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की ऐसी लड़की या औरत जो घरेलु हो क्यों की घरेलु लड़की या औरत अपने पति के अलावा किसी और मर्द से सम्बन्ध नहीं बनती, नाजिया, तब तो ठीक है तभी बहु सहर किचन से बहार एके अम्मी थोड़ा यहाँ आना तो नाजिया उठ के किचन में गई इधर में जेब से गंजे की सिगार इत्ते निकल के जलाई और हॉल के सोफे पे बैठ के पिने लगा और कोई एक घंटे के बाद खाना बन गया और सहना आयशा एलिज़ा जहा में लेता हुआ था वह एके चाचू क्यों सोये हो माय अपनी आंख को खोल के क्युकी मेरे पास कोई नहीं ता इस लिए मेरी आंख लग गई तो आयशा, चाचू आपको मुझे बुलाना चाहिए ता न माय तो रूम म hi टी,
मैं, सोफे पर बैठ के अरे कोई बात नहीं तभी नाजिया किचन से बहार एके बच्चो चलो डाइनिंग टेबल पे बैठ के खाना खाओ ये सुन के तीनो लड़किया और मैं है तह मु धो के चेयर पे बैठ गए और नाजिया और बहु सहर खाना टेबल पे रखने लगी तो मैं अरे सारा शरीफ नहीं दिख रही है वो कहा है तो नाजिया, वो अपने रूम में होगी आज कल मिया बीवी अपने रूम में hi रहते है खाना भी वही कहते है तो मैं ये क्या बात हुई जा सहना अपने भइया को बुला के ला तो सहना चेयर से उठने लगी तो नाजिया रुक सहना अगर चाचू ने उसे कुछ बोल दिया तो दोनों मिया बीवी मु फुला लेंगे आप खाना खाओ मूड ऑफ मत करो,
मैं, अरे ऐसी भी क्या बात हुई की वो लोग ऐसा कर रहे है तो नाजिया अभी बस खाना खाओ माय बाद में बताउंगी ये सुन के हम सब अपना खाना खाने लगे, तो सहना चाचू माय आयशा बजी और एलिज़ा आपके साथ सिटी चलेंगे तो माय अभी साम को तो तू hi बस जाने को तैयार थी तो अब दो लोग और कैसे जुड़ गए तो सहना स्माइल करते हुए चाचू माय इन दोनों को बताई तो ये भी तैयार हो के मुझे बोली की माय आपसे बात करू ये सुन के देखो तुम सब मेरे साथ चल दी तो यहाँ अपने अम्मी और घर का कौन ख्याल रखेगा ये सुन के आयशा का मु उतर गया तो माय ये देख के माय सब को ले चलूँगा लेकिन ज्यादा दिन के लिए नहीं बस एक हफ्ते के लिए तो..
सहना खुस होक ok चाचू तो सहर भाभी को भी ले चलो बस एक हफ्ते की तो बात है, मैं थोड़ा स्माइल करते हुए उसके सर पे हलके से मारा और बोलै तेरी मांग कुछ ज्यादा नहीं बढ़ने लगी क्या तो नाजिया जो हम लोगो के बगल में कड़ी थी वो बोली समीर ठीक तो कह रही है सहर बहु भी वह घूम लेगी ये तो कही अति जाती hi नहीं है और अमीर भी सिटी में रह के पढाई कर रहा है इसको कोई घूमता hi नहीं है बस हवेली में अकेले घुटी है, मैं, ok भाभी सहर को भी सिटी ले जाऊंगा अब खुस तो सहना मेरे गाल पे किश करके ी लव यू चाचू ये देख के नाजिया उसके सर पे मरते हुए पागल ऐसे नहीं बोलते चाचू को ी लव यू..
मैं, सोफे पर बैठ के अरे कोई बात नहीं तभी नाजिया किचन से बहार एके बच्चो चलो डाइनिंग टेबल पे बैठ के खाना खाओ ये सुन के तीनो लड़किया और मैं है तह मु धो के चेयर पे बैठ गए और नाजिया और बहु सहर खाना टेबल पे रखने लगी तो मैं अरे सारा शरीफ नहीं दिख रही है वो कहा है तो नाजिया, वो अपने रूम में होगी आज कल मिया बीवी अपने रूम में hi रहते है खाना भी वही कहते है तो मैं ये क्या बात हुई जा सहना अपने भइया को बुला के ला तो सहना चेयर से उठने लगी तो नाजिया रुक सहना अगर चाचू ने उसे कुछ बोल दिया तो दोनों मिया बीवी मु फुला लेंगे आप खाना खाओ मूड ऑफ मत करो,
मैं, अरे ऐसी भी क्या बात हुई की वो लोग ऐसा कर रहे है तो नाजिया अभी बस खाना खाओ माय बाद में बताउंगी ये सुन के हम सब अपना खाना खाने लगे, तो सहना चाचू माय आयशा बजी और एलिज़ा आपके साथ सिटी चलेंगे तो माय अभी साम को तो तू hi बस जाने को तैयार थी तो अब दो लोग और कैसे जुड़ गए तो सहना स्माइल करते हुए चाचू माय इन दोनों को बताई तो ये भी तैयार हो के मुझे बोली की माय आपसे बात करू ये सुन के देखो तुम सब मेरे साथ चल दी तो यहाँ अपने अम्मी और घर का कौन ख्याल रखेगा ये सुन के आयशा का मु उतर गया तो माय ये देख के माय सब को ले चलूँगा लेकिन ज्यादा दिन के लिए नहीं बस एक हफ्ते के लिए तो..
सहना खुस होक ok चाचू तो सहर भाभी को भी ले चलो बस एक हफ्ते की तो बात है, मैं थोड़ा स्माइल करते हुए उसके सर पे हलके से मारा और बोलै तेरी मांग कुछ ज्यादा नहीं बढ़ने लगी क्या तो नाजिया जो हम लोगो के बगल में कड़ी थी वो बोली समीर ठीक तो कह रही है सहर बहु भी वह घूम लेगी ये तो कही अति जाती hi नहीं है और अमीर भी सिटी में रह के पढाई कर रहा है इसको कोई घूमता hi नहीं है बस हवेली में अकेले घुटी है, मैं, ok भाभी सहर को भी सिटी ले जाऊंगा अब खुस तो सहना मेरे गाल पे किश करके ी लव यू चाचू ये देख के नाजिया उसके सर पे मरते हुए पागल ऐसे नहीं बोलते चाचू को ी लव यू..