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संजू - है... ये चंदा कितनी खूबसूरत है....
संजू से अब भी कण्ट्रोल नहीं हुआ और वोह रुकने की जगह चंदा पे चढ़ाई करते हे जा रहा था...
संजू अब चंदा के चेहरे पे आ रहे बालो को हटाने लगा...
संजू के ऐसे छुअन ( टच) से चंदा नींद में हे संजू का हाथ पकड़ के हटा देती है...
संजू चंदा के ऐसे हरकत से कुछ पल रुक गया..
संजू ( मैं में ) - कही ये जाग तोह नहीं गयी...
चेक करके देखता हु...
संजू ने उसको थोड़ा सा हिला के देखा... लेकिन चंदा ने आँख नहीं खोली....
संजू - इसका मतलब की नहीं जाएगी है अभी...
संजू अब चंदा के
संजू - ऊऊफफफफ.... ❤ क्या उठ
आज ये संतरे का सकीं तेरे इन होठो
संजू ने अपने उठ
चूमते चूमते..... संजू को होश हे नहीं रहा और वोह चुम्मे में च्यवनप्राश ढूढ़ने में खो गया
इधर बेचारी चंदा इन सब बातों से अनजान
अपनी साँसों के फूलने से परेशान....
अपनी आंखें खोल के देखते हे हो गयी हैरान..
खुलते हे आँख दिखा उसे अपने ऊपर चढ़ा एक पहलवान...
नाम था संजू... था वोह गबरू नौजवान
संजू तन्मयता से चंदा के ूठो
संजू ने जब चंदा को देखा की वोह जाग चुकी उसकी नींद अब भाग चुकी है...
तोह संजू ने उसके ूठो
संजू के उठ हटते हे.... चंदा घेरि घेरि सांस खींचने लगी....
संजू भी हाफने लगा..
चंदा लम्बी लम्बी सांसें खींचते हुए संजू को देखे जा रही थी..
संजू ( मैं में) - अब क्या करू... ये तोह जाग गयी.... अब क्या किया जाए...
चंदा.... - तुम....
चंदा ने बस इतना हे बोलै था की...
संजू ने अपने हाथ की ऊँगली उसके ूठो