Incest Deewanapan... - Page 22 - SexBaba
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Incest Deewanapan...



अपडेट-107

अभ अग्गे....

सुहाना और रूही की मुलाकात , इक अजीब सा खेल था कुदरत का , कहते हैं कुदरत खुद को बार बार दोहराती है , वोह पहले चीज़े बनती है , फिर उनका विनाश कर देती है , फिर बनती है , फिर विनाश करती है ,

कुदरत से बड़ा कोई नै , कोई शक्तिशाली नै , सब गुलाम है उसके , वोह जो चाहती है , वही होता है , पारी लोक बना , फिर तबाह हुआ , पृथ्वी बानी , लेकिन क्या अभ वोह भी तबाह होगी , या कुदरत उसे जीवट रखेगी ऐनी वाली कुछ सदियों तक ,

किसी sarav-shaktiman लोक का विनाश , वह के लोग खुद करते हैं , ऐसा होता आया है सदियों से ,

पारी लोक को न तोह जीता जा सकता था , न chal-kapat से परापत किया जा सकता था , शेतीअन बेबस था पारी लोक के अग्गे , लेकिन इक माचिस की तेली पोरे जंगल को जला सकती है , और शेतीअन को वोह मौका मिल hi गया , शेतीअन के लिए वोह माचिस की तेली सुहाना थी ,

इक ऐसा दुश्मन , जिस पर किसी का शक न जाता , उसने पारी लोक के 6 पवितर सतब , जो दुनिआ की अच्छी का प्रतीक थे , कुवारी कइओं की बलि के मदयम से , शेतीअन को समर्पित कर दिए ,

इक आखरी सतब अभी बचा था , लेकिन वोह सबसे मज़बूत था , जैसे इंसान की तीसरी आँख होती है वैसा , 3श्री आँख खोलना नामुमकिन है , वैसे hi कोमल की बलि देकर , यह पवितर और मज़बूत सतब शेतीअन को समर्पित करना भी मुश्किल था ,

सुहाना हार गई , चाहे उसने हर परियस किया , पारी लोक को तबाह कर दिया , सबको शाप से लिपट कर दिया , पर कह सकते हैं , सुहाना हार गई थी , लेकिन उसकी ीचा अभी जिन्दा थी ,

ीचा hi इक कारन है , जिस कारन इंसान बार बार जनम लेता है , अगर िच्यिओं से मुकत हो जाये , तोह हम इस दुनिआ में क्या लेने आएंगे , सब 0 में वालीं हो जायेगे ,

अज्ज सदियों बाद सुहाना अपनी बहिन से मिल रही थी , उस नाज़ुक वख्त पर , जब फिर से जुंग उनके दरवाजे पर कड़ी थी , यहाँ से किसी इक की मौत भी हो सकती थी , और कोई जीवट भी रह सकता था ,

सुहाना सेड्यां चढ़ रूम के दरवाजे के पास पहुँच गई , सुहाना ने दरवाजे को ढाका देना चाहा , पर उसके हाथ रुक सा गए , उसके हाथ की उंगलियाँ कम्पनी लगी , आँखों से असनु बहने लगे ,

वोह अपनी बहिन से नज़रियन मिलाने से दर रही थी , आखिर किस मोह से वोह उससे बात करती , उसने सब कुछ बर्बाद किया था , इक खुशहाल परिवार , इक आज़ाद दुनिआ , सब जला कर खाक कर दिया था ,

"हम , हम नै कर सकते , हम रूही का सामना नै कर सकते , हम बुरे हैं बहुत बुरे..." सुहाना वापिस पलट बेइंतहा रट हुए खुद से hi बोली ,

वोह जाने hi लगी थी , के उसे रवि की यद् ा गई , उसे रवि की मदद करनी थी , लेकिन मरने से पहले अपने बहिन से माफ़ी भी मांगनी थी ,

"हम , हम मिलेंगे अपनी बहिन को.." सुहाना ने अपने बहते असनु , अपने हाथो से साफ किये , और बेहद तेज़ी से रूम के अंदर घुस गई ,

सुहाना ने अंदर घुस कर देखा , उसकी बहिन रूही (कोमल) बालकोनी में कड़ी दूर जंगल की तरफ देख रही थी , उसकी आँखें शांत थी , मन भी शांत था , और चेहरे पर कोई भाव नै था , न नफरत का , न प्यार का , न गुस्से का , वोह भावहीन थी ,

"रहना..." सुहाना ने बेहद नाम आँखों से कोमल की तरफ देखते हुए बोलै , उसकी आवाज़ में इक दर्द था ,

कोमल इस आवाज़ को सुन कर पलट गई , सुहाना उसे देख चौंक सा गई , पर कोमल मुस्कराने लगी ,

"थीम मुम्मा तप..." कोमल अपनी तोतली आवाज़ में बोली ,

"रूही , फिर से वही मायाजाल , हम सुहाना है , आपके इस मायाजाल को जानते हैं , हमें नै पता , अपने क्यों ऐसे वापिस अपना लिया , हम अपनी रूही से बात करना चाहते हैं..." सुहाना ने बेहद नाम आँखों से दर्द भरी आवाज़ में बोलै ,

कोमल मुस्कराते हुए खामोश हो गई , लेकिन वोह कुछ बोली नै , बस सुहाना को देखती रही , उसका बीता हुआ कल , उसकी आँखों के सामने खड़ा था ,

"रूही कुछ तोह कहो , हमें अपनी गलती का पछतावा है , हमें माफ़ कार्डो..." सुहाना , कोमल के बेहद करीब आकर रट हुए बोली ,

"में रूही नै हु , में कोमल हु , रूही तोह मर गई , और अपने अननत शापो का भर कोमल पर छोड़ गई , कोमल को रूही के हर शाप का कारज उठाना पढ़ रहा है..." कोमल वैसे hi शांत भाव से बोली ,

"हमें पता है रूही , आपका और हमारा दूसरी बार जनम हुआ है , यह सब हमारी गलतियों के परिणाम हैं , हमें माफ़ कार्डो बहिन , हमने तुमसे ेरखा और जलन के भाव रखे , हमने तुम तुम्हारे प्यार से अलग किया , हमें कोई भी सजा दो..." सुहाना अभी बोल hi रही थी के कोमल बेच में बोल पढ़ी ,

"किस गलती की सजा दे , अप्प मेरी बड़ी बहिन हो , आपको माफ़ करने का और सजा देने का , मुझे कोई अधिकार नै है , में आपसे तब भी प्यार करती थी , और अज्ज भी करती हु..." कोमल बेहद नाम आँखों से बोली ,

"नै , नै , हमने तुमसे सब कुछ चीन लिया , हम अछि नै हैं , हम बुरी है..." सुहाना बेहद रट हुए बोली ,

"शहहह देदी , जब मेरे अंदर कोई नफरत hi नै , कोई गुस्सा hi नै , में क्या सजा दू आपको , भूल जाओ उन बातिओं को , आपकी अछि जिंदगी आपके सामने है , में आपसे प्यार करती थी , और हमेशा करती रहूगी , जाओ देदी , भइआ को जरुरत है आपकी , उनका साथ दो..." कोमल बेहद प्रेम भरे शबदो से बोली ,

"तुम , तुम , सच में पवितर शक्ति हो , तुम , तुम , हमारी बहिन हो , इस बात का गर्व है हमें , हम आखरी साँस तक , लड़ेंगे , और रवि को कुछ नै होने देंगे , हम वादा करते हैं..." सुहाना इतना बोल कोमल के गले लग गई , सदियों पुराणी ेरखा ने डैम तोड़ दिया , जलन के भाव जल गए , और प्यार ने इक नयी शुरुआत कर्ली ,

वही दूसरी तरफ....

ख़ुशी बेहद तेज़ी से बेबी के रूम के पास पहुँच गई , "बेबी , बेबी , मुझे बात करनी है , दरवाजा खोलो जल्दी..." ख़ुशी बेहद दर्द में दरवाजे पर हाथ मरते हुए बोली ,

िका इक बेबी ने दरवाजा खोल दिया , ख़ुशी तेज़ी से रूम के अंदर घुस गई , बेबी ने दरवाजा बंद कर लिया , और जाकर बीएड पर बेथ गई , जब की ख़ुशी वह कड़ी रही , उससे कुछ दूर ,

"बेबी हम सब को मिलकर रवि की मदद करनी है , प्लस , जल्दी चलो , शेतीअन की सेना ा रही है , हम सब मरे जायेगे..." ख़ुशी अभी बोल hi रही थी के बेबी बेच में बोल पढ़ी ,

"बस्स्स , ख़ुशी , मने अभी अभी अपनी बेटी को खो दिया , अपना प्यार खो दिया , इस हालत में , मैं कैसे लड़ सकती हु..." बेबी बेहद नाम आँखों से बोली ,

"शठ वोह सब तुम मिल जायेगा , में और रवि हेलल वापिस जा रहे हैं , लेकिन बेबी अगर जुंग में रवि हार गया तोह फर्जी और काट भी मर जाएगी , वोह कही भी सुरक्षित नै हैं , ायो बेबी मिलकर अपने प्यार की मदद करे..." ख़ुशी , बेबी के करीब बीएड पर बैठते हुए , उसके दोनों हाथ अपने हाथो में लेते हुए बोली ,

"में , में , नै कर सकती , में टूट चुकी हु अंदर से..." बेबी बेहद रट हुए बोली ,

"जानती हो , मने कितना दर्द सही हैं , पिछले जनम में , मुझे डेविल के साथ हेलल में रहना पढ़ा , सदियों तक उस गरम आग की तपश को सेहती रही , क्यों , क्यों की मुझे अपने प्यार को पाना था , उसके साथ रहना था , उसे कोई दर्द नै पहुँचने देना था , पर में नाकाम रही , उस जुंग में रवि मर गया , में भी मर गई , में न तोह प्यार को प् सकीय और न उसे बचा सकीय , बेबी अज्ज फिर वही हालत सामने हैं , में वादा करती हु , में फर्जी और काट को तुम्हारे पास छोड़ कर जोगी , पर अभी मेरे साथ चलो..." ख़ुशी ने बेहद नाम आँखों से बोलै ,

"में नै कर पाउगी , में कमज़ोर हो चुकी हु , में , में , अभ नै लड़ पाउगी... " बेबी अपना चेहरा ज़ुका रोने लगी ,

"हासष्ठ ठीक है , जानती हो अगर निशा जिन्दा होती तोह वोह तुम रवि की मदद के लिए खुद बेहज देती , और इतना hi नै , वोह तुम्हारे साथ जाती , खैर अगर मन बदल जाये तोह ा जाना..." ख़ुशी इतना बोल रूम से बहार चली गई , बेबी चेहरा ज़ुका नाम आँखों से पिछले वख्त को सोचने लगी ,

ख़ुशी , बेबी के रूम से निकल लारा और एलिज़ा के पास चली गई , उसे उम्मीद नै थी , के लारा और एलिज़ा उसके साथ जाएगी , पर वोह पूछना जरुरी समज़ती थी ,

ख़ुशी उनके रूम में घुस गई , वोह दोनों बीएड पर लेती हुई थी , ख़ुशी को देख दोनों उठ कर बेथ गई ,

"कैसी हो तुम दोनों..." ख़ुशी मुस्कराते हुए बोली , पर उसकी यह मुस्कान झूठी थी ,

"हम ठीक हैं , ाचा मने अपने सुपर कंप्यूटर में कुछ देखा , इस जंगल के सबसे बड़े परबत पर इक सफेद सी रौशनी आसमान की तरफ जा रही है , कोई खतरा आने वाला है क्या..." एलिज़ा अपना तेज़ दिमाग दौडते हुए बोली ,

"हाँ , ऐसा hi कुछ समाज लो..." ख़ुशी बेहद घम्बिर होकर बोली ,

"कितने दुश्मन हैं..." लारा बीएड से उठ कर खड़े होते हुए बोली ,

"लाखो में..." ख़ुशी यह बोल दोनों के चेहरे देखने लगी ,

"ोहुआहहहह (अंगड़ाई लेते हुए) एलिज़ा इतने दिनों बाद मज़ा आएगा , चलो ख़ुशी हम त्यार हैं... " लारा इक पल में hi अपने निंजा सूट में एते हुए बोली ,

"ओह्ह्ह , क्या , इक बार सोच लो , जान का खतरा है वह..." ख़ुशी दोनों की बात सुन चौंकते हुए बोली ,

"let's जो ख़ुशी , jaan-vaan की चिंता हम दोनों नै करती , चलो अभ अच्छी के लिए मारा जाये..." लारा , ख़ुशी को आँख मर रूम से बहार जाते हुए बोली ,

"में भी त्यार हु..." एलिज़ा इतना बोल लारा के पीछे पीछे रूम से बहार ा गई ,

"कमल है , में इनके पास क्यों नै आयी पहले..." ख़ुशी मुस्कराते हुए खुद से hi बोली , और रूम से बहार ा गई ,

अभ चारो त्यार थी , सुहाना (सीमा) , लारा , एलिज़ा और ख़ुशी , वोह चारो चल पढ़ी , इक आखरी जुंग की और , जो बेहद विनाश करि होने वाली थी...

वही दूसरी तरफ...

इक अँधेरी जगह , इक वीरान हवेली , यह वही हवेली थी , यहाँ से रवि के जीवन की इक नयी शुरुआत हुई थी , इक रहस्मयी हवेली , इस हवेली में कई राज़ दफ़न थे , लेकिन अभ इस हवेली पर वामपिरेस का राज़ था , वोह शाशन करते थे , हवेली पर , और हवेली के as-pas के पोरे जंगल पर ,

"मालिक , वोह ा गए..."

इक अँधेरे कमरे में , इक औरत ने दरवाजे से अंदर ज़कते हुए बोलै , और फिर वोह वह से चली गई ,

"हूअण , सर्दियाँ ऐनी वाली हैं , लेकिन जुंग में सर्दी का होना जरुरी है , धुप में लड़ा नै जा सकता , कुछ करना होगा मालिक..." इक औरत बेहद मुस्कराते हुए बोली , उसकी आँखें लाल रौशनी में चमक उठी , उस गहरे अँधेरे में...

"मेरा बीटा , कितना बदल गया है , में उससे बात करना चाहता हु , पर वोह आग में जलता हुआ राक्षस परतीत हो रहा है , में उसके सामने नै जा सकता..."

यह काल था , रवि का पिता , वामपिरेस का राजा , इस दुनिआ के हर वैम्पायर इसका आज्ञा का गुलाम था ,

"अप्प जा सकते हो मालिक , अप्प में कई रहस्मयी ताकतीअं हैं..." माया , काल के करीब एते हुए बोली ,

"जनता हु , में चाहता था , वोह खुद से सब सिख जाये , जब वोह यहाँ आया था , तब भी नासमझ था और अभ भी नासमझ है , औरत उसकी कमज़ोरी है , यह बताया था उसे , लेकिन अज्ज फिर वोह औरत की बतिअन से गुस्से में जल रहा है , में आखरी बार उसे मिलना जाउगा..." काल बेहद ब्यांक गरजती आवाज़ में बोलै ,

"मालिक हमारे सभी साथी ा चुके हैं , हम त्यार है जुंग में लड़ने के लिए..." माया लाल चमकती आँखों से मुस्कराते हुए बोली ,

"हम्म , जब मेरे मन की आवाज़ सुनो , तब उस स्थान पर पहुँच जाना , लेकिन हम रत होने का इंतज़ार करेंगे , रत होने तक , रवि को शेतीआणि सेना को रोक कर रखना होगा , यह नामुमकिन तोह है , पर मेरा बीटा इसको मुमकिन भी कर देगा..." काल बेहद शांत आवाज़ में बोलै ,

"मालिक अप्प कुछ भी कर सकते हो , हम दिन में लड़ सकते हैं , जायदा से जायदा हमें चोट पहुंचेगी , वैसे भी हम मरे हुए हैं , जायदा दर्द नै होगा..." माया , काल के हाथ पर अपना हाथ रखते हुए बोली ,

"हम्म , में कुछ सोचता हु , जब मन की आवाज़ ए तब सबको साथ लेकर वह ा जाना..." काल इतना बोल वह से गयाब हो गया...

तो बे कुनिटेड....

 


अपडेट-108

अभ अग्गे...

आसमान को छू रहा वंश जंगल का सदियों पुराण परबत , अभ जुंग का किल्ला बन चूका था , परबत की छोटी पर , तीन लोक खड़े थे , जो दानवी सेना का इंतज़ार कर रहे थे ,



नकाबपोश औरत , जोकर और रेखा , तीनो hi बेहद शिदत से दानवी सेना को पृथ्वी पर लेन के लिए उतावले हो रहे थे , पर क्या शेतीअन पर विश्वास करना उचित था ,

आखिर नकाबपोश औरत की म्हणत रंग लायी , उसके किये गए तंत्र मंत्र से उस नीले पत्थर से इक तेज़ ऊर्जा निकल कर , सीधा नीले आसमान को काटने लगी , वोह ऊर्जा इतनी तेज़ थी के तीनो पर्वत से निचे गिर गए ,



तेज़ चमकती बेहद विनाशकारी ऊर्जा ने , आसमान को काट दिया , इक बड़ा सा गोल छेद ब्रह्माण्ड की स्थिति को दर्शाने लगा , अभ बस इंतज़ार था , कब दानी सेना पृथ्वी में प्रवेश करे , और कब पृथ्वी का विनाश हो ,

वही दूसरी तरफ...

इक सुनसान सी गुफा , जिसके अंदर जाने का रास्ता बेहद घुमावदार था , कोई आम इंसान इस गुफा तक पहुंचना तोह दूर , इसके बारे में सोचने की कल्पना भी नै कर सकता था ,

गुफा के अंदर जाते वख्त थोड़ी थोड़ी दूरी पर आग की मसहले जल रही थी , तेन की अँधेरा थोड़ा काम हो , गुफा के उन घुमावदार रस्ते से होते होते , इक बड़ी सी खली जमीन थी , जिसके बेचू बेच , इक पत्थर पर कोई औरत तपस्या में लीं थी , उसका जिस्म सिर्फ हड्डीयों का ढांचा परतीत हो रहा था , न कोई चेहरा था , न कोई जिस्म , ऐसा दिख रहा था , जैसे कोई तपस्या में लीं hi मर गया हो , अभ उसका कंकाल hi वह बैठा हो ,



पर यह कंकाल नै था , लेकिन यह औरत थी कोण , और इस कदर तपस्या में क्यों लीं थी , इसका जवाब किसके पास था ,

तभी वह इक काली परछाई वजूद में ा गई , वोह काली परछाई कोई और नै , काल खुद था , लेकिन वोह यहाँ क्यों आया था , इस औरत से उसका क्या रिश्ता था ,

"मलिका , आपके जागने का वख्त हो गया है , हमें जरुरत है आपकी..." काल ने बेहद गरजती ब्यांक आवाज़ में बोलै ,

तभी देखते hi देखते उस कंकाल के अंदर से सफेद रौशनी जनम लेने गई , कुछ hi पलु में वोह सफेद रौशनी इक जिस्म का आकर ले गई , उफ्फ्फ जब वोह इंसानी वजूद में आयी , तब उसके सुंदरता का कोई मुकाबला नै था , इतनी दिलकश , हसन , खूबसूरत औरत , शयद hi इस दुनिआ में कोई और हो ,

"मेरी मलिका को मेरा परिणाम , अप्प सब जानती हो मलिका , मेरे यहाँ ऐनी का मकसद भी..." काल ने घुटनो के बल बैठते हुए सार ज़ुका कर बोलै ,

"हम जानते हैं , हमारा बीटा मुसीबत में है , पर हम उसकी रक्षा क्यों करे , उसने खुद यह रास्ता चुना था , हमने उसे रोका भी था , लेकिन वोह हमारी बात कभी सुनता hi कहा है , अभ हम उसका साथ क्यों दे..." मलिका समादि से उठते हुए बोली ,

"मलिका सोना , वोह आपका बीटा है , वोह अपनी बहिन के बिना नै रह सकता , वोह प्रेम करता है उसे , और वोह अकेली कोमल से नै , कई और लड़कयों को भी चाहता है , कई जिन्दगियां उसके साथ जुड़ चुकी हैं , अप्प मदद करो मलिका , अप्प hi कर सकती हो..." काल ने वैसे hi अपना सार ज़ुका कर बोलै ,

"हम उसके और उसके पिता के बेच क्यों ए , प्रेम करना गुनाह नै , पर अपनी बहिन से प्रेम करना गुनाह है , उसके पिता बहुत ताकतवर हैं , उनको मरना नामुमकिन है , ऐसा कोई रास्ता नै है , और हमने वचन दिया था , हम दोनों के रस्ते में नै आएंगे..." मलिका सोना ने बेहद उदास होकर बोलै ,

"मलिका , कोई तोह रास्ता होगा , पृथ्वी पर मासूम लोग रहते हैं , वोह बेवजह मरे जायेगे , मलिका अगर बात पृथ्वी की न होती , तोह में यहाँ आपके पास कभी नै अत..." काल ने दर्द भरी आवाज़ में बोलै ,

"काल , रवि हमारा बीटा नै है , हमारा बीटा तोह मर चूका है , सदियों पहले , अभ वोह आपका बीटा है , अप्प मदद करो उसकी , हम साथ देंगे आपका , लेकिन हम जुंग नै लड़ सकते , हाँ हम पोरे जंगल के as-pas इक रक्षा कवच का निर्माण कर देंगे , तेन की कोई भी दानव जंगल से बहार न जा पाए , काल हम तुम यह लॉकेट देते हैं , ऐसे पहन लो..." मलिका सोना ने अपनी आँखें बंद कर इक लॉकेट का निर्माण किया , जो बर्फ से बना हुआ था , लेकिन कठोर बर्फ से ,

"शुक्रिया मलिका , इस लॉकेट को पहन लेता हु , लेकिन इसकी शक्ति का राज़ क्या है..." काल ने वोह लॉकेट अपने गले में धारण करते हुए बोलै ,

"इस लॉकेट की शक्ति से , अप्प और आपके सभी साथी , किसी भी परस्थिति में लड़ सकोगे , चेहे दिन हो या चाहे रत , जब तक यह लॉकेट आपके गले में रहेगा , आपका कोई भी साथी मरेगा नै , जब तक उसके माथे के बेचू बेच वॉर न किया जाये , यही इक मटर रास्ता होगा आपके सठियाँ को मरने का , वार्ना उनको और आपको कोई नुकसान नै होगा..." मलिका सोना बेहद शांत सेहभाव में बोली , उनकी आवाज़ बेहद कोमल थी , दिल को मोह लेने वाली ,

"जी मलिका , में इस लॉकेट का ख्याल रखुगा..."

"काल , तुमने हमसे किये हर वादे को बड़ी बखूबी से पूरा किया है , सदियों तक किसी इंसान की हत्या नै की , और सभी मुर्दा लोग के लिए कई कानून बनाये , हम तुमसे बहुत खुश हैं , अगर कोई ीचा है तोह वोह मांग सकते हो , हम तुम्हारी इक ीचा जरूर पूरी करेंगे..." मलिका सोना बेहद खुशनुमा आवाज़ में बोली ,

"हम चाहते हैं , हमारा बीटा रवि यह जुंग जीत जाये , और उसे कुछ न हो , वोह जिन्दा रहे..." काल ने वैसे hi चेहरा झुकाये हुए बोलै ,

"यह तलवार लो , उसका गुस्सा शांत करो , और रही बात , जीने या मरने की , वोह मेरे हाथ में नै , वोह उसकी किस्मत में लिखा है , उसे कभी मत बताना , हम उसकी माँ हैं , और हम अभी जीवट हैं , ऐसे हमारा आदेश समाज लेना..." मलिका सोना ने बेहद घम्बिर आवाज़ में बोलै ,

"इस तलवार में कोई ताकत है क्या..." काल उस बर्फ से बानी बेजान तलवार को देखते हुए बोलै ,

"नई , इसमें कोई शक्ति नै , पर इस तलवार को देखते hi वोह शांत हो जायेगा , इतने गुस्से में वोह जुंग नै लड़ सकता , इस गुस्से की शक्ति को , वोह अपने वश में करके लाडे , तभी उसकी जीत हो सकती है , अभ जाओ काल..." मलिका सोना इतना बोल इक डैम सा , उसी रूप में , उसी चेतन पर , इक कंकाल के रूप में बेथ गई ,

"जो आज्ञा मैलका.." काल अपना सार झुकते हुए बोलै , और वह से गयाब हो गया...

काल वह से गयाब होकर , सीधा जंगल पहुँच गया , उसने देखा वोह कला पर्वत अभ बर्फ से ढाका हुआ था ,



जंगल में भी बर्फ का साया बढ़ता जा रहा था , जमीन पर बर्फ की सफेद चादर बिष चुकी थी ,

"मुर्दो की सेना... " काल मन hi मन सोचते हुए बोलै ,

काल जब रवि के सामने आया , तब रवि बेइंतहा गुस्से में , तेज़ तेज़ घूरते हुए सांसे ले रहा था , रवि ने काल को देखा , पर उसका गुस्सा जरा सा भी शांत न हुआ ,

"मेरीए बेटीइ मुज़सेई दूररर हो गईई , मेरीए कोमळळ भी मुज़से दूरर हो गईई.. " रवि बेइंतहा नफरत और दर्द में चीखते हुए बोलै , उसके चखने से , उसके बदन से तेज़ आग की लपटे चारो और गिरने लगी , अगर काल ने मलिका का दिया वोह जादुई लॉकेट न पहना होता तोह वोह जल जाता , क्यों की यह हेलल की आग थी , हेलल के राजा की अपनी खुद की तपश ,

"बेटा यह तलवार लू..." काल ने वोह तलवार जो मलिका सोना ने उसे दी थी , वोह रवि को सौंप दी , काल दूर शांत खड़ा हो गया , रवि के हाथो में एते hi वोह तलवार तेज़ सफेद रौशनी में चमक उठी ,

"माआआआआ..." रवि पारी लोक में बिताये अपने अचे पलु को यद् करने लगा , जो पल उसके और उसकी माँ मलिका सोना के बेच घाट चुके थे , यह तलवार सिर्फ और सिर्फ , वही सम्बल सकता था , जिसके लिए इसका वजूद रचा गया हो ,

रवि ने वोह तलवार अपने माथे से लगा ली , उस तलवार से सफेद रौशनी की किरणे निकल उसके जिस्म में समां गई , कुछ hi पलु में रवि शांत खड़ा था , लेकिन डेविल तोह अभ भी वोह था , बस उसका मन शांत हो चूका था , यह इस बात का सबूत था , के जब माँ का साया साथ हो , तब इंसान के अंदर गुस्सा , नफरत , हर दर्द , हर तन्हाई , सब जैसे इक पल में गयाब हो जाते हैं ,

"हस्सश्ठ पिता जी अप्प्प ..." रवि मुस्करा कर बोलै ,

"हम्म , इतना अधिक गुस्सा , अभ वख्त नै के में तुम तुम्हारी गलतियाँ समझौ , ायो मेरे साथ..." काल इक पल में रवि को उस स्थान पर ले आया , यहाँ से वोह पर्वत साफ साफ दिखाई दे रहा था ,



उस पर्वत के as-pas अभ न तोह जंगल के पेड़ थे , और न hi कोई नदी , इक डैम साफ बर्फीली जमीन थी ,



रवि ने ऊपर आसमान की तरफ देखा , आसमान में इक बड़ा सा छेद हो चूका था , उस नीले पत्थर से निकलती रौशनी के कारन , जो बेहद विनाशकारी परतीत हो रही थी ,

रवि और काल अग्गे बड़े और उस पर्वत से कोई 100 मेटर दूर आकर खड़े हो गए , तभी उनकी नज़र उस नकाबपोश औरत पर पढ़ी , उसके साथ जोकर और रेखा भी थे ,

"पिता जी हम दोनों लड़ेंगे , पर किस से , यहाँ तोह यह तीनो hi हैं..." रवि बेहद शांत सेहभाव में बोलै ,

"दानवी सेना हमारे as-pas hi है , बस अपने मालिक का हुकम सुनने को बेताब है , वोह अभी रुके हुए हैं , मतलब हमसे इक आखरी बार बात करना चाहते हैं..." काल ने ऐनी वाले वख्त को महसूस करते हुए बोलै ,

तभी किसी ने रवि के कंडे पर हाथ रखा , रवि चौंक सा गया , उसने पीछे पलट कर देखा , उफ़ उसने इक रहत की साँस ली , यह ख़ुशी थी ,

"अरे वह , मतलब क्या बात ही , यह बेवकूफ आग में जल रहा था , अभ बर्फ से भी ठंडा हो गया , उफ़ आइसक्रीम की तरह..." ख़ुशी मुस्कराते हुए अपने होंठो को जीभ से चाट ते हुए बोली ,

"प्रिंस..." सुहाना ने बेहद नाम आँखों से बोलै , और रवि के गले लग गई , उसके चेहरे को चूमने लगी पगलू की तरह ,

"अरे शर्म करो पिता जी साथ में हैं..." रवि मुस्कराते हुए सुहाना को पीछे करते हुए बोलै , सुहाना शरमाते हुए जमीन की तरफ देखने लगी ,

"तुम दोनों भी मेरे लिए आयी हो..." रवि , लारा और एलिज़ा के करीब जाकर बोलै ,

"हम तोह तुम्हारी hi है रावी , तुमने हम दोनों को बदल दिया , यहाँ तुम जाओगे हम साथ जाएगी , जो तुम्हारा दुश्मन वोह हम दोनों का दुश्मन , हम दोनों तुम्हारे साथ हैं..." लारा , रवि की आँखों में आँखें दाल बोली ,

रवि ने उन दोनों को बहु में भर लिया , वोह दोनों भी रवि के प्यार को महसूस करती रही , फिर तीनो अलग हो गए , तभी रवि ने देखा , वोह नकाबपोश औरत जोकर और रेखा उसके बेहद करीब खड़े थे , बस 15 फ़ीट की दूरी पर , शयद इक आखरी बार बात होनी थी...

वही दूसरी तरफ...

बेबी बेहद उदास थी , उसने बहुत रो लिया था , अभ असनु भी काम निकल रहे थे आँखों से , जज्बात भी निशा की यादिओं में कही खो सा गए थे , कही न कही निशा का कुछ वजूद उसके अंदर था , उसकी डोलत , उसके प्यार , उसके विश्वास ने उसे जिन्दा रखा था..

बेबी ने अपने फ़ोन उठाया और काट को लगा दिया , उससे बात करने के लिए , इक आखरी बात...

तो बे कुनिटेड...

 


अपडेट-109

अभ अग्गे...

"ट्रिंग ट्रिंग..." कुछ घंटियाँ बजती रही , आखिर दूसरी तरफ से किसी ने फ़ोन पिछ उप कर लिया , यह काट थी ,

"हलो.." काट अपने जज्बातो को कण्ट्रोल करते हुए बोली ,

"h..hlo k..kat.." बेबी अपनी कम्पटी हुई आवाज़ में बोली , उसे समाज नै ा रहा था , वोह क्या बात करे काट से ,

"हम्म , बेबी कैसी हो.." काट बेहद उदास लहजे में बोली , वोह फर्जी को खाना खिला रही थी ,

"m...mm..me ...tt..thik..hh..hu..." बेबी मुस्कराने की कोससिह करते हुए बोली ,

"दिल में दर्द है न तुम्हारे , अभ रोना चाहती हो , पर कोई साथ नै मिल रहा , मुज़से दर्द बाँटना चाहती हो , बेबी मने सिर्फ और सिर्फ तुमसे hi प्यार किया था , और हमेशा करती रहूगी , बात क्या है बेबी , बताओ न , में हु न तुम्हारे साथ..." काट बेहद नाम आँखों से दर्द भरी आवाज़ में बोली ,

"नै , नै , कोई बात नै , ाचा तुम फर्जी का ख्याल रखना हमेशा , हमने बहुत से पल साथ में गुजरे , में.. में रवि का साथ देने जा रही हु , जुंग सुरु होने वाली है , तुम , तुम वादा करो , फर्जी का हमेशा ख्याल रखूगी , अगर मुझे कुछ हो जाये तोह..." बेबी खुद को अंदर से मज़बूत करते हुए बोली ,

"बेबी , मुझे तुम्हारा साथ चाहये , बेबी में नै जी सकती तुम्हारे बिना , वापिस लोट एना बेबी , में इंतज़ार करुँगी तुम्हारा , तुम मेरी कसम ..." काट बेहद शिदत से रट हुए बोली ,

"कसम नै दे सकती काट , में नै जानती वह क्या होगा , मुझे आज़ाद कर दो , मुझे मुकत कार्डो , प्लस काट , मुझे रवि की मदद करनी hi होगी , मने शिव को वचन दिया था , में आखरी साँस तक उसका साथ दूंगी , में अपना वचन नै तोड़ सकती , मुझे आज़ाद कार्डो काट , अपने प्यार से मुकत कर दो , प्लस..." बेबी रट हुए बेहद दर्द भरे शबदो में बोली ,

"नई , नई , में तुम आज़ाद नै करुँगी , तुम वापिस एना होगा , बेबी जाओ , और सब ख़तम करके वापिस लोट एना , फर्जी की चिंता मत करना , में उसके साथ हु , तुम सब रवि का साथ दो , अभ और बतिअन नै करुँगी , बस इतना कहुगी , जीत कर एना , अगर मर गई , तोह तुम्हारी काट भी मर जाएगी ..." काट ने रट हुए इतना बोलै और फ़ोन कट कर दिया ,

बेबी ने अपने बहते असनु साफ किये और उठ कर चल पढ़ी , उस जुंग का हिस्सा बनने , जिसका अंजाम उसे भी पता नै था , लेकिन इक शक़श अभी भी त्यार नै था वोह थी रमा , क्या वोह जुंग का हिस्सा बनती , यह अभी इक रहस्य बना हुआ था ,

वही दूसरी तरफ...

रवि त्यार था , उसके अपने उसके साथ थे , रिश्तो के बेच उलझा रवि अज्ज किस्मत से जुंग लड़ने जा रहा था , दुश्मन ताकतवर था , लेकिन रवि के पास प्यार की ताकत थी , रवि और उसके चाहने वाले , इक दूसरे के लिए mar-mitne को त्यार खड़े थे ,

तभी रवि अग्गे बड़ा , उसके साथ काल और बाकि सब भी अग्गे बड़े , अभ बुरे और अचे लोग इक दूसरे के सामने थे , वोह नकाबपोश औरत अभ भी अपना वजूद छिपाये कड़ी थी , जोकर बेइंतहा खुश था , क्यों की कोमल जुंग के मेडेन में नै थी , उसकी मौत सिर्फ कोमल के हाथो hi लिखी थी , रेखा थोड़ी उदास थी ,

"रवीए , देखा तुमने , मने कहा था , मुझे वोह मैप देदो , पर तुम , तुमने जिद्द की , देखो अभ , कैसे हमारे शेतीअन देवता , तुम पर , तुम्हारे साथियों पर , तुम्हारे ें पृथ्वी के लोग पर , अपने गुस्से का केहर बरपाते हैं , पूरी पृथ्वी को इक शमशान में बदल देंगे , लेकिन इक रास्ता है , तुम झुक जाओ , और मैप हमें देदो..." वोह नकाबपोश औरत बेहद खुशनुमा अंदाज़ में बोली ,

"बेवकूफ औरत , भूल गई , में भी इक शेतीअन हु , में किसी के अग्गे ज़ुकता नै , और रही बात मैप की , भूल जाओ , उस दिन भी कहा था , अज्ज फिर से कह रहा हु , भूल जाओ उस मैप को , और दफा हो जाओ पृथ्वी से..." रवि बेइंतहा गुस्से में लाल चमकती आँखों से बोलै ,

"ाहः , मलिका यह नै झुकेगा , अभ तबाही होगी , हर तरफ तबाही , और तुम , हाँ तुम रावी , उस तबाही को रोक नै पाओगे..." जोकर बेइंतहा हस्ते हुए बोलै ,

"तबाही , वोह तोह होगी बदसूरत इंसान , पर तुम्हारी और तुम्हारी उस दानवी सेना की , तुम इक बार नाराज चलो , में तुम वह तबाही का मतलब बताऊगी..." ख़ुशी बेहद गुस्से में बोली , उसके हाथों की बंद मुठियाँ आग की तरह गरम होकर तपने लगी ,

"शांत , तामस , हम रवि से बात करने ए हैं , न के उसके गुलामो से ..." नकाबपोश औरत मुस्करा कर बोली ,

"शहहह , तामस हमारी गुलाम नै है , वोह हमारा प्यार है , दुबारा ऐसा मत बोलना , वार्ना यही तुम जला दूंगा , जुंग बाद में सुरु होगी.." रवि और अग्गे बढ़ उस नकाबपोश औरत के चेहरे को घूरते हुए बोलै ,

"सुन लिया बदसूरत औरत..." ख़ुशी बेहद मुस्कराते हुए बोली ,

"हष्ठ , देखो आखरी बार पूछ रही हु , मैप हमें देदो , वार्ना कोई भी जिन्दा नै बचेगा..." नकाबपोश औरत बेहद गुस्से में बोली ,

"वोह मैप पवितर है , तुम उस रस्ते पर चल नै सकती , तुम्हारे लिए मैप का कोई मतलब नै , वह तक कोई पवितर इंसान hi पहुँच सकता है , मैप को भूल जाओ कामिनी औरत.." रवि बेहद गुस्से में मुस्करा कर बोलै ,

"ठीक है , हम समाज गए , तुम जुंग चाहते हो , वोह तुम मिल गई , अभ अंजाम भुक्तो , तुम हार जाओगे , फिर हम तुम्हारी कोमल और तुम्हारा अंश , तुम्हारी बेटी , उसके जरिये मैप प् लेंगे , तुम्हारी बेटी की बलि देकर ..." वोह नकाबपोश औरत बेहद ख़ुशी में बोली ,

"यहहहहहह , मेरी बेटी की बलि डोगीइ तुम..." रवि ने उस नकाबपोश औरत का गाला अपने हाथ में जकड़ते हुए बोलै ,

तभी जोकर ने अपनी शक्ति से इक तलवार की रचना की , और उसका जोर दर वॉर रवि के हाथ पर करना चाहा , पर वोह तलवार मरने hi जा रहा था , इक आग से जलता हुआ तीर उसके सीने में ा लगा , जो लारा ने चलाया था ,

रेखा वह से गयाब हो गई , पर दूसरे hi पल उसने तेज़ी से रवि को जोरदार ढाका दिया , पर रेखा हरिजन रह गई , क्यों की रवि जरा सा भी हिला नै था ,

वोह उस नकाबपोश औरत के जिस्म को जलने की कोससिह कर रहा था , उसकी आँखें बंद थी , वोह अपने जिस्म की तपश को उस नकाबपोश औरत के अंदर बेहज रहा था , तेन की उसका अँधेरे से उपजा वजूद जल कर रख हो जाये ,

"व्हिटटीएएएएए वलकीरररसससस (वाइट वॉकर्स) ...." रेखा जोर से छीलते हुए अपनी सेना का नाम पुकारते हुए बोली , तभी सभी की आँखें खुली की खुली रह गई ,



सामने काळा परबत पर , 4 घोड़सवार खड़े थे , अभी वोह अकेले दिख रहे थे , पर कुछ hi पलु में , देखते hi देखते , बर्फ की उस पतली चादर जैसी जमीन को फाड़ते हुए , हज़ारो की तादाद में वाइट वॉकर्स (मुर्दो लोग ) खड़े हो गए ,



उन सब के जिस्म गले हुए थे , वोह सब के सब पहले से hi मर चुके थे , आँखें बर्फ जैसी जमी हुई थी , हाथो में उनके अलग अलग हथियार थे , चेहरे बहुत ब्यांक थे उनके , कई लोग के शरीर गले हुए थे , हदयान तक दिख रही थी उनकी , जैसे कोई मास्स था hi नै ,

"ओह्ह माय गोड्ढ..." लारा थोड़ा सा अग्गे बढ़ते हुए बोली ,

तभी रवि की नज़र उन पर गई , उसकी पकड़ ढेली होते hi , वोह औरत वह से गयाब हो गई , साथ में जोकर और रेखा भी ,

"पिता जी , क्या यही है दानवी सेना..." रवि दूर खड़े उन मुर्दा लोग की तरफ देखते हुए बोलै ,

"हाँ रावी , लेकिन यह अभी शुरुआत है , धीरे धीरे अलग अलग तरह की सेना आएगी , यह शेतीअन की पहली सेना है , इसको वाइट वॉकर्स बोलते हैं , यह सब के सब मुर्दा हैं..." काल सबको समझते हुए बोलै ,

"मुर्दा , मतलब मरे हुए , तोह फिर इनको मरेंगे कैसे..." एलिज़ा बेहद चिंता में बोली ,

"मुर्दा लोगो का अपना इक इतिहास रहा है , इनकी इक खासियत है , जो भी इनके हाथो मारा जाता है , वोह इनकी सेना में शामिल हो जाता है , उतनी hi ताकत के साथ , जितनी ताकत उसमे जीते वख्त थी , इनको मरने का इक hi तरीका है , इनको आग से जला दो , इनके जिस्म को जलाते रहना , तभी यह मरते रहेंगे , आग hi इनकी कमज़ोरी है , इनके घाव से बेच कर रहना , वार्ना तुम भी ें जैसे बन सकते हो..." काल ने सबकी तरफ देखते हुए बोलै ,

"ठीक है पिता जी , हम त्यार हैं , हम इनको जड़ से मिटा देंगे , में इतना तोह समज़ता हु , शेतीअन की यह सेना अज्ज तक कभी हरी नै होगी , लेकिन इस बार हार जाएगी..." रवि ने अपना जिस्म डेविल रूप में बदलते हुए बोलै , अभ उसका जिस्म आग की तरह गरम था , और हाथ में पकड़ी तलवार भी आग की तरह जलने लगी थी , जैसे आग से hi बानी हो ,

धीरे धीरे वोह सफेद मुर्दा लोग अग्गे बढ़ने लगे , वोह चारो घोड़सवार भी , जो उस सेना के सेनापति थे , वोह भी तेज़ी से पहाड़ से निचे उतर रवि और बाकि सब के सामने ा गए ,



"यह चारो कोण है पिता जी.." रवि उन 4 घोड़सवारो की तरफ देखते हुए बोलै ,

"यह इस सेना की कमान संभालते हैं , यह आधे मुर्दा हैं और आधे बर्फ से बने शेतीअन , इनके अंदर कई शक्तियाँ हैं , बर्फ hi इनकी ताकत है , यह अज्ज तक इक भी जुंग में नै हारे हैं , इस लिए इनसे पूरी सावधानी से लड़ाई करना..." काल ने बेहद शिदत से उन चारो को देखते हुए बोलै ,

"जी पिता जी , तुम सब भी सुन लो , हमें पूरी सावधानी से इक जुट होकर लड़ना है , कोई जल्दबाज़ी नै करेगा , सब की सब , इक साथ रहकर , इक दूसरे की मदद करते हुए hi लड़ुँगी , समाज गई .." रवि ने ख़ुशी , लारा और एलिज़ा की तरफ देखते हुए बोलै ,

"जैसे तुम कहो रावी..." ख़ुशी बेहद अड्डा से बोली ,

बाकि दोनों ने भी अपना सार हाँ में हिला दिया ,

रवि और बाकि सब त्यार थे , तभी देखते hi देखते सब के सब मुर्दा लोग कही बर्फ के तेज़ तूफान में खो गए , उनके अग्गे बढ़ने से बर्फ की अंधी उठने लगी थी , जैसे तेज़ हवा ऐनी से धूल के कण उड़ने लगते हैं , वोह कुछ पलु के लिए अलोप सा हो गए ,



पर जैसे hi वोह बर्फ की पतले धूल के कण साफ हुए , रवि और बाकि सब उन मुर्दा लोग के बेच घिर चुके थे , उनसब ने इक चकर्व्यु की रचना की थी , यह बहुत पुराणी युद्ध नेति थी , जिसका उपयोग वोह सब अभ कर रहे थे ,



रवि और बाकि सब उनके बेच गिर चुके थे , तभी इक तेज़ दहाड़ने की आवाज़ सुनाई दी , रवि और बाकि सब चौंक सा गए ,

इक बेहद ब्यांक सा शेतीअन उनके सामने खड़ा था , जिसकी हिघ्त बहुत जायदा थी , लेकिन यह था कोण ,



"पिता जी यह कोण ही..." रवि उस शेतीअन को घूरते हुए बोलै ,

"यह इसमें है , इस सेना का राजा , इसका जिस्म पूरा का पूरा इक बेहद शक्तिशाली कवच से ढाका हुआ है , यह बर्फ का देवता कहलाता है , इसकी तलवार में अनंत शक्तियाँ हैं , इसको मरना नामुमकिन है , अगर मरना है तोह इसके माथे के बेचू बेच जो छोटा सा छेद दिख रहा है , सफेद बर्फीली रौशनी का , उसमे अपनी आग से जलती तलवार घुसा देना , तभी यह मरेगा वार्ना नै..." काल , इसमें के बारे में बताते हुए बोलै , काल सदियों से जीवट था , उसे सब पता था , हज़ारो सालो से ें शेतीआनो की हर सेना के बारे में जनता था , वोह दुनिआ का इक मटर वैम्पायर था , जिसने शेतीअन को अपनी आँखों से देखा था ,

"जी पिता जी , युद्ध की शुरुआत करते हैं , अज्ज पिता जी को हरा कर , में यह साबित करुगा , के में अपनी बहिन से बहुत प्यार करता हु , उसके लिए किसी से भी लड़ सकता हु , शेतीअन से भी ..." रवि , कोमल को यद् करते हुए बोलै ,

"में तुम्हारे साथ हु बेवकूफ , अज्ज हम सब मर भी गए , तोह अगले जनम में फिर से इक साथ होंगे..." ख़ुशी , रवि की आँखों में आँखें दाल बोली ,

"हम भी आपके साथ है प्रिंस है..." सुहाना अपने असली रूप में एते हुए बोली , उसने अपनी हर शक्ति को जागृत कर लिया था , आखिर वोह अँधेरे की देवी थी ,

"हम भी रावी..." लारा और एलिज़ा इक साथ बोली ,

"मेरे चाहने वालो , हम सब जीए तोह इक साथ , अभ मरेंगे भी इक साथ , हम सब साथ हैं , बस यही काफी है मेरे लिए..." रवि उन सबके गले लगते हुआ बोलै ,

तभी आसमान से इक तेज़ आग जैसी चीज़ उनके पास आकर गिरी , इक बेहद बड़ा घड़ा बन गया उस बर्फ में , रवि और बाकि सब के होंठो पर इक मुस्कान दौड गई , क्यों की यह बेबी थी ,

"कमबख़्तो मुझे भूल गए , में भी मरने को त्यार बैठी हु..." बेबी , रवि के करीब आकर उसकी आँखों में देखते हुए बोली ,

"जूही , फिर से ..." रवि , बेबी को गले लगते हुए बोलै ,

"वाइफ हस्बैंड में जगदे होते रहते हैं , लेकिन इक वाइफ अपने हस्बैंड का साथ नै छोड़ देती , हम दोनों साथ में मरेंगे..." बेबी , रवि के होंठो को चूसते हुए बेहद नाम आँखों से बोली..

तभी उस सेना ने रवि पर हमला करना चाहा , वोह अग्गे बढ़ने लगे , मतलब जुंग सुरु हो चुकी थी ,

वही दूसरी तरफ...

"ठप्प ठप्प्प..." कोई तेज़ तेज़ दरवाजा खटखटा रहा था , आखिर दरवाजा खुला और वोह दोनों इक दूसरे के सामने थी ,

"कोमल तुम..." रमा बेहद उदास आवाज़ में बोली ,

"देदी अप्प गई नै वह..." कोमल अग्गे बाद बीएड पर बैठते हुए बोली , रमा ने कोई जवाब न दिया , बस चेहरा ज़ुका लिया ,

"में कुछ पूछ रही हु आपसे..." इस बार कोमल थोड़ा गुस्से में बोली ,

"वोह , वोह , माँ , तुम , तुम सब जानती हो..." रमा बेहद दर्द भरी आवाज़ में बोली ,

"में जानती हु , और में समज़ती हु आपके मन की हालत भी , पर देदी , वोह गलत रस्ते पर हैं , हाँ मानती हु , वोह नै चाहती , में और भइआ कभी इक हो जाये , पर मैप पाना , इक मैप के लिए जुंग लड़ना , यह बात तोह गलत हुई न , देदी अज्ज आपकी परीक्षा है..." कोमल बेहद नाम आँखों से बोली ,

"माँ के खिलाफ कैसे लाडू में , कोमल मुज़से नै होगा..." रमा बेहद नाम आँखों से बोली ,

"देदी , अप्प भइआ से कितना प्यार करती हो , अगर उनको कुछ हो गया तोह क्या अप्प यह बोझ दिल पर उठा पाउगी , जिन्दा रह पाउगी , देदी अप्प दर रही हो , आपके हाथो आपकी माँ न मरी जाये , पर वह आपकी माँ तोह नै , और भी दरिंदे हैं वह , जिनसे भइआ की रक्षा कर सकती हो अप्प , प्लस देदी , जाओ , लाडू सबसे , प्लस.." कोमल हाथ जोड़ते हुए रो कर बोली ,

"हासष्ठ , में जानती हु , लेकिन वोह मेरे बिना लड़ सकते हैं , में नै लड़ सकती कोमल , वोह माँ है मेरी , में , में नै लड़ सकती कोमल.." रमा बेहद नाम आँखों से बोली ,

"रमा , सबसे पहले तुम hi भइआ का प्यार मिला था , तुम बहुत खुश नसीब हो , जो प्यार में सदियों से न प् सकीय , वोह प्यार तुम खुद बा खुद मिल गया , उस प्यार का कारज उतरो रमा , जाओ मदद करो भइआ की.." कोमल ने रमा का हाथ अपने हाथों में लेते हुए बोलै ,

"कोमल , में फैसला नै कर प् रही.." रमा इस बार रट हुए बोली ,

"देदी , जल्दी फ़ासिला करलो , कही बाद में सब ख़तम न हो जाये , हमारा परिवार ख़तम हो गया , तोह किसके पास रहूगी , हाँ जानती हु अप्प जिन्दा रहूगी , पर वोह जिंदगी हेलल जैसी होगी , माँ अभी गलत रस्ते पर है , जिद्द है , घमंड है , न झुकने का ेहनकर है उनमे , अप्प उनको पराजित करके , यह एहसास दिलाओ , वोह अछि बन जाये , यह अप्प hi कर सकती हो , अगर भइआ ने उनको मर दिया तोह..." कोमल ने इक गहरी चल चलते हुए बोलै ,

"नई , माँ को मरना नै है , में जोगी जुंग में ..." रमा इतना बोल वह से गयाब हो गई , अभ वोह जुंग का हिस्सा थी , पर किस तरफ....

तो बे कुनिटेड...

 


अपडेट-110

अभ अग्गे....

रवि और बाकि सब त्यार थे , मुर्दा सेना चारो और से धीरे धीरे अग्गे बढ़ने लगी , लेकिन उनको रोकना बेहद जरुरी था ,

"ख़ुशी , चारो तरफ जलती आग का इक चाकर बना दो , तेन की वोह अग्गे न बढ़ पाए..." रवि ने छीलते हुए बोलै ,



"हम्म..." ख़ुशी ने इतना बोलै , और हवा में उड़ते हुए मुर्दा सेना से कुछ अग्गे जलती हुई आग का इक गहरा बना दिया , तेन की उनके कदम वही थम जाये ,

बूत रवि हरिजन रह गया , क्यों की वोह जलते हुए भी अग्गे बढ़ रहे थे ,

"इनको मौत का कोई दर नै..." सुहाना ने रवि के चेहरे की तरफ देखते हुए बोलै ,

"हमें भी नै है , चलो इनके भेटेर जाकर इनका खत्म करते हैं..." रवि ने थोड़ा मुस्कराते हुए बोलै , उसकी तलवार भी आग में जलने लगी थी ,

"पिता जी अप्प जाओ , मेरे ख्याल से यह पहला पड़ाव है जुंग का , आपकी जरुरत के वख्त आपको यद् करुगा , इनको हम देख लेंगे..." रवि ने काल की तरफ देखते हुए बोलै , यह उसका इक हम प्लान था , रवि की बात सुन काल वह से गयाब हो गया ,

रवि और ख़ुशी मुर्दा सेना की तरफ भागने लगे , उन दोनों का टकराव मुर्दा सेना से हुआ तोह , तबाही सी मच गई ,

ख़ुशी अपने हाथो से आग का दरिया बहते हुए उड़द कर उनको जला रही थी ,



लारा भी उनके पीछे पीछे ा गई थी , उसके पास खास तलवार और इक ब्लैक ढल थी , जिसको भेद पाना असंभव था ,

"तुम नै जा रही..." सुहाना ने एलिज़ा को देखते हुए बोलै ,



"जा रही हु , मने खास वेपन सूट डिज़ाइन किया है..." एलिज़ा ने अपनी कलाई पर बंधी इक छोटी सी बेल्ट पर इक ग्रीन बटन दबाया तोह , उसके बॉडी पर इक सुईठे उपज पढ़ा , उसका सुईठे बुलेटप्रूफ था , और उसमे अलग अलग तरह के वेपन्स छिपे हुए थे ,

"अलविदा सुहाना..." एलिज़ा इतना बोल उड़ते हुए ख़ुशी के पास पहुँच गई , और दोनों हाथो से धड़ा धड़ आग के गोले उस मुर्दा सेना पर बरसाने लगी , सुहाना अभी इंतज़ार कर रही थी , तेन की वोह थक न जाये , अभी सब गर्मजोशी से लड़ रहे थे , बेबी को भी उसने रोक रखा था , यह उसकी युद्ध नेति थी ,

रवि तलवार के वॉर करता मुर्दा लोगो के हाथ पेअर , गर्दन , काटते हुए अग्गे बढ़ रहा था , उसे भले लग रहे थे , तलवार के घाव लग रहे थे , कुछ तीर भी उसकी पीठ पर लगे हुए थे , लेकिन वोह अपनी hi धुन में उन सेनिको को चीरते हुए बहार खड़े घोड़सवारो तक पहुँचने की कोससिह कर रहा था ,

ख़ुशी , रवि के ऊपर उड़ते हुए पीछे से वॉर करने वाले दुश्मनो को जला रही थी , मुर्दा सेना कमज़ोर सी दिख रही थी इनकी इक जुट ताकत के अग्गे , लेकिन तभी इक आग से लथपथ उड़ता हुआ तीर ख़ुशी के कंडे पर ाँ लगा ,

"अह्ह्ह्ह..." ख़ुशी ने तीर चलने वाले की तरफ देखा , वोह वही घोड़सवार था , इस सेना का सेनापति ,

"तेरी तोह..." ख़ुशी तीर खींच कर निकलते हुए बेहद गुस्से में बोली , और उड़द कर उन चारो के अग्गे कड़ी हो गई , ख़ुशी के पीछे अभ जुंग चल रही थी , मुर्दा सेना की चीखे गूंज रही थी , माहौल बेहद गरम सा हो चूका था ,

सुहाना और बेबी के सामने जो सेना थी , वोह अभ उनके काफी करीब ा चुकी थी , बेबी बिलकुल त्यार कड़ी थी , कोमल के उस जादुई लॉकेट की पूरी ताकत उसके वश में थी , ऊर्जा का तेज़ संचार उसकी बॉडी की राग राग में दौड रहा था ,

"सुहाना हमला करो..." बेबी अग्गे बढ़ने लगी , पर तभी सुहाना ने उसे रोक लिया ,

"पर क्यों..." बेबी प्रश्न भरी निगाहो से बोली ,

सुहाना इक डैम से घुटनो के बल बेथ गई , उसने आँखें बंद कर ली , और कुछ hi पलु में , वोह इक ड्रैगन का रूप धारण कर चुकी थी , सुहाना को वरदान था , वोह किसी भी जीव का रूप धारण कर सकती थी ,

अपने ड्रैगन रूप में सुहाना ने बेबी को अपने ऊपर बैठा लिया , सुहाना ऊपर की तरफ उड़न भरने लगी , सुहाना उड़ते हुए मुर्दा सेना पर अपने मोह से तेज़ आग की बुशर करने लगी ,



उसके ड्रैगन रूप से वोह बेहद खतरनाक हो चुकी थी , उसके दहाड़ने से , उसके मोह से आग का दरिया सा बहार निकल रहा था , मुर्दा सेना अभ तीरो से सुहाना पर वॉर करने लगी , पर बेबी उनके चलाये तीरो को उड़ते हुए तलवार से रोकने लगी ,

लारा अपनी मज़बूत ढल से उनकी तलवारो के वरो को रोकती हुई , उनके जिस्मो को चीरती हुई अग्गे बढ़ रही थी , और एलिज़ा उसके द्वारा गिराए मुर्दा लोग को आग के गोलों से जलाते जा रही थी ,

जुंग पोरे शबाब पर थी , रवि अभ मुर्दा सेना को अपनी जादुई तलवार से कट्टा हुआ , उनके बेचू बेच पहुँच चूका था , उसे कुछ होश नै था , वोह बस होश खो कर तलवार के वॉर किये जा रहा था ,

वही इक और...

"कमीने घोड़े पर hi रहेगा या निचे आकर लड़ेगा भी..." ख़ुशी अपने जख्मी कंडे पर हाथ रखे बोली ,

वोह चारो घोड़सवार इक दूसरे की तरफ देख कर मुस्कराये और फिर उनमे से इक निचे उतर आया ,

ख़ुशी ने अपनी आँखें बंद की और उसके दोनों हाथो में इक जलती हुई मैजिक बॉल थी , ख़ुशी ने वोह उस पर छोड़ दी ,



वोह आग की मैजिक बॉल घूमती घूमती उसके करीब पहुँच उस घोड़सवार से टकरा गई , मैजिक बॉल लगते hi वोह थोड़ा पीछे की तरफ हैट गया , उसके बर्फीले सीने में इक घड़ा सा बन गया ,

पर ख़ुशी की आँखें खुली की खुली रह गई , जब उसने देखा , उसका जला हुआ हिस्सा वापिस बर्फ की परत से धक् गया ,

"बेवकूफ..." वोह अपने सीने पर हाथ फेरता हुआ बोलै ,

ख़ुशी ने अपनी कमर से लिपटी अपनी तलवार निकली और भागते हुए उस घोड़सवार को मरने डोडी , पर जैसे hi ख़ुशी उसके करीब ऐनी वाली थी , घोड़े पर बैठे उसके दूसरे साथी ने , बर्फ से बना इक और तीर चला दिया , जो ख़ुशी की ढाई जंग पर लगा , और ख़ुशी निचे गिर गई , और उसकी तलवार उसके हाथो से छूट उससे कुछ दूर जा गिरी ,

"बहादर लड़की , तुम मरने के बाद , मेरी सेना का हिस्सा बानगी..." इतना बोलते हुए उसने अपनी बर्फ जैसी सफेद तलवार निकली , और ख़ुशी पर वॉर किया , ख़ुशी ने अपनी आँखें बंद कर्ली ,

पर कुछ पलु बाद जब ख़ुशी ने आँखें खोली , तोह उसे लगने वाली तलवार रवि हाथ से पकड़ कर खड़ा हुआ था ,

घोड़े पर बैठे आदमी ने तीर चलना चाहा , पर रवि ने ढाये हाथ से अपनी तलवार उसकी तरफ फेंक दी , आग से जलती तलवार उसके सीने में घुस कर ar-par हो गई , वोह घोड़े पर बैठा hi जल कर रख हो गया , साथ में उसका मुर्दा घोडा भी ,

"बेमिसाल डेविल..." वोह बर्फीले अदम बोलै , और उसने रवि के पेट पर इक किक जड़ दी , जैसे hi रवि पीछे की तरफ गिरा , उसकी तलवार रवि के हाथ से छूट गई ,



"अभ मरने को त्यार हो जा..." वोह बर्फीला आदमी रवि पर तलवार का वॉर करने लगा , पर तभी रवि की तलवार उड़द कर उसके हाथ में ा गई , उसने जोरदार वॉर किया पर रवि ने अपनी तलवार से उसे रोक लिया ,

वोह बार बार तलवार के वॉर करता गया , पर रवि ने सीधे लेते हुए दोनों हाथो से तलवार पकड़े , उसके हर वॉर को रोक कर नमक करता रहा ,



तभी ख़ुशी ने हिमेट जूता कर अपने हाथो से तेज़ आग की बुशर कर दी , वोह आग सीधी उस बर्फीले आदमी के चेहरे पर लगी , वोह थोड़ा पीछे को हुआ , उतने वख्त में रवि ने उठ कर उसकी गर्दन धड़ से अलग कर दी , और ख़ुशी ने उसके जिस्म को जला दिया ,

"हष्ठ , anjar-panzar ठीक हैं..." ख़ुशी बर्फ की जमीन पर लेटते हुए बोली ,

"लग तोह रहा है , बाकि दोनों कहा गए..." रवि भी ख़ुशी के पास आकर बोलै ,

"अपने लोग के बेच , तेन की मेहफ़ूज़ रहे..." ख़ुशी , रवि के हाथ का सहारा लेकर उठते हुए बोली ,

"हम भी चले अपने लोग के बेच.." रवि , ख़ुशी को आँख मरते हुए बोलै ,

"नेकी और पूछ पूछ..." ख़ुशी मुस्कराते हुए बोली , और वोह फिर दोनों उस जुंग में घुस कर उन मुर्दा लोग के सार काटने लगे , यहाँ लारा और एलिज़ा अभी भी डट कर लड़ रही थी ,

"एलिज़ा ऐसी जुंग लड़ाई तुमने कभी..." लारा निचे झुक कर इक मुर्दे के पेट के अंदर तलवार घुसते हुए बोली ,

"नाना , कभी नई , मेरे वेपन्स ख़तम होने वाले हैं , और सुईठे की चार्जिंग भी ..." एलिज़ा धड़ धड़ एक47 राइफल जैसे गोळ्यां चलते हुए बोली ,

"अह्ह्ह कितने परसेंट रह गई..." लारा इक मुद्रे के सार उसके धड़ से अलग करते हुए बोली ,

"12% , अभ मुश्किल से 10-20 मिंट और टिक पाउगी..." एलिज़ा मुस्कराते हुए बोली ,

"अह्ह्ह्ह ..." लारा की हलकी सी चीख निकल गई , क्यों की तेज़ चाकू उसकी कमर के हिस्से को काट गया था ,

"लारा..." एलिज़ा उड़ते हुए निचे को हुई और लारा का हाथ पकड़ उसे ऊपर उठा , उसी जगह लोट आयी , यहाँ से उन सब ने शुरुआत की थी , वह कुछ देर वोह दोनों सुरक्षित थी , क्यों की उनके as-pas अभी भी ख़ुशी द्वारा जलाई गई आग इक गोल चाकर में जल रही थी ,

"तुम ठीक हो..." एलिज़ा ने लारा की कमर के घाव को देखते हुए बोलै , यहाँ से अभ खून बह रहा था ,

"अहह में ठीक हु..." लारा मुश्किल से खड़े होते हुए बोली ,

वही दूसरी और सुहाना इक ड्रैगन के रूप में उड़ाते हुए मुर्दा सेना को जला रही थी , पर वोह ख़तम नै हो रहे थे , जितने को वोह जला देती , उससे जायदा बर्फ की जमीन से वोह और निकल एते ,

अभ बेबी को भी लगने लगा था , यह मुर्दा सेना से निचे उतर कर hi लड़ना होगा , वोह भी अभ जमीन पर उतर चुकी थी ,

उसके पास बिजली और आग दोनों की बेशुमार ताकत थी , बेबी ने आसमान की तरफ उड़द कर रुक गई , उसके जिस्म से बिजिलयां निकलने लगी ,



बेबी उन चमकती बिजिलयों को उन मुर्दा लोगो पर फेंकने लगी , हर कोई लड़ रहा था , सिर्फ और सिर्फ प्यार और साथ रहने के लिए ,

कई घंटो तक सब लड़ते रहे , हज़ारो की तादाद में मुर्दा लोग मर चुके थे , उनके अध् जले शरीर बर्फ पर पढ़े हुए थे ,

लारा और एलिज़ा थक चुकी थी , एलिज़ा के सुईठे की चार्जिंग ख़तम हो चुकी थी , अभ वोह लारा के साथ जमीन पर लड़ रही थी , दोनों बुरी तरह थकी हुई थी , शरीर खून और पसीने से भीगा हुआ था ,

वही ख़ुशी अभ जख्मी हालत में रवि के साथ लड़ती जा रही थी , उसकी हालत भी अभ बुरी थी ,

लेकिन अभ इक और खतरा उन सब पर बढ़ चूका था , इसमें उनकी तरफ खुद बढ़ रहा था , सुहाना ने ड्रैगन रूप से उसे देखा , तोह वोह उस तरफ उड़द गई , तेन की उसे रोक सके ,

रवि अभ समाज गया था , वोह इस तरह जुंग नै जीत सकते , वोह ख़ुशी के पास गया और बोलै ,

"मुझे गुस्सा दिलाओ ख़ुशी ..." रवि मुर्दा लोग से लड़ता हुआ ख़ुशी की तरफ देख कर बोलै ,

"अह्ह्ह नई , तुम खुद को कण्ट्रोल नै कर पाओगे , सब तबाह हो जायेगा..." ख़ुशी बेहद दर्द भरी हालत में बोली ,

"ख़ुशी सबकी तरफ देखो , बेबी को देखो कितनी जख्मी है , लारा और एलिज़ा को देखो , खुद को देखो , अभ वख्त ा गया है ख़ुशी..." रवि , ख़ुशी की आँखों में देखते हुए बोलै ,

"ठीक ही , लेकिन वापिस लोट एना..." ख़ुशी ने अपने इक ऊँगली रवि के माथे के बेचू बेच रख दी , और कुछ मंत्र पढ़ने लगी , रवि ने मलिका सोना की दी तलवार निचे गिरा दी ,

रवि यादिओं में खो गया , उसके जिस्म का तेज़ अभ बढ़ने लगा , कोमल से बेपनाह मोह्हबत , उसे मिली हर सजा , अपनी बहिन की तड़फ , उसका रोना , उसका हर दर्द बर्दाश्त करना , इक इक लम्हा , इक इक पल , रवि की आँखों के अग्गे ा गया , अपने पिता के चेहरे को यद् करते hi , रवि का गुस्सा सातवे आसमान तक पहुँच गया , वोह इंसानी रूप का त्याग कर अभ इक लाल राक्षस बन चूका था ,

"वोफ्फफ्फ्फ़ वोफ्फफ्फ्फफ्फ्फ़..." रवि की तेज़ घुराहट सुन सभी मुर्दे लड़ते हुए उसे देखने लगे ,

रवि अभ डेविल था , वोह हेलल का राजा था , और सभी मुर्दा जीव उसके गुलाम थे , मरने के बाद हर जीव की आत्मा हेलल में जाती है , पर यह सब मुर्दा लोग शाप से जुड़े थे ,

बेबी , लारा और एलिज़ा , रवि के डेविल रूप को देखने लगी , रवि जब पहले गुस्से में अत था , तब बस वोह इक लाल दानव बन जाता था , पर अभ वोह हेलल के डेविल रूप में था , उसके लाल पंख इस बात का सबूत थे ,

"वोफ्फफ्फ्फ़ वुफफ्फ्फ़ (तेज़ घूरते हुए) साबबबब लोगगगगगग जुककककक जूऊऊऊ , अपनी राजायआ की अग्ग्गजेईए..." रवि बेहद भरी आवाज़ में तेज़ गहराई सांसे भरते घूरते हुए बोलै ,

हेलल के डेविल के बोलते hi सब मुर्दा लोग घुटनो के बल जमीन पर बेथ गए , बेबी , लारा और एलिज़ा इक दूसरे का चेहरा देखने लगी , सुहाना भी ड्रैगन रूप से वापिस इंसानी रूप में आकर जमीन पर कड़ी , रवि की तरफ देखने लगी ,

"वुफफ्फ्फ्फ़ एहहहह सथांनं तुम्हारा नईईई हीी , घर्रर्रर्र लोत्टटटट जउओ (गोऊ ताऊ होमी)..." रवि ने तेज़ तेज़ घूरते हुए बेहद भरी आवाज़ में बोलै , सब मुर्दा लोग जमीन पर गिर कर खाक हो गए ,

इसमें दूर खड़ा , डेविल को देखता रहा , उसकी समस्त सेना नासाहट हो चुकी थी , नकाबपोश औरत और जोकर भी चौंक सा गए थे ,

दूर वंश जंगल में अपने घर की बालकोनी में कड़ी कोमल मुस्करा रही थी , शयद उसे ऐनी वाले वख्त का एहसास था ,

इसमें अग्गे बढ़ने लगा तेन की सुहाना पर हमला कर सके , पर तभी उसके सामने रमा ा गईई...

तो बे कुनिटेड....

 


अपडेट-111

अभ अग्गे....

रमा बेइंतहा गुस्से में इसमें को घर रही थी , जो बहुत बड़ा था उसके अग्गे , उसके पीछे सुहाना कड़ी थी , जो मुस्करा रही थी , उसे ख़ुशी थी उसकी बेटी उसके लिए यहाँ लड़ने आयी है ,

"हष्ठ ा गई लाल चुड़ैल..." ख़ुशी अपनी तलवार का सहारा लेकर निचे बैठते हुए बोली ,

रवि भी मुस्करा दिया ख़ुशी की बात सुन कर , वही लारा , एलिज़ा और बेबी भी इक साथ ख़ुशी के पास पहुँच चुकी थी ,

इसमें ने अपनी नली चमकती आँखों से रमा को देखा , और फिर अपनी लेफ्ट हाथ में पकड़ी अपनी बड़ी सी बर्फीली तलवार ऊपर को उठा ली ,

उसने जोरदार वॉर रमा पर किया , रमा के लाल जादुई बालो ने इसमें की तलवार को बेच रस्ते hi रोक लिया , और उसकी तलवार को चारो तरफ से जकड़ते हुए , उसके हाथो की तरफ बढ़ने लगे , इसमें थोड़ा घबरा गया ,

"ुऊवॉफ्फफ्फ..." इसमें ने तेज़ साँस भरते घूरते हुए दूसरे हाथ से तेज़ नली रौशनी इक रैगर लाइट की तरह रमा के जिस्म पर मर दी , रमा का आधा शरीर बर्फ में जैम गया , और उसके बाल जो तलवार पर लिपटे हुए थे वोह भी बर्फ में जैम गए ,

तभी सुहाना वापिस ड्रैगन रूप में आकर इसमें के ऊपर उड़ते हुए , उसे अपने मोह से निकलती आग से जलने लगी , इसमें का चेहरा आग से घिर गया , वोह आग की तपश से पीछे हटने लगा ,

तभी बेबी इक डैम से उड़द कर इसमें के पीछे कड़ी हो गई , वोह इसमें को पीछे हटने से रोकने का परियस करने लगी , तब तक रमा के बाल खुद बा खुद आग की तरह गरम होकर उसकी कैद से आज़ाद हो चुके थे ,

रमा के लाल बाल अभ धीरे धीरे इसमें की तलवार से होते होते उसके पोरे हाथ को कंडे तक अपने आगोश में जकड चुके थे , रमा के बाल आग जैसे गरम होकर इसमें को जलने लगे ,

लारा भी अग्गे बाद इसमें के शरीर पर अपनी तलवार से वॉर करने लगी , वोह बेइंतहा गुस्से में इसमें की तंग पर तलवार के वॉर किये जा रही थी ,

ख़ुशी भी आगे बढ़ अभ इसमें के सीने को , अपने हाथो से निकलती आग से जलने लगी , बस रवि और एलिज़ा अभी दूर खड़े थे ,

िका इक रवि ने अपनी तलवार वापिस उठायी , और उड़ते हुए इसमें के करीब पहुँच उसके माथे के बेच , सफेद रौशनी वाले उस कटाव में अंदर तक घुसा दी ,

इसमें का पूरा शरीर इक नली रौशनी को सोखने लगा , सब अभी भी उस पर अपने वॉर कर रहे थे , पर तभी इक तेज़ धमाके के साथ इसमें का जिस्म फैट गया , उसका जिस्म इक रौशनी में भीकर गया ,

उस तेज़ धमाके से सब दूर बर्फ के खली मीडियन में जा गिरे , सबकी आँखें बंद सी हो चुकी थी , और वोह सब जमीन पर बेसुध पढ़े हुए थे ,

रवि पेट के बल बर्फ पर लेता हुआ था , उसने बेहद दर्द में अपनी आँखें खोली और अपने दोनों हाथो को दबाव देकर उठने लगा , जब रवि उठ कर खड़ा हुआ , उसके सामने उसके जैसा hi इक लाल आग से लथपथ दानव खड़ा था ,



रवि ने as-pas देखा , दूर दूर तक बस बर्फ की जमीन थी , और ुचे ुचे बर्फ के पहाड़ नज़र ा रहे थे ,

इसमें के जिस्म से निकलने वाली विनाशकारी ऊर्जा ने रवि और बाकि सब को अलग अलग कर दिया था , अभ उनके सामने जो दुश्मन ऐनी वाले थे , वोह ताकत में , दिमाग में , हर तरह से उनके जैसे थे ,

इनके नए दुश्मन , जो इनको अभ मिलने वाले थे , वोह इनके hi दूसरे रूप थे , अभ इनको खुद से लड़ना था , यही दूसरा पड़ाव था , शेतीअन ने मायाजाल रच दिया था , और सब इस मायाजाल में फास चुके थे ,

वही दूसरी तरफ...

ख़ुशी जो पहले से hi जख्मी थी , वोह अभ और भी दर्द में थी , वोह बेहद कमज़ोरी में , उठ कर अपने घुटनो के बल बेथ गई , ख़ुशी as-pas देखने लगी , पर as-pas कोई नै था , वोह शेतीअन के मायाजाल में फास चुकी थी ,

ख़ुशी अपनी तलवार की नोक जमीन में गड , उसके सहारे उठ कर कड़ी हो गई , वोह as-pas देखने लगी , उसने अपनी आँखें बंद की , पर इसमें का शरीर फटने का hi उसे नज़र आया , उसके बाद , सभी के as-pas इक सफेद रौशनी फैल गई थी ,

"रविइइइइइ , बाबीयीय कहा होऊ..." ख़ुशी जोर से चिलाती हुई बोली , पर उसकी आवाज़ कोई भी सुन नै प् रहा था ,

अचानक ख़ुशी ने देखा , उससे कुछ दूर हवा में इक चाकर सा बना , और उसमे से इक लड़की छलांग लगते हुए बहार निकली ,



"तुम..." ख़ुशी के होंठो से बस इतना hi निकला , क्यों की वोह लड़की तामस रूप में बिलकुल ख़ुशी जैसी लग रही थी , क्या यह था , ख़ुशी का दुश्मन ,

वही दूसरी तरफ...

रमा भी बर्फ पर गिरी हुई थी , उसके लाल बाल उसे जगाने की कोससिह कर रहे थे , अचानक रमा की काली अँधेरे जैसी आँखें खुली , और वोह उठ कर कड़ी हो गई ,

लेकिन वोह भी इस मायाजाल का हिस्सा थी , वोह भी कैद हो चुकी थी , उसे भी लड़ना था खुद से , और खुद को साबित करना था , यह दूसरा पड़ाव पर करके ,

अचानक आसमान से इक तेज़ लाल रौशनी जमीन पर गिरी , जब बर्फ का उड़ता गुबार शांत हुआ , तब रमा चौंक गई , क्यों की उसके सामने बिलकुल उसकी हमशकल कड़ी थी ,



बस फरक इतना था , उसके बाल काळा थे , लेकिन रमा के बालो के जैसे वोह जिन्दा थे , और इक फरक यह था उसकी आँखें बिलकुल सफेद थी , वोह बेहद गुस्से में रमा को घर कर देख रही थी ,

"तुम यहाँ कैसे..." रमा इतना hi बोल पायी , के उस काळा बालो वाली लड़की ने रमा पर हमला कर दिया ,

वही दूसरी तरफ...

सुहाना इक बंजर जमीन पर गिरी हुई थी , जो बिलकुल अँधेरे की तरह काली थी , सुहाना ने ऊपर की तरफ नज़र डाली , आसमान भी पूरा कला था , सुहाना भी अभ मज़ाजाल में कैद थी ,

"उफ्फ्फ पिता जी का मायाजाल , हम तोह मर गए अज्ज .." सुहाना अपना माथा पीट कर बोली ,



तभी उसके सामने आकर कोई खड़ा हो गया , यह कोई और नै , उसकी बहिन रूही थी , या यु कहले , रूही (कोमल) की हमशकल थी ,

"में रूही से नै लड़ सकती..." सुहाना ने पीछे हट्टे हुए बोलै , पर तभी रूही हसने लगी , उसकी आँखें लाल रौशनी में चमक रही थी ,

वही दूसरी तरफ...

बेबी भी अकेली , इक अजीब से मायाजाल में कैद हो चुकी थी , वोह इक बेहद बड़ी बिल्डिंग का टेरेस पर कड़ी थी ,

"कैसी हो बीच..." तभी इक आवाज़ ने बेबी का ध्यान अपनी तरफ खींच लिया ,

बेबी ने पलट कर देखा , उसके सामने काट कड़ी थी , ऐसा महसूस हो रहा था , बेबी वख्त में बहुत पीछे चली गई थी , वोह इंसानी रूप में काट के समक्ष कड़ी थी ,

काट के साथ 4-5 आदमी थे , जो शयद उसके बॉडीगार्ड थे , बेबी के पास अभ कोई ताकत नै थी , वोह शक्तिहीन थी , और उसे रास्ता ढूंढ़ना था , इस मायाजाल से बहार निकलने का , जो ऐसी बिल्डिंग के किसी दरवाजे के पीछे छिपा था ,

वही दूसरी तरफ....

वही इक और लारा और एलिज़ा इक कबीले में फांसी हुई थी , उनके चारो और निंजा सैनिक थे , जिनके हाथो में उनकी तलवारे थी , कुछ के हाथो में खुल्हाडी जैसे हथियार थे ,



"यह हम कहा ा गए..." एलिज़ा अपने सार पर दोनों हाथ रखती बोली ,

"यही से मने अपनी ट्रेनिंग पूरी की थी , अभ यह लोग मेरे दुश्मन हैं , मने इनके कानून और निज़मो को तोडा था... " लारा बेहद घम्बिर आवाज़ में बोली ,

"लेकिन हम तोह जुंग के मीडियन में थे.." एलिज़ा थोड़ा घबरा कर बोली ,

"शठ वोह जुंग जादुई थी , शेतीअन के खिलाफ , और हम किसी मायाजाल में कैद हो चुकी हैं , इस से हमें hi बहार निकलना होगा..."

"तुम्हारा मतलब ें सब से लड़ कर..." एलिज़ा कुछ सोचते हुए बोली ,

"मेरे ख्याल से हाँ..." लारा अपनी तलवार अपने हाथो में कस्ते हुए बोली...

लारा पूरी तरह त्यार थी , हाँ बस हालत थोड़ी जख्मी थी , एलिज़ा थोड़ा घबरा रही थी ,

वही दूसरी तरफ...

वोह नकाबपोश औरत जुंग के मेडेन में , जोकर और रेखा के साथ कड़ी थी , पर वह अभ कोई नै था ,

उस नकाबपोश औरत ने अपनी आँखें बंद की , और कोमल के मंद को महसूस करने लगी , तेन की उससे बात कर सके ,

"कोमल वही कड़ी थी , सब देख रही थी अपनी बंद आँखों से , उसे पता था , उसका भाई कहा है , उसके दोस्त कहे हैं , वोह सब जानती थी , लेकिन उसे विश्वास था , उसका भाई और बाकि सब , हर पड़ाव पर कर लेंगे , वोह सही सलामत इस मायाजाल से बहार आएंगे..."

तभी कोमल के सार में थोड़ा दर्द सा हुआ , लेकिन यह दर्द बेहद मेथा सा था , दिमाग में हलके हलके जटके लग रहे थे , और यह जटके बेहद आनंद सा दे रहे थे कोमल को ,

अकसर जो लोग दयँ लगते हैं , उनको पॉजिटिव एनर्जी से हलके हलके बिजली जैसे जटके लगते रहते हैं , लेकिन यह कुछ और था जो कोमल समाज चुकी थी ,

कोमल समाज गई के कोण उससे बात करना चाहता है , कोमल ने अपनी आँखें बंद कर ली , पर उस औरत से कोई बात नै की , उसके पूरा ध्यान अपने भाई पर था , वोह उसे hi देख रही थी ,

"शह्ह्ह्हह्ह , कोमल मुज़से बात नै कर रही , में कुछ देर और इंतज़ार करुँगी , उसके बाद मालिक शेतीअन की अगली सेना पृथ्वी पर आएगी , रवि और उसके बेकार साथी , उस मायाजाल से बहार नै निकल पाएंगे..." वोह नकाबपोश औरत थोड़ा गुस्से में मुस्कराते हुए बोली ,

"हर तरफ तबाही का मंजीर होगा , क्यों की खुद से लड़ना आसान नै होता , वोह सब खुद से लड़ना छह रहे , पर क्या वोह जिन्दा लोट पाएंगे..." जोकर भी हस्ते हुए बोलै ,

पर रेखा खामोश थी , उसकी कोई आवाज़ नै निकल रही थी , क्या उसमे कोई बदलाव हो रहा था , यह अभी तक इक रहस्य बना हुआ था....

तो बे कुनिटेड...

 


अपडेट-112

अभ अग्गे...

रवि अपने सामने खुद जैसे डेविल को देख थोड़ा चौंक सा गया , उसे नै पता था , उसके जैसा इस दुनिआ में कोई और भी होगा ,

"तुम , तुम , कोण हो.." रवि ने अपने लाल डेविल रूप में उस दूसरे डेविल के करीब जाते हुए बोलै ,

पर वोह कुछ बोलै नै , पर जैसे hi रवि उसके करीब आया , उसने इक जोरदार तलवार का वॉर रवि पर किया , रवि निचे को झुक गया , वार्ना उसकी गर्दन इक जटके में काट जाती ,

रवि जैसे hi थोड़ा ज़ुका , उस डेविल ने इक जोरदार घुटने का वॉर रवि के चेहरे पर किया , रवि खुद को संबलता थोड़ा पीछे को हुआ ,

दूसरे डेविल ने अपनी आग से लथपथ तलवार का इक और वॉर रवि पर किया , पर उसका वॉर बेकार गया , क्यों की रवि ने अपनी तलवार से उसका वॉर बेच रस्ते में hi रोक लिया था ,

फिर दोनों तलवार से युद्ध करने लगे , दोनों की आग जैसी जलती तलवारिआं , आपस में टकराते hi जोरदार आवाज़ पैदा कर रही थी , आग के छोटे छोटे कण हवा में उड़ने लगते थे , दोनों इक जैसे थे , ताकत में , बुध्दि में , हर तरह से ,

तलवार के युद्ध में , जीत का कोई नतीजा नै निकल रहा था , आखिर दोनों इक जैसे थे , अपना हर dav-pench बखूबी जानते थे , वोह दोनों इक जैसा hi वॉर कर रहे थे ,

आखिर रवि ने बेइंतहा गुस्से में तलवार का वॉर करना सुरु कर दिया , लेकिन तभी दूसरा डेविल खुद का बचाव करते हुए , इक डैम से वह से गयाब हो गया , रवि तेज़ तेज़ सांसे भरते as-pas देखने लगा ,

लेकिन तभी वोह डेविल इक डैम से रवि के पीछे आकर खड़ा हो गया , उसने इक हाथ से रवि की गर्दन को जकड लिया , और उसके जिस्म को अपने आग जैसे तपते जिस्म में सामने लगा ,

रवि खुद को छुड़ाने की कोससिह करने लगा , पर वोह डेविल रवि की गर्दन को और भी कास कर जकड़ने लगा ,

फिर िका इक उसने रवि की गर्दन को छोड़ , उसे अपनी तरफ घुमा , दोनों हाथो से जोरदार ढाका जड़ दिया , रवि उड़ता हुआ दूर बर्फ की जमीन पर जा गिरा ,

"तुम कमज़ोर हो रवि , में ताकतवर हु तुमसे , मुझे लगता है , तुम्हारे मरने के बाद , कोमल मेरे पास सुरक्षित रहेगी..." वोह दूसरा डेविल इंसानी रूप में एते हुए बोलै , जो हूबहू रवि जैसा था ,

"अह्ह्ह यह तुम्हारा सपना है , ऐसा कुछ नै होगा..." रवि भी डेविल रूप में उठ कर खड़े होते हुए बोलै ,

रवि ने भी इंसानी रूप अपना लिया था , दोनों इक दूसरे की तरफ दोड़ने लगे , आखिर जैसे hi दोनों इक दूसरे से टकराये , इक तेज़ बर्फ का गुबार उठा , सब कुछ बर्फ के कनु में कही अलोप सा हो गया , जब बर्फ का उड़ता गुबार शांत हुआ , वह कोई नै था , न रवि न उसका हमशकल...

इक बेहद बड़ा जवालामुखी , जो अभ तक शांत था , लेकिन उसके अंदर दहकती आग जैसा गरम लावा था , तेज़ तपश थी , इतनी तेज़ तपश थी उसकी आग की , के पल भर में किसी भी चीज़ को जला कर खाक कर दे ,

ऐसी जवालमुहकि के सबसे ऊपरी हिस्से पर , रवि और उसका हमशकल खड़े थे , बहुत पतली सी दीवार थी जिसके ऊपर रवि बहुत मुश्किल से खड़ा हो प् रहा था ,

उसके इक तरफ तेज़ दहकता आग से भरा जवालामुखी था , और दूसरी तरफ , बेहद गहरी खायी , जिसकी जमीन दिखाई hi नै दे रही थी , बस जमीन के नाम पर कला अँधेरा hi दिख रहा था ,

"रवि , यही है तुम्हारी मंज़िल , अगर इस तरफ गिरे तोह सीधे जल कर हेलल पहुँच जाओगे , और फिर वापिस कभी नै ा पाओगे , और अगर दूसरी तरफ गिरे , तोह सदियों तक गिरते रहोगे , पर कभी जमीन नसीब नै होगी..." वोह दूसरा रवि मुस्कराते हुए बोलै ,

"हम्म , ाचा प्लान है तुम्हारा , बूत में तुम इस खायी में गिरयुगा , तेन की तुम सदियों तक गिरते रहो..." रवि ने थोड़ा सा अग्गे बढ़ते हुए बोलै ,

"तुम भी इंसान में भी इंसान , तुम भी रवि में भी रवि , लेकिन इक hi रवि जिन्दा रहेगा , जो जिन्दा रहेगा , कोमल उसकी हो जाएगी..." दूसरा डेविल अपने हाथो की मुठियाँ बंद करते हुए बोलै ,

"मंज़ूर है..." रवि भी लड़ने की पोजीशन में एते हुए बोलै ,

अभ यह लड़ाई इंसानी हो चुकी थी , लेकिन क्या रवि खुद से जीत पता , कई बार हम किसी ऐसी लड़ाई में फास जाते हैं , जो हमें खुद से लड़नी पढ़ती है , क्या रवि , रवि से लड़ पायेगा , क्या कोमल का प्रेम उसे जीत दिला पायेगा , क्या यह संभव है के रवि की जीत होगी...

"तुम बस मेरे पिता जी का मायाजाल हो , कोमल तुम नज़दीक भी नै ऐनी देगी..." रवि मुस्कराते हुए बोलै ,

"ः , उसके साथ जबरदस्ती करू , तब भी , तुम्हारे पिता का यही हुकम है मुझे , तुम मर कर , उसे उठा कर ले जाउगा , अपने लोग में..." दूसरा रवि भी हस्ता हुआ बोलै , उसे अपनी जीत निश्शित लग रही थी ,

"ैय्यिय ..." रवि बेइंतहा गुस्से में उसकी तरफ भगा ,

लेकिन वोह हमशकल पहले से hi त्यार था , उसने ऊपर की तरफ दोनों टंगे फैला छलांग लगा दी , रवि निचे से गुजर गया ,

वोह बेहद मुश्किल से उस पतली से दीवार पर खुद को बैलेंस कर पाया , रवि भी धीरे धीरे पीछे की तरफ घुमा , वोह बिलकुल रवि के सामने खड़ा था ,

"अह्ह्ह्ह एहहहह ली..." रवि ने इक जोरदार पंच उसके चेहरे पर जड़ दिया , फिर रवि बेइंतहा मुक्के उस हमशकल रवि के चेहरे पर मरने लगा , उस रवि का चेहरा शील गया , गाल फैट गए , उनमे से खून की बोंडे जमीन पर टपकने लगी ,

"मेरी कोमल बस मेरी है , वोह कोई चीज़ नै , जो में किसी के साथ बाँट लूंगा..." रवि ने थोड़ा पीछे हैट , इक जोरदार मुक्का उस हमशकल के नक् के बेचू बेच जड़ते हुए बोलै ,

नक् के बेचू बेच मुक्का पड़ते hi , वोह हमशकल रवि उड़ता हुआ पीछे की तरफ गिर गया ,

रवि का गुस्सा अभी शांत नै हुआ , रवि ने उस हमशकल रवि के ऊपर छलांग लगा दी ,

"अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह शठ..." रवि के होंठो से दर्द भरी सिसकी निकल गई , क्यों की दूसरे रवि ने लेते हुए , अपने ऊपर कूदते रवि की कमर में चाकू घुसा दिया था ,

"गुस्सा तुम्हारी कमज़ोरी है , तुम बिन दिमाग लड़ते हो..." हमशकल रवि पेट में घुसे चाकू को और भी अंदर धकेलते हुए बोलै ,

"अह्ह्ह्ह कोमलललल शहहह..." रवि दर्द से सिसक पढ़ा ,

"कोमल मेरी है..." हमशकल रवि कमर में घुसे चाकू पर अपना दबाव बढ़ाते हुए बोलै ,

"मेरी है कोमल..." रवि िका इक बेहद गुस्से में बोलै , और ताबड़तोड़ मुक्के उस हमशकल रवि के चेहरे पर जड़ने लगा , रवि ने पगलू की तरह पता नै कितने मुक्के उसके चेहरे पर जेड होंगे , उसका पूरा चेहरा खून से लथपथ हो चूका था ,

"समाज गया..." रवि धीरे धीरे पीछे की तरफ उठ कर खड़े होते हुए बोलै , उसकी कमर में अभी भी चाकू घुसा हुआ था ,

अभी रवि ने चाकू पर हाथ रख उसे निकलने hi जा रहा था , इक और चाकू का वॉर उसकी ढाई जंग पर ा लगा ,

"aaaieeeeeeeeeeeiiiiiiiiiiii माँ..." रवि दर्द से कहराते हुए घुटनो के बल उस पतली से दीवार पर बेथ गया , चाकू का कट बेहद गहरा था , उसमे से खून पानी की तरह बह रहा था ,

तब तक वोह हमशकल रवि उठ कर खड़ा हो चूका था , उसने उठते hi थोड़ा पीछे हैट , इक जोरदार घुटने का वॉर रवि के मोह पर किया ,

रवि पीछे की तरफ झूल सा गया , पर गिरा नै , वोह थोड़ा बेसुध सा हो चूका था ,

"तुम , तुम किसी काम के नै हो , शःह्हा कोमल तड़फ रही है , उसे प्यार नै दे पाए , तुम चिंता मत करो , में उसका ख्याल रखुगा , उसके गोर हसन जिस्म का लुतफ उठाऊंगा , जिसे सदियों से किसी ने नै छुआ , कोमल अह्ह्ह्ह , कितनी आग होगी तुम में , में महसूस कर रहा हु , कोमल और खुद को , इक साथ , हमबिस्तर होते हुए..." अभी हमशकल रवि इतना hi बोलै था , उसकी तेज़ "आह्ह्ह्हह्ह्ह्हहननन..." दर्द भरी चीख वह गूंज गई ,

"पहला और आखरी सबक , कोमल के खूबसूरत हुसैन के सपने मत देखो..." रवि ने उसकी गर्दन के बेचू बेच घुसे चाकू को गर्दन से वापिस खींच कर निकलते हुए बोलै , गर्दन से चाकू निकलते hi , उस हमशकल रवि की गर्दन से खून की पतली धार बह निकली और वोह जमीन पर घुटनो के बल बेथ गया ,

दरअसल हुआ यह था , रवि का हमशकल कोमल के ख्यालो में खो कर , रवि को भूल गया था , वोह कोमल के खूबसूरत जिस्म के सपने देखने लगा था , अपनी hi कल्पना में उसके साथ हमबिस्तर हो रहा था ,

तभी रवि ने ख़ामोशी से अपनी कमर में घुसे चाकू को धीरे धीरे बिना अहहत किये निकल लिया था , और इक पल में hi उठ कर , चाकू अपने हमशकल की गर्दन के बेचू बेच अंदर तक घुसा दिया था ,

"थूऊ साला..." रवि उस जवालामुखी में थूकते हुए गुस्से में बोलै ,

वोह हमशकल अभ बेसुध हालत में बैठा हुआ था , उसका अंत अभ करीब था , रवि उसे बालो से पकड़ , उसके चेहरा ऊपर उठाते हुए बेइंतहा गुस्से में बोलै ,

"कोमल के हुसैन का तेज़ , सिर्फ और सिर्फ वही सम्बल सकता है , जिसे वोह चाहती है , तुज जैसे कई हमशकल तोह उसके ख्यालो को hi सेहन नै कर पते , कोमल मुज़से प्यार करती है , वोह मेरी है , तुम , तुम , कुछ भी नै हो , अलविदा मेरी बहिन के नादाँ आशिक़ ..."

रवि ने इतना बोलते हुए उसके खुले मोह में चाकू घुसा दिया , और उसे उस अँधेरी खायी में फेंक दिया , तेन की सदियों तक वोह गिरता रहे , यही उसकी सजा थी....

वही दूसरी तरफ...

ख़ुशी के सामने उसकी इकलोती दुश्मन कड़ी थी , लेकिन यह थी कोण , जिसे देखते hi ख़ुशी ने तुम कहा था , शयद ख़ुशी उसे जानती थी ,

"कैसी हो बहिन..." ख़ुशी ने बेहद कमज़ोरी में मुस्कराते हुए बोलै ,

लेकिन वोह लड़की कुछ बोली नै , वोह बस अपनी मायावी किताब में कुछ पढ़ती रही , किताब के as-pas नली रौशनी की किरणे बढ़ रही थी , और वोह जादुई किताब हवा में उड़द रही थी , उसके पाने खुद बा खुद अग्गे खुलते जा रहे थे ,

"मेरी बहिन मने..." अभी ख़ुशी ने इतना hi बोलै था , उसने ढाये हाथ से इक तेज़ नली रौशनी का जतका ख़ुशी के जिस्म पर दिया , ख़ुशी दर्द से कहरहटी पीछे की तरफ गिर गई ,

आखिर उसकी किताब अपने अप्प गयाब हो गई , उसके जिस्म से तेज़ रौशनी निकल रही थी , उसके चेहरे पर इक नकाब था , ढाये हाथ में तेज़ एनर्जी थी , जिस कारन वोह रौशनी से चमक रहा था , और बाये हाथ किसी कहकर जानवर के पंजे जैसा परतीत हो रहा था ,

"तमुन..." ख़ुशी दर्द से कहराते हुए बोली...

"अह्ह्ह्हम्म्म ..." उसने तेज़ गुस्से में घूरते हुए इक मंत्र का जाप किया , और ढाये हाथ से इक , तेज़ नली रौशनी का मैजिक बॉल ख़ुशी की तरफ छोड़ दिया ,

"आह्ह्ह्णण..." ख़ुशी दर्द से चीख उठी , वोह मैजिक बॉल ख़ुशी के जिस्म से टकराते hi उसके जिस्म को तेज़ बिजली के जटके देने लगा ,

"डेविल सामने ायुओ..." तैमून बेइंतहा गुस्से में चीखते हुए बोली.." वार्ना तुम्हारी तामस को ख़तम कर दूंगी..." तैमून फिर से आँखें बंद कर मंत्र जाप करने लगी ,

"अह्ह्ह्हह्हह डीडीई aaaieeeeeeeeeeeiiiiiiiiiiii, mm...meri ...bb...battt...tt..toh...ss..

sunoo..pp...plss..." ख़ुशी बेहद कमज़ोर हालत में दर्द से कहरहते हुए बोली ,

"धोकेबाज..." तैमून ने मंत्र जाप छोड़ अपनी कमर से तंगी तलवार निकल , ख़ुशी की तरफ गुस्से में बढ़ते हुए बोली ,

"mm..marrr ..dd..doo...mm..muze..." ख़ुशी आँखों में असनु भरते हुए बोली , अपनी hi बहिन के हाथो से मरना उसे बेहद ाचा लग रहा था , उसी बहिन के हाथो , जिसने उसे सब सिखाया था , हर तंत्र मंत्र की विद्या ,

तैमून गुस्से में ख़ुशी के सीने में तलवार घुसाने hi वाली थी , के अपनी छोटी बहिन की आँखों में असनु देख , वोह कमज़ोर सी हो गई ,

पर फिर उसे मालिक शेतीअन को दी अपनी शपत यद् आयी , वोह धीरे धीरे तलवार की तीखी नोक , ख़ुशी के सीने में घुसाने लगी , अपने हाथो से दबाव देकर , उसकी आँखें भी नाम हो गई ,

"aaaieeeeeeeeeeeiiiiiiiiiiii देदूऊ..." ख़ुशी बेइंतहा दर्द से रट हुए बोली , आखिर अपनी छोटी बहिन को इतने ब्यांक दर्द में देख , तैमून ने अपनी तलवार वापिस खींच ली , और तलवार दूर फेंक ख़ुशी के ऊपर गिर गई ,

"मेरी बहन..." तैमून अपनी छोटी बहिन तामस के चेहरे को पगलू की तरह चूमते उसे बेपनाह प्यार करने लगी , सदियों से अलग हुई बहाने आपस में अज्ज मिल चुकी थी ,

शेतीअन हार गया था , इक बहिन को अपनी बहिन से मरवा कर , जिस पाप को वोह अंजाम देने की कोससिह कर रहा था , वोह शेतीअन का मकसद , अज्ज चाँद असनुईओं ने नाकाम कर दिया था ,

फिर तैमून ने अपना हाथ ख़ुशी के माथे पर रख दिया , चाँद पलु में hi ख़ुशी का हर जखम भर गया , वोह पहले की तरह ठीक हो चुकी थी ,

"शुक्रिया देदी ..." ख़ुशी उठ कर तैमून को अपनी बहु में भरते हुए बोली , फिर दोनों वही अलग होकर बेथ गई ,

उसने रचा था यह मायाजाल ,

बहिन से बहिन को कतल करवाने को ,

पर यहाँ तोह भावनायिओं का जलजला उमड़ पढ़ा ,

"कैसी हो तामस..." तैमून ने मुस्करा कर पूछा ,

"में अछि हु , अप्प शेतीअन से कैसे मिल गई..." ख़ुशी थोड़ा उदास आवाज़ में बोली ,

तैमून कुछ सोचने लगी , उसे समाज नै ा रहा था , वोह क्या जवाब दे...

तो बे कुनिटेड...

 


अपडेट-113

अभ अग्गे...

बेबी और काट इक दूसरे के सामने कड़ी थी , बेबी इस मायाजाल को समाज नै प् रही थी , उसे महसूस हो रहा था , वोह पहले लड़ चुकी है काट के साथ , पर कब ,

"let's प्ले था गेम , बीच." काट मुस्कराते हुए अग्गे बढ़ते हुए बोली ,

"काट से , पर कैसे , काट और में इक दूसरे से प्यार करती हैं , फिर कैसे यह सब , हास्सःह , ओह माय गॉड , में वक्त में पीछे चली गई हु , यह बिल्डिंग बिमान शाह की होगी , और काट के साथ वही फाइट दुबारा , मुझे जीतना होगा इस बार , वार्ना में यही कैद रह जोगी..." बेबी अंदर hi अंदर दुखी होते हुए बोली , वोह भी अग्गे बढ़ गई लड़ने के लिए , वोह सब वैसे hi कर थी , जैसे पिछली बार हुआ था ,

कैटलीन और बेबी उस इक जगह गोल गोल घूम कर इक दूसरे की बॉडी लैंग्वेज का अंदाज़ा लगा रही थी , बेबी जो के बहुत बड़ी फाइटर थी , उसके लिए कैटलीन को हराना आसान काम था पर वोह पहले की बात थी , अभ कैटलीन भी पूरी त्यार थी , उसने वोह हर मूव सिख लिया था जो बेबी जानती थी , वोह बेबी के हर मूव को डिफेंस कर सकती थी , उसका तोड़ जानती थी.

काट और बेबी ने इक दूसरे के हाथो में हाथ फसा लिए , उनकी उंगलियाँ इक दूसरे के हाथ को कस्ती चली गई , पर तभी काट ने अपना घुटना बेबी के पेट में जड़ दिया , बेबी ने थोड़ा दर्द महसूस किया , बूत काट का हाथ नै छोड़ा , हाथो की उंगलियाँ इक दूसरे के हाथो में फांसी , ताकत का जोरदार प्रदर्शन कर रही थी , कोण कितना ताकतवर है , किस्मे कितना डैम है , यह अभ पता चलने वाला था ,

"यह सब पहले हो चूका है मेरे साथ..." बेबी अपने मन hi मन सोचते हुए बोली ,

पर ख्यालो में खोयी बेबी कुछ समाज पति , काट ने अपना सार बेबी के माथे पर जड़ दिया , बेबी कहरहटी हुई थोड़ा पीछे हैट गई , तभी काट ने इक घुटना बेबी के पेट में दे मारा , बेबी थोड़ा सा निचे झुक गई , तभी काट ने लगातार 4-5 घुटने के वॉर बेबी के पेट में कर दिए , बेबी दर्द से कहरहटी हुई घुटनो के बल जमीन पर बेथ गई , तभी काट थोड़ा पीछे हैट गई , अभ परसतति ऐसी थी के बेबी घुटनो के बल बैठी हाफ रही थी , और काट दो चार कदम पीछे हैट गई , फिर काट चीखती हुई भाग कर बेबी की तरफ आयी और अपना घुटना बेबी के मोह पर तेज़ी से मर दिया ,

"आआअह्ह्ह्हह.." इक दर्द भरी आवाज़ के साथ बेबी पीछे की तरफ गिर गई , उसके नक् और होंठो से खून बहने लगा ,

काट भी निचे जमीन पर बेथ गई , उसने बेबी को बालो से पकड़ा और उसका चेहरा ऊपर उठा कर बोली..

"बीच , में तुज़से बेहतर और ताकतवर हु , जो जिंदगी में मुझे मिलना चाहये था , वोह तुझे मिला , ी किल ु , सोन ऑफ़ बीच.." काट ने इक जोरदार थपड बेबी के चेहरे पर जड़ते हुए बेइंतहा गुस्से में बोलै ,

काट नै जानती थी , यह वख्त अभ गुजर गया है , लेकिन अगर यह पास्ट था , तोह इक और बेबी होनी चाहये थी , तोह दूसरी बेबी अभ कहा थी ,

"इक बात तोह है , मने तुम निचे बिमान सर के सामने इतना मारा , पर तुम्हारी छोटे कहा गयाब हो गई , साली कुटिया..." काट थोड़ा सा परेशान होते हुए बोली ,

काट बेहद परेशान हो गई थी , उसने बेबी को इतना मारा था , लेकिन बेबी इक डैम ठीक थी , और तोह और बेबी ने उसकी गर्दन पर निंजा तकनीक से वॉर भी किया था , फिर वोह ऊपर टेरेस पर भाग आयी थी ,

"हलो बिमान सर , बेबी पकड़ी गई है , हम्म , हाँ , बिल्डिंग के टेरेस पर छुपी थी , जी अप्प ा जाओ..." काट मुस्कराते हुए मोबाइल पर बात करते हुए बोली ,

लेकिन काट यह भूल गई थी , के जिस बेबी को वोह पकड़ रही है , वोह फ्यूचर से आयी है , पास्ट वाली बेबी तोह अभी भी पानी के टेंक में छिपी हुई है ,

शेतीअन ने बेबी को वख्त में पीछे फेंक दिया था , उस वख्त जब काट पहली बार बेबी के सामने आयी थी , जब बिमान शाह के कहने पर , उसने बेबी को मरने की कोससिह की थी ,

बेबी और काट , बिमान शाह के फ्लैट में लड़ती रही थी , तभी बेबी ने काट की गर्दन के बेचू बेच अपने हाथ की उंगलियाँ जड़ दी थी , और जख्मी हालत में बिल्डिंग के टेरेस पर आकर चिप गई थी ,

और जब काट बिल्डिंग के टेरेस पर पहुंची , तब फ्यूचर से आयी बेबी उसके सामने कड़ी थी , ऐसी लिए उसके जिस्म पर चोट के निशान नै थे , पर पास्ट की बेबी अभ सब को देख रही थी ,

"अरे यह तोह मेरे जैसी है , पर है कोण..." पास्ट वाली बेबी बेहद घबराते हुए खुद से hi बोली , उसे बेहद चोट लगी थी , होंठ फाटे हुए थे , पीठ पर कांच के टुकड़े घुसने से चोट लगी हुई थी ,

"अह्ह्ह्ह में वोह बेबी नै हु काट , में , में फ्यूचर से आयी हु..." बेबी बेहद दर्द में कहरहते हुए घुटनो के बल बैठते हुए बोली ,

"चत्ताककक..." इक जोरदार थपड बेबी के गालो पर ाँ पढ़ा , जो काट ने मारा था ,

"कुट्या , मुज़से बचने के बहाने बना रही हो , तुम अज्ज मृगी मेरे हाथो..." काट थपड मर कर गुस्से भरे शबदो में बोली ,

"यह काट समाज नै रही , में वोह बेबी नै हु , उफ़ कहा फसा दिया शेतीअन ने..." बेबी खुद को hi कोसते हुए बोली , तभी काट उसे मरने hi जा रही थी के बिमान शाह वह ा गया ,

"रुको , रुको " बिमान शाह ने बेच में एते हुए बोलै.

बेबी और काट बिमान शाह को देखने लगी , बेबी जानती थी अग्गे क्या होगा , क्यों की यह सब उसके साथ पहले हो चूका था ,

बिमान शाह के as-pas 10-12 आदमी थे ,

"क्या हुआ सर..." काट मुस्करा कर बोली ,

"इस से में लडूगा..." बिमान शाह ने अपना कोट उतारते हुए कहा , तब तक बेबी कड़ी हो चुकी थी ,

बिमान शाह और बेबी इक दूसरे के सामने आकर खड़े हो गए , बेबी , बिमान शाह की आँखों में देख रही थी ,

"धोका दिया है तुमने , वोह भी बिमान शाह को..." बिमान शाह ने बेहद गुस्से में बोलै ,

"सॉरी सर , में आपको सब बता दूंगी , रवि कहा है , वोह किताब कहा है..." बेबी अपने दोनों हाथ जोड़ते हुए बोली , वोह ऐसा इस लिए कर रही थी , तेन की पास्ट वाली बेबी सबके सामने ा जाये , जो उस वख्त रवि को बचा रही थी ,

"हम्म , तोह बताओ रवि और वोह किताब कहा है.." बिमान शाह कुछ सोचते हुए बोलै ,

"जी वोह वा..." बेबी अभी इतना hi बोली थी , के पास्ट वाली बेबी बहार ा गई , वोह बेहद जख्मी हालत में थी ,

"रुको बीच , कोण हो तुम.." वोह बेबी , फ्यूचर से आयी बेबी के पास आकर बोली ,

वही काट और बिमान शाह के रंग उड़द गए , उनके सामने 2-2 बेबी कड़ी थी ,

"हैश्च , अभ यकीन हो गया , में फ्यूचर से आयी हु , यह है तुम लोग की वोह बेबी , जिसे तुम पकड़ना है , मुझे जाने दो अभ..." फ्यूचर वाली बेबी वह से जाते हुए बोली ,

पर तभी पास्ट वाली बेबी ने अपने संदेल के निचे से इक कैप्सूल निकल कर जमीन पर फेंक दिया , जिससे इक तेज़ धमाका हुआ , और चारो तरफ धुआँ hi धुआँ फेल गया ,

उस सफेद से धुए में सब खस्ने लगे , दोनों बेबी वह से भाग निकली , उन दोनों ने दरवाजा खोला और सेडीईओं से निचे उतरने लगी ,

"तुम कोण हो.." पास्ट वाली बेबी बोली ,

"में तुम्हारा फ्यूचर हु .." दूसरी बेबी मुस्करा कर बोली ,

"में कैसे मन लू..." पास्ट वाली बेबी थोड़ा घम्बिर होकर बोली ,

"अपना कण ेहडेर करू..." फ्यूचर वाली बेबी ने पास्ट वाली बेबी के कण में कुछ कहा , जिसे सुन उसे सब यकीन सा हो गया ,

"तोह तुम यहाँ कैसे ा गई , मतलब में.." पास्ट वाली बेबी अपना माथा पीट कर बोली ,

"यह इक लम्बी कहानी है , तुम यही रहना है , ऐसी बिल्डिंग में , सिर्फ मुझे यहाँ से निकलना है , अगर तुम यहाँ से भाग गई , तोह पूरा फ्यूचर चेंज हो जायेगा , शेतीअन यही चाहता है , तुम यही रहो..." दोनों बेबी लिफ्ट का बटन दबा अंदर घुसते हुए बोली ,

तभी वह काट भी ा गई , वोह लिफ्ट के अंदर घुसने जा रही थी , लेकिन फ्यूचर वाली बेबी को पता था , पास्ट में क्या हुआ था , उसने काट के चेहरे पर इक पंच जड़ दिया , काट अपना नक् पकड़े पीछे गिर गई , अभ दोनों बेबी लिफ्ट में अकेली थी ,

"शेतीअन , हुऊ , ाचा मज़ाक है , मुझे भी भागना यहाँ से..." पास्ट वाली बेबी थोड़ा मज़ाक में बोली ,

"देखो , अगर तुम कैद न हुई , तोह तुम्हारा फ्यूचर बदल जायेगा , तुम बहुत कुछ खो डौगी , मेरा विश्वास करो , तुम रवि बचा लेगा , प्लस बेबी ..." फ्यूचर वाली बेबी अपने हाथ जोड़ते हुए बोली ,

"नई , मुझे रवि के पास जाना है..." पास्ट वाली बेबी जिद्द करते हुए बोली ,

तब तक लिफ्ट ग्राउंड फ्लोर पर पहुँच चुकी थी , सामने दरवाजा था , बिल्डिंग से बहार निकलने का ,

"ाचा ठीक है , तुम भी चलो मेरे साथ..." फ्यूचर वाली बेबी मुस्कराते हुए बोली ,

"ok.." पास्ट वाली बेबी बेहद खुश होकर बोली ,

पर तभी उसकी "अह्हह्ह्ह्ह..." की दर्द भरी सिसकी निकल गई , क्यों की फ्यूचर से आयी बेबी ने , इक निंजा तकनीक के जरिये , पास्ट वाली बेबी को बेहोश कर दिया था ,

"सॉरी बेबी , हैश्च में खुद से hi बोल रही हु , बेबी तुम यही रहना है , वार्ना तुम वोह सब कभी नै मिलेगा जो मुझे मिला है , न रवि , न काट का प्यार , न फर्जी , तुम सब मिस कर डौगी लाइफ में , तुम कैद होना है , bye बेबी , में जाती हु..." फ्यूचर वाली बेबी इतना बोल , पास्ट वाली बेबी के होंठो को चुम , वह से जाने lagi..."umm खुद को किश करना लाजवाब था..." बेबी मैं गेट के पास पहुँच मुस्कराते हुए मन hi मन बोली , फिर बेबी छुपते -छिपाते मैं गेट से बहार निकल गई ,

शेतीअन फिर से हार गया था , वोह बेबी का फ्यूचर बदलना चाहता था , बूत उसे नै पता था , बेबी बहुत चालक है , वोह सब समज़ती है....

वही दूसरी तरफ....

सुहाना उस काली बंजर जमीन पर कड़ी थी , पर वोह अकेली नै थी , उसके सामने रूही यानि के कोमल कड़ी थी , पर क्या वोह सच में कोमल थी , या शेतीअन के मायाजाल का इक हिस्सा थी ,

सुहाना पीछे हटने लगी , पर रूही हस्स रही थी , शयद अज्ज उसे मौका मिला था , सुहाना से लड़ने का , पर कोमल तोह वही थी , यह कोण थी ,

"तुम , तुम , रूही नै हो..." सुहाना अभ खुद को रोक इक जगह खड़े होते हुए बोली ,

"खीयीकहीई सही बोलै तुमने , में रूही नै हु , में तोह तुम हु , में रिंग हु , में आज़ाद हो चुकी हु..." वोह परक्याह्यी जैसी लड़की बेहद हस्ते हुए बोली ,

"क्या बकवास है , रिंग आज़ाद नै हो सकती..." सुहाना बेहद गुस्से में बोली ,

"शेतीअन चाहे तोह कुछ भी हो सकता है , सुहाना , तुम मेरी हो , मेरे अंदर तुम्हारी बेपनाह यदिअण हैं , अभ में तुम्हारे अंदर समां कर , कोमल की बलि दूंगी..." वोह काली परछाई यह बोल अग्गे बढ़ने लगी ,

"मेरे अंदर , में सुहाना नै हु , में सीमा हु , और सीमा के अंदर बुराई का कोई अंश नै , तुम सीमा को छू भी नै सकती , हाँ अगर सीमा तुम अपनी ीचा से पहन लेती तोह अलग बात है , पर तुम सीमा पर हावी नै हो सकती , चाहे तोह आज़मा कर देख लो..." सुहाना बेहद मुस्कराते हुए बोली ,

"खीयकहीईई , बेवकूफ तुम समाज नै रही हो , में तुम्हारी अधूरी यादिओं से बानी हु , तुम्हारा मकसद हु में , तुम कोमल की बलि देनी है , तभी सीमा का दूसरा जनम हुआ , तेन की इक न इक दिन में सीमा से जुड़ जाऊ , और हम दोनों इक होकर कोमल की बलि दे सके , पर पिछली बार में हार गई , उसकी कम्बख्त बेटी रमा बेच में ा गई , लेकिन इस बार हम बेहद चतुराई से , कोमल की बलि दे देंगे..." वोह काली परछाई सुहाना के as-pas उड़ते हुए उसके मन में फिर से लालच भरते हुए बोली ,

"नयी , मुझे प्रिंस का प्यार चाहये था , वोह मने प् लिया , ऐसी ीचा को पूरा करने के लिए में गलत रस्ते चली , अभ बस , मुझे अपने उस बेकार मकसद और तुम्हारी कोई जरुरत नै..." सुहाना बेइंतहा गुस्से में बोली ,

"शेतीअन से वादा किया था तुमने , उस बुध्दि जादूगरनी से भी , तुम 7 कुवारी लड़कयों की बलि डौगी , अभ अंतिम बलि तुम देनी होगी , यह शाप है , और यह शाप कभी ख़तम नै होगा , में शेतीअन का छोटा सा अंश हु , अभ में रिंग नै हु , अभ मेरा भी इक वजूद है , अभ तुमसे बलि दिलवा कर hi रहूगी , तुम बलि देने होगी कोमल की , अपना वादा पूरा करना होगा , वार्ना शेतीअन , तुम सबकी जिंदगी को नाराज बना देगा..." वोह परछाई बेहद गुस्से में चीखते हुए बोली ,

"नयी , नयी , में ऐसा पाप कभी नै करुँगी , में रवि से भी प्यार करती हु और कोमल से भी , में उन दोनों के बेगार जिन्दा नै रह सकती , तुम , तुम जाओ भाड़ में..." सुहाना इतना बोल इक ड्रैगन का रूप लेते हुए उस काली परछाई (उसका नाम अभ भी रिंग hi होगा) पर आग बरसाने लगी ,

"aaaieeeeeeeeeeeiiiiiiiiiiii...." वोह परछाई आग की तेज़ ऊर्जा को महसूस न कर पते हुए कही अलोप सा हो गई ,

सुहाना उसके जाते hi वापिस इंसानी रूप में ा गई , पर तभी सुहाना के पेअर किसी ताकतवर चीज़ ने जकड लिए , यह वही काली परछाई थी , उसके मायाजाल ने अँधेरे का रूप लेकर सुहाना के पोरे शरीर को अपने आगोश में जकड लिया था , बस उसका चेहरा hi अभ आज़ाद था ,

"खीयकहीईई मने कहा था , रिंग , कोमल की बलि देगी , अभ मुझे किसी और की गुलामी नै करनी होगी , शेतीअन ने मुझे आज़ाद कर दिया है , अभ में तुम्हारे अंदर प्रवेश करके , फिर से तुम पर हावी हो जोगी , मलिका सुहाना.. " रिंग यह बोलते हुए सुहाना के अंदर खुद को सामने लगी ,

"उफ्फ्फ क्या करू , कोण सा रास्ता है अभ , नईईई , अह्ह्ह्ह , अभ इक hi रास्ता है..." सुहाना ने अपनी आँखें बंद कर ली , और सीमा को महसूस करने लगी , सीमा जिसका प्यार बेहद पवितर था , हर बुराई से मुकत था , उसमे न लालच था , न घमंड था , न जिद्द थी , न गुस्सा था , न वासना थी , वोह ीचा मुकत थी ,

सीमा को महसूस करते hi , उसे रवि का प्यार महसूस हुआ , बेपनाह मोह्हबत जो रवि उसे करता था , जो वोह रवि से करती थी , वोह ध्यान में लीं हो गई , माथे के बेचू बेच तेज़ ऊर्जा का संचार होने लगा ,

धीरे धीरे माथे के बेचू बेच वोह ऊर्जा इक टारे के सामान चमकने लगी , और सीमा के पोरे जिस्म में उस ऊर्जा का संचार होने लगा , वोह परछाई इस पवितर ऊर्जा को सेहन न कर पते हुए जलने लगी , उसका मायाजाल टूट कर भीकर गया , वोह परछाई जल चुकी थी , पर वोह अमर थी , वोह मरी नै थी , बस इक बार हार गई थी ,

सीमा आज़ाद थी , उसने साबित किया था , अपने पति के लिए पवितर होने से , दानव भी देवतिओं के सामान ताकतवर हो जाते थे , यह सचाई थी , सीमा को हरा पाना नामुमकिन था , जब तक उसे अपने प्यार पर विश्वास था , वही प्यार उसकी जिंदगी का रक्षा कवच था....

बेबी और सुहाना ने भी इस मायाजाल से मुक्ति प् ली थी , अभ बस रमा , लारा और एलिज़ा hi बची थी , क्या वोह इस मायाजाल से मुकत हो पति , क्या वोह तीसरे पड़ाव में प्रवेश कर पति , रमा ताकतवर थी , पर लारा और एलिज़ा के लिए मुश्किल था , लेकिन , लेकिन , सचाई कभी हारती नै , कुछ भी हो सकता है , ऐनी वाले वख्त में...

तो बे कुनिटेड....

 


अपडेट-114

अभ अग्गे...

रवि , ख़ुशी , सुहाना , बेबी , यह चारो शेतीअन के मायाजाल से मुकत हो चुके थे , अभ रमा , लारा और एलिज़ा hi बची थी , उनके दुश्मन उनके सामने खड़े थे , बूत सबसे पावरफुल दुश्मन , खास करके रमा का था , जो हूबहू रमा जैसा दिख रहा था ,

रमा उस सफेद बर्फ पर कड़ी , उस लड़की को देख रही थी , रमा जानती थी वोह कोण है , क्यों की रमा खुद इक रहस्य था ,

"तुम यहाँ कैसे..." अभी रमा ने इतना hi बोलै था के उस हमशकल लड़की ने उस पर हमला कर दिया ,

वोह तेज़ी से उड़ती हुई , रमा के बेहद करीब आकर कड़ी हो गई , वोह चेहरा इक तरफ टेड़ा कर रमा को देखने लगी ,

"तुम , तुम , सदियों बाद भी जिन्दा हो..." रमा बेहद घबराते हुए बोली ,

"हमें देख हरिजन हो , थोड़ा दरी सी हो , थोड़ा घबरा गई हो , हम जिन्दा हैं , क्यों की अभी यह परिणाम नै निकला , के हम दोनों में से , कोण सबसे ताकतवर है , और आपकी जगह यहाँ नै है , हम आपको लेने आयी हैं , आपको हमारे साथ चलना है , हमारी दुनिआ में..." वोह हमशकल लड़की थोड़ा घम्बिर होकर बोली ,

"नई , हम पृथ्वी पर hi रहेंगे , अपने भाई के पास , हमें नै जाना..." रमा अपने हाथो की मुठियाँ कस्ते हुए बोली ,

"शहहह आपकी जगह ें कड़े सामान जीवो में नै , अप्प हमारी दुनिआ की मलिका हो , और जिन्होनो आपकी रचना की , वोह आपको वह चाहती हैं , न की यहाँ... " वोह हमशकल लड़की इस बार थोड़ा गुस्से में बोली ,

"अपनी बकवास बंद करो , में जानती हु , अभ उस दुनिआ पर शेतीअन की हकूमत है , और रमा कभी शेतीअन की गुलाम नै बनेगी , अभ दफा हो जाओ..." रमा बेपनाह गुस्से में चीखते हुए बोली ,

"हहै (हस्ते हुए) तुम लगता है , में जोगी , नई सुमों , तुम लेकर hi जोगी अपने साथ , और सुमों , अभ पृथ्वी पर हमारे ऐनी के हर रस्ते खुल चुके हैं , अभ हम बार बार आएगी , आपको लेने..." वोह हमशकल लड़की बेहद गुस्से में बोली ,

"हैश्च , ओमू , तुम समाज नै रही हो , में सुमों नै हु , में रमा हु , और ओमू , यहाँ मेरा प्यार है , मेरा परिवार है , और रमा हरगिज़ अपने परिवार से दूर नै होगी..." रमा इस बार और अग्गे बढ़ ओमू की आँखों में आँखें दाल बोली ,

"सुमों मलिका , हम वापिस नै जा सकते , अगर हम वापिस गए तोह वह सब हमें कमज़ोर कहेगे , पर ओमू सबसे ताकतवर है , हम इस ब्रह्माण्ड की सबसे बड़ी जादूगरनी हैं , हम अपनी मलिका को लेकर hi जायेगे..." ओमू मुस्कराते हुए बोली ,

"नईईई..." रमा ने बेपनाह गुस्से में छीलते हुए ओमू के सीने पर दोनों हाथ जड़ दिए , ओमू उड़ते हुए रमा से कुछ दूर बर्फ के मदिआं में जा गिरी ,

"यह हुई न बात..." ओमू उठ कर मुस्कराते हुए बोली ,

रमा के लाल जादुई बाल बेहद विशाल हो गए , उसकी आँखें अँधेरे से भी काली हो गई , रमा ने अपने दोनों हाथो को ऊपर किया , और खामोश जुबान में कुछ मंत्रो का जाप किया , अभ रमा के इक हाथ में उसकी तलवार और दूसरे हाथ में इक बेहद मज़बूत शील्ड थी , मतलब कवच ,

ओमू ने अपनी आँखें बंद की तोह उसके हाथ में उसका मनपसंद शास्त्र , उसका जादुई हथोड़ा और दूसरे हाथ में इक रक्षा कवच ा गया ,

रमा बेइंतहा गुस्से में ओमू की तरफ भागी , और ओमू , रमा की तरफ , दोनों ने इक दूसरे के करीब आकर , अपने शास्त्रों से इक दूसरे पर जानलेवा वॉर किया ,

यह कोई मामूली शास्त्र नै थे , इनसे होने वाले घाव इंसानी घाव जैसे थे , यह जादुई शास्त्र थे , वह की दुनिआ के ,

रमा की तेज़ रफ़्तार तलवार , ओमू के हथोड़े से टकराई तोह तेज़ बिजली जैसे चमक पैदा हो गई , दोनों जोर लगाने लगी , रमा तलवार से , और ओमू हथोड़े से ,

तभी ओमू ने अपने कवच का जोरदार वॉर रमा के चेहरे पर करना चाहा , बूत रमा के लाल जादुई बालो ने , उसके कवच वाले हाथ को जकड लिया , अभ ओमू का दूसरा हाथ हिल भी नै रहा था ,

"तुम नै बचूगी..." रमा बेपनाह गुस्से में एते हुए बोली , और रमा ने अपने कवच का वॉर ओमू के चेहरे पर करना चाहा , पर ओमू के काळा जादुई बालो ने रमा के हाथ को जकड लिया ,

"ऐसा क्या..." ओमू ने अपनी सफेद आँखों से इक तेज़ सफेद रौशनी की किरणे रमा के चेहरे पर छोड़ दी , रमा का जिस्म बर्फ में जमने लगा , और इक पल आया जब रमा पूरी की पूरी बर्फ में जैम चुकी थी ,

ओमू ने खुद को रमा से आज़ाद किया और थोड़ा पीछे हैट गई ,

"हम जीत रहे हैं मलिका सुमों..." ओमू थोड़ा पीछे हैट मुस्कराते हुए बोली ,

उसने अपना हथोड़ा ऊपर उठाया , तेन की रमा के जिस्म पर वॉर कर सके , पर तभी रमा के माथे के बेचू बेच , इक लाल स्टोन उभर कर बहार आया , जो इक मणि जैसा था ,

उस स्टोन से लाल ऊर्जा का संचार होने लगा , और रमा , बर्फ के जादू से आज़ाद होने लगी , पर तभी ओमू ने , फिर से अपनी आँखों से तेज़ सफेद रौशनी रमा के जिस्म पर छोड़नी सुरु कर दी , तेन की उसके जिस्म को बर्फ में जमा सके ,

"आह्ह्हह्ह्ह्ह...." िका इक रमा के स्टोन से इस कदर लाल ऊर्जा का संचार हुआ , के इक तेज़ धमाके के साथ , ओमू का बर्फ का जादू टूट गया , ओमू इस ऊर्जा को न सेह पते हुए दूर जा गिरी ,

रमा अपने असली वहशी रूप में ा चुकी थी , उसके माथे के बेचू बेच , उसकी रक्षा धारक उसकी स्टोन , तेज़ ऊर्जा में चमक रही थी , रमा के बाल अभ आग से लथपथ उड़ते हुए चमक रहे थे , रमा धीरे धीरे ओमू की तरफ बढ़ने लगी ,

तभी ओमू इक डैम से उठ कड़ी हुई , उसने अपना हथोड़ा घुमा कर , रमा की तरफ फेंका , वोह हथोड़ा बिजली की किरणे छोड़ता तेज़ रफ़्तार से रमा के सीने से जा टकराया , और रमा दूर बर्फ पर जा गिरी , उसकी आँखें बंद थी ,

"हीही , आखिर हमने साबित कर hi दिया , हम इस ब्रह्माण्ड की सबसे बड़ी जादूगरनी हैं , सुमों अप्प हमसे हार गई , हमने आपके बारे में बहुत किस्से कहाइआ सुनी थी , पर अप्प तोह हार गई..." ओमू बेहद अड्डा में मुस्कराते हुए बोली , वोह रमा के बेहद करीब ा चुकी थी ,

"अभ शेतीअन से किया वादा पूरा होगा , अप्प हमारे साथ चलुगी , हमारी गुलाम बन के..." ओमू इतना बोल हसने लगी ,

पर तभी िका इक रमा ने अपनी आँखें खोली , ओमू कुछ समाज पति , उससे पहले hi रमा के बालो ने उसके जिस्म को जकड लिया , और उसके जिस्म को जकड़ने लगे ,

"अह्ह्ह्हह aaaieeeeeeeeeeeiiiiiiiiiiii रुको सुमों , हमें शमा करो..." ओमू दर्द बर्दाश्त न कर पते हुए चीला कर बोली ,

ओमू के बाल रमा के बालो को काटने की कोससिह कर रहे थे , पर रमा के बाल हर पल बढ़ते hi जा रहे थे ,

"सुमों कभी हारती नई..." रमा ने बेहद ब्यांक आवाज़ में बोलै , और अपनी तलवार ओमू के सीने में घुसा दी ,

"ahhhhhhhhhhhhh..." इक तेज़ दर्दनाक चीख के साथ ओमू का जिस्म जलने लगा ,

रमा के बालो ने उसे आज़ाद कर दिया , रमा कुछ कदम पीछे हो गई , ओमू के मोह से खून बहने लगा था , जो इक डैम कला था ,

"s..ss..sumon...h..hh..hmm...a..ake..le..nn..naii...aa...aaaye..." ओमू बेहद दर्द में हकलाते हुए इतना बोल इक तरफ बर्फ पर गिर गई , और कुछ hi पलु में उसका जिस्म जल कर रख हो गया ,

पर तभी किसी के ब्यांक कदमो की आवाज़ सुनाई दी , रमा उस आवाज़ को सुनते hi लड़ने के लिए त्यार हो गई , शेतीअन नै चाहता था , के रमा वापिस जुंग में जाये , वोह रमा को यही इस मायाजाल में उलझाए रखना चाहता था.....

वही दूसरी तरफ....

लारा और एलिज़ा के सामने 10-12 निंजा सैनिक खड़े थे , उनहोनु पोरे ब्लैक कपडे पहन रखे थे , उनका कोई चेहरा नै था , वोह बेहद ताकतवर लग रहे थे , जब के लारा और एलिज़ा थोड़ा जख्मी , थोड़ा कमज़ोर दिख रही थी ,

"लारा , में क्या करू..." एलिज़ा थोड़ा घबराते हुए बोली ,

"तुम्हारा कवच मज़बूत है न , इनकी तलवार से काट तोह नै जायेगा..." लारा , एलिज़ा की तरफ देख कर बोली , उसे खुद से जायदा चिंता एलिज़ा की थी ,

"हाँ , बहुत मज़बूत है , बूत अगर ें लोग ने इक hi जगह बार बार वर किया तोह उस जगह काट जायेगा..." एलिज़ा थोड़ा मुस्कराने की कोससिह करते हुए बोली ,

"हम्म , में तुम्हारी हिफाज़त करुँगी..." लारा थोड़ा घम्बिर होकर बोली ,

"लारा , हमने तुम चारो तरफ से घेर लिया है , तुमने कबीले के बनाये निजमु को तोडा , चाँद पैसो की खातिर , हमारी दी हुई विद्या का गलत इस्तेमाल किया , बेगुनाह लोग को मारा , कबीले के सरदार ने हुकम दिया है , तुम अपने हथियार दाल दो , और उनके सामने पेश हो जाओ , वार्ना तुम लड़ना होगा , पोरे कबीले से..." उनमे से इक निंजा इक कागज के टुकड़े पर लिखे शबदो को पढ़ते हुए बोलै ,

"मुझे आपके सरदार से मिलना है , और मुझे तुम सब पर विश्वास नै , क्या पता मेरे तलवार निचे रखते hi तुम लोग मुझे और मेरी दोस्त को मर दो , मुझे उनके पास लेकर चलो ऐसे hi..." लारा ने अपना तेज़ दिमाग चलते हुए बोलै ,

"जैसी तुम्हारी ीचा , पर कोई हषर्यि नै , वार्ना तुम्हारी गर्दन काट दी जाएगी..." वही निंजा बेहद गुस्से में बोलै , जिसने वोह चिठ्ठी पढ़ी थी ,

"ठीक है..." लारा atam-samarpan करते हुए बोली , जब के एलिज़ा अभी भी दरी हुई थी , उसे समाज नै ा रहा था , लारा लड़ क्यों नै रही ,

फिर दोनों उन निंजा सेनिको के साथ कबीले के अंदर ा गई , कबीला जंगल के बेचू बेच था , बड़े बड़े hare-bhare पेड़ थे , और as-pas चारो तरफ ुचे ुचे पहाड़ , किसी बहार के इंसान को शक भी नै था , के यहाँ इक कबीला बसा हुआ है ,

कबीले के घर लकड़ी के बने हुए थे , aam-tor पर यह निंजा सैनिक शिकार करते थे , और अपना खाना जमा करते थे ,

दुनिआ में कुछ ऐसे लोग होते हैं , जो अपनी विरासत , अपनी शान , अपने बज़ुर्गो के दिए हुनर को सम्बल कर रखने में यकीन करते हैं , यह कबीला ऐसी का प्रतीक था , यहाँ से कई लोग ट्रेनिंग लेकर , बड़े बड़े शहरों में अचे अचे काम कर रहे थे , अगर कोई इनकी दी विद्या का गलत इस्तेमाल करता था , उसके लिए इक hi सजा थी , वोह थी मौत ,

कबीले में नए पुराने लोग , कुछ नए जो अभी अभी सिखने ए थे , कुछ सिख चुके थे , सबकी नज़रियन बस लारा और एलिज़ा पर hi जमी हुई थी ,

कबीले में लारा का नाम हर तरफ गूंजता रहता था , कबीले में लारा को बुराई का प्रतीक मन जाता था , सदियों में पहला निंजा , जिसने सब कानून , सब निजमु की धजियां उड़ा कर रख दी थी , पता नै कितने सालो से ें सब को लारा की तलाश थी , और शेतीअन यह मौका भले कैसे छोड़ देता ,

लारा और एलिज़ा कुछ hi वख्त में कबीले के सरदार के सामने कड़ी थी , जो इक मर्द जिसकी उम्र कोई 55 साल की होगी , और उसके साथ इक औरत बैठी थी , जिसकी उम्र 52 साल के as-pas होगी , दोनों की आँखों में गुस्सा था लारा को देख कर , पर लारा की अखन नाम थी ,

"तुम सब जाऊ , लारा को छोड़ दो यही पर .." सब जाने लगे , तोह लारा ने एलिज़ा को भी बहार बेहज दिया ,

"घूम आयी दुनिआ , कितने पैसे कमा लिए..." वोह औरत थोड़ा मुस्कराते हुए बोली ,

"माआ ..." लारा हाथ जोड़ घुटनो के बल बेथ रोने लगी , उसे पछतावा था , यह लारा की रियल माँ नै थी , जब लारा यहाँ आयी थी , तब महज 5 साल की होगी , ें लोग ने इक अनाथ को जिंदगी दी , पर लारा के अंदर दुनिआ घूमने की भूक थी , क्यों की उसका खून निंजा समुदाय के लोग जैसा नै था , उसके खून का उसे भी पता नै था ,

"लारा तुमने बहुत पाप किये हैं , ें पापु की कोई माफ़ी नै , तुम मौत की सजा मिली है.." वोह बज़ुर्ग आदमी बेहद गुस्से में बोलै ,

"पिता जी मेरी बात तोह सुन लो , मुझे आपकी दी हर सजा मंज़ूर है..." लारा बेहद रट हुए बोली ,

"अभ भी कुछ कहना है.." वोह औरत लारा के करीब आकर उसके बालो में हाथ फिरते हुए बेहद नाम आँखों से बोली ,

"हाँ , इक हम बात..." फिर लारा ने सब बता दिया , उसकी जिंदगी का हर इक किस्सा , शेतीअन से उसकी लड़ाई , उसके हर बुरे करम , रवि के लिए उसका प्रेम , सब कुछ , लारा ने अपनी जिंदगी की कोई बात नै छुपाई , वोह सब बता कर बोली ,

"माँ , पिता जी , जिंदगी भर मने पाप किया , आपकी दी विद्या का गलत इस्तेमाल किया , अज्ज मुझे खुद को साबित करने दो , अज्ज आपकी बेटी मर जाएगी पर शेतीअन को जीतने नै देगी , माँ , पिता जी मुझे जाने दो , प्लस , में वादा करती हु , अगर जुंग में बच गई तोह अप्प के पास वापिस ा जोगी , में थक गई हु भाग भाग कर , मुझे चैन से मरना है , पर मुझे यही मरना है , ऐसी कबीले में , यहाँ से मने जिंदगी की शुरुआत की थी , प्लस जाने दो माँ , वार्ना रवि हार जायेगा..." लारा घुटनो के बल बेथ बेहद रट हुए बोली , उसकी आँखों से असनु बह रहे थे , और कहते हैं maa-baap का दिल बहुत बड़ा होता है ,

"हम्म , हमें पता है वह क्या हो रहा है , हम तुम बस परख रहे थे , हमें ख़ुशी है , हमारी बेटी , अज्ज इतनी काबिल है के शेतीअन से लड़ रही है , और उसे हर मुकाम पर पराजित कर रही है , हमें गर्व है मेरी बची..." लारा की माँ ने उसे निचे से उठा अपने गले लगते हुए बोलै ,

"सच में माँ..." लारा बेपनाह रट हुए बोली ,

"हम्म , हम तुम जाने देते हैं बेटी , पर कभी कभी हमसे मिलने जरूर एना..." लारा की माँ ने उसके असनु साफ करते हुए बोलै ,

"जरूर माँ , जुंग ख़तम होते hi में ायुगी..." लारा इतना बोल खामोश हो गई ,

"बेटी , हम तुम कुछ नए हथियार देंगे , तेन की तुम और भी ताकतवर हो जाओ..."

"माँ में वापिस कैसे जाऊ..." लारा थोड़ा उदास सा होते हुए बोली ,

"कबीले के गेट से बहार निकलते hi तुम जुंग के मदिआं में पहुँच जोगी..." लारा की माँ ने उसका माथा चुम कर बोलै ,

फिर लारा ने एलिज़ा को अपने पास बुला लिया , सबने कुछ देर बतिअन की , और लारा और एलिज़ा वापिस जुंग के मदिआं में पहुँच गई...

वही दूसरी तरफ...

"नकाबपोश मोहतरमा , नयी सेना बुलाओ , और हर तरफ तबाही मचा दो , ाहः..." जोकर बेहद हस्ते हुए बोलै ,

"शहहह , में सोच रही हु , पहले उस योद्धा को बुलाया जाये , जिसे मरना नामुमकिन होगा , उसका नाम भी मने सोचा है , स्टोनमैन..." वोह नकाबपोश औरत बेइंतहा हस्ते हुए बोली ,



तभी इक तरफ से पिंक रंग का दानव बहार निकला , जो हूबहू इसमें जितना बड़ा था , पर वोह ऊपर से निचे तक पत्थर का बना हुआ था , उसके हाथ में इक लकड़ी का हथयार था , जो बेहद विशाल और भरी था , अभी वोह कबीले की तरफ बढ़ hi रहा था के रवि उसके सामने ा गया ,

नकाबपोश औरत और जोकर थोड़ा घबरा गए , पर रेखा मुस्कराने लगी ,

फिर सुहाना , बेबी भी वह पहुँच गई , और उनके ऐनी के कुछ पल बाद लारा और एलिज़ा भी ा गई ,

अभ बस ख़ुशी और रमा का इंतज़ार था , पर ख़ुशी थी कहा और कर क्या रही थी ,

वही दूसरी तरफ...

"हहै , अप्प फिर से हार गई देदू , मुझ से जायदा मदिरा कोई नै पे सकता..." ख़ुशी इक और मदिरा से भरा मटका खली करते हुए बोली ,

"हीछ्क़्क़क़ , तुमने सही कहा छोटी , रवि कैसा है दिखने में..." टीमों मुस्कराते हुए बोली ,

"अभ तक 17 बार आपको हरा चुकी हु , मदिरा पीने में मुज़से कोई नै जीत सकता , इक और मैच हो जाये..." ख़ुशी , अपनी बहिन का सवाल टालते हुए अपने जादू से दो और मदिरा के मटके अपनी आँखों के सामने लेट हुए बोली...

पर ख़ुशी यह सब क्यों कर रही थी , क्या यह शेतीअन का मायाजाल था , या उसकी बहिन उसे रोक रही थी...

तो बे कुनिटेड.... (दारू पीना सेहत के लिए हानिकारक है.. :डी )

 


अपडेट-115

अभ अग्गे...

"हीछ्क़्क़क़..." ख़ुशी इस बार भी मदिरा का पूरा मटका इक hi साँस में ख़तम करते हुए हिचकी लेते हुए बोली ,

"उफ्फ्फ तमासस्सस , हुऊ , तुम फिर जीत गई , हर बार , में hi क्यों हार जाती हु..." तैमून अपना मोह फूलते हुए थोड़ा नाराज़गी में बोली ,

"क्यों की देदू , आपको इसकी आदत नै है , जिस चीज़ की आदत हमें पढ़ जाती है , उसे करने में हम परफेक्ट हो जाते हैं , हमारी रफ़्तार , हमारी ऊर्जा , हमारा विश्वास , हमारी पूरी ताकत , उस इक काम को करने के लिए , इक साथ जोर लगाती है , और फिर वोह काम हम बेहद आसानी से कर लेते हैं , अप्प की फेवरेट गेम कोनसी है..." ख़ुशी मुस्कराते हुए बोली ,

"मेरी , हम्म्म , हाँ , मुझे मैजिक करना बहुत पसंद है , उसमे मुझे कोई नै हरा सकता..." तैमून बेहद खुशनुमा अंदाज़ में बोली ,

"बस देदू वोह मुझे इतना नै अत , ाचा , अप्प रवि के बारे में पूछ रही हो या डेविल के बारे में..." ख़ुशी थोड़ा मुस्करा कर बोली ,

"दोनों के बारे में..." तैमून कुछ सोचते हुए बोली ,

"पर क्यों .." ख़ुशी इस बार थोड़ा घम्बिर होकर बोली ,

"मुझे जानना है , के मेरी नटखट , जिद्दी बहिन , इक डेविल के प्यार में इतना खो कैसे गई , के उसने अपनी जान कुर्बान कर दी , और अभ इंसानी जनम लेकर भी , डेविल से hi प्यार कर रही है..." तैमून रहस्मयी अंदाज़ में बोली ,

"देदू , मेरा प्यार सच्चा है , में इस ब्रह्माण्ड में सिर्फ रवि से प्यार करती हु , चाहे वोह डेविल हो , बदसूरत डेविल , या बेवकूफ इंसानी रवि , वोह किसी भी रूप में हो , मेरा दिल बस उसके लिए hi धड़कता रहेगा..." ख़ुशी थोड़ा शरमाते हुए बोली ,

"हम्म , ाचा , प्यार क्या होता है , हमारी दुनिआ में ऐसा तोह नै होता..." तैमून न समाज पते हुए बोली ,

फिर ख़ुशी अपनी बहिन के कण में बोली , तोह तैमून शर्माने लगी ,

"धुतट , वोह प्यार थोड़ी न होता है.." तैमून सेक्स के बारे में सुन कर शरमाते हुए बोली ,

"अरे देदू , इस ब्रह्माण्ड में जिस भी औरत ने जनम लिया है , वोह सेक्स से जुडी हुई है , में , अप्प , हर इंसान , हर जानवर , लेकिन पसंद हमारी होती है , मेरी पसंद रवि था , मुझे वोह ाचा लगा , मने उसे अपना सब कुछ मन लिया , और मेरी आत्मा उसकी आत्मा से जुड़ गई , हम्म कुछ लोग दुनिआ के लोग से अलग भी होते हैं , ऐसे लोग दुनिआ से चिप कर रहते हैं , उनका जायदा कुछ पता नै होता , थोड़े अजीब होते हैं , ऐसे लोग को पहचान पाना नामुमकिन सा होता , रवि भी ऐसा hi है.." ख़ुशी बेहद प्यार भरे अंदाज़ में बोली ,

"उफ्फ्फ तुम्हारी बतिअन , ाचा , अभ तुम जाओ , अभ में अति रहूगी , अपना ख्याल रखना , रवि को तुम्हारी जरुरत है..." तैमून ने उठ कर खड़े होते हुए बोलै ,

"ओटीए देदू..." ख़ुशी बेहद मुस्कराते हुए बोली , तभी तैमून ने आँखें बंद की , और कुछ hi वख्त में ख़ुशी , रवि और बाकि सबके साथ कड़ी हुई उस गुलाबी दानव को देख रही थी ,

"ख़ुशी कहा थी तुम..." रवि , ख़ुशी की तरफ मुस्करा कर देखते हुए बोलै ,

"यहाँ तुम थे..." ख़ुशी , रवि को आँख मरते हुए बोली ,

"बतिअन काम करो , तुम सबके दादा जी ा गए हैं..." बेबी भी हस्ते हुए बोली ,

"ोहू , दादा जी की पर्सनालिटी तोह मस्त है.." लारा भी मुस्कराते हुए बोली ,

"अरे यह रमा कहा रह गई , उसकी जरुरत थी यहाँ पर.." रवि थोड़ा उदासी में बोलै , पर उसे रमा की चिंता हो रही थी ,

"उसकी नै , उसके लाल बालो की..." ख़ुशी मुस्करा कर बोली ,

"ा जाएगी , हमारी बेटी बहुत ताकतवर है..." सुहाना , रमा का पक्ष लेते हुए बोली ,

"हम्म , पर इस पत्थर की दुकान को तोड़े कैसे..." रवि अपने बाल खुजला कर बोलै ,

"टूट जायेगा , दादा जी बहार से hi सख्त हैं , अंदर से इक डैम सॉफ्ट होंगे..." ख़ुशी अपने होंठो पर जीभ फिरा बेहद कामुक अंदाज़ में बोली ,

"उफ़ , लगता है , ख़ुशी को यह लड़का पसंद है , रवि शादी की बात चलायो.." बेबी मुस्करा कर ख़ुशी को चिढ़ाते हुए बोली ,

"शट उप..." ख़ुशी अपने होंठो को अजीब सा बना बोली ,

"ऐसे करते हैं , पहले इसकी ताकत चेक करते हैं , इसमें ताकत कितनी है... " रवि थोड़ा अग्गे बढ़ते हुए बोलै..." हम इक इक करके पहले इस पर वॉर करेंगे..." रवि इतना बोल अपनी तलवार लेकर उस पत्थर जैसे दिखने वाले दानव की तरफ भगा ,

रवि ने भागते हुए उड़द कर अपनी तलवार का जोरदार वॉर , स्टोनमैन के सीने पर किया , तलवार और उसके पाथेर जैसे सीने के बेच तेज़ गर्शन हुआ , जिससे बिजली की तरंगे निकलने लगी , पर स्टोनमैन को जरा सी भी करोच न आयी ,

रवि तलवार का वॉर कर जमीन पर ा गिरा , वोह अपना इक घुटना जमीन पर टिकाये बैठा हुआ था , तभी स्टोनमैन ने अपने लकड़ी जैसे बेहद बड़े हथियार से रवि के जिस्म पर वॉर किया ,

रवि उड़ता हुआ अपनी टीम के पास ा गिरा

"नेक्स्ट..." रवि दर्द में मुस्कराते हुए बोलै ,

तभी सुहाना भागते हुए उस स्टोनमैन के पास गई , उसने भागते भागते बेहद विशाल सांप का रूप ले लिया , और स्टोनमैन के शरीर से लिपटने लगी , सुहाना ने अपना स्नेक रूप में स्टोनमैन को पूरी तरह अपनी कुंडली मर कर जकड लिया ,

सुहाना तेज़ी से फुँकारते हुए स्टोनमैन के जिस्म को पूरी ताकत से जकड़ने लगी , तेन की उसका पत्थर जैसे रूप टूट कर चकना चूर हो जाये ,

पर वोह गलत थी , स्टोनमैन ने खुद को बेहद गरम करना सुरु कर दिया , उसके पत्थर जैसे रूप की तपश अभ बेहद बढ़ गई , सुहाना का सांप रुपी जिस्म जलने लगा , और सुहाना दर्द न बर्दाश्त करते हुए जमीन पर गिर गई ,

स्टोनमैन ने अपना लकड़ी और पत्थर के रूप से बना हथियार ऊपर उठा , सुहाना पर वॉर करना चाहा , पर सुहाना इक डैम से गयाब होकर रवि के साथ जाकर बेथ गई , और दर्द में कहरहते हुए boli..."Next..."

इस बार बेबी बेइंतहा गुस्से में भागते हुए स्टोनमैन के सामने पहुँच गई ,

"पत्थर जैसे दानव , अभ तू गया मेरे हाथ से..." बेबी ने बेहद गुस्से में ऊपर उड़ते हुए अपनी आँखें बंद की , और जोर से चीख उठी ,

उसकी बेइंतहा गुस्सा करने से और चखने से , आसमान से बिजली जमीन पर , उस स्टोनमैन पर गिरने लगी , बिजली के तेज़ जटके इक के बाद इक उसके पथरीले जिस्म पर लगते रहे ,

"आउउउउगग्गूउऊउउउणं..." उस दानव ने दहाड़ते हुए अपने दूसरे खली हाथ को बेबी की तरफ घुमा दिया , उसका हाथ खुद से टकराते hi बेबी भी रवि और सुहाना के करीब ा गिरी , और दर्द में कहरहते थोड़ा उठ कर boli..."Next.."

बेबी की आवाज़ सुन लारा और एलिज़ा भागते हुए स्टोनमैन की तरफ भड़ी , लारा ने भागते हुए अपने कमर से निंजा स्टार्स स्टोनमैन के पैरो में गिरा दिया ,

वोह स्टार इक बम्ब जैसे धमाके के साथ उड़द गए , बर्फ और धुए का बदल सा उठने लगा , लारा अभ स्टोनमैन के बेहद करीब आकर , उसके जिस्म पर तलवार के जोरदार वॉर करने लगी ,

"आह्हः यूउ..." तभी ऊपर आसमान में उड़ते हुए एलिज़ा भी आग जैसे गोलों की बरसात करने लगी , जैसे कोई फाइटर प्लान जमीन पर बम्ब गिरा रहा हो ,

लेकिन स्टोनमैन को ें सब का जरा भी असर न हुआ , उसने एलिज़ा की तरफ अपनी आँखों से इक ग्रीन लड़गेर लाइट छोड़ी ,

"आअह्हह्ह्ह्हह..." ग्रीन लाइट अपने जिस्म पर पढ़ते hi एलिज़ा बर्फ की जमीन पर ा गिरी ,

"एलिज़ा..." लारा इक डैम से एलिज़ा की तरफ भागते हुए उसके करीब आकर बोली , तभी स्टोनमैन ने अपना लकड़ी का हथयार ऊपर उठाया और एलिज़ा और लारा के ऊपर वॉर किया ,

तभी लारा , एलिज़ा को अपनी बहु में समाये गोल गोल घूम कर इक तरफ को हो गई , स्टोनमैन के हाथ में पकड़ा उसका अस्तर जब बर्फ की जमीन से टकराया तोह as-pas के समस्त पहाड़ कम्प सा गए ,

वह बहुत गहरा घड़ा बन गया , रवि बेहद ध्यान से स्टोनमैन को देख रहा था ,

एलिज़ा इक डैम से उठ कर लारा को अपने साथ उड़ा कर रवि और बाकि सब के पास आकर बेथ गई और दोनों इक साथ boli..."Next.."

अभ बस ख़ुशी hi बची थी , सब ख़ुशी की तरफ देखने लगे , ख़ुशी शराब में तुन , स्टोनमैन की तरफ देखने लगी ,

"में इस स्टोनमैन को ..." ख़ुशी बेहद जोर से बोल कर खामोश हो गई ,

"अग्गे बोलो..." रवि मुस्कराते हुए बोलै ,

"अग्गे क्या कमीने , में इस स्टोनमैन को जाने दूंगी , इस पर क्या असर होगा मेरी शक्ति का..." ख़ुशी बुरा सा मोह बना बोली ,

"ख़ुशी टेलिपोर्ट , ऐसे टेलिपोर्ट कर दो , अंधकार लोग में , मेरे ख्याल से यह वही फसा रह जायेगा..." रवि मुस्कराते हुए उठ कर बोलै ,

"अरे हाँ , पर , पर यह साला इक hi जगह खड़ा है , इसको भगाओ थोड़ा , इसकी चर्बी काम करो , फिर कर देंगे टेलिपोर्ट..." ख़ुशी वही बर्फ पर बैठते हुए बोली ,

"तोह टीम , नकाबपोश बदसूरत औरत को , इक और जतका देते हैं , इक साथ अटैक करते हैं , ख़ुशी तुम त्यार रहना..." रवि , ख़ुशी की तरफ देखते हुए बोलै ,

और फिर सबने इक साथ अटैक कर दिया...

वही दूसरी तरफ...

रमा , जन्मो को मरने के बाद as-pas देखने लगी , तभी इक डैम से बर्फ का तेज़ तूफान उठा , रमा ने अपनी आँखें बंद कर ली , जब उसने अपनी आँखें खोली , तब उसके सामने , दो और जादूगरनी कड़ी थी , जो रमा जैसी तोह बिलकुल नै थी ,

उनका जिस्म कला जरूर था , पर वोह बेहद दिलकश और अजीब लग रही थी , उनके जिस्म पर इक भी कपडा नै था , आधे हाथ सफेद सी रौशनी में चमक रहे थे , उनके बाल जीवट नै थे , लेकिन वोह दोनों बेहद गुस्से में थी ,

"हष्ठ अभ तुम दोनों कोण हो..." रमा उनकी तरफ बढ़ते हुए बोली , पर तभी वोह रुक गई , वोह दो नै थी , वोह अनेक थी , इक जैसी...

तो बे कुनिटेड... (नोट: फ्रेंड्स थोड़ा बिजी था , ड्यूटी दुबारा ज्वाइन की इस लिए , नेक्स्ट अपडेट जल्द hi आएगा...)

 
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