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अपडेट-6
अभ अग्गे...
रवि अपनी तीनो बहनो को पकड़ने लगा , वोह तीनो घर के हॉल में जाकर अलग अलग हो गई , रवि किचन से बहार आकर उनकी तरफ देखने लगा ,
"किसे पहले पकडू..." रवि मन hi मन बोलै ,
"हम्म , रवि तुम पहले रमा को पकड़ो .." रिंग ने मुस्कराते हुए बोलै ,
रवि ने रिंग की बात मन ली , और रमा क्र पीछे भगा , रमा सेड्यां चढ़ , कोमल के रूम में घुस गई , अभी वोह दरवाजा बंद कर hi रही थी के रवि नई दरवाजा को ढाका देकर खोल दिया ,
रमा मुस्कराती हुई पीछे हटने लगी , उसकी सांसे तेज़ चल रही थी और उसके गुलाबी लबु पर इक मुस्कराहट थी , उसकी आँखों में इक नशा सा था ,
"अभ कहा जोगी भाग कर.." रवि ने मुस्कराते हुए बोलै ,
रमा धीरे धीरे पीछे होती गई , वोह तब रुकी जब उसकी माखन जैसी नरम जंगे बीएड से टकरा गई ,
"अभ बोलो , कहा जोगी तुम..." रवि मुस्कराते हुए बोलै , तभी रमा ने जीभ निकल चिड़ा दिया ,
रवि इक डैम से उस पर जपत पढ़ा , रमा भी रवि के अपने ऊपर गिरते hi बीएड पर पीठ के बल गिर गई और रवि उसके ऊपर ,
दोनों की सांसे बेहद तेज़ हो गई , रमा की मदहोश कर देने वाली आँखों का नशा रवि की राग राग में बसने लगा ,रवि मदहोश सा हुआ उसकी आँखों में देखने लगा ,
"भईई ी लव ु....." रमा ने मुस्कराते हुए बोलै , और अपनी आँखें बंद कर अपने होंठो को रवि के होंठो से मिलाने लगी , तभी रवि को सीमा की कही बतिअन यद् ा गई , रवि रमा के ऊपर से उठ कर बीएड पर बेथ गया ,
रमा वैसे hi तेज़ तेज़ सांसे भर्ती हुई लेती रही , फिर वोह भी बीएड पर उठ कर बेथ गई ,
"रवि वोह दोनों भी ा रही हैं.." रिंग ने मुस्करा कर बोलै ,
तभी रवि ने गेट की तरफ देखा , शूरति और रिमी भगति हुई आयी और रवि को लेकर बीएड पर गिर गई , अभ इक तरफ शूरति ने रवि को जकड लिया था और दूसरी तरफ रिमी ने ,
शूरति ने अपनी इक तंग रवि की जांगू पर रख दी और दूसरी तरफ रिमी ने भी , दोनों रवि के कंडे पर सार रख लेट गई , और रवि बस रमा के चेहरे की तरफ देख रहा था , जो काफी उदास था , शयद वोह भी यही प्रेम चाहती थी ,
रवि ने उसे पास ऐनी का इशारा किया , तोह वोह मुस्कराती हुई रवि के पेट पर बेथ गई और झुक कर अपना चेहरा उसके सीने पर रख लिया ,
रवि ने अपने इक हाथ से रमा के बालो को सेहला दिया , तोह उसने और कास कर अपने भाई को जकड लिया ,
"रवि सीमा ा रही है , रवीए..." रिंग ने रवि को सीमा के ऐनी का बताते हुए कहा ,
"हे भगवन , छोड़ो रवि को , अभी वोह पूरा ठीक नै हुआ है.." सीमा ने थोड़ा ुचि आवाज़ में बोलै ,
सब की सब बीएड से उतर कर कड़ी हो गई , रवि भी बीएड से उतर कर खड़ा हो गया ,
"रवि , वोह तुम पहले खाना खा लो , फिर थोड़ी देर बेबी से मिल एना , पिछले 7 दिनों से बहुत दुखी है बेचारी..." सीमा ने उदास सा चेहरा किये मुस्कराने की कोससिह करते हुए बोलै ,
"हम्म , जाउगा जरूर जाउगा.." रवि भी अपनी जूही को मिलने के लिए तड़फ रहा था , अज्ज 7 सालो बाद वोह जूही को मिलने वाला था , उससे बहुत सी बतिअन करनी थी उसे ,
"चलो सब निचे , तुम्हारे भइआ , तुम्हारे पास hi रहेंगे , चलो खाना खाओ सब..." सीमा ने थोड़ा ुचि आवाज़ में सबको डांटते हुए बोलै ,
तीनो चेहरा निचे किये बहार चली गई , फिर रवि और सीमा भी बहार ा गए , सब डाइनिंग टेबल पर बेथ खाना खाने लगे ,
सब की आँखें बस रवि के चेहरे पर जमी हुई थी , सब कोमल के बारे में कुछ सुन्ना छह रही थी , अपने भाई के मोह से , पर रवि जैसे कोमल को भुला चूका था ,
सीमा का दिल कर रहा था के वोह कोमल के बारे में कुछ बात करे , फिर उसे काल की बतिअन यद् ा गई , तोह उसने अपना विचार बदल दिया , लेकिन कोमल के बिना उसका मन नै लग रहा था ,
सभी ने ख़ामोशी के साथ खाना खाया , और फिर रवि अपने साथ रमा को लेकर बेबी से मिलने निकल पढ़ा , अभी दुपहर के 12 बज रहे थे ,
दोनों पैदल hi जा रहे थे , पर खामोश थे , रवि ने hi बात सुरु की ,
"रमा सोल्लगे जाती हो.." रवि ने रमा की तरफ देखते हुए बोलै ,
"नै.." रमा ने उदास सा चेहरा लिए बोलै ,
"क्यों.."
"वोह अप्प ठीक नै थे , तोह दिल नै किया मेरा , कही भी जाने को.." रमा ने अपने भाई का हाथ अपने हाथ में लेते हुए बोलै ,
"हशः , कोई बात नै , अभ तोह जोगी न सोल्लगे , अभ में ठीक हु..." रवि ने बात अग्गे बढ़ाते हुए बोलै ,
"सोचूंगी..." रमा ने मुस्करा कर बोलै ,
"हम्म , इसमें सोचना कैसा , मने तुमसे तुम्हारी शादी का नै पूछा.." रवि ने रमा को चिढ़ाते हुए बोलै ,
"मुझे नै करनी शादी वादी , में बस आपके साथ रहना चाहती हु , समझे अप्प..." रमा ने बेइंतहा गुस्से में बोलै ,
"यह भी तुमसे प्रेम करती है , जैसे बाकि सब , लेकिन यह शर्मा रही है , कुछ भी कहने से , आखिर इक लड़की जो है , पर में दावे के साथ कह सकती हु , यह कोई आम लड़की नै है.." रिंग ने रवि के शरीर में से hi रमा को महसूस करते हुए बोलै,
"ाचा मत करना , पर गुस्सा मत करो , गुस्से में तुम जंगली बिल्ली की तरह दिखती हो.." रवि ने हस्ते हुए बोलै ,
"मुझे न आपसे बात hi नै करनी.." रमा ने फिर से गुस्से और नाराज़गी में बोलै ,
"ाचा सॉरी , सेक्सी रमा .." रवि ने रमा के करीब जाकर उसके कनु में बोलै , जिसे सुन रमा मुस्कराने लगी , उसकी नाराज़गी पल भर में दूर हो गई ,
फिर दोनों ऐसे hi बतिअन करते हुए बेबी के नए घर के सामने पहुँच गए , रवि बस इक बार यहाँ आया था , जब उसने काट पर हमला किया था , और उससे बेबी के बारे में पूछा था ,
"त्रीनगगगग , त्रीनगगगग.." रवि ने दूर बेल्ल बजे ,
कुछ देर बाद दरवाजा खुला , सामने कैटलीन कड़ी थी , उसके होंठो पर इक मुस्कराहट ा गई ,
"हाय रवि..." कैटलीन ने अपना हाथ अग्गे बढ़ाते हुए बोलै ,
"हाय काट , एंड उस दिन के लिए सॉरी.." रवि को उस दिन का यद् आया , उसे लगा था के उसने कैटलीन पर जेडटी की है ,
"इतस ok , तुम अपनी जगह सही थे , ायो न अंदर , बेबी तुमसे मिलने के लिए कब से बेक़रार थी.." कैटलीन ने हस्ते हुए बोलै ,
रवि और रमा दोनों घर के अंदर ा गए , घर के हॉल में फर्जी बैठी टीवी देख रही थी , वोह कुछ मायूस दिख रही थी ,
रवि उसके पास जाकर बेथ गया , फर्जी ने रवि के चेहरे पर हाथ फिराया और फिर रट हुए उसके गले लग गई ,
"पापा , अप्प कहा गए थे..." फर्जी ने रट रट बोलै ,
"उम् , मेरी बची चुप हो जाओ , अभ ा गया हु न , अभ तुम छोड़ कर कभी नै जाउगा.." रवि ने फर्जी का माथा चूमते हुए बोलै ,
"पापा , मुम्मा बहुत रोटी है , वोह न , चुप hi नै करती , अप्प उनसे बात करो न.." फर्जी ने फिर से रट हुए बोलै ,
"अभ तुम्हारी मुम्मा कभी नै रोयेगी , में ा गया हु न.." रवि ने मुस्कराते हुए बोलै , पर वोह अंदर से बेहद उदास था ,
रवि फर्जी के पास से उठा और अकेला hi उस रूम की तरफ चल पढ़ा , यहाँ बेबी बैठी रहती थी , रवि ने धीरे से रूम का दरवाजा खोला और अंदर से बंद कर लिया ,
रवि ने देखा उसकी जूही (बेबी) बीएड पर घुटनो में चेहरे छुपाये रो रही थी , रवि भाग कर उसके पास गया और उसका चेहरा ऊपर उठा उसे अपने गले से लगा लिया ,
बेबी शॉकेड सी हुई रवि को महसूस करने लगी , जब उसे महसूस हो गया के रवि उसकी बहु में है , वोह और भी कास कर रवि के गले लग गई , उसे अपने अंदर सामने लगी , उसे बेइंतहा महसूस करते हुए रोने लगी ,
"बस जूही अभ चुप हो जाओ , बस , अभ और नै रोने दूंगा तुम , प्लस चुप हो जाओ.." रवि ने बेबी का चेहरा पीछे कर उसकी आँखों में देखते हुए बोलै ,
"mm...mmme ... j....juhii ..nn..nai.. हूँ..." बेबी ने दर्द भरी आवाज़ में रट हुए बोलै ,
रवि ने बेबी का हाथ पकड़ अपने सीने पर रखते हुए , उसकी आँखों में देख कर बोलै ,
"मेरे दिल की धड़कन सुन रही हो , इसकी हर धड़कन में बस तुम्हारा hi नाम है , तुम जूही हो , यह बात तुम मुज़से कितने और दिन छुपा सकती हो , बोलो , जवाब दो..." रवि ने जूही के चेहरे को अपने हाथिओं में थमते हुए बोलै ,
जूही का चेहरा इतना मासूम लग रहा था , उसके गोर गाल असनुईओं से भागे हुए थे , गुलाबी होंठ कम्प रहे थे , वोह इतनी प्यारी और मासूम लग रही थी , के रवि से रहा न गया , रवि ने बेबी के होंठो को इक बार के लिए चुम लिया ,
"रवि में कितनी बार कहु , में जूही नै हु , तुम समज़ते क्यों नै , जूही मर चुकी है , में बेबी हु , बेबी मडोना ..." बेबी ने बेइंतहा रट हुए बोलै ,
"बहुत भावुक औरत है , इसका दिल चीख चीख कर कह रहा है के यह जूही है , पर दिमाग इसका साथ नै दे रहा.." रिंग ने उदास आवाज़ में बोलै ,
"ओह्ह , तोह तुम बेबी हो , ाचा है , जूही नै हो तुम , क्यों की जूही की फ्रेंड निशा को मने मारा था , कुत्ते की मौत.." रवि ने मुस्कराते हुए बोलै ,
अभ अग्गे...
रवि अपनी तीनो बहनो को पकड़ने लगा , वोह तीनो घर के हॉल में जाकर अलग अलग हो गई , रवि किचन से बहार आकर उनकी तरफ देखने लगा ,
"किसे पहले पकडू..." रवि मन hi मन बोलै ,
"हम्म , रवि तुम पहले रमा को पकड़ो .." रिंग ने मुस्कराते हुए बोलै ,
रवि ने रिंग की बात मन ली , और रमा क्र पीछे भगा , रमा सेड्यां चढ़ , कोमल के रूम में घुस गई , अभी वोह दरवाजा बंद कर hi रही थी के रवि नई दरवाजा को ढाका देकर खोल दिया ,
रमा मुस्कराती हुई पीछे हटने लगी , उसकी सांसे तेज़ चल रही थी और उसके गुलाबी लबु पर इक मुस्कराहट थी , उसकी आँखों में इक नशा सा था ,
"अभ कहा जोगी भाग कर.." रवि ने मुस्कराते हुए बोलै ,
रमा धीरे धीरे पीछे होती गई , वोह तब रुकी जब उसकी माखन जैसी नरम जंगे बीएड से टकरा गई ,
"अभ बोलो , कहा जोगी तुम..." रवि मुस्कराते हुए बोलै , तभी रमा ने जीभ निकल चिड़ा दिया ,
रवि इक डैम से उस पर जपत पढ़ा , रमा भी रवि के अपने ऊपर गिरते hi बीएड पर पीठ के बल गिर गई और रवि उसके ऊपर ,
दोनों की सांसे बेहद तेज़ हो गई , रमा की मदहोश कर देने वाली आँखों का नशा रवि की राग राग में बसने लगा ,रवि मदहोश सा हुआ उसकी आँखों में देखने लगा ,
"भईई ी लव ु....." रमा ने मुस्कराते हुए बोलै , और अपनी आँखें बंद कर अपने होंठो को रवि के होंठो से मिलाने लगी , तभी रवि को सीमा की कही बतिअन यद् ा गई , रवि रमा के ऊपर से उठ कर बीएड पर बेथ गया ,
रमा वैसे hi तेज़ तेज़ सांसे भर्ती हुई लेती रही , फिर वोह भी बीएड पर उठ कर बेथ गई ,
"रवि वोह दोनों भी ा रही हैं.." रिंग ने मुस्करा कर बोलै ,
तभी रवि ने गेट की तरफ देखा , शूरति और रिमी भगति हुई आयी और रवि को लेकर बीएड पर गिर गई , अभ इक तरफ शूरति ने रवि को जकड लिया था और दूसरी तरफ रिमी ने ,
शूरति ने अपनी इक तंग रवि की जांगू पर रख दी और दूसरी तरफ रिमी ने भी , दोनों रवि के कंडे पर सार रख लेट गई , और रवि बस रमा के चेहरे की तरफ देख रहा था , जो काफी उदास था , शयद वोह भी यही प्रेम चाहती थी ,
रवि ने उसे पास ऐनी का इशारा किया , तोह वोह मुस्कराती हुई रवि के पेट पर बेथ गई और झुक कर अपना चेहरा उसके सीने पर रख लिया ,
रवि ने अपने इक हाथ से रमा के बालो को सेहला दिया , तोह उसने और कास कर अपने भाई को जकड लिया ,
"रवि सीमा ा रही है , रवीए..." रिंग ने रवि को सीमा के ऐनी का बताते हुए कहा ,
"हे भगवन , छोड़ो रवि को , अभी वोह पूरा ठीक नै हुआ है.." सीमा ने थोड़ा ुचि आवाज़ में बोलै ,
सब की सब बीएड से उतर कर कड़ी हो गई , रवि भी बीएड से उतर कर खड़ा हो गया ,
"रवि , वोह तुम पहले खाना खा लो , फिर थोड़ी देर बेबी से मिल एना , पिछले 7 दिनों से बहुत दुखी है बेचारी..." सीमा ने उदास सा चेहरा किये मुस्कराने की कोससिह करते हुए बोलै ,
"हम्म , जाउगा जरूर जाउगा.." रवि भी अपनी जूही को मिलने के लिए तड़फ रहा था , अज्ज 7 सालो बाद वोह जूही को मिलने वाला था , उससे बहुत सी बतिअन करनी थी उसे ,
"चलो सब निचे , तुम्हारे भइआ , तुम्हारे पास hi रहेंगे , चलो खाना खाओ सब..." सीमा ने थोड़ा ुचि आवाज़ में सबको डांटते हुए बोलै ,
तीनो चेहरा निचे किये बहार चली गई , फिर रवि और सीमा भी बहार ा गए , सब डाइनिंग टेबल पर बेथ खाना खाने लगे ,
सब की आँखें बस रवि के चेहरे पर जमी हुई थी , सब कोमल के बारे में कुछ सुन्ना छह रही थी , अपने भाई के मोह से , पर रवि जैसे कोमल को भुला चूका था ,
सीमा का दिल कर रहा था के वोह कोमल के बारे में कुछ बात करे , फिर उसे काल की बतिअन यद् ा गई , तोह उसने अपना विचार बदल दिया , लेकिन कोमल के बिना उसका मन नै लग रहा था ,
सभी ने ख़ामोशी के साथ खाना खाया , और फिर रवि अपने साथ रमा को लेकर बेबी से मिलने निकल पढ़ा , अभी दुपहर के 12 बज रहे थे ,
दोनों पैदल hi जा रहे थे , पर खामोश थे , रवि ने hi बात सुरु की ,
"रमा सोल्लगे जाती हो.." रवि ने रमा की तरफ देखते हुए बोलै ,
"नै.." रमा ने उदास सा चेहरा लिए बोलै ,
"क्यों.."
"वोह अप्प ठीक नै थे , तोह दिल नै किया मेरा , कही भी जाने को.." रमा ने अपने भाई का हाथ अपने हाथ में लेते हुए बोलै ,
"हशः , कोई बात नै , अभ तोह जोगी न सोल्लगे , अभ में ठीक हु..." रवि ने बात अग्गे बढ़ाते हुए बोलै ,
"सोचूंगी..." रमा ने मुस्करा कर बोलै ,
"हम्म , इसमें सोचना कैसा , मने तुमसे तुम्हारी शादी का नै पूछा.." रवि ने रमा को चिढ़ाते हुए बोलै ,
"मुझे नै करनी शादी वादी , में बस आपके साथ रहना चाहती हु , समझे अप्प..." रमा ने बेइंतहा गुस्से में बोलै ,
"यह भी तुमसे प्रेम करती है , जैसे बाकि सब , लेकिन यह शर्मा रही है , कुछ भी कहने से , आखिर इक लड़की जो है , पर में दावे के साथ कह सकती हु , यह कोई आम लड़की नै है.." रिंग ने रवि के शरीर में से hi रमा को महसूस करते हुए बोलै,
"ाचा मत करना , पर गुस्सा मत करो , गुस्से में तुम जंगली बिल्ली की तरह दिखती हो.." रवि ने हस्ते हुए बोलै ,
"मुझे न आपसे बात hi नै करनी.." रमा ने फिर से गुस्से और नाराज़गी में बोलै ,
"ाचा सॉरी , सेक्सी रमा .." रवि ने रमा के करीब जाकर उसके कनु में बोलै , जिसे सुन रमा मुस्कराने लगी , उसकी नाराज़गी पल भर में दूर हो गई ,
फिर दोनों ऐसे hi बतिअन करते हुए बेबी के नए घर के सामने पहुँच गए , रवि बस इक बार यहाँ आया था , जब उसने काट पर हमला किया था , और उससे बेबी के बारे में पूछा था ,
"त्रीनगगगग , त्रीनगगगग.." रवि ने दूर बेल्ल बजे ,
कुछ देर बाद दरवाजा खुला , सामने कैटलीन कड़ी थी , उसके होंठो पर इक मुस्कराहट ा गई ,
"हाय रवि..." कैटलीन ने अपना हाथ अग्गे बढ़ाते हुए बोलै ,
"हाय काट , एंड उस दिन के लिए सॉरी.." रवि को उस दिन का यद् आया , उसे लगा था के उसने कैटलीन पर जेडटी की है ,
"इतस ok , तुम अपनी जगह सही थे , ायो न अंदर , बेबी तुमसे मिलने के लिए कब से बेक़रार थी.." कैटलीन ने हस्ते हुए बोलै ,
रवि और रमा दोनों घर के अंदर ा गए , घर के हॉल में फर्जी बैठी टीवी देख रही थी , वोह कुछ मायूस दिख रही थी ,
रवि उसके पास जाकर बेथ गया , फर्जी ने रवि के चेहरे पर हाथ फिराया और फिर रट हुए उसके गले लग गई ,
"पापा , अप्प कहा गए थे..." फर्जी ने रट रट बोलै ,
"उम् , मेरी बची चुप हो जाओ , अभ ा गया हु न , अभ तुम छोड़ कर कभी नै जाउगा.." रवि ने फर्जी का माथा चूमते हुए बोलै ,
"पापा , मुम्मा बहुत रोटी है , वोह न , चुप hi नै करती , अप्प उनसे बात करो न.." फर्जी ने फिर से रट हुए बोलै ,
"अभ तुम्हारी मुम्मा कभी नै रोयेगी , में ा गया हु न.." रवि ने मुस्कराते हुए बोलै , पर वोह अंदर से बेहद उदास था ,
रवि फर्जी के पास से उठा और अकेला hi उस रूम की तरफ चल पढ़ा , यहाँ बेबी बैठी रहती थी , रवि ने धीरे से रूम का दरवाजा खोला और अंदर से बंद कर लिया ,
रवि ने देखा उसकी जूही (बेबी) बीएड पर घुटनो में चेहरे छुपाये रो रही थी , रवि भाग कर उसके पास गया और उसका चेहरा ऊपर उठा उसे अपने गले से लगा लिया ,
बेबी शॉकेड सी हुई रवि को महसूस करने लगी , जब उसे महसूस हो गया के रवि उसकी बहु में है , वोह और भी कास कर रवि के गले लग गई , उसे अपने अंदर सामने लगी , उसे बेइंतहा महसूस करते हुए रोने लगी ,
"बस जूही अभ चुप हो जाओ , बस , अभ और नै रोने दूंगा तुम , प्लस चुप हो जाओ.." रवि ने बेबी का चेहरा पीछे कर उसकी आँखों में देखते हुए बोलै ,
"mm...mmme ... j....juhii ..nn..nai.. हूँ..." बेबी ने दर्द भरी आवाज़ में रट हुए बोलै ,
रवि ने बेबी का हाथ पकड़ अपने सीने पर रखते हुए , उसकी आँखों में देख कर बोलै ,
"मेरे दिल की धड़कन सुन रही हो , इसकी हर धड़कन में बस तुम्हारा hi नाम है , तुम जूही हो , यह बात तुम मुज़से कितने और दिन छुपा सकती हो , बोलो , जवाब दो..." रवि ने जूही के चेहरे को अपने हाथिओं में थमते हुए बोलै ,
जूही का चेहरा इतना मासूम लग रहा था , उसके गोर गाल असनुईओं से भागे हुए थे , गुलाबी होंठ कम्प रहे थे , वोह इतनी प्यारी और मासूम लग रही थी , के रवि से रहा न गया , रवि ने बेबी के होंठो को इक बार के लिए चुम लिया ,
"रवि में कितनी बार कहु , में जूही नै हु , तुम समज़ते क्यों नै , जूही मर चुकी है , में बेबी हु , बेबी मडोना ..." बेबी ने बेइंतहा रट हुए बोलै ,
"बहुत भावुक औरत है , इसका दिल चीख चीख कर कह रहा है के यह जूही है , पर दिमाग इसका साथ नै दे रहा.." रिंग ने उदास आवाज़ में बोलै ,
"ओह्ह , तोह तुम बेबी हो , ाचा है , जूही नै हो तुम , क्यों की जूही की फ्रेंड निशा को मने मारा था , कुत्ते की मौत.." रवि ने मुस्कराते हुए बोलै ,