अडुल्टेरी 𝐁𝐡𝐨𝐨𝐭 𝐤𝐢 𝐦𝐚𝐚 𝐤𝐢 𝐜𝐡𝐨𝐨𝐭 🥰 - Page 27 - SexBaba
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अडुल्टेरी 𝐁𝐡𝐨𝐨𝐭 𝐤𝐢 𝐦𝐚𝐚 𝐤𝐢 𝐜𝐡𝐨𝐨𝐭 🥰

ऐसे hi बाते करते हुए वो सब अपने घर पहुंच गए…

 गोलू का घर काफी बड़ा tha…pahuchte hi सास ने आरती उतर कर गाड़ी से बहार ले कर aayi..vaha काफी भीड़ भाड़ थी…

दरवाजे पर चावल के ऊपर लोटा रखा हुआ था..

 जिसे मोनिका ने अपने पेअर से लुढ़का कर अंदर गृह प्रवेश किया…

सास की आगे लगभग 60 साल के आस पास की लग रही थी.


जिसने जगा दी संजू के दिल में एक आस.... 🥰

तोह चलिए मिलते है

हमारी प्यारी.... सबकी प्यारी.... लुंड की दुलारी...

सास से😁



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अगर ऐसी हो सास तोह बढ़ जाती है प्यास..

मुझे भी चाहिए ऐसी सास जो भुजा दे मेरे दिल की प्यास.... तोह बोलो तारा रा रा ...





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चंदा की सास को देख दिल में एक श्यारी बहुत जोर से आयी.... तोह दिल ने कहा आपको भी सुना दू...

ो. चंदा की सास....

तुझसे है मुझे बड़ी आस...

क्या बुझा डौगी तुम मेरे दिल की प्यास...

क्युकी है तेरे पीछे 2 बड़े बड़े अस्स..

जो की चलते टाइम होते रहते है आस.. पास

ो चंदा की सास.. आ न भुजने मेरी प्यास.. तुझे कर दू मई बिना चेक के पास ....

चल अब न कर मेरे लुंड को निराश...

खोल के चोली बत्ती बुझा के चूस ले मेरा लौड़ा बड़ी खास.. खास..

ू चंदा की सास..

तुझसे है मुझे बड़ी आस...

मुझको न तू करना निराश....


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सभी दुल्हन को एक कमरे में ले gayi….thodi hi देर में वह पर लेडीज का मेला लग gaya…Monika अभी इस समय घूँघट में thi…kyon की दुल्हन का चेहरा पहली बार मुँह दिखाई की रस्म के समय hi देखने को मिलता है.

दिन भर सब का वह आना जाना लगा raha…sanju भी लड़की बना उनके साथ बैठा raha…jo भी मोनिका को छेड़ती मज़ाक me..to संजू भी हसी मजाक करते हुए कभी उनकी चुकी तो कभी गांड मसल देता.

एक aurat—mayke से क्या क्या मिला है…?

सास (मुँह बना kar)—kuch नहीं mila....Golu के बापू ने तो मेरा लड़का डुबो diya...kahi और शादी होती तो न जाने कितना milta...kitne hi रिश्ते उन्होंने ठुकरा diye...aur इस भिखारिन को यहाँ ले aaye...mera बस चलता तोह मई तोह करती हे न इसके साथ अपने लड़के की शादी लेकिन इसके बापू ने बचपन में रिश्ता जोड़ दिया था…

Geeta—sahi कहती हो mummy...maine सोचा था की ये दहेज़ में 8-10 तो काम से काम लाएगी hi..magar एक फूटी कौड़ी भी नहीं मिली हमें to..sach में भिखारी hi है इसकी maa..hhuunnnhh

दूसरी aurat—mere लड़के की शादी में तो 25 लाख मिले हैं साथ में एक कार, टीवी, कूलर, फ्रिज, डबल बीएड, बर्तन और पता नहीं कितना सामान आया है बहु के मायके se...bartan तो इतने आये हैं की पूरा कमरा hi भर गया..

Saas—hamari तो किस्मत hi फुट फुट गयी….

सीता गीता और उसकी माँ बहुत देर तक दहेज़ काम मिलने का रोना रट हुए मोनिका जो की चंदा बानी है उसको खरी खोटी सुनती रही... सुन सुन कर मेरा तो दिमाग hi ख़राब हो गया tha...phir भी समय की नज़ाकत को समझते हुए शांत रहने में hi अपनी भलाई samjhi....lekin सब को सबक सीखने का मैं hi मैं फैसला भी कर लिया.

सीता (कान me)—chinta मत करो bhabhi..raat में गोलू भैया पूरा बदला ले लेंगे आप se..hihihihi

खैर रात भी हो gayi….dinner करने के बाद सभी फिर से उसी रूम में मोनिका के पास जमा हो gaye….jab की गोलू अपने दोस्तों के साथ कही गया हुआ tha…thodi देर बाद सब मोनिका को ले कर दूसरे कमरे में जाने लगी तो मैं भी उनके साथ चला गया.

ये वही रूम था जिसको सुहाग रात के लिए सजाया गया tha…Sita और गीता ने मोनिका को फूलो से सजे बिस्तर पर बैठा दिया और उसे छेड़ने lagi…..main भी उनसे हसी मजाक करता रहा.

सीता— मुझे तो अब नींद आ रही hai….kal भी शादी के कारन नहीं सो पायी thi…good नाईट भाभी

Geeta—ruk न मैं भी चलती hu..mujhe भी तो सोना hai..Sanjana, तुम नहीं चलोगी सोने..?

Sanju—main भी आती hu…thodi देर बात तो कर लू अपनी दोस्त से..

Geeta—theek है...

वो सब वह से चली gayi..maine देखा की मोनिका की आंखे नाम हैं तो मैंने उनके अंशु पोछे और उनको समझने laga...vo मेरे सीने से लग गयी.

Monika—dekho Sanju..ab मेरी इज़्ज़त तुम्हारे हाथ में है..

Sanju—yaha मुझे मेरे नाम से मत bulao..deewaro के भी कान होते hain....theek है मैं चलता हु sone,..aur तुम टेंशन मत लो तुम्हारी इज़्ज़त मेरे अलावा कोई लूट नहीं सकता ..

मोनिका – क्या कहा तुमने

संजू – मेरा मतलब की मेरे होते हुए तुम्हारी इज़्ज़त कोई लूट नहीं payega..thik है अब मई चलता हु..

मोनिका (चौंक kar)—ye तुम क्या कह रहे हो संजू…? मुझे यहाँ बर्बाद होने जाने के लिए छोड़ जाना चाहते हो…? तुमने तो कहा था की…

Sanju—tension मत lo..main बस अभी दस मिनट में आया..

Monika—agar तुम्हारे जाते hi वो कालिया आ गया तो….?

Sanju—uss कालिया की माँ को chodu….main उसके आने से पहले hi आ jaunga…fikar नॉट..

मैं मोनिका के रूम से बहार आ कर सब को चेक करने लगा की कौन क्या कर रहा है…? सास और कुछ लेडीज जाग रही थी जबकि बाकि सब लेते हुए थे या शायद सो चुके थे… और फिर की सास को एक झलक दिखला कर वापिस मोनिका के पास आ गया.

मोनिका को एक बार फिर से मैंने अपना पूरा परिवर्तित प्लान समझा diya..vo हैरानी से मेरी तरफ देखने लगी जैसे की मैंने कोई अविश्वश्नीय बात कह दी हो…

मोनिका (shocked)—kyaaa..tum ये सब करोगे….?

Sanju—hmmm..ye अब जरुरी है karna…tabhi चंदा को यहाँ से छुटकारा मिलेगा और आप को क्या करना है ये मैंने समझा hi दिया है…

मोनिका अभी कुछ कहने hi वाली थी की तभी दरवाजे पर दस्तक होने lagi…hum दोनों समझ गए की कला कौवा आ गया hai…main तुरंत अलमारी के पीछे जा कर छुप गया और मोनिका को दरवाजा खोलने का इशारा किया.

मोनिका ने जा कर दरवाजा खोला तो सामने गोलू कालिया hi खड़ा था उसके साथ में उसका एक दोस्त भी tha….Monika सामने से हैट गयी तो वह कला कौवा अपने साथी के साथ अंदर घुसते hi दरवाजा बंद कर दिया और कांव कांव करने laga….vo एकदम नशे में धुत्त हो कर आया था.

Golu—ohh..maaf karna..dosto ने जबरदस्ती की तो थोड़ी सी पीनी पड़ी mujhe…tum बहुत सुन्दर हो चंदा….

आओ बिस्तर में रात बीती जा रही hai….jaldi से अपनी सुहाग रात मन ले…

उसने मोनिका को बहो में लेने की कोशिश की तो उससे थोड़ा दूर हैट gayi…vo फिर से उनकी तरफ बढ़ा तो बीएड पर चढ़ कर बैठ गयी.

Golu—door क्यों भाग रही ho…aaj तो हमारी सुहाग रात hai….dekho रात भी जवान है और हम bhi…aaj एक हो जाये हम dono…aao मेरी बहो me..(lund की तरफ इशारा करते huye)…dekho ये तुम्हारे साथ सुहाग रात मानाने के नाम से hi कितना उछाल रहा है..

मोनिका (गुस्सा होते huye)—aap को शर्म आणि chahiye…ek तो आप दारू पि कर आये हैं और ऊपर से अपने किसी अनजान आदमी के सामने ऐसी बाते कर रहे hain…chhee…

dost—are यार Golu…bhabhi तो एकदम कांचा माल है यार….

उसने मोनिका को छूने की कोशिश की तो मोनिका ने उसका हाथ झिटक दिया जोर से और उससे दूर हो कर कड़ी हो गयी… संजू अलमारी के पीछे से ये सब देख रहा tha..mujhe इतना गुस्सा आ रहा था की अभी बहार आ के दोनों की गांड पहाड़ दू.

Golu—are ये तो मेरा दोस्त hai..isse क्या sharmana….hum दोनों हर काम मिल बाँट के करते हैं…

मोनिका (गुस्से me)—apne दोस्त को बोलो की यहाँ से चला जाये…

dost—gussa क्यों होती हो भाभी... ? मैं तो मज़ाक कर रहा tha….theek है गोलू मैं जा रहा hu…bye..suhag रात अच्छे से manana….bhabhi बहुत गरम hain…achche से ठंडी कर dena..hihihihihi

उसका दोस्त वह से चला गया तो मोनिका ने जल्दी से दरवाजा फिर बंद कर diya...Monika घबराते हुए बार बार अलमारी की तरफ देख रही thi….maine अलमारी से थोड़ा सा बहार झांक कर उसे आगे बढ़ने का इशारा kiya…Golu अपने कपडे उतरने में लग गया था.

मोनिका (घबराते huye)—ttt…theek hai…..main कहा मन कर रही hu…lekin मेरी एक शर्त है..

Golu—kaisi शर्त….?

Monika—aapne मुँह दिखाई नहीं दी कुछ भी mujhe…isliye सबसे पहले सुहाग रात मैं मनाऊंगी आप के साथ… उसके बाद आप मानना..

Papau—wah..! क्या क़ातिल शर्त राखी है tumne….iss शर्त ने तो मेरा दिल hi जीत liya..mujhe मंज़ूर hai…lekin तुम सुहाग रात मनाओगी कैसे…? हीहीहीहीही

Monika—vo सोचना मेरा काम है…

Golu—hihihihihi…theek hai..tum मनाओ या मैं manau..baat तो एक hi hai..hihihihi…fatna तो तुम्हारी hi है आज..

Monika—chalo आंख में ये काली पट्टी बांधो…

Golu—lekin पट्टी क्यों….?

मोनिका (शरमाते huye)—kyon की आप मुझे सुहाग रात मानते हुए देखोगे तो मुझे बहुत शर्म आएगी…

Golu—aaye…haaye…main तो मर gaya…kasam se…aaj तक बहुत सी लौंडियो को छोड़ा लेकिन ऐसा मज़ा कभी नहीं आया जितना तुम्हारी इन् अदाओ से आ रहा hai…main जब तुम्हारी लूंगा तब न जाने कितना मज़ा आने वाला hai…soch के hi मेरा दिल ख़ुशी से झूम रहा है..

फिर मोनिका ने अपने हाथो से उसकी आँखों पर वो कला कपडा कास के बाँध दिया और साथ में दोनों हाथ भी बिस्तर के दोनों किनारो से बाँध diye..aur फिर मेरी तरफ देखने lagi..to संजू भी अलमारी के पीछे से बहार निकल aaya…aur को एकदम परफेक्ट का इशारा किया.

गोलू के पास पहुंच कर मैं उसकी चड्डी उतरने laga...aur फिर अपने भी कपडे खोलने लग gaya...ye देख कर मोनिका जो की पास में hi बैठी हुयी थी, उसने अपना मुँह दूसरी तरफ कर लिया.

Golu—kya कर रही हो chanda…jaldi करो न…?

मोनिका (घबरा kar)—haa..haa…karrrr……r..a..hiii…huuuuu

मोनिका ने ये बोलने के लिए जैसे hi अपना मुँह घुमाया तो उसकी आंखे फटी की फटी रह gayi…kyon की मैं अब तक नंगा हो चूका था…. पालक झपकना hi भूल gayi….maine टेबल के ऊपर राखी तेल की शीशी उठा कर अपने लुंड पर तेल लगाया और फिर गोलू को पकड़ के एकदम से पलट दिया जिससे वो हड़बड़ा गया.

Golu—ye…ye..tum..kya करने वाली हो.. चंदा …..?

मैंने मोनिका को गोलू की बात का जवाब देने का इशारा kiya...jo की एकटक मेरे लुंड को देखने में hi खोयी हुयी थी. जब उन्होंने मेरे इशारे पर कोई ध्यान नहीं दिया तो मैंने उसे पकड़ कर हिलाया जिससे वो यकायक होश में आ कर सकपका gayi….sanju ने तेल गोलू की गांड में उड़ेल diya..jisse वो आगे क्या होने वाला है ये सोच कर घबरा गया..

गोलू (घबरा kar)—ye…ye..tum क्या कर रही हो मेरे साथ… चंदा …?

मोनिका (मेरे लुंड की तरफ घूरते huye)—kkk…kuch भी तो nahi…..bas सुहाग रात का मज़ा लो आप अब….

मैंने मोनिका को इशारा किया तो उसने जल्दी से एक कपडा उठा के गोलू के मुँह में ठूंस diya..aur फिर मैंने उसके दोनों पेअर पकड़ के लुंड को उसकी गांड में लगाया और एक तगड़ा ताकतवर धक्का गिफ्ट कर दिया usko….vo जोर से चीखा लेकिन उसकी चीख उसके मुँह के अंदर hi दफ़न हो कर रह गयी.

मगर मैं बिना रुके दे दनादन तगड़े धक्के मार मार कर पूरा लुंड उसकी गांड में ठूंस diya…Golu बिन पानी की मछली की तरह तड़पते हुए बेहोश हो gaya…gaand से खून की धरा बाह chali…monika आंखे फाड़े दर सहमी एक तक मुझे देखे जा रही thi..maine उनको गोलू के चेहरे पर पानी डालने का इशारा किया तो वह कंपते हुए उठी और उसके मुँह में पानी गिराने लगी.

होश में आते hi वो फिर से छत पटाने laga..lekin मेरी पकड़ से निकल पाना उसके लिए लगभग नामुमकिन hi tha…sanju बाबा पेलम पेल रेलम पेल उसकी गांड पेलने laga….vo जितनी बार बेहोश होता उतनी बार होश में ला ला कर pelta..aur आखिर उसकी गांड में hi अपना पानी भर दिया.

संजू (मैं me)—madarchod बहुत अकड़ रहा tha….chanda को छोड़ेगा …तेरी माँ को chodu..sale गांडू..

“Chodan..Chodan रटते रटते, गोलू की पहात गयी Gaand….Rote रट बेहाल हो गया, जब घुस गया उसके पिछवाड़े में लैंड.”

गोलू फिर से बेहोश हो गया tha…sanju ने उसके मुँह से कपडा निकल कर उसके हाथ और आँखों की पट्टी खोल di…maine अपने कपडे पहने और फिर से अलमारी के पीछे जा कर छुप गया…. मोनिका ने फिर से उसके चेहरे पर पानी दाल कर उसको होश में लेन lagi…hosh में आते hi वो जोर जोर से रोने laga….to मैंने को प्लान आगे बढ़ने का इशारा kiya…jo अभी भी खुद शॉकेड थी.

Monika—ro क्यों रहे हैं….? आइये अब आप की bari…ab आप मनाओ सुहाग रात…

गोलू (रट हुए जोर se)—chup kar…..Sali raand….me..re….sath..bahut बड़ा धोखा हुआ hai……salo ने लुंड वाली बीवी वो भी पकड़ा दी mujhe…aaaahhh…maaa …मर gayaaa….door…door हैट mujhse….main तुझे कल hi डाइवोर्स दे दूंगा…..

Monika—aisa न kahiye…main आप की बीवी हु….

गोलू (रट huye)—tu बीवी nahi..Sali तू तो बीवी का बाबा है.... .

असल में गोलू को कहा पता था की वोह कोई बीवी का बाबा नहीं बल्कि अपना संजू बाबा है …

Monika—gussa थूक do..aao न सुहाग रात मानते हैं अब...

गोलू (डर और khauf)—door हैट mujhse…Sali…bhayanak लुंड wali….dekh मेरे पास मत आना….

मोनिका उसके पास आने लगी तो वह इतना दहशत में आ गया की जैसी नंगे हालत में था .. वैसे में hi जल्दी से दरवाजा खोल कर चिल्लाते हुए दहशत में घर से बहार की तरफ तेज़ी से गिरते पड़ते भगा.. की सास ने जब उसकी चिल्लाने की आवाज़ सुनी तो तब तक गोलू घर से बहार भाग गया tha..uski माँ पीछे पीछे उसके देखने चली gayi….yahi सही मौका जान कर मैं जल्दी से रूम से निकल कर अपने बिस्तर में जा कर लेट गया.

सास (shocked)—Golu…o..Goluuu…kaha चला गया ये इतनी रात me..vo भी नंग धडंग ….चलो बहु से पूछती hu..kya बात है…?
 
अपडेट 67



इधर.... चंदा को हॉस्पिटल में एडमिट किया गया था....

चंदा का इलाज़ जारी था...

डॉक्टर्स लगातार उसका ज़हर निकालने की कोशिश में लगे हुए थी...

कल्लू और ढोलू ओट के बहार बैठे हुए डॉक्टर्स के बहार आने का वेट कर रहे थी...

डॉक्टर्स ने ज़हर निकाल लिया था लेकिन चंदा अभी भी होश में नहीं आयी थी...

थोड़ी हे देर बाद ओट का दरवाजा खुला डॉक्टर्स बहार आये..

कल्लू- क्या हुआ डॉक्टर साहब अब कैसी है चंदा दीदी...

डॉक्टर्स - देखिये हमने बॉडी से पाइजन तोह निकाल लिया है लेकिन अभी कुछ कहा नहीं जा सकता..... ज़हर बहुत पावरफुल था इस कारन उनके काफी सेल्स डैमेज हो चुके है....

ढोलू - इसका मतलब क्या है डॉक्टर चंदा दीदी ठीक तोह हो जाएगी न....

डॉक्टर्स - देखिये अभी हम कुछ भी नहीं कह सकते जब तक उनको होश न आ जाता हो...

अगर वोह होश में आ जाएगी तोह हम कुछ कह सकते है...

और फिर डॉक्टर वह से चला गया...

ढोलू - अबे कल्लू संजू भाई को कॉल करके बता दे क्या.....

कल्लू - नहीं नहीं.... अभी नहीं... जब होश में आएगी चंदा दीदी तब बताएँगे...

ढोलू - हां...

इधर.... लता को खबर मिली की हवेली में शादी मनाई जा रही है तोह वोह खुद देखने के लिए निकल पड़ी ..

लता - चलो चल के देखा जाए... कौन यहाँ शादी मन रहा... वह अच्छा जुगाड़ मिलेगा मुझे खून का ठीही 😁

लता अब हवेली पहुंच गयी...

हवेली पहुंच के लता ने देखा वह मेहमानो की भीड़ लगी हुई है...

लता - इतने सारा भोजन आज तोह दावत हो जाएगी... इसमें के एक ात को उठा के मलिका के लिए भी ले जाउंगी वोह भी खुस हो जाएगी.... हीहीही 😁.

लता ने चारो तरफ नज़र दौड़ाई...

तोह उसको एक ठरकी बुद्धा दिखा...

जो की शादी में आयी औरतो के साथ फ़्लर्ट कर रहा था.....

लता - मजा आएगा..... मजा आएगा... बहुत जयादा मजा आएगा....

लता ने देखा वोह औरत जिसके साथ वोह बुद्धा फ़्लर्ट कर रहा था वोह उठ के कही चली गयी....

लता ने उसके जाने के बाद उसका हे रूप धारण कर लिया और उस बूढ़े के पास गयी...


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बुद्धाय - ारी.... क्या बात है मोहतरमा.... इतनी जल्दी आ गयी अपना काम निपटा के....

लता जिसने उस औरत का रूप धरा था..

लता - जी.... हुज़ूर आपके बिना मैं हे नहीं लग रहा है क्या करू....

हर समय आपके आस पास रहने को मैं करता है ....

बुद्धा लता की बातों को सुन खुस हो गया...

लता - अगर आपकी इजाज़त हो तोह कही हम आपको कुछ दिखने ले जाना चाहती है...

बुद्धा - क्या दिखने ले जाना चाहती हो??

लता - वही जिसे जन्नत कहते है........

बुद्धा - क्या 😍...

लता - हां.. यहाँ पास में हे एक कुवा... है जिसका नाम जन्नत है वही दिखाने की बात कर रही थी...

बुद्धा के मुँह उतर गया... 😥

मई तोह कुछ और हे समझ बैठा...

लता - क्या समझे आप..?

बुद्धा - छोडो... चलो ले चलो... वही कुवे वाला हे जन्नत दिखने यहाँ की भीड़ भाड़ से दूर...

( मैं में - अकेले में क्या पता कुछ करने को मिल जाए.).

लता - जी... तोह आ जाइये मेरे पीछे पीछे...

( मैं में -

चल बुढऊ तुझे तेरी अम्मा से मिलती हु...

गांड में तेरे 4 डंडे पढ़वाती हु...

लुंड को तेरे मई कच्चा चबाती हु....

बुर का लालच देके देख तुझे कैसे फसाती हु...

हसले जितना हसना है अभी तुझे ....

बाद में रोयेगा तोह कहना न मुझे.... )

लता उस बुड्ढे को अपने पीछे पीछे कुवे के पास ले जाने लगता है...

बुद्धा उसके पीछे आते हुए गाना गुनगुनाने लगता है...

बुद्धा - ो.... गोरी.... तेरे पीछे साथ छड़ आया 40...

तू मैंने आज़मा के देख ले...

लता - आइये... ये रहा कुवा..

बुद्धा - लता की छाती पे उभरी बड़ी बड़ी गोलायमान आकृतियों को देखते हुए

वाह्ह..... सच में ये तोह जन्नत है....

लता - अच्छा...

बुद्धा - हां...

लता - क्या आप इसको पास से देखना पसंद करेंगे.......

बुद्धा - क्यों नहीं.... जरूर जरूर करेंगे.. 😍

लता - तोह आइये आइये न.... देख लीजिये इसको करीब से

बुद्धा अपनी आंखें लता की उभरी उभरी चूचियों पे गड़ाए हुए आगे बढ़ने लगा....

लता भी पीछे खिसकने लगी....

लता - आओ.... मेरे पास... आओ.... आओ न... देख लो जन्नत आओ मेरे पास आओ....

बुद्धा मानो लता से वशीभूत होता हुआ उसकी ऑर्डर खींचा चला आने लगा और उसको ये तक भी पता न चला की कब वोह कुवे की दिवार पे आके चलने लगा....

तभी कुछ आदमियों की आवाज़ से उस बुड्ढे का ध्यान भांग हुआ तोह उसने क्या पाया...

बुद्धा - ये.. ये... तुम्हारे पीछे क्या हिल रहा है....

फिर उसने अपने अगल बगल नज़र घुमाई

बुद्धा - ये कौन सी जगह है

ये दिवार कहा से आ गया इस जगह पे और वोह कुवा कहा गया....

लता - बिना कुछ बोले वही कड़ी होकर उसको देखती रही..

बुद्धा - तुम कुछ बोल क्यों नहीं रही...

तभी कुछ आदमियों की आवाज़ फिर से बुड्ढे के कानो पे सुनाई पड़ी.... और जब उसने पीछे मुद के देखा तोह उसके पैरो टेल जमीन खिसक गयी...

बुद्धा - ये.. पीछे... पीछे तोह अभी जंगल था न तोह फिर ये आसमान कहा से आ गया... और जंगल कहा गया.....

हैरत की बात तोह ये थी की जब बुड्ढे ने अपनी नज़र नीचे ज़मीन पे देखनी चाहि तोह उसकी गांड फट गयी....

बुद्धा 😰- ये.. ये कौन सी जगह है जिसपे मई चल रहा हु....

लता बिना कुछ बोले आगे बढ़ी और बुड्ढे का हाथ पकड़ के उसको कुवे में खींच ली...

बुद्धा - चीखता हुआ कुवे में लता के साथ गिर गया...

बूढ़े की छींक गूँज उठी थी....

लता ने कुवे के दूसरे साइड जहा चुड़ैल लोक है वह उस बुड्ढे को खींच के ले गयी......

बुद्धा - कौन हो तुम और ये मुह्जे कहा ले आयी

लता - मई कौन हु ये पूछता है... हीहीही😁

मई हु तेरी अम्मा और अब दूंगी तुझे चुम्मा... बड़ा सौक था न तुझे जन्नत देखने का देख ये है मेरा जन्नत जिसको कहते है चुड़ैल लोक....

चुड़ैल लोक का नाम सुनते हे बुड्ढे की पंत गीली और नीचे से पीली हो गयी....

अब ये तेरी अम्मा देगी तुझे चुम्मा फिर खोजा तम्मा तम्मा....

लता आगे बढ़ने लगी... वोह बुद्धा बचाओ बचाओ करके चिल्लाते हुए भागने लगा....

लता - ारी... भाग कहा रहा है....

एक चुम्मा तोह लेता जा....

क्यों की एक चुम्मा तोह बनता है....

लता उड़ते हुए उसका पीछा करने लगी और भागते हुए उस बुड्ढे के सामने आ गयी जिससे बुड्ढे की गांड फट गयी....

लता - बच के कहा जायेगा बुड्ढे.... चल आ इधर ला अपनी गर्दन .....

लता ने उसकी गर्दन दबोच ली और उसके गर्दन पे दांत गदा के खून चूसने लगी....

बुद्धा 2 मिनट भी न टिका... और लुढ़क गया....

लता ने उसको सारा मांस नोच नोच के खा के उसकी हड्डिया चूसने लगी.....

लता - बुद्धा बड़ा जोशीला बन रहा था ख़ाक जोश है इसमें..... पहली बात तोह खून हे नहीं था इसमें और दूसरा था वोह भी ठंडा निकला.... मजा नहीं आया... 🥲

लता अब वह से आ गयी और कुवे के बहार आके रोटी हुई एक दिशा में भागने लगी....

इधर जंगल में कुछ लड़के जो की शादी में हे आये थी वोह टॉयलेट करने के लिए आये हुए थी..... इन्ही लड़को को आवाज़ सुन बुद्धा लता के वशीकरण से बहार आया था....

उनमे से एक लड़का..

लड़का 1 - अबे तुम लोगो कुछ देर पहले सुना था क्या....

लड़का 2 - क्या सुन्ना था बी...

लड़का 1 - किसी के चींखने की आवाज़ आयी थी उधर से....

लड़का 3- हां मुझे लगा तोह था लेकिन मैंने सोचा ये मेरा वहां होगा...

लड़का 2 - क्या... बात कर रहे हो....

तभी वह उनको किसी के कदमो की तीजी से बढ़ते हुए उनकी तरफ आने की आहात सुनाई दी....

लड़का 3 - अबे... अबे... किसी के तेज़्ज़ तेज़्ज़ कदमो की आवाज़ आ रही है बी....

लड़का 2 - हां... और साथ में पायलो की भी आवाज़ आ रही....

लड़का 1 - जान पड़ता है कोई लड़की आ रही है इस और...

लड़का 2 - इतनी रात को इस जंगल में लड़की...

लड़का 3 - अबे अपने अपने गांड को धू लो लड़की के सामने इज़्ज़त का कचरा मत करवाना....

तीनो अपनी गांड धोने लगे...

लड़का 1 - आवाज़ उस साइड से आ रही है चल चल के देखते है...

लड़का 2 - हां चल...

तीनो चल पड़े...

तभी उनको रोटी हुए तीजी से दुअडते हुए उनकी हे तरफ आती हुई एक औरत दिखाई पड़ी....

वोह औरत तीनो के आगे आकर रुक गयी...

लड़का 1 - आप कौन हो और ऐसे इतनी रात को इस जंगल में भाग क्यों रही है

लड़का 3 - हां और आप रो क्यों रही है....

( ये पूछना तू भूल गया था )

लड़का 1 - है सॉरी य्र्र...

औरत - वोह... वोह.... वह मेरे .... 😭😭

लड़का 2 - हां.... बोलिये क्या वह...

औरत - वोह... वह वह... कुवे के पास

लड़का 1 - कुवे के पास क्या... बताइये

औरत :- वोह मेरे पति कुवे में गिर गए है 😭... जल्दी चलिए उनको निकाल लीजिये...

तीनो - क्या... कुवे में गिर गए हैं..

औरत - हां... 😭 उनको बचा लीजिये...

लड़का 1 - अच्छा तोह वोह चींखने की आवज़ उनकी थी....

औरत - हां.... उनको बचा लीजिये.....

लड़का 3 - आप घबराइए नहीं चलिए हम चलते है आपके साथ....

औरत - हां चलिए... आइये मेरे साथ....

तीनो उसके पीछे पीछे चल पड़े.....

कुवे के पास पहुंच गए....

औरत - रट हुए.... यही है यही है वोह कुवा 😭

तीनो ने जैसे हे कुवे में झाँक के देखा.... उस औरत ने तीनो को एक साथ धक्का दे दिया....

तीनो आआआह्ह्ह्हह्ह.... बचावू.... बचावू... की आवाज़ करते हुए कुवे में गिर गए...

उनके कुवे में गिरते हे वोह औरत अपने असली रूप में आ गयी.... उसका असली रूप देख तीनो खौफ के मारे थर्रा गए....

अब लता ने कुवे में छलांग लगा दी और उन तीनो को भी अपने साथ खींचते हुए चुड़ैल लोक ले गयी.....



 




इधर जब सुबह होती है तोह....

चंदा की सास चंदा का कमरा खोलती है तोह क्या पाती है की कमरा पूरा खली है...


सास को पता चलता है की दुल्हन अपने कमरे में नहीं है.... और गोलू भी घर से गायब है......

सास - हाय्य राम ये बहुरिया इतनी सुबह सुबह कहा चली गयी... कही प्रेशर तोह नहीं बन गया उसको ......

चलो किसी से पूछ के देखती हु की कही किसी ने उसको घर से निकलते देखा तोह नहीं है...


सास वह सभी से पूछती है..... लेकिन जवाब में सभी का नहीं hi होता है...

सास अब परेशान हो जाती है...

सीता - क्या हुआ माँ आप परेशान क्यों लग रही हो...

सास - ारी बेटी देख न ये दुल्हिन भी न जाने कहा चली गयी इतनी सुबह सुबह... और ऊपर से ये गोलू भी पता नहीं न जाने कहा को भाग गया है.....


सीता - क्या भाभी कहा चली गयी है इतनी सुबह.... और ये भैया भी कहा भाग गए...

सास - वही तोह 🫤

सीता - माँ.... आपने संजना से पूछ के देखा क्या.... हो सकता है भाभी उसको बता के गयी हो...

सास - नहीं... मैंने नहीं पूछा है उससे... उठा जरा उसको..

सीता - जी...

सीता संजना के पास जाके उसको उठाती है...


संजना - उह्ह्ह... क्या हुआ...

सीता - संजना उठो......

संजना - है क्या है सीता...

सीता - तुम्हे पता है क्या भाभी कहा गयी है...

संजना - भाभी कौन भाभी...

सीता - ारी मेरी भाभी... तुम्हारी सहेली चंदा भाबी...

संजना - ओह्ह... सॉरी सॉरी... नयी नयी शादी हुई है न उसकी तोह इसलिए..

सास - हां ये सब छोडो बेटी पहले ये बताओ की तुम्हे पता है क्या की चंदा बहु कहा गयी है इतनी सुबह सुबह....

संजना - नहीं तोह..

( मैं में) - ये मोनिका कहा चली गयी इतनी सुबह ये तोह प्लान में था हे नहीं...


सास - तोह फिर कहा जा सकती है...

तभी गोलू अपने घर आता हुआ... जो लड़खड़ाते हुए आ रहा था....

गोलू को आते हुए देख गीता कहती है..

गीता - माँ माँ देखो भैया तोह आ गए... लेकिन ये लड़खड़ा क्यों रहे है...

सास - ारी... गोलू तू आ गया... कहा चला गया था बीटा...

गोलू बिना कुछ बोले.... खड़ा हो जाता है और अपने कमरे की तरफ देखने लगता है...

सास - तू तोह आ गया.... बहु कहा है...

गोलू - ये सुनते हे आश्चर्य भरी नज़रो से अपनी माँ की ऑर्डर देखने लगता है....

गोलू - बहु कहा है मतलब...

सास - ारी बहु घर में नहीं है पता नहीं कहा चली गयी है किसी को भी कुछ मालूम नहीं.... नयी नयी दुल्हन है कही कोई अनहोनी न हो जाए...

गोलू ( मैं में) - अच्छा हुआ की वोह लुंड धारी यहाँ से खुद हे चली गयी.... वार्ना मई उसको धक्के मार के यहाँ से निकलता....

सास - बता न कहा है बहु...

गोलू - मुझे नहीं पता माँ.... और आप भी इस बात का टेंशन मत लो... जाने दो जहा जाना है... अच्छा हुआ बाला ताली...

सास - ये क्या बोल रहा है... वोह तेरी बीवी है..

गोलू - इधर आओ माँ

गोलू कोने में अपनी माँ को लेजाकर...


गोलू - माँ मई जो भी कह रहा हु सही कह रहा हु.... वोह लड़की नहीं लड़का था...

सास - है राम ये क्या बोल रहा है नालायक...

गोलू - तुम्हे यकीन नहीं आ रहा न... तोह देखा मेरी चाल.... वैसे तोह सुहागरात की अगली सुबह दुल्हन की चाल बिगड़ती है लेकिन यहाँ दुल्हन की नहीं बल्कि दूल्हे की चाल बिगड़ी है 🥲

सास - इसका मतलब.... वोह एक लड़का था...

गोलू - हां.... और मई तोह कहता हु की अच्छा हे है जो यहाँ से भाग गया वार्ना तोह उसको मई खुद धक्के मार के निकलता....

सास - ये तोह धोका हुआ है हमारे साथ....

गोलू - हां धोका तोह हुआ है.... इसका बदला भी लिया जायेगा....

अभी इतनी सी हे बात हो पायी थी की...

ढिचकीाऊओ..... ढिचकीाऊओ.... ढिचकीाऊओ... की आवाज़ हुई.... और घोड़ो के कदमो की तबडक तबडक तबडक... की देवी आने लगी.... और तभी अचानक फाताआखक्क....

की आवाज़ज से घर का दरवाजा खुला.... और दौड़ते हुए मोनिका अंदर की ऑर्डर आती दिखी...


गोलू - ये चुन्नी में नुन्नी फिर से आ गयी... तेरी माँ का...

सास - ारी इसको छोड़ ये सोच की ये गोलियों की आवाज़ कहा से आयी....

संजना - वोह आ रहे है.... वोह आ रहे है 🥲.... अपनी जान बचाना चाहते हो तोह सभी छुप जाओ... और भाग सको तोह भाग जाओ क्युकी वोह आ रहे है....

गीता - कौन आ रहे है संजना....

सीता - हां संजना कौन आ रहे है.... तुम किसके आने की बात कर रही....


संजना - वही जिसके आने से दहसत छा जाती है.... जिनके आने से धरती कांपने लगती है...

जिनके घोड़ो की आवज़ दिल दहला देती है....






सीता - आखिर तुम किसके आने की बात कर रही हो संजना....

गीता - हां संजना कौन है ये जो आ रहे...

संजना - डाकू.....

संजना की बात सुनके सबकी फट गयी....

तभी एक गोली ढिचकिआओ करती हुई आयी और आगाँ में एक पेड़ को जाके लगी....

सभी की गांड फाटत गयी...

भगदड़ माछ गयी...

मोनिका भी आके संजू जो की संजना बना हुआ तह उसके पास जाके उससे लिपट गयी....






इधर.....

जब लता उन तीनो लड़को को कुवे में खींच के चुड़ैल लोक ले गयी तब....


तीनो लड़के...

बचाओ... बचाओ....


लता - चुप हो जाओ... क्युकी... अब यहाँ से तुम्हे बचने वाला कोई नहीं है 😁....

तीनो लड़के - तुम.. तुम... तोह अभी अभी एक सुन्दर सी लड़की थी तुम अब अच्चानक से ऐसे कैसे बन गयी.... आखिर कौन हो तुम....

लता - ारी मूर्खो... अभी तक तुम्हे समझ नहीं आया.... की मई कौन हु...

मई हु काल कपालिनी.....

vashikarn-saadhni....

बरम्हंड विहारिणी...

asuri-shakti धारिणी...

रक्त- पिपासिनी...

नर मुंड माला धारिणी...

अन्धकार विहारिणी....

छुडाईल.... हीहीही....


तीनो - क्या... 😨....

लता - और अब तुम तीनो चुड़ैल लोक में हो और यहाँ एक बार जो भी इंसान आ जाता है वोह बच के न जा पता है 😁...

तीनो - 🥺.... हुंका जाने दो... हमने तुम्हारा क्या बिगड़ा है... हुंका छोड़ दो...

लता - तुम्हे कैसे छोड़ दू.... लड़को... तुमसे तोह अभी हमें प्यास भुझानी है...

तीनो - प्यास.... कैसी प्यास...

लता - सब कुछ यही जान जायेगा क्या लौंडे...

लड़का 1 - कही तुम अपनी सेक्स की प्यास की बात तोह नहीं कर रही न....

लड़का 2 - मुझे तोह वही लग रहा है...

लता - हीहीही 😁....

चल तू ( लड़का 3 ) को आने का इशारा करते हुए...

लता :- हां तू hi आ जा खोपचे में... उस पेड़ के पीछे....

लड़का 3 - मैं हे मैं खुस होते हुए.... की क्या बात है आज तोह सेक्स करने को मिलेगा लाइफ में पहली बार वोह भी किसी खूबसूरत चुड़ैल के साथ.... मजा आएगा...

लता - सुना नहीं तूने.... आ... मेरे पीछे...

( लता ने कहा... )


लड़का 3 लता के पीछे पीछे..... बढ़ने लगा...

इधर दोनों को लता ने अपनी शक्तियों से बाँध रखा था वोह दोनों अपनी जगह से हिल भी नहीं पा रहे थी....


लड़का 2 - तुझे क्या लगता है भाई.... ये चुड़ैल उसके साथ क्या करने वाली है..

लड़का 1 - चुदाई और क्या.... मैंने सुना है की चुड़ैल पहले मर्दो के साथ चुदाई करती है फिर उनको मार देती है....

लड़का 2 - मतलब आज इस भाई को मजा के साथ साथ सजा भी मिलेगा....

लड़का 1 - हां... बुय 1 गेट ओने फ्री.. और उसको हे क्या हमको भी 🥲

लड़का 2 - पर मैंने तोह कुछ खरीदा हे नहीं तोह फिर मुझे क्यों बुय 1 गेट 1 फ्री मिल रहा है...

लड़का 1 - अबे चूतिये वोह तोह मैंने बोलने के लिए बोलै था बुय 1 गेट ओने फ्री...

लड़का 2 - हां तोह बोलने के लिए हे तोह बोलै जाता है न... लिखने के लिए कहा बोलै जाता है... लिखने के लिए लिखा जाता है जैसे अभी अपना भाई अलादीन लिख रहा ☺

लड़का 1 - अबे चूतिये... तोह वही तोह मई भी बोल रहा....

लता तब तक लड़का 3 को खोपचे में ले जा चुकी थी...

पेड़ के पीछे... लता के नीचे.... लड़का 3 खुस भी रहे ☺( 1सत टाइम चुदाई का एक्सपीरियंस लेने के लिए) & दुखी भी की इसके बाद क्या होगा 🥲

लता... - अपने कपडे खोलो... बरखुरदार...

लड़का 3 - नहीं नहीं मुझे सरम आती है..

लता - जिसने की सरम उसके फूटे करम...

लड़का 2 - अबे खोल न बी जल्दी फिर हमको भी मौका मिलेगा....


लड़का 1 - साले चूतिये.... तुझे भी मौका चाहिए... यहाँ जिंदगी डाव पे लगी है और तुझे चुड़ैल के साथ 20 - 20 खेलने की सूझ रही है....

लड़का 2 - ारी बांगड़ू मेरे यार.... मई हूँ बड़ा दिलदार... मरना तोह एक दिन सबको है तोह क्यों न मरने से पहले इस बेचारी चुडैलिया की सूनी कोख भर दी जाए....

क्युकी.... प्रभु... अलादीन बाबा कह गए है...

" वीर्य निकाल और छूट में दाल.... "

चाहे वोह चुड़ैल की हे क्यों न हो...


लड़का 1 - वैसे बात तोह सही कह गए है अपने अलादीन भैया...

लड़का 2 - तोह अब तू भी कमर कास ले... क्युकी आगे आने वाली है खायी जिसकी...

वोह है भूतों की लुगाई...

जिसकी बुर में है कामदेव ने आज

आग लगाईं...

और भले हे हो इसके बाद अंत हमारा लेकिन

चुड़ैल के मुँह से आज ये सब्द निकलना तोह जरूर चाहिए की....

क्या बात है लौंडो... जो कई सालो बाद

आज तुमने मेरी प्यास है बुझाई...


लड़का 1 - वह... वह... वह... वह...

इधर इन दोनों बांगड़ू.... वह वह खेल रहे थी...

और उधर लता ने लड़का 3 के सारे कपडे निकलवा दिए....






लता - चल अब चुपचाप से अपनी आंखें बंद कर और लेता रह.....





लड़का 3 लता के कहे अनुसार हे करे जाए रहा था....

लता ने अपने लम्बे लम्बे नाखूनों से उस लड़के के लिंग को सहलाना शुरू किया....

लड़के का लिंग लता के नाखूनों के छुअन से कुलबुलाने लगा.... और तनतना के खड़ा हो गया....






लता - ारी वह छोरे... तेरा तोह बड़ा हे एक्टिव है... ऐसा लाग रहा है जैसे एक्टिवा 6ग को भी पीछे छोड़ देगा ये तोह.... 😅

लड़का शर्माता रह गया...

लता - वैसे छोरे एक बात बोलू.... ऐसे शरमाया मत कर.... तौबा tauba......bahut गन्दा लगता है...


लड़का 🥲

अब लता ने अपने हाथो की उंगलियों से उस लड़के के लम्बे लम्बे झाटों को घुमाना शुरू किया....





लता - वाह छोरे वाह... कितना घनघोर जंगल है तेरे लौड़े में....

लड़का बिना कुछ बोले चुपचाप लेता रहा...

लड़का 2 - अबे.... यर... चुड़ैल जी को तोह वोह झातेदार झतु पसंद आ रहा.... अब मई क्या करू मेरे लुंड पे तोह झातें हे नहीं उगी अभी तक 🥲 ....

लड़का 1 - क्या सच में...

लड़का 2 - हां 🥲

लड़का 1 - शामे भाई शामे मेरे में भी नहीं आयी....

लड़का 2- इसका मतलब की तू भी बच्चा है..

लड़का 1 - ये क्या बोल रहा है भाई... मई बच्चा नहीं हु बस वोह झात नहीं उगी अभी....

लड़का 2 - हां लेकिन एक बात समझ नहीं आयी की ये हमारे साथ हे रहता था हमको कहता था की तुम्हारी hi उम्र का हु....

लड़का 1 - हां इसका मतलब की इसने हमसे झूट बोलै की ये हमारी उम्र का है...

लड़का 2 - तोह किसकी उम्र का है...

लड़का 1 - ये हमसे उम्र में बड़ा है उसने झूट बोलै हमसे....

लड़का 2 - ओह्ह..... अब समझ आया... ये बड़ा है तभी इसका चुड़ैल के सामने खड़ा है...

लड़का 1 - हैं.... सही पकडे है....

लता - तुम दोनों चपडगंजुओ अपनी बकवास बंद करो.... मुझे डिस्टर्ब हो रहा है....

लता की बात सुन दोनों चुप हो गए और अब फिर लता ने अपने मुट्ठी में लड़के 3 का लुंड पकड़ लिया.....

लता - और लौंडे कैसा लग रहा है....

लड़का 3- आह्हः.... ारी... हाथ हटा न अपना.....

गुदगुदी हो रही है हटा न .... आअह्ह्ह्ह...


लता - नहीं हटाऊँगी....

लड़का 3 - नहीं हटाएगी तोह कुछ अगड़म सगड़म हो जायेगा हाथ हटा न प्लीज....

लता - हो जाने दो.... जो होता है आज...

लड़का 3 - आआह्ह्ह.... छोड़ दो न.... वार्ना...

लता - वार्ना क्या...

लड़का 3 - कुछ कुछ होता है...

लता - हो जाने दो जो कुछ होता है....

लड़का 2 - क्या मिया कब से पका रहा है... कुछ कुछ होता है

कुछ कुछ होता है करके....

देखि है यार कुछ कुछ होता है... बड़ी बकलोल मूवी है...

आगे कहे को नहीं बढ़ रहा मिया...

मई कहता है आगे बढ़ो तुम

डट के लड़ो तुम...


चुड़ैल - तूने फिर से अपना मुँह खोला रे भड़वे..

चुड़ैल की आवाज़ सुन लड़का 2 चुप हो गया...

चुड़ैल - है तोह तू क्या बोल रहा था की कुछ कुछ होता है.... हैना...

लड़का - हां.... बहुत कुछ होता है

...


लता - तोह बोल तोह रही हु हो जाने दे जो होता है क्युकी इसके बाद तोह तू वैसे भी मरने वाला है तोह हो जाने दे....

( मैं में - लगता है इसके नुन्नू को मेरे हाथ का स्पर्श मिलते हे इसका नुन्नू माल फेकने वाला है 😁 .... तू भी न लता कितनी हॉट चुड़ैल है देख कैसे तेरे छूटे हे जवान लड़के का लुंड माल छोड़ने को आतुर हो गया है.... )

लड़का 3- पक्का न कुछ कुछ होता है वोह हो जाने दू न... बाद में गुस्सा तोह नहीं करोगी...

लता - नहीं नहीं और अब मरने वाले से क्या गुस्सा...

लड़का 3- ठीक है फिर ये ले ले....

लड़के ने लता के मुँह पे मूट दिया.....

लता - ये ये क्या कर रहा है कमीने...

लड़का - मैंने तोह पहले हे कहा था कुछ कुछ होता है...

पूउउउक्क़ककककककक....... फ़ायरररटटटटटट.... की तेज़ आवाज़..... और उसके साथ हे एक अजीब सी बदबू...

लता - चींईईई 🤢 ...... साले कमीने कितने महीने से होगा नहीं था न मोटा नहीं था बी तेरी तोह.... मुझे पूरा अपने मूट से नहला दिया और तोह और ये भयानक बदबू....

तेरी तोह... तू सम्बन्ध बनाने के लायक नहीं... तुझे तोह मौत हे मिलनी चाहिए.... ये ले तेरी तोह.... लता ने अपने दोनों हाथो के लम्बे लम्बे नाखूनो को उस लड़के के चेस्ट पे घुसाया... और बीच से फ़ायद दिया....

लड़के की एक दर्दनाक कराहदार चींख निकली और थोड़ी गए देर बाद सन्नाटा चा गया....





लता - थू..... उसके ऊपर थूकते हुए...

तेरा तोह खून भी पीने का मैं नहीं कर रहा कमीने...... 🤢


लता पेड़ के पीछे से निकल बहार आती है...

लता - मूड ख़राब कर दिया मादरचोद ने....

अब मई क्या करू इन दोनों को तोह मैंने मैलका को देने के लिए उठाया था.... क्या इनमे से एक का भोग लगा लू.... नहीं नहीं.... ये दोनों भी ऐसे हे हेगड़े मूत्रे निकले तोह.... न बाबा न मलिका को hi पकड़ा देती हु इन्हे....


लड़का 2 - अब हमारी बारी है लगता हैं.

आजा... ा.. ा... ा... ायजा... आजा.. मेरी बुलबुल तेरा इंतज़ार है....


लता उन्दोनो के करीब आती है और एक प्रेमपूवक स्माइल देते हुए दोनों के सर पे हाथ फेरती है और उसके हाथ फेरते हे दोनों उसके वश में हो जाते है....

लता - चलो मेरे गुलामो.... अब्ब मेरे पीछे पीछे आओ.... तुम्हारा भोग मई अपनी मैलका को लगवाउंगी....

वोह दोनों लड़के लता के वशीभूत होकर के उसके पीछे पीछे चल पड़ते है....

इधर....

पेड़ पे एक गोली आकर लगती है.....

जिससे सभी लोग डर जाते है....

मोनिका जो आकर संजू के गले लग जाती है....

संजना ( संजू ) - तुम कहा चली गयी थी....

मोनिका - मुझे माफ़ करना मई अपने बच्चे को बहुत मिस कर रही थी इसलिए मई आज सुबह सुबह ये नाटक छोड़ के भाग रही थी लेकिन रस्ते में इन डाकुओ ने मुझे देख लिया और मुझे पकड़ने के लिए मेरा पीछा करना शुरू किया जिसके कारन मई भागते हुए यहाँ वापस आ गयी.....


सीता & गीता - क्या... कहा भाभी तुमने... की तुम ये नाटक छोड़ के भाग रही थी ..... कौन सा नाटक और बच्चा भी कहा तुमने...

तभी लाइन से 10-15 हतियार बंद डाको... ने घर के अंदर एंट्री मारी....

और अब वोह सभी आकर वह उपस्थित सभी लोगो की कनपटियों पे बन्दूक रखने लगे....


डाकू - चलो चलो.... लाइन में लगो.... लाइन में लगो..... और कहा है जिसकी शादी हुई है निकालो उसको बहार....

ये सुनते हे गोलू की तोह फट गयी....

गोलू - मम्मी..... 😭


सास - ारी रो क्यों रहा है.... चुप चाप जेक अंदर कमरे में छुप जा.... मई यहाँ संभालती हु.....

चंदा की सास ने गोलू को एक कमरे में घुसेड़ दिया और कुण्डी को बड़ी हे सावधानी पूर्वक बहार से बिना आवज़ किये बंद करके ताला लगा दिया और खुद भी छुप गयी....

डाकू - मैंने पूछा दूल्हा कहा है.... निकालो उस साले को बहार.....

तभी एक ने कहा - वोह अभी अभी आया है उधर की तरफ गया है...

डाकू - चल जा उसको ढूंढ के ला अगर तू उसको हमारे सामने लाएगा तोह तुझे हम छोड़ देंगे....

वोह बाँदा छूटने के खुसी में गोलू को लाने चला गया....

संजू - ारी यार... ये कहा फसा दिया.... अब लगता है मुझे हे कुछ जुगाड़ लगाना पड़ेगा वार्ना ये डाकू आज यहाँ का सारा माल लूट ले जायेंगे ......

वोह आदमी सीता के पास आके कहता है...

आदमी - गोलू कहा है सीता बेटी अभी अभी तोह इधर आया था...

सीता - मई नहीं बताउंगी खूसट बुड्ढे तू मेरे भैया को इन डाकू के हवाले कर देगा तुझे हम अपना समझते थी लेकिन तू अपनी जान बचने के लिए मेरे भैया की जान डाव पे लगा रहा है.... ये ले तेरी तोह.... चटाककककक

आदमी - आआआयियी... ेयीईइ.... ेयीईई. म🥺

डाकू - क्या हुआ बी...

आदमी - ये लड़की ने मारा..

डाकू - बड़ी तीखी मिर्ची लगती है इसको तोह मई हे खाऊंगा....

डाकू 2 - अभी क्या हुआ दूल्हा मिला की....

डाकू 1- नहीं भाई... सरदार को खुद बोल वही आये ....


डाकू 2 - ठिक्क है

सरदार आपके आने का समय हो चला है आप आ जाओ और अपनी खून की नदियाँ बहाने की प्यास बुझा जाओ....


तभी... किसी के घोड़े से जम्प करने की आवाज़ आयी..... फिर किसी के रोबीले कदमो की गड़गड़ाहट के साथ किसी के कदमो के आगे बढ़ने की आवाज़ सुनाई देने लगी.... और इसके साथ हे साथ डाकुओ ने हवा में फायरिंग शुरू कर दी.... ढिकिआऊआ.... ढिचकिआओ..... ढिचकिआओ....... ऐसा दृस्य था मानो किसी के आने का जश्न मनाया जा रहा हो...

और यकायक.... एक रोबीला व्यक्तित्व का आदमी घर के गेट से अंदर घुसता हुआ दिखा..... और उसके साथ हे डाकू ने गाना गाना शुरू कर दिया.....


हो गया कार दिल टन मैं

एस्कोबार चक्किया

दस्सो किन्ने पिंजरे च

शेर डाककया


बिग Stepper’an ने चक्क्ते स्टेप नई

तेरे शहर विच खली करनी क्लिप नई

इक जीप कड़ी मेरी ठाणे दे विच

बदले दी मैं दो लेना

नई मैं डाकू


नई मैं डाकू इक नंबर डा हाँ

जेहड़ी चीज ते आंख ओह खो लेना

नई मैं डाकू इक नंबर डा हाँ

जेहड़ी चीज ते आंख ओह खो लेना






तभी एक रोबीला वयक्ति जिसके मुँह पे गमछा बंधा हुआ था पीठ पे बन्दूक लटकी हुई थी सीने पे गोलियों की बेल्ट टाँगे हुए घुसता है....

और कहता है....

" मई डाकू.... एक नंबर का हु...

जिस चीज़ पे आँख पद गयी

वोह ले लेता हु... " है है है.. 😀






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सभी डाकू.... - सरदार की जय हो.... सरदार को जय हूँ.... सरदार की जय हो...

सरदार - ( हाथ उठा के ) बस

सरदार - बताओ कहा है घर वाले और वोह कहा है जिसने शादी का लाडू खाया हुआ है....

डाकू - सरदार मैंने भेजा था दूल्हे को ढूढ़ने लेकिन कोई बता नहीं रहा है की दूल्हा कहा हैं...

सरदार - अच्छा.... इधर आना बेटे मई बताता हु किस तरह दूल्हा और घर वाले बहार निकलेंगे....

डाकू - जी सरदार....

सरदार के करीब जाता है....

डाकू - जी बताइये


सरदार - जरा कान पास लाना...

डाकू - जी सरदार.....

धाययययय....... धाययययय..... धाययययय...

सरदार ने उसके कान में फायर कर दिया और वोह वही तैय बोल गया....


और किसी को जान न है की कैसे बहार निकलवाना है दूल्हे को....

डाकुस - नहीं नहीं सरदार हम. समझ गए...

सरदार - अगर इनको नहीं पता है तोह औरतों को छोड़ के सभी को मार दो...

डाकुस - ठीक है सरदार...

डाकुओ ने फिर से पूछा

लेकिन सभी का एक हे जवाब आया की अभी वोह घर आया था और अभी अभी उसकी माँ के साथ बात कर रहा था.... उसकी बहने भी थी उसके साथ....


सरदार - दूल्हे को छोडो उसकी माँ और बहनो को पकड़ो....

डाकू - जी सरदार.....

डाकू ने अब सीता और गीता को अपने बन्दूक की नोक पे रख दिया....






सीता - हमको छोड़ दो.... हमें नहीं पता...

सरदार - ारी भीकू ये कांचा माल तोह बहुते मस्त है रे....

डाकू ( भीकू ) - हां सरदार बड़ी नमकीन है...

डाकू 2 - सरदार ये दूसरी वाली भी बड़ी हरी भरी है.... देखो तोह जरा कैसे मतवाली गांड है इसकी....

सरदार की नज़र गीता पे पड़ी...

सरदार - ारी हां रे मंगलू.... सही कह रहा है ये तोह बड़ी स्वादिष्ट लग रही है....

जरा पूछो तोह इन चिपकलियूं से की इनकी माँ और भाई कहा है... कही दोनों छोड़ी छोड़ा तोह करने नहीं गए... 😁


डाकू - 😆.... है सरदार पूछता हु...

मंगलू - बता बुलबुल तेरी मुम्मिया कहा है..

गीता - कुछ नहीं बोलती...

( संजू ) सजाना - मई बताती हु....

वोह अलमारी के पीछे छुपी हुई है....


सास - सत्यानाश हो इस संजना का...

सरदार - ये मर्दाना आवाज़ वाली औरत कौन है बी.... जरा चेहरा घुमवा तोह इधर...

डाकू - सरदार को अपना चेहरा तोह दिखा

संजना ने अपना फेस सरदार की तरफ घुमाया...

संजना का चेहरा देखते हे सरदार की 😍 तोह ांकें हे चमक उठी....

सरदार " झलक दिखला जा... झलक दिखला जा... एक बार आजा आजा आजा आजा ाआआज़ाअ.. "

सरदार - ये तोह हुस्न पारी है बी मंगलू....

मंगलू - जी सरदार.....

सरदार - ये तुम्हारी आवाज़ मरदाना कैसे है सुंदरी...

संजना - वोह क्या है न मेरा गाला खराब है थोड़ा सा...

सरदार - ओह... ऐसा क्या... कोई बात नहीं हमको चलेगा....

तोह बताओ तुम क्या बता रही थी...

संजना - वोह न अलमारी के पीछे है दूल्हे की माँ और उस कमरे के अंदर है दूल्हा जिसमे ताला लगा है....


गीता - तुम झूट बोल रही हो.... सरदार ये झूट बोल रही है.... वह नहीं है....

संजना - चल जा रे मुई... मैंने खुद अपनी आँखों से देखा है.... सरदार जी आप अपने डाकुओ को भेज के चेक कर लो....

सरदार - हमको तुम्हारी बात पे विश्वास है सुंदरी.... जाओ बे देखो सुंदरी ने जो जो जगह बताया है वह....

गीता और सीता संजना को गुस्से भरी नज़रो से देख रही थी....

गीता & सीता ( मैं में) - कलमुही कही की खा जरुरत थी बताने की..... अच्छा हो अगर सरदार इसकी गांड में गोली मार दे....


मंगलू... - सरदार ये सुंदरी तोह सही बोल रही थी यहाँ छुपी बैठी है दूल्हे की माँ....

सरदार लेके आओ.... साली को इधर....

भीकू - सरदार इस कमरे में तोह ताला लगा है...


सरदार - भैसिडीके.... तोह बन्दूक क्या तुझे दिवाली में चलने के लिए दी है...

ताले को बन्दूक मार के तोड़ दाल....


भीकू - सरदार बन्दूक मारी लेकिन नहीं टूट रहा...

सरदार - अबे कब मारी तूने बन्दूक आवाज़ क्यों नहीं आयी...

भीकू - ये देखिये फिर से मारी...

सरदार - अबे सूअर आदमी.... मैंने इस तरह से बन्दूक मारने को नहीं कहा था.... मेरा मतलब है बन्दूक चला और ताला तोड़ दाल...

भीकू - ओह्ह... अब समझा...

भीकू ने अब ताला तोड़ दिया और गोलू को पकड़ लिया... और घसीटे हुए गोलू को सबके सामने ले आया...


भीकू - ये रहा सरदार दूल्हे मिया...

सरदार - इसकी माँ कहा है...


मंगलू - यहाँ है सरदार...

चल बेहेनकि.. चल तेरी तोह...


मंगलू गोलू की माँ को सरदार के पास ले जाकर पटक देता है....

चंदा की सास का चेहरा जैसे हे डाकू देखता है...

सरदार ( मैं में) - 😮 ये क्या ये तोह मेरा प्यार है.... जिसने मुझे धोका दिया और शादी कर ली जिसके कारन मई डाकू बन गया.... आज जेक ये कमीनी मुझे मिली है....

तभी उधर से नाहा के आता हुआ गोलू का बाप आता है जिसको देख के गोलू की माँ उससे जाके लिपट जाती है...

गोलू की माँ - देखिये न जी... ये डाकू हमारे बच्चे के साथ क्या कर रहे है...

सरदार जब अपनी एक्स गर्लफ्रेंड को उसके पति से लिप्त देखता है उसके नशो में खून 440 की स्पीड से रन करने लगता है.... उसकी आंखें लाल हो जाती है.... वोह अपने पीठ पे लाधि हुई बन्दूक को निकलता है और एक जोर का फायर करता है ढिचकिआओ........ गोली सीधा जायके गोलू के बाप के भेजे पे लगती है और वोह वही उस वक़्त तय बोल जाता है.... डाकू से लेके सभी शॉक हो गए क्युकी सरदार जायदातर अपना बन्दूक उसे नहीं किया करता था....

सरदार ने अब गोलू पे भी बन्दूक तान दी और कर दिया फायर.... धाययययय.. धाययययय.... गोलू भी वही के वही तय बोल गया....

औरतें ये सब दृश्य देख घबरा गयी और चीखने और रोने लगी.... सीता और गीता का तोह रो रो के बुरा हाल हो गया...

चंदा की सास... अपना सर पटक पटक के रोये जा रही थी....


चंदा की सास - हैई रे मार दिया मेरे पति को मेरे बच्चे को...

तभी सरदार - चुप हो जा छिनाल.... साली.... अब तुझे दर्द का एहसास हुआ न की कोई अपना खुद से दूर जाता है तोह कैसा लगता है...

सरदार अपना गमछा खोलते हुए...

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चंदा की सास - तुम.....

सरदार - हां मई.... वही जिसने तुझे प्यार किया तुझपे खुद से भी जयादा भरोसा किया और तूने मुझे धोका दिया मेरे दिल के साथ खिलड़वाद किया और अपने इस पति के साथ हसी खुसी रहने लगी.... तेरे उस धोके ने मुझे आज डाकू बना दिया.... आज जो इतने सालो से मेरे दिल में जो आग लगी हुई थी वोह ठंडी हुई,..


चंदा की सास - तोह इसमें मेरे बेटे की क्या गलती थी उसको क्यों मारा...

सरदार - क्युकी वोह तेरे और इस तेरे मरे हुए पति की निशानी थी....

सरदार - भीकू मंगलू और बाकी के साथियो लूट लो यहाँ का सब कुछ और ले चलो इन सभी औरतो को अपने साथ.....

सभी ने ऐसा हे किया...

गीता और सीता उसके साथ साथ संजू और मोनिका भी शॉक थी की सरदार और चंदा की सास की प्रेम कहानी भी हो सकती है ये जान के...
 
अभी..... सीता गीता मोनिका & संजू इस शॉक से उबरे हे नहीं थी की चंदा की सास और उस सतदार ( डाकू) प्रेमी जोड़े रह चुके थी...

और फिर से सरदार ने एक नया बम फोड़ दिया....

सरदार - ले चलो सभी औरतों को और यहाँ का सारा सामान लूट लो....


daku's - जो आज्ञा सरदार....

सभी डाकू सरदार की बात को मानते हुए.... वह उपस्थित सभी औरतों को उठा लेते है और साथ हे साथ वह का सारा सामान लूट ले जाते है....





इधर....

लता उन दोनों बेहोस लड़को को लेके सुमोना ✨ के पास पहुँचती है....


लता - परिणाम मलिका...

सुमोना ✨ :- ारी.... दासी माँ आप मुझे परनाम क्यों कर रही है.... और मुझे मलिका क्यों बुला रही है... आप मुझे सुमोना बेटी हे कहा करिये न उसमें अपना पैन सा लगता है...

लता - अच्छा अच्छा... ठीक है बाबा...

" सुमोना बेटी " अब खुस...


सुमोना ✨ :- हां.... अब बताइये क्या बात है...

लता - वोह सुमोना बेटी मुझे आज जंगल में विचरण करते हुए ये 2 लड़के मिले तोह मैंने सोचा की देखो कैसा गरम गरम खून है ताज़ा जवनन जब तुम इनका खून पियोगी और इनके ताज़े मांश का भोग लगाओगी तोह कितना मजा आएगा यही सोच के मई इनको यहाँ पे ले आयी....

सुमोना ✨ :+ ओह मेरी प्यारी.... दासी माँ 😍

आप कितना सोचती हो मेरे बारे में.... इतना तोह मई खुद भी अपने आप के बारे में नहीं सोचती....






लता मुश्कुरा के....

लता.... - क्या करू अब अपनी बच्ची के बारे में उसकी माँ न सोचेगी तोह और कौन सोचेः..


सुमोना - थैंक यू दासी माँ...

लता - व्लकम... एन्जॉय योर... टेस्टी 😋 टेस्टी 😋 मील 🍴🍱...

सुमोना ✨- हां...

लता अब उन दोनों लड़को को सुमोना को सौप के चली जाती है....

इधर..... चंदा को होश आ जाता है....

थोड़ी हे देर में डॉक्टर्स बहार आते है...

कल्लू - क्या हुआ डॉक्टर साहब..


डॉक्टर - अब वोह खतरे से बहार है... आप उनसे मिल सकते है...

कल्लू - बहुत बहुत शुक्रिया....

ढोलू - चल जल्दी चंदा दीदी को देखने....

कल्लू और ढोलू दोनों चंदा को देखने जाते है...

ढोलू - चंदा दीदी तुम ठीक हो...

चंदा - हां... मई अब ठीक हु ढोलू.... लेकिन संजू कहा है.. वोह नहीं आया क्या....

कल्लू - वोह संजू भैया न....**************-*************......

( फिर कल्लू ने संजू और मोनिका के बारे में बता दिया जो उन्होंने प्लेन बनाया था..)


साड़ी बात सुनके....

चंदा - क्या....? 😮....


कल्लू - हां... दीदी...

चंदा - ये क्या किया मैंने मेरी वजह से खामखा संजू और मोनिका को वह फसना पड़ा.....

ढोलू - ारी आप ऐसा क्यों सोच रही है मुश्किल के घडी में अपने हे तोह काम आते है न...

वैसे एक बात बताइये दीदी की आपने ज़हर क्यों खा लिया था..... अगर आपको शादी नहीं करनी थी तोह आप हमको बताती हम बिमला काकी से बात करते शादी न करने को बोलते...


चंदा - नहीं... नहीं.... माँ नहीं मानती 😣

अब मई माँ को क्या जवाब दूंगी.... उनसे नज़रे कैसे मिलाऊँगी.... माँ को जब पता चलेगा की मैंने शादी से बचने के लिए ज़हर खा लिया था तोह वोह तोह मुझपे बरस हे पड़ेंगी...


ढोलू - ऐसा कुछ नहीं होगा दीदी हम है न आपके साथ

कल्लू - मई संजू भैया को कॉल करके बता देता हु की चंदा दीदी को होश आ गया है...

ढोलू - हां.. हां... लगा फ़ोन...

चंदा - नहीं... नहीं... तुम लोग ऐसा कुछ भी नहीं करोगे.... अब मई सब सही कर दूंगी मई जाकर अपने ससुराल वालो से माफ़ी मांग लुंगी और उनको सब सच बता दूंगी और अपनी सहेली और संजू को वह के पचड़े से बहार निकल लुंगी... मई अब और किसी को अपनी वजह से दुःख नहीं देना चाहती.... आखिर एक न एक दिन सच सबके सामने आ हे जाता तोह आज हे मई उस सच को सामने लाऊंगी...

ढोलू - लेकिन...

चंदा - लेकिन वेकिन कुछ नहीं.. मुझे घर ले चलो अब मई सबके सामने अपना गुनाह कबूल करना चाहती हु....

कल्लू और ढोलू को उसकी बात मान नई पड़ी....

कल्लू और ढोलू चंदा को लेकर घर चले गए...

घर पे बिमला और मल्टी मेहमानो के साथ बातचीत में व्यस्त थी...

तभी चंदा कल्लू और ढोलू के साथ घर में एंटर होती है... जिसको देख बिमला...

बिमला दौड़ते हुए उसके पास आती है....

बिमला - बेटी... बेटी क्या हुआ तेरी ऐसी हालत कैसे हुई... तेरी मांग सुनी क्यों है... बता... बता न... तू यहाँ क्यों चली आयी है....


चंदा अपनी माँ बिमला के पेअर में गिरके रट हुए अपना गुनाह कबूल करती है....

सारे मेहमान जो वह उपस्थित थी... सभी बड़ी हैरत भरी नज़रो से चंदा को देखने लगते है...


बिमला ने जैसे हे सच्चाई जानी.... उसने आव देखा न ताव जो थप्पड़ो की बरसात चंदा पे करनी शुरू की.... की क्या बताऊ.... चटाककक... चाताआखक्क... चटककक...

कलमुही.... नाक कटा दी तूने मेरी... आखिर मर क्यों नहीं गयी तू.... बता तूने ऐसा क्यों किया......

अगर करनी हे नहीं थी शादी तोह बताया क्यों नहीं... मन कर देती...


कल्लू और ढोलू वही खड़े खड़े सारा तमासा देखते रहे...

मल्टी ने आके बिमला को रोका.... और

मल्टी - बिमला दीदी रुक जाओ.. ये क्या कर रही हो आप.... ऐसे कोई मारता है अपने बच्चे को...


मल्टी ने फिर बिमला को समझाया भुजाय.... चंदा के पक्ष में बात की.... और समझाया की अभी भी कुछ बिगड़ा नहीं है हम उनके यहाँ जेक माफ़ी मांग के मोनिका और संजू को वापस ले आ सकते है....

बिमला को भी उसकी बात समझ में आयी और फिर बिमला मल्टी चंदा ढोलू और कल्लू करके निकल पड़े चंदा के ससुराल....

इधर.....

डाकुओ का झुण्ड..... सीता गीता और पपीता 😅 मतलब की उसके साथ और भी लोगो को लेके अपने कसबे में पहुंचते है....


वह पहुंच के....

सरदार.... - मंगलू.... बेटे इधर ाइयो...

मंगलू - जी सरदार....

सरदार - बेटे... हमारी सनम बेवफा कहा है जरा उसको हमारे सामने लाइव...

मंगलू - सरदार..... सनम बेवफा आपकी कबसे हो गयी सरदार वोह तोह कोई छटाँकी से हीरो की है न....

सरदार - बेटे... बेटे.... मंगलू.... तेरी माँ की छु...... साले... मई अपनी वाली सनम बेवफा की बात कर रहा हु....

मंगलू - मई भी तोह वही बोल रहा हु न सरदार.... की आपकी वाली सनम बेवफा कब रिलीज़ हो गयी.....

सरदार - रिलीज़ तोह बहुत पहले हो गयी है री.... लेकिन मुझे अपने भीतर रिलीज़ करने का मौका नहीं दिया 🥲....

मंगलू - ाअय्ययएईएएनन्न😵

सरदार - बस.... बोशदीके बेटे... बस... मई समझ गया की तेरे बस का नहीं है जा... तू अपनी माँ छुड़ा.... ारी भीमा कहा है रे तू.... लेके आ रे मेरी उस बेवफा को.....

भीमा... - अभी लाया सरदार....

भीमा ने चंदा की सास को सरदार के सामने परोस दिया...

भीमा - ये लीजिये सरदार....

सरदार - देख बुर के ये है सनम बेवफा...

मंगलू - ओह... अब समझा... की इस औरत का नान सनम है इसने बेवफा फिल्म में काम किया है है न है न... मैंने सही कहा न सारदा... 😀

सरदार - ... मेरे... बेटे... बेटे.... इधर... आ... वाह.... वाह... मेरे बेटे वाह..... आज पहली बार.... तूने अपने दिमाग का सही इस्तेमाल किया है.... आजा... मेरे बेटे मेरे गले लग जा.... आ आ मुन्ना आ....

मंगलू - सरदार.....

( अपनी बाहिएँ फैला के सरदार की ऑर्डर गले मिलने जाने लगा...)


सरदार - चटाक्क्क्क.... चाताआकककक... चटाक्क्क्क...... भोस्डिके.... जब देखो.... ूल... जलूल... बात करेगा... दिमाग लगाया फिर भी गलत हे पकड़ पाया....

मंगलू - 😭😭😭

सरदार - भाग भोस्डिके.... यहाँ से दूर जाके रो....

मंगलू रट हुए भाग गया...

सरदार - और इसकी बेटियां कहा है रे भीमा जरा उनको भी तोह हमारे पास लाओ.... और वोह एक सुंदरी थी न वह जरा उस सुंदरी को भी आदर पूर्वक यहाँ लेके आओ....

सरदार के सामने तुरंत पेश किया गया....

सरदार - तोह तुम हो इसकी बेटियां....

क्या नाम है तुम दोनों का....


दोनों कुछ नहीं बोलती..

भीमा - सरदार कुछ पूछ रहे है बोल.... बोल वर्ण गोली दाग दूंगा...


सरदार - भीमा.... ये क्या कर रहा है... बच्चियां... है.... आराम से....

भीमा - सॉरी सरदार....

सरदार - बताओ... क्या नाम है तुम्हारा...

संजना - ये लोग नहीं बताएंगी.... सरदार.... मई हे बता देती हु...

सरदार - ारी... ारी.. सुंदरी जी.... आप कड़ी क्यों है....

भीमा इनको बैठने के लिए खाट दे...

भीमा - जी सरदार...

ये लीजिये बैठिये...


संजना - शुक्रिया...

सरदार - तोह कहिये आप... क्या कह रही थी...

संजना - मई ये कह रही थी की इनका नाम है सीता और गीता...

सरदार - अच्छा.... बड़ा हे अच्छा नाम है जी... और आपके मुँह से सुन के तोह और भी अच्छा लग रहा है...

संजना 😁 - शुक्रिया...

सरदार - और आपका नाम क्या है जी...

संजना - संजना नाम है मेरा... प्यार से लोग मुझे संजू बुलाते है...

सरदार - ये संजू नाम थोड़ा मर्दाना नहीं है जी...

संजना - है तोह सही लेकिन मुझे वही पसंद है...

सरदार - कोई नहीं जी आपको पसंद है तोह हम भी पसंद कर लेंगे...

सरदार - संजू जी आपको किसी चीज़ को जरुरत हो तोह बेज़ीज़हैक हमसे कहियेगा हम आपकी साड़ी खवाइश पूरी करूँगा....

संजना - जी शुक्रिया...

भीमा - सरदार इन बाकी औरतो का क्या करे....

सरदार - आपस में बात लो...

भीमा - जॉब हुकुम सरदार.... और इस बेवफा और इसकी बेटी बहुओं का

सरदार - इन लोगो का क्या करना है ये मई कल तय करूँगा.... तब तक के लिए इनको कोई हाथ भी नहीं लगाएगा....

भीमा - जो हुकुम सरदार....


भीमा ( मैं में) - कही इस बुड़ाओ का अपने प्रेमिका और उसकी बेटी बहुओं को देख प्यार तोह नहीं जाग गया कही ये एंटी मस्त मस्त माल दोनों लौंडियो को अपनी बेटी न बना ले इसके रंग ढंग से यही लग रहा है की इसके दिल के अरमान फिर से जाग रहे है.... मुझे इन दोनों हिरणियों में से किसी एक का भोग तोह लगाना हे है चाहे जो भी हो....





इधर.... चंदा कल्लू ढोलू के साथ मल्टी और बिमला जब चंदा के ससुराल पहुंचे तोह वह की हालत देख क्र सब दांग रह गए...

चारो तरफ मर्दो की लाशें.... खून कही दीवारों पर तोह कही ज़मीन पे बिखरा पड़ा था..... और जब उन सभी की नज़र दूल्हे और उसके बाप पे पड़ी तोह बिमला के मुँह से छींक निकल गयी ....

बिमला -+ 😱😰

चंदा - क्या हुआ माँ....

बिमला - 😩 तू विधवा हो गयी बेटी तू विधवा हो गयी....

कल्लू - पर काकी ये कैसे हो सकता है...??

बिमला - कैसे हो सकता है क्या मतलब पति की लाश सामने पड़ी है वोह मर चूका है ऐसी औरत को विधवा नहीं तोह क्या कहु...

ढोलू - काकी कल्लू सही कह रहा है....

बिमला - अच्छा तोह तू हे बता ऐसा क्या सही कह दिया इसने...

ढोलू - की.... काकी.... चंदा दीदी की तोह शादी हुई लेकिन वोह 7 फेरो से पहले हे बदल चुकी थी.... इसलिए शादी शादी नहीं थी... न तोह मोनिका की दूसरी शादी हुई और न hi चंदा दीदी की शादी हो पायी.... और इसका मतलब ये है की चंदा दीदी अभी भी कुवारी है न की विधवा....

बिमला - अच्छा अच्छा... समझ गयी मई.... लेकिन ये सब यहाँ क्या हो गया है.... यहाँ इतनी साड़ी लाशें कैसे पड़ी है और मोनिका और संजू कहा है.... आखिर यहाँ हुआ क्या है...

कल्लू - मई ाएस पास पड़ोस से पूछ के देखता हु...

बिमला - हां.... चल हम भी तेरे साथ चलते है यहाँ इन लाशो को देख के मुझे डर सा लग रहा...

फिर सभी पास पड़ोस में जाके पता करने जाते है...

पड़ोस में एक आदमी जा रहा था...





कल्लू - भाई साहब सुनिए जरा...

आदमी - क्या हुआ...

कल्लू - आप बता सकते है की यहाँ इस घर में आज सुबह क्या हुआ......

आदमी - हां... भैया... अब मई क्या हे बताऊ... आज सुबह सुबह... हे डाकुओ का झुण्ड आया और इस घर को समसान बना के चला गया...

डाकू का नाम सुनते हे सबकी गांड फट गयी...

बिमला तोह थार थार कांपने लगी...


कल्लू - और वह जो भी औरतें थी वोह कहा गयी.. यहाँ तोह बस मर्दो की लाश है...

आदमी - वोह वोह... डाकुओ ने सभी औरतो को उठा लिया.... और अपने साथ ले गए....

मल्टी - इसका मतलब उन्होंने संजू को भी उठा लिया हैं...

ढोलू - लग तोह यही रहा है काकी....

कल्लू - अब क्या करे.... पुलिस में कंप्लेंट करे क्या...

ढोलू - हां.... यही करना पड़ेगा....

चंदा - चलो फिर जल्दी पुलिस स्टेशन चलो....

सभी एक साथ पुलिस स्टेशन के लिए निकल पड़े...





इधर..... रात को कसबे में सोने की व्यवस्था कुछ इस प्रकार की गयी की..... संजना सीता गीता मोनिका और चंदा की सास को एक जगह पे एक तम्बू में सोने को जगह दिया गया....

बाकी और उठा के लायी गयी औरतों को सभी डाकू ने अपने अपने लिए चूसे कर लिया था और सभी अपनी अपनी चूसे की हुई उठा के लायी औरत को बजाने में व्यस्त थी....

सभी के तम्बू से आअह्हह्ह्ह्हह.... ुह्ह्ह्हह्ह.... सस्शह्ह्ह्हह्ह्ह्ह..... आआआह्ह्ह्ह...... फचाककक... फछकककककक.... फछककककक..... ठप्प्प.... ठप्प्प.... थापपप.... की आवाज़ आये जा रही थी.....

यही सही मौका पाके..... संजना ने उर्फ़ संजू ने सीता गीता मोनिका और चंदा की सास को उठाया और कहा....

संजना - देखो.... अभी सभी चुदाई में व्यस्त है..... किसी का ध्यान इस ऑर्डर नहीं है..... हमारे पास अच्छा मौका है यहाँ से भागने का.. इससे ाचा मौका नहीं मिलेगा यहाँ से रफू चक्कर होने का





संजना की बात में सबको डैम लगा.... और सभी उसकी बात मानते हुए वह से निकल गए....

संजू के दिमाग में एक ख़याल आया.....

क्यों न कुछ तूफानी किया जाए.....

इसलिए संजू ने उन सबको वह से निकलने को कहा और खुद रुक गया....


और जो मसअल जल रही थी..... वोह मसाएल.... को पकड़ के एक जगह पे रख दिया और बारूद इक्कठा करने लगा......

बारूद इक्कठा करने के बाद संजू ने बारूद को सभी के तम्बुओ पे बिछाने लगा....

संजू ने सभी के तम्भूओं के पास बारूद बिछा दिया और फिर मसअल से आग लगा दी... आग बारूद के कारन भयानक रूप लेने लगी और थोड़ी हे देर में सभी तम्बुओ को जलाने लगी...... धू धू करके..... पूरा का पूरा क़स्बा जलने लगा..... संजू अब वह से निकल लिया....


और जल्दी से सीता गीता मोनिका और चंदा की सास के पास पहुंच गया....

मोनिका - तुम कहा गए थी...

संजू - वोह मई उन सबको ठिकाने लगाने गया था .....

सीता गीता चंदा की सास - गया था.... ये क्या बोल रही हो संजना तुम....

मोनिका - अब वक़्त आ चूका है संजू की तुम अब अपना सारा सच बता दो....

सीता - ये क्या बोल रही हो तुम भाभी....

मोनिका - मई सही बोल रही हु..... न हे मई तुम्हारी भाभी हु न हे ये कोई संजना है.... ये है संजू..... और मोनिका ने सब सच बता दिया....

सीता गीता की माँ - क्या... बोल रही हो तुम....

संजू - जी मोनिका बिलकुल सही बोल रही है....

हमने बिमला काकी की इज़्ज़त बचने के लिए ये सब किया था....


गीता - तुम लोगो ने हमारे साथ धोखा किया है..... तुम लोग अच्छे नहीं हो धोकेबाज़ हो..

मोनिका उनको समझाने की कोशिश करती है.... लेकिन वोह लोग उसको भी खरी खोटी सुनाने लगती है.....

और संजू और मोनिका को छोड़ के अलग हे अकेले जाने लगती है....

संजू - जाने दो.... जाने दो....

चलो अब घर चले....

मोनिका - लेकिन घर जाके जब बिमला काकी पूछेगी तोह क्या जवाब देंगे....


संजू - पता नहीं.... लेकिन घर तोह जाना हे पड़ेगा....

मोनिका - है... वोह तोह है... चलो फिर....

संजू और मोनिका घर के लिए चल पड़े....

संजू और मोनिका घर पहुंच गए....

तोह मेनका से पता चला की वोह सभी तोह उनको हे लेने गए थी....

संजू - क्या.... अरे.. मेनका फ़ोन करो उनको और बताओ की हम घर आ गए है...


मेनका : - हां हां लगा रही हु...

मेनका ने फ़ोन लगाया... और साडी बात बता दी...

मेनका के फ़ोन के बाद चंदा &सीओ सभी घर आ गए.....

मोनिका ने साड़ी बात बताई....

बिमला को भी अपनी गलती पर पछतावा हुआ की उसको अपनी बेटी का बियाह ऐसे हे नहीं करना चाहिए था...... और सब कुछ नार्मल सा हो गया....


लेकिन पिक्चर अभी बाकी है मेरे दोस्त....

सरदार जो हगने के लिए निकल चूका था..... जब वोह आया तोह देखा उसका क़स्बा जला पड़ा हुआ है....... और पांचो.,... औरत ( संजना सीता गीता मोनिका और सीता गीता की माँ) गायब है


उसको सारा माजरा समझ में आ गया....

सरदार - तूने फिर से मुझे धोका दिया...... प्यार तोह तू मुझे पहले हे धोका दे चुकी थी लेकिन इस बार तूने मुझे धोका देने के साथ साथ मेरे कस्बो वालो को भी दर्दनाक मौत दिया है....... इसका बदला लिया जायेगा..... और जरूर लिया जायेगा.....


इधर...... ये तीनो माँ बेटियां...... जंगल में भटक गयी..... उनको जंगल से निकलने का रास्ता नहीं मिल रहा था....

सीता - माँ ये हम एक हे जगह पे बार बार कैसे पहुंच जा रहे है....

गीता - हां माँ.....

SG-Maa- हां... बेटी... हम कबसे एक हे जगह पे घूम रहे है...

तभी शहहह.... शह्ह्ह्ह.... सशह्ह्ह्ह... की आवाज़ हुई.... और एक भयानक...... एनाकोंडा..... निकल के सामने आया........

जिसको देख के तीनो माँ बेटियों की गांड फट गयी....

इधर...... घर पे सारे मेहमानो को विदा कर दिया गया.....



 
एप 70

सब कुछ नार्मल सा हो गया था.....

चंदा को भी बिमला ने माफ़ कर दिया था....

सब पहले की तरह हे चल रहा था....

तभी..... मल्टी को किसी का फ़ोन आया....

मल्टी - hello..... हां कौन....

उधर से - hello हमको नहीं पहचानी.... हम बोल रही हु तुम्हारी बुआ.....

मल्टी - ही... दिया.... बुआ जी.... इतने दिनों बाद फ़ोन की है.... परनाम परनाम....

उधर से बुआ जी... - खुस रहो... बिटिया...

मल्टी - और का हाल चाल.... सब ठीक बा...

बुआ जी - नहीं... बिटिया सब ठीक नहीं बा.... बिटिया...

मल्टी - ऐसा काहे बोल रही हो बुआ क्या हुआ...

बुआ जी - बिटिया.... तुम्हारा फूफा जी.... 😭.... निपट गए....

मल्टी - हाई.... दिया... ये कब हुआ....

बुआ जी - कल हे रात की बात है बिटिया....

मल्टी - अचानक कैसे...

बुआ - पता नहीं. 🥲.. तुम यहाँ आ जाओ बिटिया..

मल्टी - जी बुआ जी... हम जरूर आएंगे....

अच्छा ठीक है बुआ जी अब हम फ़ोन रखते है....

बुआ - ठीक बा बिटिया....

मल्टी ने अब फ़ोन रख दिया...

मल्टी ( अब क्या करू.... जाना तोह पड़ेगा.... लेकिन बुआ जी का घर तोह बहुत दूर है अकेले कैसे जाऊ.... बिमला दीदी को साथ में चलने को कहती हु..... हां... ये ठीक रहेगा....)

मल्टी - ा... ा... बिमला दीदी.... कहा हो ज़रा इधर आना तोह....

बिमला - क्या हुआ मल्टी...

मल्टी - वोह न तुमसे ेको बात करनी थी.

बिमला - हां.. बोलो.... क्या बात करनी है....

मल्टी - वोह बात दरअसल ये है की.... हमारे फूफा जी निपट गए तोह हमरी बुआ हमको अपने यहाँ बुलाई है.... तोह हम सोचे अकेले कहा इतनी दूर को जाएंगे इसलिए हम सोचे तुम भी हमारे साथ चलोगी तोह अच्छा रहेगा...

बिमला ( मैं में) - ये छिनाल तोह मुझे भी अपने साथ ले जाना चाहती है ऐसे फालतू जगह पे.... लेकिन क्या करू इसकी बात नहीं मानी तोह इसकी साड़ी प्रॉपर्टी जो अपने नाम करने वाली हु उसमे आना कानि कर देगी ये छीनलिया.... इससे अच्छा है इसकी बात मान लेती हु...

मल्टी - क्या हुआ दीदी....

बिमला - कुछ नहीं.... अच्छा ठीक है तोह मई भी तेरे साथ चल लुंगी....

मल्टी - खुस होते हुए थैंक यू बिमला जीजी...

बिमला - इसमें थैंक यू की क्या बात अब हम एक परिवार है और परिवार हे परिवार के काम नहीं आएगा तोह क्या फायदा.....

मल्टी - हआ... ये बात आपने सही कही दीदी.... लेकिन एक बात का टेंशन है...

बिमला - टेंशन.... किसका....

मल्टी - जीजी... वोह आपको तोह पता हे है की चंदा और मेनका दोनों हे मोनिका के साथ उसके यहाँ कुछ दिनों के लिए चली गयी है...

बिमला - हां... पता है मुझे कल हे तोह गयी है कह रही थी की 1 ात हफ्ते रुक के आएँगी...

मल्टी - हां... और अब हम दोनों भी यहाँ नहीं रहेंगे....

बिमला - हां... तोह क्या हुआ...

मल्टी - तोह संजू यहाँ अकेला हो जायेगा उसके खाने पीने के लिए व्यवस्था का क्या होगा.... और ऊपर से उसकी तै भी उसके ताऊ के बुलावा आने पे जा चुकी है अब बस संजू हे अकेला बचता हैं...

बिमला - ारी..... इतनी सी बात.... इसके लिए इतना टेंशन क्यों ले रही है..... कजरी है न वह कुछ दिन के लिए संजू खाना पीना नहाना धोना और सोना कर लेगा क्या दिक्कत है आखिर पडोसी कब काम आएंगे....

मल्टी - ारी... हां.. जीजी... मई तोह भूल हे गयी थी.... थैंक यू आपने तोह मेरी साड़ी समस्या हल कर दी....

बिमला : - थैंक यू व्यंक यू छोड़ जेक कजरी को बोल आ की जब तक हम बहार है तब तक वोह संजू का ख्याल रख ले..... और जल्दी आना आके पैकिंग भी करनी है....

मल्टी - हां.. जीजी...

मल्टी अब बलखाते हुए कजरी के घर की तरफ निकल पड़ती है.....

मल्टी कजरी के घर के पास जाके... दरवजा खटखटाने लगती है...

मल्टी - thakkk.....thakkkk.....thakkkk......thakkkkk....thakkk..kajri.... ो.... कजरी..... दरवाजा खोल....

थोड़ी देर बाद दरवाजा खुलता है....

मल्टी - ारी फागुन काकी आप...... कजरी कहा है...

फागुन - ारी बेटी क्या बताऊ की वोह कहा है उसको उसकी सास यानि मेरी संधान जी अपने साथ अपनी बेटी के घर ले गयी है मई हे बस अकेली हूँ घर में....

मल्टी - ओह अच्छा...

फागुन - हां... बताओ बेटी कुछ काम था क्या कजरी से...

मल्टी - हां... वोह क्या है न की मई और बिमला जीजी करके कही बहार जा रहे है तोह तब तक संजू के लिए रहने खाने का इंतज़ाम यहाँ हो जाता यही सोच के मई आयी थी....

फागुन - ारी... क्या कहा तुमने संजू के लिए....

मल्टी - हां....

फागुन - ारी... ारी बेटी.... संजू तोह हमारे लिए भगवान् से बढ़के है उसने पहले तोह मुझे अपने हवेली में नौकरी दी.... फिर मेरी बेटी कजरी की जान बचायी.... उन डाकुओं से....

मई जरूर मुझसे जितना हो सकेगा उतना उनके लिए करुँगी.....

मल्टी - थैंक यू काकी.... आपने तोह मेरा टेंशन हे दूर कर दिया.....

फागुन - वैसे संजू दीखता कैसा है मैंने उसको देखा नहीं है....

मल्टी - काकी आप जब उससे मिलोगी न तोह खुद हे पहचान जाओगी....

फागुन - अच्छा ठीक हैं...

मल्टी - अच्छा काकी अब मई चलती हु हमको भी निकलना है....

फागुन - है.. है... जाओ जाओ नहीं तोह देर हो जाएगी....

मल्टी अब वह से घर आ जाती है

मल्टी और बिमला पैकिंग करने लगते है...

बिमला - तुमने संजू को बताया...

मल्टी - नहीं अभी नहीं अभी वोह सो हे रहा है...

बिमला. - ारी तोह जाओ न उसको उठाओ और बताओ की अबसे कुछ दिन के लिए उसको कजरी के यहाँ सोना जागना खाना पीना है......

मल्टी - हां....

बिमला की बात माँके मल्टी संजू को उठाने चली गयी....

मल्टी - संजू.... ो... संजू.... उठ बीटा देख सुबह हो गयी.... 10 बजने को हैं..

संजू - हां... उठ रहा हु...

संजू उठ जाता है..

मल्टी - बीटा... देख मई तुझे कुछ बताने वाली हु..

संजू - हां बताइये न...

मल्टी - अभी अभी थोड़ी देर पहले मुझे मेरी बुआ का कॉल आया था उन्होंने बतया की फूफा जी निपट गए इसलिए मुझे वह जाना होगा तोह मई और बिमला दीदी करके जा रहे है वह.... तब तक के लिए तेरे रहने खाने का इंतज़ाम हमने कजरी के यहाँ करवा दिया है...

संजू - अच्छा ठीक है माँ लेकिन मुझे तोह पता हे नहीं है कजरी काकी का घर कौन सा है....

मल्टी - ारी वोह हमारे घर क्र बायीं तरफ 3 घर के बाद जो घर है न वही वाला घर है..

संजू ( वेट ा मिनट ) - क्या वोह घर कजरी काकी का हैं...

मल्टी - हां... क्यों क्या हुआ..

संजू - वह तोह कोई एक बूढी सी औरत आयी हुई न..... जो की बड़ी तेज़्ज़ है...

मल्टी - 😆- हां... वोह तेरी कजरी काकी की माँ है यानि की तेरी नानी हुई वोह.... फागुन नानी....

संजू - ओह्ह्ह.... अच्छा.... तोह वोह कजरी काकी की माँ है....

मल्टी - हां... और उनके सामने कोई गड़बड़ मत करना बेचारी तुझे भगवान् समझती है.....

संजू - अच्छा ठीक है....

मल्टी - अच्छा अब मई चलती हु बस का टाइम हो गया है...

संजू - रुको मई आपको बस स्टैंड तक छोड़ने चलता हु...

मल्टी - ठीक है चल....

संजू मल्टी और बिमला को बस 🚍 स्टॉप तक छोड़ के आता है...

और फिर कजरी के घर चला जाता है...

कजरी के घर के पास पहुंच के संजू दरवाजा खटखटाता है....

फागुन दरवाजा खोल देती है.....

फागुन ने जैसे हे संजू को देखा उसको उस दिन का सन याद आया जब संजू ने फागुन के बिच फाइट हुई थी जिसमे संजू उसको गदरायी माल और न जाने क्या क्या बोले जा रहा था

फागुन - निगोड़े तू......

संजू - आप.....

फागुन - हां.... मई लेकिन तू कमीने फिर यहाँ आ गया मुझे परेशां करने.... उस दिन तोह तू बच गया था लेकिन आज मई तुझे डंडा मार मार के तेरी सुताई करुँगी....

संजू - अरे.. अरे रुक जाओ... फागुन जी...

फागुन - तुझे... मेरा नाम कैसे पता है कमीने...

संजू - वोह बता दिया तोह आप बदनाम हो जाओगी....

फागुन - ये क्या बोल रहा है...

संजू - सही बोल रहा हु....

फागुन - अच्छा ऐसा क्या....

संजू - हां.... और अगर मैंने अपना नाम बता दिया तोह आप बाह जाओगी...

फागुन - ारी... देखो तोह महासय को इनका नाम सुनके मई बाह जाउंगी कह रहा कही के तीस मार खान हो क्या तुम... जो तुम्हारा नाम सुनके मई बाह जाउंगी...

संजू - अच्छा तोह नहीं बहोगी क्या...

फागुन - नहीं...

संजू - सोच लो...

फागुन - सोच लिया...

संजू - तोह बता दू अपना नाम...

फागुन - हां... जल्दी से बता और दफा हो जा यहाँ से....

संजू - ारी जानेमन बता दिया तोह दफा न हो पाओगी और न हे खफा रह पाओगी बल्कि अपने घर के अंदर बुलाओगी....

फागुन - अच्छा.... देखते है....

संजू - हां....

तभी पास से गुजरता हुआ चुंगी लाल...

चंगी लाल - और संजू बीटा कैसे हो....

संजू - बस काका बढ़िया हु... आप कैसे हो...

चुंगी लाल - मई भी ठीक हु बीटा....

अच्छा अब चलता हु.... काम है घर में

संजू- है...

फागुन संजू नाम सुनके संजू के चेहरे को टुकुर टुकुर ताकने लगी...

संजू - क्यों हिला डाला न 😎

मैं में -- ( लगता है हमको हलके में ले रही थी डोकरिया )

फागुन को अब समझ में आ गया की उसने कितनी बड़ी गलती करि है.... जिस संजू ने उसको जॉब दी जिसने उसकी बेटी की जान बचायी वोह संजू को वोह अपमानित कर रही थी....

फागुन ने संजू के आगे हाथ जोड़ लिए....

संजू -ारी ारी ये आप क्या कर रही हो आप मुझसे बड़ी हो ऐसा करना आपको सोभा नहीं देता.... और वैसे नहीं मैंने आपको माफ़ कर दिया है.....

फागुन - इस बात से खुस हो गयी की संजू ने उसको माफ़ कर दिया हैं..

उसके बाद फागुन ने संजू को अंदर आने को कहा..... अब जब तक मल्टी और बिमला वापस नहीं आ जाते तब तक संजू को यही जो रहना था....

संजू - क्या मई आपको फागुन नानी बुला सकता हु...

फागुन की आंखें गदगद हो गयी...

फागुन - हां.. क्यों नहीं बीटा.... तुम जो चाहो मुझे बुला सकते हो....

संजू - जी... ☺

फागुन - तुम यहाँ बैठो बीटा मई तुम्हारे लिए खाने को कुछ लेके आती हु.....

संजू - जी....

संजू खाना खता है.... फिर थोड़ा देर आराम करता है....
 
इधर....... कालपुर में एक हवेली जहा कई दिनों से कुछ अजीब तरह की रहस्य्मयी घटनाओं का दौर चल रहा tha......jiske बारे में पुलिस के पास कंप्लेंट पे कॉम्पलिएंट आये जा रही थी......

बख्तावर - सर आज फिर से उस हवेली के बारे में कंप्लेंट लिखाने कोई आया है..

सप - क्या.... उस हवेली के बारे में फिर से कोई कंप्लेंट लिखवाने आया है....

बख्तावर - हां....

सप - अच्छा ठीक है भेज उनको अंदर....

बख्तावर - चलो साहब ने अंदर बुलाया है.....

कुछ लोग बख्तावर के पीछे सप के रूम में दाखिल हुए....

4 लोग.... - परनाम साहिब 🙏

सप - परनाम परनाम..... बताओ क्या बात है....

4 लोग जिनके नाम कुछ इस प्रकार है..

1सत - मैक्स

2ंद - प्रकाश...

3रद - रसिया...

4तह - नवबोध....

प्रकाश - साहिब..... हमें कंप्लेंट लिक्वानि है.....

सप - किसके खिलाफ...

रसिया - साहिब वोह जो हवेली है न

सप - कौन सी...

नवबोध - वोह कालपुर में सुनसान एरिया में जो एक हवेली है न शैब उसके बारे में....

सप - कंप्लेंट लिखवाने की वजह क्या है....

रसिया - साहिब उस हवेली में जो लोग रहते है वोह लोगो को पैसे डबल करने का लालच देके फास्ट है और फिर उनको खेल खेलते है जो भी उस खेल में जीतेगा उसको वोह पैसा डबल करके देंगे....

प्रक्साह - लेकिन साहिब... जो उस खेल में हारेगा उसके पास बस एक हे ऑप्शन होता है......

सप - कैसा ऑप्शन...

रसिया - रन.... रन.... और रन....

मैक्स जो इतनी देर तक चुप्पी साढ़े बैठा हुआ था.....

मैक्स - ूःहूककक..... रन.... नहीं.... डायरेक्ट मौत.....

सप - ये सब तुम लोगो को कैसे पता.....

मैक्स - सर..... हमारे कुछ साथी कुछ हफ्तों पहले अपना पैसा डबल करने के लिए इस खेल को खेलने वह गए थी..... तबसे लेके अब तक उनका कुछ भी पता नहीं.....

सप - अगर उनका कुछ भी पता नहीं तोह तुम लोगो को ये कैसे पता है की वह क्या क्या होता है.... हो सकता है तुम लोग पुलिस का टाइम वास्ते करने के लिए मजाक के लिए ये झूटी कहानी सुना रहे हो.....

मैक्स - उह्ह्हूँक्क्क.... ये कोई कहानी नहीं हकीकत है सर.....

बख्तावर - तुम लोग इतने यकीन से कैसे कह सकते हो.....

मैक्स - क्युकी... जब हमारे साथियों की कोई खोज खबर हम लोगो के हाथ न लगी तोह हम बाकी के दोस्तों ने फिर से उस जगह जेक उनका पता लगाना चाहा..... जिसके दौरान इस बार हम अलर्ट 🚨 थी.... हम कुछ साथी हवेली के बहार से नज़र रख रहे थी तोह कुछ अंदर हे कैमरा 📷 ों करके अंदर की लाइव वीडियो बहार तक पंहुचा रहे थी ताकि अपने दोस्तों को ढूंढ पाए...... और अगर कही फस जाए तोह उनकी हेल्प के लिए पहुंच सके.....

सप ;- इंटरेस्टिंग..... आगे बताओ....

नवबोध - हुआ ु... की हम चारो हवेली के बहार से वीडियो देखते हुए अपने साथियों को सपोर्ट दे रहे थी.....

हमारे जो 3 साथी अंदर गए फिर से वही वाला खेल कहलने जो हमारे पहले के साथी खेलने यहाँ आये थी और फिर गायब हो गए थी....

सप - फिर क्या हुआ...

रसिया - फिर वोह लोग को भी गेम के रूल समजाये गए..... और फिर उनका पैसा भी एक बड़ी से पति में दाल दिया गया डबल करने के लिए.......

फिर गेम का 1सत लेवल शुरू किया गया जिसमे उन तीनो को एक कमरे में घुसने को कहा गया.....

हम सारा नज़ारा उनके फ़ोन के कैमरा से अपने फ़ोन पे लाइव देख रहे थी....

सप - हां.. हां पता है आगे बता बिच में ये अड़ मत घुसा....

मैक्स - फिर हमने देखा की जो रूम बोलके उन्होंने घुसवाया था वोह एक भूल भुलैया जैसा बड़ा सा हॉल था.....

वह अभी हमारा एक दोस्त ऐसे हे चल रहा था की तभी.... एक तीर अचानक से आके उसके भेजे पे घुस गया.... 😖

रसिया -- ये देख हमारे 2और साथी जो अंदर थी उनकी फट गयी...... और वोह दोनों भागने लगे.....

नवबोध - जितनी उनकी अंदर फटती थी उससे कही जयादा हमरी बहार हे फट गयी 🥲

सप - चल चल... आगे बताने दे... तू अपना फटा पुराण गांड का दरसन अभी मत करवा....

ा... ा... मैक्सवेल बीटा तू रोना बंद कर आगे सुना... कहानी बढ़िया जा रही सस्पेंस से भरपूर.....

बख्तावर - हां सर ये आपने बिलकुल सही कहा...

मैक्स - फिर हमारे जिन्दा बचे दोनों साथी घबरा के एक कमरे में छुप गए..... उन्हें छुपे हुए अभी एक मिनट से भी काम का टाइम हुआ होगा की उस रूम का गेट खडाककक..... की आवाज़ से खुला....... हमारे दोनों दोस्तों की गांड जो पहले फाटत चुकी थी अब वोह फट के चिट्ठड़ा हो गयी..... उनके दिल की धड़कन 225 की स्पीड के साथ..... धक्क... धक्.... धक्क्क... ढककक.... करने लगी..... उन दोनों के बदन के साथ साथ माथे से पसीना निकल के तप... तप.... करके जमीन पे टपकने लगा.....

दरवाजा खुलते हे..... एक गदरायी 45 साल की मस्त आंटी ने रूम में एंट्री मारी......

और कहने लगी.....

-- डार्लिंग.... ो... डार्लिंग... वेयर अरे यू.....

उस औरत की खूबसूरती देख हमारा बहार से खड़ा हो चूका था...... हम लोगो ने हिलना भी शुरू कर दिया था..... तोह अंदर वालो का क्या हे हाल होता सर....

तभी... कही से खट्ट... खट्ट... खट्ट की आवाज़ हुई...... और तबेल हिलने लगा..... बख्तावर की गांड फट गयी......

बख्तावर - सालो.... मनहूसों.... तुम तुम ये कौन सी मनहूस कहानी यहाँ सुनाने आ गए..... लगता है यहाँ भी कोई भूत प्रेत आ गया देखो देखो टेबल कैसे हिल रहा है....

बख्तावर के साथ साथ उन चारो की भी टेबल के हिलने की हरकत देख गांड फट गयी.......

सप जिसकी तोह पूरी बॉडी कपकपा रही थी और पूरा बदन पसीना पसीना हो चूका था...

बख्तावर - देखो.... भोसड़ीवाले तुम्हारी इस मनहूस कहानी ने सर को कितना डरा दिया है की उनकी बॉडी दर के मारे कपकपा रही और पूरा बदन पसीना पसीना हो गया.....

तभी..... एक कराह की आवाज़ सप के मुँह से फूटी....... और बाकी सब दर के मारे खड़े हो गए.... और सबकी गांड फट गयी...

बख्तावर - क्या हुआ... क्या हुआ सर....

सप - बख्तावर.... मेरे बेटे... आअह्हह्ह्ह्ह....

और सप के इस सब्द के साथ हे पूरे कमरे में सन्नाटा छा गया...... जो टेबल की थिरकन थी.... जो भी उन्नातुराल चीज़ें हो रही थी वोह सब थम्म सी गयी..... सप के आँख बंद हो गए.....

ये देख बख्तावर के साथ साथ चारो डर गए.....

बख्तावर - सर... सर.... सर....

लेकिन सप के मुँह से कोई जवाब नहीं आया.....

ये देख के चारो एक दूसरे का मुँह ताकने लगे....

नवबोध - हो न हो ये उस हवेली का हे असर है....

बख्तावर - सालो... कमीनो तुमने ये कैसी कहानी सुनाई के मेरे सर..... 😩😭

बख्तावर सप के पेअर के पास जेक बैठ गया और सप का पेअर पकड़ के रोने लगा

बख्तावर - सर..... सर.... आप मुझे अकेला छोड़ के क्यों चले गए सर...

वोह चारो भी अपना सर नीचे करके वही खड़े रहे....

तभी


बख्तावर.... छोड़ रे... पेअर मेरा....

बख्तावर के कानो में जैसे हे ये आवाज़ पड़ी..... उसका रोना बंद हो गया....

बख्तावर - ये तोह सप साहब की आवाज़ है....

बख्तावर ने अपनी नज़रे उठा के सप को देखा....

तोह उसके चेहरे पे मुश्कान आ गयी....

बख्तावर - सर... सर.... आप जिन्दा है सर...... 😀

सप - हां... बख्तावर हां... तूने क्या समझा मई मर गया....

बख्तावर - हां.. सर... आपने तोह डरा हे दिया था....

चारो - हां सप सर आपने तोह हम लोगो को भी डरा दिया था......

सप - ारी रिलैक्स रिलैक्स... मुझे इतनी जल्दी कुछ होने वाला नहीं है....

बख्तावर - चलो जाओ यहाँ से अपनी मनहूस कहानी कही और जेक सुनना....

सप - ारी ठहरो ठहरो....

बख्तावर - सर आप इन मनहूसों को रोक क्यों रहे हो....

सप - बख्तावर..... ये मनहूस थोड़ी न है ये बेचारे तोह कंप्लेंट लिखाने आये है....

बख्तावर - सर आपने देखा न की कैसे इनके उस मनहूस कहानी को सुनने के बाद यहाँ तूफ़ान सा आ गया था कैसे ये टेबल हिलने लगा था.... कैसे आप बेहोस हो गए थी .....

सप - मई बेहोस हो गया था.... मई कब बेहोस हो गया था....

बख्तावर - अभी सर तभी तोह मैंने आपको मारा हुआ समझ लिया था....

सप - ारी... नहीं रे बख्तावर वोह मई बेहोस नहीं हुआ था....

बख्तावर - अच्छा.... लेकिन फिर भी सर इन लोगो की कहानी तोह मनहूस है हे.... क्युकी इनकी स्टोरी को सुनके टेबल हिलना चालू हो गया इसका मतलब ये है की इनकी स्टोरी किसी भूत प्रेत से रिलेटेड है.....

सप- ारी... बख्तावर..... ऐसा कुछ नहीं है...

बात ये है की नीचे देख....

बख्तावर - नीचे क्या है सर...

सप - ारी तू देख तोह सही रे बख्तावर....

बख्तावर ने तबेल के नीचे झाँक के देखा...

बख्तावर - ाय्यएईएनन😧

सप - हां.... अब समझा......

बख्तावर - समझ गया सब समझ गया सर....

सप - तोह बस.... अब शांत हो जा....

बख्तावर - ok सर....

सप - हां भाई कहानी आगे बढ़ाओ....

मैक्स - क्या सच में सर...

सप - हां.. हां बढ़ाओ.. बढ़ाओ.... बख्तावर को अब कोई दिक्कत नहीं हैं..

क्यों बख्तावर....?

बख्तावर - हां... सर... बढ़ाओ आगे कहानी को...

मैक्स - तोह..... वोह गदरायी आंटी रूम के अंदर आके कहने लगी....

ो.... डार्लिंग.... कहा हो तुम....

रसिया - हमारा एक दोस्त था एक नंबर का ठरकी...

ये सुनके बख्तावर ने सप की तरफ नज़र घुमा दी....

दोनों एक दूसरे को देख मुश्कुरा दिए....

रसिया - हमारा एक ठरकी दोस्त उस औरत के झांसे में आ गया और उसको बोलै डार्लिंग ी फ़क यू......

जैसे हे उसने ये बोलै वोह औरत उस दोस्त की तरफ घूम गयी और उसने एक बड़ा सा फरसा 🪓 निकला और उस फरसे से हमरे दोस्त के सर को धढ़ से अलग कर दिया......

ये देख हमारा जो तीसरा दोस्त था उसकी हालत ख़राब हो गयी..... उसकी हार्टबीट इतनी अधिक हो चुकी थी की मानो ऐसा लग रहा था की अब इसको हार्ट अटैक आएगा तब उसको हार्ट अटैक आएगा....

तभी.... कमरे से कुछ अजीब सी बदबू आने लगी....

नवबोध - ये बदबू कहा से आ रही है...

बकतवार - हां.... आ तोह रही है

रसिया - अरे.... वोह देखो....

मैक्स - सर जी ने मूट दिया... मूट दिया...

सप ; - ा... हट चुप... भोस्डिके...

बख्तावर - चुप चुप बी...

सप - चल आगे बढ़ा.. स्टोरी...

मैक्स - फिर..... हमारे दोस्त ने भी मूट दिया....

सप - अबे ये मूट वाला कांसेप्ट छोड़ आगे बढ़...

रसिया - ok... तोह अब आगे हमरा तीसरा दोस्त डरा सहमा वह से अपनी जान बचा के भागने लगा.... लेकिन उसको गेम के होस्ट ने देख लिया...

होस्ट ने कहा की....

होस्ट - कहा जा रहे हो.... ऐसे गेम को बीच में छोड़ के नहीं जा सकते आप......

और फिर उस होस्ट ने हमारे दोस्त को जबरदस्ती गेम में ले लिया.... और कहा अगर आपको जाना है तोह आपको इन दोनों कार्ड में से कोई एक उठाना होगा उन 2 कार्ड में से एक में विन लिखा है एंड दूसरे में रन लिखा है.... अगर तुम्हारे सेलेक्ट किये कार्ड में विन आया तोह तुम विनर होंगे यहाँ से अपना पैसा डबल करके जाओगे.... और अगर रन आया तोह बिना पैसो के जाना होगा...

हमारे दोस्त के सामने 2 कार्ड एक बहुत खूबसूरत सी लेडी ने पेश किया....

हमारे दोस्त ने उसमे से एक कार्ड सेलेक्ट किया...

जब उसका कार्ड ओपन किया गया तोह उसमे रन 🏃💨 आया......

होस्ट - रन... रन... भागो... भागो.... हीही😀

हमारा दोस्त भागने लगा....

हम बहार उसके आने का इंतज़ार करने लगे.... इधर लाइव वीडियो चल हे रहा था... की

उस ब्यूटीफुल लेडी ने एक बन्दूक निकली और हमारे भाग रहे दोस्त के गर्दन पे शूट किया और देखते हे देखते लाइव वीडियो पे हमारे दोस्त की मौत हो गयी...... और इतना देख हम सब की गांड फट गयी.... और हम गिरते पड़ते यहाँ तक आ पहुंचे.....

सप - हआ.......

बख्तावर - सर.... ये तोह बहुत टेड़ा केस है...

सप - हां बख्तावर... हां.... टेड़ा तोह है पर अब ये केस आया है तोह हमको इसको हैंडल तोह करना हे होगा....

बख्तावर - लेकिन उसके लिए सबूत भी होना चाहिए...... बिना सबूत के हम कैसे इनकी बात पे विश्वास कर ले.....

सप - बात तोह तुम्हारी सही हैं

नवबोध ;- सबूत की बात करते हो तुम सप.... ये लो.. सबूत

नवबोध ने फ़ोन पे लाइव वीडियो की रिकॉर्डिंग दिखा दी....

सप ने वीडियो देखि....

सप - बख्तावर चलो कुछ पुलिस वालो को लेलो और गाडी निकालो और कुछ करो हवेली के लिए....

बख्तावर - जी सर....

थोड़ी हे देर में पुलिस गाडी हवेली के बहार पहुंच गयी....... साथ में नवबोध मैक्स प्रकाश रसिया चारो भी गए थी...

हवेली के बहार सप ने एक मिछ 🎤 पकड़ी और बोलने लगा....

हवेली को चारो तरफ से घेर लिया गया है....

अब तुम्हारा सारा कच्चा चिटठा खुल चूका है.... चुपचाप अपने आप को सरेंडर कर दो....

तभी अंदर से एक फायरिंग हुई और एक गोली आके मैक्स के सीने पे लगी....

और मैक्स ने वही डैम टॉड दिया.... और उसके हे साथ रसिया प्रकाश और नवबोध भड़क गए और उन्होंने गाडी से पेट्रोल निकाल के हवेली पे छिड़कना शुरू किया और हवेली में आग लगा दी..... पुलिस वाले भी इसमें कुछ न कर सके..... और धू धू करके.... हवेली जल गयी.... और उस गेम को खिलाने वाले फॅमिली के सभी लोग की मौत हो गयी

मरे हुए लोग टोटल 5 थी...

जिसमे एक मर्द था....

जिसका नाम था


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नाम - क्लारा...

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नाम - मिया...

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सभी उस हवेली के साथ धू धू करके जल के मर गए.......
 
आगे की स्टोरी संजू की जुबानी चलेगी…

फागुन को जब पता चला की वोह जिसको टपोरी समझ रही थी वोह वही संजू है जिसने उसकी बेटी की जान बचायी है और उसको नौकरी भी दी है तोह फागुन को अपने कहे हुए बात का पछतावा हुआ और उसने संजू से माफ़ी मांगी और मैंने उनको माफ़ भी कर दिया....





दिन भर फिर फागुन ने संजू के साथ बात की इस बीच उन दोनों के बीच दोस्ती भी हो गयी

फागुन जब आगाँ पे चल रही थी तोह उसका पाँव थोड़ा फिसल सा गया लेकिन उसने खुद को संभाल लिया और गिरने से बच गयी

मैंने ये नोटिस किया इसलिए मई फागुन नानी से ज़िद्द करने लगा की नानी आप फिसल गयी थी तोह आपको चोट आयी होगी मई आपका पेअर दबा देता हु...... पहले तोह वोह मानने से इंकार कर कर रही थी लेकिन संजू बाबा की ज़िद्द के आगे कोई टिक्क सकता है क्या.... फाइनली वोह मान गई...

फागुन - ठीक है खाना खाने के बाद कर लेना अभी चल खाना खा ले....

मई भी मान गया...

संजू और फागुन नानी रात का डिनर करने के बाद सोने की तैयारी करने लगे फागुन नानी वैसे तो थोड़ी मोती है, उनकी गांड और बूब्स भी गोल और मोठे है, रात को मैं फागुन नानी के पेअर दबाने लगा मैं पहले तो उनके घुटनो तक hi दबा रहा था पर फागुन नानी ने कहा की थोड़ी ऊपर भी दबा दूँ.

तब मेरे मैं फागुन नानी के बारे में बुरे ख्याल आने लगे, फागुन नानी ने कहा की पेअर की रहने दे बीटा करना हे है तोह मेरी पीठ की मालिश कर दे दर्द हो रहा है, सो मैंने उन्हें पेट के बल लेटने को कहा, वो अपना ब्लाउज उतर कर लेट गयी, उनके बूब्स के किनारे का पोरशन मुझे दिख रहा पर मैं चीज़ नहीं दिख रही थी और मैं आप लोगों को बता दूँ की वो ब्रा और पंतय नहीं पहनती, मैं उनकी पीठ की मालिश करने लगा kabhi-kabhi मैं उनके बूब्स को टच कर लेता पर वो कुछ नहीं कह रही थी, फिर मैंने कहा की वो अपने पेटीकोट का नाडा थोड़ा ढीला कर दे ताकि कमर की भी मालिश हो सके उन्होंने थोड़ा सोचा फिर कर दिया मैंने जल्दी के चाकर में पेटीकोट थोड़ा ज्यादा निचे कर दिया, जिससे मुझे उनकी गांड की लकीर दिखने लगी मैं उनकी कमर की मालिश करने लगा kabhi-kabhi मैं उस लकीर में भी ऊँगली दाल देता पर वो कुछ न कहती, अब तक मेरा लैंड पूरा खड़ा हो चूका था और कच्चा फाड़ने को तैयार था पर मैं अपने लैंड को ऊपर से hi दबा रहा था, अब मुझसे और इंतज़ार नहीं हो रहा था, मुझे उनकी गांड दिख रही थी मैंने कहा की फागुन नानी आप अपना पेटीकोट निकल दो ताकि मैं आपकी जांघो की और ढंग से मालिश कर सकू.

उन्होंने थोड़ा सोचा पर मेरे मानाने पर वो मान गयी अब मुझसे उनकी गांड देख कर रहा नहीं जा रहा था, मैं उनकी गांड पे तेल लगा के मालिश करने लगा, फागुन नानी भले hi 54 साल की हो पर उनकी गांड बहुत टाइट थी और छेद काफी छोटा था, मैं उनकी गांड के छेद के चारो और ऊँगली चलने लगा और थोड़ी ऊँगली भी दाल देता, फागुन नानी कहती की मत कर बीटा gud-gudi और दर्द हो रहा है, अब मैंने उनसे बिना पूछे hi उन्हें पलटा दिया, अब उनके बूब्स और छूट मुझे साफ़ दिख रहे थे, फागुन नानी की आँखे इस वक़्त बंद थी मैंने देर न करते हुए उनके बूब्स पे तेल लगाया और मालिश करने लगा और दबाने भी लगा वो सिसकिया लेने लगी aaahhhhhhhhhh aaaahhhhhhhhhhh संजू ज्यादा मत दबा उनका पेट काफी गोल मटोल था थोड़ा पेट की मालिश के बाद मैं निचे आया उनकी छूट एक दम शवेद थी, एक भी बाल नहीं था वो थोड़ी गीली भी थी शायद फागुन नानी झाड़ चुकी थी, मैंने तेल अपनी ऊँगली पे लगाया और ऊँगली छूट के अंदर दाल दी.

वो मचल उठी aaaahhhhhhhhhhhh aaaaaaaaaaaaiiiiiiiiiiiiiii maaaaaaaaaaa संजूउउ मत कर, मैं ऊँगली अंदर बहार करने लगा, मैंने अपने एक हाथ से उनके दोनों हाथ पकड़ लिए, वो आहे भर्ती रही aaahhhhhhhhhhhhh ooohhhhhhhhhhhhh, मेरे सबर का बांध टूट चूका था मैंने तुरंत अपने कपडे उतरे, मेरा लैंड 9 इंच का और पूरा खड़ा था फागुन नानी की आंके बंद थी, मैंने फागुन नानी को गोदी में लेके बीएड पे लेटाया और अपने लुंड पे ढेर सारा तेल लगा लिया और लुंड छूट में डालने लगा, मेरे लुंड का सूपड़ा छूट में चला गया फागुन नानी सिसकियाँ लेने लगी aaahhhhhhhhhhhhhh माआर गयी aaaaahhhhhhhhhh अअअअअववव ooooooohhhhhhhhhhh, मैं उनके बूब्स को चूसने लगा, वो थोड़ी शांत हुई, तो मैं ढके मरने लगा पुरे घर में मेरी और फागुन नानी की ाअवववाज़ें आने लगी फागुन नानी आआअह्हह्ह्ह्हह तुम्हारी छूट तो मस्त है आआह्ह्ह्हह्ह्ह्ह oooohhhhhhhhhhhhhhh माआआआआ ाअम्म्मम्म जब मेरा लुंड झड़ने वाला था मैं जोश में आ गया और मैंने फागुन नानी को उठा लिया और हवा में hi छोड़ने लगा, वो निढाल हो चुकी थी फिर मैं भी झाड़ गया ऊह्ह्हह्ह फागुन नानी मैं आया aaaaahhhhhhhhhhh.

फिर हम दोनों ऐसे hi नंगे सो गए रात की करीब 2 बजे मेरी आँख खुली, तो देखा की फागुन नानी मुझसे चिपक के सो रही थी मेरा लुंड खड़ा था, मैंने तोडा पानी पिया फिर अपना लुंड थोड़ा फागुन नानी के छूट में दाल के सो गया, सुबह जब उठा तो फागुन नानी मुझसे बात नहीं कर रही थी, मैंने जाके उनके लिप्स पे किश किया तो उन्होंने कहा की संजू ये गलत हुआ है, तो मैंने कहा की हम किसी को नहीं बताएँगे पर आपको मुझसे छोड़ना पड़ेगा, वो बड़ी मुश्किल से राज़ी हो गयी,
 
फागुन नानी की चुदाई करने के बाद मैं फागुन नानी का आशिक़ हो गया हूँ.

सुबह नास्ता करने के बाद मुझे मल्लू माँ का फ़ोन आया की उन्हें एक दिन और लग जायेगा आने में मुझे ये सुनकर बहुत ख़ुशी हुई, फागुन नानी पदोष में किसी काम से गयी हुई थी वो जब आई तो मैने उन्हें ये बात बताई उन्होंने कहा ठीक है, तो मैं घर का काम ख़त्म कर लेती हूँ.

पर मुझे तो जोश चढ़ा हुआ था मैंने बाथरूम में जाकर मुठ मरी और आके सो गया, जब मैं उठा तो देखा की दादी ( कजरी की सास ) जो की अपनी बेटी के यहाँ गयी थी हु वापस आई हुई थी चुकी मई ( संजू ) कजरी की सास को जनता था और उनको दादी बुलाता था …


दादी

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के आने से मेरे दिल के अरमान टूट गए शाम को हम सबने खाना खाया और सोने की तैयारी करने लगे तो फागुन नानी और दादी आपस में बाते करने लगे दादी थोड़ी हरामी टाइप की है, वो ज्यादा ठीक से कपडे नहीं पहनती वो ब्रा और पंतय नहीं पहनती वो उस वक्त सिर्फ पेटीकोट और ब्लाउज में थी.

मेरा दिमाग ख़राब हो रखा था क्योकि फागुन नानी छोड़ने को नहीं मिली थी, मैं तुरंत जेक एक मुठ मार आया, उस दिन रात को लाइट चली गयी तो मैं फागुन नानी और दादी ज़मीन पे hi बिस्तर बिछा के लेट गए, मैं बिच में था दादी थोड़ी मोती है उनका पेट काफी बहार है और चूचियां लटकी हुई है गांड भी काफी बड़ी है.

मैं सिर्फ अंडरवियर और बनियान में लेता हुआ था, मैं लेते हुए फागुन नानी को छेद रहा था पर वो baar-baar मन कर रही थी की दादी को पता चल जायेगा वो जाग रही है, उस रात भी कुछ न हो पाया,

दादी जब नाहा के आई तो मैं वही बैठा था वो सिर्फ पेटीकोट में थी, फागुन नानी उस वक्त बहार पडोसी के यहाँ गयी थी, दादी को पता था की मैं उनके बूब्स देख रहा हूँ, उन्होंने पूछा की क्या देख रहा है, मैं तो कर रहा था की बूब्स को daba-daba के निचोड़ दूँ पर अपने आप पे काबू किया और कहा की दादी क्या अब भी इनमे दूध आता है.

वो है पड़ी और कहा की बीटा अब थोड़ी न इसमें दूध आएगा, वो तो तब आता है जब बच्चा पैदा होता है तो मैंने कहा की आप झूठ बोल रही हो, तो वो कहने लगी पागल हो गया है क्या, तो मैं ज़िद करने लगा तो उन्होंने कहा की ले पिके देख ले.

जैसे hi मैं आगे बढ़ा तो फागुन नानी के आने की आहात हुई और उन्होंने मुझे रोक दिया, उस दिन दादी के भी पीठ में दर्द हुआ तो मैंने कहा की दादी मैं आपकी पीठ की मालिश करदु, फागुन नानी ने भी कह दिया की संजू अच्छी मालिश करता है, मैंने सोच लिया था की इन दोनों को एक साथ छोड़ना है, मैंने दादी की पीठ की मालिश करने लगा, उनका मुँह उल्टा था इसलिए वो पीछे नहीं देख पा रही थी.

मैं अपना लुंड भी मशाल रहा था पर दादी तो ज्यादा बड़ी वाली थी, उन्होंने मुझे ऐसा करते देख लिया पर उठी नहीं, फिर मैंने फागुन नानी को भी इशारा कर दिया की वो भी अपने कपडे उतर दी. फागुन नानी पूरी नंगी हो गयी दादी के पूछने पे उन्होंने कहा की उन्हें भी मालिश करनी है, मैंने कहा की दादी आप भी अपने सारे कपडे उतर दो, वो झट से राज़ी हो गयी और उलटी हो कर लेट गयी, उनकी गांड देख कर मेरे मुँह में पानी आ रहा था.


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मैंने मालिश karte-karte कहा की फागुन नानी तुम बताओ आपकी छाती में अब भी दूध आता है न तो दादी भी बोल पड़ी की हाँ भाभी इसे बता दो इसने तो मेरा सर खा लिया ये puch-puch के.

फागुन नानी ने कहा पिके देख ले मैं उन्हें चूसने लगा, थोड़ा चूसा फिर कहा की हाँ दादी सच में नहीं आता, तो वो कहने लगी देखा मैं झूठ थोड़े hi बोल रही थी और मालिश जारी राखी.

अब मैंने मौका देख अपनी एक ऊँगली दादी की गांड में दाल दी छेद बहुत टाइट था, दादी सिसक उठी uuuuuuuuufffffffffffffffffffff सांजजज्जजूउउउ aaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh छ्हूऊओडडडडड नननननीयकाल मैंने दादी से खा क्या हुआ, उन्होंने कहा की ऐसा मत करियो बहुत दर्द होता है, तो मैंने कहा की फागुन नानी के तो नहीं होता इतना दर्द, दादी ने कहा तो उन्ही के किया कर ऊँगली मेरे मत कर, मेरा लुंड पूरा खड़ा था मैं किया की उसे वही छोड़ दूँ पर फिर रुक गया.

फागुन नानी पूरी नंगी पड़ी बेहाल हो रही थी, मैं भी भरा पड़ा था, मैंने दादी को पलटा उनकी छूट पे काफी बाल थे, मैंने कहा की दादी आप बाल नहीं कटती क्या, तो उन्होंने मन कर दिया और मैंने बिना कुछ सोचे समझे एक ऊँगली उनकी छूट में दाल कर andar-bahar करने लगा.

वो झाड़ चुकी थी उनकी छूट गीली थी वो पुरे मज़े में थी, मैंने तुरंत अपने कपडे निकले और लुंड फागुन नानी के मुँह में दे दिया, वो उसे मज़े से चूसने लगी कमरे में पूरा चुदाई का माहौल बन गया था, मैं दादी की छूट चाट रहा था फागुन नानी मेरा लुंड चूस रही थी दादी मुँह से आआह्ह्हह्ह्ह्ह aaaaaaaaaaaaa सांजजज्जजूउउउ ाववववव ऊऊफफफफफफफ की आवाज़े आ रही थी.

थोड़ी देर में मैंने अपना लुंड दादी की छूट में डाला और पेलने लगा आआआआअह्हह्ह्ह्ह दादी आअह्हह्ह्ह्हह तुम तो मज़ा हो aaaaaaaaaahhhhhh मममममममम दादी भी आआआहहहहहहह अअअअअअववववव maaaaaaaaaaaaaa कर रही थी.

दादी मैं तुम्हे छोड़ रहा हूँ, ऊऊह्ह्ह्हह्ह्ह्ह रंडी अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह म्माआआआं अअअअअअअयिय्या आअह्हह्ह्ह्हह और थोड़ी hi देर में मैं झाड़ गया, मैंने अपना माल उनके अंदर hi दाल दिया और लेट गया, फागुन नानी ने तुरंत मेरा लुंड चूसना शुरी कर दिया और दोबारा तैयार करने लगी.

थोड़ी hi देर में मैं फिर तैयार हो गया, तब तक दादी ऐसे hi पड़ी रही मैंने फागुन नानी को छोड़ना चालू किया oooooohhhhhhhhhhh फागुन नानी कुटिया रंडी तू तो बड़ी मस्त है आआआह्ह्ह्हह्ह्ह्ह तुझे बहुत छोडूंगा आअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह फागुन नानी भी चिल्ला रही थी आआह्ह्ह्हह्ह अअअअअअअअअ संजू यययययय aaaaaahhhhhhhhhhhhh और फिर झाड़ के सो गए.

फिर मैं शाम को 7 बजे उठा दोनों खाना बना रही थी, खाना खाने के बाद हमने फिर चुदाई करि


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