Incest Deewanapan... - Page 17 - SexBaba
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Incest Deewanapan...



अपडेट-76

अभ अग्गे...

रवि आसमान में उड़ता हुआ शहर की तरफ बढ़ रहा था , तभी उसके सामने कोमल ा गई , वोह शयद रवि को रोकने आयी थी ,

रवि अपने इस वहशी रूप में शहर जाता , तोह वह तबाही मच जाती , हज़ारो बेगुनाह लोग मरे जाते , क्यों की रवि अभ बेहद गुस्से में था , वोह सब जला देता , सब तबाह कर देता ,

"हूंणम्मम , मेरे रस्ते से हैट जोऊ..." रवि ने अपनी बेहद भरी आवाज़ में गरजते हुए बोलै , उसका जिस्म बेहद लाल हो चूका था , आँखें भी लाल रौशनी में चमक रही थी ,

"भाई रुको , वह मत जाओ , वह आम लोग रहते हैं..." कोमल ने बेहद शांत और नरम आवाज़ में बोलै ,

"वुष्ठ्च (घूरते हुए) लारा को मारा , अभ मार्को को नाराज की आग में जला दूंगा , मेरे रस्ते से हैट जाओ , वार्ना..." रवि ने बेहद गुस्से में बोलै , उसके हाथो में आग निकलने लगी थी ,

"भाई नई , अप्प को में जाने नै दूंगी..." कोमल ने थोड़ा नाम आँखों से बोलै ,

"मुझे कोई नै रोक सकता , लारा की मौत का बदला लेना है मुझे..." रवि अग्गे बढ़ता हुआ बोलै ,

"तोह फिर लाडू हमसे , आपको रोकने के लिए , हम किसी भी हद तक जा सकती हैं..." कोमल ने अभ थोड़ा गुस्से में बोलै ,

"तुम हमें नै रोक सकती , हमारी बहिन हो , प्रेमिका हो , इस लिए बोल रहे हैं , रस्ते से हैट जोऊ...." रवि अभ और भी गुस्से में अत हुआ बोलै ,

"में अकेली नै हूँ..."

तभी कोमल ने आँखें बंद की , इक तेज़ सफेद रौशनी चारो तरफ फैल गई , इतनी तेज़ रौशनी के रवि ने अपनी अखन बंद कर ली ,

जब रवि ने कुछ देर बाद अखन खोली , उसके सामने , बेबी , ख़ुशी , और रमा भी कड़ी हुई थी , अभ रवि को चारो से लड़ना था ,

"कोमल , अगर हम यहाँ रवि को रोकेंगे , तोह पूरा जंगल जल कर रख हो जायेगा..." बेबी ने थोड़ा परेशानी में बोलै ,

"ख़ुशी तंबोमोसकोया..." कोमल इक अजीब सी भाषा में ख़ुशी की तरफ देख बोली ,

"समाज गई..." ख़ुशी ने आँखें बंद की , फिर इक अँधेरा सा फैल गया , सबकी आँखों के अग्गे , जब अँधेरा दूर हुआ , तब वोह सब इक सुनसान सी जगह पर थे ,

उस वेरियन सुनसान जगह पर , सिर्फ जमीन थी , जिसकी मिटटी काली थी , इस अनंत जमीन पर , इक भी पेड़ नै था , बिलकुल सुनसान , और हल्का अँधेरा , चारो तरह फैला हुआ था ,

"भाई अभ रुक जाओ , वार्ना हमें आपको रोकना होगा..." कोमल ने रवि के करीब जाते हुए बोलै ,

"हाँ रवि , कोमल ठीक बोल रही है..." बेबी भी कोमल का पक्ष लेते हुए बोली ,

"बुस्शः (डेमों ग्रोएनस) , में राजा हु तुम सब का , मुझे रोकने की कोससिह मत कारु..." रवि तेज़ तेज़ सांसे भरता बेहद भरी आवाज़ में बोलै ,

"नै रवि , हम तुम नै जाने देंगी , प्लस तुम अपना गुस्सा शांत करो..." बेबी , रवि के करीब जाते हुए बोली ,

"नयी , लारा को जिन्दा करना हैई , मार्को के खून से , में उसकी आत्मा को हेलल नै जाने दूंगा , मेरे पास वख्त काम हैई , हैट जाओ , वर्णा..." रवि गुस्से में चीखता हुआ बोलै ,

"नयी , मैट जाओ , तुम्हारे गुस्से ने पहले पारी लोग को खाक कर दिया , अभ तुम पृथ्वी को भी , नयी , में नै जाने दूंगी तुम..." बेबी ने अपने हाथो की मुठियाँ कस्ते हुए बोलै , ऐसा करते hi उसके हाथो में इक अग्ग सी निकलने लगी ,

"हऊणममम , में जाउगा , तुम सब को हरा कर..." रवि , बेबी के करीब जाकर उसकी आँखों में जैकटे हुए बोलै ,

"रावी , होश में ायो..." बेबी थोड़ा नरम पढ़ते हुए बोली ,

"मी रविइइइ नईईई हूउउउउ..." रवि लम्बी लम्बी सांसे भरता गुस्से में चीखता हुआ बोलै ,

रवि ने बेबी की गर्दन को अपने हाथ से कास कर पकड़ लिया , रवि में अनंत शक्ति थी , उसने बेबी को गले से पकड़े ऊपर उठा लिया , बेबी के पेअर हवा में जुलने लगे ,

"बब्यीय..." ख़ुशी बेहद दर्द भरी आवाज़ में चीखते हुए बोली ,

ख़ुशी ने अपनी आँखें बंद की और तेज़ आग का मैजिक बॉल रवि पर छोड़ दिया ,



वोह आग का मैजिक बॉल तेज़ी से घूमता हुआ , रवि के जिस्म से जा टकराया ,

लेकिन ख़ुशी के साथ साथ सभी हरिजन रह गए , क्यों की रवि के जिस्म ने वोह पूरी आग अपने अंदर समां ली , रवि का शरीर आग में तपने लगा , और बेहद गरम भी हो गया ,

तभी रमा ने अग्गे बढ़ , अपने बालो से रवि के हाथ को जकड लिया , रमा के लाल जादुई बालो ने रवि के हाथ के साथ साथ उसके पोरे जिस्म को जकड लिया ,

"रमा अपनी पूरी ताकत लगाओ..." कोमल ने रमा की तरफ देखते हुए बोलै ,

कोमल की बात सुन रमा और भी गुस्से में ा गई , रमा के लाल जादुई बाल रवि के जिस्म को कसने लगे , िका इक रमा की आँखों से तेज़ बिजली के जटके रवि के जिस्म पर पढ़ने लगे ,

"अह्हह्ह्ह्ह ोूऊष्ठ्च..." रवि के मोह से दर्द भरी सिसकाईआं निकलने लगी , और उसके हाथ की पकड़ ढेली होने लगी ,

हाथ की पकड़ ढेली होते hi , बेबी ने अपने दोनों हाथो से रवि के हाथ को ऊपर की तरफ जोरदार जतका दिया ,

बेबी , रवि की पकड़ से आज़ाद होते hi , अपनी गर्दन पकड़ घुटनो के बल बेथ कर , तेज़ तेज़ हाफने लगी ,

रमा के दो तरफा हमले ने रवि को कमज़ोर कर दिया , रवि धीरे धीरे घुटनो के बल बेथ गया , और वही दूसरी तरफ ख़ुशी , अपने हाथ में डेमों खंजर लिए रवि की तरफ बढ़ने लगी ,

"रावी मुझे माफ़ करना..." ख़ुशी ने रवि के करीब आकर उसकी आँखों में देखते हुए बोलै ,

"ईहाआआअह्हह्ह्ह्ह...." रवि ने अपनी पूरी ताकत लगा , बेहद गुस्से में छीलते हुए , अपने दोनों हाथो को जतका दिया , रमा के बाल जो उसके जिस्म पर लिपटे हुए थे , टूट कर , भीकर कर , हवा में उड़ने लगे , रमा अपने बालो के टूटते hi , जटके से पीछे की तरफ गिर गई ,

"आआह्ह्हह्ह्ह्ह ईहहह लू..." ख़ुशी ने बेहद गुस्से में छीलते हुए , डेमों खंजर का वॉर , रवि पर करना चाहा , पर रवि ने उसका हाथ रस्ते में रोक दिया ,

"तुम मेरी अंगरक्षक हो , मेरी गुलाम , डेविल की गुलाम , मुज़से भागवत , तुम महंगी पड़ेगी तमासस्स..." रवि ने बेहद गुस्से में चीला कर बोलते हुए , ख़ुशी के चेहरे को देखते हुए बोलै ,

"अह्हह्ह्ह्ह मेरा हठः..." ख़ुशी दर्द में सिसकार उठी , क्यों की रवि ने उसका हाथ कलाई से पकड़ रखा था , रवि उसके हाथ को कलाई से पकड़ कास कर दबा रहा था , और ख़ुशी को बेहद दर्द हो रहा था ,

"गुलाम भागवत नै करते तामस..." रवि ने इतना बोल , अपने दूसरे हाथ से इक जोरदार पंच ख़ुशी के पेट में जड़ दिया , ख़ुशी उड़ते हुए दूर जमीन पर जा गिरी , ख़ुशी के गिरते hi , वह की जमीन अंदर की तरफ धस गई , वह बेहद गहरा गोल घड़ा बन गया ,

"भैई यह अपने ाचा नै किया..." कोमल अभ गुस्से में एते हुए बोली ,

कोमल के गुस्से ने , उसके जिस्म में बदलाव कर दिया , उसकी आँखें लाल रौशनी में चमक उठी ,

रिंग की ताकत दोनों के पास थी , दोनों बेहद ताकतवर थे , क्यों दोनों भाई बहिन थे , अपने माँ बाप से मिली शक्तियाँ , और रिंग से मिली शक्तियाँ , दोनों में इक सामान थी ,

"रूही , मेरे रस्ते से हैट जाओ , तुम हमारी बहिन हो..." रवि ने कोमल के करीब आकर बोलै ,

"भाई जानते हो , आपको श्राप मिला है , अप्प हमें छू नै सकते..." कोमल ने इतना बोल , रवि को अपनी बहु में कास लिया ,

"आअह्हह्ह्ह्हह सस्शह्ह्ह्ह नाईईईइहह्ह..." रवि के बदन में बिजली के तेज़ जटके लगने लगे , पवितर बिजली के जातको ने रवि को कमज़ोर करना सुरु कर दिया ,

दोनों भाई बहिन को इक श्राप मिला था , दोनों कभी इक नै हो सकते थे , अभ कोमल , रूही थी , और रवि , डेविल था ,

"भईई होश में ायो , अपनी गलती सवीकार कर लो , घर चालू..." कोमल ने रवि के कनु में गुस्से से बोलते हुए कहा ,

"नाईईईई..." रवि ने कोमल की पकड़ से आज़ाद होने की कोससिह करते हुए बोलै ,

"तोह भुगतो ें जातको को , यह पवितर बिजली आपको ज़ुका देगी , आपको कमज़ोर कर देगीए , आपको झुकना होगा..." कोमल ने इतना बोल , रवि को और भी कास लिया अपनी बहु में ,

तभी आसमान गरज उठा , आसमान में बिजली कड़कने लगी , फिर वोह तेज़ चमकती बिजली जमीन पर इक के बाद इक , गिरने लगी ,

"भैई हर्र मन लू , वरना..."

"नईईई...." रवि ने कोमल के चेहरे पर अपना सार मरते हुए थोड़ा दर्द में बोलै ,

"अह्ह्ह्ह , तोह सेहन करो फिर..." कोमल अभी बोल hi रही थी , के रवि बार बार अपना सार कोमल के चेहरे पर मरने लगा , कोमल की पकड़ ढेली होने लगी ,

"भैई अह्ह्ह्हह रुकू ाशहठ..." कोमल के चेहरा चिल गया , उसका माथा फैट गया , खून बह निकला , पर तभी उसने वोह किया , जो रवि ने सोचा भी नै था ,

कोमल ने बेहद गुस्से में अपने होंठ , अपने भाई के होंठो से मिला दिए , तभी आसमान गुस्से में गरज उठा , आसमान से बिजली और भी तेज़ी से गिरने लगी ,

वही ख़ुशी भी रेंगते हुए उस घड़े से बहार ा चुकी थी , रमा और बेबी भी सम्बल चुकी थी , आसमान से गिरती बिजली ने उनको भी परेशान कर दिया था ,

िका इक रमा ने ख़ुशी और बेबी को अपने पास खींच , अपने बालो से इक शील्ड बना ली , तेन उनको कोई नुकसान न हो , पर जैसे hi बिजली का इक तेज़ जतका , रमा के बालो पर लगा , इक तेज़ धमाके के साथ , तीनो दूर जा गिरी , वोह बेहद जख्मी हो चुकी थी ,

वही कोमल अपने भाई के होंठो को चूस रही थी , और वही आसमान से लगातार बिजली गिर रही थी ,

िका इक बिजली का इक तेज़ जतका दोनों के जिस्म पर ा लगा , दोनों दर्द से चीखते इक दूसरे से दूर जा गिरे ,

अभ सभी जमीन पर जख्मी लेते हुए थे , कोमल और रवि जैसे hi अलग हुए , तभी आसमान पूरा साफ हो गया , जैसे वह कुछ हुआ hi नै था ,

रवि की आँखें बंद थी , तभी उसकी बंद आँखों के सामने , लारा का मुस्कराता चेहरा उमड़ आया , वोह बेहद मासूम लग रही थी , फिर रवि ने िका इक अपनी आँखें खोल ली , वोह उठ कर खड़ा हो गया ,

कोमल भी दर्द से कहरहते हुए कड़ी हो रही थी , तभी रवि ने तेज़ी से भागते हुए , कोमल के चेहरे पर अपने घुटने का तेज़ वॉर कर दिया , कोमल फिर से जमीन पर गिर गई ,

"मुझे लारा को जिन्दा करना है , उसकी आत्मा हेलल जाने के लिए बेताब हो रही है , में उसकी आत्मा को मुश्किल से रोक रहा हु , और तुम सब मुझे रोक रही हो , यह जुंग यही ख़तम हुई..." रवि इतना बोल जाने लगा , तभी उसके कदम वही थम गए....

रवि ने पीछे पलट निचे की तरफ देखा , तोह कोमल ने उसका पेअर पकड़ रखा था , कोमल का चेहरा खून से सना हुआ था ,

"प्यारीय बहाना झुक जाओ..." रवि ने इतना बोल अपने पेअर को जतका देकर छुड़वा लिया , और अग्गे बढ़ने लगा , अभी रवि उड़ने hi वाला था , के वोह किसी की आवाज़ सुन रुक गया ,

रवि ने पीछे पलट देखा , बेबी , ख़ुशी , रमा , और कोमल , बेहद जख्मी हालत में , बेहद गुस्से में कड़ी थी...

"में तुम्हारी गुलाम नै हु बेवकूफ..." ख़ुशी ने आग उगलती आँखों से बेहद गुस्से में चीला कर बोलै ,

"तुम सब , आआह्ह्ह्ह , में डेविल हूउउउउ , और तुम डेविल के अग्गे झुकना होगा..." रवि ने गुस्से में चीखते हुए बोलै ,

"भाई झुकना आपको होगा..." कोमल ने अपने होंठो से बहते खून को अपने हाथ से साफ करते हुए बोलै ,

"वुष्ठ्हह (घूरते हुए) , इस बार डेविल तुम सबको , जान से मर देगा , तुम्हारी आत्मा को हेलल में बेहज देगा , मेरे पास वख्त काम हीी , अगर लारा की मौत हुयी , तोह पृथ्वी को हेलल बना दूंगा..." रवि ने गुस्से में चीखते हुए अपनी भरी आवाज़ में बोलै ,

"भैई , अभ अंतिम युद्ध होगा , मौत तक , अगर पृथ्वी के मासूम लोग को बचने के लिए अह्ह्ह , हमें मरना भी पढ़ा , तोह हमें मंज़ूर हीी , आयु मर दू अपनीइ रहीइ को , लेलो जान अपनी रहीइ कीई , आयु देवीलललल..." कोमल गुस्से में रट हुए चीख कर बोली , उसके रट hi कुछ बेहद अजीब हुआ , जिसकी किसी ने कल्पना भी नै की थी...

दूसरी तरफ...

"अप्प झूठ बोल रहे हो , ऐसा नै हो सकता..." एलिज़ा ने बेहद नाम आँखों से बोलै ,

"यही सच है एलिज़ाबेथ , में तुम दिखा सकता हु , अपने क्रिस्टल बॉल पर , यह देखो..." जोकर ने बेहद उदास होने का नाटक करते हुए बोलै , उसने अपने मैजिक क्रिस्टल बॉल पर , लारा के मुर्दा शरीर की छवि एलिज़ा को दिखा दी ,

"नईईईई , लड़ाआ..." एलिज़ा , लारा के मुर्दा शरीर को देख , घुटनो के बल बेथ रोने लगी , उसका इक मटर अंतिम दोस्त , अभ मर चूका था , यह उसके लिए गहरा सदमा था ,

"एलिज़ा तुम बदला लेना है , रवि से , लारा ने अपनी क़ुरबानी दी है , उठो एलिज़ा , यह असनु नै खून है , मर दो उन सब को , तबाही मचा दो चारो तरफ , लारा की मौत का बदला लो..." जोकर ने उदास एलिज़ा के मन में इक जहर सा घोलते हुए बोलै ,

"हाँ , में बदला लुंगी , रविइइइइ , में बर्बाद कर दूंगी तुम..." एलिज़ा गुस्से में चीला कर बोली , और उठ कर , अपनी लैब में चली गई ,

वोह कुछ देर बाद लैब से बहार आयी , उसके हाथ में इक ब्लैक सूटकेस था , उसने इक ब्लैक ड्रेस पहन राखी थी , वोह कही जा रही थी ,

"कहा जा रही हो एलिज़ाबेथ..." जोकर ने मन hi मन बेहद खुश होते हुए बोलै ,

"तबाही मचने..." एलिज़ा गुस्से में इतना बोल , फ्लैट से बहार निकल गई , उसका पहला निशाना , शहर के आम लोग थे , लेकिन उसके मन में क्या चल रहा था , यह तोह ऐनी वाले वख्त में छुपा था...

अभ फ्लैट में बस मार्को और जोकर hi रह गए थे , एलिज़ा के जाते hi दोनों हसने लगे ,

"आपका दिमाग बेहद तेज़ है , अभ एलिज़ा इस फॉर्मूले से इस शहर में तबाही लाएगी , वोह रवि को मर देगी , फिर हम , इस दुनिआ पर राज़ करेंगे , मेरा सदियों पुराण सपना साकार होगा ... " मार्को बेहद हस्ता हुए बोलै ,

"अहःअहः , मार्को , मेरे शेतीआणि दिमाग hi मेरी ताकत है , में बुरे कामो को दुसरो से अंजाम दिलवाता हु , बस इक बार , वोह मैप मेरे हाथ लग जाये , फिर में hi इस दुनिआ का भगवन बनुगा , ाहः..." जोकर अपनी वहशी हस्सी हस्ते हुए बोलै....

तो बे कुनिटेड.....

 
अपडेट-77

अभ अग्गे...

कोमल के रट hi आसमान में बदल गिर ए , और हलकी हलकी बारिश होने लगी , थोड़ी थोड़ी तेज़ हवा भी चलने लगी , ऐसा क्यों , ऐसा इस लिए , क्यों की कोमल अपने अप्प में hi कुदरत थी ,

रवि का गुस्सा कुछ देर के लिए शांत हो गया , वोह अपनी कोमल को रट हुए नै देख सकता था , पर तभी उसकी आँखों के सामने , लारा का मासूम चेहरा , उसका मुस्कराता चेहरा उमड़ आया ,

रवि खुद डेविल था , बुरे करम करना उसके सेहभाव में था , लेकिन लारा ने बुराई को छोड़ , सचाई को अपना लिया था ,

उसके बुरे करम , उसे सचाई पर चलने नै दे रहे थे , उसकी आत्मा हेलल जाने को बेक़रार थी , पर रवि , उसे जिन्दा रखना चाहता था , अभी लारा को जिन्दा रहना था , उसकी जरुरत थी , रवि को , इस दुनिआ को ,

"नईईई , तुम मुझे कमज़ोर कर रही हो , मुझे जाने दू..." रवि फिर से गुस्से में अत हुआ बोलै ,

"कोमल , रवि को रोकने का कोई और रास्ता सोचना होगा , कुछ ऐसा जो रवि को कमज़ोर कर दे..." बेबी ने कोमल के कनु में धीरे से बोलते हुए कहा ,

कोमल कुछ सोचने लगी , तभी उसे कुछ यद् आया , लेकिन यह काम करेगा या नै , कोमल इस दुविद्या में थी ,

"क्या हुआ कोमल , है कोई रास्ता..." बेबी थोड़ा परेशानी में बोली ,

"हाँ इक रास्ता है , रमा , तुम और बेबी रवि को रोको , और ख़ुशी तुम मेरी बात दयँ से सुनो..." फिर कोमल ने ख़ुशी के कण में धीरे से सब बता दिया , ख़ुशी , कोमल की बात सुन हरिजन रह गई ,

"कोमल (घबराते हुए) , यह क्या बोल रही हो , वोह इंसान है , उसकी जान को खतरा हो सकता है..." ख़ुशी बेहद घबराते हुए बोली ,

"कुछ नै होगा , वही रवि को रोक सकती है , जाओ , उसे लेकर ायो..." कोमल ने इस बार थोड़ा गुस्से में बोलै ,

"ठीक है..." ख़ुशी इतना बोल वह से गयाब हो गई ,

रवि ने ख़ुशी को जाते हुए देख लिया , वोह मुस्कराने लगा ,



"तामस मेरी गुलाम , वोह भाग गई , तुम तीनो को यहाँ छोड़ कर , तुम सब भी भाग जाओ , वार्ना , मरने के लिए त्यार हो जाओ..." रवि ने अपने डेविल रूप में मुस्कराते हुए बोलै , उसकी आँखें बेहद लाल रौशनी में चमकने लगी ,

"याहहहहह..." बेबी बेहद गुस्से में चीखते हुए ऊपर की तरफ ुड्डी ,

तभी रमा ने अपने लाल बालो से रवि को जकड लिया , वही बेबी ने उड़ते हुए निचे की तरफ एते हुए , इक जोरदार पंच रवि के मोह पर जड़ दिया , उसकी रफ़्तार इतनी तेज़ थी के उसके हाथ से आग की लपटे निकल रही थी ,



रमा के बालो ने रवि के हाथो के कास कर जकड रखा था , और बेबी बेहद गुस्से में , बार बार , लगातार , रवि के चेहरे पर पंच जड़ रही थी ,

"हहहाआनं , हॉँण्णन (हफ्ते हुए) , हर मन लू..." बेबी , रवि के चेहरे पर लगातार पंच जड़ते हफ्ते हुए बोली ,

"इतनी जल्दी..." तभी रवि की आँखें बेहद अधिक लाल रौशनी में चमक उठी ,

बेबी हफ्ते हुए इक पल के लिए रुकी hi थी , के रवि की आँखों से बेहद लाल लाइट जैसी रौशनी निकली , जो बेबी के चेहरे पर जा पढ़ी ,

"आअह्हह्ह्ह्ह आह्ह्ह्हह मेरा चेहरा..." बेबी अपना जला हुआ चेहरा दोनों हाथो में छुपाये चीखते हुए घुटनो के बल बेथ गई ,

तभी रवि ने अपने हाथो को जतका दिया , रमा के बाल फिर से टूट कर भीकर गए , कोमल अग्गे बढ़ने जा hi रही थी , तभी रमा ने उसे रोक दिया ,

रमा अग्गे बढ़ , अपने भाई के सामने कड़ी हो गई , दोनों में बेहद काम फैसला था ,



"भइआ अप्प डेविल हो , लेकिन में सुमों हु , मेरी ताकत देखनी है आपको , आपको क्या लगता है , कोई आपको रोक नै सकता , तोह देखो मेरा रूप..." रमा बेहद गुस्से में बोली ,



तभी रमा ने अपनी आँखें बंद कर ली , उसके जिस्म का आकर बदलने लगा , उसका जिस्म बेहद कला हो गया , वोह खुद अँधेरा बन गई , लाल बाल और भी बड़े हो गए , इतने बड़े , जैसे कोई बेहद बड़ा पेड़ हो , आँखें बेहद काली हो गई , और देखते hi देखते , रमा के सीने में इक ब्लैक होल बन गया ,



"याहहहहह..." रवि गुस्से में भागते हुए रमा को मरने के लिए अग्गे बढ़ा , पर तभी रमा के बालो ने , इक बंद मुठी का आकर लेकर , रवि के पेट में जोरदार पंच जड़ दिया , रवि उड़ता हुआ दूर जाकर गिर गया ,

रमा के बाल यही नै रुके , वोह तेज़ी से उड़ते हुए रवि के करीब पहुंचे , रमा के लाल जादुई बालो ने , रवि को गर्दन से जकड ऊपर की तरफ उछाल दिया ,

जब रवि ऊपर से निचे जमीन पर गिरने लगा , तभी रमा के लाल जादुई बाल , जमीन पर इक चटाई के रूप में बिष गए , फिर देखते hi देखते रमा के बाल निचे बिशे हुए , इक डैम ऊपर की तरफ तीखे हो गए , जैसे किसी ने जमीन पर नोकीले लम्बे कटे बिषा दिए हो ,

"आअह्हह्ह्ह्ह..." रवि के मोह से दर्दनाक चीख निकल गई , क्यों की रवि पीठ के बल जमीन पर गिरा था , वोह नोकीले काटों जैसे बाल , रवि के पोरे जिस्म को फाड़ते हुए अंदर तक घुस गए ,

"भाई हार मन लू , रमा आपको मर देगी..." कोमल ने थोड़ा नाम आँखों से बोलै ,

रवि की पीठ से खून बहने लगा , रमा के नोकीले बाल , धीरे धीरे जवालामुखी के लावे की तरह गरम होने लगे , धीरे धीरे वोह जलने लगे , और रवि की पीठ को अंदर से जलने लगे ,

"आह्ह्ह्ह शह्ह्ह्ह नईईईई..." रवि बेइंतहा दर्द में चखने लगा , यह इक दर्दनाक लम्हा था ,

"भैई मन लो हार..." कोमल अग्गे बढ़ रवि के करीब जाते हुए बोली ,

"नईईई..." रवि दर्द से कहरहटा हुआ चीख कर बोलै ,

"तोह लाडू सुमों से , जादूगरनी की बेटी से , हज़ारो विद्याओं की मलिका से , सुमों जो पूरी पृथ्वी को अपने अंदर निगल सकती है...." रमा और भी गुस्से में एते हुए बोली ,

रमा ने अपनी आँखें बंद की , तोह उसके बचे हुए आधे बाल , अलग अलग जानलेवा हथियारों में तब्दील हो गए ,

रमा के कुछ बाल बेहद तेजदार तलवार में बदल गए , कुछ बाल खुल्हाडी की तरह आकर ले गए , कुछ बड़े हथोड़े जैसे , कुछ जानलेवा तीखे तीर बन गए , यह सब आग जैसे गरम होकर तप रहे थे ,

"भाई आखरी बार पूछ रही हु , हार मानते हो या नयी..." रमा ने अपने भाई के प्यार में बहते हुए आखरी बार रवि से पूछा ,

"नईईई..." रवि , रमा की आँखों में आँखें दाल दर्द में कहरहते हुए बोलै ,

"तोह यह लूओ..." रमा ने अपने हथियारों से लेस्स बालो को रवि के जिस्म पर छोड़ दिया ,

रमा के उन बालो ने रवि के पोरे जिस्म को फाड् दिया , रवि की इक दर्दनाक चीख निकली और फिर उसकी आँखें बंद हो गई ,

"भैई..." कोमल बेहद रट हुए बोली , तभी रमा के बाल वापिस छोटे आकर के हो गए ,

"कोमल , यह मने क्या कर दिया , यह गलत हुआ है..." रमा बेहद उदास होते हुए बोली ,

"रमा , दुनिआ को बचने का यही आखरी रास्ता था , तुम्हारी कोई गलती नै..." कोमल रमा के गले लग नाम आँखों से बोली ,

दोनों कुछ देर गले लगी रही , पर जैसे hi दोनों ने रवि पर नज़र डाली , दोनों हरिजन रह गई , क्यों की रवि वह नै था , वोह वह से गयाब था ,

"भइआ कहा गए..." कोमल बेहद चिंता में बोली ,

"यह असंभव है , वोह खुद कही नै जा सकते , जरूर यह कोई चल है..." रमा फिर से अपने उसी रूप में एते हुए बोली ,

"वहहह , वहहह , तुम्हारी ताकत , बेहद शानदार है , मेरी प्यारी बहाना..." रवि उन दोनों के पीछे कुछ दुरी पर खड़ा बोलै ,

दोनों ने पीछे पलट कर देखा , वोह सं रह गई , रवि को देख कर , रवि का पूरा जिस्म जगह जगह से कटा हुआ था , जिस्म से खून पानी की तरह बह रहा था , क्यों रवि में अभ भी कुछ इंसानी अंश थे ,

वोह अमर जरूर था , पर उसे जो जखम मिलते थे , उनका दर्द , रवि को इंसानो जैसा होता था , उसके जखम भरते जरूर थे , लेकिन उनको भरने में थोड़ा वख्त लगता था , और तब तक रवि को दर्द सेहन करना पढता ,

यह इक मायाजाल था , रवि के पिता का , उसे मिले श्राप का असर था , कोमल के साथ भी यही होता था , उसके भी जखम उसे दर्द देते थे ,

"अप्प जिन्दा हो..." कोमल बेहद चिंता में बोली ,



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"ः (डेविल लौघ्स) , में जो हु , सो हु , लेकिन जो में हु , वोह तुम नै हो , और जो तुम नै हो , वोह में हु , सीधा मतलब , में अमर हु..." रवि बेहद हस्ते हुए बोलै , उसकी आँखें लाल रौशनी में चमकने लगी ,

"यह बेवकूफ क्या बोलै अभी..." रमा अपने बाल खुजाते बोली ,

"अह्ह्ह , रमा मारो ऐसे , चाहे यह लड़ाई सदियों तक चले , लेकिन भाई , यहाँ से पृथ्वी पर न जा पाए , जब तक ख़ुशी नै ा जाती..." कोमल ने रमा की तरफ देख कर बोलै ,



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रमा थोड़ा अग्गे बढ़ गई , उसके बालो ने इस बार इक आग उगलते ड्रैगन का आकर ले लिया , उसके बाल ड्रैगन की तरह उड़ते हुए रवि के पास पहुँच गए ,

और फिर रवि पर आग बरसानी सुरु कर दी , इतनी जायदा आग के रवि दिखाई hi नै दे रहा था , लेकिन तभी रवि उड़ता हुआ , उस आग से बहार निकला , उसके हाथ में इक , चमकती हुई तलवार थी ,

"आह्ह्हह्ह्ह्ह..." रवि ने चीखते हुए , रमा के बालो पर , तलवार का जोरदार वॉर किया , और रमा के बाल टूट कर भीकर गए ,

"यह नै हो सकता..." रमा थोड़ा हरिजन होकर बोली , तभी उसके मोह से ..."अह्ह्ह्हह..." इक दर्द भी सिसकी निकली , क्यों की रवि ने वोह तलवार रमा के पेट में घुसा दी थी ,

"अभ मेरी बारी.." रवि ने मुस्करा कर बोलै ,

फिर रवि ने रमा को गर्दन से पकड़ ऊपर उठा लिया , और ऊपर आसमान की तरफ उड़द गया , बेहद ऊपर जाने के बाद , रवि एकदम से पलट कर निचे ऐनी लगा , रवि ने रमा की गर्दन को अपने हाथ में पकड़ रखा था ,



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जैसे hi रवि और रमा , जमीन से टकराये , इक तेज़ धमाका हुआ , वह की जमीन फैट गई , बेहद गहरा घड़ा बन गया , वह as-pas मिटटी की धूल उड़ने लगी , जब धूल के कण वह से हेट , रवि रेंगते हुए घड़े से बहार निकल रहा था , और रमा जमीन पर बेसुध पढ़ी , आँखें बंद किये , तेज़ तेज़ हाफ रही थी ,

रवि घड़े से बहार आकर , सीधा लेता , तेज़ तेज़ सांसे भर रहा था , तभी कोमल उस पर जपत पढ़ी , कोमल और रवि फिर इक हो गए , बिजली के तेज़ जटके रवि को लगने लगे , और आसमान से बिजली गिरने लगी ,



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"आह्ह्ह्ह नईईई..." रवि दर्द में तड़फ उठा , लेकिन तभी उसने कोमल को गले से पकड़ लिया , और अपने ऊपर से उठा , दूर फेंक दिया ,

अभ अकेला रवि खड़ा हुआ था , रमा , बेबी और कोमल बेसुध पढ़ी हुई थी , रवि वह से जाने लगा , लेकिन तभी कोमल की आवाज़ उसे आयी ,

"अह्ह्ह्ह इतनी जल्दी नयी , अभी किसी का एना बाकि हैई , खुशी..." कोमल अपनी गर्दन को पकड़े हफ्ते हुए बोली , उसके चेहरे से खून बह रहा था ,



तभी रवि की आँखों के सामने इक ब्लैक होल बन गया , और ख़ुशी उसमे से बहार ा गई , लेकिन ख़ुशी अकेली नै थी , उसके साथ काट भी थी ,

काट ने जैसे hi रवि के ब्यांक रूप को देखा , वोह चीख पढ़ी ,

"आआआआअह्ह्ह्हह्ह्ह्हह , मम्मी भुट्ट्ट्ट (धीरे से) ..." काट इक जोरदार चीख मरते बहुत धीरे से यह बोलते हुए बेहोश हो गई , वैसे उसे पता भी नै था , वोह यहाँ कैसे ा गई थी....

तो बे कुनिटेड....
 


अपडेट-78

अभ अग्गे...

सब शांत हो गया , काट बेहोश पढ़ी थी जमीन पर , रवि तेज़ तेज़ हफ्ता , इक डैम शांत होने लगा , तभी ख़ुशी ने भागते हुए , इक जोरदार पंच रवि के चेहरे पर जड़ दिया ,

"आअह्हह्ह्ह्ह ..." रवि इक दर्द भरी चीख मरता जमीन पर गिर गया ,

"ख़ुशी , रुको , भइआ को मत मरू , वोह अभ डेविल नै हैं..." कोमल ने अपने भाई की चिंता में बोलै ,

"पता हैई , में चेक कर रही थी..." ख़ुशी मुस्कराते हुए काट के पास चली गई ,

कोमल भाग कर अपने भाई को उठाने लगी , और बेबी उठ कर काट के पास जाने लगी ,

काट के पास जाकर उसने देखा , ख़ुशी अपने होंठो को काट के होंठो से मिलाये , उनको चूस रही थी , बेबी यह देख बेहद गुस्सा हो गई ,

"आह्ह्ह्हह बूढ़ी दूर हैट , मेरी कटत सीए..." बेबी ने गुस्से में चीखते हुए ख़ुशी को ढाका मरते हुए बोलै ,

ढाका पढ़ते hi ख़ुशी , काट से दूर गिर गई , बेबी ने काट को अपनी बहु में भर लिया ,

"बेवकूफ ढाका क्यों मारा , वैसे इसके होंठ बेहद नरम हैं , मज़ा ा गया..." ख़ुशी अपने होंठो पर जीभ फिरते हुए बोली ,

"तेरी तोह (गुस्से में चीखते हुए) ..."

बेबी ने तेज़ी से उठते हुए ख़ुशी को फिर से गिरा दिया , और उसके ऊपर बेथ , उसके चेहरे पर पंच जड़ने लगी , ख़ुशी भी काम नै थी , वोह बेबी को अपने ऊपर से इक तरफ गिरते हुए , तेज़ी से उसके ऊपर बैठते हुए , उसे पंच जड़ने लगी ,

"रमा , रोकू इनको..." कोमल बेहद गुस्से में बोली ,

रमा ने उसी वख्त अपने लाल बालो से ख़ुशी और बेबी को इक दूसरे से अलग करते हुए जकड लिया ,

"छोड़ू रमा , इस चुड़ैल को मर दूंगी , मेरी काट पर बुरी नज़र डाली , याहहह..." बेबी गुस्से में छटपटाते हुए बोली ,

"अभ वोह मेरी भी ही , में उसे पाकर रहूगी , तू रोक लेना , वोह मुज़से भी प्यार करेगी..." ख़ुशी अपने जख्मी होंठ पर हाथ फिरते बोली ,

"नै करेगी , वोह तुमसे कभी प्यार नै करेगी..."

"शरत लगाओ , अगर उसने मुज़से प्यार किया , तोह , क्या डौगी मुझे.." ख़ुशी मन hi मन मुस्कराते हुए बोली ,

"जो तुम कहो , लेकिन वोह मुज़से प्यार करती है..." बेबी काट के मासूम चेहरे को निहारते हुए बोली ,

"ठीक है , तुम मुझे कभी रोकूंगी नयी , काट से बात करने से , उसके पास जाने से , अगर दर रही हो , तोह मन कर दो..." ख़ुशी मुस्कराते हुए बोली ,

"नै मन करुँगी , अगर तुम हरी तोह..." बेबी भी मन hi मन मुस्कराते हुए बोली ,

वही रवि और कोमल जमीन पर बैठे , दोनों की तरफ देख रहे थे , और रमा भी उनके पास बैठी , रवि के चेहरे को छू कर देख रही थी , वोह कभी कभी रवि के हाथ को चुम लेती ,

"जो तुम कहुगी , वही करुँगी , तोह शरत मंज़ूर है..."

"हाँ , पर काट पर कोई जबरदस्ती नै चलेगी , और न कोई जादू , तुम इक आम इंसान बन कर , यह सब करना होगा..."

"मंज़ूर है..." ख़ुशी मुस्कराते हुए बोली ,

"मुझे भी..."

रमा के बालो ने दोनों को आज़ाद कर दिया , ख़ुशी सबको वापिस कबीले में ले आयी , बेबी ने काट को अपने रूम में बीएड पर सुला दिया , क्यों की वोह अभ तक बेहोश थी ,

बेबी , काट के साथ hi लेट गई , और उसका माथा चूमते हुए boli..."ohh मेरी जान , अज्ज तुमने हम सब की जान बचाई ही , मेरी प्यारी काट..." बेबी ने यह बोलते hi काट के होंठो को कास कर चुम लिया , और उसे बहु में भर लेट गई ,

वही दूसरी तरफ , रमा अपनी माँ सीमा को , अज्ज हुई जुंग के बारे में बता रही थी , यहाँ से इक बात प्रूफ हो गई , के लड़की चाहे आम हो , यह अजीब सी , रहस्मयी , वोह बतिअन करनी नै छोड़ेगी ,

लेकिन सीमा तोह कही और hi खोई हुई थी , रह रह कर उसे इक अजीब सी ताकत की कमी महसूस हो रही थी ,

उसे अभ सपने भी अजीब अजीब एते थे , वोह अपने सपनो में , परिया , डेविल , आग , जादूगरनियाँ सब देखती थी ,

"क्या हुआ माँ , फिर से दर्द हो रहा है..." रमा बेहद उदास होते हुए बोली ,

"नै मेरी बची , बस कुछ परेशान हु..."

"किस बात के लिए..."

"बीटा अज्ज कल कुछ अजीब अजीब सपने एते हैं , कोई सुहाना नाम की लड़की और उफ्फ्फ , मेरा तोह जीना हराम हो गया है.." सीमा बेहद उदास लहजे में बोली ,

"ओह्ह माँ , यह सब कब से हो रहा है..."

"अहह जिस दिन तुम्हारा भाई , तुम्हारे रूम से नंगा भगा था , तब से..." सीमा हस्ते हुए बोली ,

"क्या माँ अप्प भी.." रमा शरमाते हुए बोली , तोह उसके बालो ने उसका चेहरा छुपा लिया ,

"देखो , मेरी बेटी को शर्म ा रही है , रमा .." सीमा हस्ते हस्ते हुए फिर उदास होकर बोली ,

"हूँ .." रमा भी यह सब समाज गई ,

"बेटी मने जो महसूस किया , या जो में महसूस कर रही हु , वोह बेहद बुरा है , मुझे महसूस होता है , में सीमा नै हु , में कोई और हु , मेरा सार दर्द करने लगता है , मुझे कुछ समाज नै ा रहा बेटी (रट हुए)..."

"मा , रोना मत , में हु न , में आपको कुछ नै होने दूंगी , माँ में आपको हर बुराई से बचा लुंगी , अपनी बेटी पर विश्वास करो..." रमा बेहद उदास और नाम आँखों से बोली , और सीमा को अपनी बहु में भर लिया ,

"जानती हु , जब तक तुम हो , मुझे कुछ नै हो सकता , ऐसी सहारे तोह जी रही हु..." सीमा अपनी बेटी का माथा चूमते हुए बोली ,

"मेरी बची , कितनी चोट आयी है तुम , अगर तुम्हारा यह हाल है , तोह बाकि सब का , ाचा , में रवि और कोमल को देख कर अति हु.." सीमा यह बोलते मुस्कराते हुए रूम से बहार भाग गई ,

वही दूसरी तरफ काट की जब आँख खुली , तब रत के 8 बज रहे थे , सीमा अभी भी खाना बना रही थी , और उसकी मदद रिमी और शूरति कर रही थी , वोह दोनों कुछ जायदा hi करीब ा गई थी (अभ अप्प समज़दार हो , समाज लोगे..)

काट को सपने में भी , रवि का डेविल रूप दिख रहा था , उसका सपना कुछ इस प्रकार था...

"तुम , तुम कोण हो.." काट इक वेरियन सुनसान जगह पर , इक पहाड़ की छोटी पर , इक डेविल के सामने गिरी हुई थी , उसकी आँखों से गंगा जमुना बह रही थी ,

"में हु रवि , तुम्हारा रवि , देखो मेरे इस रूप को , तुम कहती थी , में डेविल नै हु..." रवि बेहद ख़ुशी में दहाड़ते हुए बोलै , उसके लाल ब्यांक पंख फड़फड़ाने लगे ,

"tt...tt...tum...rr...ravi...naa...naiiii ...hh...hoo..." काट हकलाते हुए बोली , वोह दर से कम्प रही थी ,

"में हु रवि , में हु डेविल , देखो मेरा यह ब्यांक रूप , अभ बोलो , करती हो प्यार , बोलू , वार्ना जान ले लूंगा..." वोह डेविल अग्गे बढ़ते हुए बोलै ,

"नयी , में तुमसे प्यार नै करती..." काट ने रट हुए चीख कर बोलै ,

"तोह जाओ नाराज मी...( गोऊ ताऊ हेलललल..).." इतना बोल रवि ने काट को उस पहाड़ की छोटी से निचे फेंक दिया , काट निचे गिरती गई , गिरती गई , और चीखते हुए उसकी आँखें खुल गई , लेकिन यह इक सपना था...

"बाबीयीय बचावूओ..." काट चीखते हुए उठ कर बेथ गई , बेबी ने उसे अपनी बहु में भर लिया , और उसे शांत करने लगी ,

"बेबी मने बहुत देखा , बेबी वोह , वोह मर देगा मुझे..." काट बेइंतहा रट हुए बोली ,

"नयी शह्ह्ह्ह , शांत हो जाओ , मेरी जान , में हु नाआ , प्लस शांत हो जोऊ..." बेबी खुद भी रट हुए बोली ,

जब काट शांत न हुई , तोह बेबी ने वोह किया , जो वोह अक्सर करती थी , वोह काट के होंठो को चूसने लगी , उसे अपनी बहु में जकड़ते हुए , बीएड पर गिरा कर ,

बेबी ने इतना कास कास कर काट के होंठो को चूसा , के उसके लाल होंठ और भी लाल हो गए , वोह कुछ hi देर में शांत होकर , कसमसाने लगी , वोह बेबी को बालो को सहलाते हुए , अपने होंठ चुसवाती रही , जब दोनों की सांसे फूलने लगी , तब बेबी ने काट के लाजवाब होंठो को छोड़ , उसके साथ लेट , तेज़ तेज़ हफ्ते हुए , उसकी तरफ देख , हसने लगी , काट भी मुस्करा रही थी ,

"अभ ठीक हो..." बेबी , काट के बालो को सहलाते हुए बोली ,

"हूँ..." काट भी मुस्करा कर बोली , पर फिर वोह उदास हो गई ,

"क्या हुआ मेरी जान..." बेबी भी उदास होते हुए बोली ,

"अह्ह्ह (इक लम्बी साँस लेकर) बेबी मने रवि को डेविल के रूप में देखा , लेकिन मुझे यह सब सपना लग रहा है.." काट ने थोड़ा नाम आँखों से बोलै ,

"उफ़ ओह्ह , मेरा बचा , वोह सपना hi था , तुम भी न , ाचा मेरी जणू , यह बताओ तुम मुज़से कितना प्यार करती हो..." बेबी , ख़ुशी की शरत यद् करते हुए बोली ,

"बेबी , यह क्यों पूछ रही हो , तुम्हारे बिना में किसी का सोच भी नै सकती , में तुमसे बेपनाह प्यार करती हु , रवि से भी जायदा .." काट ने बेबी के होंठो को चूमते हुए नाम आँखों से बोलै ,

"अगर मेरे बिना कोई लड़की तुम्हारी जिंदगी में ए तोह..."

"बेबी , यह बहकी बहकी बतिअन क्यों , आखिर बात क्या है , तुम छुपा रही हो कुछ..." काट ने घोर से बेबी के चेहरे को देख बोलै ,

"नै तोह , बस ऐसे hi , उफ़ ओह्ह , सच बोल रही हु , ाचा अभ नै पूछूगी , लेकिन..."

"लेकिन क्या.."

"अगर तुम किसी और की हुई , तोह में तुमसे हमेशा हमेशा के लिए दूर चली जोगी , इतनी दूर , के तुम कभी मुझे देख नै पाउगी , यह वादा रहा..." बेबी ने बेहद रट हुए बोलै ,

"चत्ताककक ..." इक जोरदार थपड की आवाज़ पोरे रूम में गूंज गई ,

"में नै जानती , तुम यह क्या बोल रही हो , क्यों बोल रही हो , लेकिन दुबारा मुज़से दूर जाने की बात कही , या सोची भी , तोह में अपनी जान दे डूंगीए , तुम बोलू तोह रवि से दूर हो जाती हु , लेकिन में तुमसे प्यार करती हु , बेबी में तुम्हारे बिना जीने का सोच भी नै सकती , प्लस ऐसा मत बोलो करू..." काट , बेबी के पास बीएड पर गिरकर चेहरा छुपाये रट हुए बोली ,

"ाचा सॉरी , माफ़ कर दो , प्लस.." बेबी अपने कण पकड़ नाम आँखों से बोली , और फिर उसने काट को अपनी बहु में भर लिया और उसे प्यार करने लगी , लेकिन दोनों को कोई देख रहा था , कोई अपना...

वही दूसरी तरफ

"ोुछःह , कोमल धीरे से मलम लागू , बहुत जल रही है , इस ख़ुशी ने कितनी जोर से मारा..." रवि दर्द से सिसकता हुआ बोलै , क्यों की कोमल उसके निचले होंठ की इक साइड मलम लगा रही थी , क्यों की वोह निचे से फैट गया था और सज़ा भी हुआ था ,

"चुप , डेविल बनना था , सबको मरना था , हम लोग की हालत ख़राब कर दी , ाचा हुआ ख़ुशी ने मारा , में तोह कहती हु , इक दो और लगाती..." कोमल ने अपने लहराते बालो को कंडे से पीछे करते हुए झुक कर रवि के फाटे होंठ पर मलम लगते हुए थोड़ा गुस्से में बोलै ,

रवि खो गया , कोमल के हसन चेहरे में , उफ्फ्फ बेहद खूबसूरत , और यह बात कोमल ने भी महसूस कर ली ,

"क्या देख रहे हो , इतना मारा है , मेरा पूरा चेहरा ख़राब कर दिया है..." कोमल ने थोड़ी सी मलम अपने जख्मी गाल पर भी लगते हुए बोलै ,

"सॉरी..." रवि ने अपने कण पकड़ते हुए बोलै ,

"चुप , इस बात की माफ़ी नै मिलेगी..." कोमल ने और भी गुस्से में बोलै ,

"क्यों , में यह लारा के लिए कर रहा था..."

"लारा ठीक है , मतलब उसका शरीर अभी कोमा अवशता में है , मने ख़ुशी को वोह फूल लेन बेह्जा है , उसके रास से लारा जीवट हो जाएगी..." कोमल ने बिना रवि को देखे अपना काम करते हुए बोलै ,

"लेकिन मार्को का खून..."

"चुप , मार्को का खून , और भी रस्ते होते हैं , और भूलू मत , में कोण हु , इक बार ठन्डे दिमाग से मुज़से बात भी कर सकते थे , बस डेविल बने , और चल पढ़े , खून लेन , हूँ..." कोमल ने गुस्से में बोलते हुए मलम लगाई और फिर बाकि मलम को इक टेबल पर रख दिया ,

"ाचा , कोमल सॉरी , में भावनायिओं में बह गया था , प्लस मन जाओ..." रवि थोड़ा उदास लहजे में बोलै ,

"चुप , कोई सॉरी नै मिलेगी , सो जाओ , में लारा के पास जा रही हु..."

"कोमल , मुझे यद् नै रहता , में डेविल था , और तुम जानती हो , मेरे उस रूप को..."

"चुप , में भी तोह रूही हु , लेकिन मेरा कण्ट्रोल देखो , आपको मलम लगाई न , कोई जतका लगा आपको बिजली का , हर बात में हीरो क्यों बनते हो , अभ इक और लफ़ज़ नै , सो जाओ..." कोमल रूम से बहार की तरफ जाते हुए बोली ,

"कोमल तुम मेरी बीवी की तरह रोहब क्यों जड़ रही हो .."

"अह्ह्ह्ह , में बीवी हु तुम्हारी समझे , और में तुम्हारी पिटाई भी करुँगी , अभ सो जाओ , बेवकूफ , हूँ.." कोमल बड़ी अड्डा से यह बोल , रूम से चली गई ,

"मेरी बीवी , मेरी कोमल , कितना हसन सपना है , उफ्फ्फ कितनी लम्बी जिंदगी है , कहा से शुरुआत हुई , और अभ कहा पहुँच गया..." रवि मन hi मन यह सोचते हुए बोलै , तभी उसके रूम की खिड़की पर इक तीर ा लगा ,

रवि ने उठ कर उस तीर को खिड़की से निकला और उस तीर की नोक पर लगी , इक छोटी सी चिठ्ठी को पढ़ने लगा , जो कुछ इस प्रकार थी...

"रवि , रवि , मेरी जान , में हु एलिज़ाबेथ , हैश्च क्या बोलू , तोह सुनो , कल वंश जंगल के शुरुआती स्थान पर , लारा को सही सलामत लेकर ा जाना , वार्ना पास बहती नदी में ऐसा केमिकल डालूँगी , के पूरा शहर नाराज बन जायेगा , तोह भूलना मत , ठीक 10 बजे , लारा के साथ ..तुम्हारी एलिज़ा..."

रवि वोह चिठ्ठी पढ़ थोड़ा परेशान हो गया , अभ ख़ुशी hi सबको बचा सकती थी , लेकिन वोह कब तक आएगी , इसका कुछ पता नै था...

तो बे कुनिटेड... ( नोट:- फ्रेंड्स यार अप्प लोग रिप्लाई नै करते , ऐसी लिए में अपडेट नै देता , में कुछ दिन और देखूगा , उसके बाद बस , अगर इस बार मने स्टोरी बेच में छोड़ी , तोह फिर 1 या 2 साल रीस्टार्ट नै करुगा , फिर वोह लोग भी आएंगे , जो रिप्लाई नै करते , पर कहेगे , हम आपकी स्टोरी के फैन हैं , अग्गे लिखो ेट्स , अभ फैसला आपके हाथ में है , रिप्लाई दो , या में स्टोरी स्टॉप कर दू , इस बार थ्रेड क्लोज करके hi जाउगा... शुक्रिया ...)

 
बिलकुल करना होगा.. अप्प hi कहते थे हीरो कमज़ोर है.. अभ सेहन करो.. :डी
 


अपडेट-79

अभ अग्गे

3रद डे...

अगली सुबह रवि की आँख खुली , लेकिन अपने अप्प नै , किसी को बहुत म्हणत करनी पढ़ी , लेकिन यह म्हणत किसने की , उफ़ यह थी , मासूम रिमी और शूरति ,

"ाष्ष्ह , देदी भइआ उठ गए..." रिमी अपने माथे पर ए पसीने को साफ करते बोली ,

"रिमी , हमारी तोह फ्री की एक्सरसाइज हो गई..." शूरति मुस्कराते हुए बोली ,

"हाँ देदू , में तोह थक गई.." रिमी बीएड पर बैठती हुई बोली ,

वही रवि अखन तोह खोल चूका था , लेकिन उसे एलिज़ा के पास भी जाना था , और ख़ुशी अभी तक आयी नै थी , प्रॉब्लम यह थी , के ख़ुशी के बिना किसी को समाये निर्माण चाकर को जीवट करना नै अत था , यह कला सिर्फ उसी में थी , और रवि ख़ुशी को ला भी नै सकता था ,

"भइआ क्या हुआ , कुछ परेशान से हो.." शूरति ने रवि के करीब बैठते हुए बोलै ,

"नै जणू , ऐसी कोई बात नै , ाचा , तुम दोनों खुश तोह हो , में तुम वख्त नै दे प् रहा..." रवि ने बीएड से उठ कर दोनों की तरफ देखते हुए बोलै ,

"नै भाई , खुश तोह नै हैं , पर हमें इक दूसरे का साथ , अभ ाचा लगता है..." शूरति , रिमी की तरफ देख मुस्कराते हुए बोलै ,

"मतलब , तुम दोनों लेस्बियन हो.." रवि हस्ते हुए बोलै ,

"ष्ठीय , ऐसा कुछ नै है भाई , हम दोनों बस इक दूसरे के करीब रहती है , मतलब , ओह्ह , अप्प समाज रहे हो न..." रिमी शरमाते हुए अधूरी बात बोलते हुए बोली ,

"समाज रहा हु , मेरी दोनों बहने अभ , इक दूसरे की केयर करती हैं , इक दूसरे को चाहती हैं , और में तुम दोनों से बहुत खुश हु..." रवि ने फिर से लेटते हुए दोनों को अपने साथ सुलाते हुए बोलै ,

"क्या मतलब भाई..." शूरति थोड़ा अनजान बन कर बोली ,

"देखो शूरति , हमें जिंदगी में इक अचे हमसफ़र की जरुरत होती है , जो हमारा ख्याल रखे , बुरे वख्त में हमारा साथ दे , ऐसी लिए हम प्यार करते हैं , शादी करते हैं , हम कोई ऐसा इंसान चाहते हैं , जो हमारी दिल की बतिअन समझे , हमसे बेपनाह मोह्हबत करे , और तुम दोनों इक दूसरे के लिए परफेक्ट हो..." रवि ने दोनों को समज़ते हुए बोलै ,

"भइआ , हम आपकी बात समज़ती हैं , पर हम दोनों , अह्ह्ह्ह , मतलब हमें मर्द की जरुरत भी है जिंदगी में , और हमारे मर्द अप्प हो ..." नादाँ रिमी ने इक बेहद महत्व पुराण बात बोली ,

"रिमी यह सही बात बोली तुमने..." शूरति मुस्करा कर बोली , जैसे उसे रिमी की समजदारी पर गर्व महसूस हो रहा था ,

"अरे मेरी नादाँ बहनो , में हमेशा तुम्हारे साथ हु , लेकिन तुम दोनों इक दूसरे के लिए बानी हो , चाहे इस बात का एहसास तुम जिंदगी में कभी नै हुआ , लेकिन अभ तोह हो रहा है , है न..."

"हाँ भाई , यह बात भी सही है , में देदू को बहुत प्यार करती हु.." रिमी , शूरति का हाथ सहलाते हुए बोली , जो रवि के सीने पर था ,

"में भी ..." शूरति , रिमी की बात सुन कर बोली ,

"वही तोह , में जनता हु , में यह समज़ता हु , तुम दोनों किसी और से शादी नै करुँगी , में चाहे जितना जोर लगा लू , तोह तुम दोनों इक साथ रहो , और में भी तुम्हारे पास रहुगा , अभ जाओ तुम दोनों , मुझे इक जरुरी काम है..." रवि फिर से उठता हुआ बोलै ,

"भइआ (उदास होकर) , यह मार पीट कब ख़तम होगी , हम कब अपने गाओं में इक खुशहाल जिंदगी गुजर पाएंगे..." रिमी ने बेहद नाम आँखों से बोलै ,

"देखो रिमी , बात ऐसी है , के मेरा और तुम सब का रिश्ता , यह अलग है , समाज इसको कभी सवीकार नै करेगा , ऐसी लिए , मने यह फैसला किया है , हम सब यही रहेंगे , जब तक सब सही नै हो जाता..." रवि थोड़ा उदासी में बोलै ,

"फिर भाई.."

"फिर हम शहर जायेगे , अपने घर , देखो , हम यु hi चलते रहेंगे , यही सही रहेगा , खैर यह , ऐनी वाले वख्त की बात है , उसका अभी मत सोचु..." रवि ने प्यार से दोनों को समझते हुए बोलै ,

"जी भइआ , हम जाती हैं..." शूरति और रिमी , इक साथ यह बोल रूम से बहार चली गई ,

रवि फिर से कुछ सोचने लगा , पर वोह अभी एलिज़ा के बारे में सोच रहा था , रवि जल्दी से उठा और कपडे चेंज कर , लारा को देखने निकल पढ़ा ,

रवि उस रूम में पहुंचा , यहाँ लारा कोमा अवस्था में सोई हुई थी , लेकिन ख़ुशी अभी तक नै आयी थी , और वह एलिज़ा रवि का इंतज़ार कर रही थी , वोह क्या करे , उसे कुछ समाज नै ा रहा था ,

रवि ने रूम के अंदर घुस कर देखा , कोमल अभी भी लारा के पास hi बैठी हुई थी , ऐसा लग रहा था , वोह रत भर सोई नै थी ,

रवि भी उसके पास जाकर बेथ गया , उसने कोमल की तरफ देखा , वोह अभ भी गुस्से में थी , ऐसा उसके चेहरे पर उमड़ रहे hav-bhav से दिख रहा था ,

"कैसी है लारा..." रवि ने थोड़ा उदासी में बोलै ,

"ठीक है , लेकिन अगर अज्ज ख़ुशी न आयी , तोह इसकी आत्मा , इसका जिस्म छोड़ देगी..." कोमल ने बेहद नाम आँखों से बोलै ,

"ओह्ह कोमल , तुमने ख़ुशी को अकेले क्यों बेहज दिया , काम से काम , कोई तोह उसके साथ जाता , उसकी मदद के लिए..." रवि , कोमल पर गुस्सा करते बोलै ,

"तुम मुझ पर क्यों चीला रहे हो , किसे उसके साथ बेह्जति , बेबी से उसने बेहूदा शरत लगाई है , रमा और तुम वह जा नै सकते , तोह कोण जाता..." कोमल भी अपने भाई पर चीला कर बोली ,

"मेरा मतलब , तुम चली जाती..."

"में , ओह्ह , क्या बकवास है , वोह मेरी दुनिआ है , अगर में वह जाती तोह , वही रह जाती..." कोमल फिर से बेहद गुस्से में बोली ,

"क्या बेहूदा मज़ाक है , ख़ुशी वह जा सकती है , पर तुम नै , और वोह दुनिआ भी तुम्हारी है , लेकिन तुम तोह हर रास्ता पता होगा , वह से बहार निकलने का .."

"भइआ , वोह कुदरत की दुनिआ है , वह कुदरत राज़ करती है , वोह जगह मने बनाई थी , वह की हर निर्जीव वास्तु जीवट है , में वह जाती तोह वोह मुझे ऐनी नै देते , क्यों की वह के हर पेड़ , हर जीव की , में माँ हु..." कोमल बेहद नाम आँखों से बोली ,

"ओह्ह , लेकिन इक प्रॉब्लम हो गई है..."

"क्या , अभ क्या हुआ..." कोमल अपने माथे पर हाथ मरती बोली ,

"लारा की दोस्त , एलिज़ा , उसने..." फिर रवि ने वोह चिठ्ठी वाली पूरी बात कोमल को बता दी ,

"क्या , और यह बात अभ बता रहे हो मुझे..." कोमल इक डैम से उठते हुए गुस्से में बोली ,

"वोह , वोह , मने सोचा ख़ुशी ा जाएगी , जल्द hi.. " रवि थोड़ा नरम आवाज़ में बोलै ,

"ओह्ह्ह्हू , क्या करू में आपका , भइआ , ख़ुशी कब आएगी , यह में नै बता सकती , पर एलिज़ा को रोकना होगा..." कोमल अभी भी गुस्से में बोली ,

"उससे लड़ना होगा , और कुछ नै हो सकता.."

"हर बात में लड़ाई , खैर , मेरे पास इक रास्ता है .. "

"कोनसा.."

"हम एलिज़ा के साथ शाल करेंगे , मतलब उसे धोका देंगे , और फिर..."

"फिर उसे मर देंगे , लेकिन यह गलत होगा..." रवि थोड़ा उदासी में बोलै ,

"हूँ , मरना नै है , बस उसे कैद करना है , तेन की लारा उसे अपने साथ मिला ले , हो न हो , एलिज़ा भी लारा को मिलना चाहती है , वोह लारा की दोस्त है..." कोमल ने अपना माथा पीट कर बोलै ,

"ok , समाज गया , फिर से डेविल टाइम , में जाता हु एलिज़ा से मिलने..." रवि मुस्कराते हुए उठा , और रूम से बहार जाने लगा ,

"चुप , डेविल टाइम , इक लफ़ज़ और नै , में तुम्हारी बीवी हु , मेरा प्लान सुनो , ेहडेर ायो..." कोमल ने थोड़ा गुस्से में बोलै ,

"अहह बकवास , में तुम्हारे प्लान पर नै चलुगा..."

"क्या कहा..." कोमल गुस्से में उबलते हुए बोली ,

"ठीक है मेरी माँ , अभ जाने दो..." रवि अपने दोनों हाथ जोड़ता हुआ बोलै , और वह से बहार चला गया , लेकिन रवि फिर से वापिस ा गया ,

"अभ क्या..." कोमल फिर से गुस्से में बोली ,

"इक छोटा सा काम रह गया , मेरी बीवी कोमल..." रवि ने इतना बोल , कोमल के होंठो को कास कर चुम लिया ,

"में जनता था , कोई जतका नै लगेगा , मेरी जादूगर बीवी..." रवि इतना बोल वह से चला गया , और कोमल बेहद गुस्से में धीरे धीरे मुस्कराने लगी , और फिर बोली..." पागल..."

रवि अभी घर से बहार जा hi रहा था , के उसे फर्जी मिल गई , वोह गहरी सोच में खोई हुई थी ,

"मेरी बची किस सोच में घूम है..." रवि , फर्जी के साथ इक पत्थर पर बैठता हुआ बोलै ,

"पापा यह लड़कयों की बात है , अप्प जाओ.." फर्जी ने वैसे hi सोचते हुए बोलै ,

"क्या , पर में तुम्हारा पापा हु.."

"अप्प लड़की हो.."

"नै.."

"तोह फिर जाओ , यह बात में किसी मुम्मा से करुँगी..." फर्जी ने थोड़ा उदासी में बोलै ,

"वैसे किस मुम्मा से.." रवि अपने बाल खुजाते हुए बोलै ,

"इतनी साडी तोह हैं , जो फ्री दिखी उसे पकड़ कर पूछ लुंगी , अभ जाओ अप्प , में कुछ सोच रही हु..." फर्जी फिर से अपने इक गाल पर हाथ रखे कुछ सोचने लगी ,

रवि थोड़ा हरिजन सा हुआ , वह से निकल गया , अभी बस आधा घंटा बाकि थी , और उसे 10 बजे एलिज़ा से मिलना था ,

"अहह , यह कोमल , कितना गुस्सा करती है , लेकिन मुझे कितना सकूं मिला , उससे लड़ने में , इस प्यारी nok-zok में , जैसे वोह मेरी बीवी हो , काश के यह सपना जल्द hi सच हो जाये..." रवि मन hi मन मुस्कराते हुए बोलै , और फिर कबीले की नदी पर कर , कही जंगल में खो गया ....

वही दूसरी तरफ

एलिज़ा नदी किनारे कड़ी रवि का इंतज़ार कर रही थी , लेकिन उसका दिल बस लारा से मिलने के लिए धड़क रहा था , उसने तबाही मचने का पूरा इंतज़ाम कर लिया था , लेकिन उसके दिल में क्या था , वोह क्या करना चाहती थी ,

ठीक 10 बजे , उसने देखा , रवि उसके पास ा रहा था , लेकिन अकेला , लारा उसके साथ नै थी , यह देख , एलिज़ा का गुस्सा आसमान को चुने लगा ,

रवि अग्गे बढ़ता , उससे कुछ दूर आकर रुक गया , एलिज़ा अपने सफेद बालो में हाथ फिरती रवि की तरफ देख बोली..." लारा कहा है..."

अभ रवि को कोमल के प्लान के अनुसार बोलना था , लेकिन रवि ने अपनी ीचा से बोलना सुरु किया..." लारा , वोह तोह मर गई..." रवि यह बोल मुस्कराने लगा ,

"तोह देखो , इस शहर का बुरा हाल , सबको मर दूंगी..." एलिज़ा ने नदी किनारे जाते हुए बेहद गुस्से में बोलै ,

"मर दो , में तोह कहता हु , पूरी पृथ्वी का विनाश कर दो , इक इक इंसान को , चुन चुन कर मरना , लेकिन इस सब से तुम कुछ मिलेगा , क्या लारा मिलेगी , नई , उसने तुम्हारा साथ छोड़ दिया है , अभ वोह मेरी अमानत है , वोह मेरी दोस्त है , और में लारा को , किसी भी कीमत पर , तुम जैसे दरिंदो के हवाले नै करुगा , तुम जो करना है , तुम बेहद शोक से कर सकती हो..." रवि ने बेहद घम्बिर होकर बोलै ,

"हूँ , सीधा सीधा यह क्यों नै कहते , लारा को तुमने मर दिया है..." एलिज़ा बेहद शांत आवाज़ में बोली ,

"ः ( डेविल लाफ) , मने उसे मर दिया , यह बेहूदा घटिया मज़ाक है , लारा को मने नै , मार्को ने मारा था , और यह सब उसने जोकर के कहने पर किया..." रवि ने सचाई एलिज़ा के सामने रखते हुए बोलै ,

"हूँ , जोकर यह नै कर सकता , उसे जरुरत है लारा की , और मेरी भी..."

"इक मिंट , जरुरत तुम्हारी , इक और घटिया मज़ाक , तुम्हारा चेहरा उतना घटिया नै , जितनी बतिअन तुम घटिया करती हो..." रवि , एलिज़ा के बेहद करीब आकर उसकी आँखों में ज़कते हुए बोलै , उसकी आँखें लाल रौशनी में चमक उठी ,

"यह रेड आईज , डेविल , में तुम 2 मिंट का वख्त देती हु , लारा को मेरे सामने लायो , वार्ना..."

"वार्ना , वार्ना , वार्ना , तुम लोग को मर डौगी , हर तरफ तबाही होगी , तोह , तोह , मुझे क्या , मर दो , में तुम्हारी हेल्प करता हु , बोलू क्या करना है मुझे , इस पानी में कोण सा जहर घोलना है , बताओ , फूकिंग बीच..." रवि ने बेहद गुस्से में बोलै ,

"चत्ताकककक..." इक जोरदार थपड की आवाज़ नदी के शोरे में कही खो सा गई , यह थपड एलिज़ा ने मारा था ,

"तुम्हारी हिमेट कैसे हुई मुझे गली देने की ..." एलिज़ा बेइंतहा गुस्से में चीखते हुए बोली ,

"हूँ (अपने गाल सेहला कर) , वह क्या थपड मारा है , उम् , यह हुई नै , लड़कयों वाली बात , लेकिन तुम जो हो , वही रहूगी , तुम इक नाजायज लड़की हो , जो दुसरो के घर बर्बाद करती है , ाचा , ाचा , इक बात बताओ , लारा से तुम कोनसा काम है , वोह तुम्हारे साथ अगर न जाये तोह..." रवि ने मन hi मन मुस्कराते हुए बोलै , जैसे वोह एलिज़ा से उसके दिल की बात , बहार निकलवा रहा था ,

"वोह जाएगी , क्यों की..."

"क्या क्यों की ..."

"क्यों की , वोह , वोह , मुज़से प्यार करती है , में उसके बिना नै जी सकती (रट हुए) , प्लस , मेरी लारा मुझे लुटा दो , प्लस.." एलिज़ा घुटनो के बल बेथ रट हुए बोली ,

"नै यार ऐसे नै , तुम , तुम , पहले वोह केमिकल नदी में डालो , फिर में हीरो , नै , में विल्लन बन कर , सबको बचाऊगा , फिर में तुम्हारी धुलाई करुगा , फिर लारा तुम मिलेगी..." रवि घुटनो के बल बेथ एलिज़ा की आँखों में आँखें दाल बोलै , रवि की आँखें फिर से लाल रौशनी में चमक उठी..." करो ना..." रवि बेहद धीरे से बोलै ,

"तुम (रट हुए) , तुम , पागल हो..."

"नै यार , में डेविल हु , तुम क्या लगता है , तुम अकेली हो यहाँ , नै एलिज़ा मेरी जान , जोकर भी यही है , उसका पालतू कुत्ता भी यही है , क्यों ठीक बोलै न मने..." रवि ने उठ कर as-pas देखते हुए चीला कर बोलै ,

तभी एलिज़ा हरिजन रह गई , क्यों की पल भर में hi , वह जोकर और मार्को , रवि के सामने खड़े थे , अभ शयद एलिज़ा सब समाज चुकी थी...

"देखो एलिज़ा (हस्ते हुए) , मने कहा था , जोकर और यह पता नै कोण है , यह बुज़दिल मार्को ..." रवि अभी बोल hi रहा था के मार्को गुस्से में चीख पढ़ा ,

"में बुज़दिल नै हु , में इस दुनिआ का महँ योद्धा हु..." मार्को गुस्से में दहाड़ते हुए बोलै ,

"ाःह बकवास , यह योद्धा नै है , इसने लारा को पीछे से मारा था , क्यों सही बोलै न , मने मारकूओ.." रवि मुस्कराते हुए मार्को की आँखों में देख बोलै , रवि की आँखें लाल रौशनी में चमक उठी ,

"नयी (गुस्से में) , मने इक मर्द की तरह उसके सीने में वॉर किया , मार्को कभी पीछे से वॉर नै करता , पर इसके लिए मने एलिज़ा का रूप धारण किया..." मार्को बेइंतहा गुस्से में बोलै ,

एलिज़ा , मार्को की बात सुन हरिजन रह गई , अभ सचाई उसके सामने थी , वोह घुटनो के बल बेथ रोने लगी , यह जखम बेहद गहरा था , मार्को ने लारा को मारा था , लेकिन जोकर बेहद उदास खड़ा था , उसके दिल में क्या था...

वही दूसरी तरफ...

"अज्ज तीसरा दिन है , रवि को मने 7 दिन दिए हैं , अभ बस 4 दिन और , फिर वोह मैप मेरा होगा , क्यों ठीक कहा न मने , रमा..." वोह नकाबपोश औरत हस्ते हुए बोली ,

"हाँ , लेकिन आपको मेरी माँ सीमा से दूर रहना होगा , अप्प जानती हो , हमने इक सोडा किया था , यह मनहूस रिंग का साया भी , मेरी माँ पर नै पढ़ना चाहये..." रमा ने थोड़ा गुस्से में बोलै ,

"देखो रमा , अगर रवि ने वोह मैप मुझे न दिया , तोह सीमा का इस्तेमाल हमें करना होगा..." वोह औरत अभी बोल hi रही थी , के रमा ने उसकी गर्दन को अपने बालो से जकड लिया ,

"इक बात दयँ से सुन लो माँ , मेरी इंसानी माँ से दूर रहना , वार्ना यह बदसूरत रिंग भी , मुज़से आपको बचा नै पायेगी , समाज गई..." रमा ने बेहद गुस्से में बोलै ,

"अह्ह्ह (दर्द में) समाज गई , छोड़ो मुझे..." वोह औरत दर्द से तड़फते हुए बोली , जैसे hi रमा ने उसे छोड़ा , वोह निचे बेथ हाफने लगी ,

"माँ , माफ़ कर दो , गलती हो गई , पर , पर , मेरी सीमा माँ के बारे में कोई कुछ बोलता है , तोह , तोह , में पागल हो जाती हु , आपको मैप मिलेगा , जरूर मिलेगा , पर यह रिंग मेरी माँ से दूर रखो .." रमा ने उस नकाबपोश औरत को अपनी बहु में भरते हुए बोलै ,

"अहह , ठीक है , सीमा पर अभ कभी भी , इस रिंग का साया नै पड़ेगा , में वादा करती हु.." वोह औरत इक रहस्मयी मुस्कान के साथ बोली....

फिर कुछ देर बाद रमा वह से चली गई , तभी वोह नकाबपोश औरत अपना गाला सहलाते मन hi मन बोली..." रमा , मेरी बची , लगता है , इस बार भी , मेरे हाथो से मृगी तुम , खीयीकहींईईई...." वोह औरत बेइंतहा हस्ते हुए अँधेरे में कही खो गई...

तो बे कुनिटेड....

 


अपडेट-80

अभ अग्गे...

एलिज़ा घुटनो के बल बैठी रो रही थी , जिंदगी भर किये गुनाह , अज्ज उसे दर्द दे रहे थे , कहते हैं , हर बुरा इंसान किसी ने किसी से प्यार जरूर करता है ,

एलिज़ा और लारा , दोनों ने सकदु बुरे काम किये , हज़ारो लोग को मारा , लेकिन इक साथ काम करते करते , दोनों इक दुसरो को चाहने लगी , इस लिए एलिज़ा रो रही थी ,

"एलिज़ा , एलिज़ा , सफेद बालो वाली घटिया औरत , देखा , जिनका तुमने नमक खाया , ऊनि लोग ने तुम , नमक के साथ साथ मिर्ची भी खिला दी..." रवि ने निचे बेथ एलिज़ा के असनु भेज चेहरे को देखते हुए बोलै ,

"अह्ह्ह , बॉस ख़तम कर दो इस कमीने को , पोरे प्लान पर पानी फेर दिया..." मार्को अपनी तलवार खींचता हुआ बोलै ,

"ः , अभी सेल , माफ़ करना , ाचा सुनो , उस दिन मने तुमसे कहा था , में डेविल हु , तुम मुझे नै मर सकते , न hi यह बदसूरत शकल वाला जोकर , तुम लड़ना है तोह लाडू मुज़से..." रवि ने गुस्से में चीखते हुए बोलै , उसका रूप बदल गया , जिस्म का रंग लाल पढ़ गया , बेहद ब्यांक , आँखें लाल रौशनी में चमक उठी ,

जोकर , डेविल को देख , हरिजन सा हो गया , चाहे वोह बेअंत ताकतवर था , लेकिन रवि खुद इक शेतीअन था , यहाँ जोकर जैसे हज़ारो दरिंदो को घोर सज़ायें दे जाती थी , वह का प्रिंस था वोह ,

"वॉशःह ौउफ्फ्फ्फहह ( तेज़ घूरते हुए) , तुम सबका वख्त ा गया है , हेलल जाने को त्यार हो जोऊ..." रवि बेहद भरी आवाज़ में चीखता हुआ बोलै ,

जोकर वह से गयाब हो गया , पता नै किस कारन , वोह अपनी कोई भी शक्ति दिखा नै रहा था , ऐसा महसूस हो रहा था , उसने अपनी पूरी ताकत , किसी जुंग के लिए सम्बल राखी थी ,

"मार्को , जोकर तोह गया , अभ तुम लाडू मुज़से..." रवि गुस्से में दहाड़ता हुआ बोलै , उसके दहाड़ने से , उसके मोह से आग की लपटे निकल रही थी ,

"में योद्धा हु... " मार्को ने इतना बोलते हुए , अपनी तलवार का जोरदार वॉर रवि के सीने पर किया ,

तलवार रवि के सीने को चीरती हुई , इक बड़ा सा कट बना गई , मार्को तब हरिजन रह गया , जब रवि के सीने से खून की जगह , गरम लावे जैसी आग रिसने लगी ,

"यह असंभव है , यह नै हो सकता..." मार्को अभ थोड़ा घबरा कर बोलै ,

"वॉशःह्ह ॉशःह्ह (हफ्ते हुए) , यही तोह हो सकता है , में नाराज का राजा हु , अभ वह जाने के लिए त्यार हो जाओ..." रवि ने मार्को की तरफ बढ़ते हुए बोलै ,

लेकिन मार्को ने निचे बेसुध बैठी एलिज़ा को बालो से पकड़ ऊपर उठा लिया , और उसकी गर्दन पर अपनी तलवार रख दी , और बेहद हस्ता हुआ बोलै ,

"डेविल , अभ तू झुकेगा , मेरे कदमो पर , जब से यह दुनिआ बानी है , यह पूरा ब्रह्माण्ड बना है , तब से तुम झुके नै , न उनके अग्गे , न अपनी माँ के अग्गे , लेकिन मेरे अग्गे झुकोगे तुम..." मार्को ने एलिज़ा की दूध जैसी सफेद गर्दन पर अपनी तलवार को थोड़ा दबाते हुए बोलै ,

तलवार लगते hi एलिज़ा की गर्दन से खून की पतली सी धार बह निकली , लेकिन रवि कुछ नै बोलै ,

"ज़ुको डेविल , अपने घुटनो के बल बैठो , अपने राजा को परनाम करो , ः.." मार्को बेहद ख़ुशी में हस्ते हुए बोलै ,

"नै रवि , झुकना मत , मने बहुत गुनाह किये जिंदगी भर , मुझे मरने दो , में जीना नै चाहती , प्लस , हम दोनों को जला दो ..." एलिज़ा बेहद रट हुए बोली ,

"चुप कर साली , में मार्को हु , मेरे सामने आधी दुनिआ झुक गई थी , यह डेविल क्या है , यह किसी का नै , यह बस नाराज में सड़ने वाला इक दरिंदा है , ऐसे कोई प्यार नै करता , न इसका बाप , न इसकी माँ , कोई भी नै..." मार्को ने एलिज़ा की गर्दन पर अपनी तलवार का दबाव बनाते हुए बोलै ,

रवि , मार्को की बतिअन सुन शांत सा होने लगा , उसे सब यद् ऐनी लगा , जो उसके साथ हुआ था , उसे किसी का प्यार नै मिला था , वोह अकेला सदियों तक नाराज की आग में जलता रहा ,

वोह पारी लोग में नै जा पता था , क्यों की वह वोह रहती थी , जो उसे कमज़ोर कर देती थी , शक्तिहीन कर देती थी ,

रवि झुकने लगा , लेकिन तभी वोह मुस्कराने लगा , यह देख मार्को और भी गुस्सा हो गया ,

"तुम मुस्करा क्यों रहे हो , ज़ुको , वार्ना इसकी गर्दन काट दूंगा..."

"मार्को , डेविल ज़ुकता नै , पीछे देखो कोण आया है..." रवि ने अपने पंख फड़फड़ाते हुए बोलै ,

मार्को ने पीछे पलट कर देखा , लारा और ख़ुशी कड़ी थी , लारा बेहद गुस्से में मार्को की तरफ भागी , मार्को ने जल्दबाज़ी में एलिज़ा को इक तरफ फेंक दिया ,

मार्को ने अपनी तरफ ा रही लारा की गर्दन पर वॉर किया , पर लारा झुक गई , उसने अपने हाथ में पकड़ा खंजर , मार्को की इक जंग में घुसा दिया ,

"ः , यह खंजर मेरा कुछ नै भिगाड , अह्ह्ह्हह्हह शहहह..." मार्को इतना बोलते हुए दर्द से तड़फते हुए जमीन पर गिर गया ,

"बेवकूफ , यह डेमों खंजर है..." ख़ुशी , मार्को के पास बैठते हुए बोली ,

"अह्ह्ह (दर्द में) , तुम मुझे मर नै सकती , मुझे श्राप मिला है..." मार्को ने अपनी जंग से लाल रंग में चमकते खंजर को बहार निकलते हुए बोलै ,

"तोह वही जाओ , यहाँ से तुम जिन्दा किया था..." एलिज़ा ने इतना बोल , इक केमिकल मार्को के सार पर डालते हुए बोलै ,

"नाईई , अह्ह्ह्ह..." मार्को दर्द से चीखता हुआ फिर से सुपत अवशता में चला गया ,

रवि अभ नार्मल हो चूका था , लेकिन वोह उदास था , मार्को की कही बातिओं ने , उसे अंदर तक , दर्द दिया था , वोह इसका दोषी मार्को को नै मंटा था , उसे बेइज्जत करके , उसके पिता ने पारी लोग से निकला था ,

अपने दर्द को पीकर , बकबक करने वाला डेविल , अभ अंदर तक उदास हो चूका था , उसने इक नज़र एलिज़ा और लारा पर डाली , फिर वोह वह से उड़द गया , वोह कुछ देर अकेले रहना चाहता था ,

"लारा..." एलिज़ा बेहद नाम आँखों से बोली ,

"एलिज़ा , मेरी दोस्त..." लारा भी रट हुए एलिज़ा को बहु में भर बोली ,

ख़ुशी ने मार्को के बेजान शरीर को , पृथ्वी में गहराई तक दफ़न कर दिया , तेन के कोई भी उसे जिन्दा न कर पाए ,

ख़ुशी ने अपना काम ख़तम कर , एलिज़ा और लारा को देखा , जो अभ भी गले मिली हुई थी ,

"अगर तुम दोनों का रोना , धोना , बाबू , शोना , हो गया है , तोह चले घर..." ख़ुशी दोनों के चेहरे को निहारते हुए बोली ,

"हाँ ख़ुशी चलो , एलिज़ा यह मेरी दोस्त ख़ुशी है..." लारा मुस्कराते हुए बोली ,

"दोस्त , हूँ , हम कब दोस्त बने..." ख़ुशी , लारा के करीब आकर बोली ,

लारा , ख़ुशी की बात सुन मायूस हो गई ,

"लारा , में मज़ाक कर रही हु , चलो घर , अरे वोह बेवकूफ कहा गया.." ख़ुशी as-pas देखते हुए बोली ,

"तुम्हारा मतलब रवि..." लारा हस्ते हुए बोली ,

"और कोण , मुझे उसकी धुलाई करनी है , अभ तोह उसकी कमज़ोरी मुझे पता है , है है है , चलो..." ख़ुशी अजीब सा हस्ते हुए बोली , और फिर दोनों को साथ लेकर कबीले में पहुँच गई ,

वही दूसरी तरफ

रवि वंश जंगल में , इक बेहद बड़ी और ुचि चेतन पर बैठा , कुछ सोच रहा था , उसकी नज़रियन दूर तक फैले जंगल को निहार रही थी ,

रवि उदास था , जो सजा उसे मिली थी , शयद वोह इसका हक़दार भी नै था , उसने प्यार hi तोह किया था , लेकिन इक गलती करदी , अपनी बहिन से प्यार कर लिया ,

रवि अभी उदास बैठा था , के तभी उसके साथ आकर कोई बेथ गया , रवि ने इक बार अपने साथ बैठे शक़श को देखा , लेकिन वोह फिर से सामने की तरफ देखने लगा ,

"अप्प घर क्यों नै ए , में परेशान हो गई थी..." कोमल ने बिना अपने भाई को देखे बेहद उदासी में बोलै ,

"अज्ज , अज्ज मार्को ने , मुझे मेरी उखाड़ दिखा दी , में कुछ नै हु , कुछ नै , न में इंसान हु , न में कोई खूबसूरत प्रिंस , में , में बस इक , बदसूरत जानवर हु , जिसे देख लोग डरते हैं , जिसे सब नफरत करते हैं , जिसका साया भी लोग , अपने बचो पर नै पढ़ने देते , अज्ज , अज्ज मुझे खुद पर घिन ा रही है..." रवि ने बेहद दर्द भरे शबदो में यह सब बोलै ,

"अप्प जानवर नै हो , नै हो , अप्प , अप्प मेरे भाई हो , सुना अपने , और अप्प बदसूरत नै हो , मेरे लिए अप्प , इस दुनिआ में सबसे खूबसूरत इंसान हो..." कोमल ने बेहद नाम आँखों से बोलै ,

"नै कोमल , सचाई नै बदल सकती , कोमल यह बात तुम्हारी नै है , तुम मेरी बहिन हो , यह बात दुनिआ की है , तुमने देखा , उसदिन काट मुझे देख बेहोश हो गई , यह दुनिआ नफरत करती है मुज़से , मने ऐसा क्या गुनाह किया , के पिता जी ने मुझे इतनी बड़ी सजा दी..." रवि ने बेहद नाम आँखों से बोलै ,

"अप्प ने गुनाह किया था , अपनी बहिन से प्यार किया , उसका दिल चुरा लिया , उसे अपने प्यार में जकड लिया , सदियाँ बीत गई , लेकिन कोमल के दिल पर , बस आपका राज़ रहा , भाई हम इस श्राप का अंत करेंगे , अपने वादा किया था..." कोमल ने रवि का हाथ अपने हाथो में लेते हुए बोलै ,

"हाँ , में तुम पाने के लिए किसी भी हद तक जाउगा , कोमल तुम सही थी , मुझे काट से दूर रहना चाहये , उसने मुझे कमज़ोर कर दिया.."

"पर क्यों , वोह बहुत अछि लड़की है , और उसने बहुत ाचा काम किया , हमारी जान बचाई उसने.." कोमल मुस्कराते हुए बोली ,

"बात वोह नै है , मेरा यह रूप , अह्ह्ह , अगर काट को मेरी सचाई का पता चला , वोह कितना रोयेगी , कितनी नफरत करेगी मुज़से , में उसे रट हुए नै देख सकता , वोह बेहद मासूम है..." रवि ने काट को यद् कर बेहद उदासी और गुस्से में बोलै ,

"भाई , उसे पिता जी ने बनाया था , तेन की अप्प हमसे मिलने पारी लोग न ा पाओ , वोह आपको कमज़ोर करती है , और हम सबको भी..."

"तुम सबको..."

"हाँ भाई , उसे अभी अपनी ताकत का एहसास नै है , जानते हो , आपकी मौत काट के कारन हुई थी , वार्ना आपको कोई न मर पता..." कोमल ने थोड़ा मुस्करा कर बोलै ,

"लेकिन कब , कहा , कैसे..."

"यह तोह आपको पता करना होगा , में नै बताऊगी , अगर काट आपको कमज़ोर करती है , तोह उसका कोई दूसरा पहलु भी होगा , ेहडेर कण लायो , में बताती हु..." फिर कोमल ने रवि को कुछ समझा दिया , जिसे सुन रवि मुस्कराने लगा , पर फिर वोह बोलै ,

"कोमल , यार कुछ तोह पूरा बताया करो , तुम लड़की नै , इक रहस्मयी बुक हो , वोह बुक , जिसकी भाषा मुझे नै अति..." रवि थोड़ा चिढ़ते हुए बोलै ,

"हूँ , अगर इतनी hi रहस्मयी हु , तोह पारी लोग में चोरी चोरी मिलने क्यों एते थे , पिता जी से चुप कर..." कोमल बेहद ऐडा से बोली ,

"वोह , वोह , में , वैसे में तुमसे मिलने नै अत था , वोह में माँ..." रवि बोलते बोलते रुक गया ,

"माँ की यद् ा गई..."

"हाँ , में कितना बदकिस्मत हु , न बाप का प्यार मिला , न कभी माँ का , वैसे माँ है कहा..."

"वोह , वोह , भाई , ाचा तोह अप्प माँ से मिलने एते थे , जूठे ..."

"तुम झूठी , डेविल कभी झूठ नै बोलता.."

"चुप , डेविल , खुद तोह हर लड़की के साथ सोता है , और यहाँ में , कुवारी जल रही हु.." कोमल थोड़ा गुस्से में बोली ,

"वोह मेरी फितरत में है , इक फनी बात बोलू..." फिर रवि ने अज्ज फर्जी से हुई बात बोली , जिस सुन कोमल बेहद हसने लगी ,

"सच में , फर्जी अप्प पर hi गई है , वैसे उसकी प्रॉब्लम क्या होगी..." कोमल हस्ते हुए बोली ,

"यही तोह सस्पेंस है , में तोह बेताब हु , उसकी बेहद बड़ी प्रॉब्लम जानने के लिए..." रवि उठता हुआ बोलै , पर कोमल ने उसका हाथ पकड़ उसे फिर से बैठा लिया ,

कुछ hi देर में दोनों अपने असली रूप में गए , यहाँ रवि का जिस्म बेहद लाल था , वही कोमल का जिस्म बेहद सफेद था , उसके बाल भी बेहद सफेद थे , अभ दोनों इक दूसरे से कुछ दूरी पर बैठे , कुदरत की खूबसूरती को निहार रहे थे , यह पहली बार था , जब डेविल शांत बैठा था , यही तोह प्यार की ताकत है....

रवि और कोमल कुछ देर वह बेथ ने के बाद घर ा गए , घर के बहार पहुँच रवि ने देखा , फर्जी इक छोटे से लड़के के साथ बतिअन कर रही थी , जो सार से गांजा था , और उसका रंग थोड़ा कला था , लेकिन वोह बहुत क्यूट लग रहा था , क्यों की वोह थोड़ा मोटा था ,

रवि , कोमल के साथ अग्गे बढ़ , फर्जी के पास रुक गया , तभी कोमल धीरे से रवि के कण में बोली ,

"बधाई हो डेविल जी , आपकी बेटी ने बर्फ बना लिया.." कोमल यह बोल हसने लगी ,

रवि कुछ न बोलै , वोह फर्जी की तरफ देख बोलै ,

"बेटी फर्जी , यह कोण है..." रवि उस मोटू से लड़के को देख बोलै , तोह कोमल फिर हसने लगी ,

"पापा यह जुगनू है..." फर्जी मुस्करा कर बोली ,

"ओह्ह , तोह यह जुगनू दिन में चमकता है , या रत को..." रवि हस्ता हुआ बोलै , लेकिन फिर वोह इक डैम चुप हो गया ,

क्यों की फर्जी अपनी कमर पर हाथ रखे , उसे बेहद गुस्से से घर रही थी , और कोमल हस्ते हुए अपनी आँखों से बहते पानी को साफ कर रही थी....

तो बे कुनिटेड...

 
मने कल रत अपडेट पोस्ट किया.. बूत मेरी बदकिस्मती है , के मुझे बस अतुल भाई का रिप्लाई hi आया... किसी को यह स्टोरी पसंद नै... तोह में अप्प लोग का दिल नै तोड़ूगा.. और अग्गे न लिख कर... इस लिए में थ्रेड क्लोज कर रहा हु...
 
अपडेट-81

अभ अग्गे...

रवि अभ ख़ामोशी से खड़ा था , लेकिन कोमल अभ भी हसे जा रही थी , लेकिन जब फर्जी ने उसे भी गुस्से में देखा , तोह कोमल अपने होंठो पर हाथ रख , निचे देखने लगी ,

"बेटी ..." रवि , फर्जी के सामने घुटनो के बल बेथ कर बोलै ,

"मुझे आपसे बात नै करनी , हूँ..." फर्जी ने बेहद गुस्से में बोल अपने चेहरा दूसरी तरफ करते हुए बोलै ,

"बेटी , में बस मज़ाक कर रहा था , ाचा , तुम्हारा बर्फ बहुत क्यूट है..." रवि मुस्कराते हुए फर्जी को छेड़ता हुआ बोलै ,

कोमल , रवि की बात सुन फिर हसने लगी ,

"क्या (चीखते हुए) , मेरा बर्फ , पापा.." फर्जी गुस्से में बोखला कर बोली ,

"ाचा , नै है , मुझे लगा..." रवि मुस्कराते हुए फर्जी को देख बोलै ,

"शहीइ , पापा मेरा बर्फ , आपके जैसा होगा , यह तोह मेरा दोस्त है , और वैसे भी मुझे , अभी अपनी लाइफ को ाचा बनाना है , इस pyar-vyar के लिए , मेरे पास वख्त नै , में जा रही हु , bye..." फर्जी बेहद अड़यिओं से यह बोल घर के अंदर चली गई ,

रवि और कोमल ने हरिजन होकर इक दूसरे की तरफ देखा , और फिर हसने लगे , लेकिन तभी वह सूजी ा गई , वोह कोमल के करीब आकर उसके गले मिली , और रवि को मुस्करा कर देखने लगी ,

"हाय जेजु..." सूजी बेहद मुस्करा कर बोली ,

"हाय सूजी , no no , साली साहिबा , बड़े दिनों बाद दर्शन दिए अपने , सब खैरात तोह है.." रवि मुस्कराते हुए बोलै , तोह सूजी शर्माने लगी ,

"भइआ , ायो सूजी घर के अंदर चले..."

"नै कोमल , वोह , वोह , जेजु आपको माँ बुला रही है ..." सूजी नज़रियन ज़ुका यह बोली ,

"हम्म , कोमल तुम घर चलो , में सूजी के साथ dr.nelam को मिलकर अत हु.." रवि इतना बोल सूजी के साथ चलने लगा ,

फिर रवि और सूजी कबीले में जाने लगे , जो रवि के घर के साथ hi बसा हुआ था , सूजी पता नै क्यों रवि से शर्मा रही थी , लेकिन वोह थी बहुत हसन ,

सूजी की हिघ्त छोटी थी , लेकिन अपने पहनावे की वजह से वोह बहुत क्यूट लगती थी , सूजी हमेशा , इक टॉप और शार्ट लेहंगा hi पहनती थी , उसके काळा बाल हमेशा खुले रहते थे , ऊपर से हल्का हल्का मेकअप ,

रवि और सूजी जा रहे थे , तोह कबीले के लोग सूजी को बार बार झुक कर सलाम कर रहे थे , सूजी , रवि की मज़ूदगी के कारन , बार बार शर्मा रही थी ,

"साली साहिबा , अप्प इतना शर्माती क्यों हो , में इतना भी खूबसूरत नै हु..." रवि , सूजी की ज़ुकी नज़रिओं वाले हसन चेहरे को देखता हुआ बोलै ,

"नै , वोह , जेजु , वोह , घर ा गया..." सूजी अपनी hi बातिओं में उलज़ते हुए बोली , और जब घर आया तोह वोह जल्दी से भाग कर घर में घुस गई , उसने घर के मैं दरवाजे पर पलट कर मुस्कराते हुए रवि को देखा , और फिर शरमाते हुए अंदर भाग गई ,

"यह लड़की पागल है..." रवि मन hi मन बोलै और उसके पीछे पीछे घर में घुस गया ,

रवि ने घर में घुस कर देखा , सामने हॉल में , सोफे पर dr.nelam बैठी हुई थी , काफी लम्बा वख्त गुजर गया था , dr.nelam थोड़ी उदास लग रही थी ,

"हलो नीलम जी , कैसी हो अप्प , मने सुना अपने मुझे यद् किया..." रवि मुस्कराते हुए बोलै , और dr.nelam के साथ hi सोफे पर बेथ गया ,

"मेरे रूम में ायो , मुझे बात करनी है तुमसे..." dr.nelam बस इतना बोलै , अपने रूम की तरफ चली गई , लेकिन फिर रूम के दरवाजे पर रुक कर बोली..." सूजी बीटा , वोह बुनती को छाए देदू , वोह अपने रूम में स्टडी कर रहे है , हमें डिस्टर्ब मत करना..." इतना बोल dr.nelam रूम के अंदर चली गई ,

सूजी जाने लगी , तभी रवि ने उसका हाथ पकड़ उसे रोक लिया ,

"सूजी , अह्ह्ह , तुम मुझे देख कर इतना शर्माती क्यों हो , और न hi तुम , हमारे घर अति हो , क्या में पूछ सकता हु क्यों , अगर मुज़से कोई गलती हुई है , तोह माफ़ कर दो..." रवि ने बेहद उदास आवाज़ में बोलै ,

"नै जेजु , ऐसी कोई बात नै , अप्प बहुत अचे हो .." सूजी ने बिना रवि को देखे बोलै ,

"तोह फिर शर्माती क्यों हो इतना..."

"माँ अप्प..." सूजी ने इतना बोलै , तोह रवि ने हड़बड़ा कर उसका हाथ छोड़ दिया , रवि ने देखा वह कोई नै था , वोह समाज गया , सूजी ने मज़ाक किया है ,

सूजी भाग कर सेडीईओं के पास पहुँच रुक गई , उसने तेज़ तेज़ सांसे भरते , हफ्ते हुए पीछे पलट रवि को देखा , और फिर वोह रसीली जीभ रवि को दिखा , ऊपर की तरफ भाग गई , रवि , सूजी की इस हरकत पर मुस्कराने लगा ,

रवि , dr.nelam के रूम में घुस गया , और दरवाजा बंद कर , उसके साथ बीएड पर बेथ गया , dr.nelam कुछ सोच रही थी ,

"क्या हुआ मेरी जान , उदास क्यों हो..." रवि ने dr.nelam के चेहरे को ऊपर उठते हुए बोलै ,

"रवि , अह्ह्ह , मुझे जान क्यों बोल रहे हो , में तोह बुध्दि हो गई हु..." dr.nelam थोड़ा मुस्करा कर बोली ,

"कितनी आगे है तुम्हारी.."

"43 इयर्स..." dr.nelam थोड़ा शर्मा कर बोली ,

"मेरी जान , तुम अभी बस 40 की लगती हो , जानती हो , हमारे गाओं में मुझ जैसे लड़के , इतनी आगे की औरशन के पीछे पागल हुए रहते हैं , पता है क्यों..." रवि मुस्कराते हुए बोलै ,

"क्यों.." dr.nelam अभ थोड़ा खुश होते हुए बोली ,

"क्यों की , तुम्हारी आगे की औरशन का सब कुछ बड़ा होता है , मेरा मतब तुम्हारे यह मोठे मोठे दूध , और भरी भरकम गांड , उफ्फ्फ्फ़ , अगर अभ भी तुम अपने कपडे उतर दो , तोह 100 जवान लड़कयों तुम पर कुर्बान..." रवि बेहद घम्बिर होकर बोलै ,

"ाचा , फिर क्यों गए थे मुझे छोड़ कर..."

"जान , बस 4 साल hi तुमसे दूर रहा हु , अगर कहु , तोह उन 4 सालो की कमी अज्ज पूरी कर दू..." रवि ने dr.nelam के गोर गोर गाल चूमते हुए बोलै ,

"नई , अभ नै..." dr.nelam अपनी आँखें बंद कर बोली ,

"मने बस अपनी ममी को छोड़ा है , उफ्फ्फ तुम मेरी ममी से भी हसन हो , तुम्हारा यह बदन अभ भी कितना कैसा हुआ है , प्लस जान , इक बार करने दो..." रवि ने dr.nelam को पीछे बीएड पर गिरा , उसकी गर्दन को चूमते छत्ते हुए बोलै ,

"रावी अह्ह्ह्ह , उम्म्म मेरी बेटी हैई..." dr.nelam मज़े में सिसकते हुए बोली ,

"वोह नै आएगी उफ्फ्फ ..." रवि ने इतना बोल अपने प्यासे होंठ , dr.nelam के गुलाबी नरम होंठो पर रख दिए , फिर रवि धीरे धीरे नीलम के होंठो को चूसने लगा , dr.nelam के नरम होंठ , रवि के होंठो में पिस्टे चले गए , होंठ चूसते चूसते रवि ने इक हाथ dr.nelam के मोठे सख्त चुचु पर रख दिया , और उनको सहलाने लगा ,

"ोूछ्हःहः..." dr.nelam के मोह से दर्द और मज़े में इक सिसकी निकल गई , जब रवि ने उसके होंठ चूसते चूसते उसके मोठे दूध को कास कर दबा दिया ,

"अह्ह्ह dr.nelam ी लव उउउ , प्लस अपने चुके चुसवाओ न , मुझे तुम्हारा दूध पीना है , तुम नंगी करके कास कर छोड़ना है , छोडूगी न मुज़से..." रवि , होंठ चूसने छोड़ dr.nelam की वासना में लिपट आँखों में घूरता हुआ बोलै ,

"अह्ह्ह हाँ , में प्यासी हु अह्ह्ह्ह मेरी प्यास बजा दो..." dr.nelam , रवि को अपनी बहु में कस्ती हुई बोली , तभी किसी ने दरवाजा खटकता दिया ,

"माँ , माँ , बुनती भइआ बुला रहे हैं..." बहार सूजी चीला रही थी ,

dr.nelem इक डैम से उठी और अपनी सांसे दुरस्त करते हुए उठ कर दरवाजा खोल बहार चली गई ,

"बस , किस्मत hi ख़राब है..." रवि अपने खड़े लुंड को पेण्ट के ऊपर से hi मसलते हुए बोलै , वोह भी उठ कर बहार ऐनी लगा , तभी वोह किसी से टकरा गया ,

"ोूछ मेरा सार..." सूजी अपना सार सहलाती बोली ,

"सॉरी सूजी , मने देखा नै..."

लेकिन सूजी की नज़र तोह रवि के पेण्ट में बने बड़े से तम्बू पर जैम गई , वोह कुछ देर रवि के लम्बे मोठे लुंड को देखती रही , और फिर शरमाते हुए वापिस भाग गई ,

"अभ ऐसे क्या हुआ..." रवि धीरे से यह बोलै और रेहान के घर से अपने घर की तरफ निकल पढ़ा ,

वही घर पर...

काट और बेबी रूम में फर्जी को कुछ समझा रही थी ,

"बेटी , वोह पापा है तुम्हारे..."

"लेकिन पापा ने , उस जुगनू को मेरा बर्फ बोलै , हुऊ , अप्प मेरा खूबसूरत चेहरा देखो , में किसी हेरोइन से काम हु , हूँ..." फर्जी अपने बालो को सहलाते बेहद अड्डा से बोली ,

"हाँ यह बात तोह है..." काट बेहद हस्ते हुए बोली , उसके साथ बेबी भी बेहद हस्स रही थी ,

"तोह , मुम्मा , पापा ने गलत बोलै न..."

"हाँ बेटी (हस्ते हुए) , तुम्हारे पापा ऐसे hi हैं..." बेबी हस्ते हस्ते बीएड पर गिरती बोली ,

"और नै तोह क्या , पापा खुद तोह चालू हैं , मुझे भी अपना जैसा समज़ते हैं..." फर्जी भी बेबी के साथ सोते हुए बोली ,

"चालू (हस्ते हुए) , वह क्या बात कही मेरी बेटी ने..." काट भी फर्जी के पास सोते हुए बोली ,

"हाँ काट मुम्मा , पापा चालू इंसान हैं , देखो न अप्प मेरी मुम्मा हो , कोमल मेरी मुम्मा है , ख़ुशी भी मेरी मुम्मा है , सीमा भी मेरी मुम्मा है , ओह्ह भाई मारो , मुझे मारो , नै यह मज़ाक हो रहा ..." फर्जी अपने अप्प को मरते हुए बोली , तोह काट और बेबी उसे बहु में भर हसने लगी ,

"यह कहा से सीखा अपने..." बेबी , फर्जी का गाल चूमते हुए बोली ,

"कल इक वीडियो देखि , उसमे था , पर मुम्मा जो भी हो , मेरे पापा बहुत अचे हैं , उनके जैसा कोई नै..." फर्जी , बेबी के गले लगते हुए बोली ,

फर्जी की इस बात पर काट भी मुस्कराने लगी , पर बेबी थोड़ा परेशान हो गई , क्यों उसे hi पता था , रवि कोण है , लेकिन उसे दर था , अगर काट और फर्जी को कभी यह पता चला , के रवि इक डेविल है , तब क्या होगा...

वही दूसरी तरफ...

"खीयीकहीई , तुम भी हार गए , तुम भी हरा दिया रवि ने , अभ क्या करोगे..." वोह नकाबपोश औरत अँधेरी गुफा में बेहद खुश होते हुए बोली ,

"हाँ , जोकर हार गया , जोकर उदास है , जोकर तबाही न ला सका , लेकिन जोकर रवि को बर्बाद कर देगा , वोह रवि का बदसूरत चेहरा इस दुनिआ के सामने लाएगा , फिर जैसे दुनिआ मुज़से नफरत करती है , वैसे hi रवि से करेगी..." जोकर ने बेहद उदासी में बोलै ,

"खीयीकहीई , में तुम्हारे साथ हु , हम दोनों मिलकर रवि को मर देंगे , पर पहले , वोह अद्भुत शक्ति मुझे चाहये , जो सदियों तक किसी को नै मिली..."

"जोकर तुम्हारा साथ देगा , लेकिन कोमल को तुम मरना होगा , जोकर को अमर करना होगा..."

"वादा रहा , कोमल मारेगी और जोकर अमर होगा.. " इतना बोल वोह औरत वह से गयाब हो गई , और फिर जोकर भी...

वही दूसरी तरफ...

"वाओ , लारा यह जंगल कितना खूबसूरत है..." एलिज़ा खिड़की से बहार कुदरत के हसन नज़ारे को देखते हुए बोली ,

"तुम यहाँ आकर ाचा लग रहा है , एलिज़ाबेथ..." लारा भी एलिज़ा के साथ खड़े होते हुए बोली ,

"यहाँ का तोह पता नै , पर तुम्हारे साथ ाचा लग रहा है..." एलिज़ा , लारा की आँखों में आँखें दाल बोली ,

"ओह्ह्ह , एलिज़ा , ी मिस यू , मेरी जान..." लारा ने इतना बोल , अपनी आँखें बंद कर , अपने गुलाबी होंठ , एलिज़ा के होंठो पर रख दिए , फिर दोनों शांति से , बेहद शिदत से , इक दूसरे के होंठो का रास निचोड़ने लगी , यह बेहद कामुक एहसास था...

वही शहर में...

"राजेश सर , प्लस , प्लस , मुझे रवि के केस पर काम करने दिज्ये..." अनु बेहद रट हुए बोली ,

"उफ्फ्फ , अनु , रवि इंसान नै है , वोह जानवर है , इक दरिंदा है , उसने ख़ुशी ठाकुर को किडनैप किया , और हमारे दसप साहब की भी इंसल्ट की , तुम उसे नै मर पाउगी ..." राजेश ने बेहद शांत आवाज़ में बोलै ,

"नईईई (रट हुए) , मेरा रवि दरिंदा नै है , वोह , वोह , सर , में बात करुँगी , वोह , वोह , मेरी बात मन जायेगा , ख़ुशी वापिस ा जाएगी , प्लस सर , में , में , रवि को वापिस लयुगी..." अनु ने असनु भेजी आँखों से बेहद दर्द भरी आवाज़ में बोलै ,

"हस्सस , ok , में तुम यह केस सोंपता हु , जाओ , लेकिन , तुम इक एजेंट हो , अगर अपने फ़राज़ के लिए तुम रवि को ख़तम करना पढ़े , तोह पीछे मत हटना..."

"जी सर..." अनु बेहद खुश होते हुए बोली , और राजेश के ऑफिस से बहार चली गई...

दूसरी तरफ....

रवि वापिस घर आया और सीधा अपने रूम की तरफ जाने लगा , पर तभी पता नै वोह क्या सोच कर पहले काट और बेबी से मिलने उनके रूम में चला गया , रवि ने रूम के अंदर ज़क कर देखा , काट और बेबी बीएड पर लेती हुई थी और उन दोनों के बेच फर्जी लेती हुई , दोनों से बतिअन कर रही थी.

"ाहू ाहू , क्या में अंदर ा सकता हु.." रवि ने दरवाजे के बहार से तीनो की तरफ देखते हुए मुस्करा कर पूछा ,

"उफ़ ओह्ह , पापा आपको पूछने की जरुरत नै है , यह घर आपका है , यह रूम आपका है , मेरी सब मुम्मा आपकी हैं , और में भी आपकी हु , ा जाओ अंदर..." फर्जी मुस्कराते हुए बोली , तोह काट और बेबी भी उठ कर बेथ गई , उनको फर्जी की नादाँ बातिओं पर बेहद हस्सी ा रही थी ,

रवि अग्गे बढ़ तीनो के साथ बीएड पर बेथ गया , काट इक तक रवि के चेहरे को निहार रही थी , बेबी प्यार से फर्जी के बालो को सेहला रही थी ,

"मेरी बेटी क्या कर रही थी , हैश्च , में तोह अपनी प्यारी बेटी से बतिअन करने आया हु..." रवि ने फर्जी का हाथ पकड़ उसे अपने पास खींच , अपनी गॉड में बिठाते हुए बोलै ,

"पापा , हम अभी आपकी hi बतिअन कर रही थी , ाचा पापा , अप्प काट मुम्मा से प्यार क्यों नै करते , वोह अभी रो रही थी..."

"झूठी , रवि यह झूठ बोल रही है , मने ऐसा कुछ नै बोलै..." काट बेहद शर्मा कर बोली ,

"काट मेरी बेटी कभी झूठ नै बोलती , है न बेटी..." रवि बड़े प्यार से फर्जी का गाल चुम कर बोलै ,

"ाचा , और मेरी बेबी भी कभी झूठ नै बोलती , हाँ न बाबू..." काट , बेबी के करीब होकर उसका गाल चुम कर बोली ,

"ाचा वोह सब छोड़ो , मुझे तोह बस , मेरी बेटी की प्रॉब्लम पूछनी थी , इसने बोलै , यह किसी लड़की को बताएगी..."

"बीटा क्या हुआ..." बेबी थोड़ा परेशान होकर बोली ,

"मुम्मा , वोह तोह में किसी लड़की को बताऊगी..."

"पर बेतु , हम लड़की hi तोह है..." काट थोड़ा उदासी में बोलै ,

"नै अप्प दोनों मेरी मुम्मा हो , में अपनी प्रॉब्लम किसी लड़की को hi बताऊगी..." फर्जी थोड़ा गुस्से में गाल पहला कर बोली , तोह तीनो हसने लगे...

तो बे कुनिटेड....
 
अपडेट-82

अभ अग्गे...

फर्जी तीनो की तरफ बेहद गुस्से से देख रही थी , रवि , काट और बेबी फिर थोड़ा घम्बिर हो गए ,

"मुम्मा , में ख़ुशी मुम्मा के पास जा रही हु , मुझे नै बात करनी आपसे , bye..." फर्जी इतना बोल रूम से बहार चली गई ,

रवि वही लेट गया , और ऊपर चाट की तरफ देखने लगा , बेबी ने काट के कण में कुछ बोलै , और फिर इक दूसरे का चेहरा देख मुस्कराने लगी ,

"अरे क्या हुआ जी..." बेबी , रवि के चेहरे के पास बैठते हुए बोली ,

"मुझे लगता है यह थक गए होंगे , लाइए में आपका दबा देती हु..." काट भी रवि के करीब होकर बोली ,

"क्या..." रवि थोड़ा चौंक कर बोलै ,

"गाला , नै मेरा मतलब पेअर..." काट बेहद मसोमीयत से बोली ,

"में भी आपका हाथो में पकड़ सेहला देती हु..." बेबी , काट की तरफ देख हस्ते हुए बोली ,

"क्या ..." रवि अपनी जांगू पर हाथ रखते हुए बोलै ,

"आपका सार , जी..." बेबी बेहद प्यार से रवि का माथा सहलाते बोली ,

अभ इक तरफ काट , रवि के पेअर दबा रही थी , तोह वही बेबी , रवि का सार , और रवि को मन में लग रहा था , के वोह खतरे में है ,

"बेबी इनकी पेण्ट में यह उभर कैसा है , यहाँ क्या छुपा रखा है एहनो ने..." काट , रवि के खड़े लुंड की तरफ देखते हुए बोली , वैसे उसका चेहरा शर्म से लाल हो चूका था ,

"दिख तोह मुझे भी रहा है , तुम हाथ अंदर दाल कर देख लो , कोई खतरे की चीज़ न हो... " बेबी अपनी मुस्कराहट रोकते हुए बोली ,

"अगर कोई नोकीली चीज़ हुई और मुझे चूब गई तोह..." काट इक तक पेण्ट में बने उभर को घूरते हुए शर्मा कर बोली ,

"बेबी इक गिलास पानी ला दो , बहुत प्यास लगी है.." रवि ने बेबी की आँखों में देखते हुए बोली ,

"अरे हमारी काट के पास पानी का जर्ना है , बहुत मीठा और नमकीन पानी बेहटा है , लेकिन आपको जी , थोड़ी म्हणत करनी होगी..." बेबी बेहद मुस्कराते हुए बोली , तोह काट उसे आँखें निकल देखने लगी ,

"ाचा , काट तुम hi प्यास बजा दो..." रवि , काट के शर्माए चेहरे को देखते हुए बोलै ,

"ाचा , में आपके लिए पानी लती हु..." बेबी , रवि को आँख मरते हुए बोली , और रूम का दरवाजा बंद कर किचन की और चली गई ,

काट अभी भी रवि के पेअर दबा रही थी , पर उसकी सांसे अभ थोड़ा तेज़ होने लगी थी , टाइट टॉप में उसके गदराये बूब्स ऊपर निचे होकर , रवि के मन में वासना की आग बड़का रहे थे ,

"काट , मेरा सार भी दबा दो , थोड़ा दर्द कर रहा है..."

"जी , दबती हु..." काट उठ कर , रवि के चेहरे के पास बेथ गई ,

रवि ने अपना सार , काट की जांगू पर रख लिया , काट बेहद प्यार से , रवि के माथे को सेहला रही थी , रवि अखन खोले काट के मोठे मोठे बूब्स को घर रहा था ,

रवि ने अपना इक हाथ ऊपर करके काट के मस्त गदराये दूध को कास कर मसल diya..."ouchhhhh , यह मत करो जी..." काट दर्द और मज़े में सिसक कर बोली ,

"क्या न करू जी..." रवि ने इक डैम से उठ कर काट को बीएड पर गिरा , उसके ऊपर लेटते हुए बोलै ,

"छोड़ो न जी..." काट थोड़ा कसमसाते हुए बोली ,

"शह्ह्ह्ही , अपनी आँखें बंद कर लो , बस महसूस करो , तुम प्यार का एहसास होगा , गहराई तक..." रवि ने काट के गुलाबी होंठो पर अपनी ऊँगली रखते हुए बोलै ,

"मने पहले कभी किया नै..." काट थोड़ा सिसक कर बोली ,

"ओह्ह्ह तुम बहुत रसीली हो , तुम्हारे यह मोठे मोठे बूब्स , तुम्हारी गदरायी गांड , उफ्फ्फ तुम्हारी छूट तोह खूब टाइट होगी , इक बार देखने दो न..." रवि , काट की गर्दन को चूमते छत्ते हुए बोलै ,

"ओह्ह्ह no , प्लस नू , स्टॉप रवि प्लस..." काट अपनी वासना को सेहन करती सिसक कर बोली ,

"क्यों रुकू , अगर तुम जैसे कमसिन माल को न छोड़ा , तोह मेरी जिंदगी का कोई मकसद नै होगा..." रवि , काट की वासना से लिपट रसीली आँखों में ज़क्त हुआ बोलै ,

"अह्ह्ह में नै चाहती..."

"पर क्यों , किस कारन में तुम प्यार नै कर सकता.."

"नै बता सकती..." काट ने थोड़ा नाम आँखों से बोलै ,

"ठीक है , अगर में तुमसे प्यार कर भी लू , तोह यह जबरदस्ती का प्यार होगा , यह में नै चाहता..." रवि उदास मन से यह बोलै , और उठ कर रूम से बहार निकल गया ,

"में प्यार करती हु तुमसे , बहुत प्यार करती हु , पर , पर , है कोई वजह , जो में तुम बता नै सकती , मुझे माफ़ कर देना जान..." काट मन hi मन यह बोलते हुए रोने लगी ,

आखिर क्या कारन था , के काट , रवि को अपने करीब नै ऐनी दे रही थी , यह तोह ऐनी वाले वख्त की बात थी ,

वही दूसरी तरफ...

"हम्म , हाँ , ाचा , ok , नै , नै , में अकेली जोगी , ओह्ह्ह हो , में बची नै हु , सर , मुझे रवि से अकेले में मिलना है , जी , यह जिंदगी उसी की दी हुई है , अगर चीन भी लेगा , तोह कोई फरक नै पड़ेगा , bye सर..." यह अनु थी ,

अनु ने बहुत दिन पहले hi , हॉस्पिटल में रवि के ऐनी , जाने , के कक्तव फुटेज देख लिए थे , अनु अभ रेहान से मिलने उसके कबीले में जा रही थी ,

जिस तरह से रेहान और रवि हॉस्पिटल में दाखिल हुए , उस से कही भी ऐसा नै लग रहा था , के रेहान को रवि ने किडनैप किया हो ,

राहुल ने अपनी पुलिस स्टेटमेंट में बताया था , के वोह अपनी सास से मिलने हॉस्पिटल ा रहा था , तभी रवि ने उसे किडनैप कर लिया , फिर वोह उसे इस हॉस्पिटल ले आया ,

अनु इक बेहद तेज़ दिमाग एजेंट थी , वोह समाज गई के राहुल कहानी बना रहा है , और उसकी बताई कहानी का राइटर वोह खुद नै , बल्कि रवि hi था ,

शहर में आपातकालीन घोषित किया गया था , क्यों की रवि अभ शहर का मोस्ट वांटेड क्रिमिनल बन चूका था , उसे देखते hi शॉट करने का आर्डर था , पर राजेश और अनु , रवि से सच जानना चाहते थे ,

अनु जानती थी , रवि जैसा इंसान कभी क्रिमिनल नै हो सकता , जिसने बिना किसी jan-pehchan के 20 लाख रुपए उसकी माँ को दे दिए , जिसने उसकी नाराज़गी सही , पर मदद करने से पीछे नै हटा , अनु को लगता था , ठाकुर hi रवि को फ़साने की कोससिह कर रहा है ,

अनु घर से निकलने से पहले अपनी माँ वेदना के पास गई , जो किचन में काम कर रही थी , वेदना भी रवि से मिलना चाहती थी ,

"हे माँ , व्हाट्सप , ाचा माँ , अज्ज जानती हो में किस्से मिलने जा रही हु..." अनु बेहद मुस्कराते हुए बोली ,

"ओह्ह हो , रवि से..." वेदना मुस्करा कर बोली ,

"व्हाट , आपको कैसे पता चला..." अनु चौंक कर बोली ,

"बेटी जब भी तू हद से जायदा खुश होती है , में समाज जाती हु , तू रवि से मिलने जा रही है , जब , जब , तू सुबह मुस्कराते हुए अपने रूम से बहार निकली है , तब तब तेरे सपनो में रवि अत रहा है , अभ अपनी बची के दिल की बात , में कैसे न समाज पाव..."

"माँ , सच कहा अपने , में रवि से प्यार करती हु , पर मेरी बदकिस्मती है , उसकी शादी हो चुकी है..." अनु ने बेहद नाम आँखों से बोलै ,

"उफ्फ्फ बेटी , फिर क्या हुआ , देखो , में समज़ती हु तेरे दिल का दर्द , पर बेटी , तुम जो भी फैसला लोगी , मुझे हमेशा मंज़ूर होगा..." वेदना ने थोड़ा नाम आँखों से बोलै ,

"थैंक्स माँ , मुझे समज़ने के लिए , आपकी बेटी , इक दिन आपका सार , पूरी दुनिआ में ुचा करेगी , अपनी बेटी पर आपको गर्व होगा..." अनु भेजी आँखों से मुस्कराते हुए बोली ,

फिर अनु , रवि से मिलने निकल पढ़ी , लेकिन क्या वोह रवि से मिलेगी , या डेविल रवि से...

वही दूसरी तरफ....

लारा और एलिज़ा घर के बहार इक बड़े से पत्थर पर बैठी बतिअन कर रही थी , लारा को एलिज़ा से दूर रहने का दुःख था , यह वही दुःख था , मतलब लड़कयों की बतिअन , ढेर साडी बतिअन ,

दोनों जब से मिली थी , बस बतिअन कर रही थी , अभ यह मत पूछना के क्या बतिअन कर रही थी , वोह लड़कियाँ हैं , में उनकी बतिअन नै सुनता ,

रवि भी घर से बहार निकल उनके पास आकर बेथ गया ,

"हाय रवि , तुम्हारा बहुत बहुत शुक्रिया..." एलिज़ा मुस्कराते हुए बोली ,

"शुक्रिया , पर किस बात का..." रवि दोनों के बेच बैठा हुआ बोलै ,

"अरे यार तुमने मुझे और लारा को इक किया , हमें बुराई के रस्ते से हटा कर , सचाई के रस्ते पर चलना सिखाया , उसके लिए शुक्रिया..." एलिज़ा , प्यार से रवि का गाल चूमते हुए बोली ,

"ाचा रवि , तुम कहा के रहने वाले हो , यहाँ तोह नै रहते होंगे..." लारा भी रवि के कंडे पर हाथ रखते हुए बोली ,

"मेरी जिंदगी बहुत दुखो भरी रही , बचपन में पिता जी गुजर गए , फिर 3 बहनो और माँ की जिम्मेदारी मुझ पर ाँ पढ़ी , अपनी सबसे छोटी बहिन कोमल को शहर बेहज दिए , तेन की वोह अछि जॉब पर लग सके..." रवि अभी बोल hi रहा था , एलिज़ा बेच में बोल पढ़ी ,

"ओह्ह , कितनी आगे थी तुम्हारी उस वख्त.." लारा थोड़ा नाम आँखों से बोली ,

"शयद , उम्म्म , शयद *** साल होगी..."

"व्हाट , तुम , ओह्ह्ह रावी ..." एलिज़ा बेहद नाम आँखों से बोली ,

"मने अपना बचपन नै जिया , अपने पिता जी को परेशान नै किया , मेरा सपना था , में पिता जी से किसी चीज़ को पाने के लिए जिद्द करना चाहता था , में उनके कण्डु पर चढ़ कर , घूमना चाहता था , में जवान होकर , उनका सहारा बनना चाहता था , बुढ़ापे में उनकी हर खूवसिह पूरी करना चाहता था , पर सब सपना hi रह गया..." रवि ने अपने पिता को यद् कर भेजी आँखों से बोलै ,

"रवि , तुमने बहुत दर्द सही जिंदगी में , फिर क्या हुआ..." लारा रट हुए बोली ,

" मने पिता जी को मरते वख्त वचन दिया था , इस लिए *** साल की उम्र में , मैं खेतो में म्हणत , मज़दूरी करने लगा , हम बहुत गरीब थे , इक टुटा सा झोपड़ा था हमारा , अपनी बहनो की शादी करनी थी , मने अपनी जिंदगी का कुछ नै सोचा था , मुझे लगता था , मुझ जैसे मज़दूर इंसान से कोण लड़की प्यार करेगी , पर , अभ देखो , यह सब मुज़से प्यार करती है , मेरे बिना जीने का सोचती भी नै..." रवि ने बेहद रट हुए बोलै , वोह इक दर्दनाक वख्त था उसकी जिंदगी का ,

"ओह्ह रवि , तुम सच में महँ हो.." एलिज़ा भी रट हुए बोली ,

"महँ में नै , मेरी बहिन कोमल और मेरी वाइफ सीमा है , गाओं के इक गवर अनपढ़ आदमी को , ें दोनों ने बदल दिया... "

"रवि तुम अपनी बहिन कोमल से इतना प्यार क्यों करते हो , और फर्जी तुम्हारी अपनी बेटी है.." एलिज़ा ने मन में उठे नए सवाल पूछ लिए ,

"जब पिता जी की मौत हुई , तब माँ ने कहा , हम कोमल को शहर पढ़ने के लिए नै बेहज सकते , माँ ने कहा , हम दो वख्त की रोटी नै खा सकते , तोह शहर में बहुत पैसे लगेंगे , कोमल अग्गे पढ़ना चाहती थी , वोह बहुत रोई अकेले बेथ कर , में तब *** साल का था..."

"तुमने क्या किया फिर.."

"उस दिन कोमल मेरी बहु में सिमट कर रोटी रही , पता नै क्यों , मने अगले hi दिन , माँ से लड़ कर , कोमल को मां जी के पास बेहज दिया , मेरे मां जी लालची इंसान थे , वोह कोमल को अपने पास रखने के लिए मन गए , पर उसका कोई भी खरच उठाने से उनहोनु मन कर दिया , मने उनसे कहा के में पैसे बेह्जता रहुगा , में गाओं में आकर अपनी जमीन पर खेती करने के साथ साथ , मज़दूरी भी करने लगा , मने दिन रत काम किया , और करता रहा , इक तरफ में अपना परिवार पल रहा था , और इक तरफ अपनी बहिन की जिंदगी भी अछि बना रहा था , न मने बरसात देखि , न कड़कती धुप , न केहर बरसरि सर्दी , मुझे बस कोमल की हर खूवसिह पूरी करनी थी , उस वख्त मने जिंदगी में बहुत दर्द सहा , उस वख्त जिस्मानी दर्द भी था , और दिल का दर्द भी..." रवि बेहद रट हुए बोलै ,

"बस रावी (रट हुए) , और मत बोलू , में नै सुन सकती और..." एलिज़ा , रवि को बहु में भरते हुए रट सिसकते हुए बोली ,

"मेरे ख्याल से जिंदगी हर इंसान की परीक्षा लेती है , में उस परीक्षा में पास हुआ , जब खेतो में काम करते थक कर चूर हुआ , में पिता जी को यद् कर रोटा था , क्यों की मेरे हमउम्र साथी जब गाओं में खेल रहे होते , तब में कोई न कोई काम कर रहा होता , मेरा बचपन बस दुखु में गुजर गया , लारा मुझे जिंदगी में कभी सकूं नै मिला , जब से पैदा हुआ हु , बस दुःख , दर्द , तकलीफ , ओह्ह्ह , में थक चूका हु , बस भगवन से इक hi दुआ मांगता हु , इक सकूं की मौत देना..." रवि बेहद इमोशनल होकर नाम आँखों से बोलै ,

"इक थपड मृगी , अगर मरने की बात की तोह..." लारा बेहद गुस्से में बोली ,

"हाँ रवि , लारा ठीक बोल रही है , तुम्हारी जिंदगी के दुःख उतने नै , जितने मने और लारा ने सही हैं , हम जब मिली तब बस ** साल की होंगी , हम दोनों अनाथ थी , इक दूसरे का सहारा बानी , खाने के लिए कुछ माँगा तोह हमारे जिस्म की बोली लगी , हम बुरी नै थी , वख्त ने बना दिया , हालातो ने बना दिया , अगर यह लोग हमें सहारा देते , तोह हम बुराई के रस्ते पर न चलती , रवि , हमने कभी अपना जिस्म नै बेचा , किसी के अग्गे ज़ुकी नै..." एलिज़ा बेहद रट हुए बोली ,

"अभ तोह बुराई छोड़ डौगी..."

"हाँ , क्यों की हमें जिस इंसान की तलाश थी वोह पूरी हो गई , तुमने हमें बिना किसी ीचा के सहारा दिया , हमारे लिए अपनी जान जोखिम में डाली , रवि तुम सच में महँ इंसान हो , तुम जिस माँ ने जनम दिया , वोह भी महँ होगी..." लारा ने थोड़ा नाम आँखों से दिल की गहराई से बोलै ,

अभी तीनो बतिअन hi कर रहे थे , के ख़ुशी उनके पास ा गई , उसने रवि को अपने पास बुलाया ,

"क्या बात है खुशु..."

"खुशु , वाओ , ाचा , रवि वोह , वोह अनु ा रही है , उसने अभी अभी जंगल के रस्ते पर अपनी गाड़ी मोड़ दी है , वोह आधे घंटे में यहाँ पहुँच जाएगी..."

"हम्म , में उसे रस्ते में रोक लूंगा , में अनु से मिलकर अत हु..." रवि इतना बोल उड़द गया , अनु से मिलने के लिए....

तो बे कुनिटेड....
 
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