अडुल्टेरी 𝐁𝐡𝐨𝐨𝐭 𝐤𝐢 𝐦𝐚𝐚 𝐤𝐢 𝐜𝐡𝐨𝐨𝐭 🥰 - Page 32 - SexBaba
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अडुल्टेरी 𝐁𝐡𝐨𝐨𝐭 𝐤𝐢 𝐦𝐚𝐚 𝐤𝐢 𝐜𝐡𝐨𝐨𝐭 🥰

संजू का लुंड उसकी गांड के छेद पर तना हुआ दस्तक दी रहा था….

नूरी तै: (अपने होंटो को संजू के होंटो से अलग करते हुए) ुम्ह काया इरडा है

tumhara….kahin अपनी मालकिन के गांड तो नहीं मारनी…
..

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संजू: मैं तो कब से आप से बीख मांग रहा hun……par आप करने नहीं देती…..

नूरी तै: नहीं संजू मुझे भोत दर लगता hai……mene कभी गांड मैं किसी का लुंड

नहीं लाया…..

तभी दरवाजे पर आहात हुई, संजू नूरी तै के ऊपर से उठ कर नीचे लेत

gaye…….aur मुन्नी बाई रूम मैं दाखिल हुई, अपनी बेटी और संजू को रजाई के अंदर नंगे

देख कर जाया के होंटो पर मुस्कान फेल gaye….”tun खुस है ना यहाँ बेटी” मुन्नी बाई

ने नूरी तै के तरफ देखते हुए kaha……”haan माँ मुझे भला यहाँ तुम्हारे

रहते हुए काया पेरशानी हो सकती है” नूरी तै ने भी अंगड़ाई लेते हुए कहा……

मुन्नी बाई ने टेबल पर चाय राखी, और मुद कर चली gaye…..munni बाई के जाती ही, संजू ने एक

बार फिर से नूरी तै को अपनी बहो मैं भर laya….par नूरी तै ने संजू को पीछे हटा

daya…..”hato ना रात भर सोने नहीं diya…abb तो बस करो…..” ये कह कर नूरी तै

उठ कर अपन साड़ी पहने lagee……Sanju भी बेमान से उठा और अपने कपड़े


पहन कर चाय पी कर बहार चला गया….
 






संजू को कॉल आया..... ढोलू का....

ढोलू - और संजू भाई..... कहा हो य्र्र.. बहुत दिन हो गए आप तोह आ hi नहीं रहे...

संजू - ारी य्र्र.. क्या करू... इधर काम में फसा हुआ हु....

ढोलू - आप उधर.... काम में hi पहसे रहो भाई... यहाँ.... कामसूत्र.... के लिए... लाइन लगी है...

संजू - मतलब.... क्या है तेरे कहने का मई समझ नहीं पाया...

ढोलू - मतलब अभी आपको समझता हु..... ज़रा आप अपना व्हाट्सप्प चेक करो.... आपको कुछ भेजा है......

संजू - रुक अभी चेक करता हु..

मैंने अपना फ़ोन खोला और व्हाट्सप्प चेक करने लगा....

मई - ये... क्या है.... इसने तोह फोटोज भेजी है... ओपन करके देखता हु....

ढोलू - हां.. हां.. ओपन करो तोह सही...

मई - हां.. कर रहा....

यार ढोलू.... ये हुस्न की बिजलियाँ गिराने वाली कौन कौन है....

ढोलू - क्यों..??.. चौक गए है... इतनी सुन्दर सुन्दर आइटम को देख... के....

संजू- हां.. चौक तोह गया भाई.... लेकिन ये है कौन....

ढोलू - रुको एक एक करके बताता हु...


ये जो फर्स्ट पिछ है.... ये वाली

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ये है.... सुप्रिया जी..... यहाँ हवेली में आयी है अभी 2 दिन पहले अपने पति के साथ... नयी नयी शादी हुई है..... देखो कैसी मस्त आइटम है....



ये देखो... एक और पिछ उनकी....

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ढोलू - देखो... कैसे.... गोरा.... रंग है....

उसपर.... ये अदा.. ायई.. हाई... हेई.. 😍......

संजू - भाई... ये तोह फटका है... य्र्र.... इसका नंबर है क्या तुम लोग के पास...

ढोलू - नहीं... इसके पति का है...

संजू - ओह 🥲..... कब तक रुकने वाले है हवेली में ....

ढोलू - 2 दिन.... बस...

संजू - बस....

ढोलू - हां... बस.... अब इसके लिए ज्यादा उदास मत हो..... अभी और है... दूसरी वाली पिछ खोलके देखो....

ये वाली.... जो अभी सीन की तुमने...

ये देखो..... ये वाली... हां...


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ये कैसी है... है न बड़ी स्पाइसी 🌶.....

एक और पिछ देखो.....


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क्यों... कैसी लगी... कड़क है न.... हमने इसको लेके कुछ सोचा... है...

संजू - क्या सोचा है बी.... अरे... ारी... भाई... बता रहा हु.... थोड़ा सबर तोह करो... फोटो देख के कण्ट्रोल hi नहीं हो रहा लगता है.... अगर ये फोटो देखोगे तोह फिर क्या hi होगा आपका....

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संजू - ोुह्ह्ह्हह्ह... 🫨 भाई साहब.... क्या बवाल आइटम है बी....



ढोलू - तोह... इसलिए तोह बोल रहा वह ऐसे hi अटल पड़े हो.... जल्दी आओ यहाँ.... यहाँ हर जगह फूलझड़ियों की लाइन लगी है....

संजू - हां... य्र्र... कोशिश कर hi रहा हु यहाँ का काम जल्दी करने की.... वैसे... क्या सोचा है तुम लोगो ने इसके बारे....



ढोलू - हां.... इसको लेके हमने ये सोचा है की इससे अड़ करवाएंगे..... होटल के लिए इसको देख के और भी लोग आएंगे....

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संजू - क्या आईडिया 💡 है बी... सही है सही है... पटाओ इसको अड़ के लिए.....



ढोलू - हां इसी काम में लगे है.... वैसे आपका क्या हाल है वह एक ात बुर मिली या नहीं...

संजू - ारी.. भाई यहाँ ऐसी सुन्दर परियां तोह नहीं लेकिन.. लेकिन... लेकिन... हमारे पास ये 2 ौंतीस है... जिनकी बुर मार मार के हम अपना काम चला रहे है.... वैसे ये ैंटिआ.... भी कोई हुस्न पारी से काम नहीं है....

ये देखो.... ये है आंटी जी..... सॉरी तै जी... जिनका नाम है नूरी जिसकी झातें है भूरी....


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** रात को hi बजाय इसको.... एक और फोटो देखो... **


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इसको... रगड़ रगड़ के रात को पेला hai....bahut मजा देती है......

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dekh....kaise तेरे भाई से चिपटी पड़ी hai...chudne के बाद देख कैसे सुकून से सो रही मेरी बहू में...

इसका हुस्न भी उन लड़कियों से काम नहीं है.... और वैसे भी तुम तोह जानते hi हो अपने भाई को.... अपन को चाहिए औरत.... आंटी... दादी... नानी.... समझे की नहीं.... और सुनो इस आंटी की माँ को भी पेल दिया है थारे भाई ने...... ये देख उसकी फोटो...


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खूब हचक हचक के पेला है इसको तेरे भाई ने रात में....

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कसम से बड़ा मजा देती है ये रांड मुन्नी बाई भी.... इसके बारे में सोच के फिर से मेरा लुंड खड़ा हो गया... ...................उफ़....................

और तोह और एक और माल लड़की भी है इधर... जिसका हुस्न तोह और भी गजब का है.... ये देखो उसकी फोटो...


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देखो..... ये किसी हुस्न पारी से काम है क्या...



ढोलू - ू.. भाई... तुम्हारा सुनके.. तोह मुझे जलन होने लगी है

हम यहाँ सोच रहे थी भाई को अकाल पड़ा होगा वह छूट का इसलिए हम आपको जलाने के लिए फोटोज दिखा रहे थी लेकिन आपके पास तोह छूटों की बारिश हो रही है.... मान गए संजू भाई आप कही भी चले जाओ... अपने लिए छूट का इंतज़ाम कर hi लेते हो...

संजू - वोह तोह है... अच्छा सुन्न.. सुन्न... उस लड़की को अड़ के लिए मनाओ यर....



और वोह जो एक और है न जिसकी फोटो फर्स्ट में भेजी थी...

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ये वाली... हां. इसका भी नंबर जुगाड़ करो... और अड्रेस पता करो य्र्र मुझे इसकी हर हाल में चाहिए.
...



ढोलू - ok भाई... हम कुछ करते है...

संजू - अच्छा चल रख अब मुझे थोड़ा काम है...



फिर संजू ने फ़ोन काट दिया...
 
एप 97

शाम को संजू ऊपर रूम मैं बैठा हुआ tha….aur बोर हो रहा था, क्योंकि नीचे

नूरी तै और मुन्नी बाई पड़ोस के कुछ औरतों के साथ बातें कर रही thee…..Sanju नूरी तै को ये

बोल कर घर से बहार निकल गया की, वो थोड़ी देर घुमाए के लये जा रहा hai….aaj तो

सुभे से भोत ठण्ड थी

सुभे से ही सूरज नहीं निकला tha….aur शाम होते ही

कोहरा चाहने लगा था…..

संजू घर से निकल कर खेतो के तरफ बढ़ें laga…..raste मैं कुछ लोग खेतो से

लोट रहे thee…..Sanju अपनी मस्ती मैं अग्गे बढ़ता जा रहा tha…..thodi देर मैं

ही संजू गाओं से निकल कर काफी अग्गे आ चूका tha….tabhi उससे अपने अग्गे चलते

हुए एक बंजारन नज़र ए…..


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उसने लाल रंग का लेहगा पहना हुआ था, और ऊपर भी लाल कलर का कुरता पहना हुआ tha….sardi के वझे से उसने अपने ऊपर एक

कम्बल सा ओढ़ रखा था….


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अपने पीछे से अत्ति कदमो के अहहत सुन कर उस बंजारन ने पीछे मुद कर संजू

के तरफ dekha…..aur अपने खालयों मैं खोये हुए संजू ने जब उसकी तरफ देखा. तो

दोनों के नज़रे अप्प्स मैं जा टकरए, एक पल के लये उस बंजारन के होंटो पर

मुस्कान फेल गए…..


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और फिर से अग्गे देखते हुए चलने लगी… खोरा और

गहराता जा रहा tha……tabhi halki-halki बारिश भी शुरू हो गए……

संजू को ध्याना आया की, वो चलते हुए, भोत अग्गे निकल आया hai..aur अगर बारिश तेज

हो gaye…to वो इतनी ठण्ड मैं गीला हो jayega……uske अग्गे चल रही बंजारन

भी बारिश शुरू होतेहुए तेजी से चलने lagee……aur संजू भी तेजी से चलने

laga..wo बंजारन एक पेड़ के नीचे जाकर रुक गए. सर छुपाने के लये और कोई

जगह ना देख कर संजू भी उसी पेड़ के नीचे जाकर खड़ा हो gya…..braish अब्ब

तेज हो चुकी थी, और वो घना पेड़ भी उनको बृष के पानी से बचा नहीं पा

रहा tha…..dono थोड़ा सा बिग गए thee….wo बंजारन कांखों से baar-baar संजू

के तरफ देख रही थी…..


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”तुम यहाँ के तो नहीं लगते, किसी के घर पर मेहमान ए हो….” उस बर्जन ने संजू से पुछा……

संजू: (एक दम चोनकते हुए) जी जी हाँ…..

फिर अचानक से उस बजरं के नज़र थोड़ी दूरी पर बने एक कमरे के तरफ

padhi…..door से देखने पर ही वो खस्ता हालत मैं लग रहा tha…..banjaran ने

उस तरफ इशारा करते हुए kaha….”wahan पर एक कमरा है, शायद वह कोई हो.” ये

कह कर वो बंजारन तेजी से चलते हुए, उस कमरे के तरफ जाने लगी.


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उसने अपने ऊपर ओढ़े हुए कम्बल को उतर कर अपनी बाँहों मैं छुपा लाया, टंकी वो गीला ना

हो. संजू भी उसके पीछे हो लाया….

जब दोनों उस रूम के पास पहुंचे, तो उस रूम पर एक बड़ा सा टाला लगा हुआ tha.jo

की जुंग खाया हुआ tha….jisse पतला चलता था की, उस रूम मैं बरसो से कोई नहीं

रह raha…..jise देख कर वो बंजारन थोड़ा पेरशान हो gaye….barish तेज होती जा

रही thee…….uss रूम के पीछे भोत से पेड़ लगे हुए थे. उसने सोचा यहाँ पर

भीगने से अच्छा है, की वो पीछे पढ़ो के नीचे जाकर कड़ी हो जाये…..

और दोनों रूम के पीछे के तरफ पढ़ो के तरफ आ gaye….sardi अब्ब भोत जायदा

बढ़ गए thee.kale बदलो ने अँधेरा सा कर दया tha…abhi शाम के 5 ही बजे

thee…..tabhi संजू को कमरे के पीछे एक खिड़की दिखाई dee……jo टूटी हुई

thee…..”ye देखो जहाँ से अंदर जाया जा सकता है” संजू ने खुस होते हुए

kaha…..khidki जयादा ऊँची नहीं thee…..mehaj 3 फुट ऊँची खिड़की से आसानी से अंदर

जाया जा सकता tha……Sanju जल्दी से उस खिड़की को लांघ कर कमरे मैं आ

gaya……uske पीछे वो बंजारन भी आ gaye….Sanju ने उसका हाथ पकड़ कर

नीचे उतरने मैं मदद kee….”kaya नाम है तुम्हारा” बंजारन ने संजू के

तरफ देखते हुए कहा…..

संजू: मेरा नाम संजू hai…….aur तुम्हारा……

बंजारन: मेरा नाम खानजादी है……

खानजादी के उम्र लगभग 32 साल के thee……uska बदन एक दम मस्त था…….


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दिन भर काम करने के कारन उसका बदन एक दम गठीला था……


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चुच्यां जयादा

बड़ी नहीं thee…..uski दोनों चुच्यां आसानी से हाथो मैं समां सकती thee…..par एक

दम कासी हुई और ठोस thee…..sardi के कारन दोनों कनाप रहे thee…..ander ऐनी के

बाद खानजादी ने एक बार खिड़की से बहार झाँका , तो देखा अब्ब बारिश भोत तेज हो चुकी

थी…..

आस्मां मैं देखने से ऐसा लग रहा tha…ki बारिश जल्दी रुकने वाली नहीं

hai….usne अपने ऊपर कम्बल ओढ़ laya…..kamre मैं एक तरफ सुखी हुई घास का

ढेर लगा हुआ tha…..Sanju वहां पर जाकर बेथ gaya…..Khanzaadi भी उसके पास आकर

बेथ gaye……”lagta है आज भोत देर तक बारिश होगी” खानजादी ने बहार के तरफ

झांकते हुए कहा”

संजू: (कांपते हुए) हाँ लगता तो ऐसे ही है…..

खानजादी: पर तुम इस समाये यहाँ काया कर रहे थी……

संजू: दरसल मैं एक गाओं मैं सेठ के घर पर नौकर hun..aur उनकी पत्नी के साथ

उनके मायके यहाँ पर आया tha…..ghar पर मान नहीं लग रहा tha……to सोचा

थोड़ा घूम लेता hun..aur आप काया कर रही है इधर आपका घर कहा पर है……

खानजादी: अब्ब काया बातये बाबू हम बंज़रो का कहा कोई घर होता hai…..hum तो बस

अपनी भैंसो के साथ एक गाओं से दूसरे गाओं भटकते रहते hai……..ek गाओं के

बहार 3-4 महीने तक ठरते hai….aur फिर किसी और जगह जाकर अपना डेरा दाल देते

hai…….thodi दूर जाने पर हमारा कबीला hai..wahan पर हमें कुछ झोपड्या

बांये हुई hai..phihaal तो वही रुके हुए है……

संजू: तो आपको आपके घर वाले ढूंढ रहे honge…bhot देर हो चुकी है ना……

खानजादी: नहीं बाबू ऐसे बात नहीं hai….humara काम ही ghumana……kai बार तो

मुझे भी ऐसे बहार रात कटनी पढ़ी hai….kabhi-2 ऐसे जगा पर डेरा डालते हैं

की पानी ढूंढने के लये दिन भर तक बहार घूमना पड़ता है…..

बातों-2 मैं खानजादी का धयान संजू के तरफ gaya…jo सर्दी के कारन भोत कनाप रहा

tha….Khanzaadi के शादी महज *** साल के उम्र मैं होगये thee…..aur उसके दो bźte

संजू के उम्र के ही thee…..Khanzaadi को उस पर दया आ गए…..

खानजादी: अरे तुम तो भोत कनाप रहे हो babu….mere पास आजाओ अगर तुम्हें ठीक

लगेंगे, तो इस कम्बल main….(Khanzaadi ने एक तरफ से कंबल खोलते हुए कहा)

संजू को भोत ठण्ड लग रही thee.uss ने एकबार खानजादी के तरफ dekha……aur फिर उस

कम्बल के और जो थोड़ा सा मैला tha….par ठण्ड से बचने के लये उसके पास और कोई

चारा नहीं tha…….Sanju खिसक कर खानजादी के पास आ gaya……abhi खानजादी के नज़र

अचानक कमरे मैं पढ़ी, सुखी हुई लकडयों पर पढ़ी… और उसने उठ कर कम्बल

संजू को दी daya….aur लकडयों को अपने पास कमरेके बीच रख daya….phir अपने

कुर्ते के जेब से माचिस निकल कर आग जलने लगी……

आग जल gaye…..Khanzaadi ने रहत के सांस lee…bahar अब अँधेरा बढ़ रहा tha….aur

बारिश पूरे जोर से हो रही thee….aag जलने के बाद वो संजू के पास आकर बेथ

gaye….aur ऊपर कम्बल ओढ़ laya…kambal जायदा बढ़ा नहीं tha…dono के पीठ

और कंधे तो धक् गए thee…..par सामने वाला हिसस खुला था….. जो सामने से

उनको देख नहीं पा रहा tha…..bahar से अत्ति तेज और सार्ड हवा से वो दोनों और

कनाप uthate…..bhale ही आग से थोड़ी गरमी मिल रही thee…..par सर्दी एंटी थी की

ना के बर्बर थी…..

खानजादी: (सर्दी से तिहतोरते हुए) ये कम्बल थोड़ा छोटा है ना…..

संजू: ये ऐसे हम दोनों के ऊपर नहीं ayega……aap इसे ओढ़ lo…main ठीक हूँ……

खानजादी: ना बाबू सर्दी भोत hai…tabyat ख़राब हो जायगे तुम्हारी…..

संजू खड़ा हो गया, और खिड़की के पीकर बहार देखने laga….bahar देख कर

ऐसा लग रहा था की, आज तो मनो आस्मां पहात padhega….wo निराश होकर वापिस आग

के पास आकर बेथ gaya….”arre बाबू कह रही हूँ naa….kambal के अंदर आ जाओ

ठण्ड भोत hai……barish बंद होने दो फिर चले जाना”

संजू: तुम मुझे बाबू क्यों कह रही ho.main तो एक मुमलई सा नुकर हूँ…….

खानजादी: (हँसते हुए) अरे वो हमारे घर मैं बाबू प्यार से बचो को कहते

hai….chal इधर आ जा नहीं तो ठण्ड लग जायगे…….

संजू: पर ये भोत छोटा hai….hum दोनों को ठीक से देख भी नहीं सकता……

खानजादी: अरे तो कोण सा साडी उम्र यहाँ पढ़े रहना hai.barish बंद होते चले तो

जाना है………

संजू खड़ा हुआ, खानजादी के ठीक पीछे जाकर बेथ gaya…..Sanju खानजादी के पीछे

जहाँ घास पर बैठा tha..wo ढेर खानजादी के बैठने वाली जगह से कुछ ऊँचा

tha…..wo अपने टांगों को घुटनो से मोड़ कर बेथ gaya.uske दोनों घुटन खानजादी के

बगलो को छू रहे thee…..”lao कम्बल दो” संजू ने पीछे सेट होकर बैठते हुए

कहा…..

खानजादी कुछ समाज नहीं पाए. और उसने कम्बल संजू को दे daya….Sanju ने अपने

ऊपर कम्बल ओढ़ कर अग्गेके तरफ badhaya……aur खानजादी को पकड़ा daya…..aur फिर

थोड़ा सा अग्गे khiska…jisse संजू का बदन खानजादी के पीठ से एक दम सात gaya…..ek

पल के लये किसी अनजान और जवान लड़के के बदन का स्पर्श पाकर खानजादी का पूरा

बदन सिहर gaya…….wo थोड़ी हिचकी, और अग्गेको सर्कि, पर ठीके उसके अग्गे आग

जल रही थी……

खानजादी ने सोचा अभी इस बचे से काया sharmana….aur कम्बल को अग्गे से बंद कर

daya….dono एक तक इससे हालत मैं बहार खिड़की के और झांक रहे thee…..ki कब

बारिश बंद ho…..Sanju एक मस्त और गड़रिए हुए औरत के इतने करीब होते hue,bhee

उसका धयान घर के तरफ था. की नूरी तै चिंता कर रही होंगे…

अंजनी मैं ही, संजू का हाथ खानजादी के कमर पर जा laga..aur उसने अपना हाथ

वही रख दया….. संजू से अनजाने मैं हुई इस हरकत नई, खानजादी के बदन को जिंजर

कर रख daya…..Sanju के गरम हाथ के स्पर्श को अपनी कमर पर महसूस करके,

उसके पूरे बदन मैं मदहोशी चने lagee……aur उसके बदन ने एक झटका

khaya…..jisse संजू ने महसूस काया……

संजू ने झट से अपना हाथ खानजादी के कमर से हटा laya……itne मैं बहार जोरो से

बदल garje……jiski आवाज़ सुन कर खानजादी एक दम सेहम gaye…..aur पीछे होगये…

उसकी पीठ अब्ब पूरी तरह से संजू के छथि से चिपका गए thee….aur स ोनू का

लुंड अब्ब उसके पायजामे मैं फूलने laga…..aur वो तन कर खानजादी के कमर के

नीचे चुगबाँए laga……jisse महसूस करके खानजादी एक दम से चौंक गए…..

खानजादी के जिस्म के गरमी को महसूस करके, संजू अपना अप्पा खोने laga……aur खानजादी

को जब उसका लुंड अपनी कमर मैं चुबता महसूस हुआ, तो उससे इस तरह बैठे

रहना ठीक नहीं समाज, और कड़ी होने lagee…par इससे पहले के खानजादी कड़ी होती,

संजू ने अपना एक हाथ अग्गे लेजाकर खानजादी का मांसल झांग पर रख daya….Khanzaadi के

पूरे बदन मैं करंट सा दौड़ गया…..

उसने चोनकते हुए पीछे मुद कर संजू के तरफ dekha…aur दोनों के नज़रे अप्प्स

मैं जटकरए. वक़्त मनो कुछ पलों मैं के लये थम गया ho….Sanju ने अपने

हाथ से उसकी झांग को मसलना चालू कर daya…..jisse खानजादी का हाथ फ़ौरन संजू के

हाथ के ऊपर आ गया, और उसके हाथ को अपनी झांग के ऊपर रेंगने से रोकने के

कोशिश करने lagee…..wo अब्ब भी संजू के आँखों मैं देख रही थी…


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जैसे कह रही ho…naa बाबू ऐसा मत karo…….isse पहले के खानजादी कुछ और कर पति

संजू ने अपना दूसरा हाथ अग्गे लेजाकर खानजादी के लेफ्ट चुकी को दबोच laya…..Khanzaadi के

चूचियां जायदा बड़ी नहीं thee…..uski चुकी लगभग संजू के हाथ मैं समां गए

thee….”yee यी काया कर रहे हो बाबू हटो” खानजादी ने हाड़बते हुए kaha….par संजू

तो जैसे अपने होश मैं ही नहीं था…..

वो एक हाथ से खानजादी के चुकी दबाये हुए दूसरे हाथ से उसकी झांग को सहला रहा

tha…..Khanzaadi न चाहते हुए भी मदहोश हुई जा रही thee……wo बुसस ना करो बाबू

बड़बड़ा रही thee….tabhi खानजादी के मनो जैसे सास हलक मैं अटक गए ho.uske

छूट मैं तेज सरसरहाट हुई, और उसने अपने दोनों झांगों को भींच लाया…….

क्यंकि संजू ने अपना हाथ सरका कर उसकी छूट पर रख कर सहलाना शुरू कर

daya…..Khanzaadi एक दम से हड़बा गए, और उठ कर कड़ी हो gaye…..usne एक बार

संजू के तरफ dekh….uski सांसे चढ़ी हुई थी. और उसकी चुच्यां ऊपर नीचे

हो रही थी……


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जिससे संजू अपनी खा जाने वाली नज़रो से देख रहा था….

खानजादी ने नज़रे नीचे झुका ली, और खिड़की पास जाकर कड़ी होकर बहार देखने

lagee…..uske सांसे अभी भी तेज चल रही thee…..tabhi उसको संजू के कदमो की

आहात अपने पास आती हुई महसूस हुई, खानजादी का दिल जोरो से दधकाने laga…..Sanju

खानजादी के पीछे जाकर खड़ा हो gaya…..Khanzaadi ने अग्गे सरकने के कोशिश की, पर अग्गे जगह नहीं thee….Sanju ने अग्गे बढ़ कर खानजादी के गर्दन पर अपने दहकते होंटो को रख diya…….Khanzaadi के मुँह से मस्ती भरी आह निकल गए…..

उसकी ऑंखें मस्ती मैं धीरे धीरे बंद होने lagee……Sanju के हाथ फिर से उसके

खुल्हों के पास झंगो पर आ gaye…aur वो उसके खुल्हों को सहलाने laga…..Khanzaadi

के पूरे बदन मैं मस्ती के लहर दौड़ गए…. संजू खड़ा लुंड खानजादी के लहंगे

के ऊपर उसके गांड के छेद पर दस्तक देने laga…..jisse महसूस करके खानजादी का

पूरा बदन मस्ती मैं कापने laga……uski छूट के फांकें फड़फड़ाने

लगी….

खानजादी ने संजू को पीछे dhkela……..aur तेज से चलते हुए फिर उसी घास के ढेर

के पास gaye…aur झुक कर वह पढ़े कमबल को बिछा diya…..Sanju खिड़की के पास

खड़ा हरिआनी से खानजादी के तरफ देख रहा tha….kambal बिछाने के बाद, खानजादी उस

पर कड़ी हो gaye…usne एक बार संजू के और देखा, और फिर अपने नज़रें नीचे

कर lee…..aur अपने कुर्ते को पकड़ कर एक झटके से अपने बदन से अलग कर फ़ेंक

daya…..ussne नीचे कुछ नहीं पहना हुआ था……..

अग्ग के रोशनी मैं उसका नंगा जिस्म चमक उठा…..


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उसकी चुच्यां एक दम कासी

हुई, और तानी हुई thee…do बचे पैदा करने के बाद भी उसकी चुच्या जरा भी

ढीले नहीं पढ़ी थी…. फिर उसने एक बार संजू के तरफ देखा, और कमबल पर

लेट gaye…….Sanju ये सब देख कर एक दम से पागल हो गया. उसने अपना पायजामा उतर

कर एक तरफ फ़ेंक daya….aur खानजादी के तरफ बढ़ा…

संजू का 9 इंच लम्बा और 4 इंच मोटा लुंड देख खानजादी के दिल के धड़कन बढ़

gaye….usne अपने लहंगे को अपने कमर से ऊपर उठा laya…..uski झांटो से भरी

छूट संजू के आँखों के सामने आ gaye….Sanju सीधा जाकर खानजादी के टैंगो के

बीच मैं बेथ gaya…..lund को अपनी छूट मैं लेने के चाहत के कारन उसकी

टंगे खुद बा खुद फेल गए….

संजू ने उसकी झंगो को घंटो से मोड़ कर अपने लुंड के सुपड को खानजादी के छूट के

छेद पर टिका दया….


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खानजादी के छूट ने संजू के गरम लुंड के सूपड़ा को महसूस

करते ही, पानी बहाना शुरू कर daya….Sanju ने एक बार खानजादी का माधोसी भरी

आँखों मैं dekha.jaise उससे इजाजत लेने छह रहा हो…

खानजादी: (कापति हुई आवाज़ मैं) अह्ह्ह्ह बाबू रुक क्यों गयी छोड़ो ना

mujeee…..chod ना साली

संजू ने मुस्कारते हुए एक जोर दर देखा mara…….Sanju का आधे से जयादा लुंड उसकी

छूट मैं समां गया…..


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”अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ुंहःहःहः टुन्नन तो बड़ा छोड़ू हीी

reeee…..hila कर रख दया…

संजू ने एक और जोर दर देखा मारा, और उसका पूरा लुंड खानजादी के छूट मैं समां

gaya…..masti मैं खानजादी के टांगें और ऊँची हो gaye…..aur वो संजू के पीठ पर

अपने बाँहों को कास के अपनी गांड को ऊपर के और उछाल कर संजू का लुंड लेने

लगी……


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खानजादी के छूट पूरी पनाया गए thee…jisse संजू का लुंड चिकना होकर

तेजी से उसकी छूट के अंदर बहार हो रहा था…..

खानजादी: (मस्ती मैं अपने

आप को ऊपर के और उछलते हुए) अह्ह्ह अह्ह्ह्ह छोड़ बाबू मुजीबी अह्ह्ह्ह भोत

मोटा लौड़ा है teraaa….ahhhh पूरा अंदर टककक जा रहा hai……..ohhhhhhh हैं

छोड़ मुजीई ऐसे हेबेई मा मरगयी…

संजू: (हांफते हुए) अह्ह्ह्हह अह्ह्ह यकीन नहीं होता तुणी इस छूट से दू बचो

को बहार निकला है साली भोत टाइट है तेरे छूट ओह्ह्ह्हह…….

खानजादी: हैं तो पहाड़ डीएई ना मेरे भोसड़ी को अह्ह्ह्हह

संजू झुक कर खानजादी के राइट चुकी को मुँह मैं भर लाया, और उसकी चुकी को जोर-2

से चूसते हुए पूरी रफ़्तार के साथ देखे लगाने laga…….Khanzaadi भी मस्ती मैं अपनी

छूट को ऊपर के तरफ उछाल कर संजू का लुंड अपनी छूट के गेहरों मैं ले रही

थी………


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संजू तेजी से देखे लगते हुए झड़ने के करीब पहुंच गया tha……..”ahhhh साली

देख अब्ब मेरा लुंड पानी छूटने वाला है” “अह्ह्ह्ह तो निकल ना साले मेरे छूट

मैं निकल dee…..barso से प्यासी हे मेरे बुर अह्ह्ह्ह निकल साली…….

संजू के लुंड ने वीर्ये के बौछार कर दी, खानजादी के छूट के छूट main…….Khanzaadi

भी ऑंखें बंद करके संजू के लुंड से निकल रहे गरम वीर्ये को महसूस करके

झड़ने lagee……Thodi देर बाद संजू खानजादी के ऊपर से उठ gaya…..aur अपना

प्याजमा पहने laga…..Khanzaadi भी कड़ी हो gaye….aur अपनी झंगो को पहला कर

अपनी छूट को देखने lagee…Sanju का वीर्ये उसकी छूट से निकल कर उसकी झंगो को

बेगो रहा tha…..Khanzaadi ने एक नज़र संजू के तरफ डाली, और जैसे ही संजू ने उसकी

तरफ देखा, उसने श्रम कर नज़रे झुका ली……

खानजादी: (शरमाते हुए) चोरे तेरे लुंड ने सच मैं मेरे छूट के ताब्यात खुस कर

dee…..kitne दिन और है यहाँ पर……

संजू: शायद 3-4 दिन…..

खानजादी: फिर मिलोगे muje……tere लुंड खाये बिना नहीं मानेगे मेरे छूट अब्ब…..

संजू: कोशिश karunga…..agar टाइम निकल पाया तो….

खानजादी ने बहार dekha…….barish अभी भी हो रही thee….par सिर्फ बूंदा बंदी……

खानजादी: अब्ब तुन घर जा सकता hai…barish भी डेमी पढ़ गए है…..

संजू: हाँ वो तो देख रहा हूँ……

उसके बाद दोनों अपने -2 ठिकानों के तरफ चल padhe…..jab संजू घर पहुंचा तो,

रजनी उसके लये भोत पेरशान thee……Sanju ने उससे बताया के वो बारिश के वझे से

रुक गया tha…..Noori तै ने उससे ऊपर जाने के लये kaha…..aur खुद चाय बना कर

संजू के लये ऊपर कमरे मैं ले aye…..chai पेट हुए दोनों अप्प्स मैं बातें करने


लगी……
 
एप 98

दोपहर का वक़्त tha……Noori के मायके का घर तो संजू के लये मनो सवर्ग ही

था, और वापिस जाने के खबर को सुन कर नूरी तै , मुन्नी बाई और संजू तीनो थोड़ा दुखी

thee…….akhir एक ना एक दिन तो उनको वापिस जाना ही tha…..Noori ऊपर आकर अपना

सामान पैक करने lagee.uski माँ मुन्नी बाई भी उसका हाथ बताने लगी. “ रहने

दयेजा ना माँ मैं कर लुंगी” नूरी ने मुन्नी बाई के तरफ देखते हुए kaha…..tu

काया हुआ बेटी मैं वैसे भी खली ही बैठी थी”

नूरी : माँ अब्ब कल वपिस जा रहे hai….pata नहीं फिर कब यहाँ एना हो……

मुन्नी बाई: कोई बात नहीं beti…..jab चाहे आ जाना…….

फिर नूरी को संजू और अपने सामान पैक करने मैं काफी वक़्त laga…..Sanju बहार

जाकर एक टंगे वाले को कल के लये बोल आया tha…..raat ढलते ही, संजू और नूरी

दोनों ऊपर अपने रूम मैं आ gaye…Sanju ने अंदर ात्ते ही, नूरी को बहो मैं

भर laya….aur उसके होंटो को चूसें laga…..par नूरी उससे पीछे हटा दया…..

नूरी : देखो ना हम कल जा रहे hai…uske बाद माँ यहाँ फिर से अकेली हो

जायगे..

संजू नूरी के बात सुन कर चुप हो gaya……”main पेशाब करके आती हूँ” ये कह

कर नूरी रूम से बहार चली gaye…..Sanju बीएड पर बेथ gaya…uska दिल यहाँ से

जाने का बिकुल भी नहीं tha….par वो छह कर भी कुछ नहीं कर सकता tha…..Sanju

बीएड पर बैठा हुआ tha….tabhi मुन्नी बाई रूम मैं आ gaye..uske हाथों मैं दो गिलास

thee…..”ye लो तुम दोनों दूध पी लो” ये कहते हुए मुन्नी बाई ने दूध के गिलास टेबल

पर रख दये…..

संजू को जून उदास देख कर मुन्नी बाई उसके पास जाकर बेथ गए……

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”काया हुआ इतना उदास

क्यों है” मुन्नी बाई ने संजू के तरफ देखते हुए kaha……”wo हम कल जा रहे है ना

इससलए…..” मुन्नी बाई संजू के बात सुन कर मुस्करा dee….”to तुन क्यों उदास हो रहा

hai…..Noori तो तुम्हारे साथ ही है naa….akeli तो मैं रह जाउंगी….” मुन्नी बाई ने संजू

के झांग को सहालते हुए कहा……

संजू ने मुन्नी बाई के तरफ dekha….Munni बाई के आँखों मैं वासना के खुमारी छाए हुई

thee…..dono एक तक एक दूसरे के नज़रो मैं देख रहे thee….Sanju ने अपने होंटो को

मुन्नी बाई के होंटो पर रख दया…

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.मुन्नी बाई एक दम से पीछे हैट gaye…..aur बीएड से कड़ी

होकर बहार को जाने lagee…..Sanju ने उससे पकड़ें के लये हाथ अग्गे बढ़ाया, तो

मुन्नी बाई का शैवाल उसके हाथ मैं aagaya…..aur वो उसके बदन से अलग हो गया…..

अब्ब मुन्नी बाई सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट मैं संजू के सामने कड़ी thee….blouse मैं

कासी हुई चुच्यां ऊपर नीचे हो रही thee….ye देख संजू का लुंड पयजामे मैं

एक तन कर खड़ा हो gaya…..usne अग्गे बढ़ कर मुन्नी बाई को अपनी बाँहों मैं भर

laya…..aur उसके होंटो को एक बार फिर से अपने होंटो मैं भर कर चूसने

laga…..Sanju का लुंड मुन्नी बाई के पेटीकोट के ऊपर से उसकी छूट के ऊपर जा लगा….

मुन्नी बाई के पूरे बदन मैं मस्ती के लहर दौड़ gaye…uska बदन ढीला पढ़ें

laga…..moka देख संजू ने मुन्नी बाई को बीएड के पास लेजाकर उसको बीएड पर देखेल

daya….aur पागलों के तर्हां मुन्नी बाई पर टूट padha….wo उसके होंटो गालो और गर्दन

और चुच्यों के ऊपर हिस्से को चूअमने laga….Munni बाई एक दम मदहोश हो गए….

मुन्नी बाई: अह्ह्ह ुम्हह संजू बीटा नूरी आए जाएगी ओह्ह्ह्हह्ह चोर मुजीब काया कर रहा

है……

मुन्नी बाई भले ही संजू को छोड़ने के लये कह रही thee….par वो उसका विरोध बिलकुल भी

नहीं कर रही thee…..Sanju बुरी तरह से उसकी चुच्यों को मसलते हुए, उसके पूरे

बदन को अपनी जीभ से चाट रहा था. और मुन्नी बाई अब्ब कामविह्ल होकर आठ ओह्ह्ह कर रही thee….Sanju ने दोनों हाथों से मुन्नी बाई के ब्लाउज के हुक्स खोला daye.aur उसके

ब्लाउज को थोड़ी से मेहनत के बाद मुन्नी बाई के बदन से अलग कर दया…..

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अब्ब संजू के सामने मुन्नी बाई के दोनों बड़ी -2 चुच्यां बेपर्दा हो चुकी थी.

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जिसको देख के संजू के आँखों मैं वासना का भूत का सवार हो gaya….aur वो अपने दोनों

हाथों मैं मुन्नी बाई के दोनों चुच्यों को भर कर जोर-2 से मसलने laga….jaise वो

उसका सारा दूध निचोड़ लेना छठा ho….”ahhhhh संजू नूरी नूरी आ जायगे

बेटा अह्ह्ह्ह मेरे बात सुन ली चोरी….”

संजू ने मुन्नी बाई के चुच्यों को निचोड़ते हुए, झुक कर उसके एक निप्पल को मुँह मैं

भर laya…..aur जोर जोर से चूसने लगा…..

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और एक हाथ नीचे लेजाकर मुन्नी बाई का पेटीकोट ऊपर उठाने laga…..Munni बाई ने अपना हाथ नीचे लेजाकर संजू को रोकने की नाकामयाब

कोशिश की, पर संजू ने उसके पेशकते को ऊपर उठा दया… और फिर अपने पयजामे के

नदी को खोल कर अपना पायजामा बहार निकल दया…..

संजू ने ये सब एंटी फुर्ती से काया की, मुन्नी बाई को सँभालने का मौका भी नहीं

mila…..aur अगली ही पल संजू के लुंड का देखता हुआ सुपड मुन्नी बाई के छूट के

फैंको को पहला कर छूट के छेद पर जा laga….Munni बाई के पूरे बदन मैं बिजली से

कोंध gaye…..uski ऑंखें मस्ती मैं बंद हो gaye….aur मुन्नी बाई ने अपने दोनों

हाथों को ऊपर लेजाकर अपने सर के नीचे राखए तकए को कास लाया…..

मुन्नी बाई संजू के लुंड के गरमी को अपनी छूट के छेद पर महसूस करके बेहाल हो

चुकी thee….usne अपने हथ्यार संजू के सामने दाल daye…..ye देख संजू घुटनो

के बल बेथ gaya….aur पास पढ़े मुन्नी बाई के ब्लाउज को उठा कर बीएड के दूसरे तरफ

फ़ेंक daya…..aur फिर मुन्नी बाई के टैंगो को घुटनो से मोड़ कर ऊपर उठा कर पहला

दया……

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संजू देखा मुन्नी बाई लेती हुई तेजी से सांसे ली रहे थी…..

उसकी बड़ी-2 गुदाज चुच्यां सांस लेने से ऊपर नीचे हो रही thee.jab संजू के

तरफ से कोई हरकत नहीं हुई, तो मुन्नी बाई एक दम से मचल uthi…aur अपनी गांड को

धीरे-2 ऊपर उठाने लगी…..

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ये देख संजू के होंटो पर मुस्कान फेल

gaye…..Sanju के लुंड का मोटा सुपड मुन्नी बाई के छूट के छेद फैलता हुआ अंदर

घुसाने laga…..”umhhhhh छोड़ नाआ संजू रुक्खक्क क्यों गया ohhhhh.mere छूट

मैं आएग लगा की. अह्ह्ह्हह” संजू ने भी मुन्नी बैदा देर नहीं की, और एक जोरदार

देखा मार कर अपना पूरा लुंड एक ही बार मैं मुन्नी बाई के छूट के गेहरों मैं

उतर दया……

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मुन्नी बाई: अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह संजू मेरी छुट्ट्ट्ट फड़द डीए ओह्ह्ह्हह्ह…..

संजू मुन्नी बाई के ऊपर झुक gaya…….aur उसके टैंगो को अपने कंधो पर रख कर जोर

दर देखे लगाने लगा…..

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हार देखे के साथ संजू के लुंड का सुपड उसके बच्चेदानी

के मुँह से जा takrta….aur मुन्नी बाई के छूट मैं मस्ती के लहर दौड़ jati……wo भी

अपनी गांड को ऊपर के और उछाल कर अपनी छूट के गेहरायों मैं संजू के लुंड को

लेने के कोशिश karti…..aur जब संजू के झंगो के jhade….Munni बाई के भरी और मोठे

चूतड़ों से takarti…..Munni बाई के गांड वापिस बिस्तर सी आ टकरती…….

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तभी अचानक से रूम का दूर खुला, और नूरी अंदर आ gaye…ander का नज़ारा

देख नूरी एक दम से चौंक gaye……darwaja खुलने के आवाज़ सुन कर दोनों

दरवाजे के तरफ देखने lagee…..yahan पर नूरी कहदी thee….Noori बुरी तर्हां

झेंप gaye…..aur कमरे से बहार जाने lagee…..Munni बाई ने भी अपने बेपर्दा हुए

चुच्यों को देखें के लये ब्लाउज को ढूंढना शुरू कर dyaa……par जब संजू ने

ब्लाउज को बीएड के दूसरी तरफ फेंका तो मुन्नी बाई के ऑंखें बंद थी….

संजू ने अपने लुंड को मुन्नी बाई के छूट से बहार निकला, और बिजली से फुर्ती के साथ बीएड से

नीचे उतर कर नूरी को पीछे से पकड़ laya…..aur बीएड के पास ले aya…..”ye ये

काया कर रहा है संजू तुन चोर चोर मुझे” नूरी शरमाते हुए kaha……”nahi

मालकिन आज मैं तुम दोनों को एक साथ chodunga…….ye हमारी आखिर रात है यहाँ

पर”

नूरी : (शर्मा कर नीचे के और देखते हुए) नहीं संजू चोर मुझे मुझसे नहीं

होगा ये सब माँ के samane……jane दे मुझे Sanju…..dekh मुझे शर्मिंदा ना

कर……

बीएड पर बैठी मुन्नी बाई को कुछ समाज मैं नहीं आ रहा tha…..wo अपने दोनों हाथों से

अपनी बड़ी-2 चुच्यों को छुपाने के कोशिश कर रही thee….Munni बाई ने बीएड से नीचे

उतरे के कोशिश की, पर संजू ने उससे वापिस बीएड पर देखेल daya……..Munni बाई को इससे

पहले के कुछ समाज atta……Sanju बीएड पर चढ़ gaya…..usne एक हाथ से नूरी का

हाथ पकड़ा हुआ tha……jaise ही संजू बीएड पर chadha…usne नूरी को बीएड पर

खेच laya……Noori गिरते हुए बीएड पर आ leti…..aab मुन्नी बाई और नूरी दोनों एक दूसरे

के बगल मैं लेती हुई thee…..Noori ने उठाना चाहा तो, संजू ने ये कह कर उससे

रोक दया की, अगर वो उससे प्यार करती है, तो उसका साथ dee…..Noori वहां ऑंखें

बंद कए लेत गए…..

संजू मुन्नी बाई के झंगो के बीच मैं बैठा हुआ tha….usne मुन्नी बाई के पेटीकोट को पकड़

कर ऊपर उठा daya….Munni बाई ने एक बार नूरी के तरफ देखा जो की, ऑंखें बंद कए

हुए उसकी बगल मैं लेती हुई थी. संजू ने पालक झपकते ही अपने लुंड के मोठे

सुपड को मुन्नी बाई के छूट के छेद पर लगा daya…..Munni बाई के छूट पहले से ही

कॉमर्स से सनी हुई थी…….

अपनी छूट के छेद पर संजू के लुंड के मोठे और गरम सुपड को महसूस करते

ही, मुन्नी बाई के ऑंखें मस्ती मैं बंद हो gaye….usne अपने होंटो को अपने दांतो

मैं दबा laya…..tanki उसकी मस्ती भरी सिसकार्यं उसकी बेटी नूरी के कानो मैं न

padhe……uska चेहरा शर्म से लाल होकर देहक रहा था… संजू ने मुन्नी बाई के

पैरो को घुटनो से मोड़ कर टांगों को ऊपर उठा कर एक जोरदार देखा मारा…..

संजू का लुंड पूरी रातर के साथ एक ही बार मैं मुन्नी बाई के छूट के गेहरों मैं

जा ghussa….Munni बाई के मुँह से घुटी हुई हलकी सी आह निकल gaye…..jisse सुन कर

नूरी के छूट के फांकें भी कुलबनने lagee….usne अपनी आँखों को थोड़ा सा

खोल कर संजू के तरफ dekha…..Sanju मुन्नी बाई के टैंगो के बीच घुटनो के बल बैठा

हुआ tha…..aur उसकी माँ मुन्नी बाई के टाँगें हवा मैं झूल रही thee……Sanju का लुंड

पूरा का पूरा मुन्नी बाई के छूट के गेहरों मैं समाया हुआ था…….

संजू ने अपने हाथ को अग्गे बढ़ा कर नूरी के हाथ को पकड़ कर उठा daya…..jaise

नूरी ठीक उसके बर्बर मैं आकर बेथ gaye……Sanju ने अपनी एक हाथ उसके पीछे

से लेजाकर दूसरे तरफ वाले कंधे पर रख कर नूरी को अपने से सत्ता

laya…….”ahhh मालिकन देखो न बड़ी मालकिन के छूट कैसे पानी टपका रही है…..”

ये बात सुनते ही दोनों को चहरे शर्म से लाल हो gaye…..Sanju के देखो के

रफ़्तार लगतार बढ़ती जा रही thee……..aur वो पूरी ताकत के साथ अपनी गांड को हिला

कर अपना लुंड मुन्नी बाई के छूट मैं पेल रहा tha…..Sanju के ताबरतोड़ देखो ने मुन्नी बाई के

छूट के दीवारों को हिल्ला कर रख दया……

मस्ती मैं आकर मुन्नी बाई अब्ब अपनी मस्ती भरी सिसकार्यों को छह कर भी ना दबा

पा रही thee….”ahh ऊंघ अह्ह्ह ढेरी ओह्ह्ह्हह ुंहःहः सीईईईई” अपनी माँ के मस्ती

भरी सिसकियाँ सुन कर नूरी के छूट भी पस्जेने lagi……choot मैं लुंड लेने के

खुजली और बढ़ gaye…..Noori ने अपने आँखों को थोड़ा सा खोल कर मुन्नी बाई के टांगों

के बीच मैं देखा, तो उसके दिल के धड़कन और बढ़ गए……

संजू का 4 इंच मोटा और 9 इंच लम्बा लुंड मुन्नी बाई के छूट के फैंको को फैलाये हुए

तेजी से अंदर बहार हो रहा tha…..uska लुंड मुन्नी बाई के छूट के रास से भीग कर

चमक रहा tha……lund फातच-2 के आवाज़ करता हुआ तेजी से उसकी छूट के अंदर

बहार हो रहा था…..

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जिससे देख नूरी के छूट भी पूरी तर्हां पन्या गए……

उसका हाथ एक खुद बा खुद अपने पेटीकोट के ऊपर से छूट पर पहुंच गया, और वो

अपनी छूट को मुठी मैं भर कर मसलते हुए, अपनी माँ को संजू का लुंड अपनी छूट

मैं लेते हुए देखने lagee…..Noori का दूसरा हाथ संजू के छथि पर आ गया……

और वो संजू के छथि को सहलाने lagee….Sanju समाज गया की, अब्ब नूरी भी पूरी

तर्हां गरम हो चुकी थी…..

संजू ने नूरी के कंधे से हाथ को सरका कर अग्गे लेजाकर ब्लाउज के ऊपर से उसकी

चुकी को दोबाच लाया… और जोर से मसलने laga…..tabhi नूरी का धयान मुन्नी बाई के

छूट से हटा, और वो संजू के तरफ देखने lagee….jaise ही उसके नज़रे संजू से

मिली, नूरी बुरी तर्हां से झेंप gaye….uske गाल किसी सेब के जैसे लाल होकर

देखने लगी…..

संजू ने उससे अपने और पास खेंच कर उसके होंटो पर अपने होंटो को रख

daya…..aur उसके होंटो को चूसते हुए मुन्नी बाई के छूट मैं लुंड अंदर बहार करने

लगा……



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मुन्नी बाई भी अपनी मदहोशी भरी आँखों को खोल कर नूरी और संजू को देख

कर मस्त हुई जा रही thee……samane का कामुक नज़र देख, मुन्नी बाई के छूट ने संजू

के लुंड को अपने अंदर और कसना शुरू कर दया…….

संजू का लुंड देखे मरते हुए मुन्नी बाई के छूट से बहार निकल gaya…..aur मुन्नी बाई के

छूट के क्लीट पर रगड़ खा gaya…..Munni बाई मस्ती मैं एक दम सिस्का uthi…..Sanju ने

अपने होंटो को नूरी के होंटो से hataya….aur अपने लुंड को हाथ मैं लेकर नूरी

को देखते हुए bola…….”dekho मालकिन आपकी माँ के छूट कैसे पानी बहा रही

hai……mere पूरा लुंड सं गया…..” ये बात सुन मुन्नी बाई और नूरी दोनों शर्मा

गए…… “ मालकिन एक बार इससे अपने हाथ से बड़ी मालकिन के छूट मैं डालिए ना”

ये सुन मुन्नी बाई के दिल के धड़कन बढ़ gaye….usse यकीन नहीं हो रहा था की, अब्ब उसकी

बेटी संजू का लुंड अपने हाथ से पकड़ कर उसकी छूट मैं डालने वाली hai….Sanju ने

नूरी का हाथ पकड़ कर अपने कड़े लुंड पर रख daya……Noori के साँसे अब्ब

उखाड़ने लगी thee….Sanju ने अपने लुंड से हाथ हटा लाया. और मुन्नी बाई के दोनों टैंगो

को ऊपर उठा कर पहला दया…….

अब्ब नूरी के आँखों के सामने मुन्नी बाई के छूट का लबलता हुआ छेद नम्य हो गया

tha…uske छूट का छेद कामवासना मैं कभी सिकौर और पहल रहा

tha……..Noori ने अपने कंपतो हाथ से संजू के लुंड को पकड़ कर मुन्नी बाई छूट के

छेद पर टिका daya….Munni बाई ऑंखें एक बार फिर से मस्ती मैं बंद हो गए….

“थोड़ा सा छूट को खोलो तो सही मलिन” संजू ने नूरी के चुकी को दबाते हुए

कहा……

अपने सामने संजू के लुंड को मुन्नी बाई के छूट मैं जाता देख नूरी एक दम मस्ताय

gaye…..usne अपने दोनों हाथों से मुन्नी बाई के छूट के फैंको को पकड़ कर पहला

daya…..Sanju ने बिना एक पल रुके एक जोर दर देखा mara…..Sanju का लुंड एक बार फिर

से मुन्नी बाई के छूट के गेहरों मैं उतर gaya…..abb तक चुप चाप लेती मुन्नी बाई भी

मस्ती से सरोबार हो gaye……”umhhh अह्हह्ह्ह्ह ढेरी siiiiiiiiiiii……..kaiseee

कैसी मोटा लौड़ा है रईईए नूरी तेरे इस नुकर का ahhhhhh…….mere भोसड़ी

को पहाड़ दया री माँ…”

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अपनी माँ के मस्ती भरी सिसकार्य सुन कर नूरी और मस्त हुई जा रही thee……..Sanju

ने उससे पकड़ कर मुन्नी बाई के ऊपर कर daya……abb नूरी मुन्नी बाई के ऊपर दोनों तरफ

पैरो को करके घुटनो को बिस्तर पर टिका कर बैठी thee….aur उसके पीछे संजू मुन्नी बाई

के टैंगो के बीच मैं बैठा हुआ अपना लुंड मुन्नी बाई के छूट के अंदर बहार करता

हुआ, अपने दोनों हाथों को अग्गे ले gaya……aur नूरी के चुच्यों को ब्लाउज के

ऊपर से दबाने लगा……..

संजू के होंठ नूरी के गर्दन के पीछे वाले हिस्से पर रगड़ रहे thee…..Noori

कामविहार हो चुकी thee……Sanju ने नूरी के चुच्यों को दबते हुए धीरे-2 करके

सरे ब्लाउज के हुक्स खोल daye…..aur उसके ब्लाउज को उतर कर एक तरफ फ़ेंक

daya……blouse उतारें के बाद उसने नूरी को अग्गे के तरफ झुका daya……aur उसके

पेटीकोट को उठा कर कमर पर रख daya……….jaise ही नूरी मुन्नी बाई के ऊपर झुकी,

नूरी के बड़ी- गुदाज चुच्यां मुन्नी बाई के ठीक मुँह के सामने आ गए……….

मुन्नी बाई अपनी अध् खुली आँखों से नूरी के बड़ी-2 हिल रही चुच्यों को तरफ देख रही

thee…….aur संजू मुन्नी बाई के टांगों के बीच मैं बैठा हुआ अपना लुंड मुन्नी बाई के छूट

के अंदर बहार करता हुआ, अपने दोनों हाथो से नूरी के गुदाज चूतड़ों को पहला-2

कर मसल रहा tha……Noori भी संजू के हाथों से गांड मसलवा कर मस्त हुए

जा रही थी……

संजू ने नूरी के गांड मसलते हुए, अपनी एक ऊँगली को नूरी के छूट के दरार मैं

पहरने laga…..Noori का पूरे बदन मैं बिजली से कोंध gaye….wo ऑंखें बंद

कए हुए मुन्नी बाई पर झुकी हुई थी. और संजू उसके छूट के क्लीट को अपनी उंगलयों से

मसल रहा tha…..Noori के छूट तो पहले से अपना कॉमर्स बहा रही thee……jisse

संजू के उंगलयां भी गीली होने लगी……

संजू: क्यों मालकिन माज़ा आ रहा है naa……badi मालकिन के साथ करने मैं…….

नूरी : अह्ह्ह्हह सीईई हाआरीई संजू भोत माज़ाआ अवयव हीी……….

संजू ने अपने लुंड को मुन्नी बाई के छूट से बहार निकल laya……jisse मुन्नी बाई का बदन

हिलना बंद हो gaya…..Noori समाज गए की, संजू ने अपना लुंड मुन्नी बाई के छूट से

बहार निकल लाया……

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संजू ने नूरी के दोनों चूतड़ों को पकड़ कर पहला daya……aur

अपने घुटनो के बल थोड़ा सा ऊपर उठ कर नूरी के छूट के छूट के छेद पर टिका

daya…….aur एक जोरदार देखा mara……dhakaha इतना जबरदस्त था की, नूरी मुन्नी बाई के

ऊपर लुढ़क गया……

और उसके चुच्यां मुन्नी बाई के चुच्यों से रगड़ खा gaye…….Sanju ने दोनों चूतड़ों

को दोबाच्ते हुए तेजी से नूरी के छूट मैं अपना लुंड अंदर बहार करना शुरू कर

daya…….Noori तो जैसे मस्ती मैं पागल हो gaye..usne अपने नीचे लेते मुन्नी बाई के

दोनों चुच्यों को अपने हाथों मैं भरते हुए पीछे के तरफ अपनी गांड को

हिलाते हुए अपनी छूट को संजू के लुंड पर पटकना चालू कर दया……

नूरी का ये रूप देख संजू और जोश से भर gaya….aur पूरे जोश के साथ अपनी

गांड हिलाते हुए, नूरी के छूट को छोड़ने लगा…..

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”अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह और लेटी साली

ओह्ह्ह्ह …कमल के छूट है टेरीए ओह्ह्ह्हह” एक दम कासी हुई री ओह यह हह

अह्ह्ह्हह्हह अह्हह्ह्ह्ह”

नूरी : (अपने दोनों हाथों से मुन्नी बाई के चुच्यों से मसलते हुए) ोझहहह बीटा संजू

ओह्ह्ह्हह्ह तेरे लुंड भोत बड़ा हैई छोड़ मुजीई साली ओह्ह्ह और जोर से

छोड़ड़ड़ड़ड़ड़ पहाड़ डीईई मेरे choot…bhar दी मेरे छूट को अपने लौड़े सीईए

ओह्ह्ह्हह भोसड़ी की………

संजू: (तेजी से देखे लगते हुए) अह्ह्ह्हह तुन देख तू sahi………aaj तुम दोनों के

छूट को कैसे भरता हूँ अपने बीज सीई ओह्ह्ह्हह्ह कसम से दोनों माँ बेटी के

छूट भोत टाइट है ओह्ह्ह्हह्ह चूस साली अपनी माँ का दूध निचोड़ ली ाजजज……

संजू के बात सुनते ही नूरी ने झुक कर मुन्नी बाई के एक चुकी को मुँह मैं भर

laya……..aur अपने होंटो मैं भर कर जोर-2 से चूसने lagee…….Munni बाई ये देख कर

और मस्त हो गए की, उसकी बेटी खुद अपनी छूट मैं रांड के तरह लोढ़ा लेते हुए,

उसकी चुकी को चूस रही है…….

नूरी : (मुन्नी बाई के चुकी को मुँह से बहार निकलते हुए) अह्ह्ह अह्ह्ह मायआ भोत मज़ा

आ रहा है ओह्ह्ह्हह मेरीए छूट के दीवारों से इसका लुंड रगड़ रगड़ कररररर

अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह अंडरररररर जाआ रहा है… भोत मोटा लोढ़ा है नाआ मा इस्सस चोरे

kaaaaaa….ohhhhhhh धेरेईई ढेरी…….

नूरी ने फिर से झुक कर मुन्नी बाई के दूसरी चुकी को मुँह मैं भर कर चूसना शुरू

कर daya…….aur संजू ने अपना लुंड बहार निकल कर एक बार फिर से मुन्नी बाई के छूट के

छेद पर टिका daya…….”haan bźte भोत मोटा लौड़ा है री तेरे इस्स्स्सस्स्स्स

nukarrrr……..mere छूट का भी भोसड़ा बना dayaaaa……saala एक नंबर का

छोड़ो हैई ओह्ह्ह्हह अह्हह्ह्ह्ह धेरेईई हरमखोरर मुझे भूदि पर तरस खा……..

संजू: (मुन्नी बाई के छूट मैं अपने मुंसल लुंड को अंदर बहार करते हुए) चुप साली

एंटी कासी हुई छूट है तेरे और तुन अपने आप को भुधि कह रही haii………..aaj तो साडी

रात तेरे इस छूट मैं लुंड पेल -2 कर इसका भोसड़ा बनुगा…….

मुन्नी बाई भी मस्ती मैं अपनी गांड को ऊपर के तरफ उछाल रही thee……aur संजू

पीछे से देखें लगते हुए अपने हाथ के दो उंगलयों को नूरी के छूट के अंदर

बहार कर रहा था….

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.दोनों किसी रांड के तर्हां मस्ती मैं सिसाय रही thee….poora

कमरा उन तीनो के मादक और कामुक सिकसेरों से गूंज रहा tha….Munni बाई ने अपनी

दोनों बाँहों को नूरी के पीठ पर कैसा हुआ था……..

संजू कभी नूरी के छूट मैं लुंड दाल कर पलटा और कभी मुन्नी बाई kee……..Munni बाई

कुछ देर बाद झाड़ कर ढेर हो gaye……wo उठ कर नूरी के बगल मैं लेत

gaye…….Sanju ने नूरी को पीठ के बल लेता कर उसकी टांगों को उठा कर अपने

कंधो पर रख laya……..Munni बाई ने झुक कर नूरी के होंटो पर अपने होंटो पर रख

daya…….aur उसके होंटो को चूसते हुए, एक हाथ नीचे लेजाकर उसके छूट के

भंगास को मसलने लगी……

मुन्नी बाई के इस तर्हां करने से नूरी एक दम मस्त हो gayee………”ahhhh दाल ना

बहनचोद मेरे फुद्दी मैं लुँड्ड्ड अह्ह्ह” संजू ने अपना लूना नूरी के छूट के

छेद पर टिका कर अपनी गांड को नीचे तरफ दबना चालू कर daya……Sanju का लुंड

अगले ही पल कॉमर्स बहा रही नूरी के छूट के गेहरों मैं समां गया………

नूरी : अह्ह्ह्ह भर दिए मेरी छूट को अपनी बीज सीईए ओह्ह्ह्हह मेरे कोख

भर दिए साली हरामी ओह्ह्ह्हह्ह्ह्ह

ये सुनते ही संजू ने अपने लुंड को पूरी रफ़्तार से नूरी के छूट के अंदर बहार

करना शुरू कर दया….. मुन्नी बाई उसके छूट के डेन को मसलते हुए संजू के मोठे लुंड

को अपनी बेटी के छूट मैं अंदर बहार होता देख रही thee……..”haan छोड़

साली पहाड़ दिए इस चैनल के छूट को ओह्ह्ह्हह बड़ा मोटा केला है री

tera…….mere bźte कितनी खुशकिस्मत है…………”

नूरी : हैं मा दिल करता है पूरे रात इसका लुंड अपनी छूट मैं लेकर लेती

rahun…ohhh पहाड़ देर मेरे छूट हरामी ओह्ह्ह्हह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह और जोर लगा

नाआ साले ohhhh…..bus मेरे पानी छोटाने वाला hai…..ohhhhhh और अंदर तक

डाललललल………

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नूरी ने अपनी टांगों को संजू कन्धों पर रख कर ऊपर उठा रखा tha…..jise

संजू का लूना झाड़ तक आसानी से उसकी छूट के गेहरों मैं उतर कर उसके बच्चेदानी

से तकर रहा tha…….Noori झड़ने के बेहद करीब thee…..uska पूरा बदन

आकड़ें लगा……….

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और उसका बदन झटके कहते हुए झड़ने लगा… छूट के

दीवारों ने लुंड को अपनी गिरफत मैं कसना शुरू कर dya…….aur संजू के लुंड गरम

खोलता हुआ लावा निकल कर नूरी के छूट के दीवारों को सरोबार करने laga…..Noori

के छूट का मुँह बिलुल ऊपर के तरफ tha…….aur वो अपनी छूट के दीवारों से संजू

के लुंड का पानी बह कर अपने बच्चेदानी के तरफ जाता हुआ महसूस कर रही

thee……..uska होंटो पर संतुस्ती से भरी मुस्कान फेल gaye……..Agli सुभे नूरी

और संजू अपने गाओं के लये रवाना हो gaye…..dophar तक दोनों घर पहुँच

gaye…..jaise दोनों घर के अंदर ए, संजू के नज़रे दरवाजे के ऊँट से उसकी तरफ

देख रही प्रेमा से जा takraye……jaise ही दोनों नज़रें अप्प्स मैं मिल कर चार

हुई, प्रेमा शर्मा कर पीछे हैट gaye….aur अंदर चली gaye…..ye देख संजू के


होंटो पर मुस्कान फेल गए…….
 
99

इधर जंगल में..... जब चंदा की सास और उसकी दोनों ननद की मुलाक़ात जब एनाकोंडा 🐍 से हो जाती है.....

चंदा की सास - हायययय रामम.... सांप 🐍....

सीता - गीता - हां... माँ... ये तोह बहुत बड़ा वाला सांप है एनाकोंडा 🐍......

वोह एनाकोंडा इन तीनो को देख के अटैक करने की कोशिश करता है...... जिससे तीनो अपनी जान बचा के भागने लगती है.....

लेकिन चंदा की सास का पेअर एक पत्थर से टकरा जाता है और वोह गिर जाती है..... पत्थर से टकरा जाने के कारन वोह चल नहीं पाती.... और एनाकोंडा🐍 उसके बेहद करीब आ जाता है....

चंदा की सास - बेटियों.... तुम दोनों जाओ यहाँ से.... मई तोह समझ चुकी हु की अब मेरा अंत आ गया है.... तुम अपनी जवानी मेरे लिए मत बर्बाद करो..... तुम दोनों जाओ और भाग जाओ वार्ना ये एनाकोंडा तुम्हे भी खा जायेगा.... जाओ.... अभी वोह इतना hi बोल पायी थी की एनाकोंडा ने उसको अपना बड़ा सा मुँह खोलके गपक लिया.... ये देख के दोनों की गांड फट गयी और दोनों तेज़्ज़ी से भागते हुए जिस रस्ते से आयी थी उसी रस्ते में वापस जाने लगी....

जहा वोह सरदार से टकरा गयी...

सरदार इन दोनों को देख गुस्से में आग बबूला हो जाता है...

सरदार - अब क्या लेने आयी हो यहाँ.... मेरा सारा कबीला तोह जला दिया तुम लोगो ने.... अब भी तुम लोगो को चैन नहीं मिला क्या...

सीता और गीता रट हुए सरदार को साड़ी बात बताने लगी....

सरदार अपनी प्रेमिका की मौत सुनके भावुक हो गया... और उसका दिल पसीज गया....

सरदार - न... न... रट नहीं.... तुम दोनों ये मत समझो की तुम्हारी माँ के जाने के बाद तुम्हारा इस दुनिया में कोई नहीं है... न. न... ऐसा न सोचा... मई हु तुम्हारा... मई रखुगा तुम दोनों का ख्याल मई करूँगा तुम्हारे साथ चुदाई मई बनाऊंगा तुम्हे बीवी..

ये सुनके दोनों की गांड फट गयी...

सीता -गीता - पर आप तोह हमारे माँ के प्रेमी है न तोह हम आपके बेटी जैसे हुए...

सरदार - नहीं.. नहीं... प्रेमिका की बेटी की छूट मारने में जो मजा है वोह मई नहीं छोड़ सकता... माँ मुझे नहीं मिली तोह क्या हुआ उसकी बेटी से मई काम चलाएगा.... तुम दोनों को अपनी बीवी बना के तुम्हारी बुर में आग सुलगायेगा और ज्यादा भगाएगा... हिहि... 😁

सरदार ने दोनों को अपने एक एक बाजू में जकड लिया और अपने साथ ले गया..... दोनों ने भी सोच लिया की इस जंगल में सेफ रहने के लिए उन्हें सरदार की बात मान नई पड़ेगी इसलिए वोह दोनों भी सरदार की बीवी बनने को राज़ी हो गयी.....

शाम का samaye…….jab संजू घर के कुछ काम निपटा कर नदी के तरफ जा रहा

tha…..usne नदी के किनारे लैला को dekha…..Sanju को देखते ही लैला के आँखों

मैं चमक आ gaye……par उसने अपने चहरे से जाहिर नहीं होने दया की, वो

उसको देख कर भोत खुस hai…..usne अपने चहरे पर बनवाती गुस्सा दिखते हुए,

मुँह को दूसरी तरफ घुमा लाया…..

संजू: काया हाल kaki…….mujse नाराज़ हो……

लैला: ठीक hun…..tun मेरा काया लगता है की, मैं तुजसे नाराज़ हों……

संजू: ना काकी ऐसे बातें कर मेरा दिल ना धुको…..

लैला: accha…..agar तुन मेरा कुछ लगता तो , मेरे लये

rukata……lekin तुन उस चैनल के छूट के चाकर मैं उसके साथ चला गया……

संजू: अच्छा तो यी बात hai…….theek अगर तुमको ऐसा लगता है तो, इसमें मैं काया

कर सकता hun….akhir नौकर hun.aur अगर सेठ के बात नहीं मंटा, तो काया करता…

तुम ही बातो तुम उनका कहना ताल सकती ho….chalo चोरो जाने do…..tumhe तो मुझे

पर विशवास ही नहीं है……

ये कह कर संजू अग्गे के तरफ बढ़ने laga…….Laila के होंटो पर तेज मुस्कान फेल

gaye….ussne संजू का हाथ पकड़ laya…….”arrye वाह एक तो गलती और ऊपर से

मुझपर ही गुस्सा दिखा रहा hai…..chal उधर जा झाडयों के taraf…….main थोड़ी

देर मैं आती हूँ…….” ये कह कर लैला ने संजू का हाथ चोर दया. और संजू घनी

झाडयों के तरफ चला gaya……wo झाडयों के बीच ऐसे जगह बेथ gaya….jahan

पर किसी के नज़र न पहुंचे…..

थोड़ी देर बाद लैला ने चारो तरफ नज़र दौड़ाई, कोई दूर -2 तक नज़र नहीं आ रहा

tha….aur फिर वो भी उसी तरफ बढ़ gaye…..jab लैला संजू के पास पहुंची, तो उसकी

आँखों मैं चमक भर गए….

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संजू अपना पिज्म सरका कर नीचे बैठा हुआ,

अपने लुंड को सहल रहा tha……Laila ने संजू के मोठे लुंड के तरफ देखते हुए,

अपने होंटो पर जीभ फेरते हुए बोली….

लैला: अरे इस हाथ से क्यों हिला रहा है, मेरे होते हुए, देख अभी कैसे इसको खड़ा

करती हूँ…..

ये कह कर लैला संजू के पास आकर बेथ गए, और झुक कर उसके लुंड को अपने हाथ

मैं पकड़ लाया….

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फिर उसने अपने उंगलयों से उसके लुंड के सुपड को सलहते हुए,

उसके सुपड को अपने होंटो मैं दबा कर चूसना शुरू कर daya……..Laila पागलो के

तरह उसके आधे जायदा लुंड को मुँह मैं लेकर चूस रही thee…..uske मुँह से

थूक निकल कर संजू के अंडकोष के तरफ जा रहा था…….

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और संजू मस्ती मैं ऑंखें बंद कए हुए, अपने दोनों हाथों से लैला के सर को

पकड़ कर अपनी कमर हिला कर उसके मुँह को छोड़ रहा tha….aur लैला उसके लुंड को

मुँह मैं लाये हुए अपनी जीभ को नोकदार बना कर उसके लुंड के सुपड को कुरेद

रही thee…….Sanju इस चूसै से एक दम मस्त हो गया tha….usne लैला के सर को

पकड़ कर ऊपर khencha…..jisse संजू का लुंड झटके खता हुआ, उसके मुँह से

बहार आ gaya…..Laila समाज गए की ,अब्ब संजू छोड़ने के लये बिकुल तैयार है…….

वो जल्दी से संजू के पैरों के ऊपर दोनों तरफ पाऊँ करके उसके लुंड के ठीक

ऊपर आ gaye….Sanju ने अपने लुंड के सुपड को उसके छूट के छेद पर लगा कर

लैला के आँखों मैं dekha….Sanju का इशारा समजते ही,

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लैला ने अपनी छूट को

उसके लुंड पर दबाना शुरू कर daya…..luna का सुपड लैला के छूट के छेद

फैलते हुए अपना रास्ता बनाने लगा…….

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लैला के छूट के दीवारें संजू के लुंड पर एक दम कासी हुई thee……aur संजू का लुंड

लैला के छूट से बुरी तरह रगड़ खता हुआ अंदर बहार हो रहा tha…..”ohhhh

मुजी तेरे और तेरे लौड़े के भोत याद ए मेरे raja……ohhh तीन दिन से तेरे लुंड

के बारे मैं सोच-2 कर ये अपना पानी बहा रही hai….ahhhh अह्ह्ह छोड़ड़ड़ड़ नाआ

मुजीब हरामी ओह्ह्ह्हह्ह तेरा लुंड हैई यान मुंसल ओह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्ह”

संजू: हाँ काकी मुजीई भी तेरे छूट के भोत याद ayeeee….aise कासी हुई छूट

के लये कोण दीवाना नहीं हो sakta…….ahhhhhhh लिए साली और लिए पूरा अंदर ली

ओह्ह रांड…..

लैला: अह्ह्ह रांड बोलता है मुजीई अह्ह्ह्हह तो चले छोड़ ना मुजीई रांड के

तरह ओह्ह्ह्ह ओह्ह अह्ह्ह्हह

दोनों के सांसे अब्ब पूरे तेजी से चल रही thee…..Laila अपने भरी बरकम चूतड़ों

को ऊपर के और उछाल कर फिर से संजू के लुंड पर अपनी छूट पटक कर संजू का लुंड

झाड़ तक पूरा झाड़ तक छूट मैं ले लेती.

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और लैला के मस्त गांड के साथ संजू के

बॉल्स चिपक jate……gaon से दूर झाडयों मैं छिपे हुए दोनों वासना का नंगा खेल

रहे थी………

संजू नीचे से कमर हिलाते हुए, बेरहमी से लैला के दोनों बड़ी-2 चुच्यों को

दोबाच -2 कर मसल रहा tha…….Laila के चेहरा कामवासना के कारन एक दम लाल

सुर्ख होकर देहक रहा tha……aur संजू अपना एक हाथ पीछे ले gaya….usne लैला

के गांड के दरार मैं अपनी उंगलयों को घूमना शुरू कर daya…..Laila के बदन

मैं सिहरन दौड़ gaye…….aur वो और तेजी से अपनी गांड हिलाते हुए अपनी छूट को

संजू के लुंड पर पटकने लगी…

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संजू भी पूरी मस्ती मैं आकर अपनी गांड को ऊपर के और उछलते हुए, अपने

लुंड को झाड़ तक लैला के छूट के गेहरों मैं पहुंचा रहा tha……Sanju के लुंड

का गरम सुपड लैला को अपनी छूट मैं महसूस हो रहा tha…..aur वो उससे आनद

के चरम सीमोन तक पहुंचा रहा tha…..Sanju ने लैला के गांड के दरार मैं

अपनी उंगलयों को घूमते हुए, अपनी एक ऊँगली को उसके गांड के छेद अंदर डालना

शुरू कर दया…..

जैसे ही संजू के थोड़ी से ऊँगली लैला के गांड के अंदर gaye……Laila एक दम से

सिसाय उठी, और पागलो के तर्हां संजू के लुंड पर कोडेन lagee……...”haye हरामी

गांड तो मरने का इरडा नहीं है तेरे….”

संजू: तुन देंगे अपनी गांड मैं लोढ़ा डालने………

लैला; (संजू के लुंड पर अपनी छूट को जोर जोर से पटकते हुए)

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दाल लेना मेरे राजा ये

गांड मैं सिर्फ तुझको ही दूंगी ओह्ह्ह ओह्ह्ह्ह अभी तो बस मेरे छूट के प्यास बजा

दिए…….

लैला का बदन एक दम से आकड़ें laga……aur लैला के छूट ने अपना लावा उगलना

शुरूआती कर daya…..Sanju के लुंड से वीर्ये का बौछार होने lagee………dono तेजी से


हांफते हुए झड़ने लगी…
 
100

इधर घर में ठंडी के कारन सभी आग सेक रहे होते है...

मल्टी - जा मेनका बिटिया...

बुआ जी को भी जा बुला ले, आग सेकने के लिए...

मेनका - जी माजी अभी जाती हु....

मेनका उठ के बुआ जी को बुलाने चली जाती है....

मेनका बुआ जी को दिए गए कमरे की तरफ जा रही होती है.....

मेनका - बुआ जी.... बुआ जी....

बुआ जी जो अंदर टीवी 📺 पे कुछ देख रही होती है...

बुआ जी - हआ.....

मेनका रूम के अंदर पहुंच जाती है...

मेनका - बुआ जी क्या कर रहे हो आप...??

बुआ जी - मई.... !! मई तोह टीवी 📺 देख रही हु... तुम बताओ तुम यहाँ कैसे...??

मेनका - ... वोह बुआ जी आपको है न, मल्टी माजी बुला रही .....

बुआ जी - अच्छा.... तू चल मई आती हु....

मेनका - अच्छा...

मेनका जैसे हे जाने के लिए घूमती है.... उसकी नज़र रूम में लगे मिरर पर पड़ती है...

मेनका ( मैं में) - ये मिरर में.... ************ ऐसा कैसे हो सकता है .....

बुआ जी - क्या हुआ बेटी....

मेनका - कुछ नहीं....

बुआ जी - तुम जाओ मई टीवी बंद करके आती हु...

मेनका -जी...

मेनका वह से चली गयी....

एक एक कर अपने -2 कमरों मैं जा चुके thee…..par आज रात नूरी तै के आँखों से नीड

कोसो दूर thee…..apne मायके मैं जिस तर्हां उस्सने चुदाई का खुला आनद लाया

tha…..wo अब्ब यहाँ नहीं मिलाने वाला था……

यही सोचते हुए, नूरी तै अपनी छूट मैं सुलग रही आग के बारे मैं सोच रही

thee…..dusri तरफ संजू घोड़े बेच कर सो रहा tha……pichle कुछ दिनों से वो रात

को काम ही सो पाटा tha……raat के करीब 1 बजे संजू पेशाब लगाने से उठा,, और

कमरे से बहार आकर बाथरूम के तरफ badha…..yahan अक्सर घर के औरतें

नहाती थी…….

जैसे ही संजू उस बाथरूम के पास phuncha……usse अंदर से किसी के कदमो के

खिसकने के आवाज़ ए, उसने सोचा शायद अंदर कोई है, और वो वही रुक gaya…aur

इन्तजार करने laga…..thodi देर बाद बाथरूम से दीपा बहार निकली, और सामने

खड़े संजू को देख कर एक बार तो वो घबरा गए…. पर जब उसने अँधेरे मैं

संजू के चहरे को देखा, तो उसने शर्म कर अपने नज़ारे झुका lee……aur घर

के अग्गे के तरफ जाने लगी……

संजू वही खड़ा प्रेमा को घर के अग्गे के तरफ जाता देखता raha…….jab वो अंदर

के तरफ मुड़ने लगी, तो उसने एक बार फिर पीछे पलट कर संजू के तरफ देखा…

अंदर होने के कारन दोनों एक दूसरे को दूर से ठीक से नहीं देख पा रहे

thee……par दोनों के जज़्बात अप्प्स मैं जरूर टकरा रहे थी…. प्रेमा फिर मुद

कर चली गए…..

संजू पेशाब करने बाथरूम मैं चला gaya….peshab करने के बाद जब वो

वापिस अपने रूम के तरफ जा रहा था, तब उससे नूरी तै के रूम के खिड़की जो घर के

पीछे के तरफ थी, उसमे से लालटेन के रोशनी अंदर अत्ति हुई नज़र aye…….ek पल

के लये संजू वही रुक gaya…..aur फिर कुछ सोच कर उस खिड़की के तरफ बढ़

gaya……jab वो खिड़की के पास पहुंचा, तो उसने अंदर झांकने के कोशिश की……

लकड़ी के बानी खिड़की मैं जिहृ होना आम बता है, और वो संजू को आसानी से मिल

भी gaye…..aur संजू उस झिरी से अंदर झांकने laga……wo खिड़की नूरी तै के बीएड

के बिकुल साथ thee…..matlab जिस दिवार से नूरी तै का बीएड सत्ता हुआ tha….ussi मैं वो

खिड़की thee……sabse पहले उससे नूरी तै रजाई ओढ़े दिखाई dee…..uske बाद उसने

पूरे कमरे का मुअय्यन kaya…..uske कमरे मैं नूरी तै के अल्वा और कोई नहीं

था….

संजू ने चारो तरफ एक बार देख और फिर धीरे से नूरी तै को आवाज़ dee……ek दो

बार आवाज़ दें ेके बाद नूरी तै के बीएड के हिलने के आवाज़ hui…..Sanju चुप हो गया,

और दिल थामे खिड़की खुलने का इन्तजार करने laga…….jaise नूरी तै ने खिड़की खोली,

सामने संजू को देख उसके होंटो पर मुस्कान फेल गए……

नूरी तै: तुन यहाँ काया कर रहा hai….abhi तक सोया नहीं……

संजू: वो मैं पेशाब करने बहार आया tha……aap के कमरे के लालटेन जलती हुई

नज़र ए तो देखने चला aya…..aur वैसे भी अब मुझे आपके बिना नींद नहीं

आती…..

नूरी तै: (संजू के बात सुन कर मान ही मान खुस होते हुए) क्यों नींद क्यों नहीं

आती…..


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संजू: (खिड़की के सलखो पर हाथ रखते हुए) अब्ब काया कहूं malkin…….jab तक

मेरा लुंड आपकी छूट का पानी चख नहीं leta……saala सोने नहीं deta…….aur वैसे

भी आपके बदन गरमी मैं कुछ अलग सा नासा है……

नूरी तै: (उदास होते हुए) हाँ मेरे raja….muje अब्ब तुम्हारे बिना नींद नहीं आ

रही thee….dekh ना कब से मेरे छूट मैं खुजली मची हुई है……


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संजू: तो फिर मालकिन आप कमरे का दरवाजा खोल कर rakho……main अभी अट्टा

हूँ…..

नूरी तै: अरे nahi….agge से नहीं अगर किसी ने देख लाया तो…..

संजू: तो फिर काया करूँ, मालकिन देखो न मेरा लुंड फूल कर तुम्हारी छूट मैं

जाने को बेताब हो रहा hai…..(Sanju ने पायजामे के ऊपर से अपने लुंड को मसलते

हुए कहा)

नूरी तै: (संजू के बेताबी को देख मान ही मान मुसकरते हुए) हाँ वो तो देख

रही hun…..accha रुक jara……(aur ये कह कर नूरी तै के खिड़की के बीच वाली सलाख

को ऊपर के और उठाना शुरू कर दया…)

संजू: यी आप काया रही है malkin….lohe के सलाख ऐसे थोड़ा टूटेंगे……..

नूरी तै: शहहह चुप एक पल रुक तो सही टूटेंगे नहीं तो न sahi….isme से निकल तो सकती

है ना….

और आखिर कार नूरी तै ने सलाख को आधा टेढ़ा करके गन लगी लकड़ी से निकल

daya….jisse दो सलखो के बीच मैं इतना गैप तो बन ही गया tha…..ki संजू चढ़

कर अंदर आ sake….jaise ही वो सलाख खिड़की से निकली, नूरी तै और संजू दोनों के

होंटो पर वासना भरी मुस्कान फेल gaye…..aur संजू झट से दोनों सलाखों के बीच

से नूरी तै के रूम मैं आ गया……

संजू के अंदर ऐनी के बाद नूरी तै ने उस सलाख को फिर से वहां पर हलका सा

अटका daya…phir उसने खिड़की बंद करके ऊपर से पर्दा गिरा daya…..isse पहले के

नूरी तै पीछे हटाई, संजू ने उससे पीछे से बाँहों मैं भरते हुए, नूरी तै के दोनों

चुच्यों को अपने हाथों मैं भर कर मसलना शुरू कर daya……”ahhhhh रुक तो

sahi…….main कहीं भागे थोड़ा जा रही हूँ…..”

संजू: (नूरी तै के दोनों चुच्यों को ब्लाउज के ऊपर से मसलते हुए) अह्ह्ह बस अब्ब और

रुका नहीं जाता malkin.aur आप सबर रखने को कह रही ho……sone ने अपने

देखते हुए होंटो को नूरी तै के गर्दन पर रख daya…..aur उसकी गर्दन और ब्लाउज

के ऊपर पीठ के खुले हुए हिस्से, कंधो और बाकि खुली जगह को पागलो के तर्हां

चूमने और चाटने लगा…..

नूरी तै: (मदहोशी भरी आवाज़ मैं) ओह्ह्ह्ह संजू टूजी मुज पर कोण सा जड्डू कर

दया hai…..umhhhhh सीईई अह्ह्ह्हह मैं अब्ब एक पल भीई तुम्हारी बिना नहीं रह

सकती……..

संजू: (नूरी तै के दोनों चुच्यों को जोर-2 से अपने हाथों मैं भर कर मसलते हुए)

अह्ह्ह मालकिन मैं भी तो तुम्हारे बिना एक पल नहीं रह सकता……

ये कहते हुए उसने नूरी तै को अपनी तरफ घुमा laya……Noori तै के सांसे उखड़ी हुई

thee….uski ऑंखें मस्ती के कारन बंद होती मालूम हो रही thee…..aur गुलाबी

रसीले होंठ कामवासना के कारन थरथरा रहे thee…….Sanju ने अपने हाथों को

नूरी तै के कमर मैं दाल कर उससे अपनी तरफ खेंच laya….Noori तै के गुदाज कासी हुई

चुच्यां संजू के छथि से जा टकरए……

और अगले ही पल दोनों एक दूसरे के होंटो मैं होंटो दाल कर पागलो के तरह चूस

रहे thee….Noori तै ने अपनी बहन संजू के पीठ पर कास राखी thee……aur वो संजू

के पीठ को अपने कोमल हाथों से सहला रही थी…….

संजू ने नूरी तै के होंटो को चूमते हुए, उससे बीएड पर लेता दया, और खुद उसके

ऊपर लेत gaya……Noori तै के सांसे मस्ती मैं तेज हो गए thee…….aur वो अपने

होंटो को ढीला चोर कर संजू से अपने होंटो को चुसवा कर मस्त हुई जा रही

thee……aur संजू उसके होंटो को चूसते हुए, उसके ब्लाउज के बटन को धीरे -2 खोल

रहा tha…….jaise ही नूरी तै के सरे ब्लाउज के बटन खुले, उसके बड़ी-2 गुदाज

चुहचयन ब्लाउज के क़ैद से बहार उछाल पढ़ी…..

संजू ने अपने होंटो को नूरी तै के होंटो से अलग kaya…..aur नूरी तै के आँखों मैं

dekha…..uski ऑंखें भोत मुश्किल से खुल पा रही thee…..jisme वासना का नसह

चाय हुआ tha….Noori तै के चुच्यां ऊपर नीचे हो रही thee…..jisse देख संजू के

आँखों के चमक भी बढ़ gaye…..wo किसी भूखे कुत्ते के तर्हां नूरी तै के

चुच्यों पर टूट पढ़ा…..

और अपने दोनों हाथों मैं जितना भर सकता tha..bhar कर दोनों चुच्यों को

मसलते हुए, उसके निप्पल्स पर अपनी जीभ को फिरने laga…l…Noori तै मस्ती मैं एक

दम से सिसक उठी, और उसने संजू को बाँहों मैं भरते हुए अपने बदन से चिपका

laya…..Sanju का लुंड उसके पयजामे को पहाड़ कर बहार ऐनी को बेक़रार हुआ जा रहा

था…..

नूरी तै: (मस्ती मैं सीसैट हुए) अह्ह्ह संजू सीईईईई तूने मुजी काया कर दया

hai……..ohhhh क्यों तेरे लुंड अपनी फुद्दी मैं लाये बिना मुझे नींद नहीं

aati……..main मर जाउंगी, तेरे बिना……

संजू: (नूरी तै के चुच्यों पर अपने होंटो को रगरते हुए) अह्ह्ह malkin……mera

भी तो आप जैसा हाल hai…….saala ये लुंड जब तक आपकी छूट का रास चख नहीं

leta….muje भी नींद नहीं अत्ति……

नूरी तै: हाट साली फिर तड़पा क्यों रहा hai…..daal दे अपना मुंसल लुंड मेरे

छूट main…aur खूब रगड़ कर छोड़ अपनी मालकिन को……..

ये कहते हुए, नूरी तै बीएड पर पीठ के बल लेत gaye…..usne अपने पेटीकोट को अपनी

कमर तक ऊपर उठया daya……laaltain के रोशनी मैं नूरी तै के चिकनी छूट

कॉमर्स लबाला कर चमक uthi……jisse देखते ही, संजू के दम पागल सो गया,

और नूरी तै के झांगों के बीच मैं आकर उस पर सवार हो गया….

ऊपर ात्ते ही, संजू ने नूरी तै के चुकी को जितना हो सकता था मुँह मैं भर कर

चूसना चालू कर daya…..Noori तै के पूरे बदन मैं मनो बिजली कोंध गए……

उस्सने संजू के सर को अपनी बाँहों मैं जकड कर अपनी चुच्यों पर दबाना चालू

कर daya…….”ahhhh चुसस्स साली चुसस्स ले मेरा दूध सब तेरे लाये

hai…..ohhhhh और जोर से चुस्स्सस्स अह्ह्ह्ह हननननन काट ली ओह्ह्ह्हह ढेऱीीी”

संजू नूरी तै के निप्पल को अपने होंटो मैं बीच मैं लेकर, अपनी जीभ से कुलबुलाने

laga…..Noori तै का पूरा बदन मस्ती के कारन कनाप रहा tha…..uski हलकी सिसकियाँ

उसके रूम के दीवारों से टकरा कर उसी कमरे मैं खो कर रह जा रही थी……

छूट मैं खुजली और बढ़ गए thee…..Sanju ने अपना एक हाथ नीचे लेजाकर अपने

पायजामे का नाडा खोल कर उसे नीचे सरकना शुरू कर दया……

नूरी तै ने अपनी टांगों को मोड़ कर संजू के झांगों पर पाऊँ रख कर उसके पयजामे

मैं अपने पेअर फंसा दये, और फिर उसके पयजामे को अपने पैरो से नीचे सरकते

हुए, उसके पैरो से निकल daya….Sanju का फनफनता हुआ लुंड, जैसे ही पयजामे के क़ैद

से बहार aya……..wo सीधा नूरी तै के छूट के फैंको को बीच जा पहुंचा……

जैसे ही संजू के लुंड के गरम सुपड ने नूरी तै के छूट के फांकों को छुआ,

नूरी तै के छूट मैं सरसरहाट और बढ़ gaye…..Noori तै मस्त होकर अपनी टांगों को

और पहला कर ऊपर उठा कर संजू के कमर पर कास laya……Sanju का लुंड का सुपड

नूरी तै के छूट के फैंको को पहला कर उसकी छूट के छेद पर जा laga…..Noori तै ने

अपनी मदहोशी से भरी आँखों को खोल कर संजू के तरफ देखा…..

नूरी तै: (मदहोशी और मस्ती भरी आवाज़ मैं संजू के आँखों मैं झांकते हुए)

अह्ह्ह्ह ओह्ह्ह भोत गरम ही री तेरा यी लौड़ा….

संजू: हाँ मालकिन आप की छूट भी भाटी के तरह तप रही है…..

नूरी तै: वो तो कब से फुदक रही hai..tere लुंड के अंदर लेने के लाये……

ये कहते हुए, नूरी तै ने संजू के पीठ पर अपनी बाँहों को कास लाया, और ऊपर के

तरफ अपनी गांड को उठाने lagee…..lund पर छूट का दबाव पड़ते ही, नूरी तै के

छूट के फांकें फैलाने lagee…..aur संजू के लुंड का मोटा सुपड नूरी तै के टाइट

छूट के छेद को फैलते हुए, अंदर घुसाने laga….Noori तै अपनी सांसो को थामे

हुए, तब तक अपनी गांड को ऊपर के और उठती रही. जब तक संजू का लुंड धीरे-2

नूरी तै के छूट मैं झाड़ तक नहीं समां गया…….

जैसे ही संजू के लुंड का सुपड नूरी तै के बच्चेदानी से जाकर तक्र्य, नूरी तै के होंटो

पर संतुस्ती भरी मुस्कान फेल gaye…..masti अपने चरम पर पहुंच गए……

नूरी तै एक दम कामविह्ल हो गए. मनो जैसे वो जानत मैं पहुंच गए ho….usne

अपने अधखुली और वासना से लिपट आँखों से संजू के तरफ देखा, तो उससे ऐसा

laga.mano जैसे संजू ही उसकी जिंदगी हो……

उसने अपने दोनो हाथों मैं संजू के चहरे को पकड़ कर कुछ देर के लाये उसकी

तरफ देखा, और फिर अपने थरथरा रहे होंटो को, संजू के होंटो पर लगा दया……

और उसके होंटो को चूसते हुए, अपना सारा प्यार संजू को लौटने lagee….Sanju भी

मस्ती मैं आकर नूरी तै के होंटो को चूसते हुए, धीरे-2 अपने लुंड को नूरी तै के छूट

के अंदर बहार करने लगा…..

दोनों एक दूसरे के होंटो को चूसते हुए, अपने प्यार का इजहार एक दूसरे से कर रहे

थी, और जब संजू अपना लुंड नूरी तै के छूट से बहार निकल कर दोबारा अंदर पेलता,

तो नूरी तै अपनी झांगों को पहला कर अपनी गांड को ऊपर उठा कर फिर से संजू के

लुंड को अपनी छूट मैं लेने के लये आतुर हो uthati….aur जब संजू का लुंड फिर से

नूरी तै के छूट के गेहरों मैं जाता, तो नूरी तै अपने दोनों हाथों से संजू के

चूतड़ों को दबा कर उसके लुंड पर अपनी छूट को और दबा देती…..

उसकी छूट के दीवारे संजू लुंड को अंदर ही अंदर कास कर चोर रही thee….mano

जैसे उसके लुंड को मैथ रही ho……Noori तै के छूट के गरमी को अपने लुंड पर

महसूस करके, संजू भी मदहोश हुआ जा रहा tha…..har देखे के साथ संजू के

स्पीड बढ़ रही थी


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और नूरी तै भी मस्ती मैं अपने होंटो को चुसवाते हुए, उसकी

लेह मैं अपनी गांड को ऊपर के और उछाल कर संजू का लुंड अपनी छूट के गेहरों

मैं लेने के कोशिश कर रही थी……

अब्ब संजू पूरे जोश मैं आ चूका tha…..usne अपने होंटो को नूरी तै के होंटो से

अलग काया, और उसकी झांगों के बीच बैठते हुए, तबरतोर देखे लगाने

laga…..Sanju के लुंड के टाबरोटोर देखो ने नूरी तै के छूट के दीवारों को बुरी तर्हां

रगड़ कर रख daya…..uske पूरे बदन मैं मस्ती के लहर दौड़ गए……..

नूरी तै : (अपने चुच्यों के निप्पल्स को अपने हाथों से मसलते हुए) अहह अह्ह्ह संजू

ढेरी कर ओह्ह्ह मर गयीईइ रीई ढेरी बेटा ओह्ह्ह्हह्ह अह्ह्ह्हह ुंहःहः

और भोत मजा आ रहा है संजू ओह्ह्ह्ह ढेरी बेताऑ अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्ह छोड़

मुजीब अह्ह्ह्हह्हह


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संजू: अह्ह्ह छोड़ तो रहा हूंणंन्न अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्ह

नूरी तै ने अपनी सिसकार्यों को दबाने के लये अपने होंटो को दांतो मैं बीच मैं

दबा laya….aur तेजी से अपनी गांड को ऊपर के और उछलते हुए झड़ने लगी……

संजू के लुंड ने भी उसकी छूट के दीवारों को भिगो कर रख daya….jhadne के

बाद संजू नूरी तै के ऊपर निढाल होकर गिर padha…..Agli सुभे जब नूरी तै उठी, तो

उसने पाया की उसके रूम के दूर पर कोई नॉक कर रहा tha…..bahar से बेला के आवाज़

aye……jaise ही वो उठ कर बैठी, तो उससे अपनी हालत का अंदाज़ा हुआ. उसका पेटीकोट

अभी भी झांगों से ऊपर चढ़ा हुआ tha…..aur ब्लाउज के सरे हुक्स खुले हुए

thee……..Sanju रात को पता नहीं किस समाये बहार चला गया था……

अगली सुबह ….. वनराज को सविता ने अपने मायके जाने का कहा तोह वनराज ने कहा

वनराज – देखो मुझे यहाँ काम है तुम प्रेमा को अपने साथ ले जाओ और हां संजू को भी ले जाओ वोह रहेगा तोह मुझे भी तुम लोगो की टेंशन महि होगी अगर कोई दुसमन अटैक का सोचेगा भी तोह संजू संबभाल लेगा

सविता – अच्छा ठीक है

वनराज – हां मई बोल देता हु संजू को…


वनराज संजू के कमरे की ऑर्डर गया और उसको सविता और प्रेमा के साथ जाने का कह दिया….
 
101

सविता: एक काम करो, प्रेमा को अपने साथ बाजार ली जाओ. उसस्के अपने लये

कुछ सामान खरीदना है.

.

संजू: जी मालकिन….

सविता: अच्छा तुम रुको मैं प्रेमा को बोल कर अत्ति, की वो तैयार हो जाये. पर धयान रखना जल्दी वापिस आ जाना.

संजू: जी जैसे आप कहे.

सविता रूम मैं चली गए. यहाँ पर प्रेमा अभी नाहा कर कपड़े पहन रही

थी. “जल्दी से तैयार हो जाओ, बाजार जाना है ना” प्रेमा सविता के और देखते हुए.

“पर आप तो कह रही थी के कल चलएंगे”

सविता: हाँ पर मैं नहीं जा पाऊँगी, वो संजू आ गया है, उसके साथ चली जाओ.

मुझे पता नहीं समाये मिले यान ना मिले.

जब थोड़ी देर बाद प्रेमा तैयार होकर बहार ए, संजू उससे देखता ही रह गया…. वो ब्लैक कलर के सलवार कमीज मैं क़यामत धा रही thee…..black कलर उसके गोर रंग पर भोत अच्छा लग रहा tha….Sanju को यूँ अपनी तरफ देखता

देख कर प्रेमा ने शर्मा कर नज़रे झुका ली.

संजू बिना कुछ बोले, बहार के और चल पढ़ा. प्रेमा भी उसके पीछे चलने

लगी. जैसे ही दोनों घर के बहार ए, तो संजू ने प्रेमा से पुछा. “ कहा जाना

है आपको” संजू ने आज पहली बार प्रेमा से बात की थी. संजू के आवाज़ सुन कर

वो थोड़ा सा हड़बड़ा गए..” वाओ ो बाजार जाना है, कुछ सामान लेना है मुझे”

संजू: वैसे यहाँ से बाजार जायदा दूर नहीं hai…….padial चले ?

प्रेमा: (हाँ मैं सर हिलाते हुए) हाँ …..

दोनों बाजार के तरफ पैदल चल padhe…….dono खामोसी से बाजार के तरफ बढ़

रहे थी. बाजार पहुंच कर प्रेमा ने अपने लाये कुछ खरीदारी की, और फिर वो

दोनों घर के तरफ चल पढ़े.

संजू: मैं आपको एक बात कहूं.

आज आप भोत खूबसूरत लग रही हो..

प्रेमा संजू के बात सुनकर शर्मा गए, और अपने सर को झुका कर मुस्कारने

लगी. दोनों घर के तरफ चलते हुए, एक गार्डन के सामने से गुजर रहे थी.

“चलए कुछ देर यहाँ गार्डन के अंदर घूम कर ात्ते है, भोत अच्छी जगह है.”

संजू के बात सुन कर प्रेमा के दिल के धड़कन बढ़ने lagee…usse समाज मैं

नहीं आ रहा था की, वो संजू के साथ चले यान नहीं….

प्रेमा को सोचता देख कर संजू समाज गया की, वो शायद घबरा रही है.

“चलए अगर आपका दिल नहीं है तो कोई बात नहीं. रहने दीजिये. “ और ये कह कर

संजू अग्गे बढ़ने laga…..”ruko मुझे देखना है ये गार्डन. माँ भी उसके

बारे मैं बात कर रही थी.” प्रेमा ने संजू के नाराज़ चेहरे के और देखते हुए

कहा….. और. दोनों

गार्डन के अंदर चले गए, दोपहर का समाये था. जायदातर वह के लोग उस गार्डन

मैं सुभे यान शाम को घूमने ात्ते थी, और दोपहर को गार्डेनह मैं बस कुछ

गिने चुआने लोग ही देखे जा सकते थी…….


दोनों ख़ामशी से अंदर

बढ़ाते जा रहे thee…..garden के काफी अंदर ऐनी के बाद संजू के पेड़ के नीचे

जाकर बेथ गया…..

प्रेमा गार्डेनह की अद्भुद सुंदरता को देख कर

मंतर्मुग्ध हो रही thee……wo संजू के सामने इधर उधर टहल रही थी……

और संजू प्रेमा के बदन से अपनी अंकेछण सेंक रहा tha…..thalate हुए अचानक

प्रेमा के कदम थम gaye….wo कुछ पलों के लये भूल गए की, उसके साथ संजू

भी है, जो उसी के तरफ देख रहा है….

प्रेमा कड़ी हुई जो कुछ देख रही थी, वो नीचे बैठे संजू को शायद नहीं

देखे दे रहा था. संजू वही बैठा हुआ प्रेमा के चहरे के बदलते भावों को

देख रहा था. प्रेमा के सांसे तेज चल रही थी. उसकी कासी हुई चुच्यां तेजी से

ऊपर नीचे हो रही thee…..jiss देख संजू के लुंड मैं हरकत होने लगी. प्रेमा

उसी और तक ताकि लगाए देखे जा रही thee…..Sanju एक दम से खड़ा हो गया, और

प्रेमा के पीछे आ गया.

इस बात से अनजान प्रेमा अभी भी उसी तरफ टकटकी लगाए देखे जा रही थी……


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संजू ने उसकी नज़रों का पीछा करते हुए, उस तरफ देखा जिस तरफ प्रेमा देख रही

thee…..aur संजू ने जो देख वो देख उसके होंटो पर मुस्कान फेल gaye…….unse

कुछ दूर एक पेड़ के नीचे एक लड़का और लड़की बैठे हुए थी, दोनों एक दूसरे के

बाँहों मैं समाये हुए, एक दूसरे के होंटो को चूस रहे थी…….

लड़के का हाथ लड़की के सलवार के अंदर था, और वो उसकी छूट को सहला रहा था.

लड़की मचल कर उससे लिपटे जा रही thee…..apne सामने ये नज़ारा देख प्रेमा

कुछ पलों के लये सब भूल गए थी. उसके पूरे बदन मैं अजीब से झुरझुरी

डॉउड रही thee…….tabhi उससे अपने कमर पर किसी के हाथ का अहसास हुआ, जिससे

प्रेमा एक दम हड़बड़ा gaye……usne पीछे मुद कर देखा, तो संजू उसके पीछे

खड़ा मुस्करा रहा था……

प्रेमा एक दम से शर्मा गए, उसने अपने सर को झुका लाया. प्रेमा के गोर गाल

शर्म के मरे लाल होकर दहकने lagee……..wo एक दम पीछे के तरफ भाग कर

उस पेड़ के पीछे चली गए. जिस पेड़ के नीचे संजू बैठा tha…..Prema के

सांसे अब्ब भी तेज चल रही thee.uske हाथ पौन बुरी तर्हां से कनाप रहे

thee….Sanju को इससे अच्छा मौका नहीं मिलाने वाला tha…….aur वो इस मोके को हाथ

से नहीं देना छठा tha…..wo तेज से उस पेड़ के पीछे गया, यहाँ पर प्रेमा

कड़ी तेजी से सांसे ली रही थी.

उसका पूरा बदन अनजान उत्सकता और दर के मरे कनाप रहा था. उसकी पीठ संजू

के तरफ थी…. तभी उससे अपनी कमर के दोनों तरफ फिर से संजू के हाथों को

अहसास हुआ, और उसके दिल के धड़कन थम गए. उसने अपने फेस को पीछे घुमा

कर देखा, संजू वासना भरी नज़रों से उसके बदन को घर रहा था. इससे पहले के

प्रेमा कुछ बोलती, संजू के हाथ प्रेमा के कमर से उसके पतले पेट के और बढ़ने

लगी.

प्रेमा के पूरे बदन मैं सनसनी दौड़ gaye…..uska पूरा बदन कंपनी

laga……Prema के आवाज़ उसके मुँह मैं ही बंद होकर रह gaye……uske पाऊँ तो

मनो वही जैम गए ho…..wo छह कर भी ना तो हिल पा रही थी, और ना ही

संजू को रोक पा रही thee…..Prema ने आज से पहले कभी ऐसी परस्तिथि का सामना

नहीं काया tha….jaise ही संजू ने अपने हाथों को प्रेमा के नाभि के पास लेजाकर

हल्का सा dabaya……to प्रेमा के पूरे बदन मैं मस्ती के लहर दौड़ गए…

संजू प्रेमा के हालत समाज चूका tha…..usne फिर से अपने हाथों को प्रेमा के

कमर पर रखा, और उससे अपने तरफ घुमा daya…..Prema किसी कटपुतली के तर्हां

उसकी तरफ घूम gaye……wo अपनी अधखुली आँखों से जमीन के तरफ देखते हुए,

तेजी से सांसे ली रही thee….uske गाल और कान दोनों लाल होकर देहक रहे थी……

संजू ने अपने हाथों को अब्ब उसके कमर से सरकते हुए, उसके पीठ के तरफ लेजाना

शुरू कर दया……

हर पल प्रेमा मदहोश होती जा रही thee…….uske अपने आप पर काबू नहीं

raha…..aur संजू के बहन अब प्रेमा के पीठ पर कस्ती जा रही thee…jisse दोनों के

जिस्मो के दुरी काम होने lagee…..aur जैसे ही प्रेमा को अपने चहरे पर संजू के

गरम सांसो का अहसास हुआ, प्रेमा के पूरे बदन मैं मति के लहर दौड़

gaye….Sanju ने प्रेमा को पीछे करते हुए पेड़ से सत्ता दया, पर अगले ही पल

जैसे प्रेमा को होश आया, और उसने अपन आप को संजू के बाँहों मैं क़ैद पाया….

“यी यी काया कर रहे हो तुम” इससे पहले के प्रेमा अग्गे कुछ बोल पति, संजू ने

प्रेमा को बाँहों मैं कस्ते हुए, उसके रसीले होंटो पर अपने होंटो को लगा

daya…..Prema ने अपने दोनों हाथों को उसके कंधो पर रख कर उससे पीछे

देखलने के कोशिश की, पर संजू ने उससे मजबुती से अपनी बाँहों मैं जकड़ा

हुआ था……

प्रेमा उसकी बाँहों मैं मछली के तरफ चटपटा रही thee….par उससे पीछे नहीं

हटा पा रही थी. संजू के ऊपर तो जैसे वासना का भूत सवार हो गया tha….wo

पागलो के तर्हां प्रेमा के होंटो को चूस रहा tha……kabhi वो प्रेमा के ऊपर वाले

होंटो को चुस्त, तो कभी नीचे वाले होंटो को, उसके हाथ प्रेमा के कमर पर

थिरक रहे thee…..aur अचानक उसने अपने हाथों को नीचे सरका कर प्रेमा के

सलवार के ऊपर से उसके चूतड़ों पर रख कर धीरे-2 सहलाना शुरू कर

daya…….Prema के गांड को मसलते, प्रेमा एक दम से पागल हो उठी, उसके हाथों

ने उसका साथ चोर daya….abb प्रेमा के हाथ भले ही उसके कंधो पर thee…..par

वो उससे पीछे नहीं देखल रही थी…

संजू प्रेमा के होंटो को चूसते हुए, धीरे-2 अपने हथेलिओं को उसके गांड के

ऊपर घूमते हुए सहला रहा tha…..Prema अब्ब पूरी तर्हां गरम हो चुकी थी,

और वो संजू के बाँहों मैं पिघलने लगी thee……moke फायदा उठाते हुए, उसने और

जोर से प्रेमा के रसीले होंटो को चूसना शुरू कर दया….. प्रेमा के पोरे बदन

मैं मस्ती के लहर दौड़ जाती, और वो संजू के कन्धों को और जोर से दबा देती.

संजू ने अपना एक हाथ अग्गे लेजाकर एक पल मैं उसके सलवार के अंदर घुसा

daya…..Prema के दिल ने धड़कना बंद कर daya……Sanju ने अपना हाथ सीधा उसकी

छूट के ऊपर रख daya…Prema के छूट पूरी पांये हुई thee……Sanju का हाथ

अपने छूट पर महसूस करते, ही प्रेमा के बदन ने एक जोर दर झटका खाया, और

वो एक दम से संजू ने चिपक गए. प्रेमा: अहह संजू चोर दो मुजी कोई देख लेगा

अह्ह्ह्ह (प्रेमा ने कनपटी हुई आवाज़ मैं कहा)

संजू ने प्रेमा के सलवार से हाथ बहार निकल और अपने चहरे पास लेजाकर उससे

देखने लगा. उसके उंगलयां प्रेमा के छूट से निकले काम रास से सनी हुई

thee….Prema के ऑंखें अभी भी बंद थी. और वो तेजी से सांसे ले रही

thee…..Sanju ने प्रेमा का हाथ पकड़ा, और पेड़ के नीचे बेथ गया. और प्रेमा

के खेंचते हुए, नीचे बैठने के कोशिश करना लगा..

प्रेमा मदहोस सी उसके साथ बेथ gaye…..Sanju ने अपनी टांगों को पहला कर, प्रेमा

को बीच मैं बैठा laya……”koi देख लेगा यहां” प्रेमा ने फिर से धड़कते

हुए दिल के साथ एक बार फिर kaha…….”koi नहीं आएगा यहाँ…….” संजू ने प्रेमा को

अपने बदन से चिपकते हुए kaha…….aur अपने दोनों हाथों को अग्गे लेजाकर प्रेमा

के चुच्यों को कमीज से ऊपर पकड़ कर धीरे-2 मसलने लगा…….

प्रेमा: अपनी अधखुली आँखों से संजू के हाथों के हरकत देखते हुए) ुईंहहह

एई एई कया कर रहा हो ? अह्हह्ह्ह्ह दर्द हो रहा है…….

संजू: (संजू ने अपने दहकते हुए होंटो को प्रेमा के गर्दन पर लगा दया, और

प्रेमा के मुँह से शी के मस्ती भरी सिकसरी निकल गए.) यहाँ कोई नहीं देखेगा……

मैं तुम्हें प्यार कर रहा hun.tumhen अच्छा नहीं लग रहा काया………

संजू के बात का प्रेमा ने कोई जवाब नहीं dya…..Sanju उसके दोनों चुच्यों को धीरे_2 अपने हाथों मैं भर कर मसलते हुए, उसके गर्दन पर अपने होंटो पर रगड़

रहा tha……Prema के सांसे एक बार फिर से पूरी तेजी से चलने लगी thee…..aur

वो घुटी आवाज़ मैं सिसाय रही thee……..jisse देख कर संजू के हिम्मत और बढाती

जा रही thee……usne अपने एक हाथ उसकी चुकी से हटा कर नीचे सलवार के

जबरन के तरफ लेजाना शुरू कर दया……

जैसे ही प्रेमा को इस बात का अहसास हुआ, उसने अपने सलवार के जबरन को कास के

पकड़ laya…..tanki संजू अपना हाथ अंदर ना ले जा sake……par संजू के अग्गे प्रेमा के

एक ना चली, और संजू थोड़ी से मुस्कात के बाद अपना हाथ प्रेमा के सलवार और

छड़ी के अंदर ग़ुस्सा daya……ahh क्या अहसास tha.uss कुंवारी छूट का, एक दम

ग्राम और गदराये hui…….Prema के छूट एक दम चिकनी thee……shayd उस्सने एक

दिन पहले ही अपनी छूट के बालों को साफ़ काया था……

अपनी छूट पर संजू का अहसास पाते ही, प्रेमा एक दम से मचल उठी, उसने अपने

दोनों हाथों से संजू के झांगों को दोपभाच laya……aur उसने अपनी पीठ को संजू

के छथि से सत्ता laya……..jisse संजू का होंसला हर पल बढ़ता जा रहा

tha…..Sanju ने दूसरे हाथ को नीचे लेजाकर प्रेमा के कमीज और नीचे पहनी

समीज के नीचे से डालते हुए, उसकी चुच्यों पर पहुंचा दया…….

प्रेमा के नंगी चुच्यों को महसूस करते ही, संजू का लुंड अपनी ाकुआत पर आ

गया. और पीछे प्रेमा के कमर पर जा dhansa……Sanju के लुंड के गरमी को

अपनी कमर महसूस करते, प्रेमा एक दम से सिहर उठी, उसकी सांसे और तेज हो

gaye…..hont उत्तजेना के कारन कनाप रहे thee…….Sanju ने प्रेमा के लेफ्ट चुकी को

अपने हाथ मैं लेकर धीरे से मसल दया…..

“अह्ह्ह्ह शहहह बस्स्स ुंहःहःहःह” प्रेमा एक दम से सिसकात uthi…uske ये सिसकर्यां

बयां कर रही थी की, वो कइँती गरम हो चुकी hai….phir संजू ने प्रेमा के गर्दन

पर अपने दहकते हुए, होंटो को रख कर उसके चुकी के निप्पल को अपनी उंगलयों के

बीच मैं लेकर मसलना शुरू कर daya…..Prema के निप्पल एक दम नुकले होकर

कड़क हो चुके thee…..Prema के मस्ती के कोई टिकना नहीं था…….

प्रेमा के छूट मैं सरसराहट और तेज हो गए thee……aur उसकी कुंवारी छूट

लगतार अपना कॉमर्स बहा कर लुंड को लेने के लये तड़प रही thee……madhosh हो

रही प्रेमा ने अपना सारा वजन संजू के ऊपर दाल दया tha….uska सर पीछे

लुढ़क कर संजू के कंधे पर टिका हुआ tha…..jiska फदया उठाते हुए, संजू ने एक

बार फिर से अपने होंटो को प्रेमा के रसीले होंटो पर टिका दया……

इस बार प्रेमा ने कोई विरोध नहीं kaya….aur उसने अपने होंटो को ढीला चोर कर

संजू के हवाले कर daya…..uska पूरे बदन मैं मस्ती के लेहरे दौड़ा रही

thee…..aur उसका बदन आग के तरह तप रहा tha….par संजू जनता था की, वो यहाँ

कुछ जायदा नहीं कर sakta…..Sanju अब्ब आराम से प्रेमा के होंटो को रास चूस-2 कर

पी रहा tha….aur प्रेमा भी अपने होंटो को ढीला को चोर कर संजू से चुसवाते

हुए मदहोश होती जा रही थी……

तभी दोनों के किसी के कदमो के आहत पास ात्ते हुए, महसूस हुई, दोनों एक दम से

अलग हो gaye..khade होकर अपने कपड़ो को दुरस्त करना lage…tabhi उनके पास से

एक आदमी gujara…..aur वो अग्गे के तरफ चला gaya……..donu ने चैन के सांस

lee……..”abb घर वो घर चलना चाहिए” प्रेमा ने घबराये हुए हाड़बते हुए,

संजू कहा……

संजू: हाँ chalo…ghar पर सब इन्तजार करते होंगे…..

फिर दोनों गार्डेनह से निकल कर घर के तरफ चल padhe..rasste मैं दोनों के बीच

कोई बात नहीं हुई, घर ात्ते ही, प्रेमा रूम मैं घुस gaye…..aur अपने सलवार

उतरने के बाद अपनी चढ़ी निकल कर देखने lagee……..uski पंतय नीचे से एक

दम उसके काम रस से सनी हुई thee…..jab उसने अपनी छूट के फांकों को अपनी


उंगलयों से छुआ तो उसके उंगलयां भी उसके छूट से निकल रहे पानी से लसलसा गए.
 
102

थोड़ी देर बाद जब सभी आग सेक रहे थी तब बुआ जी आती है...

बुआ जी - क्या हुआ मल्टी बेटी.... मेनका कह रही थी की तुम बुला रही हो मुझे....

मल्टी - हां बुआ जी... वोह मैंने हे मेनका को आपको बुलाने भेजा था... की आपको बुला लाये ताकि आप भी आग सेकक सके....

बुआ जी - आग... 🔥..... 😳....

मल्टी - हां.... आइये न बुआ जी बैठिये... यहाँ आग सकते सकते बातें करते है .....

बुआ जी - 😕 ा.. ा.. ा... नहीं बिटिया... तुम लोग hi आग सेक लो.... मुझे ये सब ाचा नहीं लगता.....

बिमला - ारी बुआ जी.... बैठिये न थोड़ी देर बात करिये हमसे भी.....

बुआ जी - कही और बैठ के बात करे क्या...

चंदा - यहाँ क्यों नहीं बैठ रही बुआ जी...

मल्टी - यहाँ अच्छा लग रहा है बुआ जी आग के सामने बैठने से मस्त.... गरम गरम....

बुआ जी - नहीं नहीं... यहाँ नहीं...

मेनका - क्यों क्या हुआ बुआ जी यहाँ क्यों नहीं बैठ रही आप.... कही आग से डर तोह नहीं गयी न....

बुआ जी - 😳..... नहीं... नहीं... ऐसी कोई बात नहीं है...

चंदा - तोह फिर क्यों नहीं बैठ रही बुआ जी बैठिये न....

बुआ जी - वोह क्या है न बिटिया.... आग के पास धुंआ उड़ता है और तुम लोग तोह मेरी हालत देख hi रहे हो मई हूँ एक बुढ़िया.... इस उम्र में दुआ बर्दाश्त नहीं हो पता मुझसे.... सांस लेने में थोड़ी दिक्कत होती है मई तोह बस इसलिए hi मन कर रही थी... लेकिन अब तुम लोग इतनी ज़िद्द कर रहे हो तोह चलो बैठ जाती हु....

मल्टी - सॉरी बुआ जी... और आपको यहाँ बैठने की कोई जरुरत नहीं है... आपको जहा कम्फर्टेबले हो आप वही पे जाके बैठो....

बुआ जी - शुक्रिया बिटिया....

बुआ जी चली गयी अपने कमरे में....

इधर..... रात के वक़्त

सविता को संजू का ध्यान आया.

वो कहा पर सो gaye….wo उस कमरे मैं gaye..yaha प्रेमा सोने के तैयारी कर

रही thee…..savita ने बिना कुछ बोले, एक बिस्तर को जमीन पर लगाना शुरू कर

daya…….jab प्रेमा ने सविता से पुछा की, वो जमीन पर बिस्तर क्यों लगा रही है,

तो सविता ने उससे बताया की, माँ उससे अपने साथ सोने के लाये कह रही है, और संजू

यहाँ नीचे सो jayega……Bistar लगाने के बाद सविता बहार चली गए…

पर प्रेमा का बुरा हाल था ये सुन कर वो संजू के साथ अकेली इस कमरे मैं वो तो

कुछ भी कर देगा. और मैं सुभे उससे रोक भी नहीं पाए thee….yahi सब

सोचते हुए, प्रेमा बीएड पर बेथ gaye….thodi देर बाद संजू कमरे मैं दाखिल

hua……ghar के सभी लोग अपने अपने कमरों मैं सोने के लये जा चुके

thee…..usne अंदर ात्ते ही एकक बार प्रेमा के तरफ देखा. प्रेमा का दिल जोरों से

धड़क रहा tha.....Sanju ने अंदर ात्ते ही, दूर बंद कर दया. और धीरे-2 प्रेमा

के तरफ बढ़ने laga.....prema संजू को अपने चोर नज़रों से देख रही thee....jaise

-2 संजू उसके करीब आ रहा tha....uske सांसे उत्तेजना और दर के मरे और तेज होती

जा रही थी. कुछ ही पलों मैं संजू प्रेमा के एक दम सामने उसके पास खड़ा

tha...itna पास के, प्रेमा के चलती दिल के तेज धड़कन को सुन पा रहा था.....

प्रेमा ने घबराते हुए, अपने सर को उतर कर संजू के तरफ देखा. संजू

अपने चहरे पर वासना से भरी मुस्कान लाये, उसकी तरफ ही देख रहा tha.....aur

अगले ही पल प्रेमा के नज़रे फिर से झुक gaye...Sanju ने अपने दोनों हाथों से प्रेमा

को उसके कन्धों से पकड़ा, और उससे उठाने लगा.....

संजू के हाथो को अपने कन्धों पर महसूस करते ही, प्रेमा का पूरा

बदन कनाप gaya.....usne पीछे हटाने के कोशिश की, पर संजू ने उसके कंधो

को मजबूती से पकड़ा हुआ tha.....prema किसी कटपुतली के तरह संजू के हाथों का

आदेश मानते हुए कड़ी हो गए..

उसके सांसे और तेजी से चलने lagee....apne चहरे पर प्रेमा के गरम और मस्त

कर देने वाली सांसो को महसूस करते, संजू एक दम से मस्त हो gaya.....aur अपने

होंटो को प्रेमा के होंटो के तरफ बढ़ने laga.....un रसीले और कनपटी हुए

होंटो के तरफ जिससे आज दोपहर को संजू ने जी भर कर चूसा था.....

जैसे ही प्रेमा को संजू के इरादों का अहसास हुआ, उसका पूरा बदन थार-2

कनापने laga.....abb प्रेमा संजू से नज़रे भी नहीं मिला पा रही thee....sharam

और संकोच वाश उसके ऑंखें बंद हो gaye....aur अगले ही पल संजू ने प्रेमा के

कनाप रहे रसीले गुलाबी होंटो को अपने होंटो मैं भर लाया.....

संजू के होंटो का स्पर्श अपने होंटो पर महसूस करते ही, प्रेमा के पूरे

बदन मैं मस्ती के लहर दौड़ gaye...aur वो ना चाहते हुए बी गरम होने

lagee.....uske हाथ पेअर उसका साथ छोड़ने लगी.. और संजू इस बात का फायदा उठाते

हुए, उसके होंटो को जोर-2 से चूसने laga....jab संजू प्रेमा के नीचे वाले होंठ को

अपने होंटो मैं दबा कर चुस्त, तो प्रेमा के होंटो मैं सनसनी दौड़ जाती......

प्रेमा अब अपने आप पर काबू रख नहीं पा रही thee....uske हाथ अब संजू

के कधों पर आ चुके thee....uske गाल और कान दोनों लाल सुर्ख होकर दहकने

lagee......Sanju ने अपने बाँहों को प्रेमा के कमर के गिर्द कसकर उससे अपने से

चिपका laya.....prema के ेड्याना ऊपर उठ gaye.....jo की प्रेमा के एक और बढ़ी गलती

thee....bhale ही प्रेमा पर वासना हवाई होने लगी थी......

पर उसके मान का एक कोना अब्ब भी उससे ये सब करने के लये रोक रहा tha.....par

अगले ही पल नीचे संजू का तना हुआ लुंड सीधा प्रेमा के छूट पर सलवार

केऊपर से जा laga.....prema का पूरा बदन ऐसे कनाप gaya.....jaise उसने बिजली के

नंगी तारों को छू लाया ho...usne संजू के कंधो को पीछे के और

dekhela....aurapne होंटो को संजू के होंटो से अलग कर दया.....

प्रेमा के सांसे उखड़ी हुई thee.....aur वो भोत मुश्किल से अपने आँखों को खोल

कर संजू के तरफ देख रही thee....jaise आँखों से कह रही ho....ki उससे चोर

do.....par संजू का तना हुआ लुंड जैसे अपने इरादे से पीछे हटाने वाला नहीं

tha...usse तो उस पतली से सलवार के पीछे कुंवारी के छूट के सुंगध आ गए

थी..

और उसका लुंड बुरी तर्हां फुँकारते हुए झटके खा रहा tha....jaise ही संजू का

लुंड फनफनाते हुए झटका खा कर प्रेमा के छूट के ऊपर रगड़ खता, प्रेमा बिन

जल मछली के तरह तदाहप उठती... संजू जनता था की, अब प्रेमा उससे नहीं रोक

पा gaye....Sanju ने झट से अपने अपना एक हाथ नीचे लेजाकर अपने पायजामे को खोल

कर झांगाओं तक सरका दया.....

प्रेमा शर्म के मरे नीचे नहीं देख पा रही thee.....par अब्ब उसकी हालत हर पल

और ख़राब होती जा रही thee....Sanju ने अब्ब फिर से अपने लुंड को पकड़ कर प्रेमा के

छूट के फांकों पर सलवार के ऊपर से टिका daya...."ahhhh सँजोऊ " प्रेमा

अपनी छूट पर संजू के मोठे सुपड के गरमी को महसूस करते हुए, सिसक उठी.....

जैसे प्रेमा को संजू के लुंड के सुपड के गरमी अपनी छूट के छेद पर महसूस

हुई, प्रेमा के झंगें अपने आप खुलने lagee....prema को जून मदहोस होता देख

कर संजू धीरे-2 से अपने कमर को झटका दया... संजू का लुंड प्रेमा के छूट के

छेद पर सलवार के ऊपर से रगड़ खा gaya..."ahhhh सँजोऊ" प्रेमा एक दम से

सिस्का उठी...

और उसने संजू के बाँहों को और कास के पकड़ laya....prema के होंठ कनाप रहे

thee....jisse देख एक बार फिर से संजू के मुँह मैं पानी आ gaya....aur उसने प्रेमा

के होंटो को अपने होंटो मैं लेकर फिर से चूसना शुरू कर दया.....

और अपना एक हाथ नीचे लेजाकर प्रेमा के सलवार के नदी को पकड़ कर

खेंचना शुरू कर daya.....Sanju के इस हरकत से प्रेमा एक दम से चौंक

gaye.....aur उसने अपना एक हाथ नीचे लेजाकर संजू के हाथों को पकड़ कर रोकना

शुरू कर daya....par संजू के अग्गे प्रेमा के एक ना चल रही thee...aur संजू ने

प्रेमा के सलवार के नदी को खेंच कर खोल दया....

प्रेमा को जैसे ही अपनी सलवार के जबरन अपनी कमर पर ढीली होती महसूस हुई,

उसका दिल जोरो से धड़कन laga....sanse उखाड़ने lagee..aur अगले ही पल उसके सांसे

मनो जैसे थम गए ho...Sanju ने अपना एक हाथ प्रेमा के सलवार के अंदर दाल कर

उसकी छूट के फांकों के बीच अपनी उंगलयों को चलना शुरू कर दया...

प्रेमा किसी बिन जल मछली के तरफ फड़फड़ाने lagee...."ummhhh ओह्ह्ह्ह संजू नही

ओह्ह्ह्हह्ह अह्ह्ह्हह सीईईई संजूउउ चोरर दोऊ ईई थेकक नहीं है कुछहहह हो

jayegaa...ohhhhh संजू"

पर प्रेमा के बातों और दलीलों का संजू पर कोई असर नहीं हो रहा tha..wo बुरी तरह

से उसकी छूट को मसलते हुए, अपनी उंगलयों को उसके छूट के फांकों मैं घुमा

रहा tha....prema ने अब्ब अपना बदन पूरा ढीला चोर दया tha....jab संजू अपनी

उंगलयों प्रेमा के छूट के डेन को मसलता तो, प्रेमा का पूरा बदन खड़े-2

झटके खाना लगता....

उसकी छूट से काम रास बह कर संजू के उंगलयों को सं करने laga...prema के

मदहोशी भरी अहइँ संजू को और पागल बना रही thee....Tabhi अचानक दूर पर

क्नॉच हुआ, तो दोनों एक दम से हड़बड़ा gaye....aur जल्दी से अलग हो gaye....prema

जल्दी से बीएड पर करवट के बल लेत gaye...aur उसने अपनी पीठ दूर के और कर ली...

संजू ने अपने कपड़े दुस्र्स्त kaye....aur एक बार प्रेमा को देखा... और फिर दूर

खोला, तो सामने सविता कड़ी thee...."wo संजू जरा काम tha....mere साथ

चलना...." संजू ने हाँ मैं सर हिला दया... और सविता के साथ बहार चला

गया..... संजू सविता के साथ रूम से बहार चला gaya....Sanju मान ही मान

सविता को कोस रहा tha.....par नौकर था कर भी काया सकता tha....savita के

बताया हुआ काम निपटने के बाद संजू फिर से रूम के और चला gaya....Sanju का

मान कह रहा था की, अब प्रेमा उससे कुछ नहीं करने देगी....

जैसे ही संजू रूम मैं दाखिल हुआ तो, उसने देख प्रेमा अभी भी वैसे ही

करवट के बल लेती हुई thee....Sanju के कदमो के आहत सुन कर प्रेमा ने वैसे ही लेते

-2 अपने फेस को घुमा कर दूर के तरफ देखा. और उसके नज़रें संजू के नज़रों से

जा takrye...prema उससे अंकेछण नहीं मिला paye.....aur उसने फिर से अपना फेस के

अग्गे के तरफ घुमा लाया.....

संजू के होंटो पर मुस्कान फेल gaye...usne दूर को अंदर से लॉक kaya....aur बीएड

पर करवट के बल आकर लेत gaya....wo धीरे खिसक कर प्रेमा के साथ एक दम से सात

gaya....Sanju के बदन को अपने पीठ पर महसूस करते ही, प्रेमा के

सांसें एक बार फिर से तेज हो गए....

संजू का तना हुआ लुंड प्रेमा के चूतड़ों के गोलियों पर रगड़ खा रहा tha....jisse

महसूस करते ही प्रेमा के पूरे बदन मैं बिजली से कोंध gaye....usne अपने

हाथों से बीएड शीट को दबोच laya...aur उसके मुँह से मस्ती भरी आह

निकल गए.....

संजू ने अपना एक हाथ अग्गे लेजकर प्रेमा के पेट पर रख कर धीरे-2 घूमना

शुरू कर daya....Sanju के हाथ के ताल पर प्रेमा का पूरा बदन थरथराने

laga.....aur संजू उसके पेट को अपने हाथों से सहलाते हुए धीरे-2 फिर से सलवार के

जबरन के तरफ बढ़ने laga...aur साथ ही उसने अपने दहकते हुए होंटो को

प्रेमा के नैक पर लगा दया......

"अह्ह्ह्हह संजू सीईईई" प्रेमा एक दम से सिसक uthi....jaise ही संजू का हाथ प्रेमा के

सलवार के जबरन तक पहुंचा, तो संजू एक दम से दांग रह gaya....prema के सलवार

का नाडा अभी भी खुला tha....aur उसकी सलवार उसकी कमर पर एक दम से ढीली

thee....ye महसूस करते ही, संजू का लुंड एक दम से फुंकार उठा....

संजू ने प्रेमा के कमर मैं हाथ दाल कर उससे अपने तरफ घूमते हुए, पीठ के

बल लेता daya.....samane प्रेमा ऑंखें बंद कए हुए तेज से सांसे ली रही

thee....wasna के कारन उसके पूरा चेहरा लाल होकर देहक रहा tha.....uski गुदाज

चुच्यां उसके सांस लेने से ऊपर नीचे हो रही थी.....

ये सब देख कर संजू मनो जैसे पागल हो gaya.....usne प्रेमा के कमीज को नीचे

से पकड़ झटके से ऊपर उठा daya....prema के 32 साइज के चुकाया उछाल कर बहार

आ gaye....prema अपनी सनसनी थामे ऐनी वाले पलों का इन्तजार कर रही thee....usne

अपने दोनों हाथों से अपने सर के नीचे रखे तकए को दबोच रखा था...... पिंक

कलर के निप्पल जो एक दम तने हुए thee...unhen देखते ही संजू का लुंड पजेमे

मैं झटके कहते हुए बहार को ऐनी के उतावला होने laga......Sanju ने अपने पायजामे

को नदी को खोल कर पायजामे को निकल कर बीएड के नीचे फ़ेंक daya....aur खुद

प्रेमा के ऊपर झुक कर उसकी चुकी को मुँह मैं भर कर चूसने laga.....apne

निप्पल पर संजू के जीभ को महसूस होते ही, प्रेमा एक दम से सिहर उठी....

उसने अपने होंटो को डेंटन मैं भींचते हुए मादक आवाज़ें निकलना शुरू कर

daya......aur अपने सर के नीचे रखे तकए को और जोर से अपने हाथों मैं लेकर

दबना शुरू कर daya...."umhhh सीईई संजू अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह मुजीबी मुजीईई कुछ

हो रहा हैई ओह्ह्ह्हह बुस्स्सस्स्स्स करूऊ अह्हह्ह्ह्ह संजू"

संजू ने अपने मुँह को उसके निप्पल से हटाया और प्रेमा के चहरे के और देखते

हुए bola......"kaya हो रहा हैई प्रेमा jeeee.....accha नहीं लग रहा काया ? बोलो मजा

आ रहा है ना" और एक बार फिर से संजू ने प्रेमा के निप्पल को अपने होंटो मैं

भर कर चूसना शुरू कर दया. प्रेमा का बदन एक बार फिर से थरथरा

utha.....poore बदन मैं मस्ती और वासना के लेहरिये दौड़ गए......

प्रेमा: सीईईई सँजोऊ बस्स्स नाहीइ ओह्ह्ह्हह संजू भोत अछाअअअ लग रहा हैईईई

ओह्ह्ह्हह्ह मुजीब काया हूँ रहा ही ओह्ह ओह्ह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह सीईई ुंहःहःहःहः......

प्रेमा अब्ब पूरी तरह गरम हो चुकी thee.....neeche संजू का तना हुआ लुंड अब्ब

उसके छूट के ऊपर और नाभि के नीचे पेट पर रगड़ खा रहा tha.....Sanju

नेप्रेमा के निप्पल को चूसते हुए, अपने दोनों हाथों को नीचे लेजाकर प्रेमा के

सलवार को दोनों तरफ से पकड़ कर नीचे सरकना शुरू कर दया....

प्रेमा के सलवार उसके चूतड़ों से अटकती हुई, नीचे सरक gaye....aur जैसे ही उसकी

सलवार उसकी झांगों तक aye....Sanju घुटनो के बल सीधा बेथ gaya....aur उसकी

सलवार को उसके पैरों से निकल कर बीएड के तरफ रख daya....abb प्रेमा के बदन पर

सिर्फ कमीज ही थी... जो उसके चुच्यों के ऊपर तक चढ़ी हुई थी....

जैसे ही प्रेमा के बदन से उसकी सलवार अलग hui.....prema ने सहरमा कर अपनी

झांगों को बीच laya....uske दोनों टाँगें घुटनो से मोदी हुई thee.....aur टांगों

के अप्प्स मैं सटे होने के कारन प्रेमा के छूट के फांकों के पतली से लकीर

नीचे से साफ़ नज़र आ रही thee....Sanju ने प्रेमा के टांगों को पकड़ कर अपने

कंधे पर रख daya....jisse से प्रेमा के गोल गांड बीएड से थोड़ा सा ऊपर उठ

गए.. और प्रेमा के छूट के फांकों के लेकर संजू के सामने भोत ही कामुक

नज़ारा पेश कर रही थी....

संजू को अपने लुंड के नसों मैं खून का भाव और तेज होता महसूस हो रहा

tha....usne प्रेमा के झांगों के नीचे वाले हिस्सों को चूमते हुए, अपनी एक ऊँगली

को प्रेमा के छूट के फांकों मैं आहिस्ता से घुमा daya......"ahhh संजूउउउ

मुजेसी सीए सहनननन नहीं हो रहा हीी" प्रेमा एक दम से सिसक uthi....abb संजू

एक पल के लये भी देर नहीं करना छठा tha.....usne धीरे-2 उसकी टांगों को अपने

कंधे से नीचे utara....aur उसके अप्प्स मैं सटी हुई झांगों को धीरे-2 खोलना

शुरू कर दया....

प्रेमा अपनी छूट को संजू से छुपाये रखें के लये अपनी झांगों को भेंचने

मैं जोर लगा रही thee....par अब्ब भोत देर हो चुकी थी... अब्ब तो उसकी छूट के

फांकें भी संजू के लुंड के गरमी का अहसास पाने के लये फुदक रही थी....

और संजू ने धीरे-2 प्रेमा के झांगों को खोल daya....uff काया नज़ारा था

samane.....ek दम कासी हुई छूट, दोनों फांकें अप्प्स मैं सटी hui....jo मुश्किल से

थोड़ा खुल रही thee...jo शायद प्रेमा के छूट मैं हो रहे संकुचन के कारन

हो रहा tha....aur उस्सकी छूट से काम रास बह कर नीचे उसके गांड के

छेद के तरफ जा रहा था....

प्रेमा इतनी मस्त हो चुकी thee...ki उसके गांड अपने आप ऊपर के और उठाने

lagee....jisse उसकी छूट संजू के लुंड के मोठे के सुपड पर दबाने lagee.....aur

संजू के लुंड का सुपड प्रेमा के छूट के फांकों को फैलता हुआ अंदर के और

घुसाने laga....aur जैसे ही संजू के गरम सुपड ने प्रेमा के छूट के गुलाबी

छेद को छुआ, तो वो एक दम सिसक उठी....

प्रेमा: अह्ह्ह सीईई संजू ुंहःहःह भोटा माजा आए रहा haii....karooo नाआ

अह्ह्ह संजू.....

संजू: (प्रेमा के होंटो से अपने होंटो को अलग करते हुए) काया करू प्रेमा जी.....

प्रेमा: (संजू के बात सुन कर प्रेमा एक दम शर्मा gaye...aur एक हलाकि से

मुस्कराहट उसके होंटो पर फेल गए....) अह्ह्ह्ह अब्ब ऑर्डर बरदस्तटत नहीं हो रहा

है.....

संजू: (प्रेमा के दोनों चुच्यों को मसलते हुए) अह्ह्ह बोलो ना काया करूँ....

प्रेमा: अह्हह्ह्ह्ह छोड़ो मुजीई.......

उधर नीचे संजू के लुंड का दहकता हुआ सुपड प्रेमा के छूट के छेद पर रगड़

खा रहा tha.....aur प्रेमा वासना के सागर मैं डूबती जा रही thee....abb वो और

मस्त होकर सिसाय रही thee...Sanju ने अपने लुंड को ठीक प्रेमा के छूट पर सेट

kaya.....aur प्रेमा के कानो के पास अपने होंटो को लेजाकर कहा....

संजू: प्रेमा जी पहली बार छुड़वा रही ho........thoda दर्द होगा..

प्रेमा: अह्ह्ह्ह मुजीब अब्ब्ब्ब और इंतजार नहीं हो रहा.....

संजू ने घुटनो के बल बैठते हुए प्रेमा के टांगों को खोल कर घुटनो से मोड़ कर

ऊपर उठा daya....aur एक जोर दर देखा mara...Sanju का लुंड प्रेमा के छूट के टाइट

छेद को फैलता हुआ अंदर घुसते हुए, उसके कुंवारे पान के सील के तोड़ कर आधे से

जायदा अंदर जा ग़ुस्सा.....

प्रेमा: अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह maaaaaaaaaaa .......

प्रेमा एक बदन मैं एक दम से दर्द के तेज लहर दौड़ gaye….usse अपनी छूट का

छेद एक दम पहला हुआ महसूस कर रही thee….aur उससे लग रहा था जैसे इस दर्द

से उसकी जान ही निकल jayge….par किसी तरह से प्रेमा ने अपनी आवाज़ को दबा लाया

tha…..jisse उसके दर्द भाई आवाज़ उस कमरे मैं ही घुट कर रह गए….

प्रेमा: ओह्ह्ह माआआआ भोत दर्द हो रहा hai……Sanju बहार निकालो इससे….

संजू: सीई चुप karo…kuch नहीं hogaaa..thodi देर सबर karo.phir सब ठीक हो

जायेगा….

प्रेमा: (रुंआसी आवाज़ मैं) अह्ह्ह्ह नहीं मुजसे बर्दास्त नहीं हो raha….ise बहार

निकल lo…bhot दर्द हो रहा है…..

संजू ने प्रेमा के आवाज़ को दबाने के लये उसके होंटो को अपने होंटो मैं भर

laya…aur उसके दोनों निप्पल को अपने हाथों को उंगलयों मैं धीरे-2 मसलने

laga……har पल प्रेमा का दर्द काम होता जा रहा tha…..aur उससे संजू के लुंड के

गरमी अपनी छूट मैं भोत अनाददायिक लग रही थी….

जब संजू ने प्रेमा के होंटो से अपने होंटो को अलग काया, तो उसने प्रेमा के चहरे

के तरफ dekha…..prema के ऑंखें बंद thee….aur उसके चहरे पर अब दर्द के

भाव थी……

संजू: अभी भी भोत दर्द हो रहा है काया ?

प्रेमा: हाँ पर अब्ब काम है……

ये सुन कर संजू के होंटो पर मुस्कान फेल gaye…..aur उसने झुक कर प्रेमा के

चुकी को मुँह मैं भर laya….aur उसके निप्पल के चारो और जीभ घूमते हुए,

उसके चुकी को जोर-2 से चूसने laga….prema के पूरे बदन मैं सिहरन दौड़

gaye….uska पूरा बदन एक बार फिर से मस्ती मैं कंपनी लगा…..

प्रेमा: : अह्ह्ह्ह संजूउउ सीईई अह्हह्ह्ह्ह भोत अच्छा लग रहा हैई ओह्ह्ह्हह्ह

अब्बब्बब्बब्ब डरडडडडड नहीं हो रहा ……ओह्ह्ह्हह्ह संजूउउउउ….

प्रेमा के बातें और सिसकियाँ इस बात का इशारा था की, अब वो छुड़ाने के लये पूरी

तरहनह से तैयार hai…uski छूट के दीवारे संजू के लुंड को अंदर ही अंदर मसल

रही thee…..aur प्रेमा अपनी छूट के दीवारों पर संजू के लुंड को महसूस करके

सिकौर और फेल रही थी…..

संजू के लुंड का अहसास प्रेमा को अपनी छूट के अंदर सवर्ग का अहसास करा रहा

tha….uski गांड अपने आप ही ऊपर नीचे होने lagee…..jaise संजू को इस बात

कर अहसास hua…..usne धीरे-2 अपने आधे से जयादा लुंड प्रेमा के छूट से बहार

निकल laya…Sanju के लुंड का सुपड प्रेमा के छूट के दीवारों से रगड़ खता हुआ

बहार ऐनी लगा……

संजू के लुंड के सुपड के रगड़ को अपनी छूट के दीवारों पर महसूस करके, प्रेमा

के पूरे बदन मैं मनो जैसे बिजली कोंध गए ho….usne अपनी बाँहों को संजू के

पीठ पर कास laya…..aur अपनी गांड को ऊपर के और उठा कर संजू के लुंड को एक

बार फिर से अपनी छूट मैं लेने के लये मचल उठी. संजू प्रेमा के इस उतावले पर

को देख कर मान ही मान भोत खुस हो रहा tha….usne भी प्रेमा को अपनी

बाँहों मैं भर कर एक बार फिर से अपने लुंड को धीरे-2 छूट के अंदर सरकना

शुरू कर दया….

संजू के लुंड के सुपड के रगड़ को एक बार फिर से महसूस करके, प्रेमा मस्ती

मैं सिसक uthi…….”ahhhhhhhh संजू भोत अच्छाआ लग रहा ही करूओ ना” प्रेमा

पागलो के तरह सिस्यते हुए, अपने होंटो को संजू के कन्धों और छथि पर रगड़ने

lagee….jisse संजू भी और जोश मैं आ gaya….aur अपने लुंड को धीरे-2 अंदर

बहार करने लगा….

संजू के हर देखें के साथ प्रेमा के पूरे बदन मैं मस्ती के लहर दौड़

jati….aur वो मस्त हो कर अपनी दोनों झांगों को पहला कर अपनी गांड को ऊपर के

और उठा कर संजू के लुंड को अपनी छूट के गेहरों मैं लेने के लये तड़प

उठती…..

संजू: (प्रेमा के छूट मैं अपना लुंड अंदर बहार करते हुए) अह्ह्ह प्रेमा जी अपनी

छूट भोत कासी हुई hai….kaya गरम फुद्दी है आपकी……

प्रेमा संजू के ऐसे गन्दी बातें सुन कर बुरी तरह झेंप gaye…..uske दिल के

धड़कन और तेज चलने lagee…..Sanju ने प्रेमा के होंटो को एक बार फिर से अपने

होंटो मैं भर laya….aur उसके होंटो को जोर-2 से चूसते हुए, प्रेमा के छूट मैं

अपने लुंड को अंदर बहार करते हुए ढकें लगाने लगा….

संजू के हर देखें के साथ प्रेमा और मस्त और गरम होती जा रही thee…uski

कमर अपने आप ही लगतार हिल रही thee….jaise संजू के लुंड को अपनी छूट के

गेहरों मैं समां लेना छथि ho….prema के हाथ संजू के पीठ को सहला रहे

thee…..jisse संजू का जोश हर पल बढ़ता जा रहा tha….aur वो और तेजी से अपने

लुंड को छूट के अंदर बहार करने laga…..prema के छूट पूरी तर्हां से पनाया

गए thee…aur संजू का लुंड प्रेमा के छूट से निकल रहे काम रास से भीग कर

आसानी से छूट के अंदर बहार हो रहा tha…..aur जब संजू के लुंड का सुपड प्रेमा

के छूट गेहरों मैं उतर कर उसके बच्चेदानी पर लगता. तो प्रेमा एक दम से

मचल uthati……aur उसके पीठ पर अपने नाख़ून को गधा देती….

प्रेमा: (संजू के होंटो से अपने होंटो को अलग करते हुए) अह्ह्ह्ह संजू चोदूओ

मुजीब अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह मुजी कुछः हो रहा हीी अह्ह्ह्हह अह्हह्ह्ह्ह सी ुम्मःहःहः

भोत मजा आ रहा हीी ओह्ह्ह्हह्हह ढेरी अह्हह्ह्ह्ह अहह ओह्ह्ह संजू मेंनननन

तुमममममसीई भोत प्यार करती हुण्णनं…..

संजू: कहा हैं मेरी रानी तुम्हीं तो अब्ब्ब मैं दिन रात छोडूँगाआ.

अह्ह्ह्हह्हह ऐसी छुट्ट्ट्ट मजा आ गयाए…..

प्रेमा अब झड़ने के बिकुल करीब पहुंच चुकी thee….abb वो भी पागलों के

तरह संजू के यहाँ वह अपने होंटो को रगड़ रही thee….aur संजू लुंड अब्ब पूरी

रफ़्तार से प्रेमा के छूट मैं अनादर बहार हो रहा tha….ek एक दीपा के पूरा

बदन आकड़ें laga….usne अपनी टांगों को संजू के कमर पर कास laya….”ahhhhh

सँजोऊ धीरे ओह्ह्ह्हह मुजीई मेरा पेशबबबब निकालें वाला हीी ओह्ह्ह्ह मैं

पागल हो जौंगीय संजू ओह्ह्ह्हह्ह”

जैसे ही संजू को पता चला के प्रेमा अब्ब झड़ने वाले hai….usne अपने देखों के

रफ़्तार को और बढ़ा daya….aur प्रेमा के छूट से लावे के नदी बह nikali….uska

पूरा बदन जोर-2 से कनापने laga….aur कमर तेजी से झटके खाने lagee…..prema

बुरी तर्हां झड़ी thee…..apne पूरे जीवन उससे ऐसे सुख के अनुभूति नहीं हुई

thee….usne संजू के सर को अपने बाँहों मैं कास laya….aur पागलो के तरह संजू के

होंटो को चूसते हुए, झड़ने लगी…

संजू ने अपने ढको को जारी rakha….aur कुछ पालो बाद उसके लुंड ने भी प्रेमा के

छूट को अपने वीयर से भर daya…..Sanju के गरम वीर्ये के बौछार को प्रेमा

अपनी छूट के दीवारों पर महसूस करके, एक दम मस्त हो gaye…..usse अपना पूरा

बदन एक दम हल्का महसूस हो रहा tha…..jhadne के बाद संजू प्रेमा के ऊपर

हे लुढ़क gaya…..aaj प्रेमा पहली बार झड़ी thee....aur उससे इस चरम आनद के

अनुभूति आज अपनी जंदगी मैं पहली बार हुई thee.....uske ऑंखें अभी भी बंद

thee....Sanju जो के अपने सर को प्रेमा के चुकी के ऊपर रखे हुए लेता हुआ

tha.....usne अपने सर को उठा कर प्रेमा के तरफ देखते हुए poocha...."prema

जी आपको अच्छा तो लगा ना ?" संजू के इस सवाल से प्रेमा बुरी तरह

झेंप gaye....abb जब वासना का भूत प्रेमा के सर से उतर चूका tha.....to

उसकी हिम्मत नहीं हो रही थी, की अपनी ऑंखें खोल कर संजू के तरफ dekhe....badle

मैं उसने सहमति जताते हुए अपने फेस को एक तरफ घुमा कर मुस्करा दया. जिससे

देख कर संजू के होंटो पर भी मुस्कान फेल गए....

संजू धीरे से प्रेमा के ऊपर से उठा और बीएड के नीचे उतर गया... प्रेमा अभी

भी ऑंखें बंद कए हुए बीएड पर लेती हुई thee....usse अपना पूरा बदन फूल सा

हल्का महसूस हो रहा tha...usse बीएड के पास से कुछ सरसरहाट से आ रही

thee....pata नहीं संजू काया कर रहा tha.....aur वो अपने ऑंखें खोल कर देखना

नहीं छथि thee....thodi देर बाद प्रेमा को फिर से अहसास हुआ के संजू बीएड पर

चढ़ गया hai....Sanju ने बीएड पर ात्ते ही प्रेमा के टांगों को खोल कर पहला

daya.....jisse प्रेमा एक दम शर्मसार हो gaye...usne झट से अपने दोनों हाथों को

नीचे लेजाकर अपनी छूट के ऊपर रख laya...aur कनपटी हुई आवाज़ मैं बोली....

प्रेमा: नहीं संजू.......

संजू: पर प्रेमा वो मैं तो बस साफ़ करने लगा था.....

संजू के बात सुन कर प्रेमा ने अपने आँखों को हिम्मत करके खोला और संजू के

तरफ dekha...Sanju अपने हाथ मैं एक कपड़ा लाये हुए उसकी टांगों के बीच मैं

बैठा tha....chudai के काम रास और उसके छूट के सील टूटने से निकले खून को

साफ़ करने के laye....aur अगले ही पल उसकी नज़र संजू के टांगों के बीच मैं झूल

रहे लुंड पर जा tiki....jo अब्ब ढीला बढ़ चूका tha....Sanju के लुंड को देखते ही

उसके चेहरे पर लाली चा gaye....aur उसने फिर से अपनी ऑंखें बंद कर ली.....

संजू ने अपने एक हाथ से प्रेमा के हाथों को पकड़ कर उसके छूट के ऊपर से

हटाना शुरू कर daya....prema भले ही शर्म से गाढ़ी जा रही thee....par उसने

संजू का विरोध नहीं kaya....Sanju ने प्रेमा के हाथों को छूट से हटा कर धीरे-2

उसकी छूट को उस कपड़े से साफ़ करना शुरू कर daya....thodi देर बाद संजू बीएड

से नीचे से उतर gaya.....prema ने फिर से अपनी आँखों को खोल कर संजू के

तरफ देखा. संजू अपने कपड़े पहन रहा tha....Sanju ने नज़र घुमा कर बीएड पर

लेटप्रेमा के तरफ dekha....jo उससे लेते हुए देख रही थी... संजू मुस्करा कर

प्रेमा से बोलै.....

संजू: कपड़े पहन लेजाए प्रेमा जी मैं इस कपड़े को बहार फेंकने जा रहा

हूँ....

संजू उस कपड़े के बात कर रहा tha....jisse उसने प्रेमा के छूट को साफ़ काया

tha.......wo किसी भी तरह का रिस्क नहीं लेना छठा tha...Sanju के बात सुन कर प्रेमा

बीएड पर उठ कर बेथ gaye....aur अपने कपड़े पहने lagee....jab संजू ने देख के

प्रेमा कपड़े पहन चुकी है तो, उसने धीरे से रूम का दूर खोला और रूम से

बहार चला gaya....Sanju के जाने के बाद प्रेमा बीएड पर लेत गए....

और पता नहीं कब उससे नींद आ gaye.....subhe के 4 बजे प्रेमा के आंख प्यास के

वझे से खुली, तो उसने रूम मैं अँधेरा paya...wo किसी तरह से उठी, और लालटेन

जगा कर टेबल पर रख dee....Sanju नीचे जमीन पर पढ़े बिस्तर पर लेता हुआ

tha.....Sanju को देखते ही कुछ घंटे फैले हुए उसकी पहली चुदाई के मंज़र

उसकी ऑंखें के समें घूम gaya.....usse अपने झांगों के बीच मैं अभी भी

काफी गीला पैन महसूस हो रहा tha.....usne जल्दी से पानी paya...aur अपनी सलवार के

नदी को खोल कर थोड़ा सा नीचे सरका कर अपने एक हाथ अंदर दाल कर अपनी छूट

को छू कर देखने lagee....choot पर अपना हाथ लगते ही, प्रेमा का पूरा बदन

झनझना utha....uff ऐसे खुमारी उसने आज तक नहीं महसूस की थी...

उसके हाथ के उंगलयां खुद बा खुद ही उसकी छूट के फांकों पर धीरे -2 चलने

lagee...uske आँखों मैं एक बार फिर से वासना का सागर उमड़ता हुआ नज़र ऐनी

laga....aur वो अपनी वासना से भाई आँखों से नीचे लेते संजू को देखते हुए, अपनी

छूट को धीरे -2 सहालने लगी.... प्रेमा अपनी छूट को सहलाते हुए बीएड पर बैठी

हुई संजू के तरफ वासना से भाई नज़रों से देख रही thee…subhe के 3 बज रहे

thee…..aur कुछ ही देर मैं सुभे होने वाले thee….prema का पूरा बदन

कनाप रहा tha…..maan मैं अजीब से हलचल मची हुई thee….usne संजू के तरफ

एक बार फिर से देखा. जो अभी भी घोड़े बेच कर सो रहा tha…..uski छूट एक

बार फिर से संजू के लुंड के लये फड़फड़ाने lagee…..par वो छह कर भी कुछ नहीं

कर पा रही थी….

आखिर कुछ घंटो पहले ही तो उसने चुदाई का पहला सवाद चखा tha…..jawan

और गरम खून होने के कारन उसका दिल एक बार फिर से बहकने लगा tha…..par जब

काफी देर तक संजू के तरफ से कोई हरकत नहीं हुई तो, उसने लालटेन बंद कर

dee….aur बीएड पर लेत gaye…..par अब्ब ना तो उसके आँखों मैं नींद thee……..aur

ना ही वो सोना छथि thee….chudai का वो मंजर बार -2 उसकी आँखों के सामने


आ रहा था……..
 
103

इधर घर पे.....

मल्टी...... और बिमला धुप शककक रही थी....

मेनका - क्या बात है आज दोनों एक साथ धुप सेकने का मजा ले रही.....

मल्टी - हां... बेटी... देख न ठण्ड कितनी जयादा बढ़ गयी है..... धुप के बिना रहना भी मुश्किल हो रहा है...... यहाँ धुप में मस्त बॉडी गर्म गरम हो रही... मजा आ रहा है....

मेनका - हां... अच्छा तोह मुझे भी लग रहा....

बिमला - ारी मेनका... ये चंदा कहा है....

मेनका - काकी... वोह पड़ोस में कजरी काकी के यहाँ गयी थी ......

बिमला - अच्छा......

मेनका - कुछ काम था क्या आपको चंदा से...

बिमला - नहीं... नहीं... ऐसा कुछ काम नहीं था मई तोह बस उसको धुप सेकने के लिए बुला रही थी....

मेनका - अच्छा...

मल्टी - बुआ... जी... कहा है मेनका बेटी....

मेनका - वोह अपने कमरे में hi होंगी.... वही तोह बैठी टीवी देखते रहती है.....

बिमला - हआ.... सच में पता नहीं बुआ जी... इतना टीवी कैसे देखने लग गयी.... जब उनके यहाँ गए थी तब तोह नहीं देखती थी....

मल्टी - उनके यहाँ गए थी तोह इतने सारे लोग के साथ बात करने में hi दिन गुज़र जाता होगा उनका आउट फूफाजी के मौत का भी तोह असर हुआ रहा होगा.... इसलिए उस टाइम नहीं देखती होंगी.... या फिर अब फूफाजी के जाने के बाद खुद को अकेला महसूस कर रही होंगी इसलिए शयद टीवी देख के अपने मैं को बहला रही हो....

बिमला - हां... हो सकता है...

सुन मेनका बेटी.. एक काम कर जा... जाके.... बुआ जी को बुला ला यहाँ धुप की धुप सेकाई हो जाएगी.. और बात चित भी कर लेंगे....

मेनका - ठीक है मई अभी जाती हु....

मेनका सीढ़ियों से उतारते हुए.... बुआ जी के कमरे में जाती है.....

मेनका ( मैं में) - अपनी नाक सिकोड़ते हुए - ूऊमम्महहहहह.... की... कितनी बदबू आ रही है इस कमरे से....... लगता है यहाँ कोई चूहा मारा होगा......

मेनका - बुआ... जी... ारी.. ो... बुआ जी किधर है आप..... बुआ जी....

बुआ जी जो टीवी देख रही थी....

बुआ जी - क्या हुआ....

मेनका -; चलिए आपको बिमला काकी बुला रही कुछ बात चित करनी है उनको आपसे....

बुआ जी - ठीक है.... तू चल मई आयी....

मेनका वह से चली गयी....

मेनका भी धुप सीखने के लिए छत पे आ गयी...

थोड़ी देर में बुआ जी..... भी आ गयी....

बिमला - ारी बुआ जी.... आइये... आइये.... आप भी थोड़ा धुप सेकक लीजिये..... मस्त लग रहा है धुप....

बुआ जी - नहीं... बीटा.... मुझे एलर्जी है... धुप से तुम लोग hi सेको..... कुछ बात चित करनी थी न तुम्हे बताओ.....

बिमला - ारी.. बुआ जी हम तोह ऐसे hi बात चित करना चाहते थी आपको आये इतने दिन हो गए ठीक से बैठ के कभी बात hi नहीं हो पायी इसलिए....

बुआ जी - अच्छा.... तोह बताओ क्या बात करनी है...

मल्टी - ारी बुआ अपनी वोह वाली कहानी सुनाओ न जो बचपन में सुनाया करती थी.... भूत वाली....

बुआ जी - भूत वाली का नाम सुनके थोड़ा चौक गयी..

बिमला - क्या हुआ बुआ जी आप छुअक क्यों गयी.....

बुआ जी - नहीं नहीं कुछ नहीं... .

मेनका - तोह फिर सुनाइए न....

बुआ जी - ठीक है अब तुम लोग इतनी ज़िद्द कर hi रहे हो तोह ठीक है..... लेकिन अभी नहीं रात में...... रात में हॉरर कहानी सुनने का मजा hi कुछ और आता है.....

मालती - अच्छा.... ठीक है हम सभी को इंतज़ार रहेगा रात का.....

बुआ जी अब फिर से नीचे टीवी 📺 देखने चली जाती हैं...

इधर वनराज क्युकी उनके साइड मेला लगा हुआ था और प्रेमा को मेला देखना बहुत hi पसंद था …. प्रेमा सविता और संजू को लेजाने आया tha…..kyonki रात को नूरी तै अकेली हो जाती….

आज उन चारो को गाओं वापिस जाना tha….isslye चारो घर वापिस जाने के तैयारी कर

रहे thee…..aur कुछ ही देर मैं वो चारो घर के लाये रवाना हो gaye……sham

को जब चारो घर पर पहुंचे, तो नूरी तै तीनो को देख कर भोत खुस हुई खास तौर पर संजू को देख कर.

नूरी तै: लैला मैं कह रही thee…..ki जब तक मेला चल रहा hai…….aur तब तक तुम यही सो जाया karo…..aur वैसे भी तुम्हारे

घर पर कोण hai.waha पर भी जाकर तो सोना है……….

लैला: पर मालकिन वो मैं……..

नूरी तै: पर पर काया लगा रखा hai…..Prema मेरे साथ सो jaygi…….aur तुम संजू

के कमरे मैं सो jana…..ek बिस्तर नीचे लगा लेने अपने लाये……

जैसे ही लैला ने ये बात suni……uska दिल एक दम से खुसी से उछाल padha…….phir लैला किचन में चली गयी

जैसे ही नूरी तै के रूम का दूर बंद हुआ, लैला तेजी से

किचन मैं से निकल कर संजू के रूम के तरफ चल padhi……Sanju के रूम का दूर

खुला हुआ था. और अंदर लातें जल रही थी……

अंदर लेता हुआ, संजू लैला को अपने कमरे के तरफ ात्ते हुए देख रहा tha……aur

फिर लैला ने अंदर ात्ते ही, जल्दी से दूर बंद काया, और संजू के तरफ हसरत भरी

नज़रों से देखने lagee….Sanju चारपाई से उठा और लैला को अपनी बाँहों मैं

भरते हुए, उसके होंटो को अपने होंटो मैं भर laya….Laila किसी बेल ( लिखे अमरबेल) के तर्हां संजू

से लिपट gaye…..aur दोनों के होंटो के बीच घमसांस शुरू हो gaya…poore

कमरे मैं ुम्हह -2 के आवाज़ें गूंज रही thee….Sanju के हाथ लैला के पथ से

नीचे के और सरकते हुए, उसके मोठे-2 चूतड़ों पर आ चुके thee……Sanju लैला के

होंटो को चूसते हुए, उसके भरी और मोठे चूतड़ों को अपने दोनों हाथों मैं भर

कर मसलने लगा…..

लैला उसकी बाँहों मैं पागलो के तर्हां छटपटाने lagee……….Sanju ने अपने होंटो

को लैला के होंटो से अलग काया. और अपना पायजामा उतर कर चारपाई पर नीचे पेअर

लटका कर बैठा gaya…..uska 9 इंच का लुंड हवा मैं झटके खा रहा था……8

इंच लम्बा और 4 इंच मोटा लुंड देख कर लैला के छूट के फांकें फुदकने

lagee…..wo तेजी से संजू के पास आकर पैरो के बल नीचे जमीन पर बेथ

गए…… और उसके लुंड को हाथ मैं लेकर संजू के आँखों मैं देखते हुए

बोली………

लैला: यह संजू मेरे नई छूट का बुरा हाल था, तेरे लुंड के बिना………

और अगले ही पल लैला ने संजू के लुंड को अपने होंटो मैं भर laya…..aur उसके

लुंड के सुपड पर अपने होंटो को दबाते हुए, उसके लुंड को चूसने lagee…….Sanju

मस्ती मैं आकर पीछे के तरफ लुढ़क gaya….abb भी उसके पेअर चारपाई से

नीचे लटक रहे thee…….Laila तेजी से संजू के लुंड को अपने मुँह मैं अंदर

बहार करते हुए चूस रही thee…..usne जल्दी से अपनी चोली खोल कर नीचे जमीन

पर गिरा dee…phir संजू के लुंड को मुँह से बहार निकला, और चारपाई के किनारे पर

संजू के झांगों के दोनों तरफ पेअर रख कर बैठते हुए अपने लहंगे को अपनी

कमर तक उठा लाया…..

और फिर उसने संजू के लुंड को एक हाथ से पकड़ कर अपनी छूट के छेद पर टिका कर

धीरे-2 ऊपर बैठने lagee….Sanju के लुंड का सुपड लैला के गीली छूट के छेद

को फैलता हुआ अंदर घुसाने लगा. लैला के पूरे बदन मैं मस्ती के लहर दौड़

gaye……aur उस्सने अग्गे के और झुकाते hue,apni गांड को जोर से नीचे के तरफ

patka….geeli छूट मैं संजू का लुंड सरसरता हुआ, अंदर जा ग़ुस्सा..

“ओह्ह्ह्हह सँजोऊ अह्ह्ह्हह्हह सीईईईई” लैला संजू के लुंड के गरमी को अपनी छूट मैं

महसूस करके सिसक uthi….Laila मस्ती मैं आकर तेजी से अपनी गांड को ऊपर नीचे

करने lagee…….Sanju अपनी आंखे बंद कए हुए चुदाई का मजा ली रहा

tha……..Laila का पूरा बदन छूट मैं लुंड के रगड़ को महसूस करते हुए कनाप

रहा tha….par वो लगतार अपने देखो को जारी रखे हुए थी…..

थोड़ी देर बाद संजू ने लैला को अपने ऊपर से उठाने के लाये kaha…..aur जैसे ही

लैला उसके ऊपर से uthi…..choot के पानी से भीगा हुआ लुंड बहार आकर लालटेन के

रोशनी मैं चमकने laga….”ahhh काया गरम छूट है काकी tumhari…….itni

बड़ी बेटी हो गए hai…aur देखो अभी बी कुंवारी छोकरी के तर्हां पानी के नदया

बहा रही है” संजू के बात सुन कर लैला एक दम से शर्मा gaye..par अभी तो उसके

छूट के अंदर आग लगी हुई thee….wo चारपाई पर पथ के बल लेत gaye……aur अपनी

झांगों को पूरा खोल कर पहला daya…….Sanju जल्दी से उसकी झांगों के बीच मैं

aya…..aur उसके टांगों को घुटनो से पकड़ कर मोड़ कर ऊपर उठा daya…….choot

का छेद खुल कर सामने आ gaya……aur अगले ही पल संजू ने अपने लुंड के सुपड

को छूट के छेद पर टिका कर जोरदार देखा mara…….”ahhhhhh” लैला एक दम से

सिसकक uthi….aur फिर संजू ने बिना रुके ताबरतोड़ देखे लगाने शुरू कर दया……

5 मं के चुदाई के बाद संजू के लुंड से वीर्ये के बोचार लैला के छूट मैं

होने lagee…..aur लैला का बदन झड़ने के कारन झटके खाने laga…agli सुभे जब

संजू उठा तो वो अकेला अपने रूम मैं चारपाई पर लेता हुआ था. उसका पूरा बदन

दर्द कर रहा था. एक तो सफर के तखन और दूसरा रात को उसने लैला के जबरदस्त

चुदाई के थी. संजू मान मार कर चारपाई से उठा, और कमरे का दरवाजा खोल

कर बहार आ गया. जैसे ही संजू रूम से बहार आया. तो मनो उसकी साडी तखन एक

पल मैं उतर गए हो. उसके होंटो पर एक लम्बी मुस्कान फेल गए.

सामने प्रेमा कड़ी थी. संजू और प्रेमा दोनों के नज़रे अप्प्स मैं मिली. शयद

प्रेमा अभी नाहा कर बाथरूम से निकली थी. उसके बालों मैं पानी के बूंदे उससे

ऐसे लग रही थी. जैसे मनो मोती हो. वो उससे बात करने के लये जैसे ही अग्गे

बढ़ा तो, पीछे से उससे लैला अति हुई दिखाई दी. अब्ब संजू रुक तो नहीं सकता था. इस

लये चलता हुआ, वो घर के अग्गे के तरफ चला गया.

संजू खेतों मैं सोच के लाया गया. और फिर आकर नाहा धो कर घर के सामने

वाले अनजान मैं नास्ते के लये नीचे फर्श पर बेथ गया. नूरी तै वही पलंग पर

बैठी हुई थी. प्रेमा अपने रूम मैं थी. नूरी तै ने वही से बैठे हुए, लैला को

आवाज़ दी,

नूरी तै: अरे ू लैला . संजू के लये नास्ता लगा दी.

लैला: (किचन से ) जी मालकिन.

थोड़ी देर बाद लैला संजू के लये नास्ता लेकर आ गए. और जैसे ही वो संजू को नास्ते

के प्लेट देने के लये झुकी थी. दोनों ने एक बार एक दूसरे के आँखों मैं देखा.

और रात के चुदाई के बारे मैं याद ात्ते ही लैला के होंटो पर कामुक मुस्कान

फेल गए. उसके बाद नूरी तै प्रेमा को बता कर लैला के साथ काँटी के घर चली गए. अब्ब प्रेमा

घर मैं संजू के साथ एक दम अकेली thee.par संजू घर के पीछे अपने रूम मैं

अकेला चारपाई पर लेता हुआ था. प्रेमा का दिल जोरो से धड़क रहा था. हर पल उसके

लये कटना मुश्किल होता जा रहा था. पर संजू था की, दुन्या से बेसुध अपने उस

कमरे मैं लेता हुआ था.

करीबन आधा घंटा बीत चूका था. प्रेमा को समाज मैं नहीं आ रहा था की वो

काया करे. बार -2 उसका दिल संजू के और खेंचा चला जा रहा था. बदन के रोम-2

मैं अजीब से संसंहत दौड़ रही थी. प्रेमा एक दम से अपने बीएड से कड़ी हुई,

और उसके कदम अपने आप ही घर के पिछवाड़े के और बढ़ने लगी. धडक़तेदिल

और कांपते हुए पैरों के साथ हर पल उससे एक अजीब से बेचने का अहसास हो रहा

था. जैसे ही वो घर के पिछवाड़े पहुंची, तो उसके संजू के कमरे के दरवाजा बंद

पाया.

वो बाथरूम के तरफ बढ़ने लगी. पर निगाहें संजू के रूम के दूर पर गाढ़ी

हुई थी. तभी प्रेमा जोर से किसी चीज़ से तकरी. और जैसे ही वो गिराने को हुई, तो

किसी ने उससे थम लाया. प्रेमा के ऑंखें दर के मरे बंद हो गए थी. उस्सने

धीरे-2 से अपनी आँखों को खोल कर देखा. तो बाथरूम के दहलीज पर संजू खड़ा

था. और उस्सने उससे थम रखा था.

संजू को अपने इतना पास देख कर प्रेमा एक दम से सकपका गए. उस्सने अपने

ऑंखें झुका ली. संजू एक तक उसकी और देख रहा था. प्रेमा के सांसे भोत तेज चल

रही थी. उसकी चुच्यां तेजी फूलते हुए ऊपर नीचे हो रही थी. जब प्रेमा को

इस बात का अहसास हुआ, की संजू उसकी जवान चुकी को वासना भरी नज़रों से देख

रहा है तो, वो एक दम से शर्मा गए. उसने अपने दुप्पटे को ठीक काया.

और हकलाते हुए बोली.

प्रेमा: वो मैं कहने ए थे की वो वो बड़ी माँ.

प्रेमा बोलते-2 चुप हो गए. संजू प्रेमा के हालत अच्छे से समाज रहा था. उसने

प्रेमा के कमर मैं हाथ दाल कर अपने और खेंचते हुए कहा.

संजू: काया कह रही थी अप्प.

प्रेमा के भरी हुई मदमस्त कर देने वाली गुदाज चुच्यां संजू के छथि से डाब

गए. संजू को ऐसे लग रहा था, मनो कोई सवर्ग के अप्सरा उसके बाँहों मैं क़ैद

हो.

प्रेमा अपनी चुच्यों को संजू के छथि मैं रगड़ कहते हुए महसूस करते हुए

एक दम सिहर उठी. उसने हल्का सा विरोद करके पीछे के हटाने के कोशिश करते हुए

कनपटी आवाज़ मैं कहा.

प्रेमा: वो वो मैं मैं वो.

संजू: ( अपने दोनों हाथों से प्रेमा के कमर को जकड कर सहलाते हुए) काया प्रेमा

जी.

प्रेमा: वो माँ काँटी चची के यहाँ गए है.

प्रेमा के बात सुन कर तो जैसे संजू के ख़ुशी के टिकना ही नहीं रहा. उस्सने एक

झटके से प्रेमा को बाथरूम के दिवार से सत्ता दया. और उसके दोनों हाथों को पकड़

पर ऊपर उठाते हुए, दिवार से सत्ता दया. प्रेमा के सांसो के रफ़्तार और बढ़ गए.

हाथ ऊपर के और होने के कारन प्रेमा के चुच्यां कमीज मैं खुश और बढ़ी

लग रही थी. और तेजी से ऊपर नीचे हो रही थी. संजू अपने नज़रे प्रेमा के

चुच्यों पर से हटा नहीं पा रहा था. और प्रेमा का चेहरा शर्म से लाल हो

चूका था.

संजू ने प्रेमा के आँखों मैं देखा. उसकी आँखों मैं भी वासना के वही आग

जल रही थी. जो संजू के दिल मैं इस समाये. संजू ने अपने होंटो को धीरे-2 प्रेमा

के होंटो को तरफ बढ़ाना शुरू कर दया. ये प्रेमा के दिल धड़कने मनो एक बार

फिर से थम गए हो. उसके कांपते हुए होंटो को देख किसी का मान भी ललचा

जाये. जैसे -2 संजू के होंठ प्रेमा के होंटो के तरफ बढ़ रहे थे. प्रेमा के पलकने

बंद होती जा रही थी. और फिर अचानक से मस्ती के एक तेज लहर प्रेमा के बदन

मैं दौड़ गए. जब संजू के गरम सांसे उसकी गर्दन से तकरी. और अगले ही पल

उसने प्रेमा के होंटो को अपने होंटो मैं भर लाया. प्रेमा का पूरा बदन कनाप

गया. प्रेमा संजू के बाँहों मई पिगलति जा रही thee....lund छूट मई जाकर कितना

मज़ा देता hai...ye सवाद प्रेमा चख चुकी thee....aur इससलए अब्ब उसकी छूट

धुनकी के तरह बजने लगी thee....uske कच्ची उसके छूट से निकल रहे काम रास

से सरोबार हो चुकी thee....Sanju ने एक हाथ से प्रेमा के चुच्यों को मसलते हुए,

उसके एक हाथ को पकड़ कर नीचे लेजाते हुए अपने पेण्ट के ऊपर से अपने लुंड पर

रख daya….jaise ही प्रेमा का हाथ संजू के पेण्ट के ऊपर से उसके तनये हुए लुंड

पर पढ़ा तोह प्रेमा के पूरे बदन मई झुरझुरी दौड़ गए…..

काम अग्नि से उसका पूरा बदन देहक रहा tha….Sanju ने प्रेमा के कंधे पर

हाथ रखते हुए उससे नीचे के और दबाया तोह प्रेमा सवालय नज़रों से संजू के

आँखों मई देखते हुए नच्चे बेथ gaye…aur अगले ही पल संजू ने अपनी पेण्ट के

ज़िप खोलते हुए अपने लुंड को बहार निकल लाया. संजू का तना हुआ लुंड प्रेमा के

चहरे के सामने झटके खा रहा tha….jisse देखते ही प्रेमा एक दम से सिहर

uthi….Sanju ने प्रेमा के सर के पीछे अपना एक हाथ लेजाते हुए उसके सर को पकड़

लाया और दूसरे हाथ से अपने लुंड को पकड़ कर प्रेमा के होंटो के पास ली गया…..

प्रेमा ने संजू के आँखों मई देखते हुए ना मई सर हिला दया…. “तुम मुझे प्यार

नहीं करती करती हो naa…..dekho मेरा लुंड तुम्हे कितना प्यार करता hai…jab ये

तुम्हारी छूट के अंदर जाता है करता है naa….tumhe इस पर प्यार नहीं आ

रहा….” प्रेमा संजू के आँखों मई झांकते हुए ये सब सुन रही thee….phir उसने

संजू के लुंड के तरफ dekha….Sanju के लुंड का मोटा सुपड लाल होकर किसी तमतार

के तरह देहक रहा था. जिससे देखते ही प्रेमा के मुँह और छूट दोनों पानी से

भर गए…..

प्रेमा ने संजू के और देखते हुए उसके लुंड को अपनी मुठी मई भर लाया, और फिर

थोड़ा घबरते हुए, संजू के लुंड के सुपड को अपने होंटो मई भर laya….aur उससे

चूसना शुरू कर daya….halaki प्रेमा लुंड को चूसने मई एक दान अनादि थी. पर

संजू उसके रसीले होंटो के स्परस से ही एक दम मस्त हो गया tha….aur धीरे-2

अपनी कमर को अग्गे पीछे हिलने लगा tha….thodi ही देर मई प्रेमा ने संजू के

लुंड को मुँह से बहार निकल daya….aur एक साइड मई मुँह घुमा कर थूकने

लगी. संजू जान चूका था की, प्रेमा अभी सेक्स के बारे मई पूरी तरह नहीं जानती

है….

इससलए संजू ने झुक कर प्रेमा के कंधो को पकड़ कर उससे ऊपर उठाया और फिर

उससे बाँहों मई भर कर उठा लाया और अपने कमरे के तरफ लेजाने laga….agge

ऐनी वाले पालो मई काया होने वाला hai….ye सोचते ही प्रेमा के छूट के

फंखे आपस मई कुबूलने लगी thee…usse अपनी गीली कच्ची अपनी छूट पर

चिपकी हुई महसूस हो रही thee…Sanju ने कमरे मई पहुंच कर उससे चारपाई पर

लेता daya…aur फिर दूर बंद करके उसकी तरफ मुदा तोह प्रेमा ने शरमाते हुए

अपना फेस दूसरी तरफ घुमा लाया….

संजू धीरे से चारपाई पर चढ़ा और उसके बगल मई लेटते हुए, उसके गाल को

पकड़ कर धीरे से अपनी तरफ घुमाया और फिर उसके ऊपर झुकाते हुए, फिर से

उसके होंटो को अपने होंटो मई भर कर चूसने laga….aur साथ ही अपना एक हाथ

प्रेमा के चुच्यों पर रख daya…..Prema के चुच्यों के निप्पल एक दम कड़क हो

चुके thee….aur उसके निप्पल्स मई तेज से तीस उठ रही thee…jaise ही संजू के

हथेलिओं ने प्रेमा के निप्पल्स को मसला तोह प्रेमा ने सिसकते हुए अपने सीने को

और बहार के और निकल लाया. और अगले ही पल प्रेमा ने अपनी बाहों को संजू के

पीठ पर कास लाया….

ये देख संजू और भी मस्त gaya….aur प्रेमा के ऊपर चढ़ गया. फिर उसने

अपनी टैंगो से प्रेमा के टैंगो को दोनों तरफ फैलाया और फिर अपनी टैंगो को प्रेमा के

टैंगो के बीच मई एडजस्ट करते हुए, अपने लुंड को जो के उसके ज़िप से बहार

tha….Prema के सलवार के ऊपर से ही प्रेमा के छूट पर लगा daya….Sanju के

कदम लुंड को अपनी सलवार के ऊपर से महसूस करते ही प्रेमा एक दम कसमसा

gaye….aur सिसकते हुए उसने संजू के कमीज को कसके पकड़ लाया….

संजू ने भी प्रेमा के चुच्यों को छोरा और फिर अपने दोनों हाथों को नीचे

लेजाते हुए प्रेमा के कमीज और समीज दोनों को पकड़ कर एक साथ ऊपर के और

सरका दया. प्रेमा के 32 साइज के चुच्यां उछाल कर संजू के आँखों के सामने आ

gaye….aur अगले ही पल संजू ने लपक कर प्रेमा के लेफ्ट चुकी को मुँह मई भर

कर चूसना शुरू कर daya….”siiiiiii ओह्ह्ह्हह्ह्ह्ह संजू…..” प्रेमा ने अपना एक हाथ

संजू के सर पर रखते हुए उससे अपनी चुकी पर दबाते हुए सिसकना शुरू कर

दया….

संजू भी और जोश मई आकर प्रेमा के चुकी को चूसने लगा और दूसरे हाथ से

प्रेमा के दूसरी चुकी के निप्पल को पकड़ कर मसलने laga….”ohhh सीईई संजू और

जोर से दबाओ इन्हे ओह्ह्ह और जोर से मसलो….” संजू को थोड़ा अजीब सा लगा क्योंकि

प्रेमा भोत काम बोलती thee…..par आज जब उसके छूट मई आग देहक रही थी उससे

खुद भी नहीं पता था की वो काया बड्बाबए जा रही थी…..

प्रेमा: सीईई संजू प्लीज और जोर से चुसो ना प्लीज काट लो इससे ुम्हह ओह्ह्ह हाँ

दांतो से काटो निशान दाल दो िस्सपर अपने दांतो की….

प्रेमा ने नीचे से अपनी कमर को हिलाते हुए संजू के लुंड पर अपनी छूट को

रगड़ते हुए kaha….”haan ऐसे ही और जोर सी ुंहःहःह सीईईई अह्ह्ह अह्हह्ह्ह्ह

ुंहःहःहः हैं ऐसे ही

प्रेमा ने संजू के तरफ मुस्कारते हुए देखा और संजू के फेस को पकड़ कर फिर से

अपनी चुच्यों पर झुका daya….aur अगले ही पल अपने नीचे लेती जवान और कमसिन

काली को देख कर संजू फिर से गरम होने laga….aur उसने फिर से प्रेमा के

चुच्यों को मसलते हुए उसके चुच्यों को चूसना शुरू कर दया…..

प्रेमा के छूट का पानी चोर-2 कर बुरा हाल हो चूका tha….abb उससे बर्दास्त नहीं

हो रहा tha…usne अपने दोनों हाथों को नीचे लेजाते हुए संजू के लुंड को पकड़

कर संजू के लुंड के सुपड को अपनी छूट के ऊपर रगड़ना शुरू कर daya….”siiiii

ुंहःहःह संजू मुझे कुछ हो रहा है……” संजू प्रेमा के बात समाज गया. वो

जल्दी से प्रेमा के ऊपर से खड़ा हुआ और चारपाई से नीचे उतर कर अपने कपड़े

निकलने laga…Prema शरमाई हुई से उसके तरफ देख रही थी…..

संजू: जल्दी खोलो ना….

प्रेमा ने शरमाते हुए अपनी सलवार के नदी को खोलना शुरू कर daya….aur फिर

संजू ने अपने सरे कपड़े उतर कर प्रेमा के सलवार को पकड़ कर निकल dya….abb

नीचे प्रेमा के बदन पर वाइट कलर के कच्ची thee….Sanju ने फिर से चारि पाई

पर चढ़ाते हुए प्रेमा के टैंगो को घुटनो से पकड़ कर पहला daya…..”Prema

देखो तुम्हारी कच्ची तोह पूरी गीली हो गए है….” संजू ने प्रेमा के कच्ची के

ऊपर से प्रेमा के छूट को दबाते हुए कहा….

प्रेमा: siiiiiiiiii संजू प्लीज ऐसे मत कहो ना….?

संजू: सच ये देखो मेरे ऊँगली भी कैसे गीली हो गए…..

संजू ने अपनी ऊँगली जिस पर प्रेमा के छूट से निकला हुआ कॉमर्स लगा हुआ था…

प्रेमा को दिखते हुए kaha….Prema ने शर्म कर दूसरी तरफ अपने फेस को घुमा

laya…Sanju ने प्रेमा के कच्ची के इलास्टिक मई हाथ डालते हुए उससे नीचे के तरफ

सरका दया और फिर उस्सकी कच्ची को निकल कर नीचे फ़ेंक daya….aur फिर से प्रेमा

के टैंगो को फैलते हुए उसकी छूट का गुलाबी लबलबाता हुए छेद को देखने

laga….Prema ने शरमाते हुए अपने दोनों हाथ अपनी छूट के अग्गे रख लाये…..

संजू: ये काया है….?

प्रेमा: तुम ऐसे क्यों देख रहे हो मुझे शर्म अत्ति है…?

संजू: अगर देखूंगा नहीं तोह तुम्हारी छूट मैं मेरे लुंड कैसे जायेगा…

प्रेमा: धत ऐसे बात क्यों कर रहे हो….

संजू: (प्रेमा के हाथो को पकड़ कर हटते हुए) सही तोह कह रहा हूँ….

और अगले ही पल संजू ने अपने लुंड को पकड़ कर लुंड के सुपड को प्रेमा के

दहकती हुई छूट के छेद पर लगा daya….Sanju के लुंड के गरम सुपड को अपनी

छूट पर महसूस करते ही प्रेमा ने सिसकते हुए कांपना शुरू कर daya…uski

कमर कांपते हुए ऐसे हिल रही thee…jaise वो अपनी छूट को खुद ही संजू के लुंड

के सुपड से रगड़ रही ho….”siiiiii संजू umhhhhhhhhhhhhh डालो ना अंदर…..”

प्रेमा ने सिसकते हुए budbudhaya…..Sanju ने अपने लुंड को पकड़ कर छूट के छेद

पर सेट काया और फिर अग्गे के और झुकाते हुए धीरे-2 अपने लुंड के सुपड को छूट

के छेद पर दबाने laga….lund का सुपड प्रेमा के पनाये हुए छूट के छेद को

फैलता हुआ अंदर घुसाने लगा…..

जैसे ही संजू के लुंड का मोटा सुपड प्रेमा के छूट के छेद मई घुसा तोह प्रेमा

का बदन एक दम से अकड़ gaya….”ayeeee मम्मी प्रेमा ने संजू के बालो को कसके

पकड़ते हुए छीलते हुए kaha….”dard हो रहा है काया…..”

प्रेमा: हाँ पर थोड़ा सा….

संजू: अंदर करू….

प्रेमा: (सिसकते हुए) हैं पूरा अंदर कर दो…..

संजू के लुंड का सुपड प्रेमा के छूट के छेद मई फंसा हुआ tha….Sanju ने

प्रेमा के टैंगो को उठा कर अपने कंधो के ऊपर रख laya….aur फिर अग्गे के और

झुकाते हुए प्रेमा के कंधो को पकड़ कर एक जोर दर देखा mara……Sanju का लुंड

प्रेमा के छूट के दीवारों को चीरता हुआ उसके बच्चेदानी से जा takaraya…..Prema

के तोह मनो जैसे सांस ही रुक गए ho….uske आंखे ऊपर को चढ़

gaye….Prema ने अभी छिलने के मुँह खोला ही था की, संजू ने लपकते हुए प्रेमा

के होंटो को अपने होंटो मई भर कर चूसना शुरू कर daya….aur उसके कंधो से

हाथ हटा कर उसके दोनों चुच्यों को जोर -2 मसलने लगा….

संजू का लुंड प्रेमा के छूट के गेहरों मई उतर कर फँस सा गया tha...Sanju ने

अब्ब प्रेमा के होंटो को चोर कर उसके चुच्यों को मसलते हुए चूसना शुरू कर

दया था..2 मिनट मई ही प्रेमा एक दम गरम हो गए thee….aur उसने अपनी

गांड को ऊपर के और उठाते हुए संजू के लुंड पर अपनी छूट को दबाना शुरू कर

दया था…

संजू समाज चूका था की, प्रेमा के रास निकलने वाली मशीन अब्ब पूरी तरह गरम

हो चुकी hai…..usne प्रेमा के चुच्यों से अपना मुँह हटाया और घुटनो के बल

बैठते हुए अपने लुंड को अंदर बहार करना शुरू कर daya….Prema मस्ती मई आकर

अपने सर इधर उधर पटकने lagee….jaise संजू के लुंड का सुपड उसके बच्चेदानी

से जाकर तकरता तोह प्रेमा अपनी छूट को ऊपर के और उछाल deti…aur उसके छूट

संजू के झंगो के झाड़ो से टकरा कर थप-2 के आवाज़ पैदा करती……

संजू: अह्ह्ह्ह मेरे रानी बोल कैसा लग रहा है…

प्रेमा: ुंहःहःह सीईईई ओह्ह्ह्हह्ह हैए संजू भोत मज़ा आ रहा है….

संजू: प्रेमा तुम बिकुल नूरी तै के तरह मेरा लुंड अपनी छूट मई ली रही हो….

प्रेमा: (संजू के बात सुन कर और गरम होने लगी) सच संजू मम्मी भी अपनी

छूट मई ऐसे ही लुंड पेलवाती है….

संजू: हाँ प्रेमा ऐसे ही वो भी अपनी गांड को ऊपर उछाल कर अपनी छूट को

मेरे लुंड पर मारती है….

प्रेमा: (ये सुन कर एक दम मदहोश हो जाती hai…uske दिमाग मई एक चव्वी से बन

जाती है नूरी तै के वो कैसे अपनी गांड को ऊपर उठा उठा कर संजू के लुंड को अपनी

छूट मई लेती hai…..aur यही सब सोचते हुए प्रेमा और मदहोश होकर अपनी गांड

को किसी चुड़ैल रांड के तरह संजू के लुंड पर अपनी छूट को पटकने लगाती

है…..)

और फिर तोह जैसे संजू को ऐसे जोश आया की, जैसे वो पहली बार किसी के छूट मार

रहा ho…wo अपना पूरा लुंड बहार निकल-2 प्रेमा के छूट मई ठोकना शुरू कर

देता है.. प्रेमा संजू के हर देखे से सिसक उठती hai….”bhot गरमी है ना तेरे

छूट मई ली साली देख अपने यार के लुंड का kaamal….saali अब्ब तोह तुजे रोज

छोडूंगा mai…bol छुडवाएगे ना मुझसे रोज…..”

प्रेमा: हाँ रोज मरवाउंगी अपनी छूट ओह्ह्ह्ह संजू मुजीब से शादी कर lo…muje

सदा के लये अपनी बना lo….roj तुमसे अपनी छूट मरवाना छथि hun…roj अहह ीजी

सुनो ना मुझे अपनी लुगाई बनोगे ना…

संजू: हाँ मेरे जान रोज तेरे छूट को ऐसे ही अपने लुंड और पानी से भरूंगा…

और तुजसे शादी भी करूँगा…

प्रेमा: जी मई भी अपनी छूट के पानी से आपके लुंड को रोज नहलाऊंगी…… अह्ह्ह्ह

हैए ओह्ह्ह्हह मई गयी मम्मी अह्ह्ह्ह….

प्रेमा का बदन एक दम से कंपनी laga….Sanju भी पूरे जोश मई घास मार-2

कर प्रेमा को नीचे से पानी पानी कर रहा tha…aur अगले ही पल संजू के लुंड ने

अपनी पानी के बरसात प्रेमा के छूट मई कर dee…jaise ही प्रेमा को अपनी छूट मई

संजू का उबलता हुआ लावा महसूस हुआ प्रेमा एक दम से तड़फते हुए झड़ने


शुरू कर दया. दोनों गहरी साँसे ली रही थी
 
सुमोना अपने कमरे में होती है

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सुमोना का रूम

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.... सुमोना गुस्से में अपने कमरे में टहल रही थी....

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सुमोना - इतने दिन हो गए..... मई कुछ नहीं कर पा रही... और वह मेरी बहिन का कातिल खुला घूम रहा है.....

मई उस लड़के को आज खतम करके hi रहूंगी....

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सुमोना- दासी... दासी....

एक दासी दोअःते हुए सुमोना के पास आती है....

दासी - क्या हुआ मलिका.... आपने बुलाया...

सुमोना - हां.... जाओ और जाके लता जी को मेरे सामने तुरंत हाज़िर होने का कहो....

दासी - जी मलिका.....

दासी.... जल्दी से लता के कमरे में उसको बुलाने गयी....

दासी - लता जी... लता जी....

लता - क्या हुआ.... इतनी जल्दी में क्यों हो और कहा जाने को कह रही हो...

दासी - वोह जल्दी चलिए... आपको मलिका ने तुरंत उपस्थित होने को कहा है....

लता - अच्छा.... मई आती हु तुम जाती रहो

दासी वह से चली गयी...

लता - मलिका ने तुरंत उपस्थित होने का पैगाम क्यों भेजा कही कोई बात तोह नहीं हो गयी... या कही वोह मोना की बच्ची वापस तोह नहीं आ गयी... चलो चल के देखती हु...

लता.... सुमोना के सामने गयी...

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लता - क्या हुआ... क्या हुआ.... सुमोना बेटी ??

सुमोना - दासी... माँ... आपने मोना को तोह यहाँ से निकलवा दिया... और उसका काम अपने सर पे ले लिया.... अब काम को पूरा भी कीजिये.... या फिर ऐसे hi मई बदले की आग में तड़पती राहू....

लता - नहीं... नहीं... बेटी... मुझे माफ़ करना मई थोड़ा इधर के कामो में जयादा व्यस्त हो गयी थी जिसके कारन उस लड़के की तरफ ध्यान नहीं दे पा रही थी...

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सुमोना - तोह अब दीजिये.... ध्यान..... मुझे किसी भी हालत में वोह लड़का चाहिए मई उसको अपने हाथो से मारना चाहती हु....

लता - जी... जी... मलिका 👑.. मई अभी उसकी तलाश में जाती हु..... और जैसी hi उसकी कोई खबर मिलती है आपको तुरंत आकर सुनती हु...

लता ये कहके क्रो बांके उड़द गयी और संजू की तलाश में जाने लगी...

लता क्रो बांके.... घर के पास के एक ठानी पर बैठ गयी.... और चिंकी को आने का इशारा करने लगी... कायव.... कायव की आवाज़ निकाल कर.....

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मोना जो चिंकी बांके यहाँ रुकी थी.... वोह लता की काव काव की भासा को समझ गयी की वोह मुझे hi बुला रही है करके....

(( मुझे मतलब की चिंकी को जिसका गेटउप मोना ने किया है))

चंदा - मल्टी काकी.... देखो तोह ये क्रो कितना काव काव कर रहा है जरा इसको भगाओ....

मल्टी - सही कह रही है बेटी... अभी भगति हु इसको...

चंदा और मेनका नीचे अपने कमरे में जाने का बोल नीचे उतर गए....


दोनों के नीचे जाने के बाद.....

बिमला --

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बिमला- ------ -रुक... रुक... रुक रुक... मई भी मई भी... बचपन में मई गुलेल चलाया करती थी आम तोड़ने के लिए..... मेरा भी निशाना अब है की नहीं मुझे भी तरय करने दे.... चल एक एक पत्थर उठाकर निशाना लगते है देखते है किसका निशाना कैसा लगता है....

मल्टी ---

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मल्टी - है... चलीये शुरू हो जाइये दीदी....

मल्टी और बिमला ने एक एक पत्थर उठा लिया जो छत पर hi पड़ा था....

मलती - पहले में...

बिमला - ठीक है....

मल्टी ने पत्थर फ़ेंक के मारा.... पत्थर लता बने क्रो के पंख पे लगा......

लता - आआह्ह्ह्ह.... ( साउंड 🔊प्रोनोअनसेड ) - काव... काव...

बिमला - अब मेरी बारी है....

बिमला ने भी पत्थर उठा के मारा कौवे को..... पत्थर जाके सीधा लगा... उसकी खोपडिया... पे.....

लता बेहोस.... और पेड़ की टहनी से नीचे गिरके नीचे जमीन पर बेहोस पड़ी रही....


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बिमला - या...... हूँ..... देखा... देखा... मेरा निशाना.... कितना मस्त है... एक hi बार में खोपडिया... फोड़ दिया....

मल्टी - वाओ दीदी आपका निशाना तोह बहुत मस्त है....

बिमला - हां... थैंक यू

अब कौवे का भेस लेके..... मोना भी लता के पास गयी जो.. की बेहोस होकर.... जमीन पे गिरी पड़ी थी... और उसके माथे से खून बहे जा रहा था...

मोना - साली छिनाल... तूने मुझे ढ़ाके मार्के चुड़ैल लोक से निकलवाया था न ये उसका 1 % भी नहीं है.... अब तू देख मई तेरे साथ क्या क्या करवाती हु....

मोना वापस..... घर के भीतर चली जाती है....

और फिर मेनका और चंदा दोनों छत्त पे आ जाते है...


चंदा - क्या हुआ वोह कौवा कहा गया...

बिमला - मैंने उसको मारा उसकी खोपड़ी hi फूट गयी और वोह भेओस होक वह पड़ी है... वोह देखो... 😂...

चंदा - वह माँ मजा आ गया... इस बार जब ये होश में आये न तोह इसके दोनों टांग पे वार करना और उसके बाद एक बड़ा सा पत्थर से फ़ेंक के मारना ताकि इसकी रीद की हड्डी टूट जाए....

बिमला - वाओ 😍 आईडिया तोह बहुत मस्त है... हां.. ऐसा hi करुँगी... क्यों मल्टी...

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मल्टी - हां दीदी...

चंदा और मेनका वापस नीचे चले गए....

और फिर मोना कव्वा बांके... लता के पास गयी.... और उसको होश में लाया...

लता होश में आते hi...

लता - आअह्ह्ह्हह... मार... डाला रे..... आयआययययययय.... आआआआह्ह्ह्हह्ह्ह्ह....

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मोना जो चिंकी का ढोंग कर रही है...

मोना - क्या हुआ... क्या हुआ आपको लता जी....

लता - क्या बताऊ... ाःह..... इस घर में रहने वाले लोगो ने पत्थर मार्के मेरा सर फोड़ दिया.... ाआयीय.... आआह्ह्ह्ह.... इनकी माँ का भोस्दो बन जाए.... आआअह्ह्ह्ह...

मोना ( मैं hi मैं खुस होते हुए) - चलिए उठिये...... उठिये.... लता जी...... आप तोह बहुत स्ट्रांग है आपके लिए ये चोट एक मामूली बात है.... चलिए.... अब अपने दर्द को भूल जाइये... और जिस काम के लिए यहाँ आयी थी वोह बताइये......

लता - हां.... चल... मुझे थोड़ा सहारा दे दे..... ऊपर उदा के उस बड़े वाले पेड़ की टहनी पे ले चल..... यहाँ नीचे कई कुत्ते घूम रहे कही वोह हमें असली क्रो समझ के खा न ले...

मोना - हां.. हआ. चलिए....

मोना और लता एक बड़े से पेड़ की टहनी पे जाके बैठ गए.....

मोना - चिंकी - है अब बताइये क्या बात है...


लता - वोह लड़का संजू कहा है... सुमोना का आदेश है की जल्द से जल्द उस लड़के को पकड़ के लाया जाए जब तक वोह उस लड़के को मार नहीं लेती उसके अंदर जो बदले की आग जल रही है वोह संत नहीं होगी....

मोना - चिंकी - वोह तोह यहाँ नहीं है कही बहार गया है..... जब तक वोह आ नहीं जाता हम कुछ नहीं कर सकते विवश है...

लता - क्या... लेकिन हमको जल्दी hi उसका पता लगाना hoga...aur उसको यहाँ बुलाना होगा...

मोना - चिंकी - लेकिन कैसे....

लता - किसी को मार दो....

मोना - क्या... ये आप क्या बोल रही हो...

लता - हां..... मई ठीक बोल रही हु....

मोना - पर किसको....

लता - जिसको वोह लड़का अपनी जान से भी जायदा प्यार करता है....

मोना - ऐसा तोह एक hi है

लता - कौन

मोना - मल्टी काकी....

लता - हां.... तोह उसको hi मार दो...

मोना - ठीक है मई करती हु कुछ....

लता - हां....

अभी इन दोनों की बात चित हो hi रही थी की

बिमला - ारी ये कौवा कहा गया....

मल्टी - वोह देखो दीदी.... वोह रहा बड़े पेड़ की टहनी पे बैठा है.... और उसके साथ एक उसका दोस्त भी है लगता है दोनों एल्लु... एल्लु 😘 कर रहे है....


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बिमला - अभी इनकी एल्लु को पिल्लू करती हु.....

पहले तोह इस फूटी हुई खोपडिया वाली की टांगें तोड़ देती हु....

मल्टी - हां.. और मई दूसरी वाली की टांगें ...

मल्टी मोना की तरफ पत्थर फेंका लेकिन उसका निशाना चूक गया.... और मोना वह से उड़द के भाग गयी... लेकिन मल्टी का निशाना जो था जो उसने मोना पे लगाया था वोह मोना को तोह चूक गया लेकिन लता के पेअर को लगा और उसकी एक टांग टूट गयी... और उसी टाइम ⌚ बिमला ने भी पत्थर मारा और वोह पत्थर लता के पंक को लगा और वोह उस टहनी से गिर गयी ...

बिमला - वोऊ.. होऊ..... गिर... गयी.... 🤩🤩

मल्टी - लेकिन दूसरी वाली भाग गई. 🥲

बिमला - कोई नहीं इसके hi मजे लेते है... 😉

मल्टी :- हां..... 😁😁

बिमला - चल अब एक एक बड़ा सा पत्थर उठा के इसके ऊपर मारते है और उसकी चटनी बनाते है.... , 😁😁😁

मल्टी - हां.... 😃

बिमला और मल्टी दोनों ने एक एक बड़ा सा पत्थर उठाया और मारा लता बानी कौवे को..... वोह... काव... काव करती वही पर कोमा में चली गयी......

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बिमला -) लगता है चल बसा.. ये... चल अब नीचे चलते है... बहुत पाप कर लिए आज... चलके बुआ जी के पेअर दबा के थोड़ा पुण्य कर लेते है.... 😁😁

मल्टी - हां... चलो.... 😅

दोनों नीचे आ गए...

बिमला - बुआ जी... चलिए नहाने चलते है..

मल्टी ( धीरे से) - पेअर दबाने का क्या हुआ...

बिमला ( धीरे से) - ारी ऐसे hi पिलपिला गयी है.... अगर जयादा जोरसे पेअर दबा दिया तोह टूट जायेगा इनका पेअर इसलिए रहने दे... 😄

मल्टी - अच्छा... 😁...

मल्टी - हां बुआ जी चलिए चलते है.. नहाने 🚿

बुआ जी - मेरी आज थोड़ी तबियत खराब लग रही मई आज नहीं जा पाऊँगी.... मई आज नाहा ली तोह मुझे बहुत तेज़्ज़ भुखार हो जायेगा...

बिमला - अच्छा... ठीक है फिर आप रहन दो हम दोनों hi चले जाते है..

बिमला और मल्टी दोनों नहाने चली जाती है

बिमला और मल्टी दोनों अभी नहाने के लिए नदी के पास पहुंची थी की तभी... मल्टी के फ़ोन पे किसी का कॉल आता है.

मल्टी - hello...

हआ..... क्या..... कब.... लेकिन.... तोह... इसका मतलब.... लेकिन..... 🤯😰😱😨😰😢😭......


फ़ोन 📱 काट जाता है.....

बिमला - क्या हुआ मालती... किसका फ़ोन था और तुम ऐसे छुअक क्यों गयी....... और तुम इतनी दरी सहमी हुई क्यों हो.....

मल्टी... - ... दीदी.... बात hi कुछ ऐसी है की अगर आप भी सुनोगी तोह आपके भी होश उड़द..... जायेंगे.......

बिमला - आखिर बात क्या है.. जल्दी बता...

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मल्टी - दीदी... अभी... अभी.... दिनु का फ़ोन आया था...

बिमला - दिनु वही न तुम्हारी बुआ जी का बीटा...

मल्टी - हां...

बिमला - क्या बोल रहा था बुआ जी को लेने आ रहा है क्या...

मल्टी - दीदी.... यही तोह बात है... आज बुआ जी की तेरहवी है....

बिमला - क्या..... ये क्या कर रहे है वोह लोग जिन्दा आदमी का भी कोई तेरहवी करता है भला...

मल्टी - जिन्दा नहीं.... मर चुके हुए का किया जाता है दीदी.... और दिनु ने कहा की उस दिन हमारे वह से निकलने के बाद hi बुआ जी भी मर गयी.... इसलिए दिनु ने हमें फ़ोन भी किया....... वोह बस में जो फ़ोन आया था वोह दिनु का hi था जिसको बुआ जी ने नहीं उठाया था.... और दिनु बता रहा था की वोह जब भी फ़ोन करता हमें बताने के लिए फ़ोन उठता और काट जाता....

बिमला - इसका मतलब.....

मल्टी - इसका मतलब वोह बुआ जी का भूत है जो हमारे यहाँ आकर रह रहा है...

बिमला - तभी... तभी... वोह धुप में भी नहीं आ रही थी और नाही आग के करीब आ रही थी... मैंने सुना है भूत लोग आग से डरते है...

मल्टी - हां.... हमें जल्दी hi कुछ करना होगा....

बिमला - लेकिन ये बात समझ नहीं आयी की बुआ जी की आत्मा यहाँ क्या करने आयी है.... कही हमें मारने तोह नहीं आयी...

मल्टी - नहीं... मारने तोह नहीं आयी होगी वार्ना अब तक मार चुकी होती... लेकिन जो भी हो वोह है तोह एक आत्मा hi उसका खात्मा करना hi होगा.... चलो जल्दी पंडित जी के पास चलते है.....

मल्टी और बिमला नाहा धोके जल्दी से पंडित जी के यहाँ चले गए....

मल्टी - पंडित जी.... पंडित जी.... हमें बचा लीजिये...

पंडित - क्या हुआ....

बिमला साड़ी बात पंडित जी को बताने लगती है...

पंडित - वोह आत्मा अभी इतनी ताकतवर नहीं है इसलिए वोह तुम्हारा कोई अहित नहीं कर रही.... लेकिन आज से ठीक 2दिन बाद जब अमावस्या की वोह काली रात आएगी तब उस आत्मा को पूरी शक्तियां मिल जाएगी उसके बाद पता नहीं वोह क्या करेगी... उससे पहले hi उस आत्मा का खात्मा करना होगा....

ये सुन बिमला और मल्टी घबरा गए...

मल्टी - कुछ भी कीजिये... पंडित जी लेकिन मेरे परिवार को बचाइए....

पंडित - डरो नहीं.... ये भभूत लो और इसको ले जाकर उस प्रेत आत्मा के कमरे के बहार एक रेखा खींच दो.... जिससे वोह अभी उस कमरे से बहार नहीं निकल पाएगी....

और मई ये ताबीज़ दे रहा हु ये ताबीज़ घर के सभी धारण कर लेना ताकि वोह अगर उस रेखा को पार भी कर जाए तोह आप लोग को कोई नुक्सान न पंहुचा सके...

मई यहाँ से उस आत्मा को नस्ट करने की विधि ढूढ़ता हु... अब आप लोग जाइये... यहाँ से....

मल्टी और बिमला घर आ जाते है....

मल्टी.... जल्दी से बुआ जी जिस कमरे में रुकी थी उस कमरे के बहार भभूति से रेखा बना देती है...


और फिर मेनका और चंदा के पास चली जाती है...

मल्टी - मेनका चंदा दोनों कान खोल के मेरी बात सुनो..... जो ये बुआ जी बांके यहाँ आयी है न वोह कोई इंसान नहीं बल्कि एक भूत है.... जो पता नहीं किस मक़सद से यहाँ आयी है...

चंदा - क्या....

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बिमला - हां... फिर बिमला साड़ी बात बताती है...

चंदा - अब क्या करेंगे....

मल्टी - हमने पंडित जी से बात की है वोह इसको मारने का उपाय ढून्ढ रहे है.... तब तक के लिए हमारी सुरक्षा के लिए उन्होंने ये ताबीज़ दी है...... ये हमें पहनना है......

मोना ( मैं में) - अगर मैंने ये ताबीज़ पहना तोह मई गयी.... नहीं.. नहीं.. मई ये नहीं पहन सकती..... और इन्होने भी ये पहना और मुझे टच किया तोह मेरी असलियत इनके सामने आ जाएगी..... मई ऐसा नहीं होने दूंगी....

चंदा - रुको... रुको... पहले जिसको जिसको भी मूतना वगैरह है वोह निपटा लो..... उसके बाद hi पहनना....

सभी... हां.. हां... यही ठीक रहेगा...

सभी मूतने चले गए...

मोना वापस आ गयी और उसने सभी ताबीज़ को एक कपडे से पकड़ क्र टॉयलेट🚽 में फ्लश कर दिया और उसकी जगह अपनी जादू से दूसरा शामे तो शामे ताबीज़ वह पे रख दिया और चली गयी....


फिर सभी आ गए.... और सभी हे एक एक ताबीज़ उठाया और अपने अपने बाजू में बाँध लिया.... और एक चैन की गहरी सांस ली....

रात को सभी खाना खाने लगे.... आज खाना देने कोई नहीं गया बुआ जी के पास....

बुआ जी - आज कोई खाना देने नहीं आया... चलो मई खुद चलके देखती हु...

बुआ जी अपने कमरे से जैसे hi अपना पेअर आगे बढ़ाने को हुई उनका पेअर 🦶 भभूत से बनायीं गयी रेखा पर पड़ा और उनको बहुत जोर का झटका हाय जोरो से लगा... 😅

बुआ जी... - आआअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह... ये क्या हुआ.... मुझे इतना तेज़्ज़ करंट कहा से लगा....

बुआ जी ने हार नहीं मानी एक प्रयाश और किया..... फिर से झटका खा के अपने कमरे में फेका गयी... 😂

बुआ जी को अब सब समझ आ गया...

बुआ जी... - मल्टी... बीटा... मालती....

मल्टी की गांड फट गयी....

बिमला - जा.. मल्टी तेरी बुआ तुझे बुला रही है...


मल्टी - कोई मेरी बुआ ूवा नहीं है वोह... वोह एक भूतनी है... मई नहीं जा रही....

बिमला - देख जा.. न नहीं तोह वोह गुस्सा हो जाएगी तोह हमरै सामत आ जाएगी...

मल्टी - ठीक है मई जा रही लेकिन अकेले नहीं जाउंगी... आप भी साथ चलो...

बिमला - न बाबा ना.... मई नहीं जाने वाली.. तू मेनका या चंदा किसी को लेके जा...

चंदा - न बाबा न मई भी नहीं जाने वाली...

मल्टी - मेनका बेटी तू तोह चल...

मेनका - ठीक है काकी चलिए...

मेनका और मल्टी दोनों बुआ जी के कमरे के पास पहुंचे....

मल्टी - क्या हुआ बुआ जी.. कुछ चाहिए था क्या...

बुआ जी - बेटी.... भूक लगी थी आज खाना नहीं दिया.....

मल्टी - मेनका बेटी बुआ जी को भूक लगी है खाना ले आओ....

मेनका - जी माजी...

मल्टी - ारी रुक... अकेली कहा जा रही है तुझसे अकेले लाया नहीं जायेगा मई भी आती हु....

मल्टी मेनका के साथ खिसक ली...

बुआ जी... - मल्टी सुन तो... कहती रह गयी... 🥲

बिमला - क्या हुआ.... क्यों बुला रही थी वोह भूतनी...

मेनका - खाना मांग रही है... मई और माजी वही लेने आये है...

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मुझे तोह डर लग रहा... दररके मारे मई अपने नाखून चबा रही 🥺🥲


बिमला - जाओ.... जाओ... जल्दी देके आओ... लेकिन एक मिनट... भूत लोग खाना कहते है क्या... उनके पास तोह बॉडी hi नहीं होती तोह खाना जाता कहा है...

मल्टी - अभी ये सब सोचने का टाइम नहीं है... जल्दी से उसको खाना देके आते है...

मल्टी और मेनका खाना लेके बुआ जी के कमरे के पास पहुंच जाती है....

बुआजी... - बेटी.... मल्टी.... ये राख ( भभूत) क्यों लगा रखा है कमरे के बहार.....

मल्टी - वोह फैशन है बुआ जी... आप खाना खाओ... ये लो... भभूत के ऊपर से पर करके जल्दी से हाथ खींच लिया....

बुआ जी... - ारी.. आज ऐसे क्यों खाना दे रही हो... आओ अंदर आओ थोड़ा देर बैठो मेरे साथ बात करेंगे कहते कहते..

मल्टी - नहीं.. नहीं.. मुझे नींद आ रही बुआ जी... आप खाना खाओ... और टीवी देखो मई चली सोने...

अगर आपको कुछ चाहिए होगा तोह घर में है आपको छोड़ के हम 4 लोग हम चारो में से किसी को भी मत कहना.... ब्येई...


मल्टी मेनका का हाथ पकड़ के जल्दी से वह से भाग गयी..

बुआ जी... - लगता है इनको मेरी सच्चाई पता लग गयी.... अब क्या करू... इनको ऐसे तोह नहीं छोड़ सकती....

मल्टी तेज़्ज़ी से दौड़ते हुए आके टेबल से टकरा जाती है...

मल्टी - आह... साली.. बुआ... तेरे चक्कर में मई टकरा गयी.... तेरी तोह.. भूत बांके तुझे मेरे hi घर आना था क्या.... और दीदी आप आपको बड़ा सौक था न बुआ जी के साथ टाइम बिताने का जाओ अब क्यों नहीं जा रही...

बिमला - ारी उसके पास जाने से अच्छा मई इस ठण्ड के मौसम में रात को नहाना पसंद करुँगी वोह भी गरम पानी से 🥲

चंदा - चलो जल्दी जल्दी खाओ पियो और सो जाओ...

मेनका - मई क्या कह रही थी की जब तक पंडित जी इस बुआ का गेम नहीं बजा लेते तब तक हम सभी क्यों न हवेली में जाके रहे.... कब तक यहाँ दर के रहेंगे...

बिमला - गुड आईडिया. 💡..

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मल्टी - नहीं... 😟वैरी गुड आईडिया...

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चलो सभी... अभी के अभी..

चारो रात को hi घर छोड़कर हवेली के लिए निकल पड़े... और हवेली में जाके रात को सोने लगे...
 
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