फंतासी ऐटिटूड.....( मैजिक + रोमांस )(कम्प्लेटेड) - Page 14 - SexBaba
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फंतासी ऐटिटूड.....( मैजिक + रोमांस )(कम्प्लेटेड)

अब तक आपने पढ़ा की भुविका को बिल्जेबब समय संचालकों के खुद को देने वाली सजा का राज़ बताता है वहीँ अनलिए अवंतिका और रोनित के सामने ये खुलासा करती है की वो विक्रम से प्यार करती है

अब आगे:-

फाइनल CHAPTER

(एंगेल्स सैक्रिफाइस & डेविल्स डेमोलिशन)

अपडेट-99

प्लेनेट- एअर्थ

प्लेस- गार्डन

व्हाट!!!!!!!!

अनलिए की बात सुनकर रोनित इतनी ज़ोर से चीखा की आस पास के लोगों की नज़र भी उसपर चली गयी....

वहीँ अनलिए ने तोह अपनी बात कहकर सर झुका लिया tha.usne अपनी दिल की बात कह तोह दी पर अब उसका वही दिल आगे के अंजाम के बारे में सोच कर ज़ोर जो से धड़क रहा था...

अब अपने प्यार का कॉन्फेशन करना वो भी उस लड़के के लिए जिसकी g.f अभी उसीके सामने कड़ी ho,aur G.F भी kaisi,jiske अंदर इस ब्रम्हांड के लार्ड ऑफ़ एंगेल्स की ऊर्जा तक को खुद में समेटने की शक्ति ho,toh दर लग्न तोह लाज़मनी hi है....

वहीँ इस सन की मुख्या बिंदु मतलब अवंतिका तोह अनलिए के कॉन्फेशन के बाद से hi किसी गहरी सोच में चली गयी थी..

रोनित की चीख तोह जैसे उसने जैसे सुनी hi नहीं थी....

कुछ देर तक अपनी सोच में गुम रहने के बाद जब अवंतिका वास्तविकता में वापस आयी तोह उसका ध्यान और नज़र अनलिए की तरफ गया जो इस वक़्त सर झुकाये कड़ी थी...

अवंतिका को एहसास हो गया की उसके डरने की वजह से अनलिए ने सच तोह बता दिया पर अब वो घबरा रही है....

अवंतिका जानती थी की अनलिए वाइट एनर्जी का एक बोहोत पुराण और रेस्पेक्टेबले शोर्थ है....

वो उस गृह से बिलोंग करती है जिस गृह की अच्छाई पुरे ब्रम्हांड को सकारात्मक ऊर्जा देती hai...isiliye अवंतिका को अनलिए का यूँ उससे डरना अच्छा नहीं लगा....

अवंतिका- ANALIA,tumhe डरने की ज़रुरत नहीं hai....mai तुमसे बिलकुल नाराज़ hun..infact मई खुश हूँ की तुमने डरते हुए hi सही पर अपने दिल की बात सच सच बतादि...

अवंतिका की बात सुनकर जहाँ अनलिए ने चैन की सांस ली वहीँ रोनित के लिए ये दूसरा झटका था...

उससे समझ नहीं आया की अवंतिका अनलिए की बात को इतना कसुआलय कैसे ले रही hai...aur इसीलिए.....

RONIT-AVANTIKA......kuch बात करनी है मुझे tumse...ANALIA......tum यहीं rooko,hum आते हैं....

अब अनलिए क्या kehti...usne चुपचाप हाँ में अपना सर हिला दिया वहीँ अवंतिका समझ रही थी की रोनित उससे क्या बात करना चाहता है और उससे भी रोनित से अकेले में hi या फिर ये कहूं की अनलिए से दूर जाकर hi बात करना ठीक लगा इसीलिए वो और रोनित चलते हुए थोड़ा आगे निकल गए....

रोनित- अरे ु आउट ऑफ़ योर mind...tumhari तबियत तोह ठीक है naa..ya फिर अनलिए की बात का झटका ज़्यादा ज़ोर से लग गया तुम्हे....

अनलिए से कुछ दूर अगर रोनित ने दबी हुई पर स्ट्रेस्फुल्ल आवाज़ में अवंतिका से अपने सवाल पूछे....

पर अवंतिका रोनित के सवाल पर जवाब देने के बजाये है दी...

रोनित- अब तोह सूरे हो गया है की तुम्हारा दिमाग हिल गया hai....saala अब क्या karun,tujhe डॉक्टर के पास भी नहीं लेजा सकता....

तूने इतनी ज़्यादा मात्रा में वाइट एनर्जी का स्टॉक रखा हुआ है की कहीं उसका ज़रा सा भी इम्पैक्ट डॉक्टर को लग गया तोह बेचारा वहीँ निपट जाएगा....

अवंतिका- मार खानी है.....

रोनित- हाँ ये ठीक rahega..mai ना तेरे सर पर ज़ोर से मारता हूँ शायद तब तेरा दिमाग वापस काम करना शुरू कर दे...

अवंतिका- तू क्या बकवास किये जा रहा hai????mera नहीं तेरा दिमाग ठिकाने पर नहीं है....

रोनित- मेरे दिमाग को कुछ नहीं hua...tera दिमाग सही जगह से खिसक गया hai....wahan क्या बोल रही थी तू उससे........

मई तुमसे बिलकुल नाराज़ hun..infact मई खुश हूँ की तुमने डरते हुए hi सही पर अपने दिल की बात सच सच बतादि...

रोनित ने अवंतिका की कही हुई बात इतना मुँह बना बनाकर कही जिससे देख अवंतिका को हसी आ गयी....

रोनित- लो अब है रही hai....arre उसने किसी रैंडम लड़के के लिए अपनी फीलिंग एक्सप्रेस नहीं की तेरे बॉयफ्रेंड के लिए की है....

उसपे भड़कना छोड़ तू उससे इतनी कासुअल होकर बात कर रही hai..teri जगह अगर अंजू........

अंजलि शब्द के आगे बोलने से पहले रोनित कुछ सेकण्ड्स के लिए चुप हो gaya....usse अंजलि का चेहरा याद आ गया था जिससे उससे तकलीफ हुई...

अवंतिका भी इस बात से अनजान नहीं थी पर वो चुप hi rahi...kuch सेकण्ड्स के हालत के बाद अपने इमोशंस को काबू कर रोनित ने अपनी बात आगे बधाई.....

RONIT-agar तेरी जगह अंजू होती और कोई लड़की मुझसे प्यार करने की बात कहती तोह अंजू उस लड़की का मुँह तोड़ देती....

उससे तब तक मारती जब तक उसके दिमाग से प्यार का भूत नहीं उतर जाता...

अवंतिका- यही तोह आप मात खा गए रोनित sir...pyar दिल से किया जाता hai,dimag से नहीं..

प्यार SE,WAAR SE,MAAR SE,HAAR से,

लड़ाई SE,JUDAYI SE,RISHTE में बेवफाई से.....

इन शार्ट किसी भी वजह से प्यार ख़त्म नहीं hota....aur जो ख़त्म हो जाए वो प्यार नहीं होता....

अंजू किसी ऐसी लड़की को मार कर जो तुझे प्यार करती hai,apni फ़्रस्ट्रेशन तोह मिटा सकती thi,par अगर उस लड़की के दिल में सच में तेरे लिए प्यार की भावना hoti,toh अंजू क्या गॉड भी उस भावना को उसके दिल से निकल नहीं पाते....

रोनित अवंतिका की बात बड़े ध्यान से सुन रहा tha..bol तोह अवंतिका hi रही thi,par रोनित को फिरसे ऐसा लग रहा था जैसे उसके सामने उसका दोस्त खड़ा होकर अपनी बात रख रहा है...

वही confidence,wahi solidity,wahi tarika..is वक़्त रोनित को अवंतिका और V.J दो नहीं बल्कि एक लग रहे थे और इसीलिए.....

रोनित- आज कल जब भी तुझसे बात करता हूँ समझ में नहीं आता की मेरे सामने तू hi है या फिर तेरा रूप लिए V.J खड़ा है...

अवंतिका- मई और V.J तोह एक hi हैं...

रोनित- exactly.....aur इसीलिए तोह पूछ रहा हूँ की क्या तुझे ये जानकार बुरा नहीं लगा की अनलिए भी V.J से प्यार करती है....

अवंतिका- तू बचपन से hi अंजू से दिल hi दिल में प्यार करते आया है ना....

अवंतिका की बात सुनकर पहले तोह रोनित चौंका पर फिर उससे याद आया की V.J की ऊर्जा जो की इस वक़्त अवंतिका के ेनद्र hai,uski वजह से अवंतिका को V.J और उससे जुडी उसकी पुराणी यादों के बारे में सब कुछ पता होगा.....

रोनित- हाँ.. पर उससे मेरे सवाल का क्या लेना देना....!!!!????

अवंतिका- लेना देना hai....tu पहले ये बता की जब तुझे ये पता था की बचपन में अंजलि के दिल में V.J के लिए फीलिंग्स thi,ye जानने के बाद भी क्या तेरे दिल में अंजू के लिए फीलिंग्स थी...???

रोनित- हाँ thi....sirf इसीलिए क्यूंकि अंजलि के मन में मेरे लिए उस वक़्त फीलिंग्स नहीं thi,mai क्यों अपनी फीलिंग्स........

रोनित अपनी बात पूरी karta,usse पहले hi उसके दिमाग में अवंतिका के सवाल पूछने का मकसद क्लिक कर गया और इसीलिए वो बोलते बोलते रूक गया.....

अवंतिका- तू क्यों अपनी फीलिंग्स dabayega...yahi कहना चाहता था ना????

रोनित ने हाँ में अपना सर हिलाया..

अवंतिका- ठीक वैसा hi केस अभी भी तोह है naa...V.J मुझसे प्यार करता hai,mai उससे प्यार करती हूँ...

पर इसका ये मतलब तोह नहीं है ना की किसी थर्ड पर्सन के मन में हम दोनों में से किसीके लिए फीलिंग्स नहीं आ सकती...

अब अनलिए के मन में V.J के लिए फीलिंग्स है तोह hai...ANALIA hi kyun,najaane कितनी hi लड़कियां होंगी जिनके मन में V.J के लिए फीलिंग्स होंगी....

तोह क्या मई सबसे जाकर लड़ती rahun..unki फीलिंग्स hai,wahi डील karen,mujhe क्या???

रोनित- और अगर कभी ऐसा हुआ की V.J के मन में भी किसी और ने घर कर लिया toh!!!aise में क्या तू कम्फर्टेबले फील कर पाएगी...

क्या उस लड़की को एसेप्ट कर पाएगी???

AVANTIKA-V.J सिर्फ मेरा है RONIT...sirf mera.....hamari जोड़ी बेशक गॉड ने बनायीं hai,par अगर अब वो खुद भी चाहे तोह इस जोड़ी को ना तोह तोड़ सकता है या फिर किसी थर्ड पर्सन को बीच में लाकर ट्विस्ट पैदा कर सकता है...

एंड ु क्नोव why???kyunki मोहोब्बत खुद अपने आप में खुदा hai...jo सिर्फ दो लोगों के बीच पनपता है...

रोनित- और अगर कोई तीसरा बीच में आ गया तोह!!!

अवंतिका- फिर वो मोहोब्बत कहा rahi...wo तोह हवस हो gayi....fir चाहे जैसा भी एक्सप्लनेशन दो अपने पॉइंट को प्रूव करने के liye,wo फीलिंग कुछ भी हो सकती है पर मोहोब्बत नहीं हो सकती.....

(ऐटिटूड गाइस)

रोनित- wow....kya बात है....

अवंतिका- अब chalen..wo बेचारी कब से अकेली कड़ी है....

रोनित- हाँ chal..par यार एक बात अब भी समझ नहीं aayi???!!!!tune बताया था की तुम दोनों बोहोत काम वक़्त तक क्यूरियस में रहे थे...

और जहाँ तक मई अंदाज़ा लगा सकता hun,us काम वक़्त में भी V.J ने इस लड़की के साथ पर्सनली अकेले में कोई क्वालिटी टाइम तोह बिताया नहीं hoga...fir इससे V.J से प्यार कैसे हो गया????

अवंतिका- ये तोह मई भी जानना चाहती hun....chal उसीसे पूछते हैं.....

जब से वो दोनों गए the,ANALIA की नज़र उन पर hi thi...is वक़्त भी वो उन दोनों को hi देख रही थी...

आपस में बात करते हुए अवंतिका और रोनित अनलिए के पास पहुँच गए....

अनलिए- आप हमसे नाराज़ नहीं हैं....

अवंतिका के सामने आते hi अनलिए ने उससे सवाल किया???

अवंतिका- नहीं....

अनलिए- क्या हम जान सकते हैं kyun???aap तोह लार्ड से प्यार करती हैं ना...

रोनित- नहीं तुम नहीं जान sakti..actually तुम जान तोह जाओगी पर समझ नहीं paaogi..ye ऐसे ऐसे भारी भरकम लॉजिक के बॉल फेकेगी की समझने से पहले hi तुम आउट हो जाओगी...

इससे पहले की अवंतिका अनलिए को जवाब देती रोनित बोल पड़ा जिससे सुनकर जहाँ अवंतिका है पड़ी वहीँ अनलिए को कुछ समझ नहीं आया...

अनलिए- हम समझे नहीं.....

रोनित- समझा भी दें तोह भी समझ नहीं पाओगी इसीलिए जाने दो...

अनलिए को रोनित की बात भी समझ नहीं आयी पर फिर भी उसने अपनी मुंडी हाँ में हिला दी....

अवंतिका- ाचा अनलिए ये बताओ की तुम्हे विक्रम से प्यार कब hua???mera मतलब है हम तोह कुछ hi देर तक तुम्हारे गृह में थे और उस वक़्त भी विक्रम ने तुम्हारे साथ बिलकुल वक़्त नहीं बिताया था फिर तुम्हारे मन में उसके लिए इतने गहरे जस्बात कैसे पैदा हुए????

अनलिए- ये तोह हम भी नहीं jaante..jab हमने पहली बार उन्हें देखा तभी से हमे उनके प्रति एक बारी एहसास महसूस hua..jitne वक़्त तक वो हमारे गृह में the,shraap की वजह से हमे जो दर्द होता tha,wo भी हमे महसूस नहीं हो रहा था....

फिर जब वो चले गए तोह हमारे ह्रदय में एक तीस सी uthi..unke जाने के कई दिनों बाद तक भी जब हम सिर्फ उन्ही के बारे में सोचते रहे तब हमे एहसास हुआ की हम उनसे प्रेम करने लगे हैं...

हम उनसे आपको छीनना नहीं चाहते hain..hum तोह बस उनसे मिलकर एक बार उन्हें अपने ह्रदय की बात कहना चाहते हैं..

अवंतिका- cheenana!!!!koi मुझसे विक्रम को नहीं छीन सकता अनलिए क्यूंकि विक्रम से hi मई हूँ और मुझसे hi विक्रम है....

हम दोनों का वजूद hi एक दूसरे से मिलकर पूरा होता hai..rahi बात तुम्हारे जस्बातों की तोह वो तुम बेशक विक्रम से कह सकती हो..

मई तुम्हे नहीं रोकूंगी पर अभी nahi..abhi विक्रम उस हालत में नहीं है की तुम्हारे kya,kisi के भी जस्बात को समझ सके....

अनलिए- क्या हम उनसे मिल सकते हैं...???

अवंतिका- हाँ bilkul....par अभी nahi..abhi रात हो गयी hai..abhi उसके घर जाना ठीक नहीं होगा...

तुम एक काम karo,mere साथ मेरे घर chalo,kal सुबह हम विक्रम से मिलने उसके घर जाएंगे...

अवंतिका की बात अनलिए ख़ुशी ख़ुशी मान गयी....

अवंतिका- चल फिर कल मॉर्निंग 10 बजे V.J के घर में मिलते हैं....

रोनित- ठीक hai..aur सुन इससे V.J के बारे में बता देना..

अनलिए- लार्ड के बारे में और क्या बताना hai..unki ऊर्जा उनसे छीन गयी hai,ye तोह आप हमे बता hi चुकी हैं....

अवंतिका- यहाँ से chalo..batati हूँ...

रोनित को bye बोल अवंतिका और अनलिए गार्डन से बाहर निकल कार के पास आ गए...

अवंतिका- बैठो.....

अनलिए- ये क्या वास्तु है.....???

अनलिए ने कार की तरफ ऊँगली दिखते हुए कहा...

अवंतिका- ये कार hai..ek तरीके का वाहन...

अनलिए- अरे waah..par इसका पशु कहाँ हैं....

अवंतिका- pashu!!!wo किसलिए????

अनलिए- इससे चलने के लिए....

अवंतिका- इससे चलने के लिए किसी पशु की ज़रुरत नहीं पड़ती...

अनलिए- फिर ये कैसे चलता है????

अवंतिका- baitho,batati हूँ....

अनलिए और अवंतिका कार में बैठ gaye..AVANTIKA ने कार स्टार्ट करके आगे बढ़ा दी...

अनलिए बड़े जिज्ञासा से कार के हर चीज़ को छू छू कर देख रही thi...AVANTIKA ने उससे कार के बारे में सब कुछ बताया जिससे सुनकर अनलिए शॉकेड हो गयी...

कुछ देर तक यूँही इधर उधर की बात करने के बाद अनलिए को अचानक रोनित की कही बात याद आयी...

अनलिए- वो रोणितजी किस बारे में बात कर रहे थे???

AVANTIKA-darasal बात ये है की V.J की ऊर्जा छीनने की जो वजह है उसकी वजह से V.J के बेहेवियर मेरा मतलब उसके स्वाभाव में बदलाव आया है..

वो सीधी तरह किसी से बात नहीं karta...har बात का उल्टा hi जवाब देता है इसीलिए अगर तुम्हारे साथ भी वो ऐसा बर्ताव करे तोह दिल पर मत लेना.....

अनलिए- वो हमारे संकट हारता hain...bhala उनकी बात का हम बुरा कैसे मान सकते हैं.....

अवंतिका- गुड then..toh chalo,pehle तुम्हारे लिए कुछ कपडे ले लेते हैं....

अनलिए- क्यों हमारे कपड़ों में क्या खराबी है....

अवंतिका- खराबी कुछ नहीं hai..bas ये कपडे हमारी दुनिया में फिट नहीं बैठते...

दरअसल अनलिए ने एक वाइट लम्बा गाउन के जैसे ड्रेस पहना हुआ था और इस कपडे में उससे घर लेजाना अवंतिका को ुनप्प्रोप्रिएट लगा....

इसीलिए सबसे पहले अवंतिका अनलिए को लेकर एक बुटिके गयी और अनलिए के लिए कुछ ड्रेसेस ख़रीदे...

अनलिए- ये आपने कैसे कैसे वस्त्र खरीदें हैं हमारे liye...hume बिलकुल पसंद नहीं आये....

अवंतिका- तुम यहाँ की नहीं हो इसीलिए ऐसा कह रही ho..par यहाँ के लोग ऐसे hi कपडे पेहेनते हैं...

और जब तक तुम यहाँ हो तब तक तुम्हे भी यहाँ के लोगों की hi तरह कपडे पहनने पड़ेंगे.....

ड्रेसेस लेने के बाद अवंतिका ने रास्ते में अनलिए को बता दिया था की वो उसके घर में ज़्यादा किसीसे बात ना kare....bas इतना बताये की वो अवंतिका के किसी फ्रेंड की बेहेन है जो मुंबई घूमने आयी है.....

अवंतिका- अरे मई तोह भूल hi gayi,tum तोह सुबह से यहाँ हो naa...kuch खाया भी नहीं होगा tumne....aur तुम तोह कौरीन फल को छोड़कर कुछ खाती भी नहीं ho....ab क्या करें???

अनलिए- चिंता मत kijiye..waise तोह हम क्यूरियस वासी दिन में दो बार फल का सेवन करते हैं किन्तु एक बार फल खाने के बाद हम सब एक माह तक बिना कुछ खाये रह सकते हैं...

अवंतिका- really...!!!!ek महीने तक नहीं खाने से भी तुम्हे कुछ नहीं होगा!!!!

अनलिए- हमारे शरीर की ऊर्जा थोड़ी काम हो jaayegi...par ये कोई बड़ी बात नहीं hai....hum ठीक रहेंगे....

अवंतिका मन में- उम्मीद है की V.J जल्दी ठीक हो जाए.....

अनलिए को दोबारा अपने घर में क्या कहना है ये समझा कर अवंतिका उससे लेकर अपने घर pahunchi...jaisa की सोचा था अवंतिका ने अनलिए को इंट्रो अपने घर में अपने फ्रेंड की बेहेन के रूप में बताया...

अनलिए की लैंग्वेज शुद्ध हिंदी थी जिससे सुनकर घरवालों को पहले तोह अजीब लगा पर जब अवंतिका ने बताया की अनलिए बचपन से hi आयुर्वेद पढ़ रही है और उसी वजह से उसकी लैंग्वेज इतनी स्ट्रांग हो गयी है तोह सब नार्मल हो गए...

शनाया भी बोहोत जल्दी अनलिए से घुल मिल gayi....dono चित चाट करने में लग गयीं...

अवन्तिकास रूम

शनाया- वैसे babes...tu है बड़ी ब्यूटीफुल....

अनलिए- BOOTYFULL.arthath.....!!!

अनलिए के मुँह से ब्यूटीफुल सुनकर शनाया के साथ साथ अवंतिका भी है दी....

शनाया- ब्यूटीफुल नहीं beautiful..matlab ख़ूबसूरत.....

अनलिए- ohh..waise सुन्दर तोह आप भी बोहोत hain..mai तोह कहूँगी की आप सुंदरता की परिकाष्ठा हैं...

और हो भी क्यों naa,aap अवन्तिकाजी की बेहेन जो हैं.....

शनाया- परिकाष्ठा अस in...???matlab???

अवंतिका- परिकाष्ठा मतलब लास्ट level...what शी मीन्स तो से इस तहत ु हैवे थे लास्ट लेवल ब्यूटी....

शनाया- ओह really...!!!thank ु बेब्स...

अवंतिका- एक दूसरे की तारीफ़ हो गयी हो तोह सो jaayen...kaafi लेट हो गया है...

शनाया- आल राइट then...good नाईट गर्ल्स...

अवंतिका- गुड नाईट....

अनलिए- शुभरात्रि.......

जहाँ अनलिए और शनाया तुरंत सो गए वहीँ रोनित अपने दोस्त की और अवंतिका अपने प्यार को ठीक करने की कुछ देर तक दुआ करते रहे और फिर दोनों ने अपनी अपनी आखें बंद कर ली इस बात से अनजान की कल कहानी फिरसे घूमने वाली है....

प्लेनेट- क्रॉस वर्ल्ड

PLACE-INSIDE केव

सइकिलोस ेपिताफ,

सइकिलोस ेपिताफ.........

ऐकोन इ लिथोस

एमी तिथेसि में

सइकिलोस ऐंठा

नेम्स अथाणतो

सीमा पोलुखरोनिओं.

ानौ लुपो,

इन्हे जेन एनआईटी

डीओनीसियस ऑफ़ आ

ास्मोडियस.....

ास्मोडियस......

ास्मोडियस.....

ब्लैक OPOSTLES.......jo की इस वक़्त एक बड़े से क्यूब को जिसमे से अलग अलग रंग की रौशनी निकल रही thi,usse चारों तरफ से घेरे एक अन्सिएंट लैंग्वेज में

इस गाना को ज़ोर ज़ोर से गए रहे थे..

या फिर ये कहूं की ये साथ ब्लैक ोपोस्टल्स काफी वक़्त से इस गाने को गए रहे थे....

(ब्लैक ोपोस्टल्स के बारे में जानने के लिए अपडेट 17 पढ़े)

गाना ख़त्म होते hi वो सब कुछ देर तक अपने हाथों उस क्यूब के सामने रखते थे मानो आग की तरह उस क्यूब से अपने हाथों को सीख रहे हों और कुछ देर बाद वापस अपने दोनों हाथ फैला कर एक दूसरे के कांडों में रख झूमते हुए वो दोबारा इसी गाने को गाना शुरू करते थे...

अभी अभी उनका गाना ख़त्म हुआ था और वो साथ ोपोस्टल्स अपने हाथ आगे कर क्यूब के सामने किये हुए थे...

कुछ देर तक ऐसा करने के बाद जैसे hi उन्होंने अपने अपने हाथ वापस खींच एक दूसरे के कन्धों पर रखे ताकि दोबारा गाना शुरू कर सकें तभी......

क्या वो तैयार है?????

ये आवाज़ पुरे केव में गूंज gayi..awaaz के गूंजते hi सातों डार्क ोपोस्टल्स जिनकी पीठ आवाज़ के तरफ thi,wo घूम गए..

पर उन्होंने अपने सामने खड़े आवाज़ के मालिक को नहीं देखा या फिर ये कहूं की देखने की कोशिश तक नहीं की...

पलटतेह hi वो सेवन डार्क ोपोस्टल्स अपने घुटनो पर झुक गए जिससे ये साफ़ पता चल रहा था की उन्हें पता था की उनके सामने कौन खड़ा था....

HI हाईल ास्मोडियस......

उस गुफा के अंदर उन सेवन डार्क ोपोस्टल्स की आवाज़ एक साथ गुंजी....

अपने लार्ड को ग्रीट करने के बाद वो सब दोबारा क्यूब की तरफ मूड गए और एक बार फिरसे उसके सामने अपना हाथ किया..

पर इस बार उन सब के क्यूब के सामने हाथ करते hi वो क्यूब हवा में उठ गया और वैसे hi हवा में तैरता हुआ वो क्यूब ास्मोडियस के पास पहुँच रूक गया...

OPOSTLES-YE तैयार है.....

क्यूब के रूकते hi एक बार फिरसे उस गुफा में उन ोपोस्टल्स की आवाज़ गूंज उठी....

जहाँ ास्मोडियस की आँखों में उस क्यूब को देखकर एक चमक थी वहीँ उसके साथ आये बिल्जेबब की आँखों में ढेर सारे सवाल थे....

दरअसल बिल्जेबब पहले भी कई बार क्रॉस वर्ल्ड आ चूका है पर फिर भी दो चीज़ों से अब तक अनजान है...

पहली तोह ये की क्रॉस वर्ल्ड है kahan????BEELZEBUB को इस ब्रम्हांड के हर ब्लैक और वाइट वर्ल्डस के बारे में पता है पर वो आज तक ये नहीं जान पाया की क्रॉस वर्ल्ड है कहाँ...???

जितने बार भी वो यहाँ आया hai,ASMODEUS के साथ hi आया है या फिर ये कहूं की ास्मोडियस hi उसको हर बार यहाँ लेकर आया है...

हर गृह तक पहुँचने के लिए जिन गृह बिंदुओं से होकर गुज़ारना होता hai,CROSS वर्ल्ड तक पहुँचने के लिए बिल्जेबब को वो गृह बिंदु कभी दिखे hi नहीं...

उसने बोहोत कोशिश की यहाँ आने के मार्ग के बारे में पता लगाने की पर कभी लगा नहीं पाया...

और दूसरी बात है खुद डार्क OPOSTLES....DARK ोपोस्टल्स की हक़ीक़त से बिल्जेबब अब तक अनजान hai...usse बिलकुल भी आईडिया नहीं है की ास्मोडियस के ये सेवन डार्क ोपोस्टल्स आखिर हैं क्या चीज़....???

दरअसल डार्क ोपोस्टल्स बिल्जेबब के जन्म के पहले से hi ास्मोडियस के साथ hain...jab से बिल्जेबब ने डार्क ोपोस्टल्स को देखा hai,tabhi से वो उनके बारे में सब कुछ जानना चाहता है....

और ख़ास कर आज जो सांग डार्क ोपोस्टल्स गए रहे the,usse सुनकर उसकी जिज्ञासा और बढ़ गयी थी....

एक्चुअली पुरे सांग के बारे में nahi,bas सांग में इस्तेमाल हुआ पहले दो वर्ड के बारे में बिल्जेबब जानना चाहता था....

क्यूंकि पहले दो वर्ड्स के बाद जो सांग डार्क ोपोस्टल्स गए रहे थे वो बिल्जेबब पहले भी कई बार सुन चूका था, वो जानता था की वो सांग एक ब्लैक एनर्जी ऑब्ज़र्वर है...

वो सांग असल में एक ेंचन्त्मेन्त hai,ek ब्लैक स्पेल है जिसके उच्चारित होते hi ब्रम्हांड में फैली हर burayi,har नेगेटिव एनर्जी की पावर ास्मोडियस को निरंतर मिलती रहती है....

पर आज उस सांग में दो वर्ड्स ऐड हुए the,(Seikilos epitaph)jisse उच्चारित करने के बाद hi डार्क अपोस्टल्स सांग गए रहे थे.....

बिल्जेबब इसी बारे में जानना चाहता था पर उससे लग रहा था की अगर वो ास्मोडियस से कुछ पूछेगा तोह हर बार की तरह ास्मोडियस उससे ताल देगा..

पर मन की अधीरता का क्या karen,ye ज़ुबान को खोल hi देती hai...BEELZEBUB ने एक बार फिरसे ास्मोडियस से क्रॉस वर्ल्डस ka,DARK ोपोस्टल्स का और सांग से पहले उच्चारित हुए उन दो वर्ड्स का मतलब जानने की सोची....

वो कुछ पूछने hi वाला था की.....

ASMODEUS-VAKAM जायँ प्रकटम

हिडन लाइफ अप्पेअर

ास्मोडियस के स्पेल बोलते hi उसके सामने हवा में रूका क्यूब जिससे अलग अलग कोर्स की रोशनियां निकल रही thi,wo रोशनियां और तेज़ चमकने लगी....

कुछ देर तक यूँही तेज़ चमकने के बाद वो क्यूब दो भागों में बाटने लगा.....

क्यूब के बीच तीन वाइट रेज़ थी जिससे देखकर बिल्जेबब शॉकेड हो गया...

रीज़न- उन वाइट रेज़ में बोहोत अधिक मात्रा में वाइट एनर्जी थी जिससे बिल्जेबब फील कर पा रहा था...

भुविका की वजह से अब बिल्जेबब भी वाइट एनर्जी को आराम से झेल लेता था वर्ण जितनी मात्रा में उन वाइट रेज़ में वाइट एनर्जी thi,agar पहले वाला बिल्जेबब होता तोह दर्द की अत्यधिकता से बेहोश हो चूका होता.....

khair,jaise hi वो वाइट रेज़ उस क्यूब के बीच से बाहर nikle,CUBE वापस जुड़ गया...

वो तीनो वाइट रेज़ हवा में तैरते हुए ास्मोडियस की तरफ आये...

ास्मोडियस ने अपना एक हाथ आगे कर दिया था जिसके ऊपर वो तीनो वाइट रेज़ आकर रूक गयी...

प्रवेशं

एंटर.....

ास्मोडियस के दोबारा स्पेल बोलते hi वो तीनो रेज़ एक के बाद एक ास्मोडियस के अंदर चले गए.....

जैसे hi तीनो रेज़ ास्मोडियस के अंदर gaye,ASMODEUS को उस जगह पर जहाँ से रेज़ अंदर गए the,ek झटका लगा पर उसने प्रत्यक्ष में कुछ भी ज़ाहिर नहीं होने दिया...

ास्मोडियस ने अपना हाथ आगे kiya...wo क्यूब वापस हवा में तैरता हुआ वापस अपनी जगह पर चला गया....

ास्मोडियस- तुम सब को पता है की तुम्हे क्या करना है???

डार्क ोपोस्टल्स ने ास्मोडियस की बात सुन अपना सर हाँ में हिलाया और अगले hi पल.....

सारे डार्क ोपोस्टल्स एक के बाद काले धुंए में तब्दील होकर उस क्यूब में सामने लगे..

कुछ hi पलों बाद उस गुफा में ास्मोडियस और उसके बेटे के अलावा और कोई नहीं था...

ास्मोडियस- तुम कुछ पूछने वाले थे???

बिल्जेबब जो ाख्ने फाड़े जो भी हुआ उससे समझने की कोशिश कर रहा tha,ASMODEUS की आवाज़ सुनकर अपनी सोच से बाहर आया...

बिल्जेबब- haan,kya,haan...wo फादर दरअसल मई.....

ास्मोडियस- इस गृह के बारे me,DARK ोपोस्टल्स के बारे me,wo जो गए रहे थे उसके आगे वो जो नए दो शब्द का प्रयोग कर रहे the,uske बारे me,mere अंदर सामने वाली तीनो ऊर्जा के बारे me,DARK ोपोस्टल्स क्यूब के अंदर क्यों gaye,yahi सब जानना चाहते हो ना....

बिल्जेबब- यस फादर.....

ास्मोडियस- ये जानते हुए भी की तुमने पहले भी कई बार इस गृह और डार्क ोपोस्टल्स के बारे में मुझसे पूछा है पर आज तक मैंने तुम्हे ना तोह तुम्हे इस गृह के बारे में कुछ बताया है और ना hi डार्क ोपोस्टल्स के बारे में....

ास्मोडियस की बात सुनकर बिल्जेबब निराश हो gaya....usse लगा की आज भी ास्मोडियस उससे कुछ नहीं बताएगा....

ास्मोडियस- इस गृह के बारे में तोह मई तुम्हे कुछ नहीं बता सकता पर haan,tumhare मन में उमड़ रहे कुछ सवालों के जवाब देकर तुम्हारी जिज्ञासा को कुछ काम ज़रूर कर सकता हूँ....

ास्मोडियस की बात सुनकर बिल्जेबब की आँखों में चमक आ गया....

ASMODEUS-Seikilos epitaph.....yahi वो दो शब्द हैं जो मेरे ोपोस्टल्स गाने से पहले बोल रहे थे....

उन दो शब्दों का मतलब पावर थे क्यूब hai....us गाने के बारे में तोह तुम जानते hi ho....wo गाना असल में एक ऐसा मंत्र है जिससे मेरी शक्तियों में निरंतर इज़ाफ़ा होता है...

पर अगर उस गाने को या फिर ये कहूं उस ेंचन्त्मेन्त को बोलने से पहले अगर सइकिलोस ेपिताफ इन शबों का इस्तेमाल किया जाए तोह इस ब्रम्हांड की साड़ी काली और सफ़ेद ऊर्जा के कण उस क्यूब में समाते hain,jisse वो और सशख्त बन जाता है....

BEELZEBUB-par kisliye...aur उस क्यूब को शशक्त करने की क्या आवशयकता है???

ास्मोडियस- सही समय आने do..pata चल जाएगा.....

BEELZEBUB-aur वो वाइट रेज़ जो उस क्यूब से निकलकर आपमें samayi..wo क्या थी???

ास्मोडियस- उसका उत्तर भी मई तुम्हे अभी नहीं दे sakta..par haan,itna बता सकता हूँ की उन तीनो रेज़ में से एक रे तुम्हारे लिए थी....

ास्मोडियस की बात सुनकर बिल्जेबब चौंका....

बिल्जेबब- मेरे लिए matlab???aur अगर वो मेरे लिए थी तोह आपने मुझे क्यों नहीं दी...

ास्मोडियस- सूर्य की kirane..usse मिलने वाला प्रकाश भी हर किसीका होता है किन्तु क्या कोई भी सूर्य को अपने पास रख सकता है???

nahi...wo जल jaayega...thik वैसे hi वो रे तुम्हारे लिए ज़रूर है किन्तु तुम उससे झेल नहीं पाओगे...

BEELZEBUB-kintu वो है क्या???

ास्मोडियस- अगर बताना होता तोह क्या मई सब कुछ एक साथ नहीं बता deta???us रे के बारे में जानने का भी अभी सही समय नहीं आया है....

बिल्जेबब- और डार्क ोपोस्टल्स के बारे me..kya उनके बारे में मई जान सकता हूँ...

ास्मोडियस- डार्क ोपोस्टल्स मेरी शक्ति के रखवाले hain...unhi के माध्यम से मेरी शक्ति बढ़ती है...

बिल्जेबब- ये तोह मई जानता hun..mai ये जानना चाहता हूँ की डार्क ोपोस्टल्स असल में हैं kaun??mera मतलब है की ब्रम्हांड में फैली काली ऊर्जा के साथ साथ सफ़ेद ऊर्जा भी मौजूद है....

आपने hi बताया था की पहले सिर्फ सफ़ेद ऊर्जा thi...KAALI ऊर्जा का निर्माण तोह आपने किया hai..aur वो भी सफ़ेद ऊर्जा के भीतर से...

मनुष्य के मन में पनपने वाले पाप के कारण उनकी सफ़ेद ऊर्जा के अंदर काली ऊर्जा पैदा होती है...

किन्तु वो रहती तोह सफ़ेद ऊर्जा के भीतर hi hai...un सफ़ेद ऊर्जा के भीतर से काली ऊर्जा को निकलना आपके सिवा और किसी से कैसे संभव हो सकता है???

ास्मोडियस जो की बिल्जेबब के सवाल को पहले से जानता था पर फिर भी अपने पुत्र के सवाल की ख़त्म होने की प्रतिसक्षा कर रहा tha...aur जैसे hi बिल्जेबब का सवाल ख़त्म hua,ASMODEUS ने अपना राइट हैंड सामने हवा में घुमाया...

और अगले hi पल हवा में एक दृश्य दिखने लगा या फिर ये कहूं की डार्क ॉपपोस्टल्स की सच्चाई दिखने लगी जिससे देखकर बिल्जेबब को अब तक का सबसे बड़ा झटका laga....wo एक तक अपने फादर को देखने लगा....

जो दृश्य बिल्जेबब ने देखा था और हजम करने की कोशिश कर रहा था, उसी दृश्य को ास्मोडियस ने बोल कर कन्फर्म किया....

ास्मोडियस- ब्रम्हांड के आरम्भ में डार्क ोपोस्टल्स भी मेरी HI तरह एंगेल्स थे....

आज के लिए इतना HI......

आपका अपना V...J.....
 
किस बेस पर आप इस बात को बोल रहे हैं बरोथेर... जिस अंश की आप वाट कर रहे हैं वो गॉड के अंश से hi तोह लड़ रहा है.. गॉड तोह बीच में आये hi nahi...jab गॉड से टक्कर hi नहीं हुई तोह गॉड से भी ज़्यादा शक्तिशाली मैंने कब किसीको दिखाया...

इनफैक्ट 2 सीन्स में जिसमे से एक में सत सेबेस्टियन और दूसरे में अलेक्सांद्र ने भी ास्मोडियस को गॉड के आगे जीरो वताया है.. और ास्मोडियस खुद भी इस बात को जानता है....

और रहो बात आचायी की और बुरायी की तोह क्या कहानी ख़त्म हो चुकी है???? नहीं naa.haan अभी तक ास्मोडियस विक्रम से ज़्यादा ताकतवर दिखाया गया है और आगे भी वही ज़्यादा ताकतवर रहेगा.. क्यूंकि उसने अपनी ताकत के लिए म्हणत की है.... रास्ता कोई भी हो पर उसके म्हणत का असर तोह रहेगा hi.. सिर्फ इसीलिए क्यूंकि विक्रम गॉड का बीटा hai,mai उससे ास्मोडियस से आगे दिखा dun,ye बेवकूफी होगी और कुछ नहीं....

ास्मोडियस भी तोह गॉड का hi बीटा है ... bhai,bhale hi कहानी मैजिक की है पर बिना लॉजिक के मैंने कुछ भी नहीं दिखाया है पर अफ़सोस आपने मेरे द्वारा दिखाए गए दुनिया को समझा hi नहीं और कमेंट कर दिया...

एक बात aur,achayo हो या burayi..achayi का रत लगाने से बुराई नहीं haarti...jiske फैसले में ज़्यादा जूनून और ख्वाहिश hogi,wahi jeetega....kyunki उसी को जीतना चाहिए....
 
बात वही है बरोथेर बस गोल गोल घूम रही hai..kis अंश की बात कर रहे हैं आप..

गॉड के दो अंश hain.ek ास्मोडियस और दूसरा VIKRAM.....ASMODEUS फ़िलहाल विक्रम से ज़्यादा बुद्धिमान hai,shaktishaali है इसीलिए आगे है...

और रही बात गॉड की तोह चलिए मई आपको एक लॉजिक के थ्रू समझाने की कोशिश करता हूँ...

राम भगवान् विष्णु भगवान् के रूप थे फिर ब्बि अपनी पत्नी के हरण को रोक नहीं paaye..iska क्या मतलब hai,bhagwaan शैतान के आगे बेबस हो गए....

रावं ने और उसकव साथ नजाने कितने hi दैत्यों ने नाजाने कितने निर्दोष लोगों की बालो चढ़ाई.. तोह क्या उस वक़्त गॉड बेबस थे....

महाभारत युद्ध में कितने hi बेक़सूस सैनिक मारे गए तोह क्या इस वक़्त गॉड बेबस थे...

चलिए ये सब तोह मैथोलॉजिकल बातें हैं,

अभी दुनिया का जो हाल है उसमे गॉड का क्या रोले है...

आतंकवादी हमले हो रहे हैं,

रपे हो रहे हैं और गॉड कुछ भी नहीं कर रहे..

क्या वो बेबस हैं????

बरोथेर मेरा एक सिंपल सा लॉजिक है और मई उसी पर चलता हूँ और वो ये है की गॉड का रोले बस हमे दुनिया में लाने तक का hai..bas...

उसके आगे उनका कोई रोले नहीं.. रीज़न.. गॉड ने इंसान को एक ऐसा दिमाग दिया है जिससे वो गॉड की एक्सिस्टेंस तक को चैलेंज कर सकता है..

ये हमारे कर्म है जो हमारी नियति डीडे करते हैं गॉड नहीं....

और इसी लॉजिक के hi आधार पर ये पूरी कहानी लिखी गयी है....

ास्मोडियस बोहोत दिमाग वाला hai,uske.upar शक्तिशाली hai,toh मनमानी करेगा hi..

और रही बात की गॉड क्यों चुप हैं तोह वो अपना काम कर चुके हैं विक्रम को ास्मोडियस

के सामने खड़ा करके....

अब ास्मोडियस को विक्रम कैसे रोकता hai,ye तय कर्मा गॉड का काम नहीं है विक्रम का है...

और ये बात भी मैंने गॉड के थ्रू कुछ उपदटेस पहले बता दिया था पर शायद आपका ध्यान नहीं गया...

अब ास्मोडियस को रोकना कोई बच्चो का खेल तोह है nahi....aur इस प्रोसेस में वक़्त भी लगेगा और जान भी जायेगी....

और इतिहास इस बात का गवाह है की एक शक्तिशाली बुराई के रूप को मिटने के लिए बोहोत से अच्छे लोगों की क़ुरबानी देनी HI पड़ती है...

और आखिर में बस इतना याद रखिये की बुराई ख़त्म माहि हुई है इसका मतलब है की ये कहानी ख़त्म नहीं हुई है....
 
बरोथेर, मई आपकी स्टोरी के लिए एक्ससिटेमेंट समझ रहा hun...par क्या करूँ बरोथेर मेरा सचेडूले बोहोत टाइट रहता है...

मई एक बिज़नेस मन hun....har चीज़ पर मुझे दयँ देना पड़ता hai...mai ुपड़ते देरहा हूँ इसीमे मुझे कितनी तकलीफ हो रही है ये आप इमेजिन नहीं कर sakte..par कमिटमेंट किया है तोह पूरा करना पड़ेगा इसीलिए जितना भी हो sake,time निकलकर अपडेट लिख लेता hun....khair,hamari कहानी बोहोत जल्द अपने क्लाइमेक्स पर पहुँचने वाली hai....isiliye थोड़ा लेट चलता है...
 
अरे वाह.. ाचा सवाल है...

नहीं बरोथेर... प्यार कोई रेस नहीं है जो पहला दूसरा तीसरा गिना jaaye....pyar सिर्फ प्यार होता है...

मैंने जो बात कही थी वो एक कपल को लेके कही थी... किसी कपल को कपल इसीलिए कहते हैं क्यूंकि वो दो होक भी एक होते हैं.. किसी भी तीसरे का उन दोनों के बीच कोई रोले नहीं हो सकता..

पर अगर कोई किसी से प्यार करता है और उसका प्यार मर जाता है तोह भले hi उसका फीलिंग्स ज़िंदा हों पर होता तोह वो सिंगल hi है....

और सिंगल hi तोह मिंगले करेगा naa...ab रोनित के मामले में वो एंगल अभी तक इसीलिए नहीं दिखाया गया क्यूंकि कोई लड़की उसके दिल में वैसा घर अभी नहीं बना सकती जैसा अंजलि ने बनाया था.....

क्यूंकि अंजलि का दर्द अभी रोनित के मन ने ताज़ा hai,iski झलक मैंने जस्ट लास्ट अपडेट में भी दिखाई hai,aur ऐसे कंडीशन में कोई भी नई लड़की भले hi वो कितनी भी ब्यूटीफुल या केयरिंग या अछि क्यों ना ho,RONIT को हासिल नहीं कर पाएगी....

इश्क़ का ज़ख्म है जनाब ,जाते जाते जाएगा...

इश्क़ फिर से हो सकता है पर उसमे

वक़्त लग जाएगा.....
 
अब तक आपने पढ़ा की अवंतिका अनलिए को अपने घर ले जाती है वहीँ ास्मोडियस बिल्जेबब को डार्क ोपोस्टल्स के सच्चाई बताता है

अब आगे:-

फाइनल CHAPTER

(एंगेल्स सैक्रिफाइस & डेविल्स डेमोलिशन )

मेगा अपडेट-100

PLANET-EARTH

प्लेस- मीनाक्षी मेन्शन

गुड मॉर्निंग आंटी.......

गुड मॉर्निंग बीटा........

सुबह के करीब 9.30 बज रहे थे जब रोनित V.J के घर pahuncha....hall में hi मेरी माँ बैठी थी जिन्हे देखकर रोनित ने ग्रीट किया...

रोनित- aunty..bhook लग रही hai....apne हाथों का कुछ यौम खिला दो ना....

मई- थप्पड़ खा le..sabse यौम वही है...

इससे पहले की मेरी माँ कुछ जवाब deti,maine डेड दिया...

माँ- मेरा थप्पड़ इतना यौम है तोह पहले तू hi खा ले....

मई- mom,match खेलने से पहले प्रैक्टिस करनी पड़ती hai...pehle आप प्रैक्टिस karlo,fir मैच खेल लेना...

माँ- कैसी प्रैक्टिस??? क्या बोल रहा है तू...???

MAI-thappad मारने की practice...aaj तक आपने मच्चर भी नहीं मारा और अब आप सीधे मुझे मारने की बात कर रहे हो..

तरय मॉस्क्विटोस फॉर सम टाइम एंड थान के तो में फॉर थे स्लैप मैच....

माँ- badmaash..apni माँ की टांग खींचता hai...rook ज़रा बताती हूँ tujhe...sara मैच आज hi ख़त्म कर दूंगी...

ये बोल माँ मुझे मारने आयी पर मई अपनी जगह पर खड़ा रहा और जैसे hi माँ मेरे सामने pahunchi,maine थप्पड़ खाने के लिए अपने गाल आगे कर आँखें बंद कर ली...

पर अगले hi पल.....

माँ के होंठ मेरे गाल को छू रहे the...mom ने मुझे मारा नहीं बल्कि मेरे गाल को चुम लिए....

रोनित- क्या aunty???mujhe लगा आज इससे थप्पड़ खाता dekhunga...kitna मज़ा aayega...par आपने तोह मेरे सारे अरमानो पर पानी फेर दिया....

मई- जाली teri....awwww......chal अब भाग यहाँ से.....

रोनित- तेरी सदी शकल देखने नहीं आया hun....aunty भूक लगी है....

माँ- बैठ tu..mai ब्रेकफास्ट लेकर आती हूँ....

मई- क्या ज़रुरत है mom...jitna भी खिला lo,is भुक्कड़ का पेट नहीं भरेगा...

माँ- तोह ना bhare..mai खिलाती जाउंगी...

ये बोल माँ किचन की तरफ चल पड़ी....

रोनित- लगता है अब तेरी जाली....

AHHH.....SSSSSS.saale कमीने कुत्ते....

मई- तेरे ये सारे नाम और इनके गुण मुझे पता hai..dobara क्यों बता रहा hai...waise इतनी जलन काफी है या और चाहिए...

पर रोनित ने कुछ कहा नहीं बस मुझे घर घर कर देखते हुए अपने बूम को सहलाता रहा...

तोह हुआ ये की जैसे hi रोनित ने मुझे जाली तेरी kaha,waise hi उसकी बूम पर मैंने एक इनविजिबल आग जला दिया जिससे उसका पिछवाड़ा सच में जलने लगा था और इसी वजह से उसकी ाः निकल गयी थी....

मई- तू अपने पिछवाड़े को सहलाते सहलाते ब्रेक फ़ास्ट thoos,mai चला अपने रूम.....

मई घूमा और अपने रूम की तरफ चल पड़ा....

रोनित- saale,ek बार तू ठीक हो jaa..fir बताता हूँ तुझे......

माँ- अरे तू अभी तक खड़ा है...

माँ के हाथ में खाने का ट्रे था जिससे रोनित ने ले लिया...

रोनित- हाँ वो बस ऐसे hi आंटी...

माँ- ये विक्की कहाँ गया...???

रोनित- रूम में..

माँ- तोह तू भी jaa.mai नाश्ता वहीँ भिजवा देती हूँ...

रोनित- रहने दीजिये aunty,mai यहीं खा lunga...wahan जाकर खाने बैठा तोह मेरे ब्रेकफास्ट ख़त्म करने से पहले वो मेरा दिमाग ख़त्म कर देगा...

माँ ने कुछ नहीं कहा बस हस्ती हुई किचन की तरफ चली gayi...RONIT बैठकर ब्रेकफास्ट करने लगा...

हे रोनित....

सुब्प्रभात रोणितजी.....

रोनित का ब्रेकफास्ट ख़त्म हुआ hi था की इतने में हॉल में अवंतिका और अनलिए पहुंचे...

रोनित- RONITJI.....kya बात है yaar..sikh इससे कुछ AVNI.....aise बात किया जाता है....

अवंतिका- मई भी ऐसे hi बात करती हूँ बस सामने वाला इतनी रेस्पेक्ट के लायक होना chahiye..ek बार ये तेरे बारे में जान le,fir देखना कैसे बात करेगी....

रोनित धीरे से- एक वो साला कड़वा जैसा करेला और ऊपर से ये भी नीम जैसी kadwi..kya GOD,kaisi वाहियाद जोड़ी बनायीं है आपने....

ी एक्सपेक्टेड मोरे फ्रॉम ु......

अवंतिका- ोये एक्सपेक्टेड वाले gadhe...mai भले hi V.J की तरह मन की बातें नहीं पढ़ पाती पर धीमी से धीमी आवाज़ भी मेरे कानो को साफ़ सुनाई देती है.....

रोनित- अरे मई भी तोह तेरे कानो की फ्रीक्वेंसी hi चेक कर रहा tha...chalo,ye जानकार ाचा लगा की सब ठीक है....

अवंतिका- एक hi तोह फ्रीक्वेंसी है जो ठीक नाही है....

रोनित- कौन सी???

अवंतिका- तेरे दिमाग की....

अवंतिका की बात पर अनलिए भी है दी....

रोनित- यार अनलिए तू तोह कमसेकम मेरी साइड रह......

अभी अनलिए या अवंतिका कुछ कहते उससे पहले hi......

माँ- अरे बीटा AVANTIKA.......tum कब aayi....???aur इतने दिनों बाद याद आयी हमारी....????

अवंतिका माँ के पेअर चुने के लिए झट से आगे बढ़ी पर माँ ने उससे झुकने से पहले hi थाम अपने गले से लगा लिया...

जब दोनों अलग हुई तोह.....

माँ- पता नहीं kyun,par जब भी तुझे गले लगाती hun,toh ऐसा लगता है जैसे विक्की को गले लगा रही हूँ....

जहाँ माँ की बात सुकर अवंतिका के चेहरे पर स्माइल आ गयी वहीँ...

रोनित धीरे se-lagega क्यों nahi...agar वो सर है तोह ये उस सर में उठने वाला दर्द जो है....

और किसीने तोह नहीं पर अवंतिका को रोनित की बात सुनाई दे gayi....usne घर कर रोनित को देखा.....

अनलिए- ये कौन है???

माँ- ये कौन है बीटा......???

जहाँ अनलिए ने ये सवाल बोहोत धीरे से रोनित से पूछा था वहीँ माँ ने अवंतिका से....

रोनित- ये विक्रम की माँ मेरा मतलब माँ है.....

अवंतिका- आंटी ये मेरी एक फ्रेंड की सिस्टर hai..kuch दिनों के लिए यहाँ मेरे पास आयी है....

रोनित के मुँह से ये सुनकर की सामने कड़ी लेडी मेरी माँ hai,ANALIA तुरंत आगे बढ़ी और माँ के पेअर छू लिए....

माँ- अरे arre,betiyan पेअर नहीं चुटी गले लगती हैं.....

माँ ने अनलिए को भी उठाकर गले लगा लिया.....

अनलिए- हम बता नहीं सकते की हम आपसे मिलने के लिए कितने लालायित थे....

विक्रम जैसे पुत्र को जन्म देनी माँ को हम नमन करते हैं....

जहाँ ये बोलकर अनलिए ने मेरी माँ के आगे झुकते हुए अपने हाथ जोड़ लिए वहीँ रोनित ने अपना माथा पीट लिया और माँ अपने आखों में सवाल लिए अवंतिका की तरफ देखने लगी....

अवंतिका- आंटी वो एक्चुअली क्या है ना की ये बचपन से hi आयुर्वेद की पाध्ये कर रही है वो भी बोहोत छोटी उम्र से...

ये ऐसे hi शुद्ध हिंदी में बात करती है....

माँ- ohh,acha..par ये विक्की के बारे में क्या बोल रही थी???

अवंतिका- इससे पता है की V.J नेशनल टोपर है इसीलिए ये उसकी फैन है..

माँ- ाचा ऐसी बात hai...mujhe भी तुमसे मिलकर बोहोत ख़ुशी हुई beta....aap सब baitho,mai आप सब के लिए ब्रेकफास्ट भिजवाती हूँ...

अवंतिका- अरे नहीं नहीं aunty..we अरे fine...ghar से ब्रेकफास्ट कर के hi आये hain..waise V.J कहाँ है????

माँ- अपने रूम me.jao,mai कफ भिजवाती hun..wo तोह पियोगे ना???

AVANTIKA-theres no फिक्स्ड टाइम 4 coffee.definately aunty....chalen....

रोनित- चलो....

अवंतिका अनलिए और रोनित स्ट्राइड्स चढ़ते हुए V.J के रूम की तरफ चल दिए...

इन माय रूम.....

रोनित- इसकी ऐसी की taisi..saala ये हमेशा ध्यान में hi बैठा रहता है क्या???

जैसे hi तीनो मेरे रूम में pahunche,toh मुझे मेरे बीएड पर ध्यान में बैठे हुए पाया....

जहाँ रोनित और अवंतिका नार्मल the,wahin मुझे देखकर अनलिए की ख़ुशी का ठिकाना ना रहा..

वो आगे बढ़ कर मेरे बीएड के पास पड़े चेयर में बैठकर मेरे चेहरे को देखने लगी....

अनलिए- कितना तेज झलकता है इनके चेहरे पर...

रोनित- haan,wo डेली सीमेंट पोताथा है न मुँह पे इसीलिए.....

पर अनलिए को तोह जैसे रोनित की बात सुनाई hi नहीं di,wo एक तक मुझे निहारे जा रही थी....

रोनित- lai,ek और मीरा पैदा हो gayi....waise एक बात bata,maana की तुझे V.J को देखने का ,उससे बातें करने का बोहोत मन कर रहा hoga,par तुझे नहीं लगता की हमे पहले भविष्यवाणी की पहेली के बारे में सोचना चाहिए....

ी मैं बिना V.J को ठीक किये उससे मिलना ना मिलने जैसा hi hai....wo तोह उलटी सीधी बातें hi करेगा..

ये सब बातें अवंतिका को रोनित ने धीरे से कही थी....

अवंतिका- हम यहाँ V.J से सिर्फ मिलने नहीं आये हैं बल्कि उससे पहेली का जवाब लेने आये हैं...

रोनित- whattt...!!!par कैसे?? ी मैं V.J हमारी मदद कैसे करेगा या फिर ये कहूं की क्यों करेगा...???

उससे तोह कुछ भी pucho,wo उल्टा hi जवाब देगा...

अवंतिका- मुझे पता hai..par ये भी एक सच है की ऐसी टफ पहेली अगर कोई सुलझा सकता है तोह वो सिर्फ V.J है...

रोनित- हाँ ये तोह hai..par ये हम करेंगे कैसे????

अवंतिका- ी डोंट know...but वे विल फिगर आउट something..par पहले V.J अपने ध्यान से तोह बाहर आये....

रोनित- और उससे पहले ये बैरागी तोह अपनी मदहोशी से बाहर आये....

रोनित ने ये बात अनलिए के लिए कही थी जो की इस वक़्त एक तक मेरे चेहरे को देखे जा रही थी.....

अनलिए का ध्यान तोड़ने के लिए अवंतिका कुछ कहने hi वाली थी की.....

तुम सब मेरे रूम में क्या कर रहे हो????

ये आवाज़ मेरी thi...apni बात कहते वक़्त मेरी आखें बंद थी पर बात ख़त्म करते hi मैंने अपनी आखें खोल दी....

वैसे तोह इन तीनो के रूम में आते hi मुझे एहसास हो गया था की कोई मेरे आस पास है पर मेरा इस वक़्त ध्यान में बैठे रहना ज़रूरी था.....

kyun???ye आपको नेक्स्ट अपडेट में पता चल जाएगा....

इस वक़्त मेरे सामने अनलिए बैठी हुई थी जो मुझे एक तक देखे जा रही थी...

पर मेरे आँख खोलते hi वो भी हड़बड़ा कर कड़ी हो गयी.....

मई- मैंने पूछा की तुम सब मेरे रूम में क्या कर रहे हो....????

मैंने बीने अनलिए की तरफ ध्यान दिए बगैर अवंतिका और रोनित के तरफ पलटते हुए अपना सवाल दोहराया...

जहाँ मुझे खुदको अनदेखा करते देख अनलिए शॉकेड हुई वहीँ अवंतिका और रोनित ने भी इस बात को नोट किया पर वो नार्मल hi रहे....

रोनित- क्यों be,tuhjhse पूछकर कमरे में आना पड़ेगा क्या???

मई- haan....chalo निकलो अब......

अवंतिका- कहाँ niklo....??hum कहीं नहीं जा rahe..aur mr..ye रूम जितना तुम्हारा है उतना hi मेरा भी hai..infact तुमसे ज़्यादा हक़ मेरा है इस रूम पर इसीलिए शट उप.....

अनलिए- LORD...aapne हमे पहचाना nahi..hum अनलिए हैं....

मई- बोल तोह ऐसे रही है जैसे क्वीन एलिज़ाबेथ की नेफ्यू है....

ANALIA-akelahai की क्या है????

अनलिए का एलिज़ाबेथ को अकेलाही बोलना सुन रोनित और अवंतिका को हसी आ गयी....

मई- न अकेला है न दुकेला है..

तेरा दिमाग एक नंबर का थकेला है.....

जो कुछ भी कुछ बकेला है....

तेरे चक्कर में मेरे मुँह से क्या क्या निकलेलेला है...

ये साला मई क्या क्या बक रहा हूँ.....

जहाँ मेरी बात अनलिए के सर के ऊपर से निकल रही थी वहीँ मेरी बात सुनकर रोनित और अवंतिका की हसी और बढ़ गयी थी....

मई- hahahahaha..chaahe जितना दांत dikhalo,shakal नहीं बदलेगी तुम दोनों की....

अवंतिका- क्या मई इतनी बुरी दिखती हूँ....

यहाँ मेरी बात ख़त्म hui,wahan अवंतिका झट से मेरे करीब आ gayi..meri आखों में देखते हुए उसने अपनी बात कही थी.....

साला इसकी साँसों की mehek....dil कह रहा था की तुरंत इससे अपने आगोश में ले le,par दिमाग चुटिया नजाने क्यों मुझे रोक रहा था..???

अवंतिका- बोलो naa,kya मई इतनी बुरी दिखती हूँ....

मई- नहीं......

कुछ देर तक अवंतिका को देखते रहने के बाद मेरे मुँह से जब नहीं निकला तोह अवंतिका के चेहरे पर एक प्यारी सी स्माइल आ गयी पर अगले hi पल....

मई- कुछ ज़्यादा hi बुरी दिखती हो....

अवंतिका- you!!!!ruko,batati हूँ तुम्हे....

ये बोल अवंतिका मुझपर jhapti...usse बचने के लिए मई तुरंत अपने लेफ्ट साइड होते हुए पीछे की तरफ हुआ पर तभी......

ओह SHIT..........SHIT......SHIT.......SHIT..........

ये आवाज़ जो थोड़ी लाउड thi,ye अवंतिका के मुँह से निकली thi..reason.....

जैसे hi मई पीछे hua,toh मेरी बॉडी अनलिए के बॉडी से हलकी टच हो गयी....

और ऐसा होते hi मेरी ऊर्जा जो की अवंतिका के अंदर thi,usse एक झटका laga...ye झटका कोई आम झटका नहीं tha,is झटके से अवंतिका के दिमाग में एक के बाद एक कई सारे थॉट्स आने जाने लगे जिस वजह से अवंतिका के मुँह से वो शब्द निकले....

पर झटके सिर्फ अवंतिका को hi लगे the,balki मेरे स्पर्श से एक झटका अनलिए को भी लगा था...

इनफैक्ट अनलिए को झटका अवंतिका से पहले लगा था या फिर ये कहूं की अनलिए के झटके की वजह से hi अवंतिका को भी झटका लगा था....

अवंतिका को शॉकेड होता देख जहाँ मई तोह नार्मल hi रहा या फिर ये कहूं की मुझे कोई फर्क नहीं पड़ा वहीँ रोनित का दिमाग घूम गया....

उससे पता था की अवंतिका के मुँह से ओह सहित निकलने का मतलब है को कोई बड़ा खुलासा होने वाला है.....

पर इससे पहले की रोनित इसके बारे अवंतिका से कुछ भी पूछता......

अवंतिका- तोह तुम रखो अपना रूम अपने paas...hum जा रहे hain....chalo तुम दोनों....

जहाँ रोनित समझ गया था की जो बात अवंतिका को पता लगी hai,ussiko बताने के लिए उसने ऐसा कहा है वहीँ अनलिए को क्यूंकि कोई आईडिया hi नहीं था इसीलिए.....

अनलिए- इतनी jaldi..abhi ओह हमे लार्ड से ठीक से बात hi नहीं की है....

MAI-theek से बात नहीं की है matlab???kya बात करनी है तुम्हे???

अनलिए कुछ कहने hi वाली थी की.....

अवंतिका- ANALIA.....baad me.....abhi चलो...

ये बोलकर अवंतिका रोनित को लेकर रूम से बाहर चली गयी.....

अवंतिका ने ये बात थोड़े स्ट्रिक्ट तरीके से कही थी इसीलिए अनलिए ने दोबारा कुछ नहीं कहा और अवंतिका और रोनित के पीछे पीछे मेरे रूम से बाहर निकल गयी.....

रोनित- यार अब क्या hua???kal तूने तीन बार ओह सहित कहा tha..pehli बार जब तूने ये कहा तब तुझे याद आया की V.J सेक्रिला क्यों जाता hai..dusri बार में इन मैडम की एंट्री हुई और तीसरी बार में इनके दिल का हाल पता चला....

और आज फिर से तूने ये बोलै hai..aur वो भी एक साथ तीन तीन baar...pakka कुछ बड़ा बम hai..right???

अवंतिका- बड़ा नहीं बोहोत bada....par यहाँ नहीं बता sakti....second फ्लोर में भी खाली रूम्स हैं naa..wahin चलते hain..wahin बताती हूँ.....

फिर बिना रोनित या अनलिए की बात सुने अवंतिका झट से स्टैर्स की तरफ बढ़ गयी....

रोनित और अनलिए भी आँखों में सवाल और दिल में जिज्ञासा लिए उसके पीछे पीछे हो लिए......

इन रूम.....

रोनित- chal,ab फटाफट शुरू हो जा...

पर रोनित की बात ख़त्म होने पर भी अवंतिका ने कुछ नहीं kaha..wo कुछ सोच रही थी....

रोनित- lai,yahan हमारी एक्ससिटेमेंट बढाकर मैडम अपने hi ख्यालों में खोयी हुई hai....ab बोलेगी कुछ......

रोनित के दोबारा पूछने पर भी अवंतिका अपनी सोच से बाहर नहीं आयी...

अवंतिका को अभी भी जवाब न देता देख रोनित ने उसके कंधे को हिलाकर उसकी सोच से बाहर लाने की सोची...

पर जैसे hi रोनित ने अपना हाथ अवंतिका के कंधे की तरफ बढ़ाया.....

AVANTIKA-OH SHIT.......how दीद ी मिस that...ye मई कैसे भूल गयी....???

अवंतिका को जैसे अचानक कुछ याद आया उसने चिल्लाते हुए अपनी बात कही...

वहीँ रोनित अवंतिका की अचानक उठी आवाज़ को सुनकर एकदम चौंक गया और उसने तुरंत अपना हाथ पीछे खींच लिया...

रोनित- अब क्या नया बम गिरा है जो तूने फिर ओह सहित कहा....

अवंतिका- कोई बम नहीं गिरा hai..actually जो बात पता चली है उसीके बारे में सोच रही thi....aur अचानक कुछ याद आ गया....

रोनित- मुझे तोह कुछ समझ में hi नहीं आ रहा है की तू क्या बोल रही है...???

ओफ्फ्फ्फफ्फ्फ़...........

अवंतिका ने एक लम्बी सांस छोड़ी और कहना शुरू किया....

अवंतिका- कहाँ से शुरू karun????shuruat से hi करती हूँ.....

ANALIA,TUM यहाँ आयी नहीं हो बल्कि लायी गयी हो......

अवंतिका की बात सुनकर अनलिए और रोनित दोनों को झटका लगा....

दोनों एक साथ- मतलब!!!!

अवंतिका- मतलब ये की तुम्हे यहाँ V.J लेकर आया है.....

रोनित- यार ये तोह हमे भी पता है की ये V.J की वजह से hi यहाँ आयी hai..usse मिलने के लिए...

अवंतिका- तू समझा nahi....ANALIA अपनी मर्ज़ी से यहाँ नहीं आयी है.. बल्कि V.J के प्लान की वजह से यहाँ आयी है.

रोनित- V.J का प्लान??? यार तू क्या बोल रही hai,mujhe तोह कुछ समझ में hi नहीं आ रहा...

अनलिए -हमे भी....

AVANTIKA-V.J के कौरीन फल को खाते hi ये और इसके गृह वासी श्राप मुक्त हो चुके थे....

V.J को उस पेड़ में अपनी ऊर्जा छोड़ने की ज़रुरत थी hi nahi....par फल के खाते hi V.J को जैसे hi ास्मोडियस के षड़यंत्र का पता chala,toh अगले पल से hi V.J खुद को ठीक करने का रास्ता ढूंढ़ने लगा.......

और उससे रास्ता मिल भी गया....

V.J ने सौरिस पेड़ के अंदर अपनी ऊर्जा दाल दी जिसके अंदर दो कण मौजूद थे...

और उसके बाद V.J ने एक ख़ास स्पेल बोलै पर सिर्फ अनलिए के ऊपर......

अवंतिका की बात सुनकर रोनित और अनलिए शॉकेड हो gaye...dono hi कुछ कहना चाहते पर....

अवंतिका- सब बताती hun...par silsilevaar...bas सुनते जाओ...

मई कहाँ थी हाँ तोह जैसे hi इन सब ने उस पेड़ के फल को खाया तोह उन सब के अंदर V.J की ऊर्जा और उसके साथ साथ उसके दो कण भी चले गए....

उन दो कानो में से एक के अंदर V.J तक पहुँचने का रास्ता tha.jisse होते हुए अनलिए यहाँ आयी है और दूसरे कण के अंदर एक कहानी थी.....

रोनित- कानि !!!!कैसी कहानी????

रोनित के सवाल पर अवंतिका के चेहरे पर एक मुस्कान नाच गयी...

अवंतिका- ास्मोडियस और विक्रम की कहानी..........

रोनित- ास्मोडियस और V.J की kahani???par वो तोह V.J हमे पहले hi बता चूका hai...fir उसी बात को अनलिए के अंदर डालने का क्या मतलब???

और तूने अभी बोलै था की विक्रम को खुदको ठीक करने का आईडिया मिल गया tha...ye कैसे पॉसिबल hai???V.J को ठीक करने का तरीका तोह हमे भविष्वाणी ने बताया है जो की हमने कल hi सुनी है...

हैंग on,agar V.J को खुदको ठीक करने का तरीका मालुम चल गया था और अब पता नहीं कैसे पर तुझे भी जब ये साड़ी बात पता चल गयी hai,toh क्या तुझे भी ये पता चल गया है की V.J ठीक कैसे हो गया....????

रोनित की बात सुनकर अवंतिका के चेहरे पर एक बार और स्माइल नाच गयी...

अवंतिका- मुझे भी nahi,mujhe hi पता है की V.J कैसे ठीक होगा.....

अवंतिका की बात सुनकर रोनित और अनलिए दोनों खुश हो गए....

रोनित- इसका मतलब तुझे.....

अवंतिका- हाँ मुझे भविष्वाणी में पूछी गयी पहेली का जवाब मालुम चल गया है......

रोनित- really...toh व्हाट अरे ु वेटिंग for...???batao,kya है आंसर....????

अवंतिका- बाकी की बात नहीं जाननी क्या???

रोनित- ओफ़्कौर्से जाननी है yaar.par जिस चीज़ से सब कुछ ठीक हो jaayega,kyunki मेरा भाई ठीक हो jaayega,uske बारे में मुझे पहले जानना है...

अवंतिका- पर उससे फायदा नहीं goga..paheli का जवाब जानने के बाद भी तुझे पूरी बात जननी होगी तभी तू पहेली के जवाब का मतलब समझ पायेगा.....

RONIT-arre ये क्या बात hui???mai इतना भी बेवकूफ नहीं hun.tu पहेली का जवाब de,mai सब समझ जाऊँगा...

AVANTIKA-PEHLE का जवाब HAI.........JAIRAJ अंकल.....

रोनित- what!!!!,par कैसे ????और उस पहेली में तोह कहीं भी अंकल का ज़िक्र नहीं हुआ tha,fir ये जवाब कैसे???

अवंतिका- पहेली में ना सही पर कहानी में तोह है ना.

रोनित- yaar,please ओने जो में सब बता na...mujhe कुछ भी समझ नहीं आ रहा है....

AVANTIKA-isiliye मैंने बोलै था की बिना पूरी बात सुने तुझे कुछ भी समझ नहीं aayega...par तू hi नहीं माना....

RONIT-acha sorry...chal तूने जहाँ तक बोलै tha,uske बाद से बता....

अवंतिका- क्या बोलै था maine!!!haan,toh दूसरे कण में V.J ने अपनी और ास्मोडियस की कहानी दाल दी....

और इसका कारण ये था की V.J को पता चल गया था की ास्मोडियस ने उसके दिमाग को अपने खून से निशाना बनाया है...

V.J को ठीक होने का तरीका तोह नहीं मिला पर सोचते सोचते उससे एक रास्ता मिल गया...

V.J को याद आया की इस्ला के फाउंटेन के अंदर मुझे भी एक भविष्वाणी मिली thi...tab V.J को इसका रीज़न पता नहीं चला tha,par ास्मोडियस के षड़यंत्र से उससे अंदाज़ा हो गया की हो न ho,mujhe भविष्वाणी उससे ठीक करने के लिए hi मिली होगी....

V.J को ये भी पता था की भविष्वाणी जब भी खुदको मेरे सामने ओपन karegi,toh एक पहेली के रूप में hi करेगी जिससे समझना मेरे या किसीके लिए भी आसान नहीं होगा...

और इसीलिए hi V.J ने अपनी और ास्मोडियस की कहानी को उस फल के अंदर छुपाया ताकि उस कहानी से मई पहेली को समझ पाऊं...

रोनित- बूत थॉट्स थे मैं question???jo जवाब तूने दिया hai,uska पहेली से कोई लेना देना hi नहीं है...

अवंतिका- बिलकुल है....

अवंतिका ने फुल कॉन्फिडेंस से अपनी बात कही...

रोनित- पर कैसे???

अवंतिका- याद है अभी थोड़ी देर पहले जब मैंने ओह सहित कहा tha,jaanta है वो क्यों कहा था???

मई V.J के थ्रू उसके कण में छोड़ी गयी स्टोरी से भविष्यवाणी की पहेली के जवाब को ढूंढने की कोशिश कर रही थी और तभी मुझे कुछ याद आया.....

सेक्रिला टूर के वक़्त मैंने यूँही V.J से एक बार पूछा था की वो किसी भी पजल को इतनी आसानी से कैसे सोल्वे कर देता है...???

तब उसने मुझे बताया था की किसी भी पजल को सोल्वे करने के लिए दो चीज़ों के बारे में पता होना चाहिए....

pehli....ki पजल के शब्दों पर नहीं बल्कि उस रीज़न पर उस कारण पर ध्यान दो जिस वजह से उस पजल को सोल्वे करने ज़रुरत पड़ी है...

dusri...us कहानी पर ध्यान दो जिसकी वजह से उस रीज़न का उस कारण का जन्म हुआ है....

V.J की ये एडवाइस मई कम्प्लीटली भूल गयी थी पर थैंक गॉड या फिर थैंक्स तो V.J कहूं की अनलिए के अंदर उसके छोड़े गए कण में मौजूद कहानी की वजह से मुझे उसकी दी गयी एडवाइस याद आ गयी..

जैसा की V.J ने पजल सोल्वे करने का पहला स्टेप बताया tha,maine पहले उसी के बारे में सोचा....

REASON...BHAVISHYAWANI में जो बातें बताई gayi,uske बताये जाने का रीज़न....

और रीज़न है ास्मोडियस का वो खून जो इस वक़्त V.J के दिमाग में है....

मैंने सोचा की ऐसा क्या है ास्मोडियस के खून में जिसने V.J की पर्सनालिटी को hi बदल दिया...

पर लउकीली इस सोच के मेरे दिमाग के उभरने के अगले hi पल मुझे इसका जवाब भी मिल गया....

अनलिए- इसका जवाब तोह हमे भी पता hai...LORD के खून में नेकदिली हैं और उनके भाई के खून में कपट और पाप है....

अवंतिका- नहीं ANALIA....dono अपनी अपनी जगह सही hain...bas दोनों के इस ब्रम्हांड को देखने का तरीका अलग है...

जहाँ V.J ब्रम्हांड में बेस लोगों को उनकी गलतियों से ऊपर उठकर देखता है वहीँ ास्मोडियस के लिए तोह इंसान की उत्त्पति hi गलत है और इसीलिए वो इंसानो को अलग अलग तरीके से चोट पहुंचता है....

अनलिए- तोह फिर क्या है ास्मोडियस के खून में ऐसा जिसने लार्ड की ये हालत कर दी...

अवंतिका- वही चीज़ जिसपर ये पूरी कहानी लिखी गयी hai...ATTITUDE.....DRISHTIKON......

दोनों भाईयों का ऐटिटूड जो एक दूसरे से बिलकुल अलग hai...ASMODEUS ने अपने खून के ज़रिये अपने ऐटिटूड को जिसमे मनुष्य जाती के लिए नफरत hai,usse V.J के मंद में पहुंचा दिया...

और इसी वजह से V.J का ATTITUDE.,uski सोच कमज़ोर पढ़ गयी और ऐसा होते hi V.J से उसकी पहचान अलग हो गयी....

रोनित- ओह teriki....saala ये बात मेरे दिमाग में कैसे नहीं aayi....jab से V.J के साथ ये काण्ड हुआ hai,tabse उसका behaviour,uska तरीका hi तोह बदला है..

अवंतिका- हाँ पर पूरी तरीके से nahi..V.J का ऐटिटूड कमज़ोर ज़रूर हुआ hai,par पूरी तरह बदला nahi....aur इसीलिए hi अभी तक ये यूनिवर्स ठीक है....

khair,jaise hi मुझे रीज़न क्लियर hua,maine पजल सोल्वे करने के लिए दूसरी चीज़ पर ध्यान lagaya,KAHANI......

वही कहानी जो V.J ने अनलिए के थ्रू मुझतक पहुंचाई hai...wo कहानी जो आलरेडी मुझे पता है फिर ऐसा क्या है जो V.J दोबारा मुझे समझाना चाहता है...

V.J और ास्मोडियस के बीच का फर्क जो उन्हें एक दूसरे से अलग करता hai(ATTITUDE),wo तोह मई रीज़न समझने के वक़्त जान चुकी thi,par दोनों की कहानी के बारे में सोचते सोचते अचानक मेरे मन में वो कड़ी उभरी जो इन दोनों भाईयों को जोड़ती है.....

और वो कड़ी है......

रोनित- GOD.........yahi तोह वो कड़ी है जो इन दोनों को एक दूसरे से जोड़ती है....

ना चाहते हुए भी दोनों एक hi पितः के संतान हैं.....

अवंतिका- एक्साक्ट्ली.....

पर इस सच के साथ साथ की दोनों गॉड के बेटे hain,ek और सच भी है जिससे अनजाने में hi sahi,par दोनों जुड़े हुए हैं या फिर ये कहूं की एक की वजह से दूसरा अपने आप उस सच के साथ जुड़ा हुआ है.....

ANALIA/RONIT- कौन सा सच???

अवंतिका- यही की विक्रम गॉड के साथ साथ जयराज अंकल का भी बीटा है और इसीलिए अनजाने में hi सही पर विक्रम के भाई होने की वजह से ास्मोडियस भी जयराज अंकल का बीटा है....

रोनित- अरे haan....is तरफ तोह मेरा ध्यान hi नहीं गया tha....soutela hi सही या फिर ये कहूं की इंदिरेक्ट्ली hi सही पर ास्मोडियस भी तोह जयराज अंकल का hi बीटा हुआ....

अवंतिका- exactly..JAIRAJ UNCLE....jo की एक इंसान hain..insan जिससे ास्मोडियस नफरत करता hai...wahi नफरत जो इस वक़्त खून बनकर विक्रम के दिमाग को लपेटे हुए है...

और नफरत को सिर्फ एक hi चीज़ काट सकती hai....aur वो है...

ANALIA/RONIT- PREM/PYAR......

दोनों के मुँह से दो शब्द जिनके मायने एक hi hain,ek साथ निकले.....

अवंतिका- अब्सोलुतेल्य right.ab एक बात batao,is दुनिया में V.J से सबसे ज़्यादा प्यार कौन करता है???

अनलिए- एक बेटे से सबसे ज़्यादा तोह उसकी माँ hi करेगी ना...

रोनित- नहीं ANALIA....ye सच नहीं hai..kamsekam V.J के मामले में तोह बिलकुल hi नहीं...

V.J की हर कामियाबी पर मैंने मीनू आंटी से ज़्यादा खुश जयराज अंकल को देखा है....

बस फर्क इतना रहता है की आंटी अपनी ख़ुशी सबको बताती है वहीँ अंकल चुप रहकर उस ख़ुशी को अपने अंदर महसूस करते हैं....

वैसे तोह माँ बाप के प्यार को टोला नहीं जा सकता पर मुझे ऐसा लगता है की जयराज अंकल से ज़्यादा प्यार V.J से कोई नहीं कर सकता...

अवंतिका- सही jawab...ANALIA तुमने जो कहा वो तोह सभी कहते hai..maana जाता है की एक माँ से ज़्यादा प्यार अपने बच्चे से कोई नहीं कर सकता....

पर ये बात पूरी तरह सच नहीं hai...ek माँ अपने प्यार को हर वक़्त दिखती है जिस वजह से ऐसा लगता है की उससे ज़्यादा प्यार उसके बच्चे से कोई नहीं कर सकता..

पर असल में प्यार और त्याग का सबसे बड़ा रूप एक पितः का होता hai...jo बिना अपनी भावनाये दिखाए अपने सारे फ़र्ज़ पुरे करता है...

एक बीटा अपने सारे डिमांड अपनी माँ से करता है पर उस डिमांड को पूरा उसका पिता करता है वो भी ख़ामोशी se..bina कोई क्रेडिट लिए....

जयराज अंकल का V.J से किया गया अनकंडीशनल प्यार और V.J का अपने पितः जयराज अंकल से किया गया वैसा hi प्यार जयराज अंकल को वो जरिया बनता है जिससे ास्मोडियस की नफरत से भरे खून को V.J के अंदर से मिटाया जा सकता है...

रोनित- चलो माना की जयराज अंकल और उनका V.J से प्यार hi इस पहेली का आंसर hai,par सवाल अब भी वही hai...kaise???

ी मैं प्यार तोह एक फीलिंग hai,aur जयराज अंकल की V.J के लिए फीलिंग तोह हमेशा से thi,hai और rahegi...fir V.J ठीक क्यों नहीं हो रहा????

अवंतिका- पहेली याद है...

रोनित- हाँ....

अवंतिका- एक बार बोल....

RONIT-mere स्पर्श से राखत की

जकड ढीली होगी....

पर सम्पूर्ण उपचार

उस पानी से होगा,

जिसमे मोहोब्बत में निकली

नमकीन पानी मिली होगी....

suna..yahi तोह मई कह रहा hun,paheli के आखिर में साफ़ बताया गया है की इलाज उस पानी से hoga,jisme मोहोब्बत में निकली नमकीन पानी मिली होगी....

अंकल को अपने बेटे से मोहोब्बत तोह hai,par वो मोहोब्बत एक फीलिंग है जबकि इलाज पानी से होगा....

अवंतिका- correction..mohobbat के पानी से....

रोनित- haan,wahi.....mohobbat के पानी से...

अवंतिका- वैसे तोह नफरत भी एक तरह की फीलिंग hi hai,fir उसका असर V.J पर कैसे हुआ????

रोनित- अरे वो तोह ास्मोडियस ने अपने खून के ज़रिये अपनी nafrat........OH SHIT...OH..SHIT......OH सहित........

अपनी बात कहते कहते अचानक रोनित के दिमाग की बत्ती जाली और उसने भी वैसे hi रियेक्ट किया जैसा पहेली का जवाब मिलने पर अवंतिका ने किया था....

अवंतिका- दिमाग की बत्ती बत्ती जाली!!!!

रोनित- पूरी जल गयी yaar....mai कितना बड़ा दुफर hun.saala इतनी ऑब्वियस बात समझने में मुझे इतना वक़्त कैसे लग गया???

पहेली का जवाब जयराज अंकल का खून है जिसमे उनकी V.J के लिए मोहोब्बत छुपी हुई hai....wahi मोहोब्बत जो ास्मोडियस के खून में बसी नफरत को ख़त्म कर सकती है....

खून में भी तोह पानी होता है और खून का टास्ते.......

अवंतिका- सालती यानी नमकीन होता है......

RONIT-UN..BE..LIE...VABLE............

अवंतिका- V.J के अंदर जयराज अंकल का खून दौड़ता hai....aur उस खून के साथ मिलकर दौड़ते हैं अंकल के दिए गए संस्कार..

वही संस्कार जिससे V.J का ऐटिटूड बना hai....aur उसी ऐटिटूड से hi V.J का अस्तित्व है...

ास्मोडियस के खून ने V.J के दिमाग पर कब्ज़ा कर जयराज अंकल के खून को वहां से सोख liya....aur इसीके साथ उनके वैल्यूज को भी बाहर निकल दिया....

पर बाहर निकलते निकलते भी जयराज अंकल के खून ने ास्मोडियस के खून और उसमे छुपी नफरत के असर को थोड़ा कमज़ोर कर दिया...

और आधा काम मर्सिए रिवर ने कर diya....aur अब जयराज अंकल का खून hi V.J के दिमाग से ास्मोडियस के खून को और उसके असर को पूरी तरीके से ख़त्म कर देगा....

अपनी बात पूरी कर जैसे hi अवंतिका की नज़र रोनित पर गयी तोह उससे कुछ सोचते हुए पाया....

अवंतिका- क्या hua...kya सोचने लग gaya???mujhe लगा पहेली का मतलब समझ तू ख़ुशी से नाच उठेगा पर तू तोह किसी गहरी सोच में गुम हो गया???

रोनित- हाँ सोच तोह मई रहा हूँ AVNI...aur वो ये की क्या जयराज अंकल का खून निकलना सही रहेगा....!!!!???

हाँ ये सच है की यही V.J का इलाज है पर जयराज अंकल को तकलीफ देना मुझसे नहीं हो पायेगा...

और V.J के ठीक होने के बाद जब उससे पता चलेगा की वो कैसे ठीक हुआ है तोह वो तोह हमसे बात करना hi छोड़ देगा.....

अवंतिका- ोये तू क्या क्या सोचने laga???hume जयराज अंकल का खून ज़रूर चाहिए पर बस एक दो boond.....utna hi जितना मलेरिआ के ब्लड टेस्ट के वक़्त लिया जाता है....

RONIT-what!!!utne में हो जाएगा???

अवंतिका- yaar,commerce स्टूडेंट होकर भी इतना नहीं जानता की क्वांटिटी नहीं क्वालिटी मटर करती है....

जयराज अंकल के खून के बस एक टच से असमदोटूस के खून का असर ख़त्म हो जाएगा.....

रोनित- फिर तोह कोई प्रॉब्लम नहीं है???

ANALIA-AVANTIKAJI,aapke हाथ को देखिये????

अवंतिका कुछ कहने hi वाली थी की इतने में अनलिए ने उसके हाथ की तरफ पॉइंट करते हुए अपनी बात कही.....

इस वक़्त अवंतिका के राइट हैंड के बीच का हिस्सा तेज़ चमक रहा था जिससे देखकर अनलिए शॉकेड हुई थी और अब रोनित भी चौंक गया tha....wahin उस चमक को देखकर अवंतिका के चेहरे पर एक मुस्कान नाच गयी....

RONIT-abbe ये क्या हो रहा है???

अवंतिका- कन्फर्मेशन....

रोनित- कैसा कन्फर्मेशन???

AVANTIKA-bhool गया kya??bhavishyawaani पहेली बनकर जिस पानी के चमकते छर्रे के रूप में हमे मिला tha,wo इस वक़्त मेरे हाथ में है...

और इसका चमकना इस बात का कन्फर्मेशन है की हमने इस पहेली को सोल्वे कर दिया है...

रोनित- थान व्हाट अरे वे वेटिंग for???aaj संडे hai..matlab अंकल घर में hi हैं..

मई एक काम करता hun,unke पास जाकर बात करते करते किसी तरह कोई पिन उनके बॉडी के किसी भी part में हल्का पुश कर दूंगा...

इससे उनका ब्लड भी निकल जाएगा और अंकल को ज़्यादा फर्क भी नहीं padega..unhe लगेगा की उन्हें किसी मॉस्क्वीटो ने काटा है...

मई होशियारी से उनके खून को एक वेसल में डालकर ले aaunga...bas आंटी उनके साथ न हो....

अवंतिका- आंटी उनके पास नहीं hai...aur तुझे अंकल को बातों में भी उलझने की ज़रुरत नहीं पड़ेगी...

क्यूंकि इस वक़्त अंकल अपने बैडरूम में सो रहे हैं.....

अवंतिका की बात सुनकर रोनित चौंका...

रोनित- सो रहे hain,is waqt,kyun??aur तुझे कैसे पता????

अवंतिका- क्यूंकि मैंने hi उन्हें सुआलया है???

रोनित- व्हाट????

AVANTIKA-hmm.actually जैसे hi मुझे पहेली का आंसर मिला तोह मैंने V.J की ऊर्जा का एक छोटा सा भाग अंकल के पास भेज दिया..

उस भाग ने अंकल को चरों तरफ से घेर लिया जिससे अंकल के शरीर के साथ साथ दिमाग पर भी परेसुररे पड़ने लगा और वो थकने लगे...

उन्हें लगा की वर्क लोड की वजह से उन्हें थकन फील हो रही है इसीलिए वो आंटी को बोलकर रूम में रेस्ट करने के लिए चले गए और फ़िलहाल गहरी नींद में हैं...

रोनित- तूने अंकल को सुलाने के लिए V.J की ऊर्जा का उसे kiya..kahin अंकल को कुछ हो जाता तोह...!!!!

अवंतिका- नहीं hota...us ऊर्जा ने उन्हें छुआ नहीं था बस उन्हें चारों तरफ से घेरा था....

रोनित- यार AVNI,tu दिन बा दिन खतरनाक होती जा रही है...

रोनित की बात सुनकर अवंतिका बस मुस्कुरा दी....

अनलिए- तोह अब??

अवंतिका- तोह अब ये की रोनित तू जाकर अंकल का ब्लड ले आ तब तक मई V.J को भी सुला देती हूँ....

RONIT-V.J को sulayegi..par कैसे???

अवंतिका- जैसे अंकल को सुलाया hai...bas फर्क इतना होगा की V.J को उसकी ऊर्जा घेरेगी नहीं बल्कि चुवेगी.....

रोनित- पर इससे V.J को खतरा हो सकता है???

अवंतिका- कोई खतरा नहीं hoga..mat भूल की V.J से बस उसकी ऊर्जा चीनी hai,uski ताकत अब भी उसीके पास है....

V.J की ऊर्जा जैसे hi V.J को टच करेंगी, तोह उसकी शक्तियां उससे लड़ने के लिए आगे आएँगी पर दोनों hi एक दूसरे को नुक्सान नहीं पहुंचा सकती क्यूंकि दोनों hi V.J की अमानत हैं...

पर इस टकराव से V.J के सेंसेस थक जाएंगे और V.J बेहोशी जैसी नींद में चला जाएगा.....

और ये ज़रूरी भी है की V.J के ठीक होते वक़्त V.J नींद में रहे या फिर बेहोश हो जाए क्यूंकि अगर वो जागता रहा तोह उसके दिमाग में मौजूद ास्मोडियस का खून V.J को ठीक होने नहीं देगा..

वो V.J पर प्रेशर डालेगा की V.J हमसे दूर चला जाए....

रोनित- सब तेरे हाथ में है AVNI...tune मुझसे जो करने को कहा hai,mai वो कर देता hun..baaki सब तेरे ऊपर है......

अवंतिका- बात जब V.J की हो तोह मई कोई चूक नहीं कर सकती RONIT....agar मेरा प्यार सच्चा hai,agar मई सच में V.J की शक्ति हूँ तोह आज मई उससे ठीक करके hi रहूंगी....

अवंतिका ने अपनी बात फुल कॉन्फिडेंस के साथ कही और फिर.....

अवंतिका- चल ANALIA..hum V.J के पास जाते hain....all थे बेस्ट RONIT...mai वेट कर रही hun,jaldi आ....

अपनी बात कह अवंतिका अनलिए को लेकर रूम से बाहर निकल गयी वही उनके जाते hi.....

रोनित- चल बीटा RONIT...lag जा काम पर....

रोनित भी नीचे जाने के लिए रूम से बाहर निकलने hi वाला था की.....

रोनित- मुझे निचे नहीं जाना chahiye..agar सामने हॉल में आंटी हुयी या नाना नानी या फिर बचे तोह मुझे अंकल के बैडरूम में जाने नहीं देंगे..

इसीलिए जो भी करना hai,yahin से करता हूँ....

सुचना प्रलीतः दृष्टि भाव

इनफार्मेशन रेज़ व्यू

रोनित ने अपने हाथ फैला कर इस मंत्र को उच्चारित kiya..SPELL के उच्चारित होते hi रोनित के दोनों हाथों से दो अदृश्य रेज़ निकली और दरवाज़े से होते हुए बाहर निकल पुरे घर में फैलने लगी....

वो रेज़ सीढ़ियों से होते हुए निचे ग्राउंड फ्लोर पर गयी और हॉल से गुज़र कर हर रूम और किचन में घुस गयीं..

जब उन रेज़ ने पुरे घर को कवर कर लिया वो तेज़ी से वापस ऊपर रोनित वाले रूम की तरफ निकल पड़ी...

ये सब कुछ hi पलों में हो गया tha...room में पहुँच वो रेज़ हवा में उठ गयी और अगले hi पल......

रोनित के सामने हवा में hi दो चलचित्र दिखने lage....un दोनों चलचित्र में पुरे घर में कौन कहा hain,wo सब दिखने लगा...

रोनित को ये देखकर चैन आया की मीनू आंटी हॉल में बैठ कर फ़ोन पर किसी से बातें कर रही हैं और जयराज अंकल अपने बैडरूम में सोये हुए हैं और इस वक़्त उनके आस पास कोई नहीं है...

सब कुछ देख लेने के बाद रोनित ने अपना हाथ सामने की तरफ ghumaya..RONIT के ऐसा करते hi वो चलचित्र बंद हो गया....

रोनित- haashhh....uncle के रूम में कोई नहीं hai..par इससे पहले की कोई वहां jaaye,mujhe जल्दी से अपना काम कर लेना चाहिए....

रोनित ने अपना हाथ फिर आगे किया और अगले hi पल.......

माया द्वाराम....

मैजिक दूर.....

रोनित के स्पेल बोलते hi उसके सामने एक मैजिकल दूर ओपन हो gaya....door के दूसरे तरफ जयराज अंकल का बैडरूम tha...RONIT तुरंत उस दूर के अंदर चल गया...

रूम में पहुँचने के बाद भी रोनित ने मैजिकल दूर बंद नहीं किया.....

धड़कते दिल के साथ रोनित जयराज अंकल के सामने पहुँच गया....

रोनित- माफ़ कीजियेगा uncle....par आपके बेटे और मेरे भाई के लिए हमे ये सब करना पढ़ रहा है....

रोनित ने जयराज अंकल के सामने अपने हाथ जोड़ ये बात कही...

रोनित ने अपने जोड़े हुए हाथों को नीचे नहीं किया बल्कि उन्हें हथेली के रूप में सीधा कर दिया और

ापितालपा प्रकटम

पिन अप्पेअर

धर्मवासतबहम

स्माल वेसल.....

रोनित ने दो मंत्र बोले और अगले hi पल उसके एक हथेली में एक शार्प पिन प्रकट हुआ और दूसरे हथेली के ऊपर एक छोटा सा वेसल....

रोनित आगे बढ़ा और अंकल के सिरहाने में जाकर बैठ गया....

रोनित- अगेन सॉरी uncle,but इतस इम्पोर्टेन्ट...

अपनी बात कह रोनित ने एक लम्बी सांस छोड़ी और अगले hi पल.....

शह्ह्ह्ह...........

ये आवाज़ जयराज अंकल के मुँह से नहीं बल्कि रोनित के मुँह से निकली थी.....

reason...RONIT ने अंकल के राइट हैंड को उठा अपने थिगह के ऊपर rakha..fir उसने अंकल की हथेली को ठीक से होल्ड कर इंडेक्स फिंगर के ऊपर जैसे hi हल्का पिन kiya,us जगह से तुरंत खून निकलने लगा जिससे देखकर रोनित के मुँह से शह्ह्ह्ह निकल गयी...

पर अपने एंग्जायटी को कण्ट्रोल कर अगले hi पल रोनित ने तुरंत पिन को साइड में रख अंकल की उस ऊँगली को होल्ड कर जिससे खून निकल रहा tha,thoda प्रेस किया...

ठीक वैसे hi जैसे ब्लड निकालने के बाद पैथोलॉजी लैब वाले करते hain....aisa करते hi उस उंगली से थोड़ा ज़्यादा ब्लड बाहर आने लगा...

रोनित ने झट से वेसल को जो उसने दूसरे हाथ में पकड़ा हुआ tha,usse उस ब्लड निकलने वाले ऊँगली से सत्ता दिया....

उस ऊँगली का ब्लड धीरे धीरे फिसलता हुआ उस वेसल में गिरने laga...kuch पलों में hi छोटे छोटे 2 ,3 बूँद खून के ड्रॉप्स वेसल के अंदर चले गए.....

काम पूरा होने के बाद रोनित ने पहले वेसल का नॉब बंद किया और जयराज अंकल का हाथ वापस नीचे रख दिया.....

रोनित कुछ देर तक जयराज अंकल की उस ऊँगली को जिससे हल्का हल्का खून अभी भी निकल रहा tha,usse अपने अंघूठे से दबा कर कर बैठा raha...par तभी.........

रोनित- ओह सहित.......

रोनित झट से उठा और वेसल और पिन को पकड़ उस मैजिक दूर से जिससे वो यहाँ आया था और जो अभी भी खुला हुआ tha,uske अंदर कूद गया...

दूर के दूसरे तरफ जाते hi रोनित ने तुरंत दूर बंद कर दिया....

रोनित- थैंक GOD..bach गया.....

तोह हुआ ये की रोनित जब जयराज अंकल के ऊँगली को होल्ड करके बैठा हुआ था तब उससे रूम का नॉब घूमने की आवाज़ आयी जिससे सुनने के अगले सेकंड hi रोनित मैजिक दूर के अंदर कूद गया......

रोनित- साला कोई काम आराम से होता hi nahi..kuch न कुछ लोचा तोह हमेशा होगा hi???khair,mission ैकप्लिसेंड....

मेरा काम तोह हो गया अब जाकर देखता हूँ की अवनि ने अपना काम किया या nahi...wo V.J को सुला पायी है की नहीं.....

रोनित ने जयराज अंकल के खून वाले वेसल को अपने जीन्स की पॉकेट में डाला और रूम से बाहर निकल गया......

वहीँ मेरे रूम में....

अनलिए- अरे ये तोह फिरसे ध्यान की मुद्रा में बैठ गए!!!!!

अनलिए की बात सुनकर अवंतिका मुस्कुराने लगे....

अवंतिका- आज कल ये जनाब तभी अचे लगते हैं जब इनकी आँखें बंद hon..aankhen खोली नहीं की इनके दिमाग के साथ सब कुछ बदल जाता है..

वैसे ाचा hi है जो इनकी आँखें बंद hain,humara काम अब आसानी से हो जाएगा...

अवंतिका चलती हुए मेरे पास aayi..kuch देर तक मुझे एक तक देखने के बाद....

स्वरसेगम शक्तियम

रिलीज़ एनर्जी

अवंतिका के स्पेल बोलते hi उसके सीने के ऊपर एक तेज़ रौशनी चमकी और उसी रौशनी से एक वाइट एनर्जी की चादर से निकली...

वो एनर्जी आगे बढ़ी और मेरे चारों तरफ घूमने लगी....

जैसे hi उस वाइट एनर्जी ने मुझे ghera,mere शरीर से हलकी पीली रौशनी बाहर निकलने लगी......

ये पीली रौशनी मेरी शक्ति थी जो मुझे प्रोटेक्ट करने के लिए बाहर आयी थी....

वहीँ वो वाइट एनर्जी जो मुझे घेरे हुए thi,wo मुझे खुदमे लपेटने के लिए या फिर ये कहूं की मुझे चुने के लिए मेरे शरीर के पास आने लगी पर.......

वाइट एनर्जी के मेरे शरीर को टच होने से पहले hi मेरे शरीर की से निकलने वाली पीली रौशनी ने उस वाइट एनर्जी को रोकना शुरू कर दिया...

ऐसा लग रहा था मानो दोनों रोशनियां एक दूसरे को धक्का देने पर लगी हुई हैं...

पर क्यूंकि वाइट एनर्जी में एंगेल्स की ऊर्जा थी इसीलिए वो मेरी शक्ति को वापस मेरे शरीर में धकेलने में कामियाब होने लगी और कुछ hi पलों के बाद......

वाइट एनर्जी ने मेरी शक्तियों की रौशनी को पूरी तरीके से मेरे अंदर धकेला और ऐसा होते hi जैसे मेरी एंजेल की ऊर्जा का स्पर्श मेरी बॉडी से हुआ........

मेरे शरीर को एक तेज़ झटका लगा और अगले hi पल मेरा शरीर जो अभी बैठा हुआ tha,wo एक तरफ लुड़कने laga,par इससे पहले की मई बीएड पर girta,AVANTIKA के हाथ ने मेरे सर को पकड़ लिया और धीरे धीरे मुझे निचे कर मेरे तकिये पर लेता दिया.....

मेरे सोते या फिर ये कहूं बेहोश होते hi मेरी वाइट ऊर्जा वापस अवंतिका के अंदर चली गयी....

अवंतिका- haashhhhh.....sabse बड़ा टेंशन तोह ख़त्म hua.....ab बस रोनित अंकल का ब्लड लेकर आ जाए.....

आज जाए नहीं आ गया.....

ये आवाज़ अवंतिका और अनलिए के पीछे से आयी थी जो और किसी की नहीं रोनित की थी जो इस वक़्त अपने हाथ में वो वेसल था जिसमे मेरे डैड के खून के चाँद बुँदे थी या फिर ये कहूं की ास्मोडियस के जेल से मेरी रिहाई के पेपर्स थे...

रोनित को और उसके हाथों में मेरे मेरे डैड के चाँद बूंदों वाली वेसल को देखकर अवंतिका की ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा....

वो झट से आगे बढ़ी और रोनित के गले लग gayi..uski आँखें अभी भीगी हुई thi..RONIT भी उसके दिल की हालत से वाकिफ था..

उसने एक बड़े भाई की तरह अवंतिका के सर को सहलाया.....

रोनित- रोने के दिन ख़त्म हुए AVANTIKA....ab रोने की बारी हमारे दुश्मनो की hai....lets गेट ुर b.f एंड माय बरोथेर बैक.....

रोनित की आवाज़ में bhaaripan,ghussa,pyar,chahat सब tha....bhai जो है mera....har वक़्त मुझे जीतते हुए देखा है usne,par इस बार जब उससे पता चला की मई एक बाज़ी हारा गया हूँ तोह उससे बर्दाश्त नहीं हो पा रहा था....

अवंतिका रोनित से अलग hui,usne अपने आंसू पोछे और रोनित के हाथों से उस वेसल को ले लिया.....

धीरे धीरे पर कॉंफिडेंट कदमो से चलते हुए अवंतिका मेरे सामने आकर कड़ी हो गयी....

AVANTIKA-wapsi का वक़्त हो गया लार्ड ऑफ़ एंगेल्स.....

मुझे देखते हुए मुस्कुराते चेहरे के साथ अपनी बात कह अवंतिका ने अपना राइट हैंड आगे किया और अपने दूसरे हाथ को जिसमे उसने जयराज अंकल के खून वाले वेसल को पकड़ा हुआ tha,usse अपने राइट हैंड के बीच में रख दिया और

AVANTIKA-BHAVISHYAVANI प्रकटम....

अवंतिका के ऐसा बोलते और वेसल को महसूस करते hi अवंतिका के हाथ के बीच का भाग कुछ देर पहले की hi तरह दोबारा जगमनगने लगा....

उस जगह को जगमगाता देख अवंतिका ने वेसल को वहां से हटा लिया....

वो रौशनी कुछ और तेज़ chamki..kuch देर यूँही चमकने के बाद वो रौशनी पानी के छर्रे के रूप में अवंतिका के हाथ से बाहर आ गयी...

कुछ ऊपर हवा में उठने के बाद वो पानी का छर्रा अवंतिका के ठीक आँखों के लेवल पर आकर रूक गया....

अवंतिका ने अपना राइट हाथ आगे kiya..wo पानी का छर्रा अवंतिका के हथेली के ऊपर आ गया...

ये जो भी हो रहा था उससे रोनित और अनलिए धड़कते दिल के साथ देख रहे थे....

अवंतिका उस छर्रे को थामे आगे badhi...V.J के करीब पहुँच अवंतिका हल्का झुक गयी...

अवंतिका अपने राइट हैंड को जिसमे वो पानी का छर्रा था उससे V.J के सर के जस्ट ऊपर ले gayi.usne अपने हाथ को नीचे की तरफ टिल्ट किया और अगले hi पल........

अवंतिका के अपने हथेली को टिल्ट करते hi वो पानी का छर्रा उसके हथेली से फिसलता हुआ नीचे की तरफ फिसला और सीधे मेरे सर के बीचो बीच टकराया...

मेरे सर को छूटे hi वो पानी का छर्रा पहात गया और उसके अंदर का पानी मेरे पुरे सर में फ़ैल सा गया.....

मेरे पुरे सर में फैलने के बाद वो पानी मेरे दिमाग के अंदर चला गया और जैसे hi ऐसा हुआ.....

मेरे शरीर को एक तेज़ झटका laga.....jhatke की वजह से मेरा पूरा शरीर कुछ फ़ीट तक हवा में उठा और दोबारा नीचे बीएड पर गिर गया.....

मेरे साथ ऐसा होता देख रोनित और अनलिए दर गए पर अवंतिका नार्मल hi रही....

रोनित- अवनि ये सब!!!!!

अवंतिका- सब ठीक hai....BHAVISHYAWAANI का पानी अपना काम कर रहा hai....V.J के दिमाग की नसों से ास्मोडियस के खून की पकड़ को ढीली कर रहा है....

एक गहरी सांस लेकर अवंतिका ने पहले डैड के खून वाली शीशी को देखा और उस शीशी को मेरे सर के पास लाने लगी....

ऐसा करते वक़्त अवंतिका के हाथ कांप रहे थे जिससे रोनित ने देख लिया...

रोनित आगे बढ़ा और अवंतिका का हाथ थाम लिया जिससे उसके हाथों का कांपना बंद हो गया.....

अवंतिका ने एक बार रोनित की तरफ dekha...RONIT ने मुस्कुराते हुए अवंतिका को आगे बढ़ने का इशारा किया....

हाँ में अपना सर हिला अवंतिका के हाथ आगे बढे और ठीक मेरे सर के ऊपर आकर रूक गए....

एक बार दोबारा रोनित की तरफ देखने के बाद अवंतिका ने वेसल के नॉब को खोला और उससे धीरे धीरे झुकना शुरू किया...

वेसल के घूमने से डैड का खून भी धीरे धीरे वेसल के बॉटम से सरकता हुआ आगे आने लगा.....

और जैसे hi अवंतिका ने वेसल को पूरा उल्टा किया........

tap....tap.....tap..........

डैड के खून की तीन बूंदे मेरे सर के ठीक बीचो बीच टकराई....

और जैसे hi ऐसा hua........teen चीज़े एक के बाद एक हुई....

PEHLA-MERE अलावा मेर घर में मौजूद सभी का समय चक्र रूक गया........

दूसरा- मेरी बॉडी को तीन बार ज़ोर के झटके LAGE..JHATKE लगने के बाद अचानक मेरी बॉडी हवा में उठी और वही रूक गयी....

तीसरा- डैड का खून जो की धीरे धीरे मेरे दिमाग के अंदर जा रहा THA,WO पूरा अंदर चला गया और ऐसा होते HI........

दो चीज़ें एक साथ हुई.......

पहली- मेरे सर के बीच से एक काला धुआं बाहर निकला या फिर ये कहूं की डैड के खून ने खींच कर उस काले धुंए को बाहर फेक दिया...

DUSRA-WO धुआं मेरे दिमाग से बाहर आते HI गायब होने वाला था पर उससे पहले HI अवंतिका के सीने के बीच में से बोहोत ज़्यादा मात्रा में वाइट एनर्जी निकली और मेरे हवा में लेते शरीर को उस एनर्जी ने चारों तरफ से घेर लिया.....

वो काला धुआं अब भी मेरे पास HI था इसीलिए वो धुआं भी उस वाइट एनर्जी के घेरे में फास गया....

अब ना वो भाग सकता था और नाही गायब हो सकता था.......

वो वाइट एनर्जी जो की असल में मेरी hi ऊर्जा thi,wo तेज़ी ने नीचे झुकी और उस काले धुंए को खुदमे लपेट लिया और ऐसा होते hi वो काला धुआं ब्लास्ट होकर ख़त्म हो गया...

और तभी.........

मेरे शरीर से दोबारा पीली रौशनी निकलने लगी जो की मेरी hi शक्ति थी पर इस बार उस शक्ति ने मेरी ऊर्जा को धकेला नहीं बल्कि वो उससे खींचने लगी.....

एक पल के सौवे हिस्से में मेरी ऊर्जा और मेरी शक्ति एक दूसरे में समां चुके the...ek दूसरे को फिरसे एक्सेप्ट करने के बाद जैसे hi वो मेरे अंदर गए.......

मेरी आँखें खुल गयी या फिर ये कहूं की लार्ड ऑफ़ एंगेल्स आज कई दिनों बाद एक नींद से जागे थे....

मेरी आँख खुलते hi मेरी बॉडी झट से नीचे बीएड पर आ गयी और अगले hi पल मई खड़ा हो गया....

मेरे खड़े होते hi मेरे रूम में एक बार फिरसे तेज़ रौशनी चमकी और जब वो रौशनी काम हुई तोह मेरे चेहरे पर एक मुस्कान नाच गयी....

जैसा की मेरे पहली बार लार्ड ऑफ़ एंगेल्स बनते वक़्त हुआ tha(update 47)कुछ वैसा hi अभी हो रहा tha...mere रूम का साइज बोहोत बड़ा हो चूका था और इस वक़्त मेरे सामने मेरे सारे एंगेल्स सर झुकाये अपने घुटनो के बल बैठे हुए थे....

उन सब से आगे मेरे दोस्तों के ठीक पीछे तीनो गोड्स मेसेंजर्स सर झुकाये बैठे हुए थे....

उन सब से बात करने से पहले मई उन्हें थैंक्स कहना चाहता था जिसकी वजह से मई ठीक हो पाया हूँ....

थे लव ऑफ़ माय life...AVANTIKA

मेरा भाई से बढ़कर dost...RONIT

वो इक्का जिसकी वजह से मई ये बाज़ी जीत paaya....ANALIA

मैंने अपना हाथ तीनो के आगे किया और अगले hi पल उन तीनो का समय चक्र वापस शुरू हो गया....

तीनो के समय चक्र शुरू होते hi तीनो को एक झटका laga....jhatke से उभर के जब तीनो की नज़र सामने गयी तोह उन्हें समझ hi नहीं आया की वो कैसे रियेक्ट karen...unki ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा....

रोनित को अब भी थोड़ा डाउट था की मई ठीक हुआ या नहीं इसीलिए...

RONIT-bhai तू.......

मई- तेरा भाई ठीक हो गया है मेरे भाई.....

बस इतना सुनाने की देर thi...RONIT सीधा मुझपर कूद gaya....maine उससे गले से लगा लिया...

रोनित ने मुझे कास कर लगे लगाया हुआ tha..uski आँखें मानो अभी बरस सी रही thi....dabi पर एक गुर्राहट जैसी आवाज़ उसके गले से निकल रही टी...

ऐसा लग रहा था जैसे वो अपने सारे गम जो उसने नजाने कब से दबा रखे the,wo उन सब को एक साथ निकल रहा था....

मई- shhh.........chup हो जा yaar....tu रोयेगा तोह मुझे भी रोना आएगा और तुझे पता है की मुझे रोना ाचा नहीं लगता....

रोनित- रो लेने दे yaar.....is मोमेंट के लिए कबसे तड़पा हूँ mai.....ek तेरा hi तोह कन्धा है जिसपर मई टूट सकता हूँ क्यूंकि मुझे पता है की तू मुझे वापस जोड़ देगा.....

बोहोत taklif,ghussa,nafrat भरा पड़ा है मेरे दिल me....aaj इन आंसुओं के साथ उन सब को निकल जाने दे....

मई- इस तकलीफ ग़ुस्सा नफरत की वजह अंजलि है ना...

रोनित- तुझसे क्या छुपा है bhai.bohot याद आती है यार uski,khud तोह चली गयी पर मुझे ज़िंदा तड़पने के लिए छोड़ गयी...

उसके ऊपर तेरे साथ इतना कुछ हो गया और मुझे पता तक नहीं tha....maaf करदे yaar..bina सच जाने मैंने तुझे क्या क्या नहीं बोलै था???

मेरे साथ तोह फिर भी सारे घरवाले the,par तू तोह अकेला था...

मई- किसने kaha..door से hi sahi,par हर din,har ghante,har minute,har सेकंड कोई था जो मेरे साथ जुड़ा हुआ था.....

ये बात मैंने अवंतिका को देखकर कही थी जो इस वक़्त चुप चाप आखों में ख़ुशी के आंसू लिए मुझे देख रही थी....

रोनित को भी एहसास हो गया की इस वक़्त मेरे बाहों में सामने के लिए अवंतिका कितनी बेचैन हो रही होगी...

रोनित को एहसास था की अवंतिका को उसकी तड़प के बारे में भी अंदाज़ा था इसीलिए उसने खुदसे पहले उससे मुझसे मिलकर अपना मन हल्का करने दिया....

अवंतिका का एहसास होते hi रोनित थोड़ा साइड हैट गया....

रोनित- oye,dekh क्या रही hai....toot पद...

अवंतिका धीरे धीरे मेरे करीब आयी....

मैंने अपना हाथ आगे badhaya,usne मेरा हाथ थाम लिया....

मैंने झट से उससे हल्का खींचा और अगले hi पल अवंतिका मेरे बाहों में थी....

मैंने तोह ावनतिका को अपनी बाहों में समेटा था पर अवंतिका ने तोह मुझे जैसे जकड सा लिया था....

मई उसकी बेचैनी जानता tha...uski तड़प महसूस कर सकता tha....mere ज़ख्म को अपना दर्द बना कर नजाने कब से चल रही थी ये पगली....

मई- मोहोब्बत हम दोनों ने की hai,par इम्तिहान सिर्फ तुमने दिया है....

अवंतिका- मई और तुम हम में खो चुके हैं V.J. इम्तिहान भले मैंने दिया है पर उसमे पास हम दोनों हुए हैं....

मई- इश्क़ ने बोलना सीखा दिया है तुम्हे...

अवंतिका- तुम्हारे इश्क़ ने मुझे अपना दिल खोलना सीखा दिया है...

मई- वैसे रोनित और अनलिए हमे hi देख रहे हैं...

अवंतिका- देखने do..mujhe किसीकी परवाह नहीं...

मई- सच me..un लाखों एंगेल्स की भी नहीं जो उन दोनों के पीछे खड़े हैं.....

अवंतिका- नहीं.......

अवंतिका ने बेखयाली में नहीं बोल तोह दिया पर जब उसने मेरी बात पर गौर किया तोह वो झट से मुझसे अलग हुई और पीछे पलटी...

पीछे का माहौल देख अवंतिका का मुँह खुल gaya...wahin अवंतिका को यूँ अचानक पीछे मुड़ते और शॉकेड होते देख रोनित और अनलिए भी पालते और पीछे मुड़ते hi उनका भी वही हाल हुआ जो इस वक़्त अवंतिका का था....

एंगेल्स को वो भी इतने ज़्यादा तादाद में अवंतिका और रोनित ने तोह पहले भी देखा hai,par अनलिए के लिए ये फर्स्ट टाइम tha..wo हड़बड़ाते हुए पीछे हाथ गयी....

वहीँ मई अवंतिका हाथ पकड़ चलता हुआ रोनित के साइड में आकर खड़ा हो गया....

मई- खड़े हो जाइये....

मेरे बोलते hi सारे एंगेल्स खड़े हो गए...

मैंने अपने सीने पर हाथ रखा और अगले hi पल.....

मेरे सीने के ठीक बीच में से अनगिनत रोशनियों की रेज़ निकलकर सारे एंगेल्स के सीने के बीच में सामने लगी.....

ऐसा लग रहा था मानो मेरी रेज़ ने सभी को खुदसे जोड़ लिया hai....kuch देर तक ऐसा होता raha,fir मेरे सीने के ऊपर से निकलने वाली रोशनियों की रेज़ गायब हो गयी...

मई- कैसा महसूस कर रहे हैं आप सब???

सत सेबेस्टियन- अत्यधिक ऊर्जा का बहाव....

मई- hmm....waise तोह आप सब मेरी ऊर्जा की वजह से हर वक़्त मुझसे जुड़े रहते हैं पर अब मेरी ऊर्जा का कण आप सबके अंदर मौजूद है....

अब अगर कोई चाहे भी तोह ना hi मेरी ऊर्जा को मुझसे छीन सकता है और नाही आप सब की......

मेरी ऊर्जा एक दरवाज़ा भी है जो अब आप के अंदर भी मौजूद hai....aap कहीं भी rahen,par याद रखियेगा की आपके अंदर एक दरवाज़ा है और उसकी दूसरी तरफ मई हूँ....

जहाँ मेरी बात सुनकर सभी एंगेल्स खुश हो गए वहीँ मेरी जान और मेरे दोस्त के मन में एक साथ एक ख्याल aaya...aur वो ये की........

जब दिमाग के बंद होते होते भी इसने इतना कुछ कर दिया था तोह अब जब ये ठीक हो गया है तोह......

क्या क्या करेगा V.J और क्या क्या कराएगा उससे USKA................ATTITUDE....................

आज के लिए इतना HI.........

आपका अपना V.J...........
 
थैंक्स बरोथेर.... brother,paheli की hi तरह टाइटल के नाम पर नहीं उसकी कहानी पर ध्यान den..first और सेकंड chapter के टाइटल के बारे में तब तक पता नहीं चला जब तक क्लेअर्ल्य उसके बारे में बताया नहीं gaya...brother,is कहानी के हर पहलु को आप तब तक नहीं समझ paayenge,jab तक वो बात खुदको खुदसे डिस्क्लोसे नहीं करती.....

आपने अनलिए के ऊपर कमेंट किया पर शायद लास्ट अपडेट ठीक से पढ़ा नहीं इसीलिए एक बात जो की बोहोत इम्पोर्टेन्ट hai,mo मिस कर गए..

आप hi kya,kisi का भी उस तरफ ध्यान नहीं गया hai.....ab इतने कासुअल रीडिंग karenge,toh सस्पेंस जितना hai,usse ज़्यादा दिखेगा...

जो भी सी कहानी में hi रहा hai,wo पहले से सोचा जा जा चूका है.. क्या होगा, कैसे होगा और क्यों होगा सब क्लियर होगा और वो भी बोहोत जल्द क्यूंकि हम क्लाइमेक्स की तरफ बढ़ने वाले हैं....
 
अब तक आपने पढ़ा की विक्रम को उसका ASTIVT,USKI पहचान वापस मिल जाती है

अब आगे:-

फाइनल CHAPTER

(एंगेल्स सैक्रिफाइस & डेविल्स डेमोलिशन)

अपडेट-101

PLANET-EARTH

प्लेस- मीनाक्षी मेन्शन

विक्की..............!!!!!!!!!!!!!!!!!!

इस आवाज़ के साथ मेरे डैड उठ गए....

MOM-kya हुआ ji.......koi बुरा सपना देखा क्या?????

माँ के सवाल पर डैड ने कुछ जवाब नहीं diya.unke चेहरे पर हलकी टेंशन अभी भी दिख रही thi...kai सारे एक्सप्रेशंस उनके फेस पर आ जा रहे थे....

माँ- ये लीजिये पानी पीजिये.....

माँ ने झट से बाजू में राखी जग से थोड़ा पानी गिलास में डाला और डैड की तरफ बढ़ाया...

अब तक डैड के सेंसेस काफी हद तक नार्मल हो चुके the.unhone माँ के हाथ से गिलास लिया और पानी पीने लगे.....

MOM-ab bataiye,kya हुआ tha???koi बुरा सपना देखा था क्या???

पानी का गिलास डैड से लेते हुए माँ ने पूछा....

डैड- बुरा भी और अजीब भी......

माँ- बुरा भी और अजीब bhi..matlab!!!!

डैड- मैंने सपने में देखा की मई एक अँधेरी जगह पर खड़ा hun...mujhe कुछ भी नज़र नहीं आ रहा था...

मई समझने की कोशिश कर hi रहा था की मई कहाँ हूँ की इतने में मेरे कानो में एक आवाज़ गुंजी जिससे सुनकर मई चौंक गया...

और वो इसीलिए क्यूंकि ये आवाज़ और किसी की नहीं विक्की की थी....

हर तरफ फैले अँधेरे की वजह से मुझे कुछ दिख तोह नहीं रहा था पर फिर भी मई आवाज़ की दिशा में भागे....

कुछ देर तक भागने के बाद अचानक मेरे कदम रूक गए...

REASON...mujhse थोड़ी hi दूर आगे अचानक एक उजाला सा hua...par सामने का सन देखकर मई चौंका भी और मेरा दिमाग ख़राब होने लगा...

क्यूंकि मेरे सामने इस वक़्त विक्की खड़ा tha...par वो मेरी तरह खुली जगह पर नहीं था बल्कि एक बड़े से पिंजरे के अंदर था....

मुझ को देखते hi मेरे बेटे ने मुझे बहार निकलने के लिए kaha....mai भागते हुए उसके पास गया और उससे हौसला देने लगा.

मैंने उस पिंजरे को चारों तरफ से dekha.us पिंजरे में कोई ताला नहीं tha..chaaron तरफ बस सलाखें hi सलाखें थी...

मई उन सलाखों को तोड़ने के लिए इधर उधर देखने लगा ताकि उन्हें कुछ मिल जाए पर मुझे कुछ भी ऐसा नहीं मिला जिससे मई उन सलाखों को तोड़ सकूँ...

फिर कुछ सोचकर मैंने दो सलाखों को पकड़ा और उन्हें एक दूसरे से दूर पुल्ल करने लगा...

मेरे ताकत लगते वो सलाखें ढेर धीरे फैलने लगी.....

कुछ hi देर में मैंने दो सलाखों को एक दूसरे से इतना दूर कर दिया था की विक्की उनके बीच से निकलकर बाहर आ सकता था....

मैंने विक्की से बाहर आने के लिए kaha..VICKY भी तुरंत उन सलाखों के बीच से किसी तरह बाहर आने लगा....

जैसे hi उसकी उप्पेर बॉडी सलाखों से बाहर aayi,usse पूरा बाहर खींचने के लिए मैंने अपना हाथ विक्की की तरफ बढ़ाया...

मेरे हाथ बढ़ाते hi विक्की ने भी अपना हाथ आगे कर दिया पर जैसे hi मैंने विक्की का हाथ thaama,VICKY गायब हो gaya.aur मेरी नींद खुल गयी....

माँ- ये अब बस एक सपना था और मुझे पता है की ये सपना आपको क्यों आया???

डैड सवालिया नज़रों से माँ की तरफ देखने लगे....

माँ- विक्की इतने दिन हमसे दूर जो रहा tha..VICKY के घर छोड़ कर जाने के बाद आपने उस बारे में बात तक नहीं की पर मुझे पता है की आप दिन रात उसस्के बारे में सोचते रहते थे....

और अब जब हमारा बीटा वापस आ गया है तब भी आपके मन में उसके घर छोड़ने वाली याद ताज़ा है और इसीलिए hi आपको ऐसे सपने आ रहे हैं...

डैड कुछ देर तक माँ को देखते रहे फिर....

DAD-VICKY कहाँ hai???baahar गया है क्या???

माँ- नहीं वो घर पर hi hai.wo रोनित और अवंतिका अपनी किसी फ्रेंड की बेहेन के साथ आयी है तोह उन्हीके साथ अपने रूम में है...

डैड- मई एक बार उससे देखकर आता हूँ...

डैड की बात सुनकर माँ बस मुस्कुरा di...wo जानती थी की सपने की वजह से डैड का दिल घबरा सा गया है और मुझे देखने के बाद hi उन्हें चैन आएगा इसीलिए.....

माँ- chaliye,mai भी चलती हूँ....

माँ और डैड मेरे रूम की तरफ चल दिए..

माँ ने तोह ये ासूमे कर लिया था की डैड का देखा सपना बस उनका दर था पर असल बात कुछ और थी..

दरअसल अवंतिका ने जो मेरी ऊर्जा की चादर से डैड को घेरा tha,ussi ऊर्जा के प्रभाव की वजह से डैड के दिमाग में ये सपना आया था..

जिन सलाखों के अंदर डैड ने मुझे कैद देखा था वो सलाखें असल में ास्मोडियस का वो खून था जिसने मेरे दिमाग को कैद किया हुआ था...

और जिस वक़्त डैड ने अपना हाथ मुझे खींचने के लिए आगे बढ़ाया ये वही वक़्त था जब डैड के खून ने मेरे सर को छुआ था जिसकी वजह से ास्मोडियस का खून काले धुंए की शक्ल में बाहर आ गया था..

जैसे hi ास्मोडियस का खून मेरे दिमाग से बाहर आया और मेरी आँखें khuli,thik उसी वक़्त सपने में वो सलाखें जिनके अंदर में कैद tha,wo गायब हो गयी और उसके साथ मई भी आज़ाद होकर गायब हो गया था...

इन माय रूम

तुम्हे मेरे सामने झुकने की ज़रुरत नहीं है अनलिए....

रोनित और उसके बाद अवंतिका से मिलने के बाद मेरी नज़र अनलिए की तरफ घूमी जो एक तक मुझे hi देखे जा रही थी..

जैसे hi मैंने उसकी तरफ dekha,wo अपने घुटनो पर बैठने के लिए हुई पर मैंने उससे ऐसा करने के लिए मन कर दिया....

मई- माफ़ करना ANALIA.....maine अपनी परेशानी में तुमको भी शामिल कर liya....mai ऐसा करना नहीं चाहता था पर उस वक़्त मेरे पास और कोई रास्ता नहीं था...

अनलिए- ऐसा मत कहिये LORD....ye हमारी खुशकिस्मती है की हम आपके किसी काम आ sake....aur हम तोह खुद आपसे मिलना चाहते थे....

मई- और यही वो वजह है जिसकी वजह से मई तुमसे माफ़ी मांग रहा हूँ....

V.J की बात अवंतिका को छोड़कर किसी को समझ में नहीं आयी....

अनलिए- हम समझे नहीं.....

अनलिए की बात सुनकर मैंने अवंतिका की तरफ देखा जो इस वक़्त मेरी तरफ hi देख रही थी....

मई- सॉरी ाव.....

AVANTIKA-sorry!!!kyun???jo भी तुमने किया वो तुमसे ज़्यादा अनलिए के लिए फायदेमंद है....

रोनित- कोई मुझे भी बताएगा की किस बारे में बात हो रही है....

MAI-hum अनलिए के यहाँ आने की असली वाह के बारे में बात कर रहे हैं....

जहाँ मेरी बात सुन अनलिए को शर्म आ गयी वहीँ रोनित जो मेरे वापस आने की ख़ुशी में सब भूल गया tha,uske दिमाग में भी अनलिए वाली बात क्लिक हुई....

रोनित- अरे haan,wo बात तोह मई भूल hi गया tha..aur अब जब तू ठीक hai,toh तुझे तोह अनलिए के फीलिंग्स के बारे में भी पता चल गया होगा....

मई- haan,mujhe पता hai....par असल में अनलिए के मन में जो मेरे लिए फीलिंग्स हैं........

AVANTIKA-WO एक झूठ है....

मेरी बात को अवंतिका ने कम्पलीट किया पर उस बात के कम्पलीट होते hi जहाँ रोनित को एक झटका लगा वहीँ ANALIA,jiska सर हाय की लाली की वजह से नीचे tha,wo एक झटके में ऊपर उठ गया...

रोनित- अब्बे क्या बोल रहे ho...feelings झूठ है मतलब???

मई- मतलब अनलिए के दिल में जो एहसास है जो उससे बताता है की वो मुझसे प्यार करने लगी HAI,WO झूठ है....

अनलिए मुझसे प्यार नहीं करती....

मेरी बात सुनकर जहाँ रोनित को लगा झटका डबल हो गया वहीँ.......

अनलिए- nahi...humare जस्बात झूठे नहीं हैं LORD....hum सचमुच आपसे प्रेम करते हैं....

अनलिए की बात सुन मई मुस्कुरा utha..aisi hi एक मुस्कराहट इस वक़्त अवंतिका के चेहरे पर भी थी....

रोनित- अब्बे तुम दोनों दांत दिखाना छोडो और इस मटर को क्लियर करो.

MAI-DAD......

रोनित- अब्बे अब ये डैड कहाँ से बीच में आ गए....

मई- आ गए नहीं आ रहे hain..dad और माँ दोनों रूम में आ रहे hain....unke जाने के बाद बात करते हैं....

यहाँ मेरी बात ख़त्म hui,wahan मेरे रूम के दूर पर नॉक हुआ....

रोनित दूर के सबसे करीब था इसीलिए उसने दूर khola...jaisa की मैंने कहा tha,is वक़्त दूर के सामने हाथों में कॉफ़ी की ट्रे लिए मेरे डैड खड़े थे और उनके साथ माँ कड़ी थी...

दूर खुलते hi दोनों अंदर आ gaye....jahan माँ बस कड़ी रही वहीँ डैड ट्रे को रख मेरे सामने आकर खड़े हो गए और अगले hi पल उनका हाथ मेरे माथे पर था...

ऐसा लग रहा था मानो वो मेरा टेम्परेचर चेक कर रहे हों....

मई- माय हेल्थ इस फाइन डैड.......

मई जानता था की डैड अपने सपने की वजह से परेशां hain.ab न तोह वो डायरेक्टली उस बारे में मुझसे कुछ

पूछ सकते थे और ना hi मई कुछ बता सकता था इसीलिए.....

DAD-beta तू इतने दिन दिल्ली में raha,wahan तुझे किसी ने परेशां तोह नहीं किया naa..agar कोई प्रॉब्लम हुई है तोह मुझे bata,i विल सॉर्ट आईटी आउट.....

मई कुछ देर तक डैड को देखता रहा फिर....

मई- एक प्रॉब्लम है डैड....

जहाँ मेरी बात सुन डैड के चेहरे की परेशानी और बढ़ गयी वहीँ माँ जो अब तक कसुआलय हम दोनों की बात सुन रही thi,wo भी अलर्ट सी हो गयी और डैड के बाजू में आकर कड़ी हो गयी.....

डैड- क्या प्रॉब्लम है beta....just तेल्ल me,i'll डील विथ आईटी....

मई- पक्का!!!!

डैड- तुझे अपने बाप पर शक है क्या???

MAI-hmm...aapke चेहरे पर जो ये टेंशन दिख रही है naa,yahi मेरी प्रॉब्लम hai...isse हटा lijiye,them ी ऍम फाइन.....

मेरी बात सुन जहाँ माँ रिलैक्स हो गयी वहीँ....

DAD-tujhe मेरी टेंशन की इतनी hi फ़िक्र होती तोह मुझे छोड़कर तू दिल्ली नहीं चले गया होता....

वैसे तोह डैड अपने इमोशंस कभी शो नहीं करते पर अभी जो उन्होंने kaha,wo बोलते वक़्त उनकी आवाज़ भारी हो गयी थी जिससे सुनकर मई तुरंत उनके पैरों में झुक गया.....

मई- सॉरी dad...it वोट एवर हैपन अगेन....

डैड ने मुझे कंधे से पकड़ उठा लिया और मुझे गले लगा liya...mom भी इस हुग में शामिल होना चाहती थी पर उन्हें ये वक़्त बस एक पिता और बेटे का लगा इसीलिए वो वहीँ कड़ी रही....

डैड मन में- कुछ दिन पहले भी मैंने विक्की को गले लगाया था पर तब में और अब में बोहोत फर्क लग रहा है....

उस दिन लग hi नहीं रहा था की मई अपने बेटे को गले लगा रहा हूँ पर आज दिल को एक सुकून सा मिल रहा है....

मई डैड की मन में चल रही बातों को सुनकर मुस्कुरा utha..waise मेरी फीलिंग भी म्यूच्यूअल थी....

मुझे भी आज डैड को हुग करके बोहोत लाइट फील हो रहा था....

कुछ देर तक मुझे यूँही गले लगाए रखने के बाद डैड जब मुझसे अलग हुए तोह.....

डैड- एक बाद हमेशा याद rakhna...maine naam,shohrat,paisa अपने लिए नहीं kamaya,tere लिए कमाया है...

जब मैंने तुझे दिल्ली के उस होटल में एक वेटर के ड्रेस में dekha,toh एक पल लिए मुझे ऐसा लगा की मेरी साड़ी म्हणत बेकार हो गयी.....

मुझे ऐसा लगा जैसे मेरा सब कुछ लूट गया hai...ek झटके में मई अमीर से गरीब हो गया tha....mai दोबारा उस फीलिंग से गुज़ारना नहीं चाहता.....

MAI-dad,meri सबसे बड़ी ट्रॉफी आपकी और माँ की आँखों की चमक और होंठों की मुस्कराहट है....

किसी भी चीज़ के लिए मई इस ट्रॉफी को नहीं खो sakta.....isiliye मैंने कहा की आईटी वोट हैपन एवर अगेन....

डैड ने प्यार से मेरे सर पर हाथ फेरा....

माँ- lo,aap दोनों की सेंटी बातों में मई जो कॉफ़ी बच्चों के लिए लायी thi,wo ठंडी हो गयी....

डैड- तुम लायी थी की मई लाया tha...kabhi कभी तोह मुझे लगता है की मेरी जगह तुम्हे बिज़नेस संभालना चाहिए...

मुझे ऊपर आता देख तुमने अपना काम भी मुझसे hi करा liya..ab हुआ न ये बिज़नेस मंद....

सेंटी बातें ख़त्म हुई नहीं की माँ डैड की नेचुरल मस्ती शुरू हो गयी.....

माँ- बिज़नेस मन तोह आप hi hain...dekho कितनी आसानी से अपनी गलती मुझपर दाल दी....

डैड- गलती नहीं madam,humne आपके गले में वरमाला डाला hai....humari मोहोब्बत का सुबूत आपको पहनाया है....

डैड की बात सुनकर माँ के गाल लाल हो गए...

माँ- कुछ भी naa..dekhna भी नहीं है की कहाँ खड़े hain???bas शुरू हो जाना है....

डैड- अरे अपने hi बच्चों से कैसी sharam..aur वैसे भी हमसे hi तोह हमारे बच्चे भी अपनी फ्यूचर वाइफ और फ्यूचर हस्बैंड से प्यार करना सीखेंगे....

माँ- haan,yahi बचा था आपका सीखना बच्चों ko....chalo अब यहाँ se..bacchon,mai तुम्हारे लिए दूसरी कॉफ़ी भिजवाती हूँ....

डैड- arre,humare घर में ये नया मेहमान कौन हैं....

डैड ने अनलिए को देख कहा....

फिर अवंतिका ने डैड का अनलिए से इंट्रो karaya..ANALIA डैड से भी वैसे hi मिली जैसे वो माँ से मिली थी जिससे देखकर डैड को भी पहले शॉक लगा पर फिर जब अवंतिका ने डैड से भी वही कहा जो सबसे कहते आ रही है तोह डैड नार्मल हो गए......

सबसे मिलकर डैड और माँ रूम से बाहर निकल गए.....

रोनित- व्हाट वास् तहत आल about???ye अंकल अचानक इतने सेंटी क्यों हो गए थे???

माँ डैड के जाते hi रूम लॉक कर रोनित ने पूछा....

फिर मैंने उससे और सब को डैड के सपने के बारे में बताया और उस सपने के आने का रीज़न भी जिससे सुनकर सब नार्मल हो गए...

रोनित- ी होप that's आल right!!!i मैं तेरी ऊर्जा से उन्हें और कोई प्रॉब्लम या कोई साइड इफ़ेक्ट तोह नहीं होगा ना!!!

मई- nopes...tention मत ले सब ठीक है....

रोनित- तोह अब.....!!!

मई- अब मुझे कहीं जाना है....

रोनित- जाना hai!!!kahan????

पर मैंने रोनित को कोई जवाब नहीं दिया और अपनी आखें बंद कर ली....

मई मन में- मई आ रहा हूँ......

मई आ रहा हूँ

कवच भंगम

.......अब..........

मेरे रूम में एक तेज़ रौशनी हुई और जब वो रौशनी घाटी तोह मई गायब हो चूका था...

रोनित- अब्बे saala......ab ये कहाँ गया.....???

जहाँ मुझे यूँ अचानक गायब होता देख रोनित और अनलिए चौंक गए वहीँ अवंतिका के चेहरे पर मुस्कान नाच गयी जिससे रोनित ने देख लिया...

रोनित- AVNI,tujhe पता है की V.J कहाँ गया है???

अवंतिका- हाँ.....

रोनित- कहाँ???

अवंतिका- अपना फ़र्ज़ पूरा करने.....

अनलिए- पर हमारी बात तोह अधूरी रह गयी.....

रोनित- हाँ यार.....

अवंतिका- V.J जिस काम से गया है वो ज़्यादा ज़रूरी hai...chinta मत karo,V.J जल्दी hi आ jayega..fir जो पूछना है वो पूछ लेना..

रोनित- यार AVNI,tu भी तोह सब जानती hai...tu hi बता दे....!!!!

अवंतिका- नहीं yaar.ye सब V.J ने किया hai..wahi बताये तोह ठीक है...

अनलिए- तोह अब हम क्या करें...???

रोनित- भाई साहब का intazar,aur क्या????

PLANET-ISLA

PLACE-INSIDE गोड्स बैरियर

मई आ रहा हूँ......

कवच भंगम.....

.....अब.........

जैसे hi ध्यान में बैठे डिफेंडर के कानो में मई आ रहा HUN,ye शब्द gunje,unki आखें खुल गयी और वो झट से खड़े हो गए.....

दूसरी आवाज़ जो की मेरे द्वारा बोलै गया स्पेल tha,uske डिफेंडर के कणो में गूंजते hi उनके चारों तरफ फैला GOD'S बैरियर शील्ड हैट गया....

जैसे hi शैलद हटा एक के बाद एक दो चीज़ें हुई.....

pehli.....ek बार फिरसे मेरी आवाज़ जिसमे मैंने अब कहा था डिफेंडर के कानो में gunji,aur उस आवाज़ के गूंजते hi.....

बन्धं मुक्तम

कॉनफिनेमेंट रिलीज़

डिफेंडर ने अपने हाथ फैलाये और इस स्पेल को उच्चरित किया और ऐसा करते hi डिफेंडर के हाथों से शक्तिशाली रेज़ निकले और इस्ला और वारियर्स वर्ल्ड के हर तरफ तेज़ी से बढे....

दूसरा- जैसे hi डिफेंडर के सामने से बैरियर hati,BEELZEBUB को पता चल गया और अगले hi पल वो डिफेंडर के सामने प्रकट हुआ....

बिल्जेबब- मई आ गया.....

जहाँ ये बोलते वक़्त बिल्जेबब के चेहरे पर एक ज़हरीली मुस्कान थी वहीँ डिफेंडर भी हल्का हल्का मुस्कुरा रहे थे....

डिफेंडर- तोह इंतज़ार किस बात का hai????waar karo...waade के मुताबिक मई तुम्हारे वार को रोकूंगा नहीं.....

डिफेंडर की बात सुन बिल्जेबब को ग़ुस्सा आ gaya..usse ऐसा लगा जैसे डिफेंडर उससे कुछ भी नहीं समझता और इसीलिए.....

प्राण हाथम.......

लाइफ अटैक.........

बिल्जेबब के हथेलियों में गाढ़ी तेज़ चिंगारियां दिखने लगी....

बिल्जेबब ने अपने दोनों हथेली को साथ में किया जिससे उसकी दोनों हथेलियों की चिंगारियां आपस में मिल गयी..

ऐसा होने से उन चिंगारियों की शक्ति दोगुनी हो गयी.....

बिल्जेबब- अलविदा डिफेंडर......

अपनी बात कह बिल्जेबब ने अपने दोनों हाथों को आगे कर दिया.....

बिल्जेबब के हाथों से वो चिंगारियां तेज़ गति से निकली और डिफेंडर की तरफ बढ़ गयीं...

वार कर बिल्जेबब अपने दोनों हाथ कमर पर टिकाये खड़ा मुस्कुरा hi रहा था की.....

असंभव...........

ये बात बिल्जेबब के मुँह से निकली thi....is वक़्त बिल्जेबब की आखें ऐसी थी मानो अभी फैट कर बाहर आ जाएँगी....

वहीँ डिफेंडर अब भी वैसे hi मुस्कुराते हुए खड़े थे बस एक फर्क था...

और वो ये की इस वक़्त उनके गले में पुष्पों की एक बड़ी सी माला लटकी हुई थी....

ये पुष्प और कुछ नहीं बल्कि वही चिंगारियां थी जो बिल्जेबब ने डिफेंडर को मारने के लिए छोड़ी थी....

बिल्जेबब- ye..kaise ho...sakta.....hai????

बिल्जेबब ने अटकते अटकते अपनी बात कही...

अपने सवाल का जवाब तोह उससे मिला पर उस जवाब को सुनकर या फिर ये कहूं की उस जवाब को देने वाली आवाज़ को सुनकर बिल्जेबब के बचे खुचे होश भी उड़ गए....

क्या तुम्हे तुम्हारे पितः ने नहीं बताया था की जब किसी किस्से में ास्मोडियस या विक्रम होते हैं तोह कुछ भी हो सकता है...

ये आवाज़ पुरे इस्ला और वारियर्स वर्ल्ड में गुंजी थी...

इम्पैक्ट इतना ज़्यादा था इस आवाज़ में की पूरा गृह सेतु तक कांप उठा और उस के साथ साथ हिल गए उसके अंदर मौजूद इस्ला और वारियर्स वर्ल्ड के लोग....

उन लोगों को मेरी ये आवाज़ तोह नहीं सुनाई दी पर उस आवाज़ से पैदा हुई कम्पन उन्हें अपने निचे के ज़मीं पर महसूस हुई थी....

और किसी को तोह नहीं पर अलेसेन्द्र को हो रही कम्पन के कारण का अंदाज़ा हो गया था और इसीलिए.....

ALESENDRA-VIKRAM आ गए.......

अलेसेन्द्र ने ये बात ज़ोर से कही थी जिससे उसके पास मौजूद सभी ने सुन लिया था...

मेरा नाम सुन वो सब मेरा नाम पुकारने लगे और देखते hi देखते पुरे इस्ला और वारियर वर्ल्ड के वासियों को अंदाज़ा लग गया की मई वापस आ गया हूँ....

वहीँ बाहर बिल्जेबब मेरी आवाज़ सुनकर बोहोत घबरा गया था बस सामने से उसने अपने आप को मज़बूत दिखने के लिए कहा....

बिल्जेबब- तोह सबके चाहते लार्ड ऑफ़ एंगेल्स आखिर आ hi गए....

मई- मेरी आवाज़ सुनकर तुम्हे इतनी ख़ुशी मिलेगी ये तोह मैंने भी नहीं सोचा था....

जब आवाज़ सुनकर ये हाल है तोह मुझे देखकर तुम कितने खुश होंगे.....

और तुम्हारी ख़ुशी में hi तोह मेरी ख़ुशी है मेरे भतीजे......

और इसीके साथ बिल्जेबब से कुछ hi दूर सामने सफ़ेद धुआं की एक चादर सी बिछने लगी...

उस सफ़ेद धुंए की चादर से वाइट रेज़ निकलकर हर तरफ फैले रहे थे जिसकी वजह से इस्ला और वारियर वर्ल्ड में चाय अँधेरा छटने लगा था....

जैसे hi सारा अँधेरा chata,saare वाइट रेज़ निकलना बंद हो गए और सफ़ेद धुआं भी एक जगह पर आकर खुदको सोखने लगा....

जैसे hi सफ़ेद धुआं chatta,BEELZEBUB को अपने सामने एक लम्बे कम्पलीट वाइट ड्रेस में खड़ा लड़का दिखने लगा... जो की और कोई नहीं मई था....

मुझे देखते hi डिफेंडर अपने घुटनो पर बैठ गए पर वो अपनी नज़रें मुझसे हटा नहीं पाए...

और इसकी वजह ये थी की इस वक़्त मेरे चेहरे पर एक ऐसा तेज था जिससे एक तरफ डिफेंडर को एक सुकून सा मिल रहा था वहीँ बिल्जेबब को अपने शरीर में एक कसावट सी महसूस हो रही थी....

उससे ऐसा लग था जैसे वो कभी भी मर जाएगा...

बिल्जेबब आज मुझे पहली बार मेरे पुरे लार्ड ऑफ़ एंगेल्स के रूप में देख रहा था पर उससे इसका अंदाज़ा नहीं था की मेरा ये रूप उससे इतनी घुटन महसूस करा सकता है...

मई चलते हुए उसके पास जाने laga..jaise जैसे मई उसके करीब जा रहा tha,waise वैसे उसकी हालत और ख़राब होने लगी थी...

उससे पता hi नहीं चला की कब वो अपने घुटनो पर आ गया tha.....uske चेहरे पर एक दर्द की लकीर साफ़ देखि जा सकती थी...

और जैसे hi मैंने एक कदम और आगे बढ़ाया......

बिल्जेबब- basssss................mai और सेह नहीं पाऊंगा....

बिल्जेबब की बात या फिर ये कहूं की उसकी गुहार सुनकर मई रूक गया....

MAI-jab तकलीफ सेहेन नहीं hoti,toh खुद दुसरो को किस अधिकार से चोट पहुंचते हो....

मैंने अपना तेज काम कर दिया जिसकी वजह से बिल्जेबब की हालत सुधरने लगी....

मई- जाओ BEELZEBUB,kuch दिन और जी लो....

बिल्जेबब- क्या मेरे एक सवाल का जवाब देंगे....???

मई- उससे पहले तुम्हारे उस सवाल का जवाब जान लेना चाहिए जो तुम्हारे मन में यहाँ पिछली बार आने पर उठा था...

मेरी बात सुन बिल्जेबब को याद आया की पिछली बार जब वो यहाँ से गया था तबसे hi उसके मन में एक सवाल था जिसका जवाब उससे अभी तक नहीं मिला hai.....sawal याद आते hi बिल्जेबब कुछ कहने hi वाला था की

MAI-kuch दिन पहले डिफेंडर को इसका आभास हो गया था की मेरी पहचान पाने का तरीका मिल चूका है....

(दोस्तों आपको याद होगा की डिफेंडर ने अलेसेन्द्र से कहा था की उससे गृह सेतु से बाहर जाना hoga,aur अलेसेन्द्र के रीज़न पूछने पर उसने उससे कुछ कहा tha...ye वही वजह है)

और इसीलिए वो गृह सेतु से बाहर aaye...kyunki वो जानते थे की मई ठीक होते hi यहाँ आने की कोशिश करूँगा और गृह के बंधे होने की वजह से मुझे यहाँ पहुँचने में परेशानी होगी..

पर डिफेंडर तुम्हारे बंधन को आसानी से तोड़ सकते the....aur इसी बात से पैदा होता है तुम्हारा दूसरा सवाल...

तुम यही पूछना चाहते थे ना की मैंने तुम लोगों के बंधन को कैसे तोडा जबकि जिस बंधन से तुमने इन दो ग्रहों को बाँधा tha,wo ास्मोडियस की बनायीं स्पेल से बना था जिससे या तोह खुद ASMODEUS,ya फिर उसकी इजाज़त से तुम या भुविका hi तोड़ सकती थी....

बिल्जेबब- जी....

MAI-maine तुम्हारे द्वारा बांधे बंधन को नहीं तोडा बल्कि डिफेंडर ने तोडा hai....aisa नहीं था की मई तुम्हारे इस बंधन को तोड़ नहीं सकता tha..ISLA और वारियर्स वर्ल्ड वाइट एनर्जी वाले गृह हैं...

और हर वाइट एनर्जी वाले देश में कितनी भी बड़ी बढ़ा होने के बावजूद वहां pahunchna,meri लिए कोई बड़ी बात नहीं है....

पर अगर मई तुम्हारे बंधन को तोड़ने के लिए इस गृह के बाहर से अपनी शक्ति का प्रयोग karta,toh उसका असर यहाँ अंदर मौजूद गृह सेतु पर भी होता...

और इस वक़्त गृह सेतु में यहाँ के लोग मौजूद hain,isiliye मई ये खतरा नहीं उठा सकता था....

पर गृह सेतु बनाते वक़्त मैंने इन दो ग्रहों को डिफेंडर के साथ जोड़ दिया था...

इन दो ग्रहों की नीव में डिफेंडर की शक्तियां मिली हुई है....

तुम्हारे स्पेल ने सिर्फ इन ग्रहों को बाँधा tha,DEFENDER की शक्तियों को नहीं जो यहाँ के कण कण में है.....

तुम्हारे बांधे बड़हन का आखरी छोर डिफेंडर की शक्तियों के ऊपर आकर रूक गया जिससे डिफेंडर को हटाना नहीं tha,bas खुद के ऊपर से धकेलना था....

डिफेंडर के आगे बस एक hi मुश्किल thi...GODS बैरियर जिससे वो हटा नहीं सकते थे पर यहाँ आने से पहले मैंने उससे हटा दिया..

गोड्स बैरियर के हटते hi डिफेंडर ने तुम्हारे बंधन को खुदके ऊपर से धकेल दिया....

बिल्जेबब एक तक मेरी बातों को सुने जा रहा tha.....usse तब होश आया जब मेरी आवाज़ दोबारा उसके कानो में गुंजी....

मई- अब तोह मेरे भतीजे की जिज्ञासा ख़त्म हो गयी hogi...toh तुम यहाँ से जाओगे या थोड़ा दर्द और सहना है....

मेरे बोलने की बस देर thi,agle hi पल बिल्जेबब गायब चूका था...

बिल्जेबब के गायब होते hi जैसे मई palta,toh डिफेंडर को अपनी तरफ देखता पाया...

मई- कुछ पूछना चाहते हैं आप डिफेंडर???

डिफेंडर- जी LORD...aapne बिल्जेबब को जाने क्यों diya???usse उसकी करनी की सजा क्यों नहीं दी....

मई- ये इतना भी आसान नहीं है DEFENDER...agar मई बिल्जेबब को मारने की कोशिश करता तोह उससे पहले hi ास्मोडियस उससे गायब कर देता....

बिल्जेबब को मारने के लिए ास्मोडियस को कमज़ोर करना ज़रूरी है.....

khair,ye सब जाने dijiye,jaaiye,kaafi अरसा हो गया आपके लोगों को गृह सेतु में बांध hue...sabko बाहर ले आईये...

डिफेंडर ने मेरे आगे एक बार सर झुकाया और गृह सेतु की तरफ मुद गए....

वहीँ गृह सेतु के अंदर जबसे सभी लोगों को मेरे आने का अंदेशा हुआ था तभी से सब बड़ी बेसब्री से मेरे उन सब के सामने आने का वेट कर रहे थे...

वो सब तक ताकि लगाए गृह सेतु के दरवाज़े की तरफ अपना अपना चेहरा किया खड़े हुआ थे की तभी.....

एक ज़ोरदार गर्जना के साथ गृह सेतु का दरवाज़ा खुल गया....

इस वक़्त सारे लोगों के सामने डिफेंडर खड़े थे...

डिफेंडर- chaliye,LORD ऑफ़ एंगेल्स आप सब को बुला रहे हैं....

मेरा नाम सुनते hi ALESENDRA,KING सोलोमन उनकी patni,LORD अलेक्सेंडर और दोनों गृह के सभी लोग खुश हो गए...

सभी मेरे नाम का शोर मचाते हुए गृह सेतु के बाहर आने लगे...

मई भी गृह सेतु के पास आ चूका था...

जैसे hi सबकी नज़र मुझपर gayi,sabhi तुरंत अपने घुटनो पर आ गए...

ALESENDRA,USKE माता PITA,LORD क्रूसेडर और सभी के आँखों में इस वक़्त ख़ुशी साफ़ दिख रही थी.....

मई- खड़े हो जाइये....

मेरे बोलते hi सब खड़े हो गए...

मई- मुझे माफ़ kijiyega..aap सब इतने तकलीफ में थे फिर भी मई इतनी देर से आया हूँ...

अलेसेन्द्र- आप माफ़ी मांगकर हमे गुनहगार मत बनाइये VIKRAM...hume अंदाज़ा है की आपकी अपनी परेशानी होगी और वो परेशानी हमारी सोच से भी बड़ी होगी और इसी वजह से आप नहीं आ पाए..

पर हम आप का ह्रदय से धन्यवाद करते हैं की आपने पहले सी hi मुसीबत के वक़्त हमारे आसरे के लिए गृह सेतु को सुरक्षित कर दिया था....

अलेसेन्द्र की बात पर सभी ने हामी भरी और एक बार फिर से पूरा माहौल मेरे नाम से गूंज उठा....

मई- ALESENDRA,ummid तोह सभी को मुझसे thi,par जो भरोसा तुमने मुझपर दिखाया है वो दीकहाना आसान नहीं होता.....

तुमसे ज़्यादा सकारात्मकता बोहोत काम लोगों में होती है.....

मेरी बात सुनकर अलेसेन्द्र बस मुस्कुरा दी....

मई बात तोह सभी गृह वासियों से कर रहा था पर साथ साथ मेरे सारे शरीर से अदृश्य रेज़ निकलकर दोनों ग्रहों में फ़ैल भी रही थी...

उन रेज़ की शक्ति को और तोह कोई नहीं पर डिफेंडर ज़रूर फील कर पा रहे थे...

डिफेंडर मुझसे इस बारे में बात करना छह रहे थे पर इस वक़्त चुप थे पर मुझसे उनके मन का सवाल छुपा नहीं था....

मैंने एक बार उनकी तरफ देखे और फिर....

मई- मैंने आपके दोनों ग्रहों को अपनी ऊर्जा से जोड़ दिया hai....ab आपके गृह को नुक्सान पहुंचने के लिए किसीको भी पहले मुझे नुक्सान पहुँचाना होगा....

मेरी बात सुनकर दोनों ग्रहों के लोगों की ख़ुशी डबल हो गयी....

मई- अब आप सब निश्चिन्त होकर अपना जीवन यापन karen...ab आपको कोई तकलीफ नहीं होगी....

अब मुझे इजाज़त dijiye.MOKALSAR,tum मेरे साथ चल रहे हो.......

MOKALSAR,jo जब से गृह सेतु से बाहर आया tha,tabhi से अपने दोस्तों के पास जाने को तड़प रहा था...

वो एक आस लगाए मेरी तरफ देख रहा था और जैसे hi मैंने उससे पुकारा मोकलसर झट से मेरे पास आ गया.....

लार्ड CRUSEDAR,KING सोलोमन अलेसेन्द्र उसकी माँ सभी मुझे रोकना तोह चाहते थे पर वो जानते थे की मई कहाँ जाने वाला हूँ इसीलिए किसीने कुछ नहीं कहा और मेरे आगे अपने हाथ जोड़ दिए....

मैंने एक बार मुस्कुराकर सबकी तरफ देखा और अगले hi पल मई और मोकलसर गायब हो चुके थे.....

PLANET-GLUTO

प्लेस- पैलेस हॉल

क्या बात HAI...TU आज बड़ी खुश लग रही है......

शैला इस वक़्त अपने प्यार अक्षांत की तरफ देख रही thi.aaj उसका मन बोहोत hi प्रफुल्लित tha,uska चेहरा खिला हुआ था पर इस ख़ुशी का रीज़न वो खुद नहीं जानती थी.

तभी अचानक सामने से आये इस आवाज़ से उसकी नज़र सामने गयी....

शैला के सामने इस वक़्त भुविका कड़ी thi...par आज भुविका को देखकर भी शैला की मुस्कान गायब नहीं हुई उल्टा उसकी मुस्कराहट और बढ़ गयी जिससे देख कर....

शैला- लगता है तू भूल गयी है की तू इस वक़्त कहाँ है और किन हालत में है और शायद तू ये भी भूल गयी की मैंने तुझे क्या कहा था????

की जब जब भी तू खुश hogi,mei तेरी हसीं को तेरे रोने में बदल दूंगी....

ये बोलते बोलते भुविका के हाथों में ऊर्जा के दो गोले दिखने लगे जिससे देखकर शैला क चेहरे की स्माइल गायब हो गयी...

शैला जानती थी की उससे चोट पहुँचनहाने के लिए भुविका अक्षांत पर हुम्ला करेगी...

शैला कुछ बोलने hi वाली थी की भुविका ने उन दो ऊर्जा के गोलों को अक्षांत की तरफ चूड दिया और अगले hi पल.....

असंभव........

ठीक बिल्जेबब की hi तरह भुविका के मुँह से भी ये शब्द निकला...

reason....wo दो ऊर्जा के गोले उसने अक्षांत के तरफ छोड़े the,wo गोले अक्षांत को चोट पहुँचनहाने की जगह उसके कैद की रिहाई बन गए थे...

जैसे hi वो गोले अक्षांत से takraye,AKSAANT का शरीर जो अकड़ कर हवा में लटका हुआ tha,wo नार्मल हो गया और अगले hi पल अक्षांत ज़मीं पर था...

पर इतने दिनों तक लगातार अकड़े हुए खड़े रहने की वजह से अक्षांत खड़ा नहीं रह पाया और लड़खड़ा कर गिरने लगा पर तभी....

दो मज़बूत हाथों ने उससे संभल liya...aur जैसे hi अक्षांत की नज़र उससे सँभालने वाले पर gayi,toh उसकी ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा...

अक्षांत- MOKALSAR...mere bhai...tu आ गया.....

जहाँ मोकलसर को देखर अक्षांत खुश हो गया था वहीँ अक्षांत की हालत देखकर मोकलसर के आंसू निकल गए थे...

मोकलसर- मुझे माफ़ कर दे मेरे bhai..tu इतनी मुश्किल में था और मई तुझे बसाहने नहीं आ पाया...

अक्षांत- पागल है kya??mai तोह खुद ईश्वर से दुआ करता रहता था की तू हमारे जैसी मुसीबत में ना पड़े....

मोकलसर ने सहारा देकर अक्षांत को उठाया और फिर दोनों भाई गले लग गए...

जहाँ अक्षांत को कैद से आज़ाद देख और साथ hi मोकलसर को देख शैला की ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा वहीँ भुविका का दिमाग ख़राब हो गया....

BHUVIKA-MOKALSAR.....tu यहाँ कैसे pahuncha???khair,ab तू भी नहीं bachega..teri हालत भी मई अक्षांत जैसी कर dungi....fir दोनों भाई एक दूसरे के बाजू में अकड़े खड़े रहना....

भुविका की बात सुनकर पहले तोह मोकलसर को ग़ुस्सा आया पर फिर उसके चेहरे पर मुस्कराहट आ गयी....

MOKALSAR-koshish कर के देख ले....

मोकलसर की बात सुनकर भुविका को ग़ुस्सा आ gaya..usne अपने दोनों हाथ फैलाये और मन hi मन एक विध्वंशी स्पेल को उच्चारित किया और अगले hi पल.....

भुविका- ये कैसे हो सकता hai??mere मंत्र क्यों काम नहीं कर रहे हैं...

भुविका ने मन में जो मंत्र bola,usse कुछ नहीं hua..uske बाद भुविका ने कई स्पेल्स bole,par किसी भी मंत्र ने काम नहीं किया....

MANTRA!!!!BHUVIKA,MERI मर्ज़ी के बिना ना तोह तुम्हारे हाथ काम KARENGE,AUR नाही HI पेअर....

जैसे hi ये आवाज़ हवा में gunji,do चीज़ें हुई....

पहली.... अक्षत और शैला की ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा...

dusri....BHUVIKA को अपने रीढ़ की हड्डी में एक ठंडी लेहेर दौड़ती हुई सी महसूस hui...iska कारण वो भी नहीं जानती थी फिर भी उसका दिल ज़ोर ज़ोर से धड़क रहा था....

भुविका कुछ कहती उससे पहले hi उससे थोड़ी दूर ऊपर हवा में अंतरिक्ष बन गया...

उस अंतरिक्ष में छोटे छोटे chaand,sitare,planets सब दिखने लगे...

ऐसा लग रहा था मानो ब्रम्हांड का एक छोटा रूप महल के दीवारों के जस्ट नीचे बन गया है...

SHAILA,MOKALSAR,AKSHAANT और भुविका आँख फाड़े इस दृश्य को देख रहे the...ki तभी......

सारे grahon,upgrahon,stars के बीच मेरा चेहरा दिखने लगा... और जैसे hi ऐसा hua,hawa में बने उस छोटे से अंतरिक्ष से बोहोत ज़्यादा मात्रा में वाइट एनर्जी निकलने लगी...

वो साड़ी वाइट एनर्जी धीरे धीरे अंतरिक्ष के नीचे इकठ्ठा होने लगी और देखते hi देखते वो वाइट एनर्जी एक बवंडर का रूप लेने लगी....

पर एक अजीब बात thi...us वाइट एनर्जी के बवंडर से जो पावर रीलीज़ हो रही thi,usse SHAILA,MOKALSAR और अक्षांत को तोह कोई परेशानी नहीं हो रही थी पर भुविक का दम घुटने लगा था...

कुछ देर तक बवंडर अपनी जगह घूमने लगा पर फिर अचानक......

गोली से तेज़ स्पीड से वो वाइट एनर्जी का बवंडर भुविका की तरफ lapka..kyunki भुविका का दम पहले hi घुट रहा tha,isiliye उस्क्स दिहन उस बवंडर की तरफ नहीं था और इसीलिए......

उस बवंडर ने भुविका को आसानी से अपने घेरे में ले लिए...

AHHHHH....AHHHHH....AHHHHH.......

वाइट एनर्जी से बानी उस बवंडर में बोहोत ज़्यादा ऊर्जा थी जिससे भुविका की चीख निकलने लगी....

कुछ देर तक वो बवंडर यूँही भुविका को खुद में लपेटे घूमती रही फर अचानक गायब हो गयी....

भुविका में अब बिलकुल भी ताकत नहीं बची thi....wo धाम करके नीचे गिर गयी पर अभी भी उसकी ऑंखें आधी खुली हुई थी और उन्ही अध्खुली आखों से उसने देखा की उसके ठीक सामने एक धुआं उठा और उस धुंए के बीच से मई बाहर निकला....

मई- जो अंतरिक्ष का छोटा सा भाग तुमने अभी dekha,un सब को शक्ति मुझसे hi मिलती hai...pure ब्रम्हांड की ऊर्जा जीसे जीवित hai,tum उसीको मारने का स्वप्न देख बैठी भुविका........

इससे ज़्यादा भुविका कुछ भी सुन नहीं paayi..uski आँखें बंद हो gayi..uski आँखें बंद होते hi वो गायब हो गयी....

भुविका के गायब होते hi मई शैला और बाकी दोनों की तरफ palta...AKSHAANT अभी भी बोहोत कमज़ोर दिख रहा था...

मेरी इंडेक्स फिंगर से एक वाइट रे निकली और अक्षांत के अंदर समां gayi...dekhte hi देखते अक्षांत की साड़ी एनर्जी वापस आ गयी.....

अक्षांत को वापस ठीक देख मोकलसर और शैला खुश हो गए...

MAI-AKSHAANT,MOKALSAR,mujhe माफ़ कर do....meri वजह से hi तुम दोनों इतनी तकलीफ में थे....

शैला- आप माफ़ी मत मांगिये VIKRAM..achhayi और बुराई के बीच लड़ाई तोह होती hi रहती hai..par haan,mai एक बात के लिए तुमसे नज़र हूँ...

मई- मैंने भुविका को जाने diya,isiliye!!!

शैला ने हाँ में अपनी गर्दन हिलायी...

मैंने कुछ कहा नहीं बल्कि अपना हाथ आगे कर diya...mere हाथ से तीन रोशनियां निकली और उन तीनो के सर में समां गयी और ऐसा होते hi....

उन सब के दिमाग के अंदर एक फिल्म सी चलने लगी...

जिससे देख कर या यूँ कहूं रूबरू होकर जब तीनो ने मेरी तरफ देखा तोह तीनो के चेहरे पर घोर आश्चर्य था...

मई- और कोई सवाल.....

मेरी बात सुनकर तीनो कुछ देर तक मुझे देखते रहे फिर....

शैला- मुझे कुछ कहना है???

मई- मई जानता हूँ शैला की तुम क्या चाहती ho...aur अगर तुम ऐसा ना भी चाहती तोह मई ये करने hi वाला था...

पर अभी अभी तुम तीनो आज़ाद हुए हो और साथ hi आज़ाद हुए हैं तुम्हारे गृह....

कुछ दिन तोह लगेंगे तुम्हे अपने अपने ग्रहों को पुनः ठीक से संचालित करने में...

एक बार तुम सब के गृह पुनः पहले की तरह सुनियमित तरीके से चलने लगे उसके पश्चात तुम सब को मेरे साथ कहीं जाना है....

तीनो- कहाँ????

MAI-MIRROR वर्ल्ड.....

आज के लिए इतना HI......

आपका अपना V...J......
 
अब तक आपने पढ़ा की विक्रम वारियर्स WORLD/ISLA के लोगों को बिल्जेबब से आज़ाद करा देता है और साथ HI ग्लूटो जाकर शैला और अक्षन्त को भी भुविका की गुलामी और बंधन से छुड़ा लेता है

अब आगे:-

फाइनल CHAPTER

(एंगेल्स सैक्रिफाइस & डेविल्स डेमोलिशन)

अपडेट-102

PLANET-EARTH

PLACE-V.J'S रूम

YAAR,YE कहाँ रह GAYA??SAALE को गए 1 घंटे से ऊपर हो चूका HAI...KAHIN वहीँ सेटल होने का इरादा तोह नहीं बना लिया!!!!!

या फिरसे बिना बताये कोई नयी जगह निकल लिया HAI....SAALA इस बार बिना मुझे लिए कहीं गया NAA,TOH छोडूंगा नहीं उससे मई.....

यार AVNI,ZARA अपना नेटवर्क तोह जोड़ उससे और पता कर की कमीना कब आएगा......

आएगा नहीं आ गया.......

इससे पहले की अवंतिका रोनित के बकवास का कोई जवाब deti,mere रूम में मेरी आवाज़ गूंज गयी.....

अनलिए और रोनित इस वक़्त कोचेस पर बैठे हुए थे वहीँ अवनि मेरी फोटोज को देख रही थी जब मेरी आवाज़ उन सब के कानो में गुंजी....

आवाज़ सुन जब तीनो पालते तोह देखा की मई अपने बीएड पर लेता हुआ था.....

MAI-saale,kya क्या बकवास कर रहा था tu..kitna बार तुझे बोलै है की जब शकल अछि न हो ना तोह कमसेकम बातें अछि करनी चाहिए....

रोनित- saale,teri ऐसी की तैसी......

ये बोलकर रोनित मेरे ऊपर कूद गया और शुरू हुई हम दोनों के बीच ववे फाइट जिससे देखकर एक तरफ अवंतिका हसे जा रही थी वहीँ दूसरी तरफ अनलिए सिचुएशन को समझने की कोशिश कर रही थी.....

इस वक़्त मई रोनित को उल्टा कर उसके पीठ में चढ़ा हुआ था और उसके दोनों हाथों को पीछे की तरफ मोड़ कर पकड़ लिया था....

रोनित मुझे झटका देकर खुदके ऊपर से उठाने की कोशिश कर रहा था पर अब ऐसा भी होने लगा तोह मई टोहग हटने भर पानी वाले नाले में hi डूब कर मर जाऊं.....

अनलिए- ये दोनों लड़ क्यों रहे hain...aur रोणितजी को तोह पता है ना की उनके मित्र कौन हैं फिर भी वो उनसे भीड़ gaye...RONITJI को चोट लग जायेगी.....

अवंतिका- V.J दुनिया के लिए लार्ड ऑफ़ एंजेल hai,apne दोस्त के लिए नहीं....

और रही बात चोट लगने की तोह V.J के होते रोनित को कुछ नहीं हो sakta....ye दोनों बचपन से hi ऐसे लड़ते आ रहे हैं....

अभी देखना रोनित पहले कोई डीएलओगे मतलब कोई बात कहेगा पर जब V.J पर उसकी बात का कोई असर नहीं होगा तोह उसके बाद V.J को छोड़ने के लिए निवेदन करेगा....

और हुआ भी वैसा hi जैसे अवनि ने कहा tha....kuch देर तक V.J को पुश करने की कोशिश करने के बाद भी जब कोई रिजल्ट नहीं निकला तब.....

रोनित- पीठ पर तोह कायर वार करते hain.....himmat है तोह सामने से लड़ कर दिखा.....

मई- और जिसपर वार किया जा रहा ho,wo खुद कायर हो toh....khudki फातेथे hi डीएलओगे मारने लगे तोह जनता है क्या करना chahiye.....ye.......

अपनी बात कह मई ज़ोर ज़ोर से रोनित के पीठ पर कूदने लगा....

रोनित- aaahhh..mar gaya......saale............bhai छोड़ दे yaar....mai हार गया......

जहाँ एक तरफ रोनित की बात सुन मई उसके ऊपर से हैट गया वहीँ अनलिए और अवंतिका हसने लगे....

सीधे होने के बाद रोनित ने पहले उन दोनों की तरफ घर कर dekha,uske बाद कुछ देर तक मुझे घूरने के बाद वो भी हसने लगा और उसके साथ साथ मई भी......

रोनित- yaar,ek अरसा हो गया था हमे ऐसे लाडे हुए.....

मई- hmm....par आज भी कुछ नहीं badla..tab भी तू रोटा tha,aaj भी तू रोटा है...

मेरी बात सुन रोनित ने फिरसे मुझे एक बार घर कर देखा फिर हम दोनों साथ hi दोबारा है पड़े....

हस्ते हस्ते अचानक रोनित को मेरे जाने से पहले किहुयी बातें याद आयीं और जैसे hi वो बातें उसकी माइंड में क्लिक hui,wo झट से उठ कर बैठ गया....

रोनित- bhai,ab तोह बता दे की ये माजरा क्या hai...ANALIA के फीलिंग्स को तूने और अवनि ने फेक क्यों कहा.....

रोनित की बात सुनकर अनलिए भी सीरियस होकर मेरी तरफ देखने लगी....

मई- क्यूंकि वो फीलिंग फेक hi hai....ANALIA के मन में मेरे लिए उठ रहे जस्बात झूठे हैं....

अनलिए- नहीं LORD.....humare मन में आपके प्रति जो प्रेम hai,wo स्वच्छ आवुं सच्चा है...

मई और अवंतिका अनलिए की बात सुनकर मुस्कुरा दिए.....

मई- किसी चीज़ के सच होने और सच लगने में एक फर्क होता है ANALIA...par ये फर्क सिर्फ वही बता सकता है जिससे उस चीज़ की कहानी के पीछे का हर पहलु पता ho,jo तुम्हे नहीं है...

तुम उस कहानी का एक ऐसा हिस्सा हो जो खुदसे जुड़े एक बोहोत बड़े सच से अनजान है....

मेरी बात न तोह रोनित को समझ में आयी और नाही अनलिए को....

रोनित- भाई तेरी ये हिघटिच टेक्नोलोग्य वाली बातें हम लोगों के समझ में नहीं आती तोह प्लीज आसान लैंग्वेज में बता....

MAI-mere ठीक होने से कुछ देर पहले ाव ने तुम दोनों से ख़ास अनलिए को लेकर कुछ कहा tha,yaad है!!!!!!

अनलिए को तोह नहीं पर कुछ देर तक याद करने के बाद रोनित को अवंतिका की कही बात याद आयी......

रोनित- haan...AVNI ने कहा था की तूने सौरिस पेड़ के अंदर दो कण डाले थे और उसके बाद ख़ास अंजलि के ऊपर कोई स्पेल बोलै था....

रोनित की बात सुन अनलिए को भी अवंतिका की कही गयी ये बात याद आ गयी....

मई- निसर्गापद्विम भाव

फीलिंग ऑफ़ अट्रैक्शन

यही वो स्पेल था जो मैंने अनलिए के ऊपर बोलै tha.....is स्पेल से अनलिए के अंदर मुझे देख जो पहले से hi स्ट्रांग फीलिंग्स महसूस हो रही thi,wo प्यार के एहसास में बदल गयी....

मेरी बात सुनकर अनलिए शॉकेड हो gayi...shocked तोह रोनित भी था पर साथ hi उसके मन में एक नए सवाल ने घर कर लिया था और इसीलिए.......

रोनित- yaar,tune अभी कहा की तुझे देखकर इसके मन में पहले से hi स्ट्रांग फीलिंग्स thi,uska क्या मतलब hai????kaisi फीलिंग्स???

रोनित के सवाल पर मई मुस्कुरा उठा....

मई- क्या बात hai..har बात के अंदर एक बात होती hai,usse समझने का हुनर आना chahiye...tujhe मेरी ये बताई सीख याद hai...(TRAINING उपदटेस)

मेरी बात सुनकर रोनित भी मुस्कुरा उठा...

मई- haan,mujhe पहली बार देखते hi अनलिए के मन में एक बोहोत hi स्ट्रांग और शक्तिशाली एहसास ने जन्म ले लिया था.

एक ऐसा एहसास जो ना hi पॉजिटिव था और नाही negetive,bas स्ट्रांग tha..aur ऐसा होने की वजह खुद अनलिए भी समझ नहीं पा रही thi...haina अनलिए....!!!!!

अनलिए- ji....aapko देखते hi हमे अजीब सा महसूस होने लगा tha...hum तोह यहाँ तक भूल गए थे की हम क्यूरियस वासी हैं और सदियों से श्राप ग्रस्त हैं...

हमे एक तड़प भी महसूस हो रही thi,aur साथ hi एक सकूं भी मिल रहा tha....par ऐसा लगने की वजह हम समझ नहीं पा रहे थे...

मई- और मैंने उसी एहसास के बीच अपने आकर्षण स्पेल को दाल दिया था....

मेरे क्यूरियस से जाने के बाद वो फीलिंग और बढ़ने लगी जिसका नतीजा ये निकला की अनलिए ने मुझसे मिलने का फैसला किया...

याद है इसने तुम दोनों से कहा था की इसके गृह वासियों ने इससे hi मुझसे मिलने के लिए इसीलिए चुना क्यूंकि मई क्यूरियस इसकी वजह से hi पहुंचा था...

रोनित- हाँ...

मई- ये बात पूरी तरह से सही नहीं hai...ye बात तोह इसके गृह वासियों के दिमाग से निकल hi चुकी थी..

अनलिए ने hi उन सब को ये बात की मई उसकी वजह से क्यूरियस पहुँच पाया hun,yaad दिलाया था और इसीलिए उससे hi मुझसे मिलने और धन्यवाद कहने का पहला हक़ बनता है....

मई सच कह रहा हूँ ना अनलिए......

मेरी बात सुनकर अनलिए ने अपना सर नीचे कर लिया पर उसने वैसे hi अपनी बात कही...

अनलिए- आपकी साड़ी बात सही है सिवाए एक की की हमारा आपके लिए प्रेम झूठा है..

मई अनलिए की बात सुन कर मुस्कुरा diya..mai जानता था की मेरे द्वारा उसके दिल में डाला गया झूठ उसके लिए तोह सच hi है...

जब तक मेरा झूठ उसके अंदर rahega,usse उसकी भावनाएं सच्ची hi लगेंगी और इसीलिए.......

मन्त्रयति निश्बरभवं

स्पेल अनबाउंड

मेरे स्पेल बोलते hi अनलिए के शरीर को एक तेज़ झटका लगा पर इससे पहले की उस झटके की वजह से वो डिस्बैलेंस hoti,uske बाजू में कड़ी अवंतिका ने उससे संभल लिया....

अब अनलिए मेरे स्पेल से आज़ाद हो चुकी थी और इसीके साथ ख़त्म हो गयी थी उसकी मेरे लिए अट्रैक्शन पर अभी भी एक चीज़ थी जो बची हुई thi.....kya!!!!ye अनलिए की ज़ुबानी hi सुन लीजिये......

स्पेल से जो झटका अनलिए को लगा tha,uski वजह से उसका सर थोड़ा भारी हो गया था...

अनलिए की आँखें बंद थी और वो अब भी अवंतिका के सहारे hi कड़ी थी...

कुछ देर लगा पर फिर अनलिए ने अपनी आखें धीरे से खोल दी...

वो अब भी मुझे hi देख रही थी पर इस बार उसका मुझे देखने के तरीके में फर्क था...

जहाँ पहले उसकी आँखों में मेरे लिए प्यार दिख रहा tha,wahin अब उसकी आँखों में मेरे लिए बस इज़्ज़त थी....

मई- अब भी अपनी बात पे कायम रहोगी....

अनलिए ने ना में सर हिला दिया पर.....

ANALIA-par अब भी मेरे मन में आपको देखकर एक अजीब सा आकर्षण महसूस हो रहा है...

ये वही अनसमझी भावना है जो मैंने आपको पहली बार देखने पर भी महसूस की थी......

ये वही चीज़ थी दोस्तों जो अब भी अनलिए के अंदर thi...mere प्रति एक स्ट्रांग कनेक्शन....

मई- मुझे पता है ANALIA.....aur इसी अनसमझी भावना की वजह से hi मैंने तुम्हे चुना था यहाँ मेरे पास आने के लिए....

ANALIA-hum समझे नहीं.....

मई- सब समझ jaaogi....filhal मुझे और ाव को कहीं जाना है......

रोनित- सिर्फ तुझे और अवनि ko....saale,tu फिर मुझे छोड़ कर जाने की बात कर रहा है???

MAI-jahan मई जा रहा hun,wahan तू नहीं जा पायेगा RONIT....aur ाव को भी मई इसीलिए ले जा रहा हूँ क्यूंकि मुझे उसकी वहां ज़रुरत पड़ेगी....

रोनित- yaar,yahi तोह बात hai...tune मुझे इतना कुछ sikhaya,fir भी मई इस काबिल नहीं हूँ की तेरे साथ हर जगह जा पौन...

मई तोह इस काबिल भी नहीं बन पाया की खुदको और अपने प्यार को बचा पता..

मई- वो इसीलिए क्यूंकि तेरा सामना नेगेटिव एनर्जी के एक बोहोत बड़े शोर्थ से हुआ था जिसके सामने कोई भी योद्धा टिक नहीं सकता...

रोनित- यही तोह मई मई कह रहा hun???fir इतनी practice,aise युद्ध शैलियां सिखने का क्या faayeda,jisse हम खुद तक को ना बचा पाएं....

क्या कोई ऐसा तरीका नहीं है जिससे मई हर तरह की शक्ति से ना सिर्फ लड़ paaun,par उनसे जीत भी सकूँ.....

रोनित की बात सुनकर मई मुस्कुरा दिया..

मई- तेरी ऐसी कोई ख्वाहिश नहीं है मेरे भाई जो मुझसे छुपी हुई हो या फिर मई पूरी न कर पाऊं....

कुछ दिन rook,tujhe तेरे सवाल का जवाब भी मिल जायेगा और उस जवाब को जीने का मौका भी....

बस साद मत ho,abhi फ़िलहाल हम दोनों जहाँ जा रहे hain,wahan से वापस आ jaayen,uske बाद हम चारों को कहीं जाना है....

रोनित- कहाँ????

MAI-saath चल रहा है naa,pata चल jaayega.....filhal बाहर चलो....

हम सब मेरे रूम से निकलकर निचे की तरफ चल diye....mom किचन में thi...unhe बताकर की मई बाहर जा रहा hun,hum सब घर से बाहर आ गए.....

MAI-jab तक हम दोनों वापस नहीं आ jaate...tu अनलिए को मुंबई दर्शन करा दे...

रोनित से अपनी बात कह मैंने अपना हाथ अवंतिका की तरफ बढ़ाया जिससे उसने थाम liya..agle hi पल हम दोनों गायब हो चुके थे.....

रोनित- साला कब क्या करता hai,ye कोई नहीं जान sakta....chaliye madam,aapko मुंबई दर्शन करवाते हैं....

अनलिए ने बस हाँ में अपना सर हिला diya...RONIT अपनी बाइक लाया था जो की अनलिए के लिए एक नयी चीज़ थी....

बाइक पर बैठ दोनों मुंबई दर्शन के लिए निकल गए.......

PLACE-TWISTED डायमेंशन

ये हम कहाँ आ GAYE....???AUR ये कैसी जगह है..........???

ARRE,YE लाइट बॉल्स इतनी हिल क्यों रही हैं.....

अवंतिका को लेकर इस वक़्त मई अंतरिक्ष के बीच में खड़ा था...

जिस जगह हम दोनों खड़े थे वो अंतरिक्ष का एक अजीब हिस्सा tha...ajeeb इसीलिए क्यूंकि हमसे दूर दूर तक भी रौशनी का एक हल्का सा कण भी नज़र नहीं आ रहा था...

ब्रम्हांड के इस हिस्से में एक तारा तक नहीं जगमगा रहा tha....kuch भी नज़र नहीं आ रहा tha,aur इसीलिए hi अवंतिका ने पूछा था की हम कहाँ आ गए हैं पर तभी......

मेरे शरीर से एक के बाद एक कई तेज़ प्रकाश वाले लाइट बॉल्स निकल कर हर तरफ फैलने लगे....

पर जैसे hi वो लाइट बॉल्स अलग अलग दिशा में जाकर रुकने को hue,wo पूरी तरह रूक नहीं पाए...

वो लाइट बॉल्स अस्थिर होकर हिलने लगे....

अपने सवाल पूछ जब अवंतिका ने मेरी तरफ dekha,toh मेरी आखों को बंद पाया...

वो जानती थी की मई ज़रूर कुछ कर रहा हूँ इसीलिए मुझसे नज़र हटा वो हर तरफ देखने लगी.....

लाइट बॉल्स की वजह से अब वहां के माहौल को देखा जा सकता था...

ये देखकर अवंतिका को शॉक लगा की बिना किसी प्रकाशित वास्तु के भी वहां कई सारे प्लैनेट्स थे...

हाँ ये सच था की उन प्लैनेट्स में लाइफ नहीं thi,par फिर भी बिना किसी सूर्य के किसी प्लेनेट का होना सुर्प्रिसिंग था.....

कुछ देर तक यूँही आँख बंद करे खड़े रहने के बाद मैंने अपनी आँखें kholi...mujhe पता था की इस जगह को लेकर अवंतिका के मन में कई सवाल उठ रहे हैं इसीलिए.....

मई- वैसे तोह इस जगह का कोई नाम नहीं hai,par तुम इस जगह को ट्विस्टेड डायमेंशन कह सकती हो....

अवंतिका जो इस वक़्त ध्यान से इस जगह को देख रही thi,meri आवाज़ सुन वो मेरी तरफ पलटी और....

अवंतिका- मई समझी नहीं....

MAI-is वक़्त हम यूनिवर्स के एक ऐसा छोर पर खड़े हैं जो यूनिवर्स का सबसे अजीब और अलग भाग है...

अवंतिका- मतलब!!!!

मई- ये तोह तुम देख hi रही हो की यहाँ किसी तारे तक की हलकी सी टिमटिमाहट तक की रौशनी नहीं है....

और ये इसीलिए क्यूंकि ये जगह हर चीज़ की दिशा मोड़ देती hai.....toh जितने भी तारे और बाकी के सेलेस्टियल चीज़ें hain,wo इस जगह की सरहद पर आकर दूसरे डायरेक्शन में ट्विस्ट हो जाते हैं....

अवंतिका-, oh,toh इसीलिए ट्विस्टेड dimension...aur इसीलिए तुमने जो लाइट बॉल्स हर जगह छोड़े hain,wo इतने हिल रहे हैं..

ये जगह उन सबको यहाँ से दूर फेकने की कोशिश कर रही है....!!!!!

मई- हम्म...

अवंतिका- पर यहाँ बोहोत सारे प्लैनेट्स मौजूद hain..wo यहाँ कैसे रूक gaye..is जगह ने उन्हें क्यों नहीं फेका....????

मई- फेका नहीं पर उनकी मूवमेंट रोक di....dekho,naa तोह कोई प्लेनेट रोटेट कर रहा है और ना hi रेवोल्वे....

मेरी बात सुन अवंतिका ने वापस वहां मौजूद प्लैनेट्स को देखा...

अवंतिका- अरे इस तरफ तोह मेरा ध्यान hi नहीं gaya....ye तोह सच में नाही रोटेट कर रहे हैं और नाही रेवोल्वे....

पर एक बात batao,aisi वीयर्ड जगह पर हम क्यों आएं हैं????

मई- जो मुझे करना hai,uske लिए इस जगह से बेहतर जगह नहीं हो सकती...

अवंतिका- मई समझी nahi....!!!!yahan तुम क्या करना चाहते हो....???

अवंतिका के सवाल पर मैंने कुछ कहा नहीं बस अपना हाथ उसके सर के ऊपर रख दिया....

मेरे सर पर हाथ रखते hi अवंतिका के सर पर एक रौशनी उभरी और अगले hi पल अवंतिका को मेरे यहाँ आने के कारण पता चल गए.....

रेअसोंस जानकार कुछ देर तोह अवंतिका ने कुछ कहा नहीं बस मुझे एक तक देखती रही फिर......

अवंतिका- रेअसोंस तोह मुझे पता चल गया पर तुमने ये नहीं बताया की इसके लिए हम यहीं पर hi क्यों आये हैं????

मई- क्यूंकि ये जगह सिर्फ चीज़ों को hi नहीं धकेलती बल्कि पॉजिटिव और नेगेटिव एनर्जी को भी धकेलती है....

और वो इसीलिए क्यूंकि ये यूनिवर्स की एक मात्र ऐसी गैलेक्सी है जिसके किसी भी गृह में जीवन नहीं hai,manushya नहीं है...

अब जहाँ इंसान hi नहीं hon,wahan वाइट और ब्लैक एनर्जी पनप hi नहीं सकती......

अवंतिका- इसका मतलब इस जगह के बारे में ास्मोडियस को नहीं मालुम....???

मई- मालुम hai,par मतलब nahi...usse ऐसी जगह से क्या मतलब हो सकता है जहाँ ना तोह उसकी ेनेर्गीएस काम करती हैं और नाही वाइट ेनेर्गीएस.....

इसीलिए उसके दिमाग का कोई भी कोना इस जगह से नहीं जुड़ा है.....

अवंतिका- brilliant.....kya क्या सोच लेते हो यार तुम....!!!!

मई- अब आप तोह कमसे काम हमारी तारीफ़ ना करें....

अवंतिका- acha..toh फिर हम क्या karen,wo भी बता दीजिये....

मई- हमसे प्यार....

अवंतिका- वो तोह हम करते hi हैं...

MAI-zuban से तोह कह diya,ab ज़रा पास आकर अपनी साँसों की महक से अपने इश्क़ की दीवानगी को हमारे साँसों से रूबरू तोह करवाइये...

अवंतिका- इतनी अनरोमांटिक जगह में भी इतनी रोमांटिक बात....

MAI-mijaz में अगर इश्क़ हो तोह फर्क नहीं पड़ता की जगह कौन सी है....

अवंतिका एक तक मुझे देखने लगी पर फिर अचानक उसके दिल में एक ख्याल उभरा....

ये ख्याल बस एक सेकंड के लिए आया होगा जिससे उसने खुद hi अपने ज़हन से हटा लिया पर उस ख्याल ने मुझे असलियत में ला खड़ा किया.....

मई- थैंक्स ाव......

मेरे मुँह से थैंक्स सुन अवंतिका चौंकी....

अवंतिका- किसलिए???

मई- जिस ख्याल को तुम्हारे दिल ने तुम्हारे दिमाग तक पहुँचाया tha,uske लिए...

अवंतिका झट से मेरे गले लग गयी.....

मई- अभी के लिए ये हुग hi काफी hai..ab जो करने आये थे वो कर len,fir हमे कहीं जाना भी है....

मेरी बात सुन अवंतिका मुस्कुराते हुए मुझसे अलग हुई...

AVANTIKA-thik hai..par अब जनाब भी बताएँगे की मुझे साथ क्यों लाये हैं...

इतना तोह मुझे पता है की बिना रीज़न तुम मुझे ऐसी जगह पर लाओगे nahi...isiliye जल्दी से batao,whats माय रोले....

मई- स्मार्ट girl...toh suno,abhi मई ध्यान में बैठने वाला hun...dhyan में बैठने कुछ hi पल के बाद मेरी साड़ी ऊर्जा मुझसे बाहर आ जायेगी....

ऊर्जा के बाहर आते hi मई एक स्पेल bolunga......SPELL के उच्चारित होते hi जो hoga,usse मेरी ऊर्जा भड़क जायेगी...

और उस वक़्त मेरी ऊर्जा मुझे भी नुक्सान पहुँचाने की कोशिश करेगी....

इसलिए मेरे स्पेल बोलते hi तुम्हे भी अपने कवच को बाहर निकलने के लिए एक स्पेल बोलना है....

उस स्पेल के उच्चरित होते hi तुम्हारा कवच तुम्हारे साथ साथ मेरी भी बॉडी को घेर लेगा जिससे मुझे मेरी ऊर्जा नुक्सान नहीं पहुंचा पाएगी.....

अवंतिका- पर मई कैसे स्पेल बोलूंगी??? ी मैं तुम्हारी ऊर्जा की वजह से मुझे स्पेल्स आते the,par अब जब तुम्हारी ऊर्जा वापस तुममे समां गयी hai,toh मई फिर से पहले की तरह नार्मल हो गयी हूँ...

ा गर्ल विथाउट अन्य पावर & थे नॉलेज तो उसे स्पेल्स.....

मई- ा गर्ल विथाउट विथाउट पावर बूत ा गर्ल विथ थे स्ट्रॉन्गेस्ट शील्ड इन थे यूनिवर्स....

तुम्हारे पास कुछ हो ना ho,is ब्रम्हांड का सबसे शक्तिशाली कवच है...

जिसका तुम जब चाहे जैसे चाहे इस्तेमाल कर सकती ho,bas तरीका पता होना चाहिए या फिर ये कहूं की करेक्ट स्पेल पता होना चाहिए जो मई तुम्हे बताऊंगा ..

और रही नॉलेज की बात तोह मेरे साथ रहते तुम किसी भी स्पेल को बोलने और इस्तेमाल में लाने के लिए कपबले हो...

तुम्हारे कहे गए स्पेल को मई तुम्हारे कवच से जोड़ दूंगा और फिर तुम उस कवच का उसे कर पाओगी.....

अवंतिका- ok....lets स्टार्ट then...whats थे स्पेल????

कवचं परिवरणम

शील्ड कवर

अवंतिका- और इस स्पेल को मुझे कब बोलना है????

मई- जब ये रे तुम्हारे सर को टच करे....

ये बोल मैंने अपना हाथ आगे kiya...mere हाथ से एक वाइट रे निकली और अवंतिका के सर के ऊपर पहुँच कर ठहर गयी....

मई- सो ऍम ी understood!!!!kyunki एक बार मई ध्यान में बैठा और मेरी ऊर्जा बाहर ayi,uske बाद मई तब तक कुछ नहीं कर सकता जब तक मई तुम्हारे कवच से प्रोटेक्टेड नहीं हूँ....

अवंतिका- डोंट worry...mujhe स्पेल याद hai.....jaise hi ये रे मेरे सर को chuewegi,mai स्पेल बोल dungi...rest ु बेटर क्नोव....

मई- cool...lets स्टार्ट थें.....

अगले hi पल मई वहीँ अंतरिक्ष के बीच पालथी मार आखें बंद कर के बैठ गया..

मेरा देखा देखि अवंतिका भी मेरी hi तरह बैठ gayi,bas फर्क इतना था की उसकी आँखें खुली हुई थी जिनसे वो मुझे देख रही थी....

मेरे ध्यान में बैठने के कुछ hi पलों के बाद मेरा शरीर तेज़ चमकने लगा...

मेरे शरीर से निकलने वाला तेज़ बोहोत ज़्यादा था पर अवंतिका मुझे आसानी से देख पा रही thi...aur इसकी वजह थी वो रे जो इस वक़्त अवंतिका के सर के ऊपर थी जो की मेरी hi ऊर्जा का हिस्सा था.....

कुछ देर तक मेरे पुरे शरीर से तेज निकलता raha,par फिर वो तेज जो की असल में मेरी ऊर्जा thi,mere शरीर से बाहर निकलने लगी और कुछ hi पलों में मेरी ऊर्जा मुझसे थोड़ी दूर जाकर रूक गयी....

जैसे hi मेरी ऊर्जा मुझसे बाहर aayi,ek के बाद एक दो चीज़ें हुई या फिर ये कहूं एक के बाद एक दो स्पेल्स उच्चारित हुए.....

उद्धारगृहाती ज़क्ति प्रकति करोति

बोर्रोवेद पावर ुनफोल्ड

पहला स्पेल मेरे मुँह से निकला......

और अगले hi पल.......

कवचं परिवरणम

शील्ड कवर

मेरे ऊर्जा के मेरे शरीर से बाहर निकलते hi अवंतिका के सर के ऊपर जो रे tha,wo उसके सर में समां गया...

ऐसा होते hi अवंतिका की आखें बंद हो गयी और अगले hi पल उसके होंठों से वही स्पेल उच्चारित हुआ जो मैंने उससे बोलने के लिए कहा था.....

मेरे स्पेल उच्चारित होते hi मेरे अंदर से कुछ बाहर निकला और उस चीज़ के बाहर निकलते hi मेरी ऊर्जा ने उससे खींच लिया...

पर जैसे hi वो चीज़ और मेरी ऊर्जा ने एक दूसरे को chhua,wahi हुआ जो मैंने कहा था...

मेरी ऊर्जा डिस्बैलेंस हो gayi....disbalanced हो वो वापस मेरी तरफ बढ़ी पर इससे पहले की वो मुझे chhuti,AVANTIKA के कहे स्पेल की वजह से उसके अंदर से उसकी शील्ड एक वाइट रे की चादर के रूप में बाहर आयी और उसने मुझे और अवंतिका को अपने घेरे में ले लिया...

और जैसे hi मेरी ऊर्जा ने अवंतिका के शील्ड को chhua,wo शांत होने लगी और धीरे धीरे पूरी शांत हो गयी...

जैसे hi वो शांत hui,wo चीज़ जिससे मेरी ऊर्जा ने खींचा tha,wo मेरी ऊर्जा के साथ मिल गयी.....

ऊर्जा के फिरसे बैलेंस्ड होने और उस चीज़ के उससे मिक्स होने के बाद मेरी आखें खुल गयी..

मेरी आखें खुलते hi अवंतिका की शील्ड जिसने मुझे घेरे हुए tha,wo हाथ गयी....

शील्ड के हटते hi मेरी ऊर्जा मेरे अंदर वापस समां गयी..

ऊर्जा के समाते hi मेरी आखें कुछ सेकण्ड्स के लिए बंद हो गयीं और फिर खुल गयी...

मैंने अपना हाथ आगे kiya,AVANTIKA की शील्ड जो अब सिर्फ उसके चारों तरफ घूम रही thi,mere इशारा करते hi वो उसके अंदर चली गयी और अगले hi पल अवंतिका की भी आखें खुल गयी.....

आँखें खुलते hi जब उसने मुझे उसकी तरफ मुस्कुराता हुआ देखते पाया तोह वो भी मुस्कुरा उठी....

अवंतिका- काम हुआ????!!!!!!

MAI-ek हुआ, एक बाकी hai.....usse करने के लिए हमे कल फिर यहाँ आना होगा....

अवंतिका- कल kyun,abhi hi कर लेते हैं ना..

मई- nahi..us काम में ज़्यादा वक़्त lagega..aur अभी हमे कहीं जाना है पर उससे पहले एक आखरी काम निपटा लूँ...

ये बोल मैंने अपनी आखें बंद ki..agle hi पल मेरे दिमाग से कुछ रेज़ निकली जो असल में मेरे यहाँ की याद थी..

वो याद जिससे मैंने अभी अभी जिया था.....

रेज़ निकलकर मेरे सामने आकर रूक gayi....fir मैंने अपना हाथ अवंतिका की तरफ kiya..mere जैसे hi रेज़ उसके दिमाग से भी निकल कर मेरे रेज़ के साथ आकर रूक गए.

उनके रूकते hi मैंने अपने हाथ आगे kiye..mere हाथो से एक शील्ड रे निकली और उसने मेरे सामने मौजूद रेज़ को चारों तरफ से घेर लिया....

मई- done....ab चलते हैं...

AVANTIKA-ye सब क्या था???

फिर मैंने अवंतिका को जो मैंने किया और क्यों kiya,wo बताया...

AVANTIKA-oh.... कूल then..lets जो...

अवंतिका की बात ख़त्म होते hi हम दोनों गायब हो चुके थे....

PLANET-EARTH

PLACE-MALL

यार सुबह से शाम होने को आयी HAI...YE दोनों अभी तक आये नहीं.....

जाते वक़्त V.J ने कहा था की उसके लौटने के बाद हमे कहीं जाना HAI...LAGTA नहीं है की जहाँ भी हमे जाना HAI,WAHAN हम आज नहीं जा पाएंगे....

शाम के 4 बज रहे hain....mumbai के कुछ अछि जगहों को दिखने के बाद रोनित अनलिए को लेकर फ़िलहाल एक माल

आया है जिसके कैफेटेरिया में दोनों इस वक़्त बैठे हुए हैं....

ANALIA-LORD किसी ज़रूरी काम से गए hain...waqt लग्न तोह आम बात hai.....jab भी उनका काम समाप्त hoga,wo आ जायेंगे....

रोनित- haan,ye भी है....

अनलिए- क्या हम आपसे कुछ पूछ सकते हैं???

रोनित- हाँ haan,bindas पूछो.....

रोनित ने जो बर्गर हाथ में पकड़ा हुआ tha,uska एक बड़ा सा बाईट लेकर कहा.....

ANALIA-kya आपके गृह में सभी आपके जितना hi खाते हैं....

खो खो खो खो.......

अनलिए की बात सुनकर रोनित को खांसी आ gayi....wo कुछ कहता उससे पहले hi.....

नहीं ANALIA....LAGATAR कुछ न कुछ थुलथे रहने का वरदान सिर्फ हमारे रोनित भाई साहब को मिला है....

ये आवाज़ और किसी की नहीं मेरी थी.....

आवाज़ सुनते hi रोनित पलटा और मुझे देखकर उसने मुँह बना लिया....

RONIT-lo,aa गया मेरे खाने के सबसे बड़ा dushman...kya ANALIA,tumhe मेरे खाने के बारे में बोलने के लिए यही टाइम मिला था क्या???

MAI-abbe,wo किसी और टाइम में भी बोलती naa,toh भी तू उस वक़्त कुछ न कुछ ठूँसता हुआ hi मिलता......

जहाँ मेरी बात पर मई और अवंतिका है diye,wahin रोनित का मुँह एक बार फिरसे बन गया और अनलिए हमे अपने आखों में सवाल लिए देखने लगी.....

अनलिए- क्या hua??humne कुछ गलत कहा क्या????

अवंतिका- अरे नहीं yaar.in दोनों का ये सब चलता रहता है.....

रोनित- हम दोनों का chhod,pehle ये बताओ की तुम दोनों कहाँ गए थे और आने में इतनी देर कैसे हो गयी????

मई- बताया तोह था की कुछ इम्प. काम tha...ab kya,ye तुझे बाद में पता चल jaayega...ab ये सब chhod,filhaal हमे कहीं निकलना है....

रोनित- अब ये तोह कमसेकम बतादे की हमे कहाँ जाना है???

मई- भाई mere,tu भी साथ चल रहा hai..khud देख liyo....ab निकलो यहाँ से....

मई और अवंतिका आगे आगे निकले और हमारे पीछे पीछे अनलिए और रोनित आने लगे....

हम सब मॉल के बेसमेंट में पहुंचे जहाँ इस वक़्त ना के बराबर लोग थे...

एक जगह पहुचचकर मई रूक gaya..mere रूकते hi बाकी के तीनो भी मेरे आजु बाजू रूक गए....

रोनित- अब......

रोनित के अब बोलते hi मेरे बॉडी से तीन इनविजिबल रेज़ निकली और उन तीनो पर पड़ी....

ऐसा होते hi तीनो एक साथ मेरी तरफ खींचा से गए और अगले hi पल मई उन तीनो को लिए गायब हो चूका था....

प्लेनेट- मांसलिकेल

PLACE-ASMODEUS पैलेस

FATHER,YE कैसे हो सकता HAI????MERA मतलब मई जानता हूँ की विक्रम बोहोत शक्तिशाली HAI,HUM दोनों मिलकर भी उनसे लड़ने के लायक नहीं HAIN,KINTU फिर भी हमारे अंदर भी काफी शक्तियां हैं....

इसके बावजूद हम उनके समक्ष कुछ देर खड़े तक न रह पाए.....

BHUVIKA-haan डेविल LORD...mai और बिल्जेबब तोह एक दूसरे से जुड़े हुए hain...fir जब विक्रम इसके पास pahuncha,isse तकलीफ पहुंचाई तोह मई इससे क्यों महसूस नहीं कर पायी....

फिर वो मेरे सामने aaya,aur मई उसकी वाइट एनर्जी को झेल hi नहीं paayi.....jabki मेरे अंदर भी वाइट एनर्जी hai....fir ऐसा क्यों हुआ????

बिल्जेबब की बात या फिर ये कहूं की उसके सवाल को भुविका ने आगे बढ़ाया.....

तोह हुआ ये की बिल्जेबब तोह खुद विक्रम के सामने से गायब होकर मांसलिकेल पहुंचा था वहीँ

भुविका को ास्मोडियस ने गायब कर खुदके पास बुलाया लिया था...

पर दोनों के ास्मोडियस के पास पहुँचने पर एक चीज़ कॉमन थी और वो ये की दोनों hi यहाँ बेहोशी के आलम में पहुंचे थे...

reason....jahan भुविका ग्लूटो में hi विक्रम की शक्तियों को ना झेल कर बेहोश हो चुकी थी वहीँ बिल्जेबब जब विक्रम के सामने से गायब हुआ तोह वो बेहद कमज़ोर था...

और गायब होने के लिए उसने अपनी बची खुची ऊर्जा का इस्तेमाल कर दिया इसीलिए मांसलिकेल पहुँचते hi वो बेहोश हो गया...

ास्मोडियस चाहता तोह उन दोनों को तुरंत अपनी ऊर्जा से होश में ला सकता था पर उसने ऐसा किया नहीं क्यूंकि

विक्रम की ऊर्जा की चपेट में आने की वजह से भुविका और बिल्जेबब के शरीर बेहद कमज़ोर हो गए the,agar ऐसी हालत में ास्मोडियस उनपर अपनी ऊर्जा का उसे करता तोह इसका उल्टा असर पड़ता....

ास्मोडियस के ऐसा करते hi वो दोनों एक लम्बी बेहोशी में चले जाते जिनसे ास्मोडियस उन्हें निकल तोह लेता पर उसमे थोड़ा वक़्त लगता और ऐसी चीज़ों के लिए वो अपना टाइम वास्ते नहीं करना चाहता था....

इसीलिए ास्मोडियस ने दोनों को अपने हाल पर छोड़ diya..kuch घंटों के बाद जब विक्रम की ऊर्जा का प्रभाव कुछ काम हुआ ...और तब जाकर बिल्जेबब और भुविका को होश आया.....

होश में आते hi दोनों तुरंत ास्मोडियस के सामने अपना दुखड़ा लेकर पहुँच गए जिससे ास्मोडियस मुस्कुराते हुए सुन रहा था....

और जैसे hi दोनों के सवाल ख़त्म हुए,

ास्मोडियस- पहले मेरे एक सवाल का तुम दोनों जवाब do...agar तुम दोनों मिलकर मुझसे मुकलबला करो तोह क्या होगा!!!!

BEELZEBUB-ladhna तोह दूर की बात hai,shastra उठाने या मंत्र उच्चारण करने से पहले hi हम दोनों मर जाएंगे.....

ास्मोडियस- तोह विक्रम के सामने तुम दोनों किसी और अंजाम के बारे में कैसे सोच सकते हो....

और BEELZEBUB.....tumhe इतना तोह पता hi है की तुम्हारी शक्ति मुझसे है जबकि मेरी और विक्रम की शक्ति गॉड से.....

और ये फर्क काफी है तुम्हारे समझने के लिए की तुम्हारे साथ जो हुआ hai,wo तोह होना hi था...

और BHUVIKA,tumhe तोह अब विक्रम के नाम की चिंता करने की ज़रुरत hi नहीं पड़ेगी....

ास्मोडियस की बात सुन भुविका को समझ में नहीं आयी और इसीलिए....

भुविका- ऐसा क्यों डेविल लार्ड????

भुविका के सवाल पर ास्मोडियस ने कुछ कहा नहीं बस मुस्कुरा कर बिल्जेबब और भुविका को पलटने का इशारा किया...

ास्मोडियस के इशारे को समझ बिल्जेबब और भुविका पालते पर उनके सामने कुछ भी नहीं था....

भुविका और बिल्जेबब दोबारा पलटने hi वाले थे की अचानक

DONO-YE सब क्या है.....???????

जहाँ दोनों के मुँह से ये बात एक साथ निकली वहीँ ास्मोडियस के चेहरे की मुस्कान और गहरी हो गयी.....

तोह हुआ ये की जैसे hi दोनों पलटने को hue,thik उसी वक़्त उन दोनों के सामने दरबार के दोनों साइड एक साथ अलग अलग जगह पर बोहोत सारे धुंए उठने लगे....

और इससे पहले की बिल्जेबब और भुविका ास्मोडियस की तरफ वापस पलट इन सब के होने का कारण जान paate,wo कारण उनके आखों के सामने क्लियर हो गया जिससे देखकर एक बार फिरसे भुविका और बिल्जेबब शॉकेड हो गए.....

reason....is वक़्त उनके सामने दरबार के दोनों साइड में लाइन से बोहोत सारे एंगेल्स खड़े थे.....

बिल्जेबब को तोह ये समझ में hi नहीं आ रहा था की एंगेल्स में इतनी हिम्मत कहाँ से आ गयी की वो सब ास्मोडियस के सामने आने की ज़ुर्रत कर बैठे....

वहीँ भुविका सिचुएशन को समझने की कोशिश कर रही thi...dono अपने अपने ख्यालों में खोये hi थे की उनके सामने एक बार फिरसे तीन धुंए के गुब्बार से उठे और जब वो गुब्बार कहते तोह उस जगह पर तीनो गोड्स मैसेंजर खड़े थे......

तीनो मेसेंजर्स ने एक बार ास्मोडियस की तरफ देखा जो उन्हें hi देख रहा था और फिर तीनो एक साइड में होकर खड़े हो गए....

वहीँ बिल्जेबब पहले तोह गोड्स मैसेंजर के रूप में आये इस नए झटके से सम्भलने की कोशिश करने लगा और जब वो नार्मल हुआ तोह.....

बिल्जेबब- तुम तीनो की इतनी हिम्मत की यहाँ मेरे फादर के सामने आने की गुस्ताखी कर बैठे और साथ साथ अपने एंगेल्स की टोली भी ले आये...

तुम्हे क्या लगता है की ये सब मिलकर भी तुम्हे मेरे और फादर के कहर से बचा पाएंगे.....

तुम्हे यहाँ आने का दंड..............

इससे आगे बिल्जेबब कुछ बोल नहीं paaya....kyunki इससे पहले की उसकी बात ख़त्म hoti,dobara उससे कुछ दूर जहाँ कुछ देर पहले गोड्स मैसेंजर खड़े the,wahan पर एक धुंए की चादर सी बन गयी और इससे पहले की इस चीज़ पर बिल्जेबब कुछ रियेक्ट karta,dhuan चाटने लगा.....

जैसे जैसे धुआं चाटने laga,BEELZEBUB और उसके साथ कड़ी भुविका की हालत ख़राब होने लगी.....

दोनों ने तुरंत पलट कर पीछे dekha..ASMODEUS अपने सिंघासन से खड़ा हो चूका था और उसकी आँखें भी सामने hi तिकी हुई थी.....

इससे पहले की उन तीनो में से कोई कुछ kehta,pure हॉल में एक आवाज़ गूंज गयी......

कैसे हो ASMODEUS,MERE भाई!!!!!!!

ये आवाज़ मेरी thi....jo धुंए का गुब्बार आखरी में उठा था उससे mai,AVANTIKA,RONIT और अनलिए hi प्रकट हुए थे....

जैसे hi मई प्रकट हुआ सारे एंगेल्स और गोड्स मेसेंजर्स के सर झुक गए....

ASMODEUS-ASMODEUS की दुनिया में स्वागत है मेरे भाई....

जैसे hi ास्मोडियस की बात ख़त्म ki,hum चारों के ऊपर एक छोटा सा बदल बन गया और उस बदल से हम चरों के ऊपर फूलों की वर्षा होने लगी....

जहाँ ये सब होता देख अवंतिका नार्मल थी वहीँ खुद को ास्मोडियस के सामने उसी के grah,ussike महल में देख रोनित हैरान था और अनलिए थोड़ी दरी हुई थी...

वहीँ कुछ देर पहले मुझसे हुए सामने में हुई हालत की वजह से भुविका भी मुझे फिरसे सामने देख दरी हुई थी....

अभी तक ना तोह उसकी नज़र अनलिए पर गयी थी और नाही अनलिए ने उससे देखा था....

मांसलिकेल ास्मोडियस का निवास स्थान tha..iski एक खासियत ये भी थी की यहाँ आने वाले के बारे में साड़ी बातें ास्मोडियस को पता चल जाती थी और इसीलिए hi मैंने ट्विस्टेड डायमेंशन में अपनी और अवंतिका की वहां की याद अपने शील्ड के अंदर रख छोड़ दी ताकि उसके बारे में ास्मोडियस को कुछ भी न पता चले....

पर ास्मोडियस के महल में कदम रखते hi मेरी बाकी की बातें या फिर ये कहूं की मेरी साड़ी प्लांनिंग्स जो मैंने उसके खून के प्रभाव से खुदको बचने और निकलने के लिए किया tha,wo ास्मोडियस के दिमाग में रेवेअल हो गया जिससे जानते hi.....

ास्मोडियस- appratim......kya बात है मेरे bhai,itne काम वक़्त में तुमने इतना कुछ सोच लिया था....

जितना वक़्त मुझे लगा था तुम्हारे लिए कारागार बनाने के liye,tumhe तोह उससे भी काम वक़्त लगा उस कारगर को तोड़ने के लिए....

MAI-taarif तोह मेरी बोहोटों ने की hai,par तुम्हारे मुँह से सुनकर अच्छा laga....ab जिस काम से आया हूँ वो कर लूँ....

मेरी बात सुनकर ास्मोडियस मुस्कुरा उठा...

MAI-BHUVIKA......

मेरी आवाज़ सुनकर भुविका हड़बड़ा सी गयी.....

मई- घबराओ mat..mai यहाँ तुमसे hi मिलने आया हूँ या फिर ये कहूं की तुम्हे किसीसे मिलाने आया हूँ.....

मेरी बात भुविका के पल्ले नहीं padi..wo आखों में सवाल लिए मुझे देख रही थी...

मई- मई तुम्हे इनसे मिलाने लाया हूँ...

अपनी बात मैंने अनलिए के कंधे पर हाथ रख कर कही thi...ANALIA,jo अभी भी एक तक थोड़ी दरी हुई सी ास्मोडियस की तरफ देख रही thi,mere उसके कंधे पर हाथ रखते hi उसकी तंत्र टूटी....

तंत्र के टूटते hi अनलिए की नज़र मुझपर gayi..maine उससे इशारे से भुविका की तरफ देखने को कहा और......

जैसे hi अनलिए की नज़र मेरे पॉइंट किये हुए जगह पर gayi,uski आँखें वहीँ जैम गयी...

यही हाल भुविका का भी tha...wo एक तक अनलिए को देखे जा रही thi....dono की नज़रों ने मानो एक दूसरे की नज़र को जकड सा लिया था...

वहीँ बिल्जेबब तोह कभी भुविका को तोह कभी अनलिए को देखकर सिटिवशं को समझने की कोशिश कर रहा था....

अनलिए को देख कर डेविल बनाने के बाद पहली बार आज भुविका का दिल उसी मासूम तरीके से धड़क रहा था जैसे निष्कलिका को देखकर धड़का करता था.....

भुविका के दिल में जो मेरे लिए दर tha,wo अचानक गायब सा हो गया tha..kuch देर तक अनलिए को देखते रहने के baad,BHUVIKA के कदम उसकी तरफ या फिर ये कहूं की हमारी तरफ बढ़ गए.....

भुविका वशीभूत सी होकर चलती हुई हमारे पास आयी और अनलिए के सामने आकर कड़ी हो गयी.....

कुछ देर तक एक दूसरे को देखने के बाद भुविका के लैब हिले....

BHUVIKA-kaun हो तुम???

अनलिए- अनलिए....

मई- तुम्हारी बेहेन.....

मेरी बात सुन अनलिए और भुविका को झटका सा laga...jahan अनलिए एक तक मुझे देखने lagi,wahin......

भुविका- मेरी behen!!!!par ये कैसे संभव hai???humari बेहेन तोह निष्कलिका.......

MAI-NISHKALIKA तुम्हारी बेहेन कभी थी hi नहीं भुविका....

वो एक झूठ था जिससे ास्मोडियस ने सच का रूप दे दिया था....

भुविका के अपनी बात पूरी करने से पहले hi मैंने अपनी बात कह दी.....

पर मेरी बात भुविका और अनलिए को लगने वाला अभी तक का सबसे बड़ा झटका tha..dono अविश्वास भरी नज़रों से मेरी तरफ देखने लगी....

भुविका- क्या बक्वा कर रहे ho...maine और निष्कलिका ने एक hi माँ के कोख से जन्म लिया है.....

मई भुविका की बात सुनकर मुस्कुरा दिया...

मैंने उससे साड़ी बात बताने से ाचा उससे और अनलिए को साड़ी हक़ीक़त जो उनके साथ घटी thi,wo दिखाना उच्चित समझा.....

और इसीलिए.....

मेरी हाथों से एक रे निकली जिसने भुविका और अनलिए के सर के बीच एक ब्रिज का रूप ले लिया....

ऐसा होते hi दोनों की आँखें बंद हो गयी और उन्हें अपनी बंद आखों के आगे साड़ी सच्चाई दिखने लगी....

चलिए जब तक ये दोनों इनकी साड़ी सच्चाई देख रही hain,tab तक मई आपको शार्ट में इनकी सच्चाई बता देता हूँ....

तोह दोस्तों ये कहानी तब शुरू हुई जब ास्मोडियस ने क्यूरियस गृह को श्रापग्रस्त किया था...

जैसा की मई बता चूका हूँ की क्यूरियस में बच्चों के जन्म वाइट एनर्जी से होता hai.wahan की महिलाओं के मातुरे होते hi उनकी कोख में वाइट एनर्जी स्टोर हो जाती है जिससे बच्चे जन्म लेते hain...(update 90)

जब क्यूरियस श्रापग्रस्त हुआ तब अनलिए अपने माँ की कोख में thi....par उस कोख में वो अकेली नहीं thi,balki उसके साथ एक और बच्ची भी थी जो उसके साथ साथ जन्म लेने वाली थी.....

ये बच्ची और कोई नहीं बल्कि भुविका hi थी....

जैसा की आपको पता है की श्रापग्रस्त होने की सबसे बड़ी वजह ास्मोडियस की ब्लैक ेनबर्गी थी जो सौरिस पेड़ और हर कौरीन फल के अंदर चली गयी थी....

उस ब्लैक एनर्जी की वजह से ास्मोडियस को ये बात पता चल गयी की अनलिए की माँ के कोख में दो वाइट एनर्जी से भरे हुए बच्चे पल रहे हैं...

और ये बात पता चलते hi ास्मोडियस एक रात चुपके से अनलिए और भुविका के माँ के सामने पहुँच गया...

वो अभी निद्रा अवस्था में thi....ASMODEUS ने उन्हें नींद में hi बेहोश कर उनकी कोख के अंदर जो वाइट एनर्जी thi,uska आधा भाग निकल लिया और उससे लेकर चला गया....

ास्मोडियस ने उस वाइट एनर्जी को अपने पास संभल कर rakha..dheere धीरे वक़्त निकलता गया....

और फिर आया निष्कलिका का daur....NISHKALILKA बचपन से hi ब्लैक एनर्जी की तरफ आकर्षित थी....

और निष्कलिका के हर चीज़ को सिखने का हुनर भी बोहोत ज़्यादा था...

उसके अंदर गज़ब की प्रतिभा thi...wahin कोई भी काली शक्ति ास्मोडियस की नज़र से छुपी नहीं थी...

निष्कलिका भी ास्मोडियस की नज़र में आ चुकी thi...ussi वक़्त निष्कलिका की माँ फिरसे एक बच्चे को जन्म देने वाली थी....

पर वो बच्ची कमज़ोरी की वजह से उसकी कोख में hi मरने वाली thi....ye बात ास्मोडियस को पता चल gayi...aur तभी उसके दिमाग में एक आईडिया आया....

उससे उस वाइट एनर्जी को जो उसने अनलिए की माँ के कोख से निकला tha,istemaal करने का सोचा...

दरअसल ास्मोडियस जानता था की आगे चलकर निष्कलिका ब्लैक एनर्जी की एक बोहोत बड़ी प्रतिक बनेगी और वो ये देखना चाहता था की एक वाइट एनर्जी का श्रोत ब्लैक एनर्जी के साये में किस डायरेक्शन में जाता है...

और इसी सोच के साथ ास्मोडियस ने निष्कलिउका की माँ के कोख में जो अब तक मर चुकी बच्ची thi,usse वहां से निकल दिया और उसकी जगह अनलिए की माँ के कोख से लाये वाइट एनर्जी को दाल दिया जिसने आगे चलकर भुविका के रूप में जन्म लिया......

आपको याद होगा दोस्तों की डेविल बनाने से पहले hi भुविका का अंदर बोहोत ज़्यादा मात्रा में वाइट एनर्जी thi,wo इसीलिए hi थी क्यूंकि उसका जन्म hi वाइट एनर्जी की वजह से हुआ था....

आपको ये भी याद होगा की भुईका वैसे तोह एक बोहोत अछि लड़की थी पर निष्कलिका के मामले में वो किसी की नहीं सुनती थी भले hi गलती निष्कलाईका की हो...

दरअसल भुविका को निष्कलिका से प्यार नहीं tha,balki अपनी बेहेन से tha..wo बेहेन जो उससे उसके पैदा होने से पहले hi छीन ली गयी थी और इसीलिए hi बेहेन शब्द से उसकी भावनाएं कुछ ज़्यादा hi जुडी हुई थी...

और क्यूंकि समक्ष में निष्कलिका hi उसकी बेहेन thi,isiliye वो उसीको अपना सब कुछ मानती थी....

साड़ी सच्चाई जानते hi भुविका और अनलिए की आखें खुल gayi....dono की नज़रें जैसे hi एक दूसरे से mili,dono भावुक हो गयी और झट से एक दूसरे के गले लग गयी.....

कुछ देर तक एक दूसरे के गले लगने के बाद भुविका को ास्मोडियस का छल जब याद आया तोह वो तुरंत उसकी तरफ पलटी...

भुविका- कोई इतना भी गिरा हुआ कैसे हो सकता है???

बिल्जेबब- BHUVIKA.....apni जुबां को लगाम do...jaanti भी हो की तुम किस्से बात कर रही हो???

मई- क्या तुम जानते हो की तुम किसके सामने बात कर रहे हो???

बिल्जेबब की बात सुन जब मैंने अपनी बात कही तोह एक पल के लिए उसकी जुबां बंद हुई पर फिर जब उससे एहसास हुआ की उसके फादर उसके साथ खड़े hain,toh उसकी हिम्मत वापस आ गयी....

बिल्जेबब मुझसे कुछ कहने hi वाला था की....

मई- हलक से अगर आवाज़ nikli,toh हलक और आवाज़ दोनों को हमेशा के लिए अलग कर दूंगा...

मैंने अपनी बात बिल्जेबब को घूरकर कही जिससे उसकी बात उसके अंदर hi रह गयी....

ASMODEUS-pehli बार मेरे घर आये ho,gale नहीं लगोगे....

अचानक से एक अजीबोगरीब बात जो की सिर्फ ास्मोडियस hi कह सकता tha,usne मुझसे कही.....

ास्मोडियस की बात सुनकर मई मुस्कुरा दिया.....

MAI-pehli बार तुमने कुछ माँगा hai,mana कैसे कर सकता हूँ...

ये बोल मई आगे badha..mere साथ साथ hi ास्मोडियस भी आगे बढ़ा और अगले hi पल हम दोनों एक दूसरे के गले लग चुके थे.....

हमे गले लगता देख वहां मौजूद सभी के मुँह खुल गए थे पर फिर भी सब चुप चाप इस अजीब संगम और मेल को देख रहे थे.....

कुछ देर तक गले लगने के बाद जब हम अलग हुए तोह....

ास्मोडियस- काश तुम्हारी सोच मेरे जैसी होती......

मई- काश तुम्हारा सच मेरे जैसा होता....

आज के लिए इतना HI......

आपका अपना V.J.......
 
Haaaa,thanks ा लोट बरोथेर... मीन्स ा लोट व्हेन आईटी केस फ्रॉम ा राइटर ऑफ़ ुर कैलिबर....

बस इतना कहूंगा की जल्दी से सारे उपदटेस पढ़ें और अपना कीमती रिव्यु दे... ख़ास कर फर्स्ट और सेकंड chapter के क्लाइमेक्स के बारे में...

और रही बात स्टोरीज के कपाबिलिटी की की तोह भले आपकी स्टोरी हो या meri,maksad तोह रीडर्स का एंटरटेनमेंट hi है naa..unka हमारे स्टोरीज के प्रति प्यार hi है ना...

क्यूंकि जैसा आप कहते hain,ussi तर्ज पर...

मौत की hi तरह प्यार से भी भला

आज तक बचा है कोई.....

 
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