प्रीत की ख्वाहिश
written by Ashok
1
मेला ..........
अपने आप में एक संसार को समेटे हुए, तमाम जहाँ के रंग , रंग बिरंगे परिधानों में सजे संवरे लोग . खिलोनो के लिए जिद करते बच्चे, चाट के ठेले पर भीड , खेल तमाशे . मैं हमेशा सोचता था की मैं मेला कब देखूंगा. और मैं क्या मेरी उम्र के तमाम लोग जो मेरे...
दोस्तो यह कहानी के पहले तीन भाग मेरी फेवरेट लेखिका कामिनी जी ने लिखे है जो आप इस फोरम पे "कामिनी" नाम से पढ़ चुके है अगर नही पढ़े तो जल्द पढ़ ले यह कहानी वही से आगे शुरू कर रहा हु जहां कामिनी जी ने छोड़ी थी मैं आशा करता हु कामिनी जी को मेरा यह प्रयास जरूर पसंद आएगा अपने बहुमोल कमेंट जरूर दे यह...
मेरा नाम राहुल है और मैं अभी मात्र 16 साल का हु मेरी लंबाई साढ़े5 फिट है रंग गोरा है । मेरे घर मे सभी लोग है केवल पिता जी को छोड़ कर पिता जी आर्मी में थे तो एक लड़ाई में वो सहीद हो गए । हम बहुत अमीर तो नही और न ही गरीब है माध्मयवर्गीय परिवार है । मेरे पापा के गुजर जाने के बाद घर की पूरी जिमेदारी...
Doston, main Ankur phir se ek Baar ek nayer kahani ke saath jald laut aa raha hoon. Yeh kahani ek tarah se 'Kaamdev ka Aashirwad' ka sequel hain, lekin ek bilkul naye parivar ke saath.
Umeed karta hoon is kahani ko bhi utna hi pyar milega.
__________
ठहाकों के बाद आवाज गूंजी ---- " देखा इस्पक्टर ! देखा ? इसे कहते हैं चमत्कार ! अपने अगले शिकार की हत्या मैंने तेरे हाथों से करा दी । सबके सामने करा दी । और करना क्या पड़ा मुझे ? सिर्फ तेरे रिवाल्वर से छेड़छाड़ ! उसमें तेरे द्वारा डाली गयीं नकली गोलियां निकालकर असली गोलियां डालना कितना आसान था ।...
साहस रोमांच और उत्तेजना के वो दिन!
जीवन की भूलभुलैया में कुछ ऐसे लम्हे आते हैं।
जिन को हम कितना ही चाहें फिर भी न कभी भूल पाते हैं।।
जब मानिनियोँ का मन लाखों मिन्नत मन्नत नहीं मानता है।
तब कभी कभी कोई बिरला रख जान हथेली ठानता है।।
कमसिन कातिल कामिनियाँ भी होती कुर्बां कुर्बानी पर।
न्यौछावर...
अनौखा जाल
भाग १)
ट्रिन ट्रिन ... ट्रिन ट्रिन.... ट्रिन.. ट्रिन... | लैंडलाइन फोन की घंटी बज रही थी | मैं ऊपर अपने कमरे में सो रहा था | फोन था तो नीचे पर सुबह के टाइम इसकी आवाज़ कुछ ज़्यादा ही ज़ोरों से आ रही थी | मैंने अपने ऊपर अपना दूसरा तकिया बिल्कुल अपने कान के ऊपर रख लिया | आवाज़ फिर भी आ...
पापी परिवार की पापी वासना
दोस्तो मैं यानी आपका दोस्त राजशर्मा एक और मस्त कहानी लेकर आया हूँ जो आपका भरपूर मनोरंजन करेगी
कवल वयस्कों के लिये
यह कहानी 18 साल से कम उम्र के लोगों के लिये वर्जित है। इस कहानी के सारे पात्र और घटनायें काल्पनिक हैं जिनका यथार्थ से कोई सम्बंध नहीं है। इस कहानी में...
लेखिका:-रुपिंदर कौर
नमस्ते दोस्तो, मेरा नाम रूपिंदर कौर है और मैं पंजाब की रहने वाली हूँ। मेरा कद 5’2″ इंच है और रंग गोरा है। शादी से पहले मैं बहुत जिम जाती थी क्योंकि मेरे मम्मे तो बहुत बढ़ गये थे लेकिन मेरा पिछवाड़ा थोड़ा कम बाहर निकला था। इसलिए मैंने वहां पिछवाड़े को बढ़ाने और ठीक शेप में...
जलती चट्टान
लेखक : गुलशन नंदा
रेलगाड़ी ने जब सीतापुर का स्टेशन छोड़ा तो राजन देर तक खड़ा उसे देखता रहा। जब अंतिम डिब्बा सिगनल के करीब पहुँचा तो उसने एक लंबी साँस ली। अपने मैले वस्त्रों को झाड़ा, सिर के बाल संवारे और गठरी उठाकर फाटक की ओर चल पड़ा।
जब वह स्टेशन के बाहर पहुँचा तो रिक्शे वालों ने...
विक्षिप्त हत्यारा
Chapter 1
कॉल बैल की आवाज सुनकर सुनील ने फ्लैट का द्वार खोला ।
द्वार पर एक लगभग तीस साल की बेहद आकर्षक व्यक्तित्व वाली और सूरत से ही सम्पन्न दिखाई देने वाली महिला खड़ी थी ।
सुनील को देखकर वह मुस्कराई ।
"फरमाइये ।" - सुनील बोला ।
"मिस्टर सुनील ।" - महिला ने जानबूझ कर वाक्य...
कई दिनों से एक फ्रेश कहानी के बारे में सोच रहा था, हालाँकि १-२ कहानियाँ और भी चल रही है, पर इस कहानी को भी अभी से थोडा थोडा लिखना शुरू करने की सोच रहा हूँ, आशा है की आपको ये कहानी पसंद आये
वेवफा थी वो :heart:
“लॅडीस आंड जेंटल्मेन , प्लीज़ वेलकम ..मिस्टर. विजय चौधरी…चेर्मन ऑफ लक्ष्मी ग्रूप ऑफ कंपनीज़…….प्लीज़ गिव आ बिग राउंड ऑफ
अपलॉज़ फॉर हिम ”
तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा हाल गूँज उठा, जिसमें से एक आवाज़ मेरी तालियों की भी थी…मिस्टर.विजय चौधरी अपनी सीट से उठे और सामने स्टेज की...
साँझा बिस्तर साँझा बीबियाँ
प्रिय पाठक गण , अकसर मेरी कहानिया लम्बी होती हैं और शायद कुछ लोगोँ को बोरिंग भी लगे, क्यूंकि मैं कहानियों में पटकथा पर और जो भावावेश और जज्बा होता है उस पर ज्यादा बल देता हूँ। यह कहानी वैसे तो साधारणसी है पर इसमें वही भाव आपको दिखेंगे। अगर आपमें धैर्य एवं भाव को परखने...
शरीफ़ या कमीना
Lekhak- Anoop
मैं राज चौधरी, जन्म से अच्छा शरीफ़ बन्दा था पर यार-दोस्तों की चक्कर में अब एक कमीना टाईप बन्दा बन गया हूँ। कमीना भी ऐसा की खुद अपनी छोटी बहन के सुहागरात की वीडीयो पूरी प्लानिंग के साथ बनाई और अब अपने दोस्त के साथ, जो संयोग से मेरी बहन का देवर है, उस वीडीयो को...
गदरायी लड़कियाँ
दोस्तो मैं यानी आपका दोस्त राजशर्मा एक और मस्त और कामुक कहानी आपकी खिदमत में पेश कर रहा हूँ और उम्मीद करता हूँ ये आपको ज़रूर पसंद आएगी . दोस्तो वैसे तो ये एक छोटी सी कहानी है पर कामुकता पर आधारित होने के कारण बहुत मज़ा आएगा
दीदी और बीबी की टक्कर
दोस्तो एक और नई कहानी शुरू कर रहा हूँ जो आप को पसंद आएगी तो चलिए दोस्तो कहानी की तरफ चलते हैं कहानी क्च यूँ है ....................
मैं राज अपनी बेहन अनिता ऑर अपनी माँ के साथ कोलकाता मे रहता हूँ
हम ग़रीब फॅमिली से बिलॉंग करता है मेरा मकान भी कोई बड़ा या फ्लेट वाला नही...
ज़िंदगी भी अजीब होती है
लेखक- FrankanstienTheKount
दोस्तो मुझे ये कहानी अच्छी लगी इसीलिए इस कहानी को मैं हिन्दी मे पोस्ट कर रहा हूँ
ज़िंदगी भी अजीब होती है कब कैसे मोड़ ले आती है हम कभी कल्पना भी नही कर सकते है. कुछ ऐसी ही मेरी कहानी है मैं कभी ऐसा नही बनना चाहता था पर एक चीज़ होती है तक़दीर...
आजाद पंछी जम के चूस.
.शहर के पाश कॉलोनी में शांति कुंज के नाम से एक बड़ा सा मकान है दो मंजिला मकान है। जिसमे तीन लोगो की फैमिली रहती है।
रवि सिंह----- उम्र 39 साल, शहर की मैन बाजार में कपड़े का व्यवसायी। तन्दरुस्त 5'6 इंच, और एक माचो मैन जिसका सपना हर एक महिला देखे।
आरती-----उम्र 37साल, रवि...
वक्त ने बदले रिश्ते ( माँ बनी सास )
इस स्टोरी का आगाज़ झेलम सिटी में हुआ और स्टोरी के में किरदार कुछ यूँ हैं.
ज़ाहिद महमूद: उमर 32 साल (भाई)
जॉब: एएसआइ (असिस्टेंट सब इनस्पेक्टर इन पंजाब पोलीस) रवैती पोलीस वालो की बजाय एक तंदुरुस्त (बिना बढ़े हुए पैट के) स्मार्ट और फिट इंसान.
मॅरिटल स्टेटस...