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नितमा, बीटा आप को जो करना है वो करे अब मेरी दो बेतिया और ये बहु hi बची है इनका रक्षा तो माय खुद hi नहीं कर सकती देखो न नीता की शादी की उम्र बिट गई लेकिन इसके सवाल रंग देख के कोई उससे शादी hi नहीं करता और मेरी छोटी बेटी उसकी भी शादी की उम्र हो गई है वो तो गोरी है लेकिन उसमे भी एक कमी है वो बहुत मोती है इन दोनों की शादी लगा लगा के थक चुकी हु और जो लड़के राजी होते है शादी के लिए वो लोग इतने दहेज़ मांगते है की मेरी इतनी हैसियत hi नहीं है माय पूरा कर सकू कई बार मुझे भी लगा की मेरे घर पे कोई न कोई कला जादू किया है एक तांत्रिक को दिखाई तो धोखेबाज़ निकला और मेरे गहने लेके रफू चक्कर हो गया तब से माय तांत्रिक लोगो को देखते hi वह से हैट जाती हु यही वजह ह की मेरा विश्वास ख़तम हो गया,
मैं, कोई बात नहीं आंटी जी माय तो यही का हु माय आपके गहने लेके नहीं भागूंगा, नितमा, ये सुन के हस्ती हुई क्या बीटा, मैं, आंटी जी माय आज से hi आपकी घर के चारो और घूम के देखना छठा हु, नितमा, अरे नीता जा भइया को घुमा दे, नीता, उठी और उसकी भाभी भी साथ उसके साथ उठी तो नीता बोली भाभी आप यही बैठो माँ के पास माय थोड़ी देर म अति हु लेकिन उसकी भाभी य सुन के रोने लगी और जमीं पे लेट गई जैसे कोई बच्ची हो, तब नीता ने उसे उठाया और हमारे साथ चल दी अब वो ताली बजा के हसने लगी, ये देख के नीता मुस्कुराते हुए देखा भैया ये एक दम बच्ची बन गई है इन्हे दुनिया दरी का कुछ पता नहीं है इस लिए इनके पीछे दूसरे गाओ के लड़के आदमी मधु मक्खी की तरह भीं भिनते रहते है,
मैं, तू टेंशन मत ले नीता माय जल्दी hi सब ठीक कर दूंगा और तुम्हारी शादी भी करवाऊंगा मेरा वडा है तुमसे, नीता, नहीं भैया अब मेरी शादी की उम्र निकल चुकी है वैसे भी मेरे सवाल होने से लड़के पसंद भी मुझे नहीं नहीं करते है और जो शादी के लिए है भी करते है वो दहेज़ hi इतना मांग देते है की हम लोगो की उतनी हैसियत hi नहीं होती ह, मैं, ("नीता के घर का चक्कर लगाने लगा और मुझे ये घर पे कोई आत्मा का आभास हुआ क्युकी मेरे सरीर में जीन बाबा का वाश है इस लिए कोई आत्मा का अनुभूति होती है तो मुझे आभास हो जाता है") पीर नीता, भैया आप रुक क्यों गए चलो आगे, मैं, नीता तू मुझसे उम्र में बड़ी है पीर मुझे भैया क्यों बोलती है और इसलिए रुका हु क्युकी मुझे कोई सैतानी आत्मा का आभास हुआ है इस घर पे,
नीता, आपको भैया बोलना ाचा लगता है, ठीक है जो बोलना है वो बोल चलो आगे और ये क्या ह नीता तुम्हारे घर के पीछे, नीता, भैया ये मेरे चाचा की बेटियों का घर था और ये एक हादसे में जल गया जिसमे मेरी चाचा की दो बेटी जल के मर गई और कुछ सालो के बाद मेरी चाचा और चची भी एक हादसे में मर गई, मैं, तुम्हारे घर में कोई न कोई एक हादसे में मारा है इससे मेरा सक गहरा हो चूका है पक्का इस घर और जमीं पे कोई न कोई आत्मा की रूह भटक रही है इसे कुछ करना होगा नहीं तो तुम्हारी फॅमिली भी ख़तम हो सकती है और तुम्हारी छोटी बहन नहीं दिखी घर में जब माय तुम्हारे घर में आया तब और ये बोल के बम्बू वाले घर में घुसा जिसमे उसकी बकरी रहती है और उस घर बहुत hi अँधेरा था,
मैं, कोई बात नहीं आंटी जी माय तो यही का हु माय आपके गहने लेके नहीं भागूंगा, नितमा, ये सुन के हस्ती हुई क्या बीटा, मैं, आंटी जी माय आज से hi आपकी घर के चारो और घूम के देखना छठा हु, नितमा, अरे नीता जा भइया को घुमा दे, नीता, उठी और उसकी भाभी भी साथ उसके साथ उठी तो नीता बोली भाभी आप यही बैठो माँ के पास माय थोड़ी देर म अति हु लेकिन उसकी भाभी य सुन के रोने लगी और जमीं पे लेट गई जैसे कोई बच्ची हो, तब नीता ने उसे उठाया और हमारे साथ चल दी अब वो ताली बजा के हसने लगी, ये देख के नीता मुस्कुराते हुए देखा भैया ये एक दम बच्ची बन गई है इन्हे दुनिया दरी का कुछ पता नहीं है इस लिए इनके पीछे दूसरे गाओ के लड़के आदमी मधु मक्खी की तरह भीं भिनते रहते है,
मैं, तू टेंशन मत ले नीता माय जल्दी hi सब ठीक कर दूंगा और तुम्हारी शादी भी करवाऊंगा मेरा वडा है तुमसे, नीता, नहीं भैया अब मेरी शादी की उम्र निकल चुकी है वैसे भी मेरे सवाल होने से लड़के पसंद भी मुझे नहीं नहीं करते है और जो शादी के लिए है भी करते है वो दहेज़ hi इतना मांग देते है की हम लोगो की उतनी हैसियत hi नहीं होती ह, मैं, ("नीता के घर का चक्कर लगाने लगा और मुझे ये घर पे कोई आत्मा का आभास हुआ क्युकी मेरे सरीर में जीन बाबा का वाश है इस लिए कोई आत्मा का अनुभूति होती है तो मुझे आभास हो जाता है") पीर नीता, भैया आप रुक क्यों गए चलो आगे, मैं, नीता तू मुझसे उम्र में बड़ी है पीर मुझे भैया क्यों बोलती है और इसलिए रुका हु क्युकी मुझे कोई सैतानी आत्मा का आभास हुआ है इस घर पे,
नीता, आपको भैया बोलना ाचा लगता है, ठीक है जो बोलना है वो बोल चलो आगे और ये क्या ह नीता तुम्हारे घर के पीछे, नीता, भैया ये मेरे चाचा की बेटियों का घर था और ये एक हादसे में जल गया जिसमे मेरी चाचा की दो बेटी जल के मर गई और कुछ सालो के बाद मेरी चाचा और चची भी एक हादसे में मर गई, मैं, तुम्हारे घर में कोई न कोई एक हादसे में मारा है इससे मेरा सक गहरा हो चूका है पक्का इस घर और जमीं पे कोई न कोई आत्मा की रूह भटक रही है इसे कुछ करना होगा नहीं तो तुम्हारी फॅमिली भी ख़तम हो सकती है और तुम्हारी छोटी बहन नहीं दिखी घर में जब माय तुम्हारे घर में आया तब और ये बोल के बम्बू वाले घर में घुसा जिसमे उसकी बकरी रहती है और उस घर बहुत hi अँधेरा था,