- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 94,328
पीर थोड़ी देर के बाद लुंड छूट चूसै के बाद माय उसे अपने लुंड से हटाया और अपने तरफ खींच लिया उसके होंठो पे मेरे लुंड की परइ छुम लगी हुई थी और उसकी गंध भी आ रही थी वो मेरे होंठो को चूसने लगी और एक हाथ को निचे ले जेक मुसार एनाकोंडा को अपने हाँथ में पकड़ के छूट के मुहाने पे रख के एक जोर का झटका मारा जिससे मेरा आधा लुंड उसकी छूट में समां गया और उसके मु से अह्हह्ह्ह्ह मम्मीयी ओह्ह्ह्हह्ह गॉडडडडड कितना दर्द देता है आपका मुसार लिंग जी ये बोल के एक और झटका मरी मेरे लुंड पे इस बार मेरा पूरा 16 इंच लुम्बा और 5 से 6 इंच मोटा लुंड..
अपने छोटी और फूली हुई छूट में घुसा ली और लुब्बी लुब्बी सास छोड़ने लगी मेरे साइन पे,
मैं, अगर दर्द हो रहा है तो माय निकल लू क्या,
सुनीता, खबर दर ये मुसार लुंड ये आज से मेरा है इसे माय अपनी तीनो छेड़ो में घुसा के आपसे छुडवाउंगी जी लेकिन अभी थोड़ी दर्द हो रही है मेरी छूट आज फ़ास्ट टाइम है न सायद इसी लिए इतना दर्द हो रही है मेरी छूट ये बोल के वो अपनी गांड को धीरे धीरे मेरे लुंड पे धक्के मरने लगी उसकी गांड का माय दीवाना हो चूका था उसे माय पकड़ लिया उसकी गांड बहुत hi सॉफ्ट थी जैसे मेरे हाँथ लगते hi उसकी गांड में मेरे हाँथ धस गए ऐसा लगा की माय किसी रोइ
में अपना हाँथ रख दिया हु जैसे छूट सॉफ्ट और फूली हुई थी वैसे hi उसकी गांड थी दोनों में कोई अंतर नहीं था इधर सुनीता मेरे साइन पे हाँथ को राखी और अपने घुटने पे होक थोड़ी उठ गई और तेज तेज धक्के मरने लगी अब उसकी छूट पूरी तरह से खुल चुकी थी इसी वजह से वो तेज धक्के मर प् रही थी थोड़ी देर तक इसी पोज़ में मुझे छोड़ने के बाद माय उसे घुमा दिया मतलब अब उसकी गांड मेरी तरफ थी उसका सर दिवार की तरफ और उसकी गांड की दोनों part को पकड़ के अपने लुंड पे मरने लगा और वो भी अपनी गांड उठा उठा के मुझसे चुदवाती रही उसकी छूट बहुत गीली हो चुकी थी उसके छूट से
लगा तर पानी गिरने से मेरे लुंड से होते हुए मेरे गोते तक उसकी सफ़ेद पानी गिर रही थी उसके पानी को देख के लग रहा था जैसे कोई साबुन का झाग निकल रही है हम दोनों की चुदाई से साथ में मेरा भी परइ छुम निकल के उसकी छूट गीली कर रहा था सुनीता मेरे दोनों टैंगो को पकड़ के अपनी गांड को उठा उठा के धक्के दे रही थी माय अपना हाँथ को बढ़ा के टेबल से कोकोनट की आयल खींच के अपने पास किया और ऊँगली में लेके उसकी गांड के छेद पे लगा के एक ऊँगली घुसाने लगा तो सुनीता, सर को घुमा के हस्ते हुए जणू क्या कर रहे है वह ऊँगली मत घुसाओ न मुझे दर्द हो रही है
प्लीज पीर कभी कर लीजिये गए आज बस छूट को छोड़िये आज मेरी सुहागरात है इस लिए,
मैं, अपनी ऊँगली उसकी गांड के छेद में घुसा के बोलै है मेरी जान माय बस गांड के छेद को बड़ा रहा हु जब कभी छोडूंगा तब ठुमरी गांड में मेरा लुंड आसानी से घुस सके सुनीता हस्ते हुए कितने भी तेल लगा दो लेकिन आपका जो मुसार लिंग है न वो जब मेरे अंदर घुसेगा तो दर्द तो होगी hi न ये बोल के पीर चुदाई में बिजी हो गई वो अपनी छूट की क्लाइटोरिस को भी घिसते हुए अपनी छूट को मेरे लुंड पे पूरा घुसा रही थी अब उसकी छूट गीली होने से पचा पछह पचा पांच पचाए की आवाज़ पुरे रूम में
गूंज रही थी और उसकी बीएड भी छू छू छू कर रही थी वाकई में लड़की में दम है भले hi वो लंगड़ी थी लेकिन उसकी छूट और गांड बहुत hi मस्त थी वो मेरे मुसार पे ढाका धक् अपनी गांड को मेरे मुसार पैर मरते हुए मुझे छोड़ रही थी उसके धक्के से पूरा बीएड हिल रही थी सायद बीएड बहुत पुराण था इस लिए हम दोनों की चुदाई से कुछ ज्यादा hi आवाज़ हो रही टी ऐसे hi थोड़ी देर इस पोजीशन में छोड़ने क बाद,
अपने छोटी और फूली हुई छूट में घुसा ली और लुब्बी लुब्बी सास छोड़ने लगी मेरे साइन पे,
मैं, अगर दर्द हो रहा है तो माय निकल लू क्या,
सुनीता, खबर दर ये मुसार लुंड ये आज से मेरा है इसे माय अपनी तीनो छेड़ो में घुसा के आपसे छुडवाउंगी जी लेकिन अभी थोड़ी दर्द हो रही है मेरी छूट आज फ़ास्ट टाइम है न सायद इसी लिए इतना दर्द हो रही है मेरी छूट ये बोल के वो अपनी गांड को धीरे धीरे मेरे लुंड पे धक्के मरने लगी उसकी गांड का माय दीवाना हो चूका था उसे माय पकड़ लिया उसकी गांड बहुत hi सॉफ्ट थी जैसे मेरे हाँथ लगते hi उसकी गांड में मेरे हाँथ धस गए ऐसा लगा की माय किसी रोइ
में अपना हाँथ रख दिया हु जैसे छूट सॉफ्ट और फूली हुई थी वैसे hi उसकी गांड थी दोनों में कोई अंतर नहीं था इधर सुनीता मेरे साइन पे हाँथ को राखी और अपने घुटने पे होक थोड़ी उठ गई और तेज तेज धक्के मरने लगी अब उसकी छूट पूरी तरह से खुल चुकी थी इसी वजह से वो तेज धक्के मर प् रही थी थोड़ी देर तक इसी पोज़ में मुझे छोड़ने के बाद माय उसे घुमा दिया मतलब अब उसकी गांड मेरी तरफ थी उसका सर दिवार की तरफ और उसकी गांड की दोनों part को पकड़ के अपने लुंड पे मरने लगा और वो भी अपनी गांड उठा उठा के मुझसे चुदवाती रही उसकी छूट बहुत गीली हो चुकी थी उसके छूट से
लगा तर पानी गिरने से मेरे लुंड से होते हुए मेरे गोते तक उसकी सफ़ेद पानी गिर रही थी उसके पानी को देख के लग रहा था जैसे कोई साबुन का झाग निकल रही है हम दोनों की चुदाई से साथ में मेरा भी परइ छुम निकल के उसकी छूट गीली कर रहा था सुनीता मेरे दोनों टैंगो को पकड़ के अपनी गांड को उठा उठा के धक्के दे रही थी माय अपना हाँथ को बढ़ा के टेबल से कोकोनट की आयल खींच के अपने पास किया और ऊँगली में लेके उसकी गांड के छेद पे लगा के एक ऊँगली घुसाने लगा तो सुनीता, सर को घुमा के हस्ते हुए जणू क्या कर रहे है वह ऊँगली मत घुसाओ न मुझे दर्द हो रही है
प्लीज पीर कभी कर लीजिये गए आज बस छूट को छोड़िये आज मेरी सुहागरात है इस लिए,
मैं, अपनी ऊँगली उसकी गांड के छेद में घुसा के बोलै है मेरी जान माय बस गांड के छेद को बड़ा रहा हु जब कभी छोडूंगा तब ठुमरी गांड में मेरा लुंड आसानी से घुस सके सुनीता हस्ते हुए कितने भी तेल लगा दो लेकिन आपका जो मुसार लिंग है न वो जब मेरे अंदर घुसेगा तो दर्द तो होगी hi न ये बोल के पीर चुदाई में बिजी हो गई वो अपनी छूट की क्लाइटोरिस को भी घिसते हुए अपनी छूट को मेरे लुंड पे पूरा घुसा रही थी अब उसकी छूट गीली होने से पचा पछह पचा पांच पचाए की आवाज़ पुरे रूम में
गूंज रही थी और उसकी बीएड भी छू छू छू कर रही थी वाकई में लड़की में दम है भले hi वो लंगड़ी थी लेकिन उसकी छूट और गांड बहुत hi मस्त थी वो मेरे मुसार पे ढाका धक् अपनी गांड को मेरे मुसार पैर मरते हुए मुझे छोड़ रही थी उसके धक्के से पूरा बीएड हिल रही थी सायद बीएड बहुत पुराण था इस लिए हम दोनों की चुदाई से कुछ ज्यादा hi आवाज़ हो रही टी ऐसे hi थोड़ी देर इस पोजीशन में छोड़ने क बाद,