hotaks's latest activity

hotaks's latest activity

  • hotaks
    #43 बोझिल कदमो से वापिस लौटते हुए मेरा एक एक कदम भारी हो रहा था. मेरा दिमाग भन्नाया हुआ था , अपने आप से जूझते हुए मैं नहर की पुलिया पर...
  • hotaks
    #42 “कैसा दर्द , कैसी रुसवाई चाची ” मैंने कहा चाची ने मुड कर मुझे देखा और बोली- कुछ चीजो पर जमी धुल को हटाना नहीं चाहिए, हम सबकी...
  • hotaks
    #41 “क्या सुना था तूने ” मैंने कहा मीता- यही की संध्या इस शादी से खुश नहीं थी , शादी के बाद फिर कभी वो रुद्रपुर नहीं गई . मेरे मन...
  • hotaks
    #40 आँख खुली तो दोपहर बाद का समय था ,मैं कमरे से बाहर आया तो देखा की ताई और चाचा भी आ चुके थे , पर उन्होंने मुझे कुछ भी नहीं बोला...
  • hotaks
    #39 पर मैं ये भूल गया था की अभी मेरी हालत ठीक नहीं है , ये तो शुक्र है की ताई ने वक्त पर थाम लिया मुझे वर्ना और चोट लग जानी थी ...
  • hotaks
    #38 बरसात की बूंदों से लिपटे मेरे खून को प्यासी धरती अपने होंठो से लगा कर पी रही थी . मेरी बाहं को थामे चाची मुझे अपने साथ लेकर...
  • hotaks
    डियर मून लाइट, मनीष के नसीब की आजमाइश शुरू हो गई है इस अपडेट के साथ ही, ये जो कांड हुआ है अब कहानी को ऐसे ही मोड़ पर लेके जाएगा जहां...
  • hotaks
    #37 “ये जीवन अजीब होता है , इन रिश्तो को भूल भुलैया को समझने के लिए सीने में धडकता दिल होना चाहिए , अब देख ले न तेरे मेरे दरमियान जो...
  • hotaks
    #36 इस बातचीत ने मेरे मन में हलचल मचा दी, चाची की बातो से लग रहा था की वो वैसी नहीं है जैसा दिखती है, और उसकी क्या कहानी है अब मुझे...
  • hotaks
    #35 “तेरी हिम्मत कैसे हुई उसके बारे में ऐसी बात बोलने की, वो ही है जिसने इन बिखरी डोरियो को थामा हुआ है , इस घर को उसने ही घर बनाया...
  • hotaks
    #34 हम दोनों के होश उड़ गए उस चीख को सुनकर, अब किसने अपनी माँ चुदवा ली थी, मैंने मन ही मन कहा. बड़ी मुश्किल से ये घडी आई थी जब मैं मीता...
  • hotaks
    “मैं उसी अर्जुन का बेटा हूँ बाबा ” मैंने कहा उस बुजुर्ग ने कुछ नहीं कहा पर उसकी आँखों के चमक बहुत कुछ कह रही थी. रुद्रपुर से मैं सीधा...
  • hotaks
    #32 मैंने नहर को पार किया ही था की तभी एक गाड़ी मेरे सामने आकर रुकी और उस से जो उतरा, उसकी वहां होने की कोई भी उम्मीद नहीं थी मुझे...
  • hotaks
    #31 “आह ” गोरी तनी हुई चुचियो को मसलते ही ताई के होंठो से आह फूट पड़ी. मैं दूसरा हाथ थोडा निचे ले गया और ताई के हलके फुले हुए पेट को...
  • hotaks
    # “कहने को तो ये दुनिया मेरे कदमो में है , पर पीठ पीछे लोगो की बाते मेरे कलेजे को छलनी करती है ,आत्मा पर उस बोझ का भार लेकर जीना बहुत...
Back
Top