियों का इस्तेमाल कर शैडो वर्ल्ड का विनाश भी कर सकता है..
और ऐसा में तोह विक्रम समय संचालकों को बचा कर वापस एलोप्टुस पहुंचा देगा....
ास्मोडियस- ऐसा नहीं hoga....VIKRAM छह कर भी शैडो वर्ल्ड को ख़त्म नहीं करेगा....
BEELZEBUB-kya मई पूछ सकता हूँ क्यों फादर???
ास्मोडियस ने कुछ कहा नहीं बस अपने सीने के ऊपर हाथ rakha..agle hi पल उसके सेने के बीच एक तेज़ रौशनी हुई और जब रौशनी घाटी तोह ास्मोडियस के हाथ में कुछ था जिससे उसने बिल्जेबब के सामने कर दिया....
बिल्जेबब- परिवर्तक......
ास्मोडियस- haan,PARIVARTAK....
परिवर्तक के अंदर से जो किरणे निकलती hain,in किरणों से जो अदृश्य सेतु बनता hai,usse ब्रम्हांड के हर जीवनयापी गृह जुड़ जाता है.....
विक्रम के शैडो वर्ल्ड में जाते hi मई इस परिवर्तक से निकलने वाली किरणों को ब्रम्हांड के हर गृह से जोड़ दूंगा....
ऐसा होने के बाद विक्रम छह कर भी शैडो वर्ल्ड को ख़त्म नहीं कर पायेगा क्यूंकि शैडो वर्ल्ड के ख़त्म होने के साथ साथ उससे जुड़े होने के कारण सारे गृह भी ख़त्म हो जाएंगे.....
और इसीलिए.........
या तोह विक्रम को अपनी क़ुरबानी देनी होगी या फिर पुरे ब्रम्हांड की.......
आज के लिए इतना HI.......
आपका अपना V.J