
̲̅:̲̅:̲̅[̲̅:♡:]̲̅:̲̅:̲̅:̲̅)★....Episode....★

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एप 148.....
अब इधर.....
ढोलू के ससुराल पहुंच के संजू और ढोलू टीना के माँ बाप के पाँव छू के आशीर्वाद लेते है...
फिर बैठ के बात चित करने लगते है...
जब सभी बात चित में व्यस्त थी तब संजू बाबा ( मई) सबसे नज़रें छुपा कर टीना की माँ.... रीता आंटी के मस्त जिस्म को देख रहा था जो की साड़ी में कमाल लग रही थी...
आंटी को देख के मेरे मुँह में पानी आया... मई अपने हाथ से ढोलू की जांघ दबाया...
( मतलब - क्या हुआ न की मई आंटी ( रीता) को देख के ख्यालों में खू सा गया...
मई ख्यालों hi ख्यालों में सोचने लगा....
हम तुम एक कमरे में बंद हो और चाबी

खो जाए.... और मेरे हाथ आंटी की जाएंगें दबाये उसको चुदाई के लिए उकसाएं... और ये हकीकत में मैंने मेरे बगल में बैठे ढोलू के साथ कर दिया... )
ढोलू - aaaaaaahhhh-hhhhhhhh

..... भाई... भाई... छोड़... छोड़... बहुत दर्द हो रहा है....
लेकिन मई तोह अभी भी घूम था आंटी के हुस्न में....
ढोलू की आवाज़ सुनके मुझे होश आया... और मेरी नज़र रीता आंटी से हटी...
ढोलू - दर्द से बिलबिला रहा था क्युकी मैंने बहुत जोर से.... उसकी जाँघों को निचोड़ने के जैसा दबा रखा था

....
ढोलू का चेहरा देख मैंने पूछा....
संजू - क्या बात है भाई... ऐसे गंदे एक्सप्रेशन क्यों दे रहा.....
टीना - भैया... आपने क्या पकड़ा हुआ है ये देखो....
संजू - मैंने.. मैंने क्या पकड़ा हुआ है...
ढोलू - अबे... नीचे नीचे तोह देख...
मैंने नीचे देखा...

...
संजू - ारी... मोरी मैया... ये क्या पकड़ लियो...

...
जी हाँ... मेरा हाथ ढोलू के गूटियूं पर था जो किसी भी वक़्त फूटने की कगार पे थी...
ये देखते hi मैंने अपना हाथ पीछे किया..
तब जाके ढोलू के जान में जान आयी..

अंकल ( लक़ब) - ये क्या कर रहे थी तुम संजू बीटा...
इतने में..... तकम - रीता... भी बोल पड़ी..
रीता - ये क्या हो गया था तुम्हे संजू बीटा..
मई उनकी तरफ देखता हु...
संजू - वोह.. वोह.. कुछ नहीं मई थोड़ा थक गया था इसलिए सो गया था बैठे बैठे और इसलिए मुझे सपना आया भयंकर वाला और ये हो गया...
टीना - ारी सॉरी भैया.... मई भूल hi गयी थी आप ने इतना सब कुछ किया थकान तोह होनी hi थी.... मई आपको रूम दिखाना भूल गयी मई भूल गयी की आपको आराम चाहिए होगा... यहाँ आते hi मई आपको बातों में लगा दी...
संजू - नहीं.. नहीं... कोई नहीं..
टीना - आइये... मई आपको आपका कमरा दिखा देती हु वह आप आराम करना..
अब मई टीना के साथ चला गया... टीना ने मुझे कमरा दिखा दिया...
टीना - ये रहा आपका कमरा अब आप आराम से आराम करो... मई चलती हु... और हां मुझे पता है आप सोये नहीं थी बल्कि मेरी मुम्मा को देख के इमेजिन कर रहे थी...
ये सुनके मई शर्मा गया..
टीना - ोई.. होई... देखो तोह मुम्मा का नाम लेते hi कैसे शर्मा गए... अच्छा चलो अब आप आराम करो...
संजू - तुम्हे याद है न तुम्हे मेरे साथ उनका ताका भिड़ाना है...
टीना - हां.. हां.. बाबा सब याद है... आप टेंशन न लो... मई आपको अपना सौतेला बाप बना के रहूंगी...
संजू - थैंक यू

...
टीना - चलो अब आराम करो...
अब टीना वह से चली गयी...
रीता - दिखा दिया संजू को रूम.
टीना - हां.. मम्मी दिखा दिया..
अंकल ( लक़ब) - एक बात समझ में नहीं आयी... की संजू को इतना नींद कैसे आ गया की वोह सोफे पे बैठे बैठे सो गया...
कही हम बोरिंग बातें तोह नहीं कर रहे..
रीता - हां मई भी यही सोच रही थी... की कही हमारी बातों से बोर होक तोह वोह नहीं सो गया न...
टीना - ऐसा कुछ नहीं है... संजू भैया की थकावट का राज़ ये है...
अब टीना ने आते वक़्त रस्ते में जो जो भी उनके साथ हुआ... वोह ा से लेकर ज़ तक सारा कुछ अपने मम्मी पापा को बता डाला...
रीता - क्या... वोह गोलू फिर तुम्हें तंग कर रहा था...
टीना - हां... और संजू भैया ने उसको बहुत अच्छे से सबक सिखाया है ...
लक़ब - क्या सच में संजू ने जंगल में उन गुंडों को उस तरीके से मारा...
ढोलू - हां ससुर जी.... हमारा संजू भाई.... है hi दमदार...
लक़ब ( धीरे से) - खास पहले मिला होता ये संजू तोह इस ढोलू को दामाद बनाना नहीं पड़ता...
ढोलू ने उसकी बात सुन ली..
और ठांस... कस्ते हुए कहा..
ढोलू ( धीरे से) - बेटी का हाथ नहीं दे सके तोह क्या हुआ , अभी भी कुछ नहीं बिगड़ा है... अपनी बीवी का हाथ दे दो संजू को
ये सुनके लक़ब गुस्से से ढोलू की तरफ देखने लगा..
लक़ब -

( मनन में) - मादरचोद भोस्डिका...
अब इधर..... काजल भाई के घर पे
गोलू अपने कमरे में दरवाजा अंदर से लॉक करके.... रो रहा था...
गोलू (



) - जिंदगी बर्बाद हो गया...






जिंदगी बर्बाद हो गया













उस मादरचोद संजू को तोह मई छोडूंगा नहीं... उसने तोह मेरी सिर्फ नसबंदी कराई है न ताकि मेरा बच्चा पैदा न हो सके.... मुझे नपुंसक कहा जाए.... लेकिन मई... मई गोलू उसके लुंड को hi काट के उसको हिजड़ा बना दूंगा.....

...
गोलू गुस्से में बड़बड़ाता है...
तभी उसके.... गेट पे नॉक होता है..



धाप्प्प... धप्प्प... धप्प्प....
गोलू हड़बड़ा जाता है... वोह जल्दी से अपने आंसू पूछता है और दरवाजा खोलता है..
दरवाजे पे काजल भाई खड़ा था..
गोलू - काजल भाई आप...
काजल भाई - हां... मई..
चल जल्दी से तैयार हो जा... मैंने संध्या और उसके परिवार वालो को बुलाया है घर पे..... वोह लोग आ रहे है....
गोलू - क्या संध्या मान गयी मेरे से शादी करने के लिए....
काजल भाई - नहीं.... लेकिन उसको और उसके घर वालो को मनाने के लिए तुझे उसको इम्प्रेस करना होगा.... इसलिए.... मैंने एक प्लान सोचा है....
गोलू - कैसा प्लान...
काजल भाई - **********
गोलू - क्या आपको पक्का यकीन है ये प्लान काम करेगा...
काजल - हां... मुझे यकीन है...
गोलू - तोह ठिक्क है फिर...
आप जैसा चाहोगे वैसा होगा...
अब इधर.... हवेली को केलिए के भरोसे छोड़ के संजू तोह यहाँ मस्त टीना और ढोलू के यहाँ आया हुआ था...
कालीअ बेचारा भी हवेली को ढोलू के भाई भोलू के सहारे छोड़के.... लौंडिया बाजी में बिजी था.... दिन भर चटियाना.. रात भर बतियाना.... बस यही उसका डेली रूटीन बन गया था और उन लड़कियों की भेजी हुई नुदेस देख के हिलना भी... यही उसका रूटीन बन चूका था...
लेकिन आज एक लड़की साक्षी के बहुत जिद्द करने पर वोह उससे मिलने के लिए.... तैयार हो गया था.. लेकिन केलिए को भी डर लग रहा था.. क्युकी वोह संजू का चेहरा और नाम उसे करके सभी लड़कियों से बात किया करता था.... अब आज जब उसका चेहरा सामने आएगा लड़की के तोह फिर वोह लड़की क्या केलिए को एक्सेप्ट करेगी या फिर लात मार्के भगा देगी....
जाने के लिए पढ़ते रहे हमारी कहानी अलादीन की जुबानी...