ये कैसा संजोग माँ बेटे का
मित्रो राज शर्मा की एक कहानी पेश करने जा रहा हूँ जो इस फोरम पर नही है मेरी ये कोशिश आपका ज़रूर मनोरंजन करेगी
अगर कुछ मित्रो ने कहानी पढ़ रखी हो तो क्षमा करना और जिन्होने इस कहानी को नही पढ़ा वो अपने कमेंट ज़रूर दें
धन्यवाद....................
हाय ! मैं दीपक, आपने मेरी कहानी स्कूल में मस्ती का पहला भाग पढ़ा और मुझे मेल भेजे!
शुक्रिया !
अब अगला भाग :-
मै फ़िर से निधि को चोदने का अवसर ढूंढने लगा. स्कूल में नए साल की पार्टी थी. कार्यक्रम ७.३० शाम को था. सभी लड़के, लड़कियां ७ बजे से आने शुरू हो गए थे. मैं बेसब्री से निधि का इंतजार कर रहा...