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लुंड अंदर जाते hi काय की सिसकिया पुरे कमरे में गूंज ने लगी और राम जो काफी गरमाया हुआ था काय की फूली हुई छूट में तेज़ तेज़ धक्के मरते हुए से बोल ने लगा
राम- ओह्ह्ह माँ क्या मस्त छूट है आप की एक दम गरम गरम बहुत मजा आ रहा है कसम से अब तो रोज छोडूंगा इसे आप छोड़ ने डौगी न मुझे माँ आह्हः बोलो ना माँ
काय- ूउम्मंहहहह आआह्ह्ह्हह तूने रो मेरी जान hi निकाल डीई पैर सच इतना ाचा भी कभी नहीं लगा आअह्ह्ह मार और तेज धक्के मार आज से तेरी माँ तेरी गुलाम ोुह्ह्हह्ह्ह्ह हो गयी जब चाहे छोड़ लेना मम्माआआआ में मना नहीं करूंगीए aaaaahhhhhhhhhhh आआह्ह्ह्हह्ह बहुत मजा आ रहा है रम्म मेरे बच्चे में hi पागल थी जो तुझसे नाराज़ रही आआह्ह्ह्ह उउउउउम्मम्म नहीं तो बहुत पहले hi ये मजा मिल जाता पैर अब से जब भी तेरा मैं हो दाल देना अपनी माँ की छूट में अपना मुसल आआअह्ह्ह्हह और ऐसे hi तेज़ तेज़ छोड़ न ाआहहहजहहहहह ममममनाआआआ
काया के मुँह से शब्द भी पुरे नहीं निकल रहे थे वो तो आज मजे के सातवे आश्मान में उजड़ रही थी और उसकी कामुक सिसकिया राम का जोश दुगना कर ने का काम कर रही थी जिस में मदहोश हुआ राम जोर जोर से अपनी माँ की चुदाई किये जा रहा था और काय निचे पड़ी उसके जोरदार धक्के झेलते हुई उसके बालो में उंगलिया फिरते हुए अपने चरमसुख की और बढ़ रही थी
काय- आआअह्ह्ह्हह माआआ जाने लेगा क्या अपनी मा की ऊऊह्ह्ह्हह्ह मा मेरी छूट आआह्ह्ह्हह्ह कितनी तेज़ कर रहा है आअह्ह्ह्हह थोड़ाआ आरामममम सीईए उउउउउफफ्फ्फफ्फ्फ़ आज पता चल रहा जबरदस्त चुदाई किसे कहते ही आआआआअह्ह्ह्हह आआह्ह्ह्हह्ह राममम ृक्क जाआआ aaahhhhhhhhhhjhhhhhhhhhjuuuuuuuuummmmmmmmhhhhhhhhhhh
राम- ये रुक ने का नहीं माँ तुम्हे छोड़ने का टाइम है तभी तो तुम्हारी तड़प काम होगी वैसे भी बहुत गदराया हुआ जिस्म है आप का तभी तो में छह कर भी नहीं रुक पा रहा हु ( काय पैर चढ़ा हुआ वो गहरे धक्के लगते हुए बोलै)
काय की छूट की दाज्जीय उजड़ रही थी जिसे वो रोक भी नहीं सकती आखिर वो खुद चाहती थी की उसकी छूट को कोई रोड दे और आज ये काम उसका बीटा कर रहा था तभी तो झाड़ ने के बाद भी काय बेसूद सी पड़ी राम के झटको को झेलते हुए बड़बड़ा रही थी
काय- आअह्ह्ह्ह आआह्ह्ह्ह राम बहुत निर्दयी है रे तू आअह्ह्ह्ह पैर तेरी भी गलती नहीं तेरा लुंड hi इतना बड़ा है की छूट की दीवारों को चीरता हुआ अंदर जा के लग रहा है उउउउम्मम्मम बस्स्स भी कर तेरी माँ थक गयी है तुझे और नहीं झेल पायेगी आआह्ह्हह्ह्ह्ह ऊऊओह्ह्ह्हह राम ssssssshhhhhhhhhhhhhhhh aaaaahhhhhhhhhhhhhh बस कर राम आआह्ह्ह्हह्ह्ह्ह माननं जाआ ना थोड़ी देर रुक कर लियो( हाथो से राम को रोकते हुए बोली)
राम- ऊह्ह्ह्ह माँ मत रोको मुझे बहुत मजा आ रहा है कसम से बस थोड़ी देर झेल लो अपने बेटे के झटको आआह्ह्ह मेरा होने hi वाला है बुस्स्सस्स उउउउम्मम्म
काय- थोड़ी देर में तेरी माँ की जान निकल जाएगीइ री आआअह्ह्ह्हह आआह्ह्ह्हह maaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa
काय की छूट उसके पानी सी चिप छिपी हुई पड़ी थी जिस से एक अलग hi संगीत कमरे में गूंज रहा था छप्प छप्प ठप्प ठप्प जिसकी आवाज़ सुनकर राम एक अलग hi मजे में था और कुछ पल बाद hi धीरे और गहरे धक्के मरते हुए काय से बोलै और प्यार से उसके होठ चुम ने लगा जिस में काय ने भी उसका साथ दिया
राम मंज़िल पैर पहुंच ने वाला इसलिए एक बार फिर से धक्को की गति तेज कर दी जिस से काय समझ गयी की राम का होने वाला है इसलिए प्यार से उसकी कमर को सहलाते हुए बोली
काय- आआह्ह्ह्ह आराम से मेरे लाल आअह्ह्ह्हह बस्स्स आआह्ह्ह्ह बहुत ाचा लग रहा हैई उउउउम्मम्म आज्ज तूने अपनी माँ की साड़ी तड़प साड़ी बेचैनी दूर कर दी आआह्ह्ह्हह्ह आआआहहहहह
aaaaaaahhhhhhhhhhhhmmmaaaaaaaaaaaaaaaaa ये दूसरी आअह्ह्ह्ह राम की थी जो काय की छूट में अपने लुंड की बारिश करता हुआ सिसक ने लगा वही काय भी उसके hi एक बार फिर झड़ी थी तो वो भी तेज़ तेज़ सांसें भर ने लगी जिस के कुछ पालो बाद राम ने उसकी छूट से लुंड निकला तो उसके साथ hi माँ बेटे का मिला जुला प्रेम रास बह निकला
दोनों चुप चाप बीएड पैर लेते हुए थे कोई कुछ नहीं बोल रहा था की तभी राम धीरे से बोलै
राम- मुझे माफ़ कर दो माँ में बहक गया था
काय- किस ने कहा तुझे तू बहक गया था पागल बहकी में थी जिस दिन तेरा ये औज़ार देखा था तू नहीं जनता न जाने कितनी बार सपनो में इसे अपनी छूट में महसूस किया है मैंने हर रात तदपि हु में इस के लिए और आज जब मेरा सपना पूरा हुआ है तो तू माफ़ी मांग रहा है ऐसा सोच न भी मत और मुझसे दूर होने ला ख्याल भी दिल में मत लाना देख तेरे प्रेम रास में डूबी मेरी छूट कही नाराज़ लग रही है नहीं न अरे पगले तूने तो आज अपनी माँ को वो सुख दिया है जो तेरा बाप भी नहीं दे पाया ( अपनी छूट पैर हाथ लगा कर बह रहे प्रेम रास को दिखते हुए बोली )
राम- सच में आप खुश हो माँ मेरे साथ चुदाई कर के
काय- हां में बहुत खुश हु राम और आज से में जब भी अकेली राहु तो तू अपनी माँ की चुदाई कर ने आ जाना क्युकी इस के बिना अब तेरी माँ रह नहीं पायेगी( राम के लुंड को हाथ में पकड़ते हुए बोली)
राम- आऊंगा माँ जरूर आऊंगा और सच पूछो तो मुझे भी बहुत मजा आया तुम्हारे साथ प्यार कर के
काय- शैतान अभी माफ़ी मांग रहा था और अब देखो कैसे बाते बना रहा है चल अब उठ और कपडे पहन किसी ने देख लिया तो गड़बड़ हो जाएगी( अपनी पेंटी पेहरते हुए बोली )
राम- वो तो इसलिए की कही आप नाराज़ न हो जाओ क्युकी अब में आपको खोना नहीं चाहता किसी भी वजह से ( प्यार से माथा चूमते हुए)
काय- ऐसा कभी नहीं होगा अब तेरी माँ तुझसे कभी जुड़ा नहीं होगी समझा अब जा और फ्रेश हो जा तेरे पापा भी आने वाले होंगे
राम- हां ठीक है पैर पहले मुँह तो मीठा कर लू आपके इन रसभरे होठो से ( काय के होठो को मुँह में भरते हुए बोलै )
राम का प्यार देख कर काय ने भी उसे बाहो में भर लिया जिस के बाद न जाने कितनी देर दोनों एक दूसरे के होठो का रसपान करते रहे
लुंड अंदर जाते hi काय की सिसकिया पुरे कमरे में गूंज ने लगी और राम जो काफी गरमाया हुआ था काय की फूली हुई छूट में तेज़ तेज़ धक्के मरते हुए से बोल ने लगा
राम- ओह्ह्ह माँ क्या मस्त छूट है आप की एक दम गरम गरम बहुत मजा आ रहा है कसम से अब तो रोज छोडूंगा इसे आप छोड़ ने डौगी न मुझे माँ आह्हः बोलो ना माँ
काय- ूउम्मंहहहह आआह्ह्ह्हह तूने रो मेरी जान hi निकाल डीई पैर सच इतना ाचा भी कभी नहीं लगा आअह्ह्ह मार और तेज धक्के मार आज से तेरी माँ तेरी गुलाम ोुह्ह्हह्ह्ह्ह हो गयी जब चाहे छोड़ लेना मम्माआआआ में मना नहीं करूंगीए aaaaahhhhhhhhhhh आआह्ह्ह्हह्ह बहुत मजा आ रहा है रम्म मेरे बच्चे में hi पागल थी जो तुझसे नाराज़ रही आआह्ह्ह्ह उउउउउम्मम्म नहीं तो बहुत पहले hi ये मजा मिल जाता पैर अब से जब भी तेरा मैं हो दाल देना अपनी माँ की छूट में अपना मुसल आआअह्ह्ह्हह और ऐसे hi तेज़ तेज़ छोड़ न ाआहहहजहहहहह ममममनाआआआ
काया के मुँह से शब्द भी पुरे नहीं निकल रहे थे वो तो आज मजे के सातवे आश्मान में उजड़ रही थी और उसकी कामुक सिसकिया राम का जोश दुगना कर ने का काम कर रही थी जिस में मदहोश हुआ राम जोर जोर से अपनी माँ की चुदाई किये जा रहा था और काय निचे पड़ी उसके जोरदार धक्के झेलते हुई उसके बालो में उंगलिया फिरते हुए अपने चरमसुख की और बढ़ रही थी
काय- आआअह्ह्ह्हह माआआ जाने लेगा क्या अपनी मा की ऊऊह्ह्ह्हह्ह मा मेरी छूट आआह्ह्ह्हह्ह कितनी तेज़ कर रहा है आअह्ह्ह्हह थोड़ाआ आरामममम सीईए उउउउउफफ्फ्फफ्फ्फ़ आज पता चल रहा जबरदस्त चुदाई किसे कहते ही आआआआअह्ह्ह्हह आआह्ह्ह्हह्ह राममम ृक्क जाआआ aaahhhhhhhhhhjhhhhhhhhhjuuuuuuuuummmmmmmmhhhhhhhhhhh
राम- ये रुक ने का नहीं माँ तुम्हे छोड़ने का टाइम है तभी तो तुम्हारी तड़प काम होगी वैसे भी बहुत गदराया हुआ जिस्म है आप का तभी तो में छह कर भी नहीं रुक पा रहा हु ( काय पैर चढ़ा हुआ वो गहरे धक्के लगते हुए बोलै)
काय की छूट की दाज्जीय उजड़ रही थी जिसे वो रोक भी नहीं सकती आखिर वो खुद चाहती थी की उसकी छूट को कोई रोड दे और आज ये काम उसका बीटा कर रहा था तभी तो झाड़ ने के बाद भी काय बेसूद सी पड़ी राम के झटको को झेलते हुए बड़बड़ा रही थी
काय- आअह्ह्ह्ह आआह्ह्ह्ह राम बहुत निर्दयी है रे तू आअह्ह्ह्ह पैर तेरी भी गलती नहीं तेरा लुंड hi इतना बड़ा है की छूट की दीवारों को चीरता हुआ अंदर जा के लग रहा है उउउउम्मम्मम बस्स्स भी कर तेरी माँ थक गयी है तुझे और नहीं झेल पायेगी आआह्ह्हह्ह्ह्ह ऊऊओह्ह्ह्हह राम ssssssshhhhhhhhhhhhhhhh aaaaahhhhhhhhhhhhhh बस कर राम आआह्ह्ह्हह्ह्ह्ह माननं जाआ ना थोड़ी देर रुक कर लियो( हाथो से राम को रोकते हुए बोली)
राम- ऊह्ह्ह्ह माँ मत रोको मुझे बहुत मजा आ रहा है कसम से बस थोड़ी देर झेल लो अपने बेटे के झटको आआह्ह्ह मेरा होने hi वाला है बुस्स्सस्स उउउउम्मम्म
काय- थोड़ी देर में तेरी माँ की जान निकल जाएगीइ री आआअह्ह्ह्हह आआह्ह्ह्हह maaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa
काय की छूट उसके पानी सी चिप छिपी हुई पड़ी थी जिस से एक अलग hi संगीत कमरे में गूंज रहा था छप्प छप्प ठप्प ठप्प जिसकी आवाज़ सुनकर राम एक अलग hi मजे में था और कुछ पल बाद hi धीरे और गहरे धक्के मरते हुए काय से बोलै और प्यार से उसके होठ चुम ने लगा जिस में काय ने भी उसका साथ दिया
राम मंज़िल पैर पहुंच ने वाला इसलिए एक बार फिर से धक्को की गति तेज कर दी जिस से काय समझ गयी की राम का होने वाला है इसलिए प्यार से उसकी कमर को सहलाते हुए बोली
काय- आआह्ह्ह्ह आराम से मेरे लाल आअह्ह्ह्हह बस्स्स आआह्ह्ह्ह बहुत ाचा लग रहा हैई उउउउम्मम्म आज्ज तूने अपनी माँ की साड़ी तड़प साड़ी बेचैनी दूर कर दी आआह्ह्ह्हह्ह आआआहहहहह
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दोनों चुप चाप बीएड पैर लेते हुए थे कोई कुछ नहीं बोल रहा था की तभी राम धीरे से बोलै
राम- मुझे माफ़ कर दो माँ में बहक गया था
काय- किस ने कहा तुझे तू बहक गया था पागल बहकी में थी जिस दिन तेरा ये औज़ार देखा था तू नहीं जनता न जाने कितनी बार सपनो में इसे अपनी छूट में महसूस किया है मैंने हर रात तदपि हु में इस के लिए और आज जब मेरा सपना पूरा हुआ है तो तू माफ़ी मांग रहा है ऐसा सोच न भी मत और मुझसे दूर होने ला ख्याल भी दिल में मत लाना देख तेरे प्रेम रास में डूबी मेरी छूट कही नाराज़ लग रही है नहीं न अरे पगले तूने तो आज अपनी माँ को वो सुख दिया है जो तेरा बाप भी नहीं दे पाया ( अपनी छूट पैर हाथ लगा कर बह रहे प्रेम रास को दिखते हुए बोली )
राम- सच में आप खुश हो माँ मेरे साथ चुदाई कर के
काय- हां में बहुत खुश हु राम और आज से में जब भी अकेली राहु तो तू अपनी माँ की चुदाई कर ने आ जाना क्युकी इस के बिना अब तेरी माँ रह नहीं पायेगी( राम के लुंड को हाथ में पकड़ते हुए बोली)
राम- आऊंगा माँ जरूर आऊंगा और सच पूछो तो मुझे भी बहुत मजा आया तुम्हारे साथ प्यार कर के
काय- शैतान अभी माफ़ी मांग रहा था और अब देखो कैसे बाते बना रहा है चल अब उठ और कपडे पहन किसी ने देख लिया तो गड़बड़ हो जाएगी( अपनी पेंटी पेहरते हुए बोली )
राम- वो तो इसलिए की कही आप नाराज़ न हो जाओ क्युकी अब में आपको खोना नहीं चाहता किसी भी वजह से ( प्यार से माथा चूमते हुए)
काय- ऐसा कभी नहीं होगा अब तेरी माँ तुझसे कभी जुड़ा नहीं होगी समझा अब जा और फ्रेश हो जा तेरे पापा भी आने वाले होंगे
राम- हां ठीक है पैर पहले मुँह तो मीठा कर लू आपके इन रसभरे होठो से ( काय के होठो को मुँह में भरते हुए बोलै )
राम का प्यार देख कर काय ने भी उसे बाहो में भर लिया जिस के बाद न जाने कितनी देर दोनों एक दूसरे के होठो का रसपान करते रहे