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- Dec 5, 2013
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मैं, क्यों नहीं लगेगी तुम दिसंबर की ठण्ड में मुघे एक तरह से नहला hi दी हो देखो,
सुनीता, हस्ते हुए आपकी केयर करना मेरा धरम है आप मेरे पति है और आज के बाद आप माँ के पास नहीं जाओगे जो करना ह मेरे सतह करे मैं आपकी प्यास बुझाऊँगी प्रॉमिस
मैं, है मेरी जान माय सुन लिया बार बार मत बोलो मुझसे नहीं तो मेरा दिमाग बहुत जल्दी गरम होता है एक बार बोल दिया तो बोल दिया, सुनीता ("को समझ आ गया समीर जी अब ग़ुस्सा होने वाले है इस लिए बात को बदलते हुए") बोली...
सुनिए न गुस्सा मत होये आप को जो करना है करे पीर ये बोल के वो अपनी रेड साड़ी उतरने लगी अपनी होंठो को काटते हुए माय उसकी गोरी जिसम को घूरते हुए देखने लगा अब वो ब्लाउज़ और पेटीकोट में आ गई माय जान क्यों तरसा रही हो जल्दी से सरे उतर के जल्दी से औ मेरे पास नहीं तो खड़े खड़े छोडूंगा तुम्हे सुनीता मुस्कुराते हुए थोड़ा सबर रखिये पीर वो अपनी ब्लैक ब्लाउज़ को खोल के धीरे धीरे उतरने लगी माय उसे जल्दी नग्गी देखना चाहता था तो माय बिस्तर से उठा तो सुनीता लंगड़ाते हुए बहार भाग गई मुस्कुराते हुए और गेट के पास जेक आप बिस्तर पे लेटिए तब रूम में आउंगी
माय उसकी मस्ती को देख क मुस्कुराते हुए पीर से बिस्तर में घुस के कम्बल ओढ़ ली सुनीता रूम में एके गेट को लॉक की और अपनी ब्लैक ब्लाउज़ को उतर दी अब ब्रा और पेटीकोट में थी पीर मेरी तरफ मुस्कुराते हुए अब आप बताइये पहले क्या देखना पसंद करेंगे माय उसकी मस्ती को देखते हुए तुम्हरी 36 साइज की चुके देखूंगा, सुनीता न में सर को हिला के अपनी रेड पेटीकोट की डोरी को खोल दी और पेटीकोट की डोरी खुलते hi सर सारा के जमीं पे गिर गई और अब वो ब्रा पंतय में दिख रही थी उसकी गोरी जिसम मोती मोती जंघे उसकी बड़ी गांड करीब 38 साइज की जो वो
मुझे घूम के दिखा रही थी माय धीरे से आ भी जाओ मेरी जान मेरा लुंड अब दर्द होने लगा है खड़े खड़े तुम्हारी जिसम को देख के उसका बुरा हाल है, सुनीता मुस्कुराते हुए उसे तो माय बाद में देखूंगी आप बताइये मुझमे आपको क्या अच्छा लगता है ये अपने बूब्स की तरफ इसरा की पीर ये अब वो अपनी छूट की तरफ इसरा की पीर पीछे मुद के पीर ये अब वो अपनी गांड की तरफ इसारे करके मुझसे पूछी,
मेरी जान तुम्हारी गांड मुझे ज्यादा पसंद है और तुम्हारी छूट जो फूली हुई है उसे चाटने में मज़ा अत है और जो तुम्हारी बड़े बड़े
चुके है उसे चूसने और दबाने में मज़ा अत है ओवरआल सब मुझे पसंद है माय किसी एक को नहीं पसंद कर सकता ये बोल के माय उठा और उसके पास गया इस बार वो नहीं भागी माय उसको गले लगते हुए मेरी जान तुम पूरी की पूरी क़यामत हो वैसे माय तुम्हारी जिसम से कभी प्यार नहीं किया हु माय तुम्हारी नेचुरल नेचर से प्यार करता हु तुम्हे किसी चीज की घमंड नहीं है तुम सब की मदत करने की कोशिश करती हो यही वजह है की माय तुम्हारे प्यार में पद गया ये बोल के उसे अपने बहो में उठा लिया और वो मेरे गले में हाँथ को दाल के अपने होंठ मेरे होंठो में देके चूसने लगी,
थोड़ी देर की किश के बाद उसे बिस्तर पे लेता के तेल ले हो मेरी जान आज गांड मरने के मूड में हु क्या डौगी अपनी लाजवाब फुटबॉल की तरह लगने वाली गांड सुनीता, शरमाते हुए है माय कब मन की हु रुकिए माय तेल निकल के लती हु पीर वो बीएड से उठी और अलमारी खोल के कोकोनट आयल निकल के बीएड के किनारे रखे टेबल पे रख के मेरे बगल में आके लेट गई हम दोनों एक दूसरे के अगल बगल थे उसका फेस मेरे फेस के सामने वो मेरी आँखों में आंखे दाल के देख रही थी माय एक आंख मर दिया तो अपनी आँखों को निचे करके शर्माने लगी माय उसे खींच के अपने साइन स लगा के क्या तुम खुस तो हो न
सुनीता, ये सुन के मेरे चेहरे की तरफ देख के आप जानते है माय आपको पा के कितनी खुस हु आप ऐसा क्यों पूछ रहे है, मैं, देखो सुनीता माय जनता हु तुम मुझसे बहुत प्यार करती हो इस लिए माय तुमसे कोई बात छुपाना नहीं चाहता क्युकी प्यार करने वाले एक दूसरे से कोई बात नहीं छुपाते है वो मेरी आँखों में देख के आप मेरे से प्यार नहीं करते क्या, मैं, उसके होंठो को किश करते हुए बहुत करता हु अपनी जान से भी ज्यादा, सुनीता, पीर क्या बात है क्या छुपे है मुझसे ऐसे सस्पेंस मत रखिये बोलिये न प्लीज अब मुझे दर लग रहा है क्या बात है वो बीएड से उठ के बैठ जाती है,
सुनीता, हस्ते हुए आपकी केयर करना मेरा धरम है आप मेरे पति है और आज के बाद आप माँ के पास नहीं जाओगे जो करना ह मेरे सतह करे मैं आपकी प्यास बुझाऊँगी प्रॉमिस
मैं, है मेरी जान माय सुन लिया बार बार मत बोलो मुझसे नहीं तो मेरा दिमाग बहुत जल्दी गरम होता है एक बार बोल दिया तो बोल दिया, सुनीता ("को समझ आ गया समीर जी अब ग़ुस्सा होने वाले है इस लिए बात को बदलते हुए") बोली...
सुनिए न गुस्सा मत होये आप को जो करना है करे पीर ये बोल के वो अपनी रेड साड़ी उतरने लगी अपनी होंठो को काटते हुए माय उसकी गोरी जिसम को घूरते हुए देखने लगा अब वो ब्लाउज़ और पेटीकोट में आ गई माय जान क्यों तरसा रही हो जल्दी से सरे उतर के जल्दी से औ मेरे पास नहीं तो खड़े खड़े छोडूंगा तुम्हे सुनीता मुस्कुराते हुए थोड़ा सबर रखिये पीर वो अपनी ब्लैक ब्लाउज़ को खोल के धीरे धीरे उतरने लगी माय उसे जल्दी नग्गी देखना चाहता था तो माय बिस्तर से उठा तो सुनीता लंगड़ाते हुए बहार भाग गई मुस्कुराते हुए और गेट के पास जेक आप बिस्तर पे लेटिए तब रूम में आउंगी
माय उसकी मस्ती को देख क मुस्कुराते हुए पीर से बिस्तर में घुस के कम्बल ओढ़ ली सुनीता रूम में एके गेट को लॉक की और अपनी ब्लैक ब्लाउज़ को उतर दी अब ब्रा और पेटीकोट में थी पीर मेरी तरफ मुस्कुराते हुए अब आप बताइये पहले क्या देखना पसंद करेंगे माय उसकी मस्ती को देखते हुए तुम्हरी 36 साइज की चुके देखूंगा, सुनीता न में सर को हिला के अपनी रेड पेटीकोट की डोरी को खोल दी और पेटीकोट की डोरी खुलते hi सर सारा के जमीं पे गिर गई और अब वो ब्रा पंतय में दिख रही थी उसकी गोरी जिसम मोती मोती जंघे उसकी बड़ी गांड करीब 38 साइज की जो वो
मुझे घूम के दिखा रही थी माय धीरे से आ भी जाओ मेरी जान मेरा लुंड अब दर्द होने लगा है खड़े खड़े तुम्हारी जिसम को देख के उसका बुरा हाल है, सुनीता मुस्कुराते हुए उसे तो माय बाद में देखूंगी आप बताइये मुझमे आपको क्या अच्छा लगता है ये अपने बूब्स की तरफ इसरा की पीर ये अब वो अपनी छूट की तरफ इसरा की पीर पीछे मुद के पीर ये अब वो अपनी गांड की तरफ इसारे करके मुझसे पूछी,
मेरी जान तुम्हारी गांड मुझे ज्यादा पसंद है और तुम्हारी छूट जो फूली हुई है उसे चाटने में मज़ा अत है और जो तुम्हारी बड़े बड़े
चुके है उसे चूसने और दबाने में मज़ा अत है ओवरआल सब मुझे पसंद है माय किसी एक को नहीं पसंद कर सकता ये बोल के माय उठा और उसके पास गया इस बार वो नहीं भागी माय उसको गले लगते हुए मेरी जान तुम पूरी की पूरी क़यामत हो वैसे माय तुम्हारी जिसम से कभी प्यार नहीं किया हु माय तुम्हारी नेचुरल नेचर से प्यार करता हु तुम्हे किसी चीज की घमंड नहीं है तुम सब की मदत करने की कोशिश करती हो यही वजह है की माय तुम्हारे प्यार में पद गया ये बोल के उसे अपने बहो में उठा लिया और वो मेरे गले में हाँथ को दाल के अपने होंठ मेरे होंठो में देके चूसने लगी,
थोड़ी देर की किश के बाद उसे बिस्तर पे लेता के तेल ले हो मेरी जान आज गांड मरने के मूड में हु क्या डौगी अपनी लाजवाब फुटबॉल की तरह लगने वाली गांड सुनीता, शरमाते हुए है माय कब मन की हु रुकिए माय तेल निकल के लती हु पीर वो बीएड से उठी और अलमारी खोल के कोकोनट आयल निकल के बीएड के किनारे रखे टेबल पे रख के मेरे बगल में आके लेट गई हम दोनों एक दूसरे के अगल बगल थे उसका फेस मेरे फेस के सामने वो मेरी आँखों में आंखे दाल के देख रही थी माय एक आंख मर दिया तो अपनी आँखों को निचे करके शर्माने लगी माय उसे खींच के अपने साइन स लगा के क्या तुम खुस तो हो न
सुनीता, ये सुन के मेरे चेहरे की तरफ देख के आप जानते है माय आपको पा के कितनी खुस हु आप ऐसा क्यों पूछ रहे है, मैं, देखो सुनीता माय जनता हु तुम मुझसे बहुत प्यार करती हो इस लिए माय तुमसे कोई बात छुपाना नहीं चाहता क्युकी प्यार करने वाले एक दूसरे से कोई बात नहीं छुपाते है वो मेरी आँखों में देख के आप मेरे से प्यार नहीं करते क्या, मैं, उसके होंठो को किश करते हुए बहुत करता हु अपनी जान से भी ज्यादा, सुनीता, पीर क्या बात है क्या छुपे है मुझसे ऐसे सस्पेंस मत रखिये बोलिये न प्लीज अब मुझे दर लग रहा है क्या बात है वो बीएड से उठ के बैठ जाती है,