hotaks's latest activity

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    #56 सात अश्व मानव और रीना अकेली . दियो की टिमटिमाती रौशनी ने उस मैदान में प्राण फूंक दिए थे. सारी बाते एक तरफ पर रीना का यहाँ होना...
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    #55 मीता- तेरे मन में जो है वो कह दे फिर , मैं- मेरे सीने पर हाथ रख कर कह , मुझसे झूठ नहीं बोलेगी तू मीता - तेरे सर की कसम, तेरे...
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    ये उलझन ही पाठकों की जिज्ञासा बनाए रखती है, jabbar, लाला और अर्जुन किसी ज़माने मे दोस्त रहे थे, और दोस्ती मे जब दुश्मनी ही तो बात गहरी...
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    # निश्चित दुरी बनाये हुए मैं ताई के पीछे पीछे शिवाले तक पहुँच गया . हर रास्ता मुझे शिवाले तक लाकर छोड़ देता था, ऐसा क्या था इस जगह में...
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    #53 मैंने उसे देखा, मैंने पृथ्वी को देखा सीढियों से उतर कर हमारी तरफ आते हुए. जैसी हवेली की चकाचौंध थी वैसा ही रुतबा पृथ्वी का था ...
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    #52 मैं अकेला ही नहीं था मेरे साथ संध्या चाची भी थी इस जगह पर जो न जाने क्या कर रही थी . चाची ने अपने ब्लाउज को उतारा और मैंने दियो...
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    # मेरी नजर उस तस्वीर पर पड़ी जो किसी ज़माने में बड़ी जिंदादिल रही होगी. अर्जुन सिंह, सुनार और जब्बर एक दुसरे के कंधो पर हाथ रखे,हँसते...
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    #50 जब मैं सुनार के घर पहुंचा तो मैंने देखा की वहां पर भीड़ जमा थी, जिसे चीरते हुए मैं आँगन पार करते हुए सुनार के कमरे में पहुंचा तो...
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    #49 मैं दौड़ कर मीता के पास गया और देखा की वो पानी की हौदी में खड़ी थी , पर हौदी में पानी की जगह रेत भरी हुई थी , और मीता के हाथ में एक...
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    #48 “इधर से गुजर रहा था, पानी की हौदी देखि तो सोचा प्यास बुझाता चलू, ठंडी पवन चल रही थी दो घडी बैठ गया सुस्ताने को ” उसने कहा मैं-...
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    #47 “क्या था ये ” रीना ने अपने कपडे झाड़ते हुए कहा मैं- जल्दी ही जान जाएगी तू मैंने अपने जख्म पर रीना की चुन्नी को बाँध लिया पर दर्द...
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    आपकी कुछ बातों से सहमत हूँ मैं, मेरे लिए ये कहानी लिखना आसान नहीं था क्योंकि मैं समझता हूं एक लेखक के रूप मे मैं खत्म हो चुका हूं, फिर...
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    #46 दोपहर बाद खेत में जमीन को खोदते हुए मेरे दिमाग में बस ये ही चल रहा था की पृथ्वी का अचानक संध्या चाची से मिलने आना, केवल बुआ-भतीजे...
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    #45 “तो दुनिया को याद दिलाते है एक भूली हुई कहानी को ” मैंने मीता के हाथ को अपने हाथ में लेते हुए कहा . मीता- कोई जरुरत नहीं है...
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    #44 “चाचा ऐसा कैसे कर सकता है ” मैंने ताई से पूछा ताई- मैं भला तुझसे झूठ क्यों बोलूंगी. मैं- ये बात और किस किस को मालूम है ताई-...
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