अडुल्टेरी 𝐁𝐡𝐨𝐨𝐭 𝐤𝐢 𝐦𝐚𝐚 𝐤𝐢 𝐜𝐡𝐨𝐨𝐭 🥰 - SexBaba
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अडुल्टेरी 𝐁𝐡𝐨𝐨𝐭 𝐤𝐢 𝐦𝐚𝐚 𝐤𝐢 𝐜𝐡𝐨𝐨𝐭 🥰

hotaks

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हे गाइस....

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" " . . . .
 


मई आ गया हु आपके लिए अपनी एक नयी कहानी लेके...

सो इंट्रोडसिंग मैं करैक्टर...

#संजू - dashing,charming,

बड़े लुंड वाला... बॉडी बिल्डर...

और भी बहुत कुछ...


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आगे 27..

ये रहता गई.. टाउन में...

अपने गाओं से बहुत दूर..

इस दुनिया... में संजू का उसकी दादी के सिवा और कोई नहीं था..

संजू की दादी के मरने के बाद उनकी प्रॉपर्टी संजू के नाम हो गयी.. जिसमे से एक था

#हवेली वडा..

सुबह का समय था संजू की आँख खुली...

संजू -- ारी सुबह हो भी गयी य्र्र..

आज तोह वह बकलोल माकन मालिक फिर से किराया मांगे आ जायेगा..

ये करिये के घर में रह रह के मेरी तोह हालत हे बंद होती जा रही सोचता हु एक नया फ्लैट खरीद लो.. लेकिन इसके लिए पैसे कहा से आएंगे..

तभी कुछ सोचते हुए... संजू के मंद में एक बात याद आयी और उसके चहरे में मुश्कान आ गयी..

संजू -- हां याद आया दादी का एक पुराण बांग्ला जिसका नाम क्या था🤔 आआ.... है.. 🤩याद आया... हवेली वडा.

अगर वह बांग्ला बिक गया तब तोह मई अपना खुद का फ्लैट यहाँ टाउन में ले सकता हु और उसके बाद बचे पैसो से मई और भी बहुत कुछ कर सकता हु... वैसे भी इस बिमा एजेंसी में काम कर कर के मेरी हालत बंद हो गयी.. है..

जैसे हे संजू को उस हवेली की याद आयी उसने तुरंत अपना फ़ोन उठाया और गाओं में उनके हवेली के केयरटेकर को जिनका नाम रामु काका है उसको कॉल लगा दिया...

संजू -- hello रामु काका..

फ़ोन पे -- जी कौन...

संजू ( ये लड़की की आवाज कहा से आ रही रामु काका के फ़ोन पे)

फ़ोन पे-- बोलिये... कौन है आप और क्यों फ़ोन किये है..

संजू -- जी क्या ये रामु काका के यहाँ लगा है

फ़ोन पे -- है .... लेकिन बापू अभी घर पे नहीं है वह नहाने गए है ...

संजू -- ओह... अच्छा तोह जब वह आये तोह उनको ये बता दीजियेगा की सेहर से संजू का फ़ोन आया था...

फ़ोन -- जी... बता दूंगी..

और फिर फ़ोन कट गया...

संजू -- ये लड़की कौन थी जो रामु काका को बापू कह रही थी...

उनकी बेटी होगी... मई भी न 😅

तभी संजू के फ्लैट पे किसी के खटखटाने की आवाज़ आयी...

संजू -- आ रहा हु य्र्र...

इतनी सुबह सुबह कौन आ गया

दरवाज़ा खोलते हे...

आदमी - क्यों बरखुरदार... मेरा पैसा कहा है..

संजू -- ारी अंकल आप.. आइये न

आदमी -- तुम न भी बुलाओगे फिर भी अंदर तोह मई आऊंगा मेरा हे फ्लैट है 😄

संजू -- जी अंकल....

अंकल वह पैसे तोह.. अभी नहीं है.. वह सैलरी आने में अभी टाइम है..

2 दिन बाद आएगी...

आदमी -- अच्छा बच्चू... तुम्हे बकरा बनाने को मई hi मिला हु क्या.. 1 हफ्ते से बोल रहे हो की 2 दिन बाद आएगा 2 दिन बाद आएगा.. लेकिन तुम्हारा ये 2 दिन कभी आ हे नहीं रहा..

संजू ( no रिस्पांस)

आदमी -- मुझे कुछ नहीं पता आज शाम 4 बजे तक मुझे पैसे नहीं मिले तोह ये फ्लैट खली कर देना ..

संजू -- प्लीज अंकल... ऐसा मत करिये.. मई कहा जाऊंगा.. इतनी जल्दी तोह मुझे कोई दूसरा माकन भी नहीं मिलेगा..

मुझपे रहम करिये...

आदमी -- न न न... अभी हो रहा 10 ऍम शाम के 4 पं तक पैसा दे देना नहीं तोह चुपचाप रूम खली करके यहाँ से चले जाना...

वह आदमी उठ के निकलने लगा..

संजू उसको मानाने उसके पीछे दौड़ा लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ..

नीरस होकर संजू वापस अपने फ्लैट में आ गया..

संजू आकर अभी बीएड पे अपना सर पकड़ के बैठा हे था की तभी उसके मोबाइल पे किसी का कॉल आया...

संजू -- hello..

फ़ोन -- संजू बीटा हम तुम्हारे रामु काका बोल रहा हु..

संजू -- प्रणाम रामु काका..

रामु काका -- खुस रहो बीटा.. बताओ कैसे याद किया...

संजू -- वह काका मुझे आपसे एक जानकारी चाहिए थी...

रामु - कैसी जानकारी..

संजू -- वह जो मेरी दादी की हवेली थी उसकी देखभाल कौन करता है..

रामु -- कौन सी हवेली की बात कर रहे हो तुम..

संजू -- वही हवेली जिसको हवेली वडा के नाम से जानते है...

रामु -- क्या...

संजू -- क्या हुआ रामु काका.. आप इतना शॉक क्यों हो गए..

रामु -- नहीं नहीं कुछ नहीं...

तोह तुम उस हवेली के बारे में बात कर रहे.. उसकी देखभाल तोह तुम्हारी दादी ने उस हे गाओं के एक आदमी हरिया को दी थी...

संजू -- अच्छा..

आप के पास हरिया का नंबर है क्या...

रामु -- है है पर.. क्यों..

संजू -- वह मई कुछ दिन के लिए वह आ रहा हु सोचा की हवेली में राहु...

इसलिए बस हवेली की साफ़ सफाई का उनको बोल देना..

रामु -- क्या...

संजू -- ये अचनाक आप बार बार शॉक क्यों हो रहे है..

रामु -- कुछ नहीं बिटवा... ठीक है मई तुम्हारे कहे अनुसार हरिया को बोल दूंगा...

वैसे कब आ रहे हो..

संजू -- आज रात तक पहुंच जाऊंगा...

रामु -- क्याआआ....

संजू( जोर से) -- रामु काका चुटिया हो क्या yrr..hayee( नार्मल होते hue.)ye बार बार क्या... क्या... क्यों बोल बोल के डरा रहे हो

रामु -- माफ़ करना बीटा.. वह तुमने रात को आने का कहा न इसलिए... क्यों की गाओं में आने का रास्ता जंगल से होकर जाता है और रात को जानवरो का खतरा..

संजू -- ऐसा कुछ नहीं होगा मई अपने साथ सेफ्टी के लिए.. आग रखूँगा..

रामु -- मई भी हरिया को कह दूंगा की वह भी मशाल लेके तुम्हे जंगल के रस्ते से सुरक्षित लेके जायेगा...

संजू -- जी... शुक्रिया... तोह अब मई रखता हु...

संजू ने फ़ोन कट किया...

और एक चैन की लम्बी सांस ली.. और अपने फ्लैट ओनर को गालिया देते हुए... बाथरूम में फ्रेश होने घुस गया...

( संजू ने अब पैसे न होने के कारन और माकन मालिक के रूम कहली करने के बार बार टॉर्चर के कारन अब यहाँ से निकलने का मैं बना लिया था... और जब उसको याद आया की उसका एक बांग्ला भी है. तोह उसने वह जाने का फैसला किया... लेकिन संजू न तोह कभी उस बंगले में गया था और न हे उस बंगले के बारे में जनता था वह बांग्ला संजू की दादी ने कुछ सालो पहले हे खरीदा था क्यों की वह आलिशान बांग्ला बहुत सस्ते में मिल रहा था... अब देखना ये है की संजू उस बंगले को बेचता है या उसका कोई दूसरा उपयोग करता है...)

शाम का 4 बज चूका था... संजू ने अपने बैग पैक कर लिए थी....

दरवाज़े पे दस्तक हुई...

माकन मालिक-- तोह तुमने ये रूम छोड़ने का फैसला कर हे लिया..

संजू -- जी.. और देखना.. बुढऊ तुमसे अच्छा और बड़ा फ्लैट मई खुद खरीदूंगा... और उसके बाद तुमसे आके मिलूंगा...

म. म- ( हस्ते हुए) - ाचा.. मजाक कर लेते हो यहाँ 1 महीने का किराया तोह तुमसे दिया नहीं जा रहा और लाड साहब को फाल्ट खरीदना है... 😅



संजू को बहुत तेज़्ज़ गुस्सा आ रहा था लेकिन उसने अपने आप पे कण्ट्रोल किया और चुपचाप अपना सामान लेके वह से निकल गया...
 
संजू ने अपना सारा सामान बस में चढ़ा लिया और बस में बैठ के निकल गया ....वह के लिए

जहा ज़िन्दगी उसको ले जाना चाहती थी..

सिड संजू की नियति में गाओं जाना हे लिखा था...

संजू बस में अपने फ़ोन से उस बंगले की हे पिक्टुरेस देख रहा था...

संजू ( मैं में ) - वाह वाह क्या बांग्ला hai..maan न पड़ेगा दादी की चॉइस को बड़ी हे

आलिशान और बड़ा बांग्ला खरीदा hai...agar मुझे पैसो की जरुरत न होती तोह मई इसको बेचने

के बारे में सोचता भी नहीं ..लेकिन मुझे इस हवेली को बेचना हे पड़ेगा ....इस हवेली को बेच के

मई करोडो कमा सकता hu..uske बाद तोह ऐश हे ऐश...

यही सब सोचते हुए संजू का सफर ...पूरा हो गया..


कंडक्टर - चलो उतरो

संजू -- जी...

संजू ने अपना सारा सामान निचे उतरा

और खुद भी बस ने उतर गया..

बस चल पड़ी...

संजू- हास्सः चलो आखिर कार पहुंच हे गया

लेकिन ये क्या ....मुझे लेने कोई नहीं aaya...maine तोह रामु काका से कहा भी था की हरिया को बोल दे की

मुझे यहाँ से रेसवे करने को...

संजू उदास होते hue...khud हे अपना सारा सामान उठाया और रोड के बगल से सुनसान जंगल के

भीतर एक रास्ता जा रहा था उसमे संजू ने अपने कदम बढ़ा दिया..

संजू अपने फ़ोन की टोर्च ों करके जंगल के बीचो बिच बने रस्ते पे चले जा रहा tha...is

सुनसान रात में उल्लू की चिल्लाने की aawaz...se अचानक संजू दर गया और दर के मारे उसका

फ़ोन उसके हाथ से छूट गया...

लेकिन संजू ने तुरंत हे उसको उठा लिया और थोड़ी तेज़ी से आगे बढ़ने लगा...

तभी उसको कुछ आवाज़ सुनाई di...ye आवाज़ किसी आवर्त के पायलो की थी...

संजू उस आवाज़ को सुनकर सोच में पद गया..

संजू ( मैं में) -- ारी ये इतनी घनी अँधेरी रात में कौन औरत है जो अपनी गांड मटकने

इधर को आ रही...

संजू उस आवाज़ का पीछा करने का सोचने लगा...

तभी उसके मैं में ख्याल आया...

संजू अभी नहीं ...अभी बहुत सारा सामान है तेरे पास कही ऐसा न हो की छूट के चक्कर में

सामान हाथ से निकल jaaye...choot तोह बाद में और मिल जाएगी इसलिए अभी चुपचाप हवेली चल...

संजू अपने मैं की बात मान के सीधा रस्ते पे चलते हुए आगे बढ़ने लगा...

तभी उसको किसी के कदमो के आहात सुनाई देने लगी और साथ हे पायल की आवाज़ भी आने लगी..

संजू ( मैं में) -- ारी ये औरत मेरे पीछे आ गयी क्या जो इसके कदमो और पायलो की आवाज़ इतनी

पास से आ रही...

संजू ये सोचते हुए हे आगे बढ़ने लगा...

उसको पायलो और कदमो की आहात और भी साफ़ और पास सुनाई देने लगी..

.संजू को लगा कोई चोर होगी जो उसका सामान चुराना चाहती hai...usne हिम्मत करके बिना पीछे

mude...ek बार गले को खरखराय...

और तेज़ तेज़ चलने लगा...

संजू के कदम जितनी तेज़ रफ़्तार से चलते उतनी हे तेज़ी से पायलो की आवज़ और किसी के अपने पीछे आने

से उतने वाली उसके कदमो की आवाज़ संजू को साफ़ साफ़ और जोर जोर से सुनाई देने लगी...

Sanju...baukhla गया...( मैं में) -- ारी साला ये कौन है य्र्र जो दिमाग ख़राब कर रही ...लगता है

इस से भिड़ना पड़ेगा...

संजू ने अपने चलते कदम रोक diye...aur घूम गया...

संजू के पीछे घूमते हे उसके होश ुध गए...


पीछे कोई नहीं tha...ye देख के संजू की गांड तोह फटी हे फटी साथ में उसके मैं में बहुत से

क्वेश्चन आने लगे....

संजू ( मैं में)-- ये कैसे हो सकता hai..agar मेरे पीछे कोई नहीं था तोह वह कदमो की आवाज़

और वह पायल की आवाज़ कहा से आ रही थी...

ये सोचते hue...uske मैं में भी दर के भाव उत्पन्न होने लगे ..वैसे तोह संजू भूत प्रेत

में विश्वास नहीं करता था लेकिन जो हुआ उसके साथ अभी उस से उसकी गांड पहात चुकी थी...

संजू अपने मैं को शांत कर वापस रस्ते की ऑर्डर मूढ़ के हवेली की तरफ बढ़ने लगा...

जैसे हे उसने अपने कदम बढ़ाये उसकी गांड पहात गयी क्युकी संजू के कदम बढ़ने से संजू के

कदमो के साथ साथ किसी और के कदमो के और किसी औरत के पायल के आवाज़ आने लगती है..

संजू अब ...बेहद डर चूका था वह अपने कदम तेज़्ज़ तेज़्ज़ कर के वह से जल्दी से जल्दी बच के

निकलने की कोशिस करने लगा...

तभी तेज़्ज़ तेज़्ज़ चलते हुए संजू के कंधे पर किसी का हाथ aaya...aur जैसे हे संजू को अपने

कंधो पे कुछ है ऐसा लगा उसने अपनी नज़ारे तिरछी करके उस कंधे के तरफ daali...aur जो देखा

देखते हे उसके होश उड़द gye...aur वह देखते हे बहुत जोर से चिल्ला के

अपने सामन को छोड़ के भाग के एक पेड़ के पीछे जेक चुप गया और अपनी आंखें बंद किये

हुए मैं में भगवान् का नाम लेने लगा...

संजू ( मैं में) -- हे भगवन आज बचा ले...

संजू की दिल की धड़कन काम होने का नाम हे नहीं ले रही थी....

पेड़ के peeche...aakar जब संजू ने हिम्मत करके अपनी आंखें kholi....aur जैसे हे पेड़ के पीछे

से झाकने को हुआ..

एक aaawaz....cham चम् करती ...पायलो की आवाज़ उसके साथ साथ पेड़ो के पत्तो की सरसराहट की

आवाज़ ....और एक ाआवाज़ ...

" sahab...areee...ooo...sahab.."

बस फिर क्या था ीनता सुनते हे संजू की गेंद पहात के चित्र हो गयी...

उसने अपनी आंखें बंद के जोर जोर से भगवन का नाम लेने लगा...

भगवन जी बचा लो मुझे ...

मेरी तोह अभी तक शादी भी नहीं हुई ..

मई ऐसे कुंवारा नहीं मरना चाहता ...

भगवन जी ( बे लिखे )-- यहाँ सामने मौत है और इसको अभी भी विर्जिनिटी लूज़ करने की पड़ी है

अब वह पायलो की aawaz....aur भी क्लेअर्ल्य सुनाई देने lagi...aur अब जो वह आवाज़ आयी...

शब् जी ोू शब् जी ....वह बहुत पास से आयी ...और आवाज़ के साथ किसी का हाथ संजू के कंधे पर

पड़ा...

संजू ( घबराते हुए )- मुझे छोड़ दो मुझे छोड़ do....please ......मई आज हे यहाँ आया

hu...mujhe जाने दो..

तभी ... एक सुरीली आवाज़ से उसकी आँख खुली...

"" साहब जी ये आप क्या बोले जा रहे है...""

संजू कुछ बोलने वाला होता है की तभी....

उसको याद आता है...

संजू ( मैं में) - हनीय ये तोह किसी लड़की की आवाज़ है जो मुझे शब् जो बोल रही है...

चलो थोड़ा सा आँख खोल के देखता हु जो होगा देखा जायेगा...

संजू ने जैसे हे आंखें खोली..

उसके तोह होश हे उड़द gye....uska मुँह खुला का खुला रह gya...woh अपनी आंखें फाड़े फाड़े बिना

किसी हरकत के उसको एकटक देखने लगा ..

संजू के आँख खोलते हे उसके आँखों के सामने एक खूबसूरत 35 साल के आस पास की गोरी हॉट

औरत जिसने लाल रंग की साड़ी पहनी हुई माथे पे काली bindi...aankon में kajal...hath में एक लालटेन

पकड़ी हुई ...उस लालटेन की रोशिनी से निकलने वाली लाइट जो उस औरत के सुन्दर मुखड़े पे पद रहा था

और उसके चेहरे की शोभा को और बढ़ा rha....uske लाल लाल ooth..jo बिलकुल रास भरे थे


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उसके उठ हिल रहे thea...lekin संजू को बीएस वह हिलते दिख रहे थी आवाज़ सुनाई नहीं दे रही थी.

आवर्त...-- साहब ...ू ...sahab..kaha खो gye...aapko क्या हो गया है साहब...

संजू तोह उस औरत को देख के मंत्रमुग्ध हो चूका था ...

आवर्त संजू को कोई रियेक्ट नहीं करता देख उसके कंडे को पकड़ के हिलने लगती है...

आवर्त -- sahab..oo ...साहब...

संजू -- aaaa....aaaahhhhaa....haa..haa..

होश में आ गया...

औरत -- क्या हो गया था aapko...aap ऐसे भाग के पेड़ के पीछे आके क्यों छुप gye..aur मेरे इतनी

बार साहब साहब बोलने पर भी क्यों जवाब नहीं दे रहे...

संजू -- पहले ये batao...tum कौन ...हो...

आवर्त -- मई हरिया की बहिन hu..sundari....? ...

आपके आने की खबर सुन के आपको हवेली ले जाने आयी hu....woh हरिया भैया को बहुत काम जो

था...

संजू -- ooooo.....accha ाचा...

वह मई तोह कुछ और हे सोच बैठा था...

सुंदरी -- क्या सोच बैठे thea...ki मई भूतनी हु...( हसने लगी )

संजू -- ( शर्माते हुए ) -- haa...mai तोह डर गया था ..तुम्हरे पायलो की ाआवाज़ सुनके ...तुम ऐसे

पीछा क्यों कर रही thi...tum चिल्ला के भी बता देती काम से काम में डरता नहीं

सुंदरी -- ारी साहब वह क्या है न यहाँ जंगल में जंगली जानवर रहते है islye..aawaz करने से

वह आ सकते thea..isliye मैंने पहले आवाज़ नहीं दी लेकिन जब आप रुके हे नहीं दर के पेड़ के पीछे आ

गए तोह मुझे आखिर में आपको आवाज़ देना पड़ा....

संजू -- accha...accha..ab चलो phir...aur है ये बात जो यहाँ हुई उसके बारे में किसी को बताने की

कोई जरुरत नहीं है...

सुंदरी -- जी साहब...

दोनों पेड़ के पीछे से निकल aaye...aur सामन उठा के चलने लगे...

चलते चलते दोनों बात करने लगे...

संजू -- सुंदरी तुंहारी शादी हो गयी...

सुंदरी --- नहीं साहब जी...

संजू -- kyu...tumhari तोह उम्र भी बहुत हो गयी है लगता है..

सुंदरी -- वह क्या है न की मेरा रिश्ता बचपन में हे ताही हो गया था और जब शादी की उम्र

hui...toh मेरा जिस से रिश्ता हुआ था उसकी मौत सांप के काटने से हो गयी ...तोह उसके बाद से मुझे

उसकी विधवा घोसित कर दिया gya...aur एक विधवा से भला कौन शादी करेगा

संजू ( मैं में) -- अगर ऐसी हो तोह विधवा क्या 10 बाचो की माँ से भी शादी कर लू मई तोह...

सुंदरी -- आपने कुछ कहा क्या साहब जी..

संजू ( हड़बड़ा के ) -- नहीं nhi...kuch भी तोह नहीं...

ऐसे हे बातें करते करते dono...haveli पहुंच गए....

सुंदरी -- लीजिये साहब जी पहुंच गए हवेली


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संजू की आंखें जैसी हे हवेली पर पड़ी उसकी आंखें फटी की फटी रह गयी...

रात की चांदनी में क्या लग रही थी हवेली..

आगे नेक्स्ट अपडेट में...
 


संजू सुंदरी के साथ हवेली पहुंच जाता है...

संजू -- वाओ.. कितनी बड़ी हवेली है.. मुझे तोह पता हे नहीं था दादी ने इतनी बड़ी हवेली कैसे और किस लिए खरीदी...

सुंदरी -- क्या यहाँ आप इस से पहले कभी नहीं आये है..

संजू - है आज से पहले मई ने न कभी इस हवेली को देखा था और न हे इस गाओं में आया था..

सुंदरी - ओह्ह.. ाचा..

चलिए.. अंदर...

संजू -- है..

सुंदरी ने दरवाजे को खोला.... अंदर का नज़ारा देख के संजू के होश हे उड़द गए...

संजू -- वाओ 😍😍 कितना सुन्दर है सब कुछ...

अंदर घुसते हे संजू को बहुत सारे डीयू की रोशिनी से जगमगा रही हवेली दिखी... जो की बहार से देखने पे उतनी ख़ास नहीं लग रही थी...

संजू जड़ली से दौड़ के अंदर घुस गया... और जाकर हॉल में लगे सोफे पे जाकर बैठ गया.. और फील लेने लगा..

सुंदरी-- मई आपका सामान आपके कमरे में रख देती हु...

संजू -- अच्छा... लेकिन मेरा कमरा कौन सा है..

सुंदरी -- मई आपको दिखती हु आइये..

आपका कमरा हे क्या मई आपको पूरी हवेली दिखती हु...

संजू -- नहीं नहीं नहीं... अभी नहीं अभी एक्सिटमेंट रहन दो... कल सुबह आराम से दिखाना... मई अभी थक गया हु और भूक भी बहुत लगी है...

सुंदरी -- मई आपके खाने का प्रबंध करती हु... उससे पहले आपको आपका कमरा दिखा दू ताकि आफ फ्रेश हो सके... अपने बाथरूम में...

संजू -- हां ये ठीक रहेगा...

संजू को सुंदरी सीडिया चढ़ा के ऊपर ले गयी और अपने पीछे पीछे आने को कहके खुद आगे बढ़ने लगी...

संजू सुनदरी के चलने से उसके हिलते हुए मोठे मोठे गांड को देख देख के अपने लुंड को परेशां करे जा रहा था.

sanju(mann में) -- हाईटी क्या गांड है इसकी

इसके चूतड़ कितने मोठे मोठे है मैं तोह करता है अभी एक ात जोर का थप्पड़ रख के लगा दू... इन पर...

ऐसे हे सुंदरी के थिरकते हुए चुतड़ू को देख का राजू की हाथ अपने आप से बहार हो गए और धीरे धीरे सुंदरी के चुतड़ू के करीब आते चले गए.. और सडनली ( अच्चानक ) एक जोर का चटाक की अव्वाज़ से हवेली गूंजी.... और उसके हे साथ एक सुरीली... मादक आआआहहहहहहह.... से हवेली की शांति भांग हो गयी...

सुंदरी पीछे पालते हुए...

सुंदरी -; ये क्या किया.. आपने साहब जी....

मेरी गाँड़िअ पे रख के इतना जोरदार थप्पड़ कहे हो मारा आपने... कितना दर्द कर रहा ..

संजू ( हकलाते हुए) -- ारी नहीं.. नं... hhh...iii.. तुम गलत समझ रही हो...

संजू ( मैं में) - ारी ये साला हाथ भी न कण्ट्रोल खो देता है.. अब क्या बताऊ. इसको. कुछ सोचना पड़ेगा.. सोच बीटा संजू कुछ तोह सोच..

सुंदरी -- बताओ साहब जी.. क्यों हमारी गाँड़िअ को तोडना चाहते है आप आखिर क्या बिगाड़ा है इसने आपका...

संजू -- ारी सुंदरी तुम गलत समझ रही हो वह तोह... वह... क्या है न की न वह न....

सुंदरी -- क्या वह वह करे जा रहे..

संजू - हां आ गया....

सुंदरी -; क्या आ गया.

संजू -- कुछ.. नहीं... वह मई बस ये कह रहा था की जो हुआ उसका एक रीज़न था...

सुंदरी -- अच्छा... और वह भला क्या है..

साहब जी.. देखिये... मई पहले हे कह देती हु मई ऐसी वैसी लड़की नहीं हु.. मुझसे कोई गन्दी हरकत की न तोह मई सबको बता दूंगी..

संजू की तोह गांड पहात गयी...

संजू -; ारी यार.. सुनो तोह सही तुम मुझे गलत समझ रही मई भी ऐसा वैसा नहीं हु न हे मई तुम्हारे साथ कुछ गलत करूँगा..

सुंदरी - तोह फिर वह क्या था साहब जी जो आपने अभी... किया..

संजू -- देखो सुंदरी जो भी मैंने किया उसके लिए सूर्य सॉरी मुझे माफ़ कर दो.. मैंने ऐसा इसलिए किया क्यों की..

सुंदरी -- हां ताकि आप मुझे ऐसे हे फसा सको..

संजू -- ारी नहीं य्र्र.. सुनो तोह मेरी बात एक दफा...

सुंदरी -- ठीक है बोलिये..

संजू -- वह तुम्हारी गांड पे मच्चर बैठा था वह मारने के लिए मैंने ऐसा किया..

सुंदरी -- ओह्ह अच्छा.. साहब जी इसलिए....

संजू ( मैं में ) -- थैंक गॉड बच गया... हाससस जान बची..

सुंदरी कुछ कदम बढ़ा के रुकते हुए...

सुंदरी -- एक मिनट साहब जी अगर मच्चर था तोह मरने पे उसके खून के निशाँ मेरी सारे पर और आपके हाथ पे तोह जरूर होंगे...

संजू ( मैं में) - हो गया बेडा गर्क अब क्या बताऊ इसको..

सुंदरी -- दिखाइए अपने हाथ..

संजू -- हीहीहीही 😅😅 वह क्या है न की वह न...

सुंदरी -- ारी बतिये न आप फिर से ये वह क्यों करने लग गए....

संजू -; वह न क्या हुआ की मच्चर को मारने के लिए जब मैंने हाथ उठाया तोह मच्चर को इस बात की भनक लग गयी की उसके ऊपर हमला होने वाला है और उसको करीब जैसे हे हाथ घुमाया वह तुरंत वह से खिसक लिया और बच निकला और मेरा थप्पड़ उसके बजाय तुम्हारे गांड पे पद गया...

सुंदरी -- उह... ऐसा था क्या.. ( मैं में) मुश्कुराते हुए बड़े चालु हो साहब जी.. अपने हाथो से मेरे गांड का नाप भी ले लिया और भोले भी बन रहे..

संजू -- हां यही हुआ...

सुंदरी - अच्छा ठीक है... अगर आपने मेरी मच्चर से रक्षा के लिए ऐसा किया है तोह कोई बात नहीं...

संजू ( मैं में) - थैंक गॉड... बच गया..

सुंदरी -- अब चलिए..... और है शुक्रिया मेरी मच्चर से रक्षा करने के लिए ...

संजू -- हआ

कुछ देर चलते हुए...

संजू -- आई सुंदरी... एक बात पुछु..

सुंदरी -- जी साहब जी.. पूछिए..

संजू -- क्या मई आगे भी ऐसे हे माक्चरो से तुम्हारी रक्षा कर सकता हु...??

सुंदरी -- कुछ देर को तोह सोच में पद जाती है फिर मुश्कुरा कर.. आप न बड़े वह है साहब जी...

संजू -- क्या वह हु मई.? .

सुंदरी -- हस्ते हुए... चुटिया.. 😂

संजू का चेहरा उतर जाता.. है...

सुंदरी -- क्या हुआ.. ऐसा क्यों मुँह बना लिया आपने...

रूम में पहुंचने के बाद

सुंदरी -- ये देखिये साहब जी ये है आपका कमरा... कैसा लगा आपको..

संजू ( मायुश) -- ठीक हैं.

सुंदरी -- क्या हुआ साहब जी आपको अच्छा नहीं लगा क्या कमरा..

संजू -- नहीं ऐसी बात नहीं है...

सुंदरी- तोह फिर आप के चेहरे पे ये मायूसी क्यों है..

संजू -- तुमने मुझे चुटिया कहा न..

सुंदरी-- ाचा... जी..

तब ये बात है 🥲

मुझे माफ़ कर दीजिये... मुझे नहीं पता था आपको इतना बुरा लगेगा...

संजू -- नहीं कोई बात नहीं 🥲

सुंदरी -- नहीं बात क्यों नहीं... मुझे माफ़ कर दीजिये....

संजू -- तुमने रूम दिखा diya..tum अब जाओ...

मई फ्रेश हो लेता हु...

संजू ने सुंदरी को रूम से बहार कर दिया... और कहा..

संजू -- है तुम अब अपने घर चली जाओ रात को यहाँ रुकना सही नहीं है

सुंदरी -; पर अभी तोह आपको खाना परोश्ना है..

संजू -- नहीं कोई जरुरत नहीं है वैसे भी मुझे अब भूक नहीं है..

सुंदरी -- ारी अभी तोह कह रहे थी की बहुत भूक लगी है और अभी अचानक से कह रहे है की भूक नहीं है.. भैया को पता चला की मैंने आपको भूका रखा है तोह वह तोह मुझे डाट डाट के हे मेरा हालत ख़राब कर देंगे....

संजू -- तुम टेंशन मत लो... मई तुम्हारे भैया से कुछ नहीं कहूंगा तुम जाओ अब..

सुंदरी -- आप ऐसा क्यों कर रहे है साहब जी मुझे कोई गलती हो गयी है क्या.... अगर आप मेरे चुटिया बोलने वाले बात पे नाराज़ है तोह सॉरी मैंने तोह मजाक में बोल दिया...

संजू -- ऐसी कोई बात नहीं है तुम जाओ...

और संजू ने सुंदरी के मुँह पे गेट बंद कर दिया...

संजू ( मैं में) -- यार एक बार भी 🥲 उस बात का जवाब नहीं दिया की क्या मई आगे भी उसके चुतड़ू पे थप्पड़ मार सकता हु उल्टा चुटिया बोल दिया.. गजब बेज्जती है य्र्र .....

सुंदरी -; ऐसा क्या हो गया...

दरवाज़ा पीट ते हुए... साहब जी साहब जी प्लीज दरवाज़ा खोलिये... रट हुए सुंदरी बोलने लगी...

संजू कुछ देर तक नहीं खोला उसको लगा कुछ देर ऐसा करने के बाद वह चली जाएगी....

लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ...

वह बहुत देर तक दरवाज़ा पीट टी रही..

फिर अचानक से उसके रोने और दरवाज़ा पीटने की आवाज़ बंद हो गयी...

संजू को लगा वह चली गयी. है..

संजू ने गेट खोला... सुंदरी वही पे रट रट बेहोश हो गयी थी...

संजू -- सुंदरी क्या हुआ तुम्हे... ओह गॉड... ये क्या मुशीबत है...

संजू ने उसको उठा के बीएड पे लिटाया..

और अपने बैग में राखी बॉटल के पानी से सुंदरी के चेहरे पे छींटें मारने लगा..

सुंदरी को होश आने लगा..

सुंदरी होश में आते हे..

सुंदरी ( रट हुए) -- जरूर मुझसे कोई गलती हुई होगी साहब जो आप ऐसा बर्ताव कर रहे है.. सब सही कहते है मई हे बुरी हु... इसलिए सब जगह से मुझे दूधकारा जाता है..

संजू - ारी ऐसा नहीं है तुम रोना बंद करो...

सुंदरी -- नहीं साहब नहीं... मई मूथा बंद कर सकती हु लेकिन रोना नहीं..

संजू -- हीयएयनं ये क्या... बोल रही हो..

सुंदरी -- मुझे माफ़ कर दीजिये साहब

संजू -- ठीक है माफ़ कर दिया अब रोना बंद करो...

सुंदरी -; नहीं साहब आपने माफ़ नहीं किया है माफ़ किया होता तोह आप खाना खाने चलते .

संजू -- अच्छा बाबा मैंने माफ़ किया मई खाने भी चल रहा... तुम जल्दी से जाओ खाना निकालो...

सुंदरी - सच साहब मई खाना निकलू...

संजू -- है.. जाओ अब जल्दी..

सुंदरी - चहकते हुए जल्दी से बीएड से उठ के नीचे दौड़ लगा दी...

और खाना निकलने के लिए किचन में घुस गयी.

संजू ( हस्ते हुए) -- पागल.. कही की.

संजू भी बाथरूम से फ्रेश होकर खाने के लिए नीचे चला गया...

नीचे डाइनिंग हॉल में बड़ी सी दिंनिंग तबेल पे बहुत से स्वादिस्ट खाने रखे हुए थी...

संजू --- ये सब क्या है..

सुंदरी -- आपके लिए खाना..

संजू -- इतना सारा..

सुंदरी -- हां.....

संजू -- इतना सब कुछ कितने लोगो ने मिलकर बनाया..

सुंदरी-- 1 हे ने..

संजू -- क्या..

सुंदरी -- है...

अब चलिए जल्दी से खाना स्टार्ट करिये...

संजू ने खाना शुरू किया..

संजू -- वाओ क्या लज़ीज़ खाना है.. तुम भी बैठो न तुम भी खाओ...

सुंदरी -- जी पहले आप खा लीजिये फिर मई खा लुंगी..

संजू -- नहीं नहीं ऐसा थोड़ी न होता है चुपचाप मेरे साथ बैठो और खाओ वर्ण मई फिर से नाराज़ हो जाऊंगा...

सुंदरी -- नहीं नहीं... ऐसा मत करियेगा..

संजू -- तोह फिर खाओ..

सुंदरी -- पर मई आपके साथ कैसे..

संजू -- ारी कुछ नहीं होता खाओ.. खाओ..

सुंदरी -- जी...

सुंदरी भी संजू के साथ खाना खाने लगी...

संजू -- वैसे सुंदरी एक बात तोह बताना इस गाओं में इतना लज़ीज़ खाना किसने बनाया मेरे लिए...

सुंदरी शर्माते हुए -- जी मैंने..

संजू - क्या बात कर रही हो...

तुमने सच्ची...

सुंदरी -- जी...

संजू ने सुंदरी के निवाले पकडे हुए हाथ को पकड़ा और उसको अपने मुँह में भर लिया और सुंदरी की उंगलियों को चाटने लगा..

सुंदरी का चेहरा सरम से लाल होये जा रहा था.. संजू उसके उंगलियों को चूस चूस के साफ़ करे जा रहा था फिर उसके हाथो को चूमे लगा..

सुंदरी ( शर्माते हुए) -- ये क्या कर रहे है आप

संजू -- कसम से सुंदरी तुम्हारी हाथो में जादू है जादू इतना टेस्टी खाना उम्म्म क्या बताऊ.. मई तुम्हे मैं तोह कर रहा है की तुम्हें हे पूरा का पूरा खा जाऊ... ी लव यू सुंदरी ी लव यू...

सुंदरी -- क्या कहा आपने..

संजू ( हड़बड़ाते हुए) -- वह वह... कुछ भी तोह नहीं.. मैंने तोह बस है ये कहा की बहुत ाचा खाना बनती हु..

मैं में-- काश तुम्हें बता पता की तेरी पहली नज़र ने हे मुझे घ्याल कर दिया है 🥲

सुंदरी -- अच्छा...

संजू सुंदरी के हाथ को अब भी पकडे हुए...

संजू - हां बस यही... बोल रहा था..

सुंदरी मुश्कुरा कर -- जी ठीक है मई समझ गयी लेकिन अब तोह मेरा हाथ छोड़िये...

संजू -- aaaa...kya..haa.. वह सॉरी..

सुंदरी ( मुश्कुरा कर) - है कोई बात नहीं...

दोनों खाना खाने लगे..

खाना खाने के बाद सुंदरी बर्तन साफ़ करने चली गयी और संजू अपने कमरे में..

कमरे में जेक संजू दिन भर की थकान उतरने के बहाने जैसे हे बीएड पे लेता उसकी आँख लग गयी...

बाकी नेक्स्ट एप में..
 


संजू पता नहीं कब गहरी नींद में सो गया...

सुबह जब बहुत शोर हुआ तब संजू की नींद खुली..

संजू अपनी आंखें खोलते हुए...

संजू --ये इतना अँधेरा अँधेरा सा क्यों लग रहा है लाइट्स तोह ऑफ नहीं करि थी मैंने रात को लगता है सुंदरी ने किया होगा.

राजू अपना फ़ोन उठता है और टोर्च ों करता है 🥲

संजू वास् शॉकेड😱🤯 उसका दिमाग हे उड़द गया

संजू -- ये क्या है बी.. कल रात को जो रूम जगमगा रहा था वह रात भर में खँडहर में कैसे तब्दील हो गया और यहाँ इतने मकड़ी के जले रात भर में कैसे बन गए. और ये बीएड इतना धुल धुल सा क्यों लग रहा है 🥲...

कही मुझे सुंदरी ने उठा के रात को स्टोर रूम में तोह नहीं पटक दिया न...

संजू चलो देखता हु...

तभी कुछ आवाज़ें आने लगी...

आदमी - ये हवेली का दरवाजा कैसे खुला है किसने खोला इस मनहूस हवेली को...

2ंद आदमी -- पता नहीं किसी शामत आयी थी... जो यहाँ तहरा होगा

उनकी बातें क्लेअर्ल्य सुनाई नहीं पद रही थी...

संजू खिड़की से झांक के देखा...

घर के एंट्री गेट के बहार बहुत से लोगो की भीड़ जमा थी..

संजू -- अरे बहनचोद बवाल कही सुंदरी ने उसकी गांड पे थप्पड़ मारने वाली बात तोह बता न दी इन लोगो को जो सब मुझे मारने के लिए... यहाँ आ गए...

चलो चल के देखता हु...

संजू नीचे जाने लगा...

संजू जैसे हे सीढ़ियों से नीचे उतर के हॉल में आया... अचानक उसको लगा की कोई तेज़ी से उसके पीछे से अभी अभी गुज़रा हो...

संजू थोड़ा रुक के

संजू -- मुझे ऐसा क्यों लगा की अभी अभी कोई मेरे पीछे से गुज़रा हो..

संजू ने पीछे पलट के देखा... कोई नहीं होने पर

संजू -- शयद मेरा भरम होगा...

चलो चलता हु...

संजू ने हवेली का गेट ओपन किया... और एंट्री गेट की तरफ जहा भीड़ जमा थी वह जाने लगा..

भीड़ में खड़े लोग -- ये क्या ये तोह जिन्दा है... ऐसा चमत्कार पहली बार हुआ है की कोई इस हवेली में जाने के बाद जिन्दा बच के वापस आया... हो..

संजू अब तक एंट्री गेट के पास पहुंच गया... और गेट खोलने लगा...

हरिया -- कौन हो तुम और इस हवेली में कैसे हो...

संजू -- वह क्या है की ये मेरी हवेली है मेरी दादी ने ली थी.... तोह मई यहाँ रहने आ गया.. क्यों आपको कोई परेशानी है..

हरिया -- क्या आप मालकिन के पोते संजू है..

संजू -; हां... और आप..

हरिया -- मई हरिया.. इस हवेली का केयर टेकर..

संजू -- ारी है हरिया काका..

मैंने कल फ़ोन करवाया था रामु काका से आपको की हवेली आप खोल देना और साफ़ सफाई करा देना करके..

हरिया -- पर मेरे पास तोह कोई फ़ोन नहीं आया.. रामु का

संजू -- क्या..

हरिया -- हां.

संजू -- ऐसा कैसे हो सकता है..

जब की कल रात को आपने खुद मुझे न लेने आने के कारन अपनी बहिन सुंदरी को भी भेजा था...

हरिया ( हैरान) -- क्या.. ये क्या कह रहे हो संजू बीटा...

संजू -; क्यों क्या हुआ..

हरिया -; मेरी तोह कोई बहिन हे नहीं है....

और सुंदरी तोह मेरी बुआ का नाम था जिसकी इस हवेली के छत से गिरने से मृत्यु हो चुकी है..

संजू -- शॉकेड 🤯🤯🤯

नहीं ऐसा नहीं हो सकता... उसने मेरे साथ खाना खाया है.... मुझे रूम दिखाया है...

हरिया -- ऐसा कैसे हो सकता है...

गाओं वाले... - हरिया.... ये लड़का क्या कह रहा है ये इस भूतिया हवेली में कैसे आया और ये जिन्दा कैसे है...

संजू -- क्या भूतिया हवेली..

हरिया -- है संजू बाबा.... ये हवेली भूतिया है... दिन में तोह यहाँ कोई खतरा नहीं लेकिन रात होते हे ये हवेली खुनी बन जाती है जो भी यहाँ रात गुज़ारता है वह या तोह पागल हो जाता है या मारा जाता है...

संजू -- पर मैंने तोह यहाँ रात भी गुज़री है और न तोह मई पागल हुआ और न हे मई मारा...

हरिया -- यही तोह सोचने की बात है की ऐसा चमत्कार कैसे हो गया...

गाओं वाले -- देखो बीटा एक रात तोह तुमने काट लिया लेकिन हम सब की यही सलाह है की तुम आज के आज हे ये हवेली छोड़ दो... वर्ण अंजाम आगे अच्छा नहीं होगा..

संजू -- ारी ये आप लोग क्या कह रहे है... मई अपनी हवेली को भला क्यों छोडूंगा.. मई तोह अब से यही रहने का मैं बना के आया हु..

हरिया -- क्या ये तुम क्या कह रहे हो...

संजू -- मई सच कह रहा...

और मुझे कुछ नहीं सुन न.. चाहे जो हो.. अब तोह मई यही रहूँगा... और आप सब को सिद्ध करके दिखाऊंगा की यहाँ कोई भूत वोट नहीं है... मैंने जो सुंदरी के बारे में कहा वह मेरा भरम भी हो सकता है...

हरिया -- पर...

संजू -- हरिया काका मुझे कुछ नहीं सुन्ना.. आप यहाँ की साफ़ सफाई करवा दीजिये.. और मेरे खाने पीने की व्यवस्था करिये...

हरिया -- ठीक है संजू बीटा अब आपकी यही इच्छा है तोह यही सही... लेकिन.. मई रात को यहाँ नहीं आ पाउँगा... और न रह पाउँगा..

संजू-- है है ठीक है..

हरिया.. -- ठीक है मई थोड़ी देर में कुछ आदमी लेके आता हु..

संजू -- है..

वैसे हरिया काका यहाँ नहाने के लिए कोई जगह...

हरिया -- है है न.. नदी है.. मई भी वही जाने वाला हु...

संजू -; तोह मई भी आपके साथ चलूँगा..

हरिया -- ठीक है मई पहले आदमी हवेली की साफ़ सफाई के लिए व्यवस्था करके आता हु फिर चलते है..

संजू -- जी ठीक है...

गाओं वाले भी हरिया के साथ चले गए...

संजू भी अब हवेली का कोना कोना चेक करने लगा...

और उसके मैं में रह रह के ये बात उठने लगी की क्या कल रात जो कुछ भी हुआ वह सब झूट या भरम था या हकीकत...

संजू -- अगर वह हकीकत थी तोह ये हवेली एक हे रात में इतनी कैसे बदल गयी.. और भरम तोह फिर कैसे...

संजू को कुछ समझ नहीं आ रहा था....

संजू -- वह औरत सुंदरी कौन थी वह सच में थी या बस एक मेरी कल्पना मात्रा थी..

कही मुझे नशा तोह नहीं हो गया था...

और क्या गाओं वाले बोल रहे है वह सही है क्या ये हवेली सच में भूतिया है.. क्या सुंदरी हरिया की बुआ यहाँ की छत से कूद गयी थी.. क्या वह उसकी आत्मा थी... क्या था वह सब...

शयद नयी जगह आने से मुझे भरम हुआ होगा....

इस बात के बारे में और नहीं सोचना है भूत वोट कुछ नहीं होता है... मुझे ये हवेली को फिर से जगमगाना होगा.. ये हवेली मई बेच के पैसा लेकर यहाँ से चला जाऊंगा..

और हवेली बिकने के लिए सबसे पहले इन सब के दिमाग से यहाँ भूत है इस वहां को निकलना होगा..

और मई सिद्ध करके रहूँगा.. की ये हवेली भूतिया नहीं है... है... मई करके दिखाऊंगा..

संजू अब अपने बैग से कुछ सामान निकलने लगा लिखे टूथब्रश ेट्स..

संजू बैठ के अपने आप से बात करने लगा.

संजू - कल रात जो कुछ भी हुआ क्या वह एक सपना था... क्या वह औरत जिसका नाम सुंदरी था क्या वह सच में यहाँ थी मुझसे मिली भी थी या फिर ये सब मेरा भरम है.... अगर वह सब सच होता तोह कितना अच्छा होता...

कितनी पायरी थी... वह मई उसको बहुत पसंद करने लगा था... उसकी एक झलक देख के हे मई दीवाना सा हो गया... उसकी आंखें कितनी नशीली थी... उसके उठ सहद के सामन मीठे होंगे.... उसकी पायलो की आवाज़.. कितनी प्यारी थी उसकी आँखों का काजल दिल घ्याल करने के काबिल था ...... उसकी अदा है ❣️ उसकी चाल बड़ी कमाल थी... मई तोह पूरा उसपे लत्तो हो गया था.. काश की ये सब सच होता... 🥲

काश की वह सच में होती और मई उसको अपने दिल की हर बात बता पाटा...

संजू -- खैर छोडो... मई भी क्या क्या बातें सोच रहा था..

चलो अब नहाने चलता हु...

तभी संजू को ऐसा लगा जैसे की किसी की परछाई अभी तेज़्ज़ी से दरवाज़े के बहार से छत्त की तरफ गयी...

संजू --( मैं में) ये अभी अभी क्या हुआ..

मुझे लगा की कोई गुज़रा यहाँ से...

संजू बीएड से उठ के बहार निकल के आया तोह देखा हरिया के साथ कुछ लोग आये थी..

हरिया -- संजू बीटा ये लोग यहाँ की साफ़ सफाई कर देंगे... तुम चलो नदी नाहा के आ जाओ..

संजू -- जी काका... मई अभी आया...

संजू अपने रूम में जाकर अपना टॉवल और कपडे पकड़ के नीचे आने लगा..

संजू - काका इन सब से कहिये पहले मेरा जो कमरा है उसकी साफ़ सफाई पहले करे . . .

हरिया -- अच्छा संजू बीटा मई उनको बोल देता हु

हरिया काका ने उन लोगो को मेरे कमरे की ाचे से साफ़ सफाई करने को कह दिया और फिर संजू और हरिया काका नहाने नदी पे चले गए...

संजू -- ारी काका ये नदी तोह बहुत बढ़िया लग रही है..

हरिया - यहाँ गाओं में हम सब के नहाने धोने और खेतो में सिंचाई का यही एक मात्रा साधन है बीटा...

संजू -- हआ.

अरे काका ये क्या यहाँ तोह औरतें भी नाहा रही...

हरिया काका- है बीटा यहाँ सब ऐसा हे है... साथ में हे नहाते है....

संजू -- तोह इन औरतों को कोई तकलीफ तोह नहीं होती होगी ऐसे नहाने में....?

हरिया -- तकलीफ कैसी बीटा गाओं में तोह सदियों से ऐसे हे चला आ रहा है...

संजू -- काका हवेली में पंप है या नहीं..

हरिया -- नहीं है..

संजू -- तोह पानी कहा से लाते है..

हरिया - हवेली के पीछे एक कुवा है वही से नहाने के लिए पीने के लिए पानी लाया जाता है....

संजू - ओह्ह...

हरिया -- चलो अब नहाने के लिए तैयार हो जाओ..

जल्दी जल्दी नाहा लो नहीं तोह वह लोग भैस को नहलाने ले आएंगे..

संजू -- क्या भैस भी यहाँ नहलाते है..

हरिया -- हां... और नहीं तोह क्या..

संजू -- ठीक है फिर...

संजू ने जल्दी से 3 -4 डुबकी मारी.... और निकल आया नदी से...

हरिया - क्या हुआ इतनी जल्दी निकल आये...

संजू -- पानी बहुत ठंढा है..

हरिया-- 😅 है वह तोह है..

और एक ात डुबकी मार लो...

संजू -- अच्छा ठीक है...

संजू जैसे हे नदी में पेअर रखा उसको आश्चर्य हुआ अब पानी ठंडा नहीं था अब गरम होने लगा था...

संजू धीरे धीरे कदम बढ़ाते हुए पानी में घुस गया.. और एक डुबकी लगाने लगा.. डुबकी मारते हुए उसको लगा की कोई उसकी पीठ रगड़ रहा हो ....

संजू ने अपना सर पानी से बहार निकल के देखा... उसके आस पास कोई नहीं था..

हरिया काका तोह बहार मूट रहे थी..

संजू -- ारी मुझे ऐसा क्यों लगा की किसी ने अभी मेरी पीठ को रगड़ा... हरिया काका तोह मूतने में व्यस्त है फिर ऐसा किसने किया...

संजू ऐसा सोच हे रहा था की उसको पानी में एक ब्लैक कलर का बड़ा सा चीज़ अपने छारो तरफ राउंड राउंड चक्कर लगते हुए दिखा...

संजू ( मैं में ) - ारी बहनचोद बवाल ये क्या है... जो इतनी तेज़्ज़ी से मेरे गोल गोल चक्कर काट रहा मछली होगी शयद... चलो पकड़ के देखता हु...

संजू ने अपना हाथ पानी में डालते हुए उसको पकड़ने के लिए बढ़ाया वह ब्लैक कलर की चीज़ तेज़्ज़ी से सीधी दिशा में भाग गयी...

संजू ( मैं में) -- ारी साला जादू.. इतना तेज़्ज़ तोह हरिया काका का मूट नहीं निकल रहा जितना तेज़्ज़ ये भगा है..

यही मछली होगा मेरी पीठ रगड़ने वाला चलो एक और डुबकी मार के निकलता हु...

संजू ने एक और डुबकी मारी और फिर निकल आया... हरिया ने भी जल्दी से नाहा लिया फिर दोनों रास्ते में बात करते हुए हवेली के लिए निकल गए...

दरअसल हवेली से नदी के लिए जो रास्ता जाता है वह जंगली टाइप का है...

दोनों रस्ते में चलते हुए..

संजू -- काका एक बात बताना

हरिया -- है बीटा पूछो...

संजू -- क्या हम हवेली में बोरिंग नहीं करवा सकते फिर मोटर लगा के पानी निकलवा सकते है...

हरिया -- सुझाव तोह अच्छा है लेकिन... कोई भी यहाँ कोई बरोइंग करने वाला आने को तैयार हे नहीं होगा... अगर हो जाए तोह तुम बुला के देख लो...

संजू ( मैं में) -- मुझे यहाँ बोरिंग करवाना हे होगा... साडी सुविधा रहेगी तोह इस हवेली को बेचने में आसानी होगी...

संजू -- ठीक है मई अपने कॉन्टेक्ट्स से बात करके देखता हु...

हरिया -- बीटा तुम क्यों... इन अदृश्य ताकतों से भिड़ना चाहते हो...

संजू -- काका मुझे इन भूत वगैरह पे विश्वास नहीं है... है लेकिन जो कल रात को मैंने देखा वह पता नहीं मेरा भरम था सिड...

हरिया - वह तोह हमें नहीं पता बीटा... लेकिन इस हवेली को हमारे पुराने मालिक ने कुछ अनहोनी घटनाओ के कारन सस्ते में बेच दिया... जिसको तुम्हारी दादी ने खरीदा...

संजू - क्या अनहोनी घटनाओ के कारन..

हरिया -- है.. पुराने मालिक जिनका नाम सुरजन सिंह था उनके पुरखो की हवेली है जो उनको वसीयत में मिली थी... वह एक अच्छा आदमी था लेकिन पता नहीं अचानक से पता नहीं क्या हुआ की उनका मानसिक संतुलन खो गया और उनकी बेटियां यहाँ उनकी देखभाल के लिए आयी और उन्होंने कुछ अजीबो गरीब घटनायें यहाँ देखि फिर उन्होंने अपने पिता को इलाज के लिए शहर ले गए... और ये हवेली को ऐसे हे छोड़ गए...

कई दिन बाद जब एक गाओं का गुंडा भीखू एक आवर्त को जबरदस्ती उठा के उसकी इज़्ज़त लूटने के लिए हवेली को उपयुक्त जगह समझ के वह गया.... और उसकी इज़्ज़त लूटने लगा...

वह औरत जिसका नाम रेवती था...

वह चिल्लाती रही बिलखते रही.. रोटी रही.. भीखू से अपनी इज़्ज़त की भीख मांगने लगी... लेकिन भीखू ने उसकी एक न सुनते हुए जबरदस्ती उसके कपडे फाड़ने लगा..

भीखू ने जैसे हे रेवती के कपडे फाड़े भीखू को अपने पैरो पे किसी के हाथो का स्पर्श महसूस हुआ...

भीखू-- ारी क्या है मेरे पेअर को पकड़ रहा है... लगता है किसी परदे में फस गया है पेअर...

रेवती ( रट हुए) -- देखो छोड़ दो हमको...

भीखू -- चुप साली रंडी... कबसे तेरे को लाइन दे रहा... अब बस आज तेरा क्रियाकर्म करके तुझे पेल दूंगा... फिर दिखती रहना नखरे .. लेकिन पहले चुपचाप एक बारी छोड़ लेने दे.

रेवती -- नहीं... ऐसा पाप मत करो.. मुझे छोड़ दो मुझे जाने दो...

भीखू -- चुप कर भैसदीक़ी...

और भीखू थप्पड़ पे थप्पड़ मारने लगता है रेवती को...

चट्टाअक्कक्क...... चाटट्ट्टाककककक.....

रेवती -- आआह्ह्हह्ह्ह्ह....

बिखु -- ये साला पर्दा भी इतना टाइट मेरे पैरो में फस गया है.. न की...

भीकू... जैसे हे अपने पैरो को परदे से छुड़ाने के लिए रेवती के ऊपर से उठ ता है

रेवती भाग के हवेली की सीढ़ियों से छड़ के ऊपर एक कमरे में जेक घुस जाती है और दरवाजा अंदर से बंद कर लेती है...

भीखू -- साली... कमीनी भागती कहा है रुक अभी... बताता हु तुझे...

भीखू के कदम वह से हिल भी नहीं रहे थी..

भीखू -; ये साला पर्दा कैसे फस गया है की पेअर तक हिलने नहीं दे रहा...

अभी इस परदे की माँ की आँख करता हु....

भीखू ने जैसे हे नज़र अपने पैरो की ऑर्डर डाली... उसके होश उड़द गयी... गांड फात गयी...

भीखू-- ाब्ब्बीी बी साला ये क्या है... किसी ने अपने काले काले हाथो से मेरा पेअर पकड़ रखा है... कौन है आखिर ये भोस्डिका...

चल बी गांडू जल्दी सामने आ वर्ण तेरी आज खैर नहीं तू जानता नहीं की इस गाओं में भीखू का कितना खौफ हैं..

हाथ वाले का -- no रिस्पांस...

भीखू-; साले तेरे को समझ नहीं आ रहा क्या मैंने बोलै छोड़ मेरा पेअर और बहार आ...

फिर वही...

no रिस्पांस....

भीखू.. -- अबे तेरी तोह...

भीखू ने अब तोह उस हाथ वाले का हाथ पकड़ के हे उसको उठा के पटकने का डीड किया और नीचे झुक के अपने हाथ उन काले हाथो पे रखा और उनको पकड़ के खींचने लगा..

भीखू की गांड तब फात के चिथड़ा हो गयी...

भीखू -; ये क्या है बी... बिना बॉडी का हाथ ये कैसे हो सकता है...

भीखू को जैसे हे पता चला के ये केवल हाथ है... वह हाथ की पकड़ उतनी मजबूत होती गयी... और इतनी मजबूर हो गयी की भीखू के पेअर की उस जगह की हड्डी तक चरमराने लगी और वह से टूट गयी...

भीखू ( दर्द से जोरदार चिल्लाते हुए) -- आआअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह मेरा पेअर..............

बचावू......... बचाओओओओ......... कोई.... बचाओ....

भीखू की आवाज़ सुनके रेवती भी कमरे से बहार आकर देखने लगी...

और जो देखा... उसकी भी चींख निकल पड़ी..

रेवती --; आआआअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह......

और रेवती चींख मार के वही बेहोश हो गयी...

रेवती ने उस रात क्या हुआ क्या देखा किसी को कुछ नहीं पता भीखू का भी उस दिन के बाद कोई पता नहीं चला...

संजू -- और रेवती का...

हरिया -- वह पागल हो गयी... उस दिन से आज तक उसके मुँह से एक सब्द भी नहीं निकला है...

संजू -- वह रहती कहा है..

हरिया -- मेरे घर के कुछ हे दुरी पर उसका घर है..

संजू -- उसके घर वालो ने उसका इलाज़ नहीं करवाया...

हरिया -- बहुत करवाया पर कोई फायदा नहीं हुआ... वह बीएस एक जिन्दा लास की तरह पड़ी रहती है..

संजू -- उनकी उम्र क्या होगी..

हरिया -- अभी तब 45 हो गयी होगी...

संजू ( मैं में) -- इसका मतलब मस्त छोड़ने लायक माल है... इस से तोह मिलना पड़ेगा... कौन है वह सुंदरी जिस पर गाओं का गुंडा भीखू फ़िदा था..

हरिया -- क्या हुआ किस सोच में डूब गए..

संजू - कुछ नहीं बस ऐसे हे...

हरिया -- ये लो बात करते करते रस्ते का पता नहीं चला हम हवेली पहुंच भी गए...

संजू - हां...

बाकि नेक्स्ट एप में...

 


हरिया और संजू हवेली पहुंच गए...

हरिया में हवेली में घुसते हे अपने आदमियों को पूछने लगा..

हरिया -- है भाई कहा तक पंहुचा काम..

आदमी 1 - काका वह ऊपर का साहब का कमरा तोह साफ़ कर दिया है और किचन भी साफ़ हो गया है बाकी के कमरों की साफ़ सफाई चल रही है...

हरिया -- अच्छा... तोह आज दिन भर में पूरी हवेली साफ़ हो जाएगी. न..

आदमी 2 - एक दिन में इतनी बड़ी हवेली को पूरा साफ़ करना कहा हो पायेगा...

हरिया - अच्छा तोह कितने दिन लगेगा..

आदमी 3 - 3 दिन...

हरिया संजू की तरफ देखने लगा..

संजू - ठीक है कोई बात नहीं..

हरिया -- अच्छा अब जाओ अपने काम पे लग जाओ.. मई तुम लोग के लिए खाना बनवा के लाता हु...

वह आदमी काम पे लग गए... पुरे हवेली की साफ़ सफाई जोरो शोरो से हो रही थी...

हरिया -- संजू बीटा... तुम्हारे लिए खाना यही लौ या तुम चलोगे मेरे घर खाना खाने..

संजू -- काका मई सोच रहा था इस बहाने आपका घर भी देख लूंगा और गांव भी घूम लूंगा...

हरिया -- ठीक फिर चलो...

हरिया और संजू हवेली से निकल के जाने लगे...

रस्ते में संजू को एक बात याद आयी..

संजू -- हरिया काका जब मैंने आज सुबह सुंदरी का नाम लिया तोह आप ने कहा था की वह आपकी बुआ थी...

हरिया -- है बीटा मेरे बुआ का नाम भी सुंदरी था...

संजू -- तोह उनके बारे में कुछ बताइये..

हरिया -- ारी छोडो न बीटा वैसे भी तुम इन सब बातों को मानते नहीं हो तोह..

संजू -- फिर भी मुझे जान न है

हरिया -- ठीक है बीटा अगर तुक इतनी जिद्द कर हे रहे हो तोह मई तुम्हें बता हे देता हु..

तोह सुनो बीटा...

कई साल पहले जब यहाँ वही ठाकुर रहा करते थी जो किसी कारन वश अपनी मानसिक स्थिरता ठीक थी ये बात उस टाइम की है.

ठाकुर सुरजन सिंह की हवेली में मेरे पिता जी काम करते थी, वह ठाकुर के ख़ास आदमी थी... ठाकुर की अनुपस्थिति में वह हे सारा काम संभल लेते थी.....

एक बार की बात है की ठाकुर का एक दोस्त उनसे मिलने आया था जो थोड़ा ऐयास किसम का था

उसकी नज़र औरतों पे गन्दी थी...

ठाकुर जी की बीवी की तोह पहले हे मौत हो चुकी थी तोह उनको अपने इस ऐयास दोस्त से कोई दिक्कत नहीं थी....

जब वह कमीना जिसका नाम देशराज ठाकुर था वह सुरजन सिंह के यहाँ आया था तभी काम के सिलसिले में 2 दिन के लिए उनको बहार जाना पड़ा और देशराज यही इस हवेली में रुक गया... देशराज की खातिरदारी की जिम्मा सुरजन सिंह ने मेरे पिताजी को दिया था... तोह मेरे पिताजी हवेली में दिन रात उसकी खिदमत में लगे रहते थी...

देशराज उनसे काफी प्रभावित थी और उन्दोनो की अच्छी दोस्ती भी हो गयी थी...

एक दिन मेरे पिताजी को घर आने में लेट हो रही थी मेरी दादी ने सुंदरी बुआ को उन्हें बुलाने को भेजा... तभी देशराज ने सुंदरी बुआ को देख लिया और उसके मैं में सुंदरी बुआ के लिए हवस जाग गयी...

उसके अगले दिन उसने प्लान बनाया की वह

देशराज ने आज मेरे पिताजी को पीला पीला के टल्ली कर दिया और फिर उसको घर जाने हे नहीं दिया और दोस्ती के कारन मेरे पिताजी भी देशराज के कहने पे जाम पे जाम पीते गए और हवेली में पीकर सो गए...

जब पिताजी घर नहीं पहुंचे तोह दादी ने फिर से सुंदरी बुआ को उनको बुलाने को भेजा...

लेकिन यही दादी ने गलती कर डीई..

सुंदरी बुआ हवेली में जैसे हे एंटर हुई... देशराज ने पहले से अपने आदमियों को गेट को बंद करके बहार से लगा देने का आदेश दे दिया था..

सुंदरी बुआ हवेली घुस के अपने भाई को ढूढ़ने लगी लेकिन देशराज ने उसको कमरे में छुपाया था..

देशराज -- क्या हुआ लड़की इतनी रात को तुम यहाँ क्या कर रही हो... तुम तोह जनि पहचानी सी लग रही हो...

सुंदरी -- जी साहब वह हमारे भैया यहाँ काम करते है कल मई उन्हें लेने भी आयी थी कहा है वह.. घर में माँ परेशान हो रही..

देशराज -- अच्छा अच्छा... याद आया है कल भी तुम आयी थी.

तोह तुम अपने भाई को दूध रही हो

सुंदरी-- जी साहब...

देशराज -- वह यही है एक कमरे में पीकर सो गया है तुम ले जाओ उसको... आओ मई तुम्हे कमरा दिखा देता हु..

सुंदरी -- जी साहब..

सुंदरी देशराज के पीछे पीछे चल पड़ी... देशराज एक कमरे के पास पहुंच के

देशराज -- इस कमरे में सो रहा है तुम्हारा भाई..

सुंदरी -- लेकिन ये कमरे में अँधेरा क्यों है..

देशराज -; वह रोशिनी में नींद नहीं आ रही थी इसलिए अँधेरे कमरे में सो गया..

सुंदरी -; पर अब मई अँधेरे में कैसे ढूढूँगी उनको..

देशराज -- है ये बात भी है... चलो मई तुम्हारी मदद करता हु उसको ढूढ़ने में ठीक है.

सुंदरी -; जी ठीक है

देशराज भी सुंदरी के साथ उस अँधेरे कमरे में घुस गया और अंदर घुसते हे उसने दरवाज़े की कुण्डी लगा दी...

कुण्डी लगने की आवज़ सुनते हे सुंदरी के दिल की धड़कन मानो ट्रैन की तरह तेज़्ज़ हो गयी..

सुंदरी -- जी आपने वह कुण्डी क्यों बंद कर दी..

देशराज -- कुण्डी बंद करके हे तोह सुहागरात मनाऊंगा न मेरी जान...

सुंदरी -; क्या...

देशराज -- हस्ते हुए हां... सुहागरात... और देशराज ने लाइट ों कर दी...

कमरे में कही भी अपने भाई को न देख सुंदरी और भी घबरा गयी...

देशराज ने जैसे हे सुंदरी को पकड़ना चाहा वह बीएड के पास पड़ी एक जग को उठा के देशराज के सर पे मार के भागने लगी..

और दरवाज़े पे पहुंच के जैसे हे कुण्डी खोल के भागने लगी की पीछे से देशराज जे उनके उअप्र गोली चला दी..

देशराज -; साली रंडी मुझे मारती है..

धाय...

गोली सुंदरी के लेफ्ट कंधे पर लगी... गोली लगने से वह दर्द के मारे वही गिर गयी... और देशराज ने फिर उनके पास जाकर उनको पकड़ना चाहा लेकिन वह घूमते हुए सीढ़ियों से नीचे गिर गयी... और अपनी इज़्ज़त बचाने की हर संभव कोशिस करने लगी...

लेकिन देशराज ने भी उसका पीछा नहीं छोड़ा सीढ़ियों से नीचे गिरी हुई सुंदरी को अधमरी हालत में घसीट तर हुए ऊपर कमरे में ले जाने लगा...

जैसे हे उम्र के कमरे के पास देशराज पंहुचा सुंदरी ने एक बार फिर अपनी इज़्ज़त और जान बचने के लिए अपने सरीर की साड़ी ताकत जुताई और कड़ी होकर देशराज को ढाका देकर रट हुए छत्त पे भाग गयी...

देशराज भी उसका पीछा करते हुए छत्त पे आ गया...

छत्त पे देशराज सुंदरी के नज़दीक आने लगा..

सुंदरी -; देख मई कहती हु की मेरे पास मत आना... वर्ण...

देशराज ( हस्ते हुए) -- वर्ण क्या.... करेगी... तू

सुंदरी -- मई यहाँ से कूद जाउंगी...

देशराज -; कूद जा मेरा क्या...

देशराज हस्ते हुए सुंदरी की तरफ कदम बढ़ाये जा रहा था...

सुंदरी ने डर के मारे वह से कूदना हे बेहतर समझा और छत्त से कूद गयी...

ठीक उसके तुरंत बाद हे देशराज ने नीचे झांक के देखा तोह सुंदरी की लास नीचे पड़ी मिली देशराज ने अपने आदमियों को आवाज़ देकर बाल्य.. और उसकी लास को हवेली में हे एक कमरे में दफना दिया...

सुबह जब मेरे पिताजी को होश आया तोह देशराज ने उनको सुंदरी बुआ के बारे में ये बताया की वह किसी दूसरे गांव के लड़के के साथ देखि गयी

पिताजी को ये जानकार झटका लगा की बुआ ने भाग के शादी कर ली है और उन्होंने सुंदरी बुआ से नाता तोड़ दिया..

2 दिन बाद जब सुरजन सिंह वापस लौटे तोह देशराज यहाँ से निकल गया लेकिन बतया गया की वह यहाँ से जाने के कुछ दिन बाद पागल हो गया और मर गया...

बस बीटा यही कहानी थी मेरी बुआ की..

संजू -- पर इसमें ये कही भी पता नहीं चला की इस हवेली में भूत है.. और वह आपकी बुआ का है..

हरिया -- वह क्या हुआ न बिटवा की देशराज के मरने के बाद.... कुछ महीने बाद यहाँ सुरजन सिंह की बेटी और दामाद रहने को आये तोह पता नहीं क्या हुआ ऐसा की तबसे सुरजन सिंह के दामाद को किसी औरत के रोने के आवाज़ सुनाई दी तोह उसने ये बात अपनी पत्नी को बताई...

और उसने सुरजन सिंह को सुरजन सिंह इन सब बातों में विश्वास नहीं करता था लेकिन बेटी की खुसी के लिए.... उसने एक बाबा को बुलाया और बाबा ने हवेली में मंत्र अनुष्ठान करवाया और बाबा ने हे देशराज के कुकरम का कच्चा चिटठा सुंदरी की आत्मा से सुनकर सबको बताया....

सुंदरी की आत्मा को उस दिन के बाद देखा नहीं गया...

सबको लगा की उसकी आत्मा जा चुकी है कुछ दिन तक सब नार्मल रहा लेकिन फिर आच्चंक सुरजन सिंह की ऐसी हालत से सब को ये सक होने लगा की सुंदरी की आत्मा वापस आ गयी है... उसके बाद सुरजन सिंह की बेटियों ने उसको इलाज़ के लिए ले गए और ये हवेली बेच दी तुम्हारी दादी को.....

उसके बाद से हवेली में कोई आता जाता भी नहीं है...

और फिर वही घटना हुई थी जिसमे भीखू की मौत हो गयी... उसके बाद से सबने इस हवेली की तरफ रात में तोह क्या दिन में भी आना छोड़ दिया था..

संजू -- तोह क्या दादी को ये पता था की ये हवेली भूतिया है.

हरिया -- नहीं... पता था लेकिन जब भीखू की मौत हुई तब गांव वालो के मुँह से उड़ती हुई खबर उनको पता चली..

संजू -: ओह्ह अच्छा..

हरिया -- ये लीजिये आ गया हमारा घर... चलिए भीतर चलिए...

 


संजू हरिया के साथ उसके घर पहुंच जाता है..

संजू और हरिया एक साथ घर के भीतर प्रवेश करते है...

हरिया -- मल्टी ारी ो मल्टी कहा हो...

मल्टी - है आयी...

एक खूबसूरत गोर बदन वाली गदरायी माल औरत ( जिसकी उम्र 50 साल) किचन से बहार निकल के आती है... उसने ब्लैक कलर की साड़ी पहनी हुई थी.. उसके बड़े बड़े संतरे संजू को घायल कर रहे थी... उसके चलने से हिलती हुई उसकी गांड संजू के लुंड में हल चल मचने के लिए काफी थी... संजू के दिल की धड़कन भी तेज़्ज़ होने लगी... वह औरत जैसे जैसे इधर बढ़ती जा रही थी... संजू उतना हे उसके हुस्न के जाल में फ्स्ट चला जाने लगा..

माली जी नशीली आंको शरबती होठो को देख संजू से कण्ट्रोल करना मुश्किल होने लगा ..

उसको देखते हे संजू की नज़र उसपे हे जैम जाती है.... उस औरत की खूबसूरती ने संजू को जैसे अपने वश में कर लिया था...

संजू ( मैं में) -- है रे क्या तनन्छ माल है ये तोह..... आखिर है कौन ये गदरायी माल... इसको तोह मेरी होना चाहिए.... जो भी हो एक बार तोह इसको अपने नीचे लिटाना है...

मल्टी -- आप आ गए... ये कौन आये है आपके साथ...

हरिया -- ारी ये है उस हवेली के नए मालिक मालकिन के पोते संजू बाबा...

मल्टी ( घबरा के) -- हवेली के....

हरिया -- है... ये अब से हवेली में रहने वाले है.. अभी हवेली की साफ़ सफाई चल रही थी इसलिए मई इन्हे यहाँ ले आया... चल जा अब और जेक मेरे और इनके लिए खाना लगा..

मल्टी -- जी अभी लगाती हु.... आप लोग हाथ धो लीजिये..

मल्टी के अंदर जाते हे...

संजू ( कौतुहल वश) -- हरिया काका... ये औरत कौन थी आपकी बहिन तोह नहीं है..

हरिया ( शॉकेड) --

हरिया हैरानी से संजू को देखने लगता है.

(मैं में) -- ारी बॉकचोड़ा इसने तोह मेरी घरवाली को आते हे मेरी बहिन बना दिया.. साला बड़ा चालु इस से संभाल के रहना पड़ेगा ... कही ऐसा न हो मेरी बीवी को सच में मेरी बहिन न बना ले और मेरा जीजा बन जाए...

संजू -- आप कहा खो गए हरिया काका बताइये न मैंने सही पहचाना न...

हरिया -- हां.. nahi..beta वह तुम्हारी काकी... है.. मेरी पत्नी है

संजू -- ओह्ह अच्छा.. उनको और आपको देख के ऐसा लगता है की आप दोनों भाई बहिन हो..

हरिया ( जूठी हसी हस्ते हुए ) - हहहहए...

अच्छा मजाक करते हो... बीटा...

संजू - ारी काका मई मजाक नहीं कर रहा..

हरिया कुछ बोलने हे वाला था की... अनादर से मल्टी आ जाती है...

मल्टी -- चलिए... बैठ जाइये... ये लग गया आप लोग का खाना..

हरिया मल्टी के आने से चुप हो गया...

संजू और हरिया दोनों खाना खाने बैठ गए...

संजू खाना कहते हुए -- अच्छा काका आपके घर में और कौन कौन है..

हरिया -- बस इतने हे है..

संजू - है इतने कितने??..

हरिया -- जितने दिख रहे है..

संजू - ारी काका पर मई तोह आपके घर में नहीं रहता...

हरिया - ारी बीटा मई अपनी और तेरी मल्टी काकी की बात कर रहा..

संजू -- अच्छा... अच्छा.. और आपके बच्चे.

किचन से सब्जी लेकर आती मल्टी...

मल्टी ( भावुक) - हमरा कोई बच्चा नहीं है.. बीटा..

संजू -- ारी आप दोनों को तोह देख के लगता है की आपकी शादी को बहुत साल हो गया है फिर भी अपनी तक बच्चा नहीं किया आप लोगो ने

हरिया -- ऐसी बात नहीं बीटा न जाने कहा कहा गए है बच्चे के लिए सब जातां कर के देख चुके है लेकिन कुछ भी नहीं हुआ...

मल्टी ( नाम आंखें) - लगता है इस जनम में मई माँ बन ने के सुख से वंचित हे रह जाउंगी...

संजू - ऐसा मत कहिये... अब मई आ गया हु न अब आपको माँ बनने की टेंशन लेने की कोई जरुरत नहीं...

हरिया ( हैरान) -- क्या मतलब??

संजू -- मतलब की अब मई आ गया हु न तोह मई अब आपको माँ बनाऊंगा...

संजू के मुँह से ये सुनते हे हरिया और मल्टी हैरान रह गए... दोनों संजू को गुस्से से घर के देखने लगे...

हरिया ( गुस्से में) -- थोड़ा जोर की आवाज़ में..

ये क्या बोल रहे हो संजू...

संजू -; क्या हुआ आप इतना भड़क क्यों रहे है...

मैंने कुछ गलत बोलै क्या...

हरिया -- गलत नहीं तोह क्या है ये की तुम अपने माँ की उम्र को माँ बनाने की बात कर रहे हो वह भी उसके हे पति के सामने ..

संजू ( हस्ते हुए) -- ओह्ह अच्छा तोह आप इस बात पे भड़क रहे है की मैंने इनको आप के सामने माँ बनाने का बोलै..

ठीक है कोई नहीं मई इनको अकेले में माँ बना दूंगा अब खुस

हरिया & मल्टी के तोह होश हे उड़द गए...

हरिया -- ये क्या बोल रहे हो तुम में सरम है भी की... मैंने हे गलती की जो तुझ पर तरस खा के तुझे यहाँ घर में ले आया निकल जा मेरे घर से अभी के अभी कमीने कही के..

संजू -- ये आप क्या कह रहे हो काका... आप मुझे गली क्यों दे रहे हो... काकी आप हे समझाओ.. न..

मल्टी - साले कमीने अभी मुझे माँ बनाने का बोल रहा था और अभी काकी बोल रहा है..

संजू -- ारी आप भी नाराज़ हो गयी..

मई तोह अभी भी बोल रहा की मई अब आपको माँ बना के रहूँगा... लेकिन आप दोनों मेरे माँ बनाने पर क्यों भड़क रहे है...

मल्टी ( भड़कते हुए) - अगर ऐसी घटिया बात करेगा तोह भड़के नहीं तोह क्या तेरी आरती उतारे...

संजू -; पर मैंने कौन सी घटिया बात की.. मैंने तोह सिर्फ आपको माँ बनाने का कहा काकी..

मल्टी -- तोह अपनी काकी को माँ बनाने की बात क्या तुझे घटिया नहीं लगी.

संजू -- नहीं.. इसमें क्या घटिया है माँ बनाना और माँ बन न तोह बहुत खुसी की बात है...

मल्टी & हरिया -- हैरानी से घर घर के संजू को देखे जा रहे थी..

हरिया -- बस अब चुप हो जा और निकल जा यहाँ से नहीं तोह मई क्या कर बैठूंगा ये मुझे भी नहीं पता..

संजू -- पर क्यों काका मैंने ऐसा क्या कर दिया... मई तोह काकी को बस अपनी माँ का दर्जा देना चाहता हु.. और उनको माँ बनाना चाहता हु

संजू की बात सुनकर दोनों के कान खड़े हो गए...

मल्टी - क्या.. क्या... कहा तुमने..??

संजू -- यही की मई आपको माँ कहना चाहता हु और आपको माँ का दर्जा देना चाहता हु... क्या आप मुझे अपना बीटा स्वीकार करेंगी...

मल्टी की आँखों में आंशू आ गए... साजु की बात सुन कर हरिया और मल्टी का चेहरा सरम से झुक गया..

संजू - बोलिये न काकी क्या मई आपको माँ कहके बुला सकता हु...

मल्टी -- है.... बीटा है... आज से तू मेरा बीटा हुआ और मई तेरी माँ...

मल्टी ने अपनी पसीने से भीगी कांख खोल के संजू को अपने सीने से लगा लिया....

हरिया और मल्टी को अपनी घटिया सोच पर बहुत लज़्ज़ा आ रही थी वह दोनों संजू से कैसे अपने बर्ताव की माफ़ी मांगे यही सोच रहे थी..

संजू ( मैं में) - हाई 😍 क्या बड़े बड़े संतरे है काकी के मेरे सीने में काकी के संतरे चूब रहे आह... थोड़ा और कास के गले लगता हु ताकि थोड़ा और चूब जाए... काकी के संतरो के चुभने से मुझे पता नहीं क्यों बड़ा अच्छा लग रहा hai..maja आ रहा है और मई ये मजा थोड़ा और लेना चाहता हु...

संजू ने ये सोच के थोड़ा और कास के मल्टी को अपने सीने से दबा दिया.... जिससे मल्टी के संतरे और भी चुभने लगे संजू के सीने में... संजू मल्टी के संतरो के चुभन का मीठा मीठा.... एहसास... करे जा रहा था...

मल्टी -- मई कितनी बड़ी पागल है ये बेचारा बच्चा तोह मेरी सुनी गोद को भरने आया था लेकिन मई हे इसको गलत समझ रही थी...

कुछ देर ऐसे हे गले रहने के बाद मल्टी और संजू अलग हुए...

हरिया -- बीटा मुझे माफ़ कर दे मुझसे समझने में गलती हो गयी.....

संजू -- समझने में... ऐसा क्या समझ लिया था काका आपने...

हरिया -- छोड़ बीटा उस बात को अब... से तू हमारा बीटा है... आजा गले लग जा...

संजू हरिया के गले लगते हुए (मैं में) -- ारी भोसड़ीवाले काका आप अब गलत समझ रहे हो.. मई आपकी इस खूबसूरत बीवी को माँ तोह बनाऊंगा हे लेकिन अपनी नहीं अपने बच्चो की...

हरिया और संजू का गले मिलना टूटा... फिर दोनों खाना खाने लगे...

मल्टी -- संजू बीटा अब तू हवेली मई नहीं जायेगा... मई अपने बेटे को उस मनहूस हवेली में अकेले नहीं जाने दूंगी...

संजू - पर माँ मुझे तोह वह जाना पड़ेगा..

मल्टी संजू के मुँह से माँ सुनके हे खुस हो गयी.... और उसको खुस देख हरिया भी खुस हो गया...

हरिया - अच्छा बीटा... अगर वह जाना इतना जरूरी हे है तोह मई भी तुम्हारे साथ जाऊंगा हवेली रात में...

संजू - नहीं नहीं काका रात को फिर माँ अकेली हो जाएगी उनको डर लगेगा...

मल्टी ( साजु के गलू को चूमते हुए) -- है मेरा बच्चा कितनी फ़िक्र करता है अपनी माँ की... लेकिन बीटा एक बात तोह बता तेरा उस हवेली में जाना जरुरी क्यों है...

संजू ने सब कुछ जो सिटी में उसको रूम छोड़ना पड़ा से लेकर के सब बता दिया...

संजू -- बस मुझे किसी हाल में उस हवेली को भूतिया होने के झूठे इलज़ाम से बचाना है उसकी अफवाह को गलत सिद्ध करना है और वह हवेली बेचनी है उसके बाद उस से मिले पैसो से मई अपनी माँ के लिए एक घर सिटी में खरीदूंगा.. और वह दोनों माँ बेटे रहेंगे...

मल्टी -- और फिर तेरे काका का क्या होगा अगर मई तेरे साथ चली गयी तोह...

संजू -- उनको भी रख लेंगे वह आपकी सेवा करेंगे..

हरिया - वह बीटा... सब प्यार माँ पे हे लुटा इस बुड्ढे काका की तोह फ़िक्र हे नहीं है...

फिर तीनो हसने लगे...

लेकिन फिर....

. हरिया -- लेकिन संजू बीटा तुम ये सिद्ध कैसे करोगे... क्यों की हम गांव वाले ने बहुत सी घटनाएं सुनी है हवेली के बारे में..

संजू - आप सब ने बीएस सुनी हे है न देखि तोह नहीं न... और कई बार कानो सुनी बात गलत होती है

आप सब का कहना है की वह जो भी गया है या तोह मानसिक रोगी बांके वह से वापस लौटा है या मारा हुआ यही न...

हरिया & मल्टी -- है...

संजू -- लेकिन देखिये मई आप दोनों के सामने बिलकुल स्वस्थ और जिन्दा हु...

हरिया & मल्टी -- है ये भी है...

संजू -- आप लोग टेंशन मत लीजिये.... मुझे कुछ नहीं होगा.. पहले तोह मई अकेला था लेकिन अब मेरे साथ मेरी मल्टी माँ का साथ और उनका आशीर्वाद है.... ( मैं में) - और उसकी बुर है जो जल्दी हे मई पहाड़ के रख दूंगा...

मल्टी -- ठीक है बीटा अगर ऐसा है तोह फिर मई भी तुझे नहीं रोकूंगी लेकिन है... दिन में मई भी तेरे साथ हवेली में रहूंगी...

हरिया -- संजू तेरी मल्टी काकी ठीक कह रही है इससे तुझे खाना भी मिल जाएगा...

दिन में मई और तेरी काकी हवेली में तेरे साथ हे रहेंगे और शाम को हम तेरे लिए रात का खाना बना के आ जायेंगे...

संजू-- इसकी कोई जरुरत नहीं है काका आप लोग मेरी वजह से टेंशन मत लो..

मल्टी - तेरे काका सही कह रहे है... और अब मई कुछ नहीं सुनूंगी.. तुझे अपनी माँ की बात मान नई पड़ेगी...

साजु -- ठीक है...

फिर खाना वन खाने के बाद...

कुछ देर में हरिया और संजू वापस हवेली के लिए निकल गए हवेली की साफ़ सफाई का जायज़ा लेने...
 
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मल्टी.....

हरिया की बीवी...

संजू के होने वाले बच्चो की माँ🫢
 


संजू और हरिया हवेली के लिए निकल गए..

हवेली पहुंच के

हरिया ने उन लड़को को भी खाना दे दिया... जो वह घर से बनवा के लाया था...

वह खाना खाने लगे तब तक संजू अपने रूम में ( जो की साफ़ हो चूका था..) सामान ज़माने लगा जिसमे हरिया ने उसकी मदद की..

शाम तक 5 कमरों की सफाई अच्छे से कर दी गयी थी.. और रूम को चमका दिया गया था...

ग्राउंड फ्लोर पे बस किचन की सफाई हुई थी बाकि सब 1सत फ्लोर के कमरों की सफाई हुई थी... अभी सेकंड फ्लोर की तरफ तोह कोई गया हे नहीं था...

जी हाँ हवेली 3रद फ्लोर तक की थी... उसके बार फिर छत्त थी...

जिसमे अभी केवल 1सत फ्लोर के 4 कमरे और ग्राउंड फ्लोर का किचन हे साफ़ हुआ था... बाकि 1सत फ्लोर के 2 कमरे और 2ंद एंड 3रद फ्लोर की साफ़ सफाई बची थी...

हरिया ने शाम होते hi उन सब को छुट्टी दे दी थी... और कल और भी आदमी लेन को कहके उनको विदा किया....

हरिया -- संजू बीटा शाम हो गयी है.. चलो मेरे घर चलते है... तुम वह खाना खा के चाहो तोह रुक जाना...

संजू -- नहीं काका... मई वापस hi आ जाऊंगा.. वैसे भी मुझे अपने इन सामान के बिना नींद नहीं आएगी...

हरिया -- ठीक है बीटा ab..chalo...

संजू -- अच्छा काका यहाँ लाइट नहीं है.. उसका भी कुछ इंतज़ाम करिये न..

हरिया -- बीटा अभी तोह नहीं हो पायेगा.. कल मई कुछ करता हु..

संजू - अच्छा ठीक है काका...

सूरज डूब चूका था अँधेरा होने वाला था हवेली में लाइट नहीं थी.... इसलिए संजू ने हरिया के यहाँ जाते वक़्त अपनी टोर्च जो चार्जिंग वाली थी उसको और अपने मोबाइल और चार्जर को लेकर हरिया के साथ उसके घर की तरफ चल पड़ा... हरिया के घर पहुंचते तक अँधेरा हो चूका था...

हरिया ने घर पहुंच के मल्टी को आवाज़ दी.. मल्टी ने दरवाज़ा खोला..

मल्टी -- आ गए आप दोनों...

संजू -- जी माँ..

मल्टी संजू के मुँह से माँ सुन के काफी खुस हुई...

मल्टी ने खाना निकला...

संजू और हरिया खाना खाने लगे...

खाना खाने के बाद...

संजू - अच्छा मई अब चलता हु... माँ कल फिर आऊंगा..

मल्टी - यही रुक जा न बीटा..

संजू -- नहीं.. अभी सबसे ज्यादा जरुरी उस हवेली की अफवाह को दूर करना है...

मल्टी -- अच्छा ठीक है संभल के जाना बीटा..

हरिया -- मई आपको छोड़ आता हु.. संजू बाबा..

संजू -- नहीं काका आप भी थके हुए है.. रहने दीजिये मई चला जाऊंगा...

हरिया -- ठीक है बीटा...

संजू हरिया के घर से निकल गया और फ़ोन में रील्स देखते हुए चलने लगा... तभी अचानक उसको लगा की कोई कला साया.. अभी अभी उसके पास से गुज़रा हो.... और हवेली की तरफ गया हो...

संजू ( मैं में) -- मुझे अभी ऐसा क्यों लगा की कोई मेरे बगल से तेज़्ज़ी से गुज़रा और वह भी हवेली जाने के रस्ते पे...

हो सकता है इन गांव वालो की भूतिया कहानी सुन सुन के मुझे भी अब भूत का भ्रम होने लगा है...

संजू वापस अपनी धुन में चलने लगा...

तभी उसको किसी के रोने की आवज़ सुनाई देने लगी...

आवाज़... uuuuhhhhhuuuu...uuuuuuuhhhhhhuuuhhhhhhh

सिसकियों की आवाज़... साफ़ साफ़ संजू के कान पे पड़ने लगी...

संजू -- कौन है.... कौन रो रहा.. है...

संजू के ऐसा पूछते हे आवाज़ आना बंद हो गयी...

संजू -- ारी ये तोह आवाज़ आना बंद हो गयी.

अजीब बात है..

संजू फिर से अपने कदम हवेली की तरफ बढ़ाने लगा...

संजू ने 10 कदम हे अभी बढ़ाया था की आवाज़ फिर से आने लगी... और अब थोड़ी और क्लियर और थोड़ी पास से आने लगी...

संजू डरना तोह नहीं चाहता था लेकिन... पता नहीं अचानक से कैसे उसके दिल की धड़कन बढ़ने लगी...

तभी अचानक... एक चमकादड़ उड़ता हुआ आकर संजू के आँखों के एकदम पास से गुज़रा..

संजू के पूरा शरीर इस दृश्य को देख के झनझना उठा... उसका दिल जोरो से धधकने लगा...

वह जैसे की जैम हे गया.. हो

तभी उसको फिर से ऐसा लगा की कोई सफ़ेद साड़ी पहनी औरत उसकी तरफ अपनी बाहिएँ फैलाये... जंगल की तरफ से आ रही है...

और उसको देखते हे संजू की आंखें फटी की फटी रह गयी.... संजू के बॉडी कांपने लगी.. उसके सरीर का रोम रोम रोमांचित हो उठा... उसका मुँह तोह खुला लेकिन उसकी आवज़ उसके हलक में हे अटक गयी... संजू बहुत जायदा दर चूका था...

वह सफ़ेद साड़ी वाली औरत को देख के

संजू ( मैं में) - मारा मारा मारा मारा आज तोह पक्का मारा.... साला... जब हरिया काका बोल रहे थी मई साथ में चलता हु तोह बड़ी होसियारी मार के अकेले आ गया अब ये सफ़ेद सारी वाली भूतनी... आ रही कंपनी देने.. अगर जान बचानी है तोह बिना कुछ सोचे समझे तेज़ी से भाग ले संजू बीटा.. वर्ण आज तेरा राम नाम सत्य होना तय है...

वह आगे बढ़ते हे जा रही थी

संजू ने बिना कुछ सोचे आँख बंद करके हवेली की तरफ दौड़ लगी... दी.... और तब तक नहीं रुका जब तक जाकर वह एक पत्तर से टकरा के न गिरा..

संजू-- आह मादरचोद.... ये लग गया पेअर में...

संजू ने आँख खोल के देखि...

वह हवेली... से बास 10 कदम दूर था... संजू ने आँख बंद करके इतनी तेज़्ज़ दौड़ लगायी थी की वह हवेली के पास पहुंच गया था...

संजू ने पीछे मुद के देखा तोह कोई नहीं था और अब आवाज़ भी आणि बंद हो गयी थी...

उसने अपने आप को संभाला और वह से उठ के हवेली की तरफ बढ़ चला..

हवेली बहार से तोह जैसे सुबह दिन रही थी वैसे हे थी... लेकिन जैसे हे संजू ने दरवाजा खोला और हवेली के अंदर दाखिल हुआ...

उसकी आंखें फटी की फटी रह गयी... उसको विश्वास hi नहीं हुआ...

संजू -- ऊऊऊ.... भैई साहब.... यी... सब क्या है... यहाँ अचानक से लाइट कहा से आ गयी... और अभी तक तोह ग्राउंड फ्लोर की सफाई हुई hi नहीं तोह ये इतना साफ़ सुथरा और जगमगा कैसे रहा है...

संजू ने सोचा की कही वह फिर से सपना तोह नहीं देख रहा...

संजू -- नहीं नहीं ये सच नहीं ये सपना है.. मुझे खुद को चिमटी काट के देखना होगा...

संजू ने खुद को चिमटी काटी और उसको दर्द भी हुआ...

संजू -- ाःह... जोर से चिमटी काट डाली... दर्द हो रहा...

लेकिन अगले हे पल...

संजू ( शॉकेड) -- क्या... इसका... मतलब... की ये सपना नहीं सच है...

पर कैसे... ऐसा कैसे हो सकता है..

संजू यही सोचते हुए गेट के पास खड़ा हुआ था की... तभी...

संजू के कान में काम काम काम काम की आवाज़ आने लगी...

संजू की एक बार फिर हालत ख़राब हो गयी..

संजू -- ये क्या हो रहा है यार...

संजू ने उस आवाज़ का पीछा करना चाहा..

वह आवज़ किचन से आ रही थी..

संजू -- आवाज़ तोह किचन से आ रही है चलो चल के देखता हु...

संजू धीरे धीरे डरते हुए अपने कदम आगे बढ़ाते हुए किचन की तरफ जाने लगा...

जैसे हे किचन के दरवाज़े के करीब पंहुचा.. उसने झांक के किचन में देखने की कोशिश की और अपना सर दरवाज़े की तरफ झुका के अंदर झाकने लगा..

जैसे हे संजू ने झाका.. उसे सामने सुंदरी अपने हाथो में खाने की थाल लिए आते दिखी...

संजू ( मैं में) -- ये तोह सुंदरी है.. हरिया काका की बुआ.. क्युकी इसकी फोटो मैंने देखि थी हरिया काका के यहाँ... और अगर हरिया काका सच बोल रहे थी तोह उसके हिसाब से तोह ये मर चुकी है.. फिर यहाँ ऐसे खाना लिए ऐसे आ रही...

अभी संजू सोच हे रहा था की सुंदरी खाने की थाल लिए... दरवाज़े तक आ गयी और संजू को देख लिया..

सुंदरी -- ारी साहब... आप कब आये... और कहा चले गए थी... आप...

संजू - हड़बड़ा गया...

मई.... मई... वह....

सुंदरी -- ये क्या बकरी की तरह मिंया रहे हो साहब.... कहा घी थी यही तोह पूछा मैंने... नहीं बताना तोह मत बताओ..

संजू - मई वह हरिया काका के साथ... वह.. उनके यहाँ खाना खाने गया था..

सुंदरी ( गुस्से) -- क्या... आपने खाना खा लिया...

(आवज़ बदल गयी..) -- मेरी इतनी म्हणत का अब क्या होगा.. मई यहाँ तेरे लिए खाना बना रही हु और तू कहता है की खा के आ गया....

संजू सुंदरी की आवज़ बदलने से पहचान गया और उसको अब पक्का यकीं हो गया की... अब उसके लौड़े लगने वाले है.. और उसका पाला भूत से पद चूका है..

सुंदरी ( बदली अव्वाज़ में) - बता बोल... अब क्या करू मई इस खाने का... बोल...( चिल्ला के ) -- बोल...

संजू( डर के कारन दबी आवाज़ में)-- मई खाऊंगा...

सुंदरी -- क्या कहा... थोड़ा जोर से बोल...

संजू -- मई खाऊंगा... आखिर तुमने जो बनाया.. है.. और तुम्हारे खाना खाये बिना भी किसी का पेट भरता है भला..

सुंदरी नार्मल हो गयी...

सुंदरी ( मुश्कुरा के) मीठी आवज़ में- आप बैठिये... मई अभी लगाती हु... खाना..

संजू ( मैं में) -- ये अच्चानक शेरी ने भीगी बिल्ली कैसे हो गयी... लगता है मैंने इसके खाने की तारीफ की इसलिए.... अच्छा तोह ये भूतनी भी अपनी तारीफ़ सुनके खुस होती है... अब आएगा.. मजा... लेकिन थोड़ा सम्बहल के भी रहना पड़ेगा... वर्ण कही लेने के देने न पद जाए..

सुंदरी -; क्या हुआ साहब बैठिये.. न...

संजू -- है बैठ रहा हु... बैठ रहा हु.. पहले हाथ तोह धो लू ... मई हाथ धो के आता हु.. लेकिन यहाँ तोह पानी नहीं है..

सुंदरी -- किसने कहा पानी नहीं है.. पानी तोह है..

संजू -- पर दिन भर से तोह पानी था हे नहीं... फिर आच्चंक कैसे आ गया..

सुंदरी -; मई जो आ गयी तोह वह भी आ गया.. अभी मई पानी लेकर आती हु और आपका हाथ धुलवाती हु...

सुंदरी किचन में चली गयी और एक बर्तन में पानी लेकर आयी... और संजू का हाथ धुलवाने लगी...

संजू -- एक बात बताओ तुम्हे ये पानी मिला कहा से...

सुंदरी -- कुए से..

संजू -- अच्छा..., मई सोच रहा था की.. ये कुए का पानी गन्दा हो जाता होगा उसको पीने से बीमार पद जाएंगे इसलिए मई यहाँ हवेली में बोरिंग कराने की सोच रहा था...

सुंदरी -; इसकी कोई जरुरत नहीं है साहब मई हूँ न मेरे रहते तक आपको किसी भी चीज़ की कोई फ़िक्र करने की जरुरत नहीं है...

संजू -- लेकिन कब तक तुम यहाँ रहोगी... तुम्हे भी तोह जल्दी हे यहाँ से जाना होगा...

( मैं में) - भूतनी तुझे तोह मई यहाँ से निकलवा के रहूँगा..

सुंदरी ( थोड़ा घर के) -- मतलब क्या है...

संजू - है तोह... क्या शादी नहीं करोगी.. अपने ससुराल नहीं जाओगी.. kya..tab मई कैसे करूँगा.. इसलिए मई सोच रहा की... मई यहाँ एक बोरिंग करवा लेता हु...

सुंदरी शादी की बात सुन के थोड़ी उदास हो गयी..

सुंदरी -- मेरी शादी नहीं हो सकती साहब... मुझे यही रहना है इसलिए आप को बोरिंग करवाने की कोई जरुरत नहीं है..

संजू -- अच्छा..

सुंदरी एक बात बताओ.. की तुम्हारे माँ बाप कौन है..

सुंदरी -- कल मैंने आपको बताया था न की मई हरिया की बहिन हु... और मेरी शादी एक बार हो गयी थी और मेरे पति की मौत के बाद उन्होंने मुझे नहीं अपनाया.. और मई यहाँ आ गयी...

संजू -- है... है... ये तोह बताया.. था.. तोह क्या हुआ तुम दूसरी शादी भी तोह कर सकती हो na...agar तुम अपने घर वालो से कहने से डरो तोह मई तुम्हारे भाई हरिया काका से बात कर देता हु...

सुंदरी -- नहीं साहब.... ऐसा करने की कोई जरुरत नहीं है...

संजू -- अच्छा.. पर क्यों...

सुंदरी -- क्यों की मुझे अब किसी से भी शादी नहीं करनी है..

संजू -- ठीक है...

संजू उठ के वह से जाने लगा...

सुंदरी -; साहब आप बिना खाना खाये कहा जा रहे है...

संजू बिना कुछ बोले... सीढ़ियां.. चढ़ते हुए अपने रूम में चला गया.. और दरवाजा अंदर से बंद कर लिया और कान में एअरफोन्स लगा के सो गया...

सुंदरी संजू के ऐसे बर्ताव से हैरान रह गयी...

संजू ( मैं में) -; ारी यार ये भूतनी साली तोह मेरे हवेली से जाने को मान हे नहीं रही है ऊपर से बोरिंग करवाने का भी परमिशन नहीं दे रही है.... और गांव वालो ने कहा था की मेरे से पहले भी यहाँ ऐसा करवाने की कोशिश की गयी थी जिसके कारन यहाँ की आत्मा भड़क गयी... थी..

सुंदरी -- ये साहब ऐसे उठ के क्यों चले गए....

संजू ( मैं में) - अगर ये हवेली के भूत नहीं भागे... तोह मेरे हवेली के फैले हुए अफवाहों से कोई इस हवेली को नहीं ख़रीदेगा और मेरे सारे मंसूबो पर पानी फिर जायेगा... क्या करू...

तभी दरवाज़े पे जोर जोर से धड़ धड़ धड़... की आवाज़ होने लगी...

संजू को एअरफोन्स लगाने के कारन आवाज़ नहीं आ रही थी...

संजू ऐसे हे एअरफोन्स लगाए कब सो गया पता हे नहीं चला...

सुबह उसकी नींद 5 बजे खुली .... उसने देखा... की उसका रूम तोह खुला हुआ.. था...

संजू ने याद किया.. " ारी कल रात को तोह मई गेट लगा के सोया था... फिर ये कैसे खुल गया क्यों की गेट तोह मैंने खोला नहीं था.. "

संजू ने कुछ सोचा... हे था की तभी उसको लगा की कोई काला साया.. उसके गेट के पास खड़ा होकर छुपकर संजू को देख रहा हो... संजू की फट गयी...

संजू -- कककक.... कक्क... ककौन... कौन है वह दरवाज़े पर....

no रिस्पांस...

संजू अपने बीएड से उतर के धीरे धीरे डरते हुए अपने कदम आगे बढ़ाते हुए दरवाज़े के पास पंहुचा तोह देखा.. की वह तोह कोई नहीं है...

संजू को लगा शयद भ्रम. होगा...

वह वापस कमरे में घुसा... उसने फिर से देखा की.... आज भी सुबह होते हे यहाँ की लाइट वगैरह सब चली गयी थी...

संजू -- ये क्या माजरा है रात होते हे बत्ती जल जाती है हवेली जगमगा उठती है... लेकिन सुबह होते हे पता नहीं इस हवेली की रौनक उड़द जाती है...

संजू अभी कुछ सोच हे रहा था... की तभी... उसको बगल वाले कमरे से कुछ गिरने की आवाज़ आयी...

संजू ( चौक कर..) - ये कैसी आवाज़ है... ये तोह लगता है की बगल वाले कमरे से आ रही है... चलो चल के देखता हु...

संजू अब अपने कमरे से निकल के बगल वाले कमरे में जाने लगा... और वह जाकर... उस कमरे की छान बिन करने लगा...

लेकिन उसको ऐसा कुछ भी गिरा नहीं मिला...

वह कुछ देर बाद वह से वापस आ गया...

थोड़ी देर में हरिया आदमियों को लेकर वह आ गया...

हरिया के साथ और भी कुछ लोग आज आये हुए थी...

हरिया ने सब को काम समझा दिया फिर वह और संजू नहाने के लिए नदी की तरफ निकल गए...

संजू -- काका एक बात पूछनी थी आपसे...

हरिया -- है बिटवा पूछो...

संजू -- कल रात को जब मई हवेली पंहुचा तोह वह पे लाइट्स थी हवेली अनादर से पूरी तरह जगमगा रही थी और तोह और आपकी सुंदरी बुआ जिसने मुझसे ये बताया है की वह हरिया यानि की आपको बहिन है... ऐसा कैसे हो सकता है....

हरिया -- क्या... इसका मतलब वह भ्रम नहीं था जो तुमने परसो रात देखा था..

संजू -- हां..

अब क्या किया जाए...

मुझे तोह इस हवेली को भूत मुक्त करके इसको बेचना है और आपको और मल्टी माँ को लेके सेहर जाना है वह नया फ्लैट लेना है...

अब आप हे कुछ रास्ता दिखाओ...

हरिया -- बीटा... हमने तोह कहा था की यहाँ आत्मा है.. लेकिन तुमने हे कहा की... तुम हवेली में रह के उस भूत की अफवा को दूर करोगी...

संजू -- हां लेकिन कैसे ये मेरी समझ में नहीं आ रहा... मेरा दिमाग काम नहीं कर रहा...

अच्छा काका क्या आप किसी ऐसे पंडित को जानते है जो भूत भागता हो...

हरिया -- बीटा ऐसे पंडित है एक... लेकिन वह आएंगे या नहीं... ये तोह मई भी नहीं जनता..

संजू - प्लीज काका अगर आप ने उनको बुलवा लिया तोह बहुत बड़ा एहसान होगा आप का मुझ पर... देखिये काका मई आपसे विनती करता हु प्लीज आप उस पंडित को लेकर आईये...

हरिया - ठीक है मई देखता हु...

संजू -- तोह आप कब जाओगे...

हरिया -- मई कल सुबह हे निकल जाऊंगा...

संजू - धन्यवाद काका...

दोनों नहाने चल दिए...

नदी में नहाने में भी आज संजू का मैं नहीं लग रहा था...

लेकिन तभी कुछ ऐसा हुआ ... की उसका रोम रोम रोमांचित हो उठा...

उसकी आंखें चमकने लगी...

आज भी एक ब्लैक कलर का साया पानी में उसके गोल गोल घूमने लगा... और उसकी नज़र राजू के चड्डी की तरफ हे नज़र करे हुए गोल गोल घूम रही थी...

संजू को आज कुछ भी आश्चर्य नहीं हुआ...

संजू नाहा धो के नदी से बहार आ गया...

बाकि नेक्स्ट अपडेट में...

 
संजू और हरिया नदी से नाहा कर वापिस हवेली की तरफ चल पड़े...

संजू को किसी सोच में डूबा हुआ देख

हरिया - क्या बात है संजू क्या हुआ.. तुम कुछ खोये खोये से लग रहे हो...

संजू -- एक बात बताइये... काका...

ये हवेली में आत्मा का तोह समझ में आ गया की वह मौत के कारन वह आत्माएं हो सकती है लेकिन मेरी एक बात समझ में नहीं आ रही..

हरिया -- कौन सी बात बीटा...

संजू -- कल जब मई आपके घर से रात को खाना खाने के बाद निकला... तोह हवेली जाने के रस्ते में मुझे जंगल की तरफ से चम् चम् की और किसी के रोने की आवाज़ आयी... और थोड़ी देर में हे वह आवाज़ मुझे अपने नज़दीक से आने लगी...

हरिया -- क्या...

संजू -- हआ और उसके कुछ हे देर बाद एक सफ़ेद सारी पहनी हुई औरत जिसकी बाल खुले हुए थी बालू से जिसका पूरा चेहरा ढाका हुआ था वह मेरे करीब आने लगी...

हरिया -- क्या...

संजू -- हआ....

हरिया -- फिर तुम कैसे जिन्दा बचे... हो... क्युकी अब तक जिसने भी उस चुड़ैल को देखा है... उसकी लास जंगल के बीचो बीच बने कुए में मिली है.... लेकिन आश्चर्य है की तुम अब तक बचे हो...

वैसे तुम बचे कैसे मुझे पूरी बात बताओ..

संजू - ारी काका मई भी नहीं बचता

वह तोह मई इतना दर गया था की मेरी आवाज़ तक नहीं निकल रही थी.. और वह औरत मेरे करीब आये जा रही थी.. मैंने भी आँख बंद करि और सीधा हवेली के रस्ते पे सरपट दौड़ पड़ा..... हवेली के 10 कदम दूर जेक एक पत्थर के टकराने से रुका... तोह देखा की वह चुड़ैल गायब थी...

हरिया -- भगवान् का लाख लाख सुकर है की तुम उस चुड़ैल के चंगुल से बच गए...

संजू -- हां..

वैसे उस चुड़ैल की कहानी क्या है..

हरिया ( घबरा कर) -- बीटा... तुम क्या करोगे उसको जान कर... छोडो उसके बारे में देखो हवेली भी आ गयी..

संजू ( मैं में) -- ये बूड़ौ... इतना हड़बड़ा क्यों रहा है उस चुड़ैल के बारे में बताने से कही इसकी अम्मा तोह नहीं लगती न भोसड़ीवाली... चला छोडो मई खुद पता कर लूंगा...

संजू और हरिया हवेली पहुंच गए...

संजू अपने रूम में घुसा हे था की उसको अपने पीछे किसी के होने का एहसास हुआ...

संजू ने पहात से पलट के देखा...

कोई भी नहीं था...

संजू -- ये क्या छुटियाप है... बहनचो... हर बार ऐसा लगता है की कोई है कोई है.. लेकिन जब भी पलट के देखता हु कुछ भी नहीं होता...

दरअसल... वह सुंदरी का भूत ( आत्मा) थी जो अदृश्य रूप में संजू के आस पास हे मद्र रही थी

संजू ने अब अपने कपडे चेंज करने के लिए अलमारी से कपडे निकले... लेकिन

संजू ( मैं में) -- ारी यार पता नहीं ये मेरे लुंड में कैसी खुजली हो रही है... चलो देखलिया जाए...

संजू ने अपना हाथ अपनी चड्डी पे रख के चड्डी को खिसकाने लगा...

सुंदरी ( इनविजिबल रूप में) -- ारी रे रे ये क्या कर रहा है ये मुर्ख व्यक्ति.... साला ठरकी उस दिन मेरी गांड में थप्पड़ मार दिया था अब मुझे अपना लुंड खोल के दिखा रहा... लेकिन ये तोह मुझे देख नहीं सकता... फिर ये लुंड क्यों निकाल रहा है..

संजू ने अपनी चड्डी निकल के लुंड को हाथ में पकड़ लिया....

संजू का मोटा तगड़ा लम्बा लुंड देख के सुंदरी की तोह आंखें फटी की फटी रह गयी..

सुंदरी -- ारी मोरी मैया... ये क्या देख लियो..

संजू अपने लुंड को हाथ में पकड़ के सहलाने लगा..

संजू -- ाःह... लगता है किसी चींटी ने काट लिया.. बहुत खुजली हो रही है....

सुंदरी एक तक संजू के लुंड को देखे जा रही थी....

सुंदरी -; कितना लम्बा और मोटा है.. ये जिसकी भी बुर में घुसेगा उसकी बुर को पहाड़ के उसकी बुर का बेम भोसड़ा बना के रख देगा...

संजू - कुछ देर सहलाने के बाद... लुंड को अपनी मुट्ठी में पकड़ के हिलाने लगा...

सुंदरी -- ारी ये क्या करने लगा... अभी तोह ये सहला रहा था लेकिन इसको क्या हुआ की अब ये अपना लुंड पकड़ के हिलाने लगा....

संजू -- हैए... कितनी हसीं है सुंदरी.... मई तोह उसका दीवाना हे हो गया उस दिन जंगल में जब पहली बार हे उसको देखा तब से हे उसकी खूबसूरती का कायल हो गया... उसके हाथ कितने कोमल थी.. उसके बड़े बड़े संतरे... क्या लग रहे थी उसकी छाती पे.. उसका दूध जैसा गोरा रंग.. उफ्फ्फ्फ़..... एक बार मिल जाए.. तोह रात बन जाए...

वही कड़ी... ( इनविजिबल) सुंदरी संजू की अपने बारे में ऐसी बातें सुन के और अपने बारे में सोचते हुए लुंड हिलाने को देख के शर्मा गयी... उसके चेहरे सरम से लाल हो गए..

सुंदरी - कितना बेशर्म है.. देखो तोह कैसे.... एक भूतनी के बारे में सोच के ऐसे ऐसे हरकत कर रहा है.. लेकिन उसको तोह पता हे नहीं मई भूतनी है... ये तोह मेरा पूरा दीवाना हो गया है..

संजू ऐसे हे सुंदरी के नाम की मुट्ठ मारते हुए... अपने लुंड की पेचकारिया निकलने लगा... जो इनविजिबल रूप में वह कड़ी सुंदरी में जाकर पड़ा....

सुंदरी एक पल के लिए भूल हे गयी की वह आत्मा है.... और उसको लगा की सच में उसपर संजू का स्पर्म पड़ेगा और उसने आंखें बंद कर ली... और अपने जिस्म से गुज़रने वाले संजू के उन वीर्य की गर्मी को महसूस करने लगी...

सुंदरी -- काश की मई जिन्दा... होती.... क्या गरमागरम वीर्य है उफ्फ्फ......

संजू का वीर्य सुंदरी की आत्मा से होकर गुज़रा और जाके दिवार पे जा लगा... और दीवार पे वीर्य के छींटे पद गए...

संजू -- हस्सस.... हास्स्स्स..... अब जाके आराम मिला है... एक बार उस सुंदरी की नए भी मिल जाए तोह मजा आ जाये... लेकिन... पता नहीं ये दिन में कहा चली जाती है बस रात को हे आती है.. पता नहीं ये क्या माज़रा है...

संजू ने अब अपनी चड्डी ऊपर चढ़ा ली और कपडे पहनने लगा...

सुंदरी - इसका वीर्य इतना गरम है... इसके मेरे जिस्म पे छूने से हे मेरे तन बदन में गर्मी... आ गयी... इसको चख के देखती हु...

सुंदरी ने दिवार पे लगे वीर्य के चेतो को अपनी जीभ से चाट के टास्ते किया... जैसे की कंचना मूवी में भूत ब्लड को चाट ता है...

सुंदरी -- वाओ... कितना टेस्टी है...

सुंदरी को संजू के लुंड का पानी बहुत जयादा स्वादिस्ट लगा... उसने एक के बाद एक करके दिवार पे लगे सभी वीर्य को चाट के साफा चाट कर दिया....

और संजू को बड़े प्यार से देखने लगी...

सुंदरी -- मई तोह इस आदमी को डरना चाहती थी... ताकि ये यहाँ से भाग जाए... लेकिन इसने आते हे मेरी तारीफ़ की... मेरे खाने की तारीफ की मेरे हाथो को चाट चाट के मेरा बनाया खाना खाया.. तोह मैंने अपना इरादा बदल दिया... लेकिन कल इसकी हरकत से मुझे इसपर गुस्सा आ गया मैंने तोह आज की रात इसको डरने का सोच हे लिया था लेकिन नहीं अब नहीं... अब इसको यही रहना होगा... तभी मुझे इतना स्वादिस्ट पानी ( स्पर्म) मिलेगा..

ये तोह वैसे भी मेरा दीवाना बन बैठा है.. इसको सीसी में उतरने में जयादा टाइम नहीं लगेगा...

अब आगे आगे देखो साहब जी होता है क्या... ( चुड़ैलों वाली हसी हस्ते हुए.. ) लेकिन उसकी बातें इनविजिबल होने के कारन संजू को सुनाई नहीं दे रही थी...

संजू -- चलो.. रेडी तोह मई हो गया... अब चलता.. हु... हरिया काका भी वेट कर रहे होंगे.

संजू वह से निकल के हरिया के पास चला गया.. फिर वह दोनों खाना खाने के लिए हरिया के घर चल पड़े...

इधर सुंदरी... भी राजू के रूम से उड़ते हुए अपनी जगह पे चली गयी जहा वह रहती थी... सुंदरी 1सत फ्लोर के सबसे कोने में बने कमरे में रहती थी... जिसको अभी 3 आदमी अभी खोलने जा रहे थी साफ़ सफाई के लिए...

सुंदरी - ये लोग मेरे कमरे के बहार क्या कर रहे है..

आदमी 1 -- नहीं खुल रहा है य्र्र लगता है जैम हो गया है..

आदमी 2 -- ऐसे कैसे नहीं खुलेगा.. रुक मई देखता हु...

no 2 ने दया की स्टाइल में दरवाजा तोड़ने की कोशिश की... लेकिन... कुछ फायदा नहीं हुआ...

आदमी 3 -- ारी यार ये तोह खुल हे नहीं रहा.

सुंदरी -- करो करो..... बीटा म्हणत करो ये मेरा कमरा है मेरी मर्जी के बिना नहीं खुलेगा..

आदमी 1- ये हवेली भूतिया है... नहीं खुल रहा तोह रहन दो... अगर खुल गया और अंदर से कोई भूत निकल आया तोह क्या होगा... इस से अच्छा है की रहने दो.. चलो यहाँ से कोई दूसरा कमरा देखते है

2&3 -- है है सही कह रहा है..

लेकिन संजू साहब को क्या कहेंगे.

आदमी 1 - उनको बता देंगे की ये कमरा खुला हे नहीं...

सुंदरी - ारी ये तोह मैंने सोचा हे नहीं अगर संजू को पता चला की ये रूम नहीं खुला और इस रूम की साफ़ सफाई नहीं हुई तोह क्या होगा.. चलो खोल देती हु ये कमरा कर लेने दो इन सबको सफाई...

रूम का दरवाजा अपने आप हे खुल गया...

आदमी 1 - ारी ये तोह खुल गया...

2&3 -- भागो... भूत आ गया..

तीनो अचानक से रूम के खुलने से दर गए और भूत भूत चिल्लाते हुए... हवेली से भागने लगे... उनकी आवाज़ सुन के बाकि सभी भी डर गए और उनके साथ हे हवेली से भाग खड़े हुए...

इधर संजू और हरिया रस्ते में हे थी.. की इतने सारे लोगो को भूत भूत करते हुए छीलते हुए हवेली के रस्ते से आता देख वह दोनों भी रुक गए...

हरिया उन लोगो को देख के

हरिया - ारी ये तोह वही है जिनको हवेली साफ़ करने को कहा था मैंने लेकिन ये सब भूत भूत करते हुए कहा भाग रहे है..

हरिया - क्या हुआ... तुम सब ऐसे डरे हुए भाग क्यों रहे हो...

आदमी 1 अपनी धोती संभालते हुए - ारी क्या हरिया काका तुमने तोह कहा था की दिन में कोई खतरा नहीं है... लेकिन वह भूत तोह दिन में भी आ गया...

हरिया -- क्या मतलब है तुम्हारा...

फिर उस आदमी ने सब बता दिया..

हरिया - ारी इसमें इतना डरने की क्या बात है.. तुम्हे कोई नुक्सान तोह नहीं पंहुचा न..

आदमी 2- तोह क्या हम उसके नुक्सान पहुंचाने का इंतज़ार करते...

आदमी 3 - हमें बक्श दो... हम अब वह काम नहीं कर पाएंगे... अगर आपको पैसे नहीं देना है तोह भी मत do...hum कुछ नहीं कहेंगे लेकिन दोबारा उस हवेली में हमे जाने को मत कहना... हमसे न होगा अब...

वह सभी आदमी वह से अपने अपने घर की तरफ चल पड़े..

हरिया -- ये क्या हो गया...

संजू -- काका अब तोह बाबा का आना जरुरी हो गया है... आपको कल सुबह हे उनको लाने के लिए निकलना होगा....

हरिया -- हां... बीटा तुम ठीक कहते हो...

फिर उसके बाद वह दोनों हरिया के घर चल पड़े...

हरिया के घर पे जाने पे पता चला की अभी मल्टी नहाने गयी है... उसको आने में टाइम था तब तक हरिया संजू को अपना घर दिखाने लगा...

हरिया संजू को लेकर अपने छत्त की साइड ले गया... और वह से अपने छत्त का व्यू दिखने लगा..

संजू -- बहुत सुन्दर है..

हरिया फिर अपनी चोदम पट्टी की कहानी सुनाने लगा... की ये घर को ऐसा सुन्दर नज़ारा देखने के लिए बनाया गया है वगेरा वगेरा... लेकिन संजू का मूड उसकी इन फालतू बातून को सुन ने का बिलकुल भी नहीं कर रहा था.. इसलिए.... उसने हरिया को कहा..

संजू -- हरिया काका.. वह मुझे बाथरूम उसे करना था.. कहा पे है...

हरिया -- अब बीटा हम तोह है गांव के लोग बाथरूम वगेरा हमारे यहाँ नहीं होते... तुम्हे अगर मूट आयी है तोह घर के पीछे साइड या बगल में जाके कर लो और अगर हग्गु आयी है तोह फिर लोटा लेके नदी की तरफ या जंगल में कुए की तरफ चले जाओ...

हरिया की बातें सुनकर संजू का दिमाग भन्ना गया...

संजू ( मैं में) -- ारी साला.. ये क्या हो गया रे.... यहाँ तोह मूतने के लिए... भी बहार जाना पद रहा है.... वह तोह धन्यवाद हो की उस हवेली मई बाथरूम है... वर्ण तोह मुझे बार बार बहार जा जेक मूतना हगना पद जाता...

हरिया -- किस सोच में डूब गए बीटा...

संजू -- कुछ नहीं बीएस यही सोच रहा था की ते... माँ... क... च... टी....

हरिया -- क्या कहा बीटा मई समझ नहीं पाया..

संजू -; तुम्हारे मकान की छत्त तगड़ी है..

हैया -- हां हां बीटा वह तोह है....

संजू -- ठीक है मई आता हु... मूट हग के..

हरिया - है जाओ जाओ बीटा... आराम से...

संजू वह से निकलने लगा... और सीडियो से नीसह उतरने लगा..

सिद्दियों से जैसे हे संजू उतर रहा था उसको घर के मैं गेट से अंदर आती हुई मल्टी दिखी जो की अपने बदन पे गीली साड़ी लपेटे हुए घर में दाखिल होने लगी...

संजू (मैं में) -- ये तोह मल्टी काकी है.. बदन पे गीली साड़ी इसका मतलब नाहा के आ रही है.. और अभी साड़ी बदलेंगी.. मतलब की पहले ये गीली साड़ी उतरेंगी और फिर दूसरी सुखी साड़ी पहनेंगी.. और यहाँ इनके घर में तोह कोई भी बाथरूम नहीं है तोह इसका मतलब साफ़ साफ़ है की ये अपने कमरे में साड़ी बदलेंगी...

तोह क्यों न चला जाए... और छुप के इनके नंगे बदन का दीदार किया जाए...

ये सोचते हे संजू जल्दी से सीडियो से नीचे उतरा और बिना आवाज़ किये चुपचाप हरिया और मल्टी के खली बैडरूम में घुस गया ...

संजू -- ारी य्र्र मल्टी काकी तोह आ हे रही है कहा छिपु.... एक काम करता हु उस अलमारी के पीछे चुप जाता हु...

संजू ने जल्दी से जाके अलमारी को थोड़ा सा और आगे खिसकाया और उसके पीछे जेक छुप गया...

अलमारी से झांक के संजू देखने लगा...

थोड़ी हे देर में कमरे में किसी की आने की आहात हुई... संजू ने अपने आप को अलमारी के पीछे कर लिया... और पूरी तरह से छुप गया...

संजू ने फिर से थोड़ी हिम्मत करके झाँक के देखा सामने मल्टी कड़ी थी और दरवाजा बंद कर रही थी...

संजू -- हाय... क्या लग रही है भीगी साड़ी में मेरे बच्चो की माँ उम्मा😘😘

हाई..😍😍😍 क्या भीगा नशीला बदन है... अभी परदे में है तोह इतना आकर्षक लग रहा है... अगर ये पर्दा हैट गया तब क्या होगा.. 🥰

राजू ( फुसफुसाते हुए) --

पर्दा नाशी तुझ सी हँसी कोई नही इस जहां में हसीं .

तू जलवा दिखा दे...

बता दे ... न छुपा रे...

अब बहाने न बना...

हटा दे हटा दे पर्दा हटा...

दिखा दे दिखा दे चूचिया दिखा.. 😍🥰😘

मल्टी... दरवाज़ा बंद करके अनादर आ गयी और आगे बढ़ते हुए अलमारी की तरफ बढ़ने लगी...

संजू (गांड फट ते हुए) मैं में

-- ारी ये इधर क्यों आ रही कही इसने मुझे देख तोह नहीं लिया... अब क्या होगा....

अब तोह बस लुंड हे मालिक है.. जय लुंड बाबा की .....

मल्टी अलमारी के पास आकर रुक गयी...

संजू (मैं में) --लगता है सच में इसने देख लिया...

मारा मारा मारा मारा की माला जपने लगा

तभी

मल्ली ने हाथ बढ़ाते हुए अलमारी का दरवाजा खोला... और वह से कपडे बहार निकलने लगी...

संजू ( मैं में) -- हास.. बच गया... तोह ये मेरी बर्चोढी मल्टी डार्लिंग अलमारी से कपडे लेने आयी थी... मई तोह खामखा डर गया था.. 😅

मल्टी ने अलमारी से एक पेटीकोट पंतय ब्लाउज और साड़ी निकल ली...

और अपने बीएड के पास आ गयी... और बीएड पे अपने कपडे रखे और अब अपने गीले कपड़ो को एक एक करके अपने जिस्म से उतरने लगी..

संजू ( फुसफुसाते हुए) -- हां हआ.. उतार... उतार.. जल्दी उतार..

मल्टी ने सबसे पहले अपनी गीली साड़ी को अपने हाथ से पकड़ा और उसको उतारने लगी..

जैसे हे साड़ी मल्टी के पेट से और ब्लाउज के उप्पर से हटी...

संजू की आंको में दिल बन gya..😍😍😍😍uska मुँह खुला का खुला रह गया...

मल्टी का भीगा... पेट इतना आकर्षक और गोरा था जैसे कोई सफ़ेद दूध.... से अभी अभी नहाया हो.... उसका पेट थोड़ा सा निकला हुआ था जो उसके खूबसूरत बदन की शोभा बढ़ा रहा था... उसके पेट पे नीचे की तरफ जो एक गहरी बड़ी सी गड्ढे नुमा नाभि थी वह उसके पेट की खूबसूरती में चार चाँद लगा रही थी...

संजू -- है.... क्या पेट है इसका बिलकुल गोरा... दूधिया रंग का... मैं करता है चुम जाओ इसके पेट को और इसके पेट की वह गहरी नाभि आआहहहा.... कसम से क्या लग रहा है... मैं करता है जेक पहले इसकी नाभि में अपना लुंड घुसा घुसा के इसका पेट पहाड़ दू....

मल्टी ने अब अपने कमर पे बंधी साड़ी को उतारने लगी...

साड़ी निकलने के बाद.. मल्टी ने अब अपनी ब्लाउज निकलने के लिए अपने हाथ को ब्लाउज पे ले जाकर ब्लाउज के बटन पे रख दिए और ब्लाउज के बटन को एक एक कर के खोलने लगी..

जैसे जैसे मल्टी के ब्लाउज का एक एक बटन खुलने लगा.. वैसे वैसे संजू के दिल का धड़कन बढ़ने लगा...

मल्टी ने साड़ी बटन खोल दिए... अब बारी थी.. ब्लाउज को पकड़ के निकलने की...

मल्टी ने जैसे हे ब्लाउज को अपने चूचियों के ऊपर से हत्या...

संजू का मुँह खुल गया और उसके मुँह से लार टपकने लगी ... वह मल्टी के चूचियों को नहीं बल्कि जन्नत के दरवाज़े को देख रहा हो इस तरीके से मल्टी के चूचियों को देखे जा रहा था...

संजू -- क्या... चूचियां है... इसके... जैसे चूचियां... मैंने आज तक कभी नहीं देखि..

कितने गोर गोर अपने वजन के कारन लटके हुए भरी भरकम चूचे... और इनके ऊपर लगा ये भूरा रंग का निप्पल.. देखो तोह जरा ऐसा लग रहा है जैसे दूध के सागर में ालपनलेबे का कोई टापू बना हो... इसके इन दोनों ालपनलेबे को जब मई अपने मुँह में भर के चूसूंगा तोह कितना मजा आएगा...

मल्टी ने अब अपने ब्लाउज को उतारने के लिए अपने हाथ को सीधा ऊपर की तरफ करके निकलने लगी... जिसके कारन उसके एआरएम दिख गए साथ हे साथ अंडरआर्म और उसके साथ उन अंडरआर्म के भीतर अपनी सुंदरता छुपाये बैठे मल्टी के कांख के हलके भूरे हलके काले बाल संजू को अपना दर्शन देने लगे...

संजू --उफ्फ्फ्फ़........ क्या... 😘umaa😘umaa😘umaa .... क्या... कहु... य्र्र मई... जितनी मल्टी की तारीफ करू उतनी काम है... ये हरिया... साला.. कितना खुसनसीब है... उसके पास दुनिया की सबसे खूबसूरत औरत है... अगर एक बार भी मुझे इसके कांख के बाल छूने और छठे मिल जाए... तोह मई खुसी खुसी.. अपनी साड़ी प्रॉपर्टी भी देने को तैयार हो जाओ य्र्र... क्या घने बाल है... मैं करता है जेक पकड़ लू इसकी ब्याह और इसके कांख के बालो को अपने मुँह में भरके... उनका सारा रास पी जाओ...

मल्टी ने अब अपनी ब्लाउज उतर दी और सुखी हुई ब्लाउज को पहन लिया...

अब मल्टी ने अपनी पेटीकोट का नाडा ढीला किया.... और नाडा खुलते हे मल्टी ने अपने बदन से चिपकी हुई गीली पेटीकोट को उतरना शुरू किया..

तभी संजू अलमारी के पीछे से बहार आ गया और जाकर मल्टी को पीछे से अपनी बहू में जकड लिया....

मल्टी -- ारी क्या कर रहे हो छोडो न... कही भी सुरु हो जाते हो... कपडे तोह पहन लेने दो... फिर खाना भी लगाना है...

संजू ने मल्टी की बातों का कोई जवाब नहीं देते हुए अपने एक हाथ को धीरे से मल्टी के बदन पे फिराते हुए उसके कोमल चिकने पेट की तरफ ले गया और अपने हाथ से मल्टी के पेट को सहलाने लगे...

मल्टी -- अब ये क्या कर रहे हो... जरा भी सब्र नहीं होता न तुम्हे... गंदे कही के..

संजू मल्टी की बातों को अनसुना कर.... अपना दूसरा हाथ भी आगे ले जाते हुए मल्टी के ब्लाउज के ऊपर से उसके एक चूची पे अपना हाथ फिराने लगा..

मल्टी -- ये क्या कर रहे... हो... मुझे गुदगुदी हो.. रही.... आअह्ह्ह.. छोडो.. न.. आज से पहले तोह कभी मेरे दूध पे ध्यान नहीं गया तुम्हारा आज कैसे...

संजू बिना कुछ बोले मल्टी के चुकी पे अपने हाथ को कसने लगा और पकड़ लिया...

मल्टी -- आठ..... क्या... है... ये हरकत.... आज सुबह सुबह हे मुझे दर्द देने का सोच रखा है क्या तुमने..

संजू चुपचाप... अपने काम में हे लगा रहा...

संजू ने अब ब्लाउज के ऊपर से हे मल्टी की चुकी को पकड़ के मसलना सुरु कर दिया...

मल्टी -- ाः... क्या कर रहे हो... दर्द हो रहा है... आअह्ह्ह.... छोडो न... मेरे... चूचियों को... आअह्ह्ह...

संजू बिना रुके मल्टी के चूचियों को दबाये जा रहा था और एक हाथ से मल्टी के पेट को सहलाये जा रहा था... पेट को सहलाते सहलाते संजू का हाथ मल्टी के नाभि के पास पहुंच गया...

संजू मैं में..( आठ.... क्या गहरी नाभि है... इसमें तोह ऊँगली घुमानी पड़ेगी न रे बाबा)

संजू ने अपनी सबसे छोटी वाली ऊँगली को मल्टी के नाभि की गहरायी नापने के काम में लगा दिया....

मल्टी -- आअह्ह्ह्ह... आजजज.. क्या हो गया है तुम्हे.... तुम तोह लगता है आज मुझे पागल कर डोज..... ुह्ह्ह्ह...... कितना ाचा लग रहा है... और.... करो... करते रहो...

मल्टी अपने दोनों हाथो को पीछे ले जाकर संजू के बाल सहलाते हुए अपनी तरफ से खुली छूट दे रही थी की आ जा कर ले जो भी करना है मेरे साथ... मई भी प्यासी हु...

संजू ने अब ब्लाउज के ऊपर से मल्टी के निप्पल्स को पकड़ लिया और जोर से दबा दिया

मल्टी -- आआआहहहहहहह... आराम आर्म से दबाओ न.... इतनी जोर से क्यों दबाया दर्द हो रहा मुझे...

लेकिन संजू ने मल्टी की बात पर ध्यान न देते हुए उसके निप्पल को ब्लाउज के ऊपर से हे पकडे हुए बाहर की तरफ अपना सारा जोर लगा के खींचने लगा...

मल्टी बड़ी हे जोर से चिल्लाते हुए --; aaaaaahhhhhhhhhhhhh....... माआआ......... मारर.... ... गयी.... बहुत दर्द हो रहा है....

हटाओ वह से अपने हाथ हटाओ....

संजू ने तब भी उसके निप्पल्स को नहीं छोड़ा... और दरवाज़े के खटखटाने की आवाज़ हुई...

जिस से संजू का सपना टूट गया...

और उसने सामने देखा... तोह मल्टी साड़ी पहन चुकी थी...

संजू ( उदास मैं से) -- हट य्र्र... मेरे साथ हे ऐसा क्यों होता है... मैंने मल्टी की बुर देखना मिस कर दिया इस सपने के वजह से...

लेकिन कुछ भी कहो सपना था बड़ा मस्त.. खास की सच में ऐसा हो पता...

अब ये दरवाजा कौन पीट रहा है..

मल्टी ने साड़ी बदल ली थी... और अब दरवाजा खोलने चली.. गयी...

दरवाजा खुलते हे हरिया आ गया..

हरिया -- ारी तुम आ गयी नाहा के

मल्टी -- जी मई तोह कब का नाहा के आ गयी..

हरिया -- अच्छा तुमने संजू बीटा को देखा कही

मल्टी -- नहीं तोह... क्यों क्या हुआ कहा गए है वह...

हरिया -- कुछ नहीं... सिड उनको हग्गु आयी होगी.. इसलिए वह जंगल की तरफ गए होंगे...

मल्टी -- अच्छा... वह आ जायेंगे आप टेंशन मत लीजिये....

हरिया - टेंशन कैसे न लू.. कल उनको जंगल की वह चुड़ैल रात में दिखी थी..

मल्टी -- क्या...

हरिया -- हआ..

मल्टी -- फिर उसने संजू को जिन्दा कैसे छोड़ दिया मैंने तोह सुना है की... वह किसी को भी नहीं छोड़ती..

हरिया -- पता नहीं... ये क्या हो रहा है... कोई भी भूत भूतनी चुड़ैल डायन उसको कुछ नुक्सान नहीं पहुचायी है अब तक...

मल्टी - लगता है कुछ स्पेशल है संजू में..

हरिया - पता नहीं... अच्छा... वह सब छोडो चलो जल्दी से खाना निकल दो... संजू भी आता होगा.

मल्टी -- जी... आप हाथ मुँह धो के बैठिये.. मई तब तक कपडे सूखा के आती हु... तब तक क्या पता संजू भी आ जाये...

हरिया - हां ठीक है..

हरिया वह से चला गया हाथ मुँह धोने... मल्टी भी अपने गीले कपडे सुखाने चली गयी...

उन दोनों के जाने के बाद संजू अलमारी के पीछे से निकला और चुपचाप जाकर खाने के लिए बैठ गया...

हैरया -- ारी संजू बीटा तुम कब आये और कहा चले गए.. थी..

संजू -- वह मई बस थोड़ा घूम रहा था गांव में...

हरिया -- अच्छा... तुम भी हाथ मुँह धो लो..

संजू -- जी..

संजू भी हाथ मुँह धो के आ गया...

मल्टी भी कपडे सूखा के आ गयी...

मल्टी -- ारी संजू बीटा तुम आ गए...

संजू -- है माँ... मई आ गया.. आपको फिर से माँ बनाने...

मल्टी -- है... तेरे मुँह से अपने लिए माँ सुनके कितना अच्छा लगता है मई बता नहीं सकती...

संजू - सच माँ..

मल्टी -- हां.. बीटा... सच में..

हरिया - बीएस बीएस.... अब खाना भी लगाओ.. यहाँ पेट में चूहे दौड़ रहे है और तुम दोनों माँ बेटे का प्यार खतम हे नहीं हो रहा...

मल्टी -- तुम क्या जानो माँ बेटे का प्यार...

हरिया -- हां.. हां.. मई कहा जानूंगा... मई माँ थोड़ी हे न हु.. 😅

सब हसने लगे...

मल्टी खाना लगाने लगी...

खाना परोसते समय मल्टी जब झुकी तब उसके छाती से लटकती 2 बड़ी बड़ी दूध की घातिया संजू को साफ़ साफ़ नज़र आने लगी...

संजू ( मैं में) -- ओह्ह्ह... तेरी... ये तोह मेरा पीछा हे नहीं छोड़ रहे... लगता है इनका भी मैं मेरे हाथ से दबवाने का हो रहा है...

वैसे कमाल तोह है य्र्र.... बीएस आज भर कैसे भी काट लो... मेरे जवानो कल से तुम दोनों को इस शेर के हाथो ढेर होना है.. संजू कुटिल मुश्कुराहट अपने चेहरे पे लाते हुए...

मल्टी -- क्या हुआ बीटा..

संजू -- कुछ नहीं.. माँ वह मेरे दोस्तों की याद आ गयी थी... 2 लोग है वह मई जब भी खाना खता हु... मुझे परेशां करने लगते है... तोह बस उनकी याद आ गयी और मेरे चेहरे पे मुश्कान आ गयी...

मल्टी -- ओह्ह... अच्छा... ऐसी बात है.

संजू -- हां..

खाना खाने के बाद....

हरिया और संजू जब हवेली की तरफ जाने को हुए... तभी... हरिया ने

हरिया -- सुनो मल्टी... मेरे कपडे पैक कर देना...

मल्टी-- क्यों... आप कही जा रहे हो क्या...

हरिया -- हां.. कल सुबह हे निकलना है संजू के काम से हे जा रहा..

मल्टी -- अच्छा... लेकिन... फिर... मई घर पे अकेली हो जाउंगी और रात को अगर दर लगा तोह...

हरिया -- तुम चिंता क्यों करती ho...ek रात की हे तोह बात है..

मल्टी -- पर मुझे तोह रात को डर लगता हे है.. तुम्हें तोह पता हे है...

हरिया कुछ बोलने हे वाला था की तभी उसकी बात को काट ते हुए... संजू बोल बैठा...

संजू -- ोूहू... माँ आप चिंता क्यों करते हो आपका ये बीटा है न.. मई रुक जाया करूँगा रात को आपके साथ... अब खुस...

मल्टी-- है ये ठीक रहेगा.

हरिया -- है... बीटा तुम रुकोगे तोह मुझे भी अच्छा लगेगा.. की घर में कोई तोह है... एक मर्द... और मुझे भी हिम्मत रहेगी और मई निश्चिन्त होकर जा पाऊंगा..

संजू -- आप टेंशन मत लीजिये... मई यहाँ रुकूंगा और मल्टी माँ का पूरा अच्छे से ख़याल रखूँगा....

मल्टी -- है... मेरा बीटा... कितना ख्याल रखता है अपनी माँ का..

संजू के गाल पे चुम्मा देते हुए... उमा 😘😘

हरिया -- वाह.... पति को तोह आज तक छुआ भी नहीं और बेटे के आते हे उसको चुम्मा दे डाला..

मल्टी -- हां. तोह.... क्या... वह मेरा बीटा है...

हरिया... -- ठीक ठीक...

सब हसने लगे..

हरिया और संजू फिर से हवेली के लिए निकल गए...

हरिया -- संजू बीटा... अब तोह सारे साफ़ सफाई करने वाले भी भाग गए है... अगर तुम अकेले रहोगे तोह हो सकता है.. की. वह भूतनी दिन में भी तुम्हे वह अपने होने का आभास कराये...

संजू -- हां.. हो सकता है काका...

वैसे काका... क्या मुझे सुंदरी की फोटो देखने को मिल सकती है

हरिया -- वह क्यों...

संजू - क्यों की मई कन्फर्म करना चाहता हु.. वैसे तोह मैंने देखा था आपके घर में सुंदरी की फोटो दिवार पे लगी हुई...

हरिया -- कब...

संजू -- कल हे रात को...

हरिया- लेकिन ऐसा कैसे हो सकता है... हमारे घर में तोह मेरी बुआ सुंदरी की कोई भी तस्वीर नहीं. है...

संजू -- क्या...

तोह क्या... इसका मतलब...

हरिया -- तुम क्या बोलना चाह रहे हो..

संजू -- मई ये कहना चाहता हु की..

क्या जो हवेली में सुंदरी बन के घूम रही है क्या वह सच में आपके बुआ की आत्मा है या कोई आपके बुआ के नाम को इस्तेमाल कर के अपना उल्लू सीधा करने की कोशिश कर रहा है

हरिया -- बीटा ये हो भी सकता है..

संजू -- इस बात का पता करने का एक तरीका है..

हरिया -- क्या...??

संजू -- देखिये... हरिया काका आपके अलावा आपकी बुआ को और कोई नहीं जानता...

हरिया -- हां...

संजू -- तोह आज रात को आप चुपचाप छिप के मेरे साथ हवेली चलेंगे... और वह ये कन्फर्म करेंगे की जो औरत या भूत वह सुंदरी होने का दवा करती है क्या वह सच में सुंदरी है या कोई और...

बहुत न नुकुर करने के बाद संजू के बार बार मानाने पे हरिया आखिरकार मान हे जाता है..

हरिया-- ठीक है बीटा...

अब हरिया और संजू हवेली के पहुंच जाट है...

दिन भर हरिया संजू के साथ रुक के उसको कंपनी देता है....

फिर दोनों शाम को हवेली से निकल के हरिया के घर आ जाते है...

मल्टी ने खाना परोसा...

खाना खाने के बाद...

संजू ने हरिया के साथ उसके पुरे घर का एक बार टूर किया... और उस तस्वीर को ढूढ़ने लगा... और आखिर कार वह तस्वीर मिल गयी...

संजू -- काका... मई इस तस्वीर की बात कर रहा था.. मुझे मिल गयी सुंदरी की तस्वीर...

हरिया --ये कैसे हो सकता है... जब के हमारे घर में तोह बुआ की कोई तस्वीर हे नहीं है..

संजू -- ारी यहाँ आके देखिये न यही है..

हरिया उस तस्वीर को देख के चौक गया...

हरिया -- क्या..... ये.... औरत है वह जिसकी आत्मा उस हवेली में घूम रही...

संजू -- हां... लेकिन आप इतना शॉक क्यों हो रहे हो आपकी हे बुआ है न ये...

हरिया ( चिल्ला के..) -- नहीं.... ये औरत मेरी बुआ हरगिज़ नहीं है...

संजू -- तोह फिर कौन है ये...

हरिया -- ये... तस्वीर यहाँ कैसे आयी...

मल्टी.... मल्टी....

मल्टी -- जी आयी...

हरिया -- ये तस्वीर यहाँ हमारे घर में कैसे... आयी...

मल्टी -: वह 2 दिन पहले एक बुढ़िया आयी थी भीक मांगने ये तस्वीर मैंने उसके पास देखि थी... उसने मुझे कुछ खाने को देने को कहा और फिर जब मई खाने का लेके बहार आयी तब तक वह जा चुकी थी...

हरिया -- इसका मतलब साफ़ है... की वह आ चुकी... है...

मल्टी -- कौन आ चुकी है आप किसकी बात कर रहे है...

हरिया -- वही जिसको आना नहीं चाहिए था...

वह बहुत खतरनाक है...

संजू -- कौन.. वह... और उसका इतिहास क्या है मुझे भी बताइये...

हरिया -- ठीक beta...mai तुम्हे सब कुछ bataunga...lekin वडा करो उसके बाद तुम अब उस हवेली में वापस जाने की ज़िद्द नहीं करोगे...

संजू -- ये आप कैसी बात कर रहे है...

हरिया -- मई तुम्हारे भले के लिए हे बोल रहा hu...kyu की तुम नहीं जानते की वह क्या चीज़ hai...woh एक बूढी चुड़ैल हुआ करती थी... और लोगो को मार कर उनका खून पी कर अपने आप को जवान बनाये रखती थी... लेकिन हमारे ठाकुर सुरेंद्र सिंह ने उसको पकड़ा लिया और उसको बीच चौराहे पे जलवा दिया... जिसके कुछ साल तक तोह सब ठीक रहा .... लेकिन ये तस्वीर देख के तोह साफ़ साफ़ पता चल रहा है की वह आ चुकी है.. अपनी मौत का बदला लेने...

संजू -- क्या.......

हरिया -- मई तोह कहता हु बीटा तुम ये हवेली को बेचने वगेरा का चक्कर छोडो और चुपचाप अपनी जान बचा के कल हे सुबह की बस पकड़ के निकल लो वापस सेहर...

संजू ( डरते हुए) -- हां... काका आप सही कहते हो... मई कल हे निकल जाऊंगा...

हरिया -- आज रात तुम यही रुक जाओ...

संजू -- जी काका.

संजू आज रात वही रुक गया...

बाकि नेक्स्ट अपडेट में...

अब आगे क्या होगा... संजू अब क्या करेगा... क्या संजू सचमुच यहाँ से सेहर चला जायेगा... अपने अपने विचार व्यक्त करे... 🫴
 
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