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माय अपना सर को निचे लेन लगा पीर उसकी नाभि के अपना जीभ उसके छेद में दाल के चाटने लगा और दोनों हांथो को उसके छोटे छोटे चूचियों के पास ले जेक दबाने लगा इस दो हमले से वो सहन नहीं कर पाई और अपनी छूट का पानी निकलने लगी माय समझ गया ये अपना पानी निकल दी है और पूरी तरह हाफने लगी, माय तब भी उसको नहीं छोड़ा और पीर माय निचे आया उसके छूट के पास जो एक छोटी सी पंतय टाइप की पहनी हुई थी माय पंतय के पट्टी को अपने ऊँगली में फसा के साइड से उसके छूट के ऊपर अपनी ऊँगली फेरी तो उसे करेंट सा लगा और उसने मेरे हांथो को पकड़ ली और पीर छोड़ दी माय समझ रहा था उसके छूट को पहली बार कोई छुआ है इस लिए उससे बर्दास्त नहीं हो रहा है,
पीर पंतय को निकलने लगा एक हाँथ से लेकिन निकली नहीं पीर इलाही उठ के बैठ गई और अपनी पंतय को अपनी गांड को उठा के अपने पैरो से होते हुए पंतय को निकला दी और वही सीड में रख के पीर से लेट गई, पीर माय उसके जांघ को पकड़ के डे बे फैला दी और अपने मु को छूट के पास लेजा के गंध को सुघने लगा और कुमारी छूट की गंध तो जिस जिस ने ली है वो समझ hi गया होगा की कैसी अति है और छूट की गंध को सुघने के बाद मेरे लुंड ने एक अंगड़ाई ली पीर इलाही की छूट को चुने ार सहलाने लगा जिससे पता लग गया,
इलाही की छूट एक दम मुलायम उसपे कोई बल नहीं थी छूट के होंठ एक दम बंद थे छूट के छेद की लकीर कोई एक इंच की होगी जो बहुत hi काम थी अभी अभी तो उसके पीरियड्स आने सुरु हुए थे सायद छूट को देख के ऐसा hi लग रहा था पीर सहलाने के बाद माय अपना मु को उसके छूट के ऊपर रख के अपनी बड़ी बड़ी जीभ को निकल के चाटने लगा और अपने बड़ी बड़ी ऊँगली को छूट के लिप्स को फैला के अपनी जीभ दाल दी और उसके क्लाइटोरिस को एक ऊँगली से मसलने लगा और जीभ को थोड़ा निचे लेजा के उसके गांड के छेद पे ले गया और वह से लेकर छूट के पेशाब के छेद तक अपने जीभ से चाटने लगा जिससे,
इलाही बेहाल होने लगी और मेरे सर को पकड़ के अपनी छूट में दबाने लगी और मु स धीर धीरे सीखने लगी.... Ahhhhhhhhhhhh Ohhhhhhhhhhhhhh Goddddddddddd मामू मेरी जान चली जायगी इस मज़े से आज तक ऐसा मज़ा नहीं आया है बस ऐसी hi छत्ते राहूऊऊऊओ ओह्ह्ह्हह्ह्ह्ह अम्मम्मीय शह्ह्हह्हीईई अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह बस ऐसे hi करते रहो कितना तड़पती हु इस जलन से आज मेरी पूरी छूट की जलन को मिटा दे मामू मेरी जान और इतना बोल के पीर से झाड़ गई,
माय उसके कुमारी छूट की पानी को पि के पूरी तरह साफ कर दिया और जा के बगल में लेट गया और इलाही मेरे ऊपर चढ़ के मेरे साइन पे सर को रख के लुब्बी लुब्बी सास छोड़ने लगी और माय उसके सर को सहलाते हुए प्यार करने लगा थोड़ी देर के बाद जब वो नार्मल हुई,
इलाही, अपने छोटे छोटे हाँथ को ीचे ले गई और पहली बार मेरे लुंड को पकड़ के धीरे से मामू ये तो बहुत hi बड़ा है ये कैसे मेरे अंदर जाएगा,
माय, इलाही इसे अंदर नहीं करना है तुम्हारी छूट बहुत छोटी है मेरा लुंड उसमे नहीं घुसेगा समझ रही हो न अब सो जाओ कल सुबह बात करेंगे,
इलाही, देखो मामू अपने मेरा पानी निकला है तो माय भी आपका पानी निकलना चाहती हु, मन न करे और वो निचे चली गई और मेरे लुंड को अपने दोनों हांथो से पकड़ ली और सहलाते हुए मेरे लुंड को सुपडे पे अपना बड़ा सा मु खोल के अंदर लेने की कोशिश की लेकिन अंदर नहीं घुसा पीर उसने थोड़ी देर तक कोशिश करें के बाद आखिर सुपडे को अपने मु के अंदर ले hi लिया,
लेकिन उसके डट मेरे सुपडे पे लगने लगे तो उसके सर को पकड़ लिया और बैठ के बोलै देखो मेरे लुंड पे तुम्हारे डट लग रहे है उसे बचा के मु में अंदर बहार करो समझ गई न उसने हूउउउउउ में सर को हिला के जवाब दिया और पीर लुंड को चूसने में लग गई मेरे लुंड उसके मु में करीब चार इंच तक घुसा के ऊपर निचे अपने सर को करने लगी और उसकी मु की जो थूक और लार निकल रही थी उसे अपने दोनों हांथो लेके मेरे मुसल लुंड पे लगा के उसे मुठ मरने लगी,
पीर पंतय को निकलने लगा एक हाँथ से लेकिन निकली नहीं पीर इलाही उठ के बैठ गई और अपनी पंतय को अपनी गांड को उठा के अपने पैरो से होते हुए पंतय को निकला दी और वही सीड में रख के पीर से लेट गई, पीर माय उसके जांघ को पकड़ के डे बे फैला दी और अपने मु को छूट के पास लेजा के गंध को सुघने लगा और कुमारी छूट की गंध तो जिस जिस ने ली है वो समझ hi गया होगा की कैसी अति है और छूट की गंध को सुघने के बाद मेरे लुंड ने एक अंगड़ाई ली पीर इलाही की छूट को चुने ार सहलाने लगा जिससे पता लग गया,
इलाही की छूट एक दम मुलायम उसपे कोई बल नहीं थी छूट के होंठ एक दम बंद थे छूट के छेद की लकीर कोई एक इंच की होगी जो बहुत hi काम थी अभी अभी तो उसके पीरियड्स आने सुरु हुए थे सायद छूट को देख के ऐसा hi लग रहा था पीर सहलाने के बाद माय अपना मु को उसके छूट के ऊपर रख के अपनी बड़ी बड़ी जीभ को निकल के चाटने लगा और अपने बड़ी बड़ी ऊँगली को छूट के लिप्स को फैला के अपनी जीभ दाल दी और उसके क्लाइटोरिस को एक ऊँगली से मसलने लगा और जीभ को थोड़ा निचे लेजा के उसके गांड के छेद पे ले गया और वह से लेकर छूट के पेशाब के छेद तक अपने जीभ से चाटने लगा जिससे,
इलाही बेहाल होने लगी और मेरे सर को पकड़ के अपनी छूट में दबाने लगी और मु स धीर धीरे सीखने लगी.... Ahhhhhhhhhhhh Ohhhhhhhhhhhhhh Goddddddddddd मामू मेरी जान चली जायगी इस मज़े से आज तक ऐसा मज़ा नहीं आया है बस ऐसी hi छत्ते राहूऊऊऊओ ओह्ह्ह्हह्ह्ह्ह अम्मम्मीय शह्ह्हह्हीईई अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह बस ऐसे hi करते रहो कितना तड़पती हु इस जलन से आज मेरी पूरी छूट की जलन को मिटा दे मामू मेरी जान और इतना बोल के पीर से झाड़ गई,
माय उसके कुमारी छूट की पानी को पि के पूरी तरह साफ कर दिया और जा के बगल में लेट गया और इलाही मेरे ऊपर चढ़ के मेरे साइन पे सर को रख के लुब्बी लुब्बी सास छोड़ने लगी और माय उसके सर को सहलाते हुए प्यार करने लगा थोड़ी देर के बाद जब वो नार्मल हुई,
इलाही, अपने छोटे छोटे हाँथ को ीचे ले गई और पहली बार मेरे लुंड को पकड़ के धीरे से मामू ये तो बहुत hi बड़ा है ये कैसे मेरे अंदर जाएगा,
माय, इलाही इसे अंदर नहीं करना है तुम्हारी छूट बहुत छोटी है मेरा लुंड उसमे नहीं घुसेगा समझ रही हो न अब सो जाओ कल सुबह बात करेंगे,
इलाही, देखो मामू अपने मेरा पानी निकला है तो माय भी आपका पानी निकलना चाहती हु, मन न करे और वो निचे चली गई और मेरे लुंड को अपने दोनों हांथो से पकड़ ली और सहलाते हुए मेरे लुंड को सुपडे पे अपना बड़ा सा मु खोल के अंदर लेने की कोशिश की लेकिन अंदर नहीं घुसा पीर उसने थोड़ी देर तक कोशिश करें के बाद आखिर सुपडे को अपने मु के अंदर ले hi लिया,
लेकिन उसके डट मेरे सुपडे पे लगने लगे तो उसके सर को पकड़ लिया और बैठ के बोलै देखो मेरे लुंड पे तुम्हारे डट लग रहे है उसे बचा के मु में अंदर बहार करो समझ गई न उसने हूउउउउउ में सर को हिला के जवाब दिया और पीर लुंड को चूसने में लग गई मेरे लुंड उसके मु में करीब चार इंच तक घुसा के ऊपर निचे अपने सर को करने लगी और उसकी मु की जो थूक और लार निकल रही थी उसे अपने दोनों हांथो लेके मेरे मुसल लुंड पे लगा के उसे मुठ मरने लगी,