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पीर लुंड को निकल दिया पोजीशन चेंज करते हुए उसे डौगी स्टाइल में कर दिया और माय बीएड के निचे आ गया और उसे खड़ा कर दिया बीएड से निचे और थोड़ा सा झुका के अपना लुंड को दाल दिया और ज़रा वही बगल में टेबल थी उसे पकड़ लिया और मेरे धक्को को सहने लगी मेरे धक्के इतने तेज थे की ज़रा बार बार आगे चली जा रही थी इस लिए उसको कमर को तितली पकड़ के धक्के देने लगा और ज़रा ओह्ह्ह्हह समीर अपने तो मेरी छूट hi न फाड् दे कितना जोर से मर रहे है कही मेरी पेट hi न फाड् के निकल जय आपका लुंड और माय एक और जोर का धक्का मारा और इस बार पूरा 16 इंच लुम्बा और 5, 6 मोटा लुंड उसके बच्चे दानी में जा घुसा और ज़रा जोर से चिल्लाई और सायद बहार जरूर किसी ने सुना होगा लेकिन माय छोड़ने में बिजी था और उसकी कमर को पकड़ के धक्के पे धक्का देने लगा तभी गेट पे कोई दरवाज़ा खत खतया ज़ोया बजी थी अरे बेटी क्या हुआ तू चिल्लाई क्यों ज़रा तुरंत सीधी हो गई अपनी माँ की आवाज़ सुन के ार,
मेरा लुंड सरसरा के बहार आ गया ज़रा जल्दी से अपने सलवार पहने लगी और इधर माय भी अपना लोअर पहनने लगा और कपडे पहने के बाद माय जेक बीएड पे बैठ गया उधर ज़रा भी अपने कपडे पहने और बल को ठीक की और जेक दरवाज़ा खोली और ज़ोया बजी ज़रा को घूरते हुए क्या हुआ बोल भी तेरी आवाज़ कैसे निकल गई अरे अम्मी वो छिपकली थी वो मेरे सर पे गिर गई थी इसी लिए चिल्लाई थी ओह्ह्ह्ह माय तो दर hi गई थी की क्या हुआ और समीर बीटा नास्ता कर लिए की नहीं, है बजी बस हो hi गया है पीर माय वह से निकल गया इधर मेरा लुंड तो दर से hi सिकुड़ गया था तभी मुझे जाते हुए देख के ज़रा को बहुत बुरा लगा और अपने अम्मी को घूरते हुए क्या अम्मी आप भी न कभी भी टपक पड़ती हो माय समीर को अपने हांथो से नास्ता करा रही थी और आप आ गई, ज़ोया अरे बीटा मुझे क्या पता की तू उसे खिला रही थी और तेरी आवाज़ भी बहुत ज्यादा निकली थी न इसी लिए दर गई चल जल्दी से अपनी तैयारी कर बारात में नहीं जाना क्या ज़रा मु बनाते हुए जाना है, तो जल्दी से अपनी तैयारी कर,
इधर माय बहार आया तो देखा भैया और जो मेहमान ए हुए थे उनके साथ टैंट में बैठे हुए थे मुझे देख के औ समीर बैठो, है भैया अपने बुलाया , बड़े भैया, है समीर सब तैयारी तो हो गई है और बस और कार भी कुछ घंटे में आ जायगी लेकिन हम सब यहाँ से चले जायेंगे तो घर खली हो जायगा कैसे रहेंगी तुम्हारी भाभी, रजिया, शालू इनायत ये सब बारात में नहीं जायँगी लड़किया तो सब जा रही है और मुझे भी जाना जरुरी है और तुम्हे भी, मैं, भैया माय कुछ करता हु संभु काका को बोले घर का पहरा दे वो भरोसे वाले आदमी है तभी मझले भैया आ जाते है और हमारी बातो को सुन के बोले, भैया माय निकाह के बाद रत में आ जाऊंगा क्या बोलते है, बड़े भैया बोले अरे नहीं रात में आना जाना ठीक नहीं होगा ऐसा करो भोर में आ जाना और समीर तुम संभु को बुलाओ माय उसे समझा दूंगा की क्या करना है, ठीक है भैया,
पीर उठा और ऊपर जाने लगा बुलेट की चाभी लेने तभी हॉल में सहना मिल गई अरे मेरी कुटी पाई कहा उछाल खुद मचा रही हो जरा जा के मेरे रूम से बाइक की चाभी लाना तो ok हैंडसम चाचू और इतना बोलके ऊपर चली गई इधर माय सोफे पे बैठ गया तभी ायना और निशा नाजिया भाभी के रूम से निकली और मुझे देख के ायना रुक गई और निशा भी और माय निशा की गांड घर रहा था ायना की नज़र बचा के निशा ने ये देख लिया और गुस्से वाला मु बना के मेरे सामने बैठ गई ार ायना मेरे बगल म
ायना, कहा से आ रहे हो आप अरे अभी जाने वाला हु काम से वो बुलेट की चाभी लेने भेजा हु सहना को ,
ायना, मुझे कब बैठोगे अपनी बाइक पे ,
जब कहो तब इसमें पूछने वाली बात नहीं है लेकिन अभी काम से जा रहा हु और आप लोग बारात में जाने के लिए तैयारी हो गई ,
ायना, है हो गई सुनो समीर मुझे पेन की मेडिसिन ले आओगे मेरी कमर में बहुत पेन हो रही है , ऐसा कौन सा काम कर ली की इतना पेन हो रहा है माय हस्ते हुए बोलै तो निशा को सक हो गया ,
मेरा लुंड सरसरा के बहार आ गया ज़रा जल्दी से अपने सलवार पहने लगी और इधर माय भी अपना लोअर पहनने लगा और कपडे पहने के बाद माय जेक बीएड पे बैठ गया उधर ज़रा भी अपने कपडे पहने और बल को ठीक की और जेक दरवाज़ा खोली और ज़ोया बजी ज़रा को घूरते हुए क्या हुआ बोल भी तेरी आवाज़ कैसे निकल गई अरे अम्मी वो छिपकली थी वो मेरे सर पे गिर गई थी इसी लिए चिल्लाई थी ओह्ह्ह्ह माय तो दर hi गई थी की क्या हुआ और समीर बीटा नास्ता कर लिए की नहीं, है बजी बस हो hi गया है पीर माय वह से निकल गया इधर मेरा लुंड तो दर से hi सिकुड़ गया था तभी मुझे जाते हुए देख के ज़रा को बहुत बुरा लगा और अपने अम्मी को घूरते हुए क्या अम्मी आप भी न कभी भी टपक पड़ती हो माय समीर को अपने हांथो से नास्ता करा रही थी और आप आ गई, ज़ोया अरे बीटा मुझे क्या पता की तू उसे खिला रही थी और तेरी आवाज़ भी बहुत ज्यादा निकली थी न इसी लिए दर गई चल जल्दी से अपनी तैयारी कर बारात में नहीं जाना क्या ज़रा मु बनाते हुए जाना है, तो जल्दी से अपनी तैयारी कर,
इधर माय बहार आया तो देखा भैया और जो मेहमान ए हुए थे उनके साथ टैंट में बैठे हुए थे मुझे देख के औ समीर बैठो, है भैया अपने बुलाया , बड़े भैया, है समीर सब तैयारी तो हो गई है और बस और कार भी कुछ घंटे में आ जायगी लेकिन हम सब यहाँ से चले जायेंगे तो घर खली हो जायगा कैसे रहेंगी तुम्हारी भाभी, रजिया, शालू इनायत ये सब बारात में नहीं जायँगी लड़किया तो सब जा रही है और मुझे भी जाना जरुरी है और तुम्हे भी, मैं, भैया माय कुछ करता हु संभु काका को बोले घर का पहरा दे वो भरोसे वाले आदमी है तभी मझले भैया आ जाते है और हमारी बातो को सुन के बोले, भैया माय निकाह के बाद रत में आ जाऊंगा क्या बोलते है, बड़े भैया बोले अरे नहीं रात में आना जाना ठीक नहीं होगा ऐसा करो भोर में आ जाना और समीर तुम संभु को बुलाओ माय उसे समझा दूंगा की क्या करना है, ठीक है भैया,
पीर उठा और ऊपर जाने लगा बुलेट की चाभी लेने तभी हॉल में सहना मिल गई अरे मेरी कुटी पाई कहा उछाल खुद मचा रही हो जरा जा के मेरे रूम से बाइक की चाभी लाना तो ok हैंडसम चाचू और इतना बोलके ऊपर चली गई इधर माय सोफे पे बैठ गया तभी ायना और निशा नाजिया भाभी के रूम से निकली और मुझे देख के ायना रुक गई और निशा भी और माय निशा की गांड घर रहा था ायना की नज़र बचा के निशा ने ये देख लिया और गुस्से वाला मु बना के मेरे सामने बैठ गई ार ायना मेरे बगल म
ायना, कहा से आ रहे हो आप अरे अभी जाने वाला हु काम से वो बुलेट की चाभी लेने भेजा हु सहना को ,
ायना, मुझे कब बैठोगे अपनी बाइक पे ,
जब कहो तब इसमें पूछने वाली बात नहीं है लेकिन अभी काम से जा रहा हु और आप लोग बारात में जाने के लिए तैयारी हो गई ,
ायना, है हो गई सुनो समीर मुझे पेन की मेडिसिन ले आओगे मेरी कमर में बहुत पेन हो रही है , ऐसा कौन सा काम कर ली की इतना पेन हो रहा है माय हस्ते हुए बोलै तो निशा को सक हो गया ,