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- Dec 5, 2013
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क्या भाभी आप बार बार पानी क्यों छोड़ रही हो वो भी इतनी जल्दी,
सुधा, हफ्ते हुए तुम्हारे कारन hi मेरा ये हाल हो रहा है तुम्हारे बिना घुसाए मेरा पानी दो बार गिरा दिया और लास्ट में घुसा के निकल क्यों दिया, माय उनके गांड की मालिश करते हुए आपकी छूट इतना पानी इस लिए बहा रही है की आप पहले कभी नहीं झड़ी है और अगर झड़ी भी है तो अच्छी तरह नहीं झाड़ पाई है यही रीज़न है की आज खुल के झाड़ रही है आपको गांड की मालिस हो गई है अब आगे बचा है उसकी करू या नहीं,
सुधा, थोड़ी देर रुक जाओ मुझे सास तो लेने दो आह्ह्ह्ह माआ आज तक इतनी नहीं झड़ी हु ये मेरा पहला अनुभव था,... माय बगल में लेट गया और मेरा लुंड अभी भी सीना तन के खड़ा था, भाभी नारियल का तेल है क्या है समीर है न, कहा है लाओ न मेर लुंड में बहुत जलन पेन हो रहा है, लेकिन क्यों हो रही है जलन, वो क्या है न कब से खड़ा है और माय जल्दी झाड़ता भी नहीं हु इस लिए मेरा ये हाल होता है और अपने हाँथ से भी नहीं कर पता अगर करता हु तो जल्दी न झाड़ पाने की वजह से मेरा हाँथ दर्द होने लगता है, इसे तब ठंडक मिलती है जब इसे अँधेरी गुफा मिलती है आराम करने को,
रुको माय तेल लेके अति हु भाभी उठती है और अलमारी को खोलती है और अँधेरे में hi खोजने लगती है भाभी लैंप की रौशनी को तेज कर लो नहीं तो आपको कही अँधेरे में चोट लग सकती है, नहीं समीर मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है अंदाजा है कहा राखी हुई है और पीर नहीं मिला तो मुझे आवाज़ देके जरा सुनो न लैंप को रौशनी बढ़ाओ तो मुझे तेल नई मिल रहा है, माय तो पहले hi कहा था लैंप की रौशनी बढ़ने को लेकिन मेरी अपने एक न सुनी रुको जरा माय बीएड से उठा और लैंप की रौशनी फुल कर दी और सुधा की तरफ देखा तो देखता hi रह गया एक सेक्सी फिगर गांड एक दम निकली हुई और चूचियों तो क़यामत ध रही थी और पतली कमर एक दम परफेक्ट बॉडी थी सुधा की मुझे ऐसे घूरते हुए देख के शर्मा गई,
भाभी, क्या समीर मुझे देखने के लिए नहीं लैंप की रौशनी बढ़वाई है तब तक कोकोनट की तेल निकल के फ़ौरन डूब के बीएड पे ै और कम्बल से पूरा चेहरे तक ओढ़ा ली, क्या भाभी ाप्तो देखने hi नहीं दी माय भी बगल में जा के लेट गया और भाभी ने कम्बल को उठा के मेरे सरीर पे भी ओढ़ा दी और अंदर घुस के धीरे से भाभी आपकी आगे की मालिश भी करनी है और निचे की भी,
सुधा भाभी, ठीक कर लो लेकिन सरसो वाली तेल से मत करो ये कोकोनट आयल से करो जिससे तुम्हे भी जलन नहीं होगी निचे, माय कम्बल से निकल के बहार आया और भाभी आप कम्बल से बहार नहीं ेंगी तो कैसे तेल लागू वो लैंप की रौशनी एक दम काम कर दो न मुझे शर्म आ रही है, "अपने मान में ये साली लड़किया भी न जब तक छुड़ेगी नहीं तब तक ये शर्माती रहेंगी और एक बार छोड़ने के बाद इन्हे रोड पे भी कहूंगा तो वह भी खुसी खुसी छुड़वा लेंगी अभी जितना नाटक करना है कर लो मेरी जान,"
पीर लैंप की रौशनी काम की और तेल कहा राखी है जरा मेरे हांथो में दे इस अँधेरे में मुझे कुछ नहीं दिख रहा माय बीएड प जा क भाभी क कम्बल उठा के,.. रुको देती हु उन्होंने उठ के कम्बल को साइड में कर दिया और मुझे कोकोनट आयल दी हाँथ में और बीएड सीधा लेट gai,My ढेर सारा आयल निकल भाभी सुरु करू है समीर माय तैयार हु पीर उनकी चूचियों पे लगा के मालिश करने लगा जिससे भाभी पीर से गरम होने लगी उनकी बड़ी बड़ी चूचियों को पकड़ के अन्ते की तरह गुथने लगा जिससे बहभी अह्हह्ह्ह्ह मुमय्य्य्यय्य ओह्ह्ह्हह समीर प्ल्ज़्ज़्ज़्ज़ थोड़ा धीरी धीरी दबाओ नाआआआ शह्ह्ह्हह्ह्ह्ह Ahhhhhhhhhhhh Ohhhhhhhhhhhhhh Goddddddddddd,
ऐसे hi थोड़ी देर दबाने के बाद माय आयल लिया और भाभी के दोनों जांघो को पूरा फैला दिया और भाभी ने अपने पेअर को जितना हो सके उतना फैला दिया माय आयल उनके फूली हुई कचोरी की छूट पे लगाने लगा जिससे भाभी के मु से Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh
Ohhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh
Godddddddddddddddddddddddddddddd
इतना Mazaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa आज तक नहीं आया कभी माय उनकी छूट को फैला के ढेर सारा आयल ऊँगली में लेके अंदर तक घुसा के लगाने लगा ohhhhhhhhhhhh godddddddddd Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh
Darddddddddddddddddddddddddddddd हो रहा है,
बस और आगे मत डालो अपनी ऊँगली मेरे राजा ओह्ह्ह्ह गॉडडडडडड बस समीर निकल लो नहीं तो माय मर जाउंगी तुम्हारी ऊँगली बहुत मोती है,
क्या भाभी ाप्तो मेरी ऊँगली से hi आपको दर्द होने लगा इतना बोल के माय अपनी ऊँगली अंदर बहार करने लगा और मु से सिसकारियां निकलने लगी Ahhhhhhhhhhhh Ohhhhhhhhhhhhhh Goddddddddddd नहीं समीर,
सुधा, हफ्ते हुए तुम्हारे कारन hi मेरा ये हाल हो रहा है तुम्हारे बिना घुसाए मेरा पानी दो बार गिरा दिया और लास्ट में घुसा के निकल क्यों दिया, माय उनके गांड की मालिश करते हुए आपकी छूट इतना पानी इस लिए बहा रही है की आप पहले कभी नहीं झड़ी है और अगर झड़ी भी है तो अच्छी तरह नहीं झाड़ पाई है यही रीज़न है की आज खुल के झाड़ रही है आपको गांड की मालिस हो गई है अब आगे बचा है उसकी करू या नहीं,
सुधा, थोड़ी देर रुक जाओ मुझे सास तो लेने दो आह्ह्ह्ह माआ आज तक इतनी नहीं झड़ी हु ये मेरा पहला अनुभव था,... माय बगल में लेट गया और मेरा लुंड अभी भी सीना तन के खड़ा था, भाभी नारियल का तेल है क्या है समीर है न, कहा है लाओ न मेर लुंड में बहुत जलन पेन हो रहा है, लेकिन क्यों हो रही है जलन, वो क्या है न कब से खड़ा है और माय जल्दी झाड़ता भी नहीं हु इस लिए मेरा ये हाल होता है और अपने हाँथ से भी नहीं कर पता अगर करता हु तो जल्दी न झाड़ पाने की वजह से मेरा हाँथ दर्द होने लगता है, इसे तब ठंडक मिलती है जब इसे अँधेरी गुफा मिलती है आराम करने को,
रुको माय तेल लेके अति हु भाभी उठती है और अलमारी को खोलती है और अँधेरे में hi खोजने लगती है भाभी लैंप की रौशनी को तेज कर लो नहीं तो आपको कही अँधेरे में चोट लग सकती है, नहीं समीर मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है अंदाजा है कहा राखी हुई है और पीर नहीं मिला तो मुझे आवाज़ देके जरा सुनो न लैंप को रौशनी बढ़ाओ तो मुझे तेल नई मिल रहा है, माय तो पहले hi कहा था लैंप की रौशनी बढ़ने को लेकिन मेरी अपने एक न सुनी रुको जरा माय बीएड से उठा और लैंप की रौशनी फुल कर दी और सुधा की तरफ देखा तो देखता hi रह गया एक सेक्सी फिगर गांड एक दम निकली हुई और चूचियों तो क़यामत ध रही थी और पतली कमर एक दम परफेक्ट बॉडी थी सुधा की मुझे ऐसे घूरते हुए देख के शर्मा गई,
भाभी, क्या समीर मुझे देखने के लिए नहीं लैंप की रौशनी बढ़वाई है तब तक कोकोनट की तेल निकल के फ़ौरन डूब के बीएड पे ै और कम्बल से पूरा चेहरे तक ओढ़ा ली, क्या भाभी ाप्तो देखने hi नहीं दी माय भी बगल में जा के लेट गया और भाभी ने कम्बल को उठा के मेरे सरीर पे भी ओढ़ा दी और अंदर घुस के धीरे से भाभी आपकी आगे की मालिश भी करनी है और निचे की भी,
सुधा भाभी, ठीक कर लो लेकिन सरसो वाली तेल से मत करो ये कोकोनट आयल से करो जिससे तुम्हे भी जलन नहीं होगी निचे, माय कम्बल से निकल के बहार आया और भाभी आप कम्बल से बहार नहीं ेंगी तो कैसे तेल लागू वो लैंप की रौशनी एक दम काम कर दो न मुझे शर्म आ रही है, "अपने मान में ये साली लड़किया भी न जब तक छुड़ेगी नहीं तब तक ये शर्माती रहेंगी और एक बार छोड़ने के बाद इन्हे रोड पे भी कहूंगा तो वह भी खुसी खुसी छुड़वा लेंगी अभी जितना नाटक करना है कर लो मेरी जान,"
पीर लैंप की रौशनी काम की और तेल कहा राखी है जरा मेरे हांथो में दे इस अँधेरे में मुझे कुछ नहीं दिख रहा माय बीएड प जा क भाभी क कम्बल उठा के,.. रुको देती हु उन्होंने उठ के कम्बल को साइड में कर दिया और मुझे कोकोनट आयल दी हाँथ में और बीएड सीधा लेट gai,My ढेर सारा आयल निकल भाभी सुरु करू है समीर माय तैयार हु पीर उनकी चूचियों पे लगा के मालिश करने लगा जिससे भाभी पीर से गरम होने लगी उनकी बड़ी बड़ी चूचियों को पकड़ के अन्ते की तरह गुथने लगा जिससे बहभी अह्हह्ह्ह्ह मुमय्य्य्यय्य ओह्ह्ह्हह समीर प्ल्ज़्ज़्ज़्ज़ थोड़ा धीरी धीरी दबाओ नाआआआ शह्ह्ह्हह्ह्ह्ह Ahhhhhhhhhhhh Ohhhhhhhhhhhhhh Goddddddddddd,
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बस और आगे मत डालो अपनी ऊँगली मेरे राजा ओह्ह्ह्ह गॉडडडडडड बस समीर निकल लो नहीं तो माय मर जाउंगी तुम्हारी ऊँगली बहुत मोती है,
क्या भाभी ाप्तो मेरी ऊँगली से hi आपको दर्द होने लगा इतना बोल के माय अपनी ऊँगली अंदर बहार करने लगा और मु से सिसकारियां निकलने लगी Ahhhhhhhhhhhh Ohhhhhhhhhhhhhh Goddddddddddd नहीं समीर,