अडुल्टेरी 𝐁𝐡𝐨𝐨𝐭 𝐤𝐢 𝐦𝐚𝐚 𝐤𝐢 𝐜𝐡𝐨𝐨𝐭 🥰 - Page 2 - SexBaba
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अडुल्टेरी 𝐁𝐡𝐨𝐨𝐭 𝐤𝐢 𝐦𝐚𝐚 𝐤𝐢 𝐜𝐡𝐨𝐨𝐭 🥰

संजू रात को खाने के बाद हरिया के घर में हे रुक जाता है...

लेकिन उसका मैं पता नहीं क्यों बार बार हवेली जाने का करता रहता है...

संजू अपने आप को हवेली जाने से रोक नहीं पता है और धीरे से बिना किसी की नींद को बिना तोड़े चुपचाप हरिया के घर से निकल के धीरे धीरे अपने कदम बढ़ाते हुए हवेली की ऑर्डर चल पड़ा...

और वह वापस उस जगह पे पहुंच गया... जहा पर कल उसने सफ़ेद साड़ी में एक चुड़ैल को अपनी तरफ आते हुए देखा था...

संजू -- आज कहा है वो चुड़ैल.... मुझसे मिलने क्यों नहीं आ रही...

संजू ने कुछ समय तक उसका वही खड़े होकर इंतज़ार किया.... लेकिन आज संजू को खड़े हुए आधा घंटा से ज्यादा हो गया... कोई चुड़ैल वह नहीं आयी न हे किसी के रोने की आवाज़ वह आयी...

संजू ने अब अपने कदम हवेली की तरफ बढ़ा लिए...

संजू - ये हो क्या रहा है... साला... वह हरिया काका बोलता है की जिसको मैंने देखा हवेली में वह सुंदरी नहीं बल्कि कोई चुड़ैल है... और अब जब मई उस चुड़ैल का इंतज़ार कर रहा हु यहाँ... तोह आ नहीं रही.... जरूर कुछ गड़बड़ है...

संजू ऐसे हे अपने कदम बढ़ाते हुए हवेली पहुंच गया...

हवेली के अनादर पहुंचते हे संजू के होश उड़द गए....

हवेली.... में आज कोई उजाला नहीं था हवेली वीरान थी.... और बाकी दिन की तरह वह कोई लाइट भी नहीं जल रही थी....

संजू अपनी फ़ोन की टोर्च जला के हवेली के अंदर अपने कदम बढ़ाने लगा....

संजू -- सुंदरी.... सुंदरई.... कहा.. हो तुम सुंदरी....

संजू सुंदरी को आवाज़ देते हुए हवेली की सीडिया छेड़ने लगा...

तभी.... संजू के कान में किसी के रोने की आवाज़ आयी...

ऊऊऊह्ह्हह्हुउउउउ....... ऊऊऊह्ह्हह्हुउउउउ....

संजू ( घबराते हुए) -- कक्क... कौन.. है...

सुंदरी.... कहीए... तुम तोह नहीं...

no रिस्पांस.....

संजू -- देखो... सुंदरी..... अगर तुम हो तोह मुझे बता दो.... मुझे ऐसे डराओ मत न..

no रिस्पांस.....

तभी एक काला साया... राजू के टोर्च से निकल रही रोशिनी से तेज़्ज़ी से पार हुआ...

संजू -- कककक.... कौन... है.... सुंदरी.... देखो... मुझे डराओ mat....please सुंदरी.... कहा हो तुम आज अपना खाना नहीं खिलाओगी क्या... य्र्र..??

ऊऊऊह्ह्हह्हुउउउउ..... ऊऊऊह्ह्हह्हुउउउउ.....

संजू अपनी कदम सीढ़ियों पे बढ़ाते हुए ऊपर छेड़ने लगा...

तभी संजू को उसके पैरो की आवाज़ के साथ साथ किसी और के भी पैरो की आवाज़ सुनाई देने लगी...

संजू ( ारी साला... ये क्या... मई जब एक कदम आगे बढ़ता हु तोह ये 2 कदमो की आवाज़ कहा से आ रही है...)

संजू ने अपने पीछे मुद के देखा की ये दूसरा कदम बढ़ाने वाला कौन है...

पीछे पलट ते हे... संजू चौक गया...

संजू -- ारी यहाँ तोह कोई भी नहीं है... तोह फिर ये दूसरे कदम की आवाज़ कहा से आयी... हो सकता है की मेरा वहां हो...

संजू ने फिर से अपने कदम आगे बढ़ने के लिए जैसे हे उठाये थी की.... किसी के कदमो की आवाज़ ने संजू को हैरान कर दिया...

संजू -- ारी कौन मादरचोद है जो बार बार कछार कर रहा... अगर जाना है तोह जा न बी भोस्डिके ले... जा तू हे पहले जा मई हाथ देता हु सामने से...

ये कहते हुए संजू सीढ़ी की एक साइड खिसक के खड़ा हो गया...

संजू -- ले... जा न अब... क्या हुआ भोस्डिके के अब बजा न बजा न बजता क्यों नहीं अपने कदम... निकल भोस्डिके.... बहुत जल्दी मच रही थी न तोह जा...

संजू घबराहट के मारे... अनाप सनाप बोले जा रहा था..

जब कुछ देर तक कोई आवाज़ नहीं हुई... तोह संजू ने अपने कदम फिर से आगे बढ़ाने का सोचा और जैसे हे अपना एक कदम बढ़ाया... की फिर से किसी के कदमो की आवाज़ आने लगी...

संजू -- अब तुझे नहीं छोडूंगा मई... साले

जैसे हे गुस्से में संजू पलटा की उसको एक बाल बिखरे हुए अपने मुँह में चुना पोती हुई औरत अपने लम्बे नाखूनों को संजू के शर्ट पे सहलाते हुए मिली...

संजू ने उसको देख के कहा...

संजू - साली कमीनी.... कबसे तुझे वह रस्ते में ढूंढ रहा था अब आयी है तू... अब जेक टाइम मिला तुझे..... कुटिया चिन्तल... कहा अपनी गांड मरवा रही थी जो इतनी देर कर दी बता बोल... और ऊपर से जब आयी है तोह मुझे डराने की कोशिश कर रही मुझे....

संजू उसको गुस्से में जोर से डाटने लगा...

तभी

चुड़ैल ( अपने दत्तू को किटकिटाते हुए... संजू के चेस्ट पे अपने नाखून घड़ाने लगी...

संजू - आह्हः.... मादरचोद.... मेरे जिस्म पे नाखून तोह आज तक मैंने नहीं गदया तू भैसिडीकी... चूड़ाकड चुड़ैल मेरे जिस्म पे नाखून गड़ायेगी रे...

चटाककक.....

संजू ने इतनी जोर का तमाचा मारा... वह चुड़ैल.... सीढ़ियों से लुड़कते हुए गिरने लगी... और जेक ग्राउंड फ्लोर पे गिर पड़ी...

चुड़ैल-- आअह्हह्ह्हुउउउउ आआह्ह्हुउउ

करके रोने लगी...

संजू - साली एक तोह लेट से आती है और ऊपर से मैनर्स भी नहीं है.. लगता है तेरी चुड़ैल माँ ने तुझे कोई चुडैलू वाले संस्कार नहीं दिए... चल जा और यहाँ तभी आना जब तेरी माँ तेरे साथ आयी हो...

वह चुड़ैल रोटी हुई अपने गाल सहलाते हुए भाग कड़ी हुई...

तभी पीछे से संजू के कानो mein...phir से किसी की रोने की आवाज़.... आयी...

संजू ने उस आवाज़ का पीछा करना चालू किया... और जेक देखा तोह वह आवाज़ तोह उसके हे कमरे से आ रही थी...

संजू -- ारी.. किसकी मौत आयी है जो मेरे कमरे में घुसा है...

वह आवाज़ संजू की आवाज़ सुनके संत हो गयी..

संजू -- देखो जो कोई भी है निकलो निकल जाओ मेरे कमरे से बहार.... वर्ण अच्छा नहीं होगा...

फिर से ऊऊऊह्ह्हह्हुउउउउ ऊऊऊह्ह्हह्हुउउउउ करके किसी की रोने की आवाज़ बीएड के बगल से आने लगी..

संजू ने अपने हलके हलके कदम बढ़ाते हुए.... उस आवाज़ के पास गया..

वह बीएड के बगल में एक लड़की अपने घुटने मोड़ के बैठी अपना सर अपने घुटने से टिका के बिकते हुए रो रही थी...

संजू -- hello..excuse... में... मैडम... छूटनी मैडम... hello.. आप कौन हो..

वह लड़की बिना संजू की बात का जवाब दिए..

रोये जा रही थी... ऊऊऊह्ह्हह्हुउउउउ...

संजू ने उसको अपनी किसी भी बात का जवाब न देता हुआ देख... अपने हाथो को आगे... बढ़ाते हुए उस लड़की के कंधे पे रखा...

उस लड़के का कन्धा.... बहुत हे ठंढा सा महसूस हो रहा था...

संजू ने उसके कंधे को पकड़ के थोड़ा हिलाया...

संजू -; hello चुटनी मैडम..... आप रो क्यों रही है... कही आपकी छूट में खुजली तोह नहीं हो रही न..

संजू के अपने कंधे पे हाथ पड़ते हे उसका रोना बंद हो गया...

और उसने... अपना चेहरा थोड़ा सा ऊपर उठाया.. और संजू को देखने लगी..

संजू ने उसके चेहरे पे फ़ोन की टोर्च मारी.

संजू -- सुंदरी तुम... यहाँ ऐसे क्यों बैठी हो और रो क्यों रही हो

सुंदरी - no रिस्पांस...

संजू -- उठो बीएड पे बैठो...

संजू ने उसको उठा के बीएड पे बिठाया...

सुंदरी अब भी संजू को बस देखे जा रही थी... लेकिन कुछ बोल नहीं रही थी..

संजू -- बताओ.. न... क्या हुआ है... तुम रो क्यों रही थी...

सुंदरी -- क्यों की कल आप मुझसे गुस्सा होकर मेरा बनाया खाना बिना खाये आ गए थी और जब मई आयी दरवाज़ा खटखटाया तोह पर भी आपने दरवाजा नहीं खोला...

संजू -- अच्छा.. उस बात के लिए तुम रो रही हो.. वह तोह मई कब का भूल भी गया... और मई गुस्सा नहीं हुआ था वह तुमने मुझे बोरिंग करने के लिए मन किया न इसलिए मई थोड़ा वररेक्ट कर गया... ी ऍम सॉरी...

संजू ने अपने कान पकड़ लिए...

सुंदरी - ये आप क्या कर रहे है... मैंने आपको माफ़ किया...

संजू - मई नहीं मानता.

सुंदरी -; मई कह रही न की मैंने आपको माफ़ किया...

संजू -; न न न.. न बाबा न... मई नहीं मानता..

सुंदरी - क्यों... नहीं मान रहे...

संजू - अगर तुम मुझसे एक वादा करोगी तब हे मई मानूंगा की तुमने मुझे माफ़ कर दिया...

सुंदरी -- वादा... कैसा वादा..

संजू -- पहले वादा करो फिर बताऊंगा...

सुंदरी -- अच्छा बाबा ठीक है.. वादा. अब बताओ न साहब..

संजू - पहले तोह ये साहब साहब बोलना बंद करो और चुपचाप अपने वाडे के मुताबिक मेरे सवालों का जवाब दो..

सुंदरी - सवाल कैसे सवाल..

संजू -; यही की तुम कौन हो और है मुझे सिर्फ सच सुन न है...

सुंदरी -- वह वह.. मई नहीं बता सकती...

संजू -; अच्छा तोह अब तुम अपने वाडे से मुकर रही हो... और मुझे ऐसे लोग से सख्त नफरत है जो वादा तोड़ते है...

संजू वह से उठ के जाने लगा...

सुंदरी -; रुकिए.....

संजू - क्या फायदा अब रुकने का.. जब तुम्हे मेरी बातों का जवाब हे नहीं देना..

सुंदरी को संजू की बातों से तकिल्फ़ होने लगी..

सुंदरी -; ठीक है आपको जो. पूछना है पूछिए... मई सब का सही सही जवाब देने को तैयार हु...

संजू -- अच्छा.. तोह सबसे पहले मुह्जे ये बताओ की तुम कौन हो...

सुंदरी -- मेरा नाम सुंदरी है

संजू -- झूट.. तुम्हारा नाम सुंदरी नहीं है..

सुंदरी -- नहीं... मेरा नाम हे सुंदरी है...

संजू -- अच्छा... तोह ये बताओ की तुम्हारे घर वाले कहा..

सुंदरी - वह हरिया... मेरे भाई का लड़का है..

संजू -- झूट...

सुंदरी -- नहीं ये सच है...

संजू -- अच्छा एक बात बताना की हरिया काका ने कभी तुम्हे जिन्दा देखा था..

सुंदरी -; हां.. जब मई 30 साल की थी तब हरिया 12 साल का था...

संजू -- क्या...

सुंदरी -- हआ..... ये सच है की मई हरिया की बहिन nhi...balki बुआ हु...

संजू -: तोह फिर हरिया काका ने तुम्हारी तस्वीर देख के मुझे ऐसा क्यों कहा की ये एक चुड़ैल की तस्वीर थी जिसको ठाकुर सुरेंद्र सिंह ने बीच चौराहे पे जलाया था..

सुंदरी - क्या... ये तुम क्या बोल रहे हो...

संजू -- मुझे जो हरिया काका ने कहा मई बस वही बोल रहा..

सुंदरी - क्या हरिया ने तुमसे मेरी फोटो देख ये सब कहा..

संजू -- हां.. तोह अब चलो अब अपना सच बताओ की कौन हो तुम.... क्युकी सुंदरी तोह तुम हो नहीं... वर्ण हरिया काका अपनी बुआ को नहीं पहचानते ऐसा कभी हो नहीं सकता..

सुंदरी - मेरा यकीन कीजिये..

मई हे सुंदरी हु... हरिया की बुआ.. लेकिन हरिया ने ऐसा क्यों कहा ये मुझे नहीं पता..

संजू -- हरिया काका मुझसे क्यों झूट बोलेंगे... जरूर तुम हे झूट बोल रही हो...

सुंदरी -- नहीं मई सच बोल रही हु.. मेरी बातो का यकीन करिये..

संजू - अच्छा तोह एक बात बताओ... तुम जिन्दा हो या मर चुकी हो..

सुंदरी -- मई एक आत्मा... हु... जो भटक रही हु अपने प्रेमी की तलाश में...

संजू -; क्या प्रेमी की तलाश में...

सुंदरी -- हां.. अपने प्रेमी की तलाश में....

संजू -- फिर झूट...

सुंदरी - नहीं ये झूट नहीं सच है...

संजू -- पर मुझे तोह हरिया काका ने कुछ और हे बताया.. था... की देशराज ने तुम्हारी इज़्ज़त लूटनी चाही थी और तुमने छत से कुड़के अपनी जान दे दी...

सुंदरी -- नहीं ये सच नहीं है..

संजू - तोह फिर सच क्या है..

सुंदरी -- बात तब की है.. जब मेरी शादी के लिए लड़के देखे जा रहे थी और मेरी शादी के लिए रिश्ता.... आया था एक बड़े घर का....

मई बहुत खुस थी... क्यों की लड़का सुन्दर था..

संजू ( जलते हुए) - ओह्ह आगे..

सुंदरी - वह एक दिन मई जब नहाने जा रही थी तब मैंने देखा जंगल की तरफ... कुछ लोग एक लड़की को उठा के ले जा रहे है...

मैंने उनका पीछा किया. और उनकी जगह का पता लगा कर... वह से भागी भागी हवेली पहुंची और ठाकुर साहब को ये बात बताई...

ठाकुर साहब ने तुरंत अपनी बन्दूक निकली और उस जगह पे मेरे साथ अपने कुछ आदमी लेकर चल दिए....

वह पहुंच के ठाकुर साहब ने उन लोगो को गोली मार दी...

लेकिन उनमे से एक बच निकला... और उसने ठाकुर को मारने के लिए भूत प्रेतों का सहारा लेना शुरू किया..

कुछ दिन बाद.... जब देशराज जी यहाँ आये थी तोह ठाकुर साहब हवेली में नहीं थी... तब मेरा भाई देशराज के साथ रहता था... एक रात को देशराज ने मेरे साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की थी लेकिन... उसका अंजाम यह हुआ की इस हवेली में रह रही सुमित्रा देवी की आत्मा ने उसको सबक सीखा दिया.... और देशराज रातों रात यहाँ से भाग खड़ा हुआ.. उसके दूसरे दिन हे मुझे सुबह पानी भरने जाना था जंगल के कुए में तब सुबहब के 5 बज रहे थी... तोह मई जब जंगल के कुए में पानी भरने पहुंची तोह वही मुझे वह भागा हुआ उस दिन का वह आदमी मिल गया.. उसने मुझे ठाकुर साहब के साथ देख लिया... था उसने मुझे देखते हे पहचान लिया... और उसके बाद उसने मुझे मार के मेरे टुकड़े टुकड़े करके हवेली के पीछे की जमीं पे सरीर के टुकड़ो को गाड़ दिया... इसलिए सबको ये लगता है की मैंने छत से कूद के अपनी जान दी थी... लेकिन ऐसा नहीं है..

संजू -- अच्छा... तोह यहाँ तुम्हारे अलावा सुमित्रा नाम की एक और आत्मा रहती है...

सुंदरी -- हआ.....

संजू -- लेकिन तुम किसी प्रेमी की तलाश वाली बात कर रही थी उसका क्या..

सुंदरी -- हां.. उसकी शकल तुमसे मिलती थी... मैंने जो उसकी फोटो देखि थी वह बिलकुल तुंहरे जैसी थी...

संजू -: क्या मेरे जैसी.... पर ऐसा कैसे हो सकता है... मेरी सकल तोह मेरे दादा जी जैसी है तोह क्या तुम्हारा रिश्ता मेरे दादा से तय हुआ था

सुंदरी - क्या वह तुम्हारे दादा थी .

संजू - हां... सब को पता है की मेरी सकल दादू से मिलती है... दादी ने तोह ये भी कहा था की जिस रात दादू की मौत हुई उसके ठीक कुछ हे देर बाद मेरा जन्म हुआ इसलिए दादी मुझे दादा का हे रूप मानती थी..

सुंदरी -- मुझे..... कुछ नहीं पता ... मुझे तोह बस इतना पता है की मई इस शकल और शुरआत की वाले आदमी की प्रेमिका हु.... चाहे दादा हो या पोता मुझे उससे कुछ फरक नहीं होता...

संजू -- ओह्ह्ह... अच्छा.. तोह क्या यही वजह थी की तुमने मुझे नहीं मारा..

सुंदरी -- ारी नहीं... मई मानती हु की तुम मुझे देखते हे पसंद आ गए थी.. लेकिन मई तुम्हे एक बात आज बता देना चाहती हु...

संजू -- कौन सी बात...

सुंदरी -- की.... वह मारने वाला काम मेरा नहीं है... बल्कि.... यहाँ भटक रही एक और आत्मा सुमित्रा देवी की आत्मा का है...

संजू -- क्या... अभी वह आत्मा कहा है...

सुंदरी -- अभी उनकी आत्मा ..... 2 दिन के लिए... हवेली को छोड़ के गयी है... उनका कुछ अधूरा काम था जिसको पूरा करना था उनको... इसलिए...

संजू -- कैसी अधूरा काम..

सुंदरी -- किसी को मौत के घात उतारने का..

संजू- किसको...

सुंदरी -- वह तोह मुझे नहीं पता..

संजू -- अच्छा... तोह अब ये बताओ.. की यहाँ की लाइट क्यों नहीं है...

सुंदरी -- वह तोह मई उदास थी न... इसलिए..

और ऊपर से सुमित्रा देवी की आत्मा भी यहाँ नहीं है... वह रहती है तोह.... उनकी खिदमत में हम आत्माओ को यहाँ रहना पड़ता है..

संजू -; एक मिनट... यहाँ तुम दोनों की आत्माओ के अल्वा भी और आत्माएं है क्या...

सुंदरी -- हां.. इस हवेली में हे क्या... इस गाओं में जिस तरह इंसान घर बना के रहते है वैसे हे इनविजिबल रूप में भूत भूतनिया और उनके बच्चे भी रहते है...

संजू 🧐 -- क्या... भूतो के बच्चे भी होते है..

सुंदरी -- हआ....

संजू -- अच्छा तोह इस हवेली में तुम्हारे अलावा और कौन कौन सी भूत या भूतनी है..

सुंदरी - हवेली में मेरी अलावा सुमित्रा देवी की और उनकी नन्द की और यहाँ काम करने वाली 2 और नौकरानी चंपा और कजरी का भी भूत है...

संजू -- अगर ऐसा है तोह वह मुझे क्यों नहीं दिखती सिर्फ तुम हे क्यों दिखती हो...

सुंदरी -- वह इसलिए क्यों की.... अभी तक उन सब को आपके यहाँ होने का पता नहीं चला है... वह सब 2ंद फ्लोर और 3रद फ्लोर में रहती है...

2ंद फ्लोर में चंपा और कजरी का भूत रहता है.. और 3रद फ्लोर में सुमित्रा देवी और उनकी ननद कंचन का भूत रहता है... और इस 1सत फ्लोर का कार्यभार मुझे सौपा गया है...

संजू -- अच्छा... तोह क्या अगर मई उन फ्लोर में जाओ तोह वह मुझे दिखाई देंगी क्या मई उनको छू पाऊंगा..

सुंदरी - हां दिन में आपको नहीं छू सकते लेकिन रात में ऐसा संभव है.. दिन में वह दिखाई भी नहीं देगी.... दिखेगी तोह बस एक काली परछाई...

संजू -- ओह्ह.... यहाँ तक तोह समझ आ गया... लेकिन मेरी एक बात समझ में नहीं आयी... की हरिया ने मुझे ऐसा क्यों कहा की तस्वीर वाली आवर्त कोई चुड़ैल है... उसकी बुआ सुंदरी नहीं जबकि ये तस्वीर तोह तुम्हारी है....

बाकि नेक्स्ट अपडेट में..
 


संजू -- लेकिन हरिया फिर तुम्हारी तस्वीर देख के ये क्यों कहा की वह तस्वीर तुम्हारी नहीं बल्कि किसी चुड़ैल की है...

सुंदरी - यही बात मेरी समझ में भी नहीं आ रही की हरिया ने ऐसा क्यों कहा..

संजू -- अच्छा... वह बात छोडो... पहले ये बताओ.... की आज तुमने हवेली में एक भी लाइट क्यों नहीं जलाया... और न हे मेरे लिए खाना बनाया...

सुंदरी -- मई आपसे नज़र हो गयी थी... आप ने कल मेरा खाना भी नहीं खाया...

संजू -- तोह क्या हुआ... कल का आज हे एक साथ खा लूंगा...

सुंदरी -- सच...

संजू - हां.. सच...

सुंदरी -- ठीक है फिर मई अभी.... खाना बना के लाती हु आपके लिए..

संजू -- तब तक मई क्या करूँगा...

सुंदरी - तब तक.... आप आराम करिये...

संजू -- तुमने वह कहावत नहीं सुना क्या.. आराम हराम है...

सुंदरी -- तोह फिर क्या करने का सोच रहे है आप..

संजू -; मई तोह अपनी रात को रंगीन करने के बारे में सोच रहा था...

सुंदरी - मतलब...

संजू +- क्या तुम नहीं समझी..

सुंदरी -- नहीं नहीं मई समझ गयी.. आप यही चाहते है न की हवेली में रंग बिरंगे लाइट 💡 जलाये जाए... आपका काम हो जायेगा...

संजू ( मैं में) - कैसी बेवक़ूफ़ भूतनी स्व पला पड़ा है... खैर छोडो हमको क्या....

सुंदरी - ठीक है मई अभी खाना बना के आती हु... तब तक आप भी हाथ मुँह धो लीजिये.

संजू -- लेकिन... यहाँ पानी कहा है ीरर्र

सुंदरी -- रात को आपको जो चाहिए... वह सब मिल जाएगा...

संजू -- सच में...

सुंदरी -- हां.. जेक बाथरूम में चेक कीजिये ...... आपके लिए गरम पानी आ रहा होगा..

संजू -- वाओ मई अभी जेक चेक करता हु...

सुंदरी जो पहले उदास थी और रो रही थी अब उसका चेहरा फिर से खिल उठा था.. और उसने हवेली की फिर से जगमगा दिया था... वह भी आज रंग बिरंगे लाइट के साथ...

संजू भी अब बाथरूम में चला गया.. अपना हाथ मुँह धोने...

संजू - क्या बात है संजू.... ी ऍम प्राउड ऑफ़ यू... इंसान होक भूतनी को पता रहा है सही है बेटे सही है...

अपने आप से बात करते हुए संजू ने हाथ मुँह धोया... और फिर नीचे आने लगा... तभी उसकी नज़र उसके रूम के खिड़की पे पड़ी...

खिड़की से हवेली के बहार वाला गेट साफ़ साफ़ दीखता था..

संजू की नज़र खिड़की पे जैसे हे पड़ी.. उसकी आंखें फटी की फटी रह गयी.....

बहार वाले गेट के पास सफ़ेद साड़ी में एक औरत कड़ी थी और संजू के रूम की तरफ हे देखे जा रही थी...

संजू - ये मादरचोद चुड़ैल कही की फिर से आ गयी.... और मेरे हे रूम की तरफ देखे जा रही है... इसकी माँ का सकीय नका... लगता है की एक थप्पड़ काम पद गया इसके लिए... इसको और भी थप्पड़ चाहिए....... अभी बताता हु... इसको

संजू ने गुस्से में तमतम्मते हुए... अपने रूम से निकला और सीढ़ियों से नच्चे उतारते हुए...... हवेली से बहार निकलने लगा...

सुंदरी अपना खाना बनाने में किचन में मगन थी...

संजू ने हवेली के गेट से बहार निकल के सामने वाले गेट को देखा...

संजू ( हैरान) -- अभी तोह गेट के बहार हे कड़ी थी.... अभी अचानक कहा गयाब हो गयी..

और ये है कौन... इस भैसदीक़ी के बारे में सुंदरी से पता करना पड़ेगा...

संजू जैसे हे हवेली के अंदर जाने के लिए घुमा की तभी.... पीछे से उसको किसी के दातून की किटकिटाने की आवाज़ आने लगी.. संजू ने तुरंत मुद के देखा...

संजू - ारी भैसिडकी... तू फिर आ गयी... और आ गयी सो आ गयी ऊपर से मेरे पीठ पीछे दांत किटकिटा गयी... और ये ले...

संजू ने एक ीता उठाया और फ़ेंक के चुड़ैल के मुँह पे मारा... उसका एक दांत टूट गया... और उस चुड़ैल के मुँह से जोर दार चींख निकली...

चुड़ैल --- aaaaaaaaaaahhhhhhhhh....... तू मरेगा.... मरेगा.... तू....... जिन्दा... नहीं बचेगा.... हहहहहहहह.... 😆😆.

संजू - है मारूंगा... मारूंगा और जरूर मारूंगा... लेकिन तेरी गांड... भोस्दीक़ी..

चुड़ैल-- तू कुछ भी नहीं जनता.... की तूने यहाँ आके कितनी बड़ी गलती की है.... चला जा यहाँ से... ये हवेली छोड़ के चला जा...

संजू -; अच्छा... ठीक है मई चला जाऊंगा.. लेकिन उसकी एक शर्त है..

चुड़ैल - शर्त कैसी शर्त..

संजू -- तुझे मेरे 100 बच्चो की माँ बनाना पड़ेगा...

बोल शर्त मंजूर है..

चुड़ैल - कमीने... ठरकी... एक चुड़ैल के साथ मजाक करता है...

संजू -; मजाक नहीं मेरी चुदड़ो रानी... ये सच है... की अगर मई यहाँ से गया उससे पहले तू मेरे 100 बच्चो की माँ बांके रहेगी... और ये मेरा वादा है तू चाहे कुछ भी कर ले लेकिन.... अब तूने इस संजू को उकसा दिया है और अब तू मेरे नीचे जल्दी हे लेटने के लिए तैयार हो जा...

चुड़ैल - ऐसा कभी नहीं होगा बच्चे.... तू जनता है की तू किसे चुनौती दे रहा है...

संजू -- है जनता हु न मई अपने होने वाले 100 बच्चो की चुड़ैल मुम्मा को चुनौती दे रहा... अब जा और है कल से थोड़ा सज सवार के आना... और बाल बाँध के आना... प्यारी लगोगी..

चुड़ैल गुस्सा होते हुए चली जाती है...

( ऐसा क्या था संजू में जिसके कारन.... कोई उसका बाल भी बका नहीं कर पा रहा था सुंदरी का न मारना तोह समझ में आया की वह उसके होने वाले पति की शकल यानि की संजू के दादा की शकल का hai...lekin चुड़ैल का ऐसे संजू को बिना नुक्सान पहुचाये चले जाना क्या राज़ हो सकता है इसमें..)

संजू... अब अनादर आ गया...

सुंदरी -- क्या हुआ किस से बात कर रहे थी ..

संजू -- ारी है सही सवाल किया है तुमने..

मुझे एक बात बताओ... ये सफ़ेद साड़ी वाली चुड़ैल कौन है जिसने कल मुझे हरिया काका के घर से आते समय डराया और आज तोह यहाँ हवेली तक आ गयी और अभी बहार भी आयी थी.....

सुंदरी -- क्या... सफ़ेद साड़ी वाली चुड़ैल..... कही वह आ तोह नहीं गयी...

संजू -- कौन और किसकी बात कर रही हो तुम....

सुंदरी -- वही चुड़ैल जिसने गांव में आतंक मचाया था...

संजू -- हो सकता है... की ये वही हो...

तभी संजू की नज़र... सुंदरी के ूठो से निकल रहे खून पे पड़ी..

संजू ( मैं में) - ये खून सुंदरी के उठ पे कैसे और वह भी बिलकुल उसी जगह पे जहा पे उस चुड़ैल का खून निकला रहा था...

ऊऊओह्ह्ह्ह.... बेटे की दम.... अब समझ आया.,.. की हरिया काका ने क्यों कहा था की ये सुंदरी वुन्दरी नहीं है.... अच्छा बेटी तोह हमसे खेल खेल रही हो तुम.... न मुन्नी न... बाप से होसियारी नहीं करना चाहिए था अब देखो ये बाप अपनी बेटी की कैसे लेता है.... तभी तभी... मई सोचु की साला... हरिया काका क्यों झूट बोलेगा.. बी... झूट चलवा और बेमानी तोह प्रेत आत्माओ का काम है... और इसने तोह मुझे आज फसा हे लिया था... क्या बात है ....

सुंदरी -- कहा खो गए... आओ खाना खा... लो...

संजू - खाना तोह मई खाऊंगा... हे लेकिन... वह खाना तुम हो जिसे मई खाऊंगा...

सुंदरी -- क्या मतलब.....

संजू ( मुश्कुराते हुए ) -- नहीं समझी... ठीक है मई समझाता हु...

संजू ने सुंदरी के कपडे को पकडे और ोहाड़ दिए...

सुंदरी -- ये ये क्या कर रहे हो...

संजू - खाना खाने की तयारी कर रहा हु....

सुंदरी ( थोड़ा गुर्राते हुए) - ये क्या मजाक है खाना तोह तबेल पे रखा है फिर.... तुम

संजू -- मेरा खाना तोह तुम हो... मुझे तुम्हारे इस जिस्म की भूक है..

सुंदरी -- क्या...

संजू - हां... मेरी चुड़ैल....

और कहते हे संजू ने सुंदरी की छोटी को पकड़ लिया....

सुंदरी ( गरजते हुए) -- आआह्ह्ह.... छोड़... मुझे.... मैंने कहा छोड़ मुझे..

संजू - और मैंने कहा गांड मारा मुझसे...

सुंदरी -; कमीने छोड़... मुझे...

संजू -- नहीं छोड़ँगा... जब तक तू ये भी बताती की असली सच्चाई क्या है...

और ये सुंदरी और चुड़ैल का क्या नाटक है...

सुंदरी -- आअह्ह्ह्ह..... छोड़ मुझे......

संजू -- चटाक्क्क्क.... भोस्दीक़ी... बोल रहा की जब तक नहीं बताएगी तब तक भी छोडूंगा तोह कान में बात जा नहीं रही तेरे.. ये ले चट्टाअक्क.... छहहातट्ठाककक.

सुंदरी -- आअह्ह्ह्हह...... छोड़... मेरी छोटी...

संजू -- बोल सच नहीं तोह अभी तोह सिर्फ पकड़ा है अगर नहीं बताई तोह काट दूंगा तेरी छोटी...

सुंदरी -: नहीं नहीं ऐसा मत करो..

मई सब सच बताती हु... लेकिन प्लीज मेरी छोटी मत काटना....

संजू -; चल बता.... जल्दी से वर्ण...

जेब से चाकू निकलते हुए...

सुंदरी -; मई हे वह चुड़ैल हु... जिसको गांव वालो ने और इस हवेली के ठाकुर ने जलाया था....

संजू -- तोह सुंदरी कहा गयी...

चुड़ैल -- देश्री से भागते हुए वह छत्त से कूद गयी और फिर मैंने उसकी आत्मा को क़ैद कर लिया....

संजू -अच्छा....

तोह अब बता इस हवेली में और कौन कौन सी आत्माये रहती है... और किस किस को तूने अपनी क़ैद में रखा है...

चुड़ैल... - आआह्ह्ह्ह..... नहीं बताउंगी....

संजू ( चिल्लाते हुए) -- क्या....? क्या... कहा तूने फिर से बोलियों ज़रा....

चुड़ैल -- मैंने कहा की मई नहीं बताउंगी....

संजू -- अच्छा.. अच्छा.. अच्छा.. तोह तू नहीं बतावेगी.... ठीक है.. चल इस खुसी में तुझे मई खुश खिलता हु...

चुड़ैल - क्या खिलायेगा...??

संजू - डंडा... वह भी मोटा सा...

संजू ने पास पड़े डंडे को पकड़ा और दे धायी... धाययय.. चुड़ैल को कूटना सुरु किया की फिर रुकने का नाम हे नहीं लेने लगा...

संजू -- अब बता बताएगी की?

चुड़ैल -- आआह्ह्ह्हह.... बताती हु बताती हु...

संजू - है भौक अब..

चुड़ैल -- मैंने सुंदरी के साथ साथ सुमित्रा देवी की आत्मा और उसकी ननद की आत्मा को और इस घर में काम करने वाली उन दोनों नौकरानी की आत्माओ को क़ैद किया है...

संजू डंडा दिखाते हुए...

संजू - अब लगे हाथ ये भी बता दे... की तूने इन सब को कहा क़ैद कर रखा है..

चुड़ैल - 3रद फ्लोर के रूम में...

संजू - अब उनको छुड़ा के तू यहाँ लाएगी या फिर ये डंडा.... तेरी गांड में घुसा के तेरी गांड फाडू....

चुड़ैल - गांड जाए तोह जाए... परवाह नहीं...

संजू - अच्छा जी... अब तोह तू रुक... तुझे अभी बताता हु... बसदियावली...

संजू ने उसके बालू से पकड़े हुए हे एक हाथ से उसकी सफ़ेद साड़ी को पकड़ के खींचने लगा..

चुड़ैल - ये क्या कर रहा है.. मेरी साड़ी क्यों उतार रहा है...

संजू - ारी भूल गयी क्या... अभी अभी तोह तूने कहा था न की गांड जाए तोह जाए... परवाह नहीं तोह अब गांड पहात के रहेगी..

चुड़ैल -- क्या 😱

संजू - क्या नहीं... चल जल्दी से अपनी माँ छुड़ा...

संजू ने कुछ हे देर में चुड़ैल के बदन से सारे कपडे निकल फेंके...

चुड़ैल - आखिर कार मई जीत हे रही हु... हस्ते हुए...

संजू - तू पहले छुड़वा फिर जीतना चाहे मूतना परवाह नहीं...

संजू ने अब चुड़ैल के बालू को पकड़ के खींचते हुए नंगी हो चुकी चुड़ैल को सीढ़ियों पे उल्टा लिटाया और उसके उप्पर लेट गया...

चुड़ैल -- आअह्ह्ह....... मर गयी रे.... hayyee....mar गयी... ( मई तोह पहले से मरी हु 🥲)

संजू ने अब उसको कुटिया बना लिया और अपने लुंड पीछे की साइड से चुड़ैल की बुर में घुसा के एक जोरदार धक्का देकर... पेल दिया...

बुर काफी खुली हुई थी... इसलिए... 2 धक्को में हे लुंड पूरा घुस गया....

संजू -- ारी साली रनडीई... कितनो का लुंड खा के आयी है रे.... देखो तोह कैसी फैली हुई बुर है... बुर कहे की.. ये तोह भोसड़ा है... साली चिनारिया...

संजू ने दे चत्ताककककक..... दे चटाकककककक.... थप्पड़ चुड़ैल की गांड पे मार मार के उसके चूतड़ लाल कर दिए.....

चुड़ैल -- आआह्ह्ह्ह.... आआआअह्ह्ह्हह....

संजू अब घपाघप.... अपने लुंड को चुड़ैल की फुद्दी में पेलने लगा...

संजू - आअह्ह्ह.... चुनरिया आआह्ह्ह.... बड़ी.. तनधि छूट है रे तेरी साली... ऐसा लग रहा की बर्फ को छोड़ रहा हु....

चुड़ैल-- आआअह्ह्ह..... आआह्ह्ह्ह.... भूतो चुडैलू की बॉडी एयर ( कार्बन) की बानी होती है इसलिए...... ठंडी होती हैं..

संजू -- अच्छा.. अच्छा. अब अपना फालतू का ज्ञान झाड़ना बंद कर और चुपचाप छोड़ दे उन आत्माओ को....

चुड़ैल -- तुम चाहे कुछ भी कर लो मई उन्हें नहीं छोडूंगी.....?

संजू - फिर सजा के लिए तैयार हो जा रंडी... चुड़ैल...

संजू ने उस चुड़ैल को कुटिया बना दिया....

चुड़ैल - ये ये तू क्या करने की सोच रहा है...

संजू - ज्यादा कुछ नहीं तेरी गांड पहाडुंगा बस यही सोच रहा...

चुड़ैल 😰 - मेरी गांड..

संजू - हां गांड... उसके बाद... जो होगा वह मई बोलके नहीं करके बताऊंगा....

चुड़ैल - क्या करने वाले हो...

संजू - तुम बस देखती जाओ की " आगे होता है क्या "

संजू ने अब अपनी एक हाथ की ऊँगली... चुड़ैल के कैसे हुए सिकुड़ते हुए गांड के छेड़ पे रखा और चुड़ैल की कमसिन गांड में अपनी एक ऊँगली कांच से पेल दिया....

चुड़ैल -- आआह्ह्ह्हह्ह...... आआअह्ह्ह्हह......

( मैं में) - ये कैसा आदमी है एक चुड़ैल के साथ ऐसी हरकत कर रहा है... अगर इसके हाथो में मेरे बाल न होते न फिर मई इसको बताती की चुड़ैल किसको कहते है.... बस एक बार मेरा बाल छोड़ दे ये.... लेकिन ऐसे हे तोह ये छोड़ेगा नहीं इसके लिए इसको अपनी मीठी मीठी प्यारी प्यारी चिकनी चुपड़ी बातों के जाल में फसाना पड़ेगा और ये जो भी कर रहा है उसमे इसका साथ देना होगा तभी ये मेरे जाल में फसेगा... हाँ... यही करके देखती हु....

चुड़ैल - ारी... भैया जी... थोड़ा अच्छे से ऊँगली घुसाइये न... मजा आ रहा है...

संजू - हे.... भोस्दीक़ी... मई तेरा भैया वैया नहीं हु... तू मेरी रंडी है समझी... एक रात की... और इस रात के बाद तेरी कभी सुबह नहीं होगी...

चुड़ैल - माफ़ करना... वह गलती से भैया जी निकल गया मेरे प्यारे सैया जी..

संजू - अभी तोह बड़ा नाटक कर रही थी... रे कुचिया अब क्या हुआ... बड़ा प्यार दिखा रही... सैया जी.. कर रही....

चुड़ैल - अब तक मई नासमझ थी.... लेकिन अब मुझे समझ आ चूका है की... एक औरत भले हे वह चुड़ैल क्यों न हो... वह एक मर्द के बिना अधूरी है.... और मई भी कबसे अधूरी थी... जिसको आज आप पूरा बनाने जा रहे है... मई इस पल से इस चानन से केवल और केवल आपकी हु.....

संजू - वाह.... आखिर अकाल आ hi गयी तुझे... चलो अच्छा है देर आये दुरुस्त आये....

चल अब इसी बात पे उन सभी आत्माओ को क़ैद से आज़ाद कर...

चुड़ैल - इतनी जल्दी भी क्या है पहले जो काम कर रहे है वह तोह पूरा कर ले उसके बाद सारे काम होते रहेंगे...

संजू - ये भी ठीक है...

चुड़ैल ( मैं में) - एक बार मेरे बाल की पकड़ हे तोह थोड़ी ढीली कर दे .... हुए मई जानती हु की वह तू कैसे करेगा.... उसके बाद देखना तेरा क्या has-har करती हु... और उसके बाद आत्मीय तोह क़ैद से बहार नहीं निकलेगी बल्कि उनके साथ साथ तेरी आत्मा भी मेरी क़ैद में आ जाएगी...

संजू ने अब बिना देरी kiye...apni ऊँगली... से चुड़ैल के गांड को कुरेदने लगा...

चुड़ैल -- आआह्ह्ह्हह....... आआअह्ह्ह्हह..... क्या... कर रहे.. हो मेरे राजा.... आआअह्ह्ह्ह..... ऐसे... हे...... और कुरेदोउ..... आआअह्ह्ह्ह.....

संजू ऐसे हे चुड़ैल की गांड कुरेदते हुए अब उसकी गांड में अपनी ऊँगली पेलने लगा...

चुड़ैल- ऊऊऊह्ह्ह्ह.... ऊऊह्ह्हह्ह.... ऊऊह्ह्हह्ह.... ऊऊह्ह्ह्हह्ह..... ऐसे.. हे... करते रहो..... आअह्ह्ह्ह..... आआह्ह्ह्ह.... uuuuuuuuuuuuuuuuuuuuu......maaaaa.....

संजू ने कुछ देर ऐसे हे अपने ऊँगली से चुड़ैल की गांड मारने के बाद जब उसको लगा की गांड का छेड़ थोड़ा खुल गया है... और अब ये लुंड लेने के लिए तैयार है तोह बिना देरी किये... संजू ने अपने लुंड को निकला हुए चुड़ैल की गांड के छेड़ पे रख के एक जोरदार धक्का मारा.... की चड़ैल चटपटा उठी....

चुड़ैल -- आआअह्ह्ह्हह....... मममममममअअअअअअअ.......... आआआअह्ह्ह्हह.....

संजू ने बिना देरी किये... चुड़ैल के गांड में एक दूसरा ताकतवर झटका मारा.... और लुंड का सूपड़ा घुसेड़ दिया.....

चुड़ैल 😫 - फटी फटी फटी... मेरी गांड फटी.... जोर जोर से रोने चिल्लाने लगी....

संजू ने बिना कोई रेहम दिखाए... 4 - 5 और ताकतवर ढ़ाके चुड़ैल की गांड पे मारे और अपना लुंड चुड़ैल की छोटी से गांड को फाड़ा कर उस में घुसेड़ दिया....

चुड़ैल ( अपनी खौफनाक आवाज़ में चिल्लाते हुए) - निकआलूओ इसे बहार.... मई कहती हु निकलू इसे..... आआअह्हह्ह्ह्हह......... आआआअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह......... मेरी गांड........

संजू बिना रुके जोर जोर से झटके मारते हुए... चुड़ैल की गांड में कुंड पेले जा रहा था....

चुड़ैल -- आआह्ह्ह्हह..... आअह्ह्ह्हह.... बहुत दर्द हो रहा है... निकालो..... बहार..... प्लीज मई तुम्हारे आगे हाथ जोड़ती हु.. प्लीज निकल दो अपना लुंड मेरी गांड से वर्ण मई मर जाउंगी...

संजू - क्या मजाक करती है... तू तोह पहले से मर चुकी है... अब जयादा नक्र मत कर चुपचाप मुझे गांड मारने दे...

चुड़ैल -- नहीं.... नहीं.... तुम जो बोलोगे.. मई वह करुँगी... प्लीज मेरी गांड को छोड़ दो...

संजू - तू तोह वैसे भी मई जो बोलूंगा वही करेगी..... तू बेहतर यही है की मई पहले गांड मार लू उसके बाद तुझसे काम करवौ .

संजू ने बिना रुके चुड़ैल की गांड फाड़ना जारी रखा...

चुड़ैल भी... बेबस और लाचार औरत की तरह अपनी गांड मरवाती रही...

चुड़ैल - अच्छा... तुम जब मेरी गांड मार हे रहे हो तोह मेरी छुछिआ भी दबाओ इससे तुम्हे गांड मारने में मज़ा आएगा...

संजू - बात तोह तू सही कह रही है..... है अभी दबाता हु... तेरी चूचिआए...

संजू ने एक हाथ से चुड़ैल के बालू को पकडे हुए दूसरे हाथ से उसकी एक चुकी को पकड़ के मसलते हुए उसकी गांड फाड़ने लगा..

चुड़ैल.... -- एक हे छूछी क्यों दोनों दबाओगे तोह तुम्हे जायदा मज़ा आएगा...

संजू - कह तोह तू सही रही है... रुक अब तेरी दोनों चुचिओ का कचुम्बर बनता हु...

संजू ने अपना दूसरा हाथ जिस से की चुड़ैल के बालो को पकड़ रखा था... उसको छोड़ के चुड़ैल की छूछीया पकड़ने ले गया.....

चुड़ैल के चेहरे पे मुश्कुराहट आ गयी...

चुड़ैल ( बेवक़ूफ़ कही का चुदाई के नशे में ये तोह भूल हे गया की... इसको बाल नहीं छोड़ना चाहिए था..... खैर... मुझे क्या.. मेरे लिए अच्छा हे है... अब ये तोह गया...)

बाकि नेक्स्ट अपडेट में....

अब क्या होगा.... क्या चुड़ैल संजू को मार देगी... अपने अपने विचार शेयर करे... 😇

 
ारी भाई य्र्र टेक ा चिल पिल 💊 और रही बात चुड़ैल को डंडे से मारने पे दर्द होने की... तोह अगर किसी चुड़ैल या डायन की कमजोरी जो है.. अगर वह हाथ में आ जाये... तोह तुम उसको दर्द तोह क्या... कुछ भी दे सकते हो... और यहाँ उस चुड़ैल की कजोरी संजू के हाथ लग गयी... है... और एक और बात भाई.... अगर ऐसा नहीं होता तोह जो यक्षिणी या पिसाचिनि होती है... वह सेक्स के टाइम पूरा सुख अनुभव कर सकती है तोह दर्द क्यों नहीं.... सॉरी बूत तुम्हारी लॉजिक में कोई लॉजिक हे नहीं है भाई...

मेरी बात पे गौर करना ☺
 


है तोह हम कहा थी

अपने अपने घर में थी.. जयादा दिमाग में जोर मत डालो.. 😄

संजू ने चुडली के छोटी से अपना हाथ हटा लिया और चुड़ैल की चूचियू को अपने हाथ से पकड़ के मसलते हुए ढाका धक् ढाका धक् चुड़ैल की गांड में ढ़ाके दे दे कर अपना लुंड पेलने लगा.....

चुड़ैल ने जैसे हे पाया की संजू ने अपना हाथ उसके छोटी पर से हटा लिया है..... वह एक शैतानी मुश्कुराहट के साथ....

चुड़ैल ( मैं में) - ारी बेवक़ूफ़.... तू हवस के कारन ये तोह भूल हे गया की एक चुड़ैल की ताकत उसके छोटी में होती है और अब तोह तूने मेरे छोटी पर से अपना हाथ हटा के मेरे दुद्दू पकड़ लिए hai.....ab देख ये चुड़ैल तेरा क्या हाल करती है...

चुड़ैल ने अब अपनी शक्ति से संजू को दूर फेंकना चाहा....

चुड़ैल ( हैरान) - ये क्या हुआ.... मई इसको दूर कैसे नहीं फ़ेंक पा रही.... एक बार और तरय करती हु...

चुड़ैल ने एक बार फिर कोशिश की... लेकिन... निराशा... हे हाथ लगी....

चुड़ैल अब बौखला चुकी... थी..

चुड़ैल ( गुस्से में) - कमीने... क्या किया है. तूने ये... जो मेरी सकती काम नहीं कर रही तेरे ऊपर..... बोल.... बता... की जब तूने मेरे बाल छोड़ दिए है फिर भी मई तुझे दूर फ़ेंक क्यों नहीं पा रही.... बोल ऐसा क्या कर दिया तूने.... aaaaaaaaahhhhhhhhhhhh......

संजू ने अब अपना एक हाथ चुड़ैल की दुद्दू से हटा के वापस छोटी पे रख के चुड़ैल की छोटी को जोर से पकड़ के खींचते हुए...

चुड़ैल - आअह्ह्ह्ह... छोड़ मेरी छोटी... आअह्ह्ह......

संजू - ारी... बरमारी... तुझे किसने बोलै था की मैंने तेरा बाल छोड़ दिया था... मैंने तोह अपने मुँह में तेरी छोटी भरके मुँह से पकड़ रखा था.. 😎 क्यों की ी ऍम संजू... कोई... तेरा आशिक़ नहीं हु... हीहीही 😅😅😅

चुड़ैल -- क्या... 😧 तूने अपने मुँह से पकड़ रखा था मेरे छोटी को... 🥲

संजू - और नहीं तोह क्या मेरी बुरी रंडी...

अब तू उनको अपनी क़ैद से आज़ाद कर चत्रंत वर्ण तेरी छोटी तोह गयी....

चुड़ैल... ( मैं में) -- ये तोह बड़ा हे शातिर है... ये सच में मेरी छोटी काट देगा... मुझे इसके चंगुल से बचने के लिए इसका कहा मानना पड़ेगा...

चुड़ैल - ठीक है.. तुम जीते मई हारी...

मई उनको अपनी क़ैद से आज़ाद करती... हु...

संजू - ये हुई न बात.... लेकिन वह सब बाद में.. करना पहले मुझे इत्मीनान से अपनी गांड मारने दे..

चुड़ैल - नहीं.. प्लीज मेरी गांड छोड़ दो...

संजू.... - अच्छा... एक शर्त पे छोडूंगा.. गांड मरने दे फिर.... उनको क़ैद से रिहा कर दे और अपनी छोटी छुड़ा ले मुझसे...

संजू लगातार... धाप... धायआपपप.... ढ़ाआपपपप..... ढ़ाआपपपप... थापपप... थाआपपप तथाआआप्प्प... करते हुए... अपना लुंड चुड़ैल की गांड में पेलता रहा... वह दर्द से छटपटाते रही..... करीब... 45 मिनट चुड़ैल की गांड पहाड़ चुदाई चली... फिर संजू उसके गांड में हे अपनी पिचकारी... छोड़ने लगा....

संजू -; देख... अब तेरे हाथ में है..... की तू क्या करेगी... अभी के अभी उन सब को अपने क़ैद से रिहा करके... अपनी छोटी बचाएगी या फिर छोटी गवायेगी....

संजू ने कैची को चुड़ैल की छोटी की तरफ ले जाते हुए कहा

चुड़ैल - नहीं नहीं... मई अभी उनको क़ैद से रिहा करती प्लीज लेकिन मेरी छोटी को मत काटो...

संजू - ठीक है फिर रिहा.. करो...

चुड़ैल - वह सभी की आत्मा 3रद फ्लोर के एक रूम में क़ैद है...

संजू - अच्छा तोह ले चलो मुझे वह....

चुड़ैल संजू को लेके चली गयी...

संजू ने वह पहुंच के उस रूम का दरवाजा खोला....

संजू - चल अब रिहा कर...

चुड़ैल - हां.. वह... मुझे उनको रिहा करने के लिए.... मेरी सकतिया चाहिए...

संजू - अच्छा.. तोह..

चुड़ैल - तुम्हे मेरी छोटी छोड़नी होगी...

संजू - नहीं... ये तोह नहीं हो सकता..

चुड़ैल - अगर छोटी नहीं छोड़ोगे तोह मई अपनी सकती का इस्तेमाल कैसे करुँगी.... और फिर उन सभी की आत्मा को कैसे रिहा करुँगी......

संजू - अच्छा..

चुड़ैल - हां... इसलिए बोल रही... छोड़ दो छोटी...

संजू - अच्छा मई कैसे मानु की तू सच बोल रही की वह सब आत्मैएँ यही इस कमरे में हे क़ैद है... मुझे कोई प्रमाण दो...

चुड़ैल - अब जो क़ैद में है उनको कैसे दिखाऊ...

संजू - मुझे नहीं पता... वह तू जान...

चुड़ैल - प्लीज भरोसा करो मुझपे बिना मेरी छोटी छोड़े मई उनको आज़ाद नहीं कर सकती...

संजू - चलो... ठीक है.... 10 सेकंड है तेरे पास.... अगर तब तक.... तूने उनको क़ैद से रिहा नहीं किया न तोह फिर... सोच लेना...

चुड़ैल - है... मुझे मंज़ूर है...

संजू - ठीक है फिर ये ले...

संजू ने... छोटी छोड़ दी....

चुड़ैल ने इस बारी देख लेना उचित समझा कही... फिर से... मुँह में तोह दबा नहीं रखा छोटी को इसलिए

चुड़ैल ( मैं में ) - चलो... इस बार सच में छोड़ दिया... है... यही सही मौका है यहाँ से खिसकने का... इस गधे... ने मेरी छोटी छोड़ के सबसे बड़ी गलती की है... ये तोह चोमू का चोमू हे रहेगा... साला... 😅😅हिहि..

चुड़ैल... ने अब भागने की कोशिश की.. लेकिन... संजू ने उसके छोटी को एक वाइट कलर के पतले से धागे से बाँध रखा था... जिसके चलते वह चुड़ैल को दिख नहीं पाया...

संजू - कहा भाग रही हो चुड़ैल.... मदमम..

जरा हमसे भी बतिया लो...

चुड़ैल- ये ye...tttt...tune क्या... और कैसे किया...

संजू - तुम्हे क्या लगा मई तुझपे भरोसा करूँगा... तेरा भरोसा गया भोसड़े में... साली... अब चुपचाप बता ( छोटी पकड़ के घसीट ते हुए...) बता की... कहा है... वह आत्मायें....

चुड़ैल - वह वह आत्मायें.... मुक्ति पा चुकी है... मेरी क़ैद में नहीं है...

संजू - क्या.... फिर से झूट बोल रही है कमीनी

चुड़ैल - नहीं... नहीं... बिलकुल सच बोल रही यहाँ कोई आत्मा नहीं है... यहाँ जो भी कुछ था वह मई थी.....

संजू - तोह तूने मुझे क्यों बोलै की तूने आत्माओ को क़ैद कर रखा है....

चुड़ैल - ताकि मेरा ऐसे कहने से तुम मुझसे उनको बचने के लिए मेरा कहा मानो...

संजू - ऊह्ह्ह्ह.... अब जा मर .......

संजू ने कैची से चुड़ैल की छोटी काट दी......

और छोटी को अपनी जेब से लाइटर निकल के जला दिया.....

चुड़ैल छोटी के जलने के सतह... हे... धू धू करके जलने लगी...

चुड़ैल - आआअह्ह्ह्हह...... आआह्ह्ह्हह्ह...... बचावू...... aaaaaa-hhhhhhhh..

और कुछ हे समय में.... चुड़ैल की लीला समाप्त हो गयी...

संजू - चलो ये चुड़ैल से तोह पीछा छूटा... लेकिन... दुःख इस बात का है की... साला . इतनी साड़ी बुर वाली आत्मायें.... मुक्ति पा गयी... मई कहा जुगाड़ लगा रहा था उनकी बुर मारने का लेकिन सब... गुड़ गोबर हो गया... चलो अब हरिया काका के घर जेक सोता हु... वर्ण वह बुद्धा भी सक करेगा की रात को तुम हवेली भाग गए थी...

संजू वापस हरिया के घर पहुंच गया और चुपचाप सोने.. लगा....

सुबह जब संजू की नींद खुली.... तोह उसने हरिया को सब बात बता दी... चुड़ैल की गांड मारना छोड़ के..

हरिया - वाह... बीटा.. ये तोह बड़ा अच्छा काम किया है तुमने...

संजू - अब मई सोच रहा हु.. की हवेली को रेनोवेट करवौ तोह आप गांव के लोगो से बात कर लीजिये...

हरिया - हां ठीक है बीटा...

संजू - जल्दी से हवेली रेनोवेट हो जाए... फिर ये हवेली अच्छी कीमत में बेच के आपको और मल्टी माँ को लेके मई दूसरी जगह में नया फ्लैट ले लूंगा... फिर हम वही रहेंगे...

हरिया - ठीक है बीटा....

हरिया गांव के लड़को को हवेली के रेनोवेट करने के लिए बुलाने चला गया...

 
अपडेट 12

संजू अब घर में मल्टी को तलाशने लगा.. लेकिन मल्टी उसको कही नहीं दिखी....

संजू - ारी ये मेरी मल्टी रानी कहा गयी... साला उसको ऐसे अकेले में चुपचुप के देखने का मौका.... है.... लेकिन पता नहीं कहा है..

वर्ण अभी हरिया नहीं है चांस मारते बन जाता...

संजू अब ऐसे हे घर से बहार निकल के गांव में घूमने निकल पड़ा....

अकेले घूमते घूमते.... वह गांव से थोड़ा आगे निकल आया और रास्ता भटक गया....

संजू - ारी.. बहनचोद ये तोह गड़बड़ हो गयी... बी... मई तोह मल्टी को छोड़ने के बारे में सोचते सोचते न जाने कितना आगे निकल आया... अब वापस जाने का रास्ता कौन सा है ये कैसे पता करू....

चलो इस तरफ थोड़ा आगे बढ़ के देखता हु...

संजू ने अपने कदम एक और बढ़ा दिए.... और चलने लगा.... लेकिन वह घूम फिर के उस जगह पे वापस पहुंच आता.... जहा से उसने स्टार्ट किया था....

संजू - ारी साला... मई तोह वापस उस जगह पे आ गया जहा से शुरू किया था... ये क्या बवंडर है....

संजू - चलो... अबकी बार इसके विपरीत दिशा की ऑर्डर चलता हु क्या उधर रास्ता मिल जाए...

संजू ने अपने कदम उस दिशा में बढ़ा... दिए... लेकिन घूम फिर के वह वापस उसी जगह पे आ गया....

संजू अपना सर खुजाते हुए...

संजू - ारी साला... ये क्या हो रहा.. ऐसा लग रहा जैसे में बार बार.... गोल गोल घूमके इसी जगह पे वापस आ रहा.... समझ नहीं आ रहा अब करू तोह क्या करू....

संजू - एक काम करता हु इस बाद पेड़ो पे निशाँ बनाते चलूँगा... ताकि किस दिशा में और कौन से रस्ते में गया था वह पता चले

संजू ने एक पत्थर पकड़ लिया और उस से पेड़ो पे निशाँ बनाते हुए एक दिशा में जाने लगा... और हर बार निशाँ... मिट गया और संजू वापस उस लूप में फस गया....

संजू - ारी साला... ये निशाँ कहा गयाब हो गए बी... कही.... ये जगह भी... नहीं नहीं.. ये जगह कैसे हो सकती है.... वैसे भी इस गांव में वह चुड़ैल हे एक भूत थी... लेकिन ये तोह गांव का एरिया नहीं लग रहा.... तोह क्या हुआ मई किसी से डरता थोड़े हे हु...

संजू अपने आप से बात करते हुए फिर से हिमायत जूता के एक दिशा में आगे बढ़ने लगा...

तभी उसके कानो में.... पायलो के बजने की आवाज़ आने लगी....

छहममम.... छहहाआममम.... छहममममम...

संजू - ये क्या... साला... चुड़ैल... मर गयी लेकिन उसके पायलो की आवाज़ मेरे कानो में अब तक बज रही है... 😄

लेकिन आवाज़ फिर से आने लगी...

संजू ( चौक के) - ये आवाज़... सच में आ रही है क्या बी.... रुक जरा चेक करता हु..

संजू ने अपने हाथ पे चिमटी काटी..

आयईईई... एआयईईई... ायियी.... दर्द हो रहा... इसका मतलब सच में पायलो की आवाज़ सुनाई दे रही... अब ये क्या है बहनचोद...... कही वह चुड़ैल वापस तोह नहीं आ गयी.... लेकिन उसको तोह मैंने मार दिया था.. और अगर बच भी गयी होगी तोह अभी दिन में कैसे...??

चलो एक बार देखता हु....

संजू ने अपने कदम उस छम्म्म छ्हम्म करती पायल की तरफ बढ़ा दिया.... और उस आवाज़ का पीछा करते हुए चल पड़ा....

कुछ देर चलने के बाद.... उसको किसी के खिलखिला के हसने की आवाज़ सुनाई देने लगी....

संजू - ये कौन हैश रहा...

संजू निरंतर चलते हुए उस जगह पे पहुंच गया....

संजू - कौन हो तुम....

एक घाघरा चोली पहनी लड़की 30 बरस की जिसका पीठ संजू की तरफ था वह संजू की आवाज़ सुनकर पलटी...

जैसे हे वह पलटी...


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संजू 👀 उसको आंखें फाड़ते हुए... देखता हे रह गया...

क्या गजब की सुंदरता थी उसके सरीर में..... क्या नैन नक्श थी उसके.... लाल लाल.... गुलाब की पंखुरियों की तरह... होठ 👄... सुराहीदार गर्दन.... झील सी नीली आंखें.... दूध सा गोरा रंग....

उसकी सुंदरता देख sanju...bhaav विभोर hokar...bol पड़ा...

संजू - माथे पे बिंदी.... कानो में बाली.... कौन हो तुम ो मतवाली... 👏( नॉट बाद नॉट बाद 👍) .

संजू की इस हरकत पे वह लड़की सख्ते में आ गयी.... और अपनी माँ को आवाज़ लगाने लगी...

लड़की - maa..oo मा.. जल्दी आना... इधर की ऑर्डर .

पेड़ के पीछे से निकल के एक औरत आती हुई..

औरत - क्या... हुआ.... कहे शोर मचा रही है.....

संजू ने उस औरत की आवाज़ सुनके... एक नज़र उसकी तरफ डाली... और जैसे हे उसकी तरफ नज़र गयी.. संजू आपके आप पे और अपने लुंड महाराज पे काबू नहीं कर पाया.... और उसके लुंड में हलचल उठने लगी... और वह धीरे धीरे खड़ा होने लगा .....

संजू उस औरत को ऊपर से नीचे तक स्कैन किये जा रहा था.....


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संजू -... यरररर...... ये कितनी ोस्म है... य्र्र.... ये तोह इस लड़की से भी सुन्दर है.... इसका बदन तोह पूरा भरा हुआ.. गदराया हुआ है... है रंग थोड़ा इस लड़की से काम जरूर है... लेकिन इसके छाती पे लटक रहे ये 2 बड़े बड़े दूध से भरे गुब्बारे.... इस लड़की के 3 गुने बड़े है.... ीरर्र... और ऊपर से इसने तोह ब्लाउज भी नहीं पहना जिसके कारन इसके निप्पल्स भी साड़ी के होते हुए भी अपनी साइज का नाप दे रहे है... जैसे की पूछ रहे हो की इतना बड़ा मुँह खोलो और पी लो जितना चाहो उतना....

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ऊपर से इसका बदन.... कितना छोड़ने लायक है... लेकिन एक बात समझ में नहीं आयी... की ये लड़की इसको माँ क्यों बोल रही जबकि ये दोनों तोह हम उम्र दिखती है है ये थोड़ी उस लड़की से भरे बदन वाली है....

औरत - क्या हुआ चंदा बेटी.... ये कौन है..??

वह लड़की जिसका नाम चंदा था..

चंदा - पता नहीं माँ अच्चानक कहा से आके... मुझसे पूछने लगे.. कौन हो.....

औरत - कौन हो बाबू आप... ?

और यहाँ इस जंगल में क्या कर रहे हो...

संजू - वह मेरा नाम संजू hai...mai आपके बगल गांव का हु... वह मई गांव घूमते घूमते थोड़ा आगे आ गया और रास्ता भटक गया....... और कब से इस जगह से निकलने का रास्ता ढूंढ रहा हु लेकिन मिल हे नहीं रहा फिर जब मैंने किसी के पायलो की आवाज़ और हसी सुनी तोह उस आवाज़ का पीछा करते हुए यहाँ आ गया.....

औरत - अच्छा.... अच्छा....

पहली बार आये हो न इस जंगल में इसलिए भटक गए... यहाँ जो कोई भी पहली बार आता है वह भटक हे जाता है...

संजू - हआ शयद इसलिए मई भी भटक गया

वैसे आप लोग कौन है और आप लोग को यहाँ से निकलने का रस्ता पता है क्या...

औरत - मेरा नाम... बिमला है... और ये मेरी बेटी चंदा है..... हम दोनों यही पास के गांव में रहती है.... यहाँ जंगल में हमारा आना जाना लगा रहता है इसलिए यहाँ से निकलने के रास्ता हमें पता है...

संजू - ये तोह अच्छी बात है....

लेकिन आप लोग जंगल में क्या कर रही है...

औरत ( बिमला) - वह हम लकड़ियां.. बिन रही है... लकड़ी बेच के पैसे कमेटी है... इसलिए हमारा जंगल में आना जाना लगा रहता है....

संजू - अच्छा... तोह क्या आप लोग मुझे यहाँ से निकलने जा रास्ता बता सकती है...

बिमला - जी क्यों नहीं...

जा बेटी चंदा जेक संजू बाबू को यहाँ से निकलने का रास्ता दिखा आ...

चंदा - जी माँ.....

संजू - रुकिए... अभी नहीं...

बिमला - क्यों...

संजू - आपने जैसे कहा की आप लकड़ियां बेच के पैसे कमेटी है.... इस से आप लोग की आमदनी होती है... अगर मुझे ये रास्ता दिखने जाएंगी तोह आपके समय का नुक्सान होगा इसलिए मई भी आप लोग के साथ रुक के कुछ लकडिया इक्कठा कर देता हु जिससे.. आपका फायदा... हो...

बिमला - सदा खुस रहो बीटा... तुम्हारे जैसी सोच सबकी होनी चाहिए...

संजू - वैसे मई अभी भी नहीं समझ पा रहा की आप मुझे बीटा और ये चंदा आपको माँ क्यों बोल रही आप तोह मेरी और चंदा की हमउम्र लगती है...

चंदा हस्ते हुए....

चंदा - हीहीहीही 😂😂 ये मेरी 50 साल की

बूढी माँ तुम्हे.... हमउम्र लग रही....

क्या तुम्हारी भी उम्र 50 साल है क्या... 😂😂

संजू - क्या... ये 50 साल की है... लेकिन लगती तोह बिलकुल... एक 30 साल की लड़की के जैसे.... माफ़ करना मई आपको एक लड़की समझ रहा था...

बिमला - कोई बात नहीं बीटा...

चंदा - हां.. हआ... कोई बात नहीं... माँ को देख के अक्सर लोगो को ऐसी ग़लतफहमी होती रहती है... 😅

बिमला - अब बस चुप भी कर जा... जब देखो दांत निकल के हस्ती रहती है....

चंदा... - वैसे... आपकी उम्र कितनी है... बाबू जी... जो आप मेरी बूढी माँ को अपनी हमउम्र समझ रहे थी....

संजू - मई तोह 23 साल का हु...

चंदा - क्या. .🤯

तुम 23 साल के हो.... इसका मतलब... है की तुम मुझसे भी छोटे हो....

संजू - जी.... वैसे आप की उम्र...

चंदा - न न... मई नहीं बताने वाली... वैसे भी लड़कियों से उनकी उम्र नहीं पूछी जाती..

संजू - जी ये भी ठीक है...

फिर संजू उन लोगो की लकड़ी बिन ने में मदद करता है.... और फिर चंदा उसको रास्ता बता देती है...

चंदा - आपसे मिल के अच्छा लगा.. ऐसे हे कभी कभी... आते रहिएगा...

संजू - जी मुझे भी आप दोनों से मिलके अच्छा लगा... और हां मई पूरी कोशिस करूँगा की हमारी जल्द मुलाक़ात हो... अपनी माँ को मेरी तरफ से नमस्ते कहियेगा... चलता हु...

चंदा - जी.... कह दूंगी...

संजू वह से हरिया के घर के तरफ निकल पड़ा..


 


संजू अब वह से निकल के हरिया के घर की तरफ चल पड़ा...

हरिया के घर के तरफ चलते चलते संजू

संजू🤔 - हाई.😍 क्या मस्त मस्त माल थी बी... संजू.... चंदा तोह बिलकुल चाँद की तरह गोरी... है.... उसके सुन्दर सुन्दर गाल हिरणी जैसी चाल... मोती जैसे दांत... बगुले जैसी गर्दन... हाहाहा.. 😍 पूरी बवाल माल है... उसकी चूची... कैसे... कलमी आम की तरह... दिख रही थी मैं तोह कर रहा था की वही उसके दोनों कलमी ामो को पकड़ के उसकी छाती पे बैठ जाओ... और दोनों कलमी ामो को चूस चूस के उनका रंग गोरा से लाल कर दू....

बेटी तोह बेटी.... उसकी वह माँ...

क्या नाम था उसका.. हां याद आया...

बिमला रानी.. 😍 बड़ी सायानी... छूट मारनी... गांड छुड़ानी... बुर फड़वा के भोसड़ा बनानी... यही नाम था उसका... साली.... अपनी बेटी को भी फ़ैल कर दिया उसने तोह.... ऐसा गजब का हुस्न लेके बिना ब्लाउज पहने घूम रही है... साला मेरे लुंड को दर्द दे दिया था उस छुटमारानी बिमला ने... लेकिन कुछ भी कहो... साली... तच्छ माल... है.. किसी दिन अकेली मिल गयी तोह धार दबोचूँगा... लेकिन उसके लिए पहले उन दोनों के दिल में और सबसे पहले तोह घर में आना जाना करना होगा... फिर दिल में जगह बनानी होगी फिर क्या... बस फिर बुर में तोह जगह अपने आप हे बन जाएगी... 😄

संजू अपने आप से बातें किये जा रहा था... और कब वह बरमारिया 🥲 सॉरी सॉरी हरिया... के घर पहुंच गया उसको खुद हे नहीं पता चला...

संजू ने घर के अंदर प्रवेश किया... और हरिया को आवज़ देने लगा...

संजू - बरमारिया काका

( मैं में) - ारी ये तोह ब्लंडर मिस्टेक हो गया..

संजू - हरिया काका...

अनादर से मल्टी की आवाज़ आयी...

मल्टी - संजू बीटा तुम हो क्या...

संजू - जी काकी... काका कहा है..?

मल्टी - वह छत्त पे है...

संजू - अच्छा...

संजू ने सीढ़ियों से चढ़ते हुए... चाट पे आ गया...

छत्त पे हरिया काका... खड़े होकर... धुप शेंक रहा था...

संजू को आता देख हरिया...

हरिया - ारी आओ आओ संजू बीटा आओ...

कहा चले गए थी... सुबह से कहा थी..

संजू - ारी वह काका क्या है न की... मई वह गांव घूम रहा था... गांव आये इतने दिन हो गया था लेकिन उस चुड़ैल के चक्कर में गांव घूम हे नहीं पाया था तोह थोड़ा निकल गया था गांव घूमने...

हरिया - अच्छा.. अच्छा... ठीक किया...

संजू - अच्छा... काका.. एक बात बताओ.. इस गांव के आखिरी छोर पे एक जंगल टाइप है...

हरिया - जंगल...

किस जंगल की बात कर रहे हो तुम...

संजू - वही जो गांव के बहार है...

हरिया - कही तुम उस जंगल में गए तोह नहीं थी

संजू ( मैं में) - मई इस बरमारिया से क्वेश्चन कर रहा और ये उल्टा मुझसे क्रॉस क्वेश्चन कर रहा... चक्कर क्या है...

हरिया - बताओ बीटा कही तुम उस जंगल में तोह नहीं गए थी..??

संजू - नहीं काका मई तोह बस गांव के सिमा तक गया और उस जंगल को देखा तोह ऐसे हे पूछा

हरिया - अच्छा... ठीक है...

तुम कभी उस ऑर्डर मत जाना..

संजू - पर ऐसा क्यों...

हरिया - मई बोल रहा न बस..

संजू - पर कुछ तोह बताओ..

हरिया - वह मई नहीं बता सकता...

संजू - पर क्यों...

हरिया - क्यों की मैंने उस बारे में बात भी की तोह.... अनर्थ हो जाएगा... बस ये समझो की उस जंगल को तुमने कभी देखा हे नहीं....

संजू ( मैं में) - ये भोसदियावाला... मुझे... बता क्यों नहीं रहा और बार बार वह जाने से क्यों मन कर रहा है... कही वह दोनों भी तोह चुड़ैल नहीं..??

संजू - ठीक है काका... मई नहीं जाऊंगा... अब उस तरफ...

हरिया - हां.. अब ये सब बात छोड़ो... तुम यही रुको कुछ देर तब तक तुम्हारी काकी भी कपडे बदल के आ जाएगी फिर तुम खाना खा लेना मई आता हु थोड़ी देर में...

संजू - जी... पर आप कहा जा रहे है..)??.

हरिया - वह मुझे हवेली में आदमियों को काम समझना है... तोह मई उनको काम बता के आ जाता हु तब तक तुम यही रहो...

संजू - ठीक है...

हरिया जल्दी से सीडीयू से निचे उतर के घर से निकल गया...

संजू 🤔 - ये काका ने मुझे वह जाने से मन किया तोह किया काम से काम राज़ तोह बताना चाहिए था न...

चलो छोड़ो... निचे चलता हु... यहाँ धुप बहुत तेज़्ज़ है....

संजू छत्त से निचे उतरने लगा... तभी छत्त से निचे उतारते वक़्त उसकी नज़र कमरे के ऊपर में बानी खिड़की पे पड़ी...

संजू ( मैं में) - काकी... लगता है... अभी भी अपने कमरे में है... चलो चल के देखता हु... लेकिन दरवाजा तोह बंद है... और नीचे तोह खिड़की भी नहीं है... वह ऊपर में एग्जॉस्ट के लिए.. खिड़की बानी है है... वही से देखता हु लेकिन वह तोह थोड़ा ऊपर है... अब क्या करू क्या करू..

तभी संजू को रसोई घर में ऊपर रखे डिब्बे उतरने के लिए उसे किये जाने वाले चढ़ने वाले लड़की के टेबल पद पड़ी....

संजू ने वह टेबल रसोई घर से ले आयी और घर का मैं गेट बंद करके अंदर से कुण्डी लगा दी... ताकि बहार का कोई आके उसको ऐसे ताका झांकी करते न देख पाए...

संजू वापस तबेल के पास आकर टेबल पे चढ़ गया और एग्जॉस्ट के लिए बने खिड़की से कमरे के अंदर झाकने लगा...

और जैसे हे संजू ने अंदर देखा... उसकी दिल की धड़कन बढ़ गयी..

संजू ( मैं में) - बहनचोद बवाल.... कमाल.... ये क्या हो रहा है.... इस घर में... वह भी मेरे होते हुए.. ऐसे काम.... नहीं... मई अब ये नहीं होने दूंगा...

संजू ने दृण निश्चय कर लिया की वह अब नहीं होने देगा... ये सब...

आखिर ऐसा क्या देख लिया संजू ने... कमरे के भीतर....

आखिर क्या था जिसको संजू अब और नहीं होने देना चाहता था... आखिर ऐसी क्या बात थी जिसने संजू के दिल की धड़कन को बढ़ा दी... थी...


अपने अपने विचार व्यक्त करे... की आखिर ऐसा क्या देख लिया संजू ने की उसके मैं में ऐसे भाव उठने लगे..
 
तोह आखिर कार संजू ने ऐसा क्या देख लिया की उसके दिल की धड़कन बढ़ गयी... .

संजू ने जब एग्जॉस्ट की खिड़की से झाका तोह देखा की.... मल्टी अपने बीएड के पास कड़ी है और उसके बदन में एक सफ़ेद कलर का टॉवल लिप्त हुआ है.... उसकी बॉडी में अभी भी पानी की कुछ बूँदें है जो उसके अभी नाहा के आने का बखान कर रही है...

संजू - है... क्या माल है ये मल्टी काकी... साली पूरी की पूरी... छोड़ने खाने लायक है..

उफ्फ्फ.... 😍 क्या... हसीं बदन है... क्या फिगर है.... 36 की चूची... जो भी देख ले समझो उसकी नैया डूबी... आये हाय... मेरी मालती बूबीए 🍊🍊..

मल्टी ने अब अपने बदन से टॉवल को जहा से बंधा था उसको खोला और खोलते हे... 😍

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उफ्फ्फ... उफ्फ्फ्फ़... उफ्फ्फ्फ़...... मार हे डालेगी क्या काकी... कोई अपना कातिलाना हुस्न ऐसे... झटके में दिखता है क्या.... देखो तोह कैसे ठनठनाई.. हुई चूचिया है... ताज़े ताज़े ख़रबूज़ों के जैसी.... और उनके ऊपर लगे ये भूरे भूरे चूचक जो किसी काले अंगूर से काम नहीं लग रहे मैं करता है... तेरे दोनों अंगूरों को चबा चबा के खा जाऊ... और धकार भी न लू... ऊपर से तेरी ये गहरी... छोटी सी... नाभि.. साली तेरे हुस्न पे चार चाँद लगा रही... और उसके निचे आओ तोह ये तेरे दोनों जांघो के बिच में... झाटू से घिरी तेरी ये पाँव रोटी की तरह फूली हुई बुर जिसकी फांकें... अब भाई ऐसे जुडी हुई है मानो... आज तक इसमें लुंड का एक कटरा तक न घुसा हो... देखो तोह कैसे... घुँघरालु... घुँघरालु.... झाटिया है... जैसी की बुर में आयी... नयी फूहरिया है.....

मल्टी ने टॉवल को खोल के अपने बदन को टॉवल से पहोचने लगी... मल्टी टॉवल से अपने बदन के एक एक अंग को बड़े हे सफाई से साफ़ करने लगी...

मल्टी ने टॉवल से अपनी पीठ पोछना स्टार्ट किया और फिर धीरे से टॉवल को आगे लेकर अपने दोनों संतरो 🍊🍊 पे टॉवल को हलके हलके हाथो से डप्प डप्प करके पहोचने लगी... फिर अपने आर्मपिट में अपनी टॉवल घुसा के आर्मपिट को पहोचने लगी....

आर्मपिट खुलते हे.... संजू का लुंड तनतना भनभना गया...

संजू - ारी रुक रुक रुक... साले... मुझे पता है आर्मपिट तेरी कमज़ोरी है.. लेकिन... रुक ज़रा पहले मझे.. ध्यान से इस काकी के बदन को निहारने तोह दे...

संजू.. - हाई... 😍 वाह.... वाह्ह... वाह्ह्ह.... वाह्ह्ह... माशा अल्लाह... सुबह... नल्लाह.... क्या कारीगरी है... क्या बनाया है बनाने वाले ने.... जी करता है... अभी जेक... अपने ूठो को इस आर्मपिट में लगा के इसका आर्मपिट चुम लू..

मल्टी अब अपने आर्मपिट के पानी को पहोचने के बाद अपने बुर को साफ़ करने के लिए... दोनों जहांघू के बिच में टॉवल को फसा के...

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बिलकुल ऐसे हे डांस करने लगी 🤣🤣🤣

संजू 🤔 - ये काकी सलमान खान कबसे बन गयी... साला... कही मई उनको छोड़ने जाऊ तोह ये न कह दे की मई तेरे लुंड में इतने छेड़ इतने छेड़ कर दूंगी की तू कंफ्यूज 😵हो जायेगा की तू मोटे कहा से और अपना माल निकाले कहा से... 😂😂😂

मल्टी कुछ देर सलमान खान का डांस करने के बाद... अपनी टॉवल को निकल ली और.... अब अपने पैरो को लिखे घुटने से निचे की तरफ को पहोचने के लिए.. जैसी हे झुकी... आये...😍 हाय... हाई...😍 हैए😍. है.. 😍 उनकी दोनों बड़ी बड़ी चुत्तड़... 🍑 ने अपना कमाल दिखा दिया... कहर धा दिया संजू के लुंड पे बिजली ⚡ गिरा दिया...

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संजू - ऊऊह्ह्हह्ह.... मादरचोद.... ये.. ये... ये... यही तोह है.. वह.. "जिसका मुझे था इंतज़ार.".. क्या फूली हुई गांड है... बिलकुल तरबूज़ से चुत्तड़ है... और उनके बिच में वह रहा... छोटा सा तिंगड़ू ( गांड का छेड़) ये तिंगड़ू तोह बड़ा की कैसा कैसा लग रहा है... तिंगड़ू की माँ का भोसड़ा बनाना पड़ेगा... वैसे बड़ा प्यारा तिंगड़ू है..

मल्टी ने अब अपने पेअर को भी टॉवल से अच्छे से पूछ लिया.... अब बारी आ गयी... उसकी जिसके बारे में शयद यहाँ गांव वाले हो वह जानते भोगने...

तोह बात ऐसी है की गांव में लोग नहाने के बाद बदन पे आयल 🛢️ लगते है... ताकि पता नहीं क्या हो.. मुझे भी नहीं पता.. किसी को पता हो तोह कमेंट में बताना... लेकिन इम्पोर्टेन्ट बात ये है की... चाहे पता हो या न हो... लगाना तोह है 😅 ठीक तोह इसलिए लगते है..

तोह अब मल्टी थोड़ा रेंगते घिसट घिसट के रेंगने वाला नहीं 😅 वह चलने वाला रेंगना... ठीक..

है तोह वह चलते हुए.. अपने रूम में रखे दर्पण के पास जाती है वह से तेल की सीसी उठती है... पीछे मुड़ती है और अपनी गांड🍑 हिलाते हुए वापस बीएड के पास आ जाती है...

संजू - इ का कर रही हो जानेमन... तेल कहे लगा रही हो... हमरा पानी लगाना तुम... मस्त लगेगा... हीहीही😁😁..

मल्टी ने तेल की सीसी का ढक्कन खोला और अपने हाथो में तेल निकल के दोनों हाथो को आपस में मलने लगी... फिर अपने दोनों हाथो से अपने बदन में तेल चुपड़ने लगी...

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चुपड़ने के बाद वह अपनी पलंगिया पे बैठ के पहले.. गले में तेल लगते हुए अपने तैलीय.. हाथो को अपने छातिया पे मलने लगी.. छातिया पे मलते मलते... अपनी दोनों पक्किया अमिया पे मलने लगी... मलना.. क्या उनको दबोच दबोच के उनके साथ मॉल युद्ध करने लगी... फिर धीरे धीरे अपने पेट की तरफ अपने हाथो को ले जाने लगी... और हाथो से अपने हे पेट की कमर की तेल मालिश करने लगी... और अपनी नाभि में भी तेल भरके... नाभि में ऊँगली चलाने लगी...

संजू का लुंड इतना ऐतिहासीक... काम क्रीड़ा देख के तनतना चूका था.. उसका लुंड पंत के अंदर हे बार बार lagtaar...hazaar बार झटके खाये जा रहा था... लेकिन संजू अपनी नज़रें... मल्टी पे गड़ाए.. हे रहा..

मल्टी ने अब अपनी बुर की जहातू को भी अपने तेल से साणे हुए हाथ से पकड़ के झटतो की भी तेल मालिश चम्पी सुरु कर दी... और झटतो के बाद अब बारी आयी बुर की... मल्टी ने अपनी बुर को हुमच के कास के दबोच लिया.. और अपने तेल लगे हाथो मसलने लगी...

मल्टी - आह.... ाःह..... साली... जब देखो तब पानी छोड़ती रहती है... बहुत आग है... आह... कितना... गरम है... ये मेरी बुर लगता है साला.. भट्टी में हाथ दाल रही हु... आअह्ह्ह... आअह्ह्ह.....

कास कास के बुर को दबाने के baad....malti अब अपने बुर पर से हाथ हटा के पैरो पे भी तेल लगाने लगती है....

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अपनी जहांघू पे भी तेल लगाने लगती है...

फिर पुरे बदन में तेल लगाने के बाद मल्टी एक बार फिर उठ के तेल की सीसी को हाथ में पकड़ के मिरर के पास जाती है और वह तेल की सीसी को रह देती है...

मल्टी - चलो अब जल्दी से कपडे पहन लेती हु... संजू भी आता होगा.. उसको भी खाना परोश्ना है...

संजू - ारी.. काकी... अब तोह मुझे खाना में खाना नहीं... बल्कि आपको और आपकी इस बुर को खाना है... 🥰

मल्टी अब मिरर के पास से हटकर अलमारी के पास गयी और अलमारी खोलके वह से ब्रा और पंतय निकलने लगी... और फिर

एक एक करके... पहन ने लगी...

सबसे पहले मल्टी ने अपनी ब्रा और पंतय के साथ कुछ और भी कपडे निकाले और सब को लेकर बीएड के पास आ गयी और बीएड पे कपडे रख दिए...

मल्टी ने सबसे पहले अपनी पंतय को हाथ से पकड़ा और अपनी पंतय को पकड़ के फैला दी फिर अपने एक टांग को उठा लिया और पंतय के इ छेड़ में घुसा लिया फिर यही दूसरा टांग के साथ... किया...

और जब पंतय चढाने लगी तोह उनकी पंतय में उनके दोनों भरी भरकम तरबूज़ जैसे चुत्तड़ फस गए....

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मल्टी - उफ्फ्फ... ये चूतड़ भी न...

मल्टी ने फिर एक एक करके दोनों चूतड़ को पंतय के अंदर घुसाया...

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फिर बीएड पे राखी अपनी ब्रा उठा ली... और अपने दोनों हाथो में घुसा ली...

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और एक एक करके अपने सारे कपड़ने पहन ली... और बन थान के सज सवार के.... कतई... ज़हर बन गयी..

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संजू - है..... 😍😍😍 कितनी प्यारी लग रही है मेरी मालती माल... 😘उमा.. ( फ्लाइंग किश देते हुए..)

फिर... जब संजू को लगा की अब मल्टी कमरे से निकलने वाली है वह तुरंत वह से उतर के रसोई में... तबेल छोड़ के घर की छत्त पे भाग गया....

मल्टी अपने कमरे का दरवाज़ा खोल के बाहर आ गयी.. तब तक... हरिया भी आ गया...

हरिया - वाओ 🤩😍 ब्यूटीफुल... क्या लग रही हो आज मल्लू....

ऊपर से संजू सीढ़ियों से उतारते हुए...

संजू - ये मल्लू कौन है... काका..

हरिया और मल्टी घबरा गए...

मल्टी सरमाती हुई किचन में भाग गयी...

संजू - बताओ न... काका ये मल्लू कौन है..

हरिया - ारी बीटा.. वह.. क्या है न की तेरी काकी का नाम मल्टी है तोह मई उसको प्यार से मल्लू बुलाता हु...

मल्टी किचन से खाना लेके आते हुए..

मल्टी - है बीटा.. ये नाम तेरे काका ने दिया है..

संजू - तोह क्या मई भी आपको प्यार से मल्लू बुला सकता हु..

no रिस्पांस....

संजू - प्लीज माँ.. क्या मई आपको मल्लू माँ बोल सकता हु...

हरिया और मल्टी संजू के मुँह से मल्लू माँ सुनके खुस हुए...

मल्टी - है.. बिलकुल मेरे लाल... जो तेरा मैं करे तू वह बुलाना मुझे...

संजू खुस होते हुए... ईहहहह... मल्लू माँ मेरी मल्लू माँ..

संजू को ऐसे खुस होता देख... हरिया और मल्टी भी खुश होकर हसने लगते है...

मल्टी - अच्छा एक बात बता संजू.... तू ऊपर क्या कर रहा था..

संजू ( झूट )- वह मल्लू माँ मई जब यहाँ आया तोह आपने हे तोह मुझे बताया था की हरिया काका ऊपर है तोह मई उनसे ऊपर चला गया था.. फिर हरिया काका ने मुझे यही रुकने का कहके हवेली चले गए... तोह मई यही छत्त पे धुप सेकने लगा...

मल्टी - अच्छा... तभी मुझे पता हे नहीं चला...

संजू - हां.. ( बच गए रे बाबा)

हरिया - चलो चलो... अब खाना लगाओ.. बहुत भूक लग रही है..

मल्टी - जी अभी लगाती हु पहले आप दोनों हाथ मुँह धो लीजिये..

संजू और हरिया हाथ मुँह धो के आकर खाने के लिए बैठ गए...

खाना कहते समय भी संजू के मैं में... वही सब चल रहा था जो उसने अभी देखा था..

संजू ( कितनी मोती मोती गांड है... मल्लू काकी की... देखो तोह कैसे मटका मटका के चल रही है..) मल्टी के चलने पे उसकी मटकती हुई गांड को देखके... संजू का लुंड हिचकोले मारने लगा..

हरिया - क्या हुआ संजू तुम खाना क्यों नहीं खा रहे...

संजू ( हड़बड़ा के)- खा रहा हु.. खा रहा हु...

खाना खाने के बाद संजू और हरिया हवेली के लिए निकल गए.. और मल्टी ने भी घर का दरवाज़ा अंदर से बंद कर दिया और खाने चली गयी...

इधर हवेली पे...


बाकि नेक्स्ट अपडेट में...
 


संजू और हरिया हवेली पहुंच जाते है.. वह काम जोरो सोरो से चल रहा था..

हरिया और संजू भी कुछ हेल्प करने लगे ताकि जल्दी से जल्दी काम खतम हो सके...

फिर शाम को सभी अपने अपने घर वापिस लौटने लगे.

हरिया भी संजू के साथ वापिस आने लगा ....

तभी रस्ते में संजू को सुसु आयी....

संजू - काका मुझे बहुत तेज़्ज़ सुसु आयी है..

मई थोड़ा हल्का होक आता हु...

हरिया - ठीक है बीटा...

संजू हरिया के पास से थोड़ी देर के लिए चला गया... और कुछ दूर जाके.... एक पेड़ के निचे मूठे लगा...

संजू को क्या पता था की वह जिस पेड़ के नीचे मूट रहा है उस पेड़ के ऊपर के भूत सूट ( सो ) रहा है.. 🥲

संजू ने मोटा तोह मोटा लेकिन... मुँह से सीटी भी बजने लगा.... 🥺

और आप सब को तोह पता है गांव में पेड़ो में भूत होता है... इसलिए पेड़ के पास नहीं मूतना चाहिए... और... ये भी कहा जाता है की रात को ऐसे सुनसान जगह पर सीटी नहीं बजानी चाहिए.... वर्ण हीहीही💀

संजू ने सीटी बजा के बहुत बड़ी गलती कर दी थी...

पेड़ पे सोया bhoot....aur भूत की माँ की छूट 😁 बड़ा हे खतरनाक होता है मित्रो..

सीटी की आवाज़ सुनके भूत कसमसाते हुए उठा...

भूत - कौन है रे जो मेरी नींद खराब कर रहा सीटी बजा के....

भूत उठ के नच्चे जब संजू को देखा...

भूत का गुस्सा और भी भयंकर हो गया...

भूत - ये... चुटिया आदमी... साले को इतना भी नहीं पता की सीटी नहीं बजाना चाहिए वर्ण भूत आ जाता है...

एक तोह सीटी बजा के मेरी नींद खराब की इसकी सजा तोह मिलेगी... जरूर मिलेगी और ऊपर से साला मूट भी रहा है ये तोह मेरा घोर अफमान है... इसकी डबल सजा मिलेगी...

संजू ने अपना मूत्र विषर्जन समाप्त कर लिया था.... और अब वह पेड़ के पास से जाने लगा..

भूत - रुक साले मुटर्रे...🤣 कहा भाग रहा है... रुक... अभी बताता हु तुझे...

संजू को कौन सा भूत की आवाज़ सुनाई देनी थी... वह चुपचाप अपनी धुन में सीटी बजाते हुए... चल पड़ा हरिया के पास...

हरिया - हो गया बीटा..

संजू - जी.. हो गया...

और संजू फिर सीटी बजने लगा..

हरिया- ारी बीटा.. बंद करो.. अभी के अभी बंद करो...

संजू ( मैं में) - अभी.. लगता है साला.. मूतने के बाद लुंड अंदर डालना भूल गया लगता है... मई भी कितना भुलक्कड़ हु...

संजू - जी काका...

संजू ने फिर से सीटी बजाते हुए... नीचे देखा...

संजू ( मैं में) -) ारी मेरा लुंड तोह अंदर हे है और चैन भी लगा हुआ है तोह फिर ये बुदहु क्या बंद करने बोल रहा...

संजू - ारी काका बंद हे तोह है ये देखो ( पंत की तरफ इशारा करते हुए..)

हरिया - ारी ये नहीं...

संजू - तोह फिर क्या बंद करने बोल रहे...

हरिया - ये जो तुम सीटी बजा रहे हो वह बंद करो...

संजू - पर क्यों... अच्छा तोह बजा रहा हु...

देखिये... फिर से बजता हु...

संजू ने फिर से बजाना सुरु किया...

हरिया- ारी बंद करो नहीं तोह वह आ जायेगा...

संजू - ारी कौन आ जायेगा...

हरिया - देखो बीटा गाँव में मान्यता है की रात को सीटी बजने से भूत आ जाता है...

संजू - कुछ भी काका.. 😅

हरिया - मई सच बोल रहा हु... मेरी बात का विश्वास करो...

संजू - काका आपने कभी देखा है... सीटी बजने पे भूत आते हुए...

हरिया - नहीं लेकिन मान्यता है.

संजू - देखिये... काका इस गांव में एक हे भूत थी वह चुड़ैल... और उसकी मौत हो चुकी है तोह आप ज्यादा मत घबराओ... और जल्दी घर चलो..

हरिया और संजू फिर घर की तरफ बढ़ने लगे....

लेकिन रास्ते में हे....

हैया काका जो की संजू के पीछे पीछे चल रहे थी... वह अचनाक से हसने लगे .

हरिया - हीहीहीही.. 😁😁😁

संजू ( डरते हुए) - क्या हुआ... काका.. आप हैश क्यों रहे हो....

हरिया बिना कुछ बोले...

हीहीहीहीहीही... 😁😁😁

संजू - ारी... काका बताओ.. न क्या हो गया... जो ऐसे हसे जा रहे हो...

हरिया - हीहीहीहीहीहीहीही .....

संजू ( इस मादरचोद को अब क्या हो गया... अभी तक तोह सब सही था.. कही... मेरी फिरकी तोह नहीं ले रहा..).

संजू - ारी यार काका मजाक बंद करो... और जल्दी घर चलो...

हरिया - अब रोने लगा....

उउउउउहुहुँहुँहुँहुँहुँ😭😭😭

संजू - ारी अब रो क्यों रहे हो...

हरिया - उउउउउहुहुँहुँहुँहुँहुँ.... 😭😭😭

संजू - ारी भोस्डिके काका कही पागल वागल तोह नहीं हो गए हो... बी... गांडू साले... इस घनी अँधेरी रात में जंगल के बिच में साले... भौके जा रहे हो... अगर ये कोई मजाक है तोह तुरंत बंद कर और चुपचाप.... चल घर...

हरिया गुस्से में संजू को घूरते हुए...

अलग आवाज़ में... ( छ्हूहः...... ठूठ.... तू मुझे... गाली दे रहा... चूतिये... तू जनता नहीं की मई कौन हु.... मई कोई तेरा काका वका नहीं..... हु ठीहीहीहीहीही.... 😁😁😁)

संजू का दिमाग घूम गया...

संजू ( चौक के) - ारी भोस्डिके काका... साले... मजाक मत कर इधर दिल में धक् धक् हो रेला है.... देख चुपचाप... ये नौटंकी छोड़ और घर चल...

संजू ने इतना हे कहा की.... हरिया तेज़्ज़ी से दौड़ते हुए... उस पेड़ के पास चला गया... और उस पेड़ में चढ़ के उल्टा लटक गया...

संजू - ारी.. भोस्डिका... ारी.. भोस्डिका... रुक... मादरचोद..... काका... कहा भाग रहा है... साले... कहा भागे जा रहा है... एक तोह भूक से हालत ऐसे हे टाइट है ऊपर से इस मादरचोद को मसखरी सूझ रही है...

मई कहता हु रुक जा...

हरिया - मई अब तेरे हाथ नहीं आने वाला.... हीहीहीही 😁😁😁

संजू - ाअखिर ये भाग क्यों रहा है..

कही इस भोसड़ीवाले को दौरा तोह नहीं पद गया... अब तोह इसको पकड़ के जूता सूंघना पड़ेगा..... लेकिन जूते में इतनी सुगंध नहीं आएगी.. इस बांगड़ू के लिए.. तोह मोजा हे सही है...

संजू हरिया का पीछा करते हुए... उस पेड़ के पास पहुंच गया...

संजू - ारी ारी... ये बेटीचोद.... इस पेड़ के पास क्यों आ रहा... इस पेड़ पे तोह अभी अभी मई मूट के आया था.....

हरिया तेज़ी से दौड़ते हुए पेड़ पे चढ़ गया.... और उल्टा लटक गया....

संजू - ये इतनी आसानी से पेड़ पे कैसे चढ़ गया... और उल्टा लटक के क्या सिद्ध करना चाहता है...

हरिया काका उतरो यार... कहा भूत की तरह पेड़ पे लटक रहे हो...

हरिया हस्ते हुए हीहीहीहीही... 😁😁😁

अब भी नहीं समझा... तू.... की मई कोई तेरा हरिया काका वका नहीं.... बल्कि भूत हु... वह भूत जो शांति से सो रहा था... लेकिन तूने आके... यहाँ मूट के... मेरा अफमान किया... और उसके ऊपर सीटी बजा के मेरी नींद भी खराब की है.... इसलिए.... अब मई अपनी नींद... तेरे इस हरिया काका के सरीर के साथ पूरा करूँगा....

संजू - ारी बहनचो... तभी तभी... मई सोचु... की... ये साला... हरिया काका ऐसे बौराये बिल्ले की तरह क्यों हरकतें कर रहा...

हरिया ( भूत ) - तू जा यहाँ से.....

संजू- नहीं मई नहीं जाऊंगा... पहले मेरे काका के सरीर को छोडो..

भूत - ये अब नहीं हो सकता... और अगर मैंने इसके सरीर को छोड़ भी दिया... तोह भी अब कोई फायदा नहीं... क्यों की मैंने इसके प्राण हर लिए है... और अब इसका सरीर मेरा हो गया...

संजू - क्या... काका मर गए...

भूत ( हरिया) - हआ.... हीहीहीही 😁😁😁

संजू ( मैं में) - ारी बहनचोद.. इसने तोह हरिया.... जैसे बरमारिया के प्राण हर के उनके प्राण पखेरू उड़ा दिया... ये बुरनारिया हरिया काका तोह मर गया... भाग ले बीटा संजू वर्ण कही काका की तरह तेरे भी प्राण पखेरू न उड़ा दे ये छुटमारिणी का भूत.

संजू सरपट दौड़ते हुए भागने लगा...

हरिया ( भूत) - हस्ते हुए हीहीहीहीही 😁😁😁😁 भाग... भाग... हीहीहीही.. 😁😁😁

मेरा अफमान किया था तूने... मेरी नींद खराब की थी भाग भोस्डिके 😁😁😁😁

संजू.... गिरते पड़ते भागते भागते.... गांव की तरफ आया... और सबसे पहले... उसने गांव के कुछ लोगो को जो हवेली की साफ़ सफाई करते थी उनसे मदद मांगी... लेकिन कोई अभी रात को जाने को तैयार नहीं हुआ.... तभी वह एक बूढ़े काका... जिनका नाम चुंगी लाल था वह आये...

चुंगी लाल - हरिया हमारा पडोसी.. है... गांव में सबसे अच्छी पहचान है... कभी किसी से बैर नहीं रखा... हमेशा दुसरो की मदद की हुए जब आज उस को मदद की जरुरत है तोह तुम सब अपना मुँह छुपा रहे हो....

लानत है तुम लोगो की जवानी है.... मई बहुधा हो चूका हु संजू बीटा फिर भी मई हरिया को बचने चलूँगा... जिसको भी मेरे साथ आना है... वह आ जाए.... वर्ण जाके अपनी ( गांड) मारवाये...

चुंगी लाल की बात का लोगो पर गहरा असर हुआ... अभी अभी जो लोग जाने को तैयार न थी.. वह सब अब.... संजू के साथ चलने को तैयार हो गए....

संजू उन सब को उस जगह पर ले गया... जहा हरिया ( भूत) पेड़ पे उल्टा लटक रहा था...

इतने सारे लोगो को एक साथ लालटेन पकडे आता देख....

हरिया ( भूत) - ारी ये साला... तोह सबको लेकर यहाँ आ गया... अब क्या करू.... लगता है ये लोग मुझे चैन से सोने नहीं देंगे...

मुझे इन सब को चख्मा देना होगा...

सब हरिया के पास आ गए...

हरिया ( भूत) पेड़ से उतर के उन सब के सामने खड़ा हो गया...

चुंगीलाल - बता कौन है तू....

और तूने हरिया के साथ क्या किया हैं...

हरिया ( भूत) - ये आप कैसी बात कर रहे है.... मई हे तोह हरिया हु....

चुंगीलाल - झूट बोल रहा है... तू...

संजू - है है... झूट बोल रहा है....

हरिया ( भूत) - चुप हो जा कलमुहे... तू मुझे यहाँ छोड़ के भाग गया और अब गांव में जाकर.... मेरे बारे में.... गलत गलत अफवाह फैला रहा....

संजू - अभी.. झूठे.... साले..... झूट बोलता है...

हरिया ( भूत) - मई कोई झूट नहीं बोल रहा.... तू झूट बोल रहा है मई हरिया हु हरिया...

संजू - ये झूट बोल रहा है चुंगी अंकल....

चुंगीलाल - हुह्ह्ह.... दोनों संत हो जाओ....

संजू.... के पास झूट बोलने की वजह नहीं है.... लेकिन जैसे इसने आरोप लगाए है उसके हिसाब से ठीक है... अगर तुम हरिया हो... तोह हम मान लेंगे की तुम हरिया हो...

संजू - ये आप क्या कह रहे हो....

हरिया ( भूत) - खुस होते हुए.. है है... आप बिलकुल सही कह रहे हो चुंगी अंकल....

चुंगी लाल - लेकिन उसके पहले तुम्हें हमारे सवालों का सही सही जवाब देना होगा..

संजू ( स्माइल 😊 ) - ये हुई न बात

अब बोल बी...

हरिया ( भूत) -- (मैं में) -- साला... बुढऊ... होसियार निकला... खेल गया... अब क्या करू.... क्या करू..... इस मादरचोद ने तोह फसा दिया....

चुंगी लाल - चुप क्यों हो गए...

हरिया ( भूत) -( गुस्से से) -

नहीं.... मुझे अपनी सत्यता प्रमाणित करने के लिए किसी के सवालों के जवाब देने की कोई जरुरत नहीं है....

संजू - जरुरत तोह है.... वर्ण... अच्छा नहीं होगा..

हरिया ( भूत) - गरजते हुए... - वर्ण क्या कर लेगा रे तू.... जैसे तेरे इस काका को मारा है वैसे तुझे... भी मार डालूंगा.. और इन गांव वालो को भी....

भूत ने गुस्से में अपने हे पाँव पे कुल्हाड़ी मार ली.... उसने गुस्से में अपना सच सबके सामने उजागर कर दिया...

चुंगी लाल के साथ सभी लोग उसकी ये बात सुनकर.... अवाक रह गए.... उन सबको अब संजू की बात का यकीन हो गया...

इधर गांव में मल्टी को भी इस बात की खबर लग थी की हरिया को जंगल में कुछ हो गया है... तोह वह..... भी गांव वालो के पीछे पीछे आने लगी थी अपनी गांव की कुछ पड़ोसन के साथ....

और हरिया के मुँह से जो अभी गांव वालो ने सुना वह मल्टी ने भी सुन लिया वह वही पीछे हे थी... और उसको जैसे हे पता चला... की उसके पति की मृत्यु हो गयी है..... उसकी एक जोरदार छींक निकल गयी और वह इस सदमे से बेहोश हो गयी....

उसकी छींक से सबका ध्यान उस और गया.. की तभी वह भूत हरिया की बॉडी को साथ लेकर चला गया...

संजू दौड़के मल्टी के पास गया....

और उसको होश में लाने की कोशिश करने लगा... लेकिन वह होश में आ हे नहीं रही थी...

चुंगीलाल- ारी वह कहा गया.... और हरिया का सरीर भी लेकर चला गया...

सभी - संजू से कहने लगे....

सभी - सब तुम्हारे कारन हुआ है... न तुम यहाँ आते न... हे तुम हवेली में रहने की जिद्द करते न हरिया इस रास्ते पे इतनी रात को जाता और न हे... वह भूत हरिया को पकड़ता... और न हे हरिया की मौत होती... हरिया के मौत के ज़िम्मेदार सिर्फ तुम हो संजू... सिर्फ तुम....

संजू गांव वालो के ऐसे बातो को सुनकर... मैं हे मैं दुखी हो गया.... उसको भी लग रहा था की शयद इन सब में कही न कही... उसकी हे गलती है... और ऐसे हे वह उदास होकर... उसकी आँखों में आंशू आ गया... और उसके आँखों से निकलता हुआ आंशू उसके गळून से होते हुए रिस रिस के गिरने लगा.. जो उसकी गोद में बेहोश पड़ी मल्टी ले चेहरे पे पड़ा.... हुए उसको होश आया....

मल्टी को होश आ.. गया...

मल्टी संजू को ऐसे रोटा हुआ देख के और गांव वालो को संजू को खरी खोटी सुनते हुए देख के... वह अपने पति के मरने के गम को दबा के... बोल पड़ी....

मल्टी - चुप हो जाइये.. आप सब....

संजू मल्टी की आवज़ सुनके अपने आँख खोल के देखने लगा...

संजू - माँ आपको... होश आ गया...

मल्टी - हां.... बीटा... तू रो मत.... बीटा...

सब गांव वालो कान खोल के सुन लीजिये... मेरे पति की मौत हो गयी... इस बात का जितना दुःख आप सब को हुआ है उस से भी कही जयादा दुःख मुझे हुआ... है... और संजू को भी मेरे सामान दुःख हुआ है... ारी इसने तोह मुझे अपनी माँ सामान माना है... और मेरे पति को अपने पिता सामान.... तोह सोचिये... की इसको कितना दुःख होगा जिसने अपने पिता को खोया हो...

मई जानती हु की अब वह कभी वापस नहीं आएंगे... लेकिन मई उनके हत्यारे उस भूत को जयादा दिन तक चैन से नहीं रहने दूंगी ये मेरा अपने मरे हुए पति से वाद है...

और प्लीज आप लोग संजू को किसी भी बात के लिए ब्लामे मत करिये...

संजू रट हुए मल्टी से लिपट गया..

सभी... मल्टी की बात सुनकर... शांत हुए...

चुंगीलाल - लेकिन मल्टी बहिन... हम उस भूत को कैसे पकड़ेंगे...

संजू - वह सब आप लोग मुझ पर छोड़ दीजिये... जिसने मेरे हरिया काका के साथ ऐसा किया है... मई उसको हमेसा हमेसा के लिए... ख़तम कर दूंगा...

फिर सब वह से घर चले.. गए...

मल्टी की हालत ठीक नहीं थी लेकिन वह खुद को संभालने का प्रयास कर रही थी....

सब वापस घर आ गए...

2 दिन तक सबने शोक मनाया....

तीसरे दिन... क्या हुआ... वह जान ने के लिए पढ़ते रहिये...

 
इधर.... जब

उस चुड़ैल के बहिन को पता chala...ki उसकी बहिन की किसी ने हत्या कर दी है....

चुड़ैल की बहिन... सुमोना..

सुमोना चुड़ैल...

बाला की खूबसूरत...

जिसको कोई भी आदमी... बस नज़र भर के देख ले तोह उसका लूणदा अपना पानी झाड़ दे ..... और उसके हुस्न के झाल में गिरफ्त होकर.... सुमोना की हर एक बात मान ने को तैयार हो जाए... सुमोना ने आज तक कई मर्दो... को अपने हुस्न के जाल में फास के उन सब के साथ सम्भोग किया और सम्भोग के तुरंत बाद उन सब को मार के उनकी आत्माओ को अपना गुलाम बना लिया

सुमोना को जिसने भी एक बार देख लिया... वह या तोह ये कहा जाए की वह.... उसके हुस्न को देखकर उसकी तरफ खींचा चला गया... या फिर ये कहा जाए की... उसको दोबारा इस दुनिया में नहीं देखा... गया....

सुमोना की उम्र... 100 से भी ज्यादा साल थी... लेकिन उसका हुस्न... उसको किसी 29 साल की खूबसूरत लड़की के सामान दिखाने में कोई कमी नहीं छोड़ता..... ..

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सुमोना.... दर -असल..... कुए... के भीतर... से होकर जाने वाले... एक बेहद हे डरावने.... काले.... अँधेरे... वाली जगह में निवास करती है.... कुए के नीचे... अँधेरी काली जगह मानो उसने अपना साम्राज्य... स्थापित किया हुआ हो..... वह की वह महारानी हो..... और उसकी सेवा... में जिन जिन की आत्मा को उसने वश में कर रखा था वह सब उसकी गुलामी करते है....

सुमोना... की एक ख़ास गुलाम भी है.... लता.... जिसको.... सुमोना... अपनी माँ की तरह मानती है.... वह क्यों.... ये आगे पता चलेगा..

सुमोना... अभी अपने... दासियो... ( गुलाम आत्माओ) का नाच देख रही थी.... और जो ठीक से नहीं नाच रही थी उसकी कोड़े से पिटाई कर हे रही थी की तभी.... 🤫
 
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ये है कुए के अंदर की जगह.... जहा एक आलिशान... सा... चुड़ैल पैलेस बना हुआ है जहा... की मलिका है सुमोना...
 
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