Incest Deewanapan... - Page 8 - SexBaba
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Incest Deewanapan...

अपडेट-6

अभ अग्गे...

रवि अपनी तीनो बहनो को पकड़ने लगा , वोह तीनो घर के हॉल में जाकर अलग अलग हो गई , रवि किचन से बहार आकर उनकी तरफ देखने लगा ,

"किसे पहले पकडू..." रवि मन hi मन बोलै ,

"हम्म , रवि तुम पहले रमा को पकड़ो .." रिंग ने मुस्कराते हुए बोलै ,

रवि ने रिंग की बात मन ली , और रमा क्र पीछे भगा , रमा सेड्यां चढ़ , कोमल के रूम में घुस गई , अभी वोह दरवाजा बंद कर hi रही थी के रवि नई दरवाजा को ढाका देकर खोल दिया ,

रमा मुस्कराती हुई पीछे हटने लगी , उसकी सांसे तेज़ चल रही थी और उसके गुलाबी लबु पर इक मुस्कराहट थी , उसकी आँखों में इक नशा सा था ,

"अभ कहा जोगी भाग कर.." रवि ने मुस्कराते हुए बोलै ,

रमा धीरे धीरे पीछे होती गई , वोह तब रुकी जब उसकी माखन जैसी नरम जंगे बीएड से टकरा गई ,

"अभ बोलो , कहा जोगी तुम..." रवि मुस्कराते हुए बोलै , तभी रमा ने जीभ निकल चिड़ा दिया ,

रवि इक डैम से उस पर जपत पढ़ा , रमा भी रवि के अपने ऊपर गिरते hi बीएड पर पीठ के बल गिर गई और रवि उसके ऊपर ,

दोनों की सांसे बेहद तेज़ हो गई , रमा की मदहोश कर देने वाली आँखों का नशा रवि की राग राग में बसने लगा ,रवि मदहोश सा हुआ उसकी आँखों में देखने लगा ,

"भईई ी लव ु....." रमा ने मुस्कराते हुए बोलै , और अपनी आँखें बंद कर अपने होंठो को रवि के होंठो से मिलाने लगी , तभी रवि को सीमा की कही बतिअन यद् ा गई , रवि रमा के ऊपर से उठ कर बीएड पर बेथ गया ,

रमा वैसे hi तेज़ तेज़ सांसे भर्ती हुई लेती रही , फिर वोह भी बीएड पर उठ कर बेथ गई ,

"रवि वोह दोनों भी ा रही हैं.." रिंग ने मुस्करा कर बोलै ,

तभी रवि ने गेट की तरफ देखा , शूरति और रिमी भगति हुई आयी और रवि को लेकर बीएड पर गिर गई , अभ इक तरफ शूरति ने रवि को जकड लिया था और दूसरी तरफ रिमी ने ,

शूरति ने अपनी इक तंग रवि की जांगू पर रख दी और दूसरी तरफ रिमी ने भी , दोनों रवि के कंडे पर सार रख लेट गई , और रवि बस रमा के चेहरे की तरफ देख रहा था , जो काफी उदास था , शयद वोह भी यही प्रेम चाहती थी ,

रवि ने उसे पास ऐनी का इशारा किया , तोह वोह मुस्कराती हुई रवि के पेट पर बेथ गई और झुक कर अपना चेहरा उसके सीने पर रख लिया ,

रवि ने अपने इक हाथ से रमा के बालो को सेहला दिया , तोह उसने और कास कर अपने भाई को जकड लिया ,

"रवि सीमा ा रही है , रवीए..." रिंग ने रवि को सीमा के ऐनी का बताते हुए कहा ,

"हे भगवन , छोड़ो रवि को , अभी वोह पूरा ठीक नै हुआ है.." सीमा ने थोड़ा ुचि आवाज़ में बोलै ,

सब की सब बीएड से उतर कर कड़ी हो गई , रवि भी बीएड से उतर कर खड़ा हो गया ,

"रवि , वोह तुम पहले खाना खा लो , फिर थोड़ी देर बेबी से मिल एना , पिछले 7 दिनों से बहुत दुखी है बेचारी..." सीमा ने उदास सा चेहरा किये मुस्कराने की कोससिह करते हुए बोलै ,

"हम्म , जाउगा जरूर जाउगा.." रवि भी अपनी जूही को मिलने के लिए तड़फ रहा था , अज्ज 7 सालो बाद वोह जूही को मिलने वाला था , उससे बहुत सी बतिअन करनी थी उसे ,

"चलो सब निचे , तुम्हारे भइआ , तुम्हारे पास hi रहेंगे , चलो खाना खाओ सब..." सीमा ने थोड़ा ुचि आवाज़ में सबको डांटते हुए बोलै ,

तीनो चेहरा निचे किये बहार चली गई , फिर रवि और सीमा भी बहार ा गए , सब डाइनिंग टेबल पर बेथ खाना खाने लगे ,

सब की आँखें बस रवि के चेहरे पर जमी हुई थी , सब कोमल के बारे में कुछ सुन्ना छह रही थी , अपने भाई के मोह से , पर रवि जैसे कोमल को भुला चूका था ,

सीमा का दिल कर रहा था के वोह कोमल के बारे में कुछ बात करे , फिर उसे काल की बतिअन यद् ा गई , तोह उसने अपना विचार बदल दिया , लेकिन कोमल के बिना उसका मन नै लग रहा था ,

सभी ने ख़ामोशी के साथ खाना खाया , और फिर रवि अपने साथ रमा को लेकर बेबी से मिलने निकल पढ़ा , अभी दुपहर के 12 बज रहे थे ,

दोनों पैदल hi जा रहे थे , पर खामोश थे , रवि ने hi बात सुरु की ,

"रमा सोल्लगे जाती हो.." रवि ने रमा की तरफ देखते हुए बोलै ,

"नै.." रमा ने उदास सा चेहरा लिए बोलै ,

"क्यों.."

"वोह अप्प ठीक नै थे , तोह दिल नै किया मेरा , कही भी जाने को.." रमा ने अपने भाई का हाथ अपने हाथ में लेते हुए बोलै ,

"हशः , कोई बात नै , अभ तोह जोगी न सोल्लगे , अभ में ठीक हु..." रवि ने बात अग्गे बढ़ाते हुए बोलै ,

"सोचूंगी..." रमा ने मुस्करा कर बोलै ,

"हम्म , इसमें सोचना कैसा , मने तुमसे तुम्हारी शादी का नै पूछा.." रवि ने रमा को चिढ़ाते हुए बोलै ,

"मुझे नै करनी शादी वादी , में बस आपके साथ रहना चाहती हु , समझे अप्प..." रमा ने बेइंतहा गुस्से में बोलै ,

"यह भी तुमसे प्रेम करती है , जैसे बाकि सब , लेकिन यह शर्मा रही है , कुछ भी कहने से , आखिर इक लड़की जो है , पर में दावे के साथ कह सकती हु , यह कोई आम लड़की नै है.." रिंग ने रवि के शरीर में से hi रमा को महसूस करते हुए बोलै,

"ाचा मत करना , पर गुस्सा मत करो , गुस्से में तुम जंगली बिल्ली की तरह दिखती हो.." रवि ने हस्ते हुए बोलै ,

"मुझे न आपसे बात hi नै करनी.." रमा ने फिर से गुस्से और नाराज़गी में बोलै ,

"ाचा सॉरी , सेक्सी रमा .." रवि ने रमा के करीब जाकर उसके कनु में बोलै , जिसे सुन रमा मुस्कराने लगी , उसकी नाराज़गी पल भर में दूर हो गई ,

फिर दोनों ऐसे hi बतिअन करते हुए बेबी के नए घर के सामने पहुँच गए , रवि बस इक बार यहाँ आया था , जब उसने काट पर हमला किया था , और उससे बेबी के बारे में पूछा था ,

"त्रीनगगगग , त्रीनगगगग.." रवि ने दूर बेल्ल बजे ,

कुछ देर बाद दरवाजा खुला , सामने कैटलीन कड़ी थी , उसके होंठो पर इक मुस्कराहट ा गई ,

"हाय रवि..." कैटलीन ने अपना हाथ अग्गे बढ़ाते हुए बोलै ,

"हाय काट , एंड उस दिन के लिए सॉरी.." रवि को उस दिन का यद् आया , उसे लगा था के उसने कैटलीन पर जेडटी की है ,

"इतस ok , तुम अपनी जगह सही थे , ायो न अंदर , बेबी तुमसे मिलने के लिए कब से बेक़रार थी.." कैटलीन ने हस्ते हुए बोलै ,

रवि और रमा दोनों घर के अंदर ा गए , घर के हॉल में फर्जी बैठी टीवी देख रही थी , वोह कुछ मायूस दिख रही थी ,

रवि उसके पास जाकर बेथ गया , फर्जी ने रवि के चेहरे पर हाथ फिराया और फिर रट हुए उसके गले लग गई ,

"पापा , अप्प कहा गए थे..." फर्जी ने रट रट बोलै ,

"उम् , मेरी बची चुप हो जाओ , अभ ा गया हु न , अभ तुम छोड़ कर कभी नै जाउगा.." रवि ने फर्जी का माथा चूमते हुए बोलै ,

"पापा , मुम्मा बहुत रोटी है , वोह न , चुप hi नै करती , अप्प उनसे बात करो न.." फर्जी ने फिर से रट हुए बोलै ,

"अभ तुम्हारी मुम्मा कभी नै रोयेगी , में ा गया हु न.." रवि ने मुस्कराते हुए बोलै , पर वोह अंदर से बेहद उदास था ,

रवि फर्जी के पास से उठा और अकेला hi उस रूम की तरफ चल पढ़ा , यहाँ बेबी बैठी रहती थी , रवि ने धीरे से रूम का दरवाजा खोला और अंदर से बंद कर लिया ,

रवि ने देखा उसकी जूही (बेबी) बीएड पर घुटनो में चेहरे छुपाये रो रही थी , रवि भाग कर उसके पास गया और उसका चेहरा ऊपर उठा उसे अपने गले से लगा लिया ,

बेबी शॉकेड सी हुई रवि को महसूस करने लगी , जब उसे महसूस हो गया के रवि उसकी बहु में है , वोह और भी कास कर रवि के गले लग गई , उसे अपने अंदर सामने लगी , उसे बेइंतहा महसूस करते हुए रोने लगी ,

"बस जूही अभ चुप हो जाओ , बस , अभ और नै रोने दूंगा तुम , प्लस चुप हो जाओ.." रवि ने बेबी का चेहरा पीछे कर उसकी आँखों में देखते हुए बोलै ,

"mm...mmme ... j....juhii ..nn..nai.. हूँ..." बेबी ने दर्द भरी आवाज़ में रट हुए बोलै ,

रवि ने बेबी का हाथ पकड़ अपने सीने पर रखते हुए , उसकी आँखों में देख कर बोलै ,

"मेरे दिल की धड़कन सुन रही हो , इसकी हर धड़कन में बस तुम्हारा hi नाम है , तुम जूही हो , यह बात तुम मुज़से कितने और दिन छुपा सकती हो , बोलो , जवाब दो..." रवि ने जूही के चेहरे को अपने हाथिओं में थमते हुए बोलै ,

जूही का चेहरा इतना मासूम लग रहा था , उसके गोर गाल असनुईओं से भागे हुए थे , गुलाबी होंठ कम्प रहे थे , वोह इतनी प्यारी और मासूम लग रही थी , के रवि से रहा न गया , रवि ने बेबी के होंठो को इक बार के लिए चुम लिया ,

"रवि में कितनी बार कहु , में जूही नै हु , तुम समज़ते क्यों नै , जूही मर चुकी है , में बेबी हु , बेबी मडोना ..." बेबी ने बेइंतहा रट हुए बोलै ,

"बहुत भावुक औरत है , इसका दिल चीख चीख कर कह रहा है के यह जूही है , पर दिमाग इसका साथ नै दे रहा.." रिंग ने उदास आवाज़ में बोलै ,

"ओह्ह , तोह तुम बेबी हो , ाचा है , जूही नै हो तुम , क्यों की जूही की फ्रेंड निशा को मने मारा था , कुत्ते की मौत.." रवि ने मुस्कराते हुए बोलै ,
 
तभी इक जोरदार थपड उसके चेहरे पर ा लगा , रवि मुस्कराता हुआ बेबी की तरफ देखता रहा , बेबी की आँखों में गुस्सा था , बेइंतहा गुस्सा ,

"तुम्हारी यह खूबसूरत लबु से झूठ निकल सकता है , पर तुम्हारी आँखों का यह बैठना गुस्सा , यह आँखें झूठ नै बोल सकती , तुम hi जूही हो , बोलो में सच बोल रहा हु.." रवि ने नाम आँखों से चीखते हुए बोलै ,

"हाँ , हाँ , में hi जूही हु , में hi वोह बदनसीब जूही हु , जिसका सब कुछ चीन लिया गया , उसकी जान निशा , उसके माँ बाप , सब कुछ , में hi हु जूही , लेकिन में अभ जूही नै हु , अभ में बेबी हु , जूही मर चुकी है , उसी दिन , उसी पल , जब उसकी निशा उसके सामने आखरी सांसे लेती हुई मर गई थी , पर तुम झूठ क्यों बोल रहे हो , तुमने निशा को नै मारा था , बिमान शाह ने मारा था..." बेबी ने रवि के चेहरे को पगलू की तरह चूमते हुए बोलै ,

"पर तुमने मुझे बताया क्यों नै , के तुम hi जूही हो , क्या तुम यह लगता था के में तुम अपनी जिंदगी में जगह नै दूंगा , तुम मेरे लिए क्या हो , यह तुम नै जानती , जितना हक़ कोमल और सीमा का मुझ पर है , उससे कही जायदा तुम्हारा है , मेरी जूही , में तुम्हारे लिए कितना तडफता रहा और तुम मेरे साथ रही , हर कदम पर , हर दुःख , मुसीबत पर.." रवि ने रट हुए बोलै ,

"शठ , चुप हो जाओ , क्या करती में , किस मोह से तुम्हारा सामना करती , तुम बेगुनाह थे , और मेरे कारन तुम 4 साल , जेल में बिताने पढ़े , में अपने अप्प को तुम्हारा दोषी मानती थी , और तुम्हारी रक्षा भी करना चाहती थी , यही इक रास्ता था , मेरे पास , के अपना चेहरा बदल कर , इक नए नाम से , तुम्हारी जिंदगी में आयु , पर में नै जानती थी के..." बेबी रट रट बोल hi रही थी के रवि बेच में hi बोल पढ़ा ,

"के मुज़से फिर से प्यार हो जायेगा.." रवि मुस्कराते हुए बोलै ,

"कमीने , तुम ने पता नै कोनसा जादू कर दिया था मुझ पर , में खुद पर कण्ट्रोल hi नै रख पायी , और फिर से तुमसे प्यार कर बैठी.." जूही ने भेजी आँखों से मुस्कराते हुए बोलै ,

"मुज़से शादी करुँगी जूही.." रवि ने बेबी का हाथ अपने हाथों में पकड़ते हुए बोलै ,

"नै , कमीने में तुमसे शादी नै करुँगी , कभी नै.." बेबी ने मुस्कराते हुए बोलै ,

"जब तुम्हारे पेट में मेरा बचा होगा , तब पापा का नाम किसे डौगी.." रवि ने बेबी के होंठो को चूमते हुए बोलै ,

"हम्म , चल झूठा , में फिर भी तुमसे शादी नै करुँगी..." बेबी ने मुस्करा कर बोलै ,

"तोह मेरे लिए इतना क्यों रोटी रही , अगर मुज़से प्यार है , तोह मुज़से शादी भी करनी होगी , जूही प्लस.." रवि ने बेबी को अपने साथ बीएड पर लिटाते हुए बोलै ,

"रवि , काट , अभ बदल चुकी है , वोह मुज़से शादी करना चाहती है.." बेबी ने मसोमीयत से बोलै ,

"व्हॉट , तुम पागल हो गई हो , इक लड़की , इक लड़की से शादी कैसे कर सकती है , और वैसे भी काट के पास वोह जादू की शादी कहा है , जो तुम मज़ा देती है.." रवि ने बेबी की जांगू के बेचू बेच हाथ रख , उसकी मखमली छूट को मसलते हुए बोलै ,

"हस्सश्ठ , में तुम्हारी हु , और हमेशा तुम्हारी रहूगी , जब तक इस जिस्म में जान है , पर रवि , शादी के बिना भी हम दोनों पति , पत्नी हैं , में तुम अपना पति मानती हु , और हमेशा मानती रहूगी , पर काट , उसे मर्दो से बेहद नफरत है , वोह बस मुझे चाहती है , वोह मेरे साथ रहना चाहती है..." बेबी ने रवि के होंठो को चूमते हुए बोलै ,

"ठीक है जूही , अगर इस में मेरी जान को ख़ुशी मिलती है तोह यही सही , में बस तुम इस दुनिआ की हर ख़ुशी देना चाहता हु , में तुम वोह सब देना चाहता हु , जो उस वख्त नै दे पाया , तुम मेरी हो जूही , सिर्फ मेरी.." रवि ने बेइंतहा बेबी के होंठो को चूसते हुए बोलै ,

"में बस तुम्हारी हु जान , बस तुम्हारी .." बेबी भी रवि के बाल सहलाती उसके होंठो को चुस्ती रही ,

"रवि , कोमल कहा है , वोह उस दिन जंगल में गई थी ..." बेबी ने अचानक वोह पूछ लिया , जो उसे नै पूछना चाहये था , गहरे , ताज़े जखम को , फिर से खरोच दिया था बेबी ने , शयद इस में उसकी कोई गलती भी नै थी ,

रवि के चेहरे की मुस्कराहट इक डैम से गयाब हो गई , अभ वह था , तोह बेइंतहा दर्द और गुस्सा , और कोमल की वोह कही बतिअन , रवि इक डैम से बीएड से उठ कर खड़ा हो गया , बेबी को कुछ समाज नै ा रहा था , वोह भी उठ कर कड़ी हो गई ,

तो बे कुनिटेड.....
 
फ्रेंड्स 9 बजे अपडेट पोस्ट कर दूंगा...
 
अपडेट-7

अभ अग्गे..

रवि ने जब बेबी के मोह से कोमल का नाम सुना , तोह इतनी नफरत उसके दिल में भर गई , के रिंग को भी उसकी नफरत के तेज़ रौशनी सेहन नै हो रही थी ,

"अह्ह्ह रवि प्लस अपने दिल से यह नफरत काम करो , में सेहन नै कर प् रही हु , प्लस , में मर जोगी , अपने दिल से उस कोमल के लिए जो नफरत तुमने बड़ा रहे हो , उसे काम करो , प्लस..." रिंग ने काळा रंग में बदलते हुए बोलै , उसे बैठना दर्द महसूस हो रहा था ,

"रवि क्या किया कोमल ने , बोलू न , क्या हुआ उसको , कहा है वोह.." बेबी ने थोड़ा नाम आँखों से बोलै ,

"खामोश हो जाओ , उस बेवफा का नाम भी मत लो , वार्ना सबको ख़तम कर दूंगा , जूही मत जगाओ , मेरे अंदर के जानवर को , जो बस नफरत करना जनता है.." रवि ने गुस्से में देहकाते हुए बोलै , उसका बदन ठंडा पढ़ने लगा था , पूरा जिस्म नीला पद चूका था और आँखों में तेज़ रौशनी चमकने लगी थी ,

"रवि तुम क्या हो रहा है , प्लस , मुझे दर लग रहा है..." बेबी ने दर से कंपते हुए रट हुए बोलै ,

"उस बेवफा कोमल ने , मेरे पवितर प्रेम का मज़ाक उदय , उसने मेरे इतने सालो की चाहत को , इक हवस का नाम दिया , उससे शादी करके , में उसे दुनिआ भर की खुशियाँ देना चाहता था , पर मेरे सरे सपने उस बेवफा ने जला कर खाक कर दिया ..." रवि ने गुस्से में चीखते हुए बोलै ,

"रवि , प्लस शांत हो जाओ , मुझे साडी बात बताओ प्लस.." बेबी ने रवि के कदमो में गिरते हुए बोलै ,

"सुन्ना चाहती हो , तोह सुनो , उस बेवफा ने अज्ज तक , इतना सालो तक , मेरी जिंदगी के साथ कैसे खेला.." फिर रवि गुस्से में कंपते हुए , उस रत की साडी बतिअन बेबी को बताने लगा , धीरे धीरे उसने सब कुछ बेबी को बता दिया ,

"ओह्ह तोह कोमल भी इक वैम्पायर थी , उसने तुम्हारा इस्तेमाल किया , इक काल नाम के आदमी के कहने पर , और तुम अज्ज तक , बस धोका देती आयी , ऐसा क्यों किया उसने..." बेबी ने बेइंतहा रट हुए बोलै ,

"ः , क्यों की वोह चाहती थी , के में उसका गुलाम बन कर राहु , जिंदगी भर , उसका कुत्ता बनकर , उसके अग्गे पीछे दम हिलता फिरू , लेकिन अगर वोह मुज़से यह सब चाहती , तोह हस्ते हस्ते उसकी हर बात मन लेना , लेकिन उसने मुझे ठुकरा दिया .." रवि ने उदास होकर जमीन पर बीएड के साथ पीठ लगा बैठते हुए बोलै ,

"कितनी खुदगरज निकली वोह , आखिर इसके पीछे कोई तोह वजह होगी..." बेबी ने थोड़ा शांत होकर बोलै ,

"वजह , इस शब्द से मुझे नफरत है , तुम तोह जानती हो जूही , जब माँ के कहने पर मेने घर छोड़ा , तब कैसी जिंदगी थी मेरी , भिकारी , पागल , पत्थर का बन गया था में , यह सब मेरे साथ हुआ , क्यों की में कोमल से बेपनाह मोह्हबत करता था , उसकी जुदाई मुज़से बर्दाश्त नै होती थी , उसकी जुदाई , मुझे जीने नै दे रही थी , लेकिन में नै जनता था , के उसकी खूबसूरती के पीछे , इक ऐसी मतलबी औरत छुपी थी , जो बस मेरा इस्तेमाल करना चाहती थी ..." रवि ने थोड़ा नाम आँखों से बोलै ,

"मुज़से बढ़कर , तुम्हारी उस हालत को कोण जनता है , तुम्हारी हस हालत का सोचते hi , अज्ज भी मेरी आँखों से असनु बहने लगते हैं..." बेबी ने रट हुए बोलै ,

"जानती हो बेबी मने तुमसे शादी का क्यों पूछा..." रवि ने गहरी साँस लेते हुए बोलै ,

"क्यों की तुम मुझे चाहते हो .." बेबी ने मुस्कराते हुए बोलै ,

"नै , क्यों की उस कोमल ने मुज़से कहा था , के में इक हवसी इंसान हु , क्या मने तुम्हारे साथ कभी जेडटी की , क्या कभी मने तुम्हारा नाजायज फिदा उठाया..." रवि ने बेबी के मासूम चेहरे को घूरते हुए बोलै ,

"नै रवि , तुमने कभी मेरा गलत फिदा नै उठाया , तुमने मुझे इक नयी जिंदगी दी , तुमसे मिल कर मुझे महसूस हुआ , के में जूही हु , न के कतलयाम करने वाली बेबी , और उस दिन जंगल में , मने hi जिद्द की थी , तुमसे सेक्स करने की , और उसदिन के बाद , तुमने अज्ज तक मेरा साथ नै छोड़ा , तुम हवसी नै हो बाबू , तुम प्यार देना जानते हो , तुम बस हर इक ख़ुशी चाहये , फिर वोह चाहे में हु , या सीमा , रिमी , शूरति , रमा , तुम सबकी ख़ुशी चाहिए , तुम हवसी नै हो , तुम इक बहुत अचे इंसान हो रवि..." बेबी ने दर्द भरी आवाज़ में बोलै ,

"तोह फिर उस कोमल ने क्यों बोलै , के में इक हवसी इंसान हु , अपनी हर बहिन के साथ हमबिस्तर होना चाहता हु , अपनी हर बहिन के साथ बस सेक्स करना चाहता हु , हाँ , में मंटा हु , के जिंदगी की शुरुआत में , मैं हवसी इंसान था , जो बस हर लड़की को छोड़ना चाहता था , चाहे वोह कोई भी हो , लेकिन उन 7 सालो ने मुझे बदल दिया..." रवि ने गुस्से और दर्द भरी आवाज़ में बोलै ,

बेबी को कुछ समाज नै ा रहा था के वोह क्या बोले , वोह खामोश सी हो गई थी ,

"जानती हो जूही , उसके वोह खंजर की तेज़ धार जैसे तीखे शब्द , मुझे चैन से जीने नै दे रहे , उसकी कही बातिओं ने मुझे , इक दरिंदा बना दिया , वोह औरत नै , शतिआं थी , मेरा सब कुछ बर्बाद कर दिया उसने..." रवि ने गुस्से में बोलै ,

"रवि भूल जाओ उसे , हमारी खातिर जिंदगी जीना सिख लो , जैसे पिछली बार सीखा था..." बेबी ने रवि का हाथ अपने हाथ में थमते हुए बोलै ,

"नै , मुझे उससे बस इतना hi पूछना है , क्यों खेला उसने मेरी जिंदगी के साथ , और फिर में उसकी गर्दन , उसके धड़ से अलग कर दूंगा , बस इतना सा करना है मुझे , फिर में इक नयी जिंदगी की शुरुआत करुगा , तुम सबके साथ..." रवि ने गुस्से में मुस्कराते हुए बोलै ,

यह शब्द रवि के नयी थे , यह रिंग थी , जो उसकी भावनायिओं को कण्ट्रोल कर रही थी , उसके मन में कोमल का नाम , जिंदगी भर के लिए मिटा देना चाहती थी ,

फिर रवि खड़ा हुआ , उसके साथ hi बेबी भी उठ कर कड़ी हो गई , रवि ने प्यार से बेबी के होंठो को चूमा , और उसे लेकर बहार ा गया ,

कैटलीन ने बेबी के चेहरे पर इक मुस्कान देखि , तोह उसे दिल hi दिल , बेहद ख़ुशी हुई ,

"रमा चले घर.." रवि ने रमा को बोलै जो फर्जी के साथ बतिअन कर रही थी ,

"जी भाई.. " रमा भी मुस्कराते हुए बोली ,

"ाचा बेबी , फिर मिलता हु. ." रवि ने बेबी की आँखों में ज़कते हुए बोलै ,

फिर रवि जाने से पहले कैटलीन के पास गया , और उसके गले लग , उसके कनु में बोलै ,

"काट , बेबी का ख्याल रखना जिंदगी भर , वोह तुम बहुत चाहती है , उसे कभी निराश मत करना.." रवि ने कैटलीन के कनु में यह कुछ चाँद शब्द कहे और वह से जाने लगा ,

तभी बेबी को कुछ यद् आया , उसने रवि को आवाज़ दी , और रुकने को बोलै , बेबी अपने रूम में घुस गई ,

"रवि यह तुम्हारा मोबाइल है , उस दिन जंगल में गिर गया था , मने उठा लिया था..." बेबी ने मुस्कराते हुए बोलै ,

"थैंक्स बेबी..." रवि भी मुस्करा कर बोलै और फिर रमा के साथ घर की तरफ चल पढ़ा ,

रवि और रमा के जाते hi कैटलीन बोली ,

"क्या बात है जणू बहुत खुश हो..." कैटलीन ने बेबी के करीब एते हुए बोलै ,

"तुम भी न.." बेबी शरमाते हुए बोली ,

"कही रवि ने पेल तोह नै दिया.." कैटलीन हस्ते हुए बोली ,

"हहै , तुम भी न , ऐसा कुछ नै हुआ , वोह बहुत दर्द में है , और उसने मुज़से पूछा ..." बेबी ने काट की आँखों में देखते हुए बोलै ,

"क्या बोलै वोह मेरी जान..."

"वोह मुज़से शादी करना चाहता है.."

"ओह्ह यह तोह अछि बात है , शादी करलो उससे.." कैटलीन ने मुस्करा कर बोलै ,

"लेकिन , में तुमसे शादी करना चाहती हु , मने तुमसे वादा किया था , और में रवि की पत्नी हु , शादी जरुरी नै , वोह मेरे पति है और हमेशा रहेंगे..." बेबी ने शरमाते हुए बोलै ,

"हहै , इतना प्यार और मुज़से..." कैटलीन ने बेबी की आँखों में आँखें दाल बोलै ,

"यस , और तुमसे प्यार है , जो बढ़ता जा रहा है , हर दिन..." बेबी ने मुस्करा कर बोलै ,

दूसरी तरफ...

"भइआ अप्प कुछ बोलू न , कब से देख रही हु , अप्प खामोश हो.." रमा ने थोड़ा उदास शबदो में बोलै ,

"नै मेरी जणू , ऐसी कोई बात नै , तुम टेंशन लेने की जरुरत नै.." रवि ने रमा का हाथ अपने हाथ में लेते हुए बोलै ,

"भइआ ी लव ु , में आपसे बेइंतहा प्यार करती हु , और मुझे सब यद् है..." रमा ने शरमाते हुए बोलै ,

"जानती हो , इसका अंजाम क्या होगा , तुम्हारी माँ मुझे हमेशा के लिए छोड़ देगी , क्यों की तुम उसकी बेटी से बढ़कर हो.." रवि ने गंभीर होकर बोलै ,

"पर में कैसे भूल जाऊ , अपने hi मुझे औरत बनाया था , अगर माँ चाहती है , के में आपसे दूर राहु , तोह कोई दूसरा मेरी जिंदगी में कभी नै आएगा , यह आपकी रमा का वादा है.." रमा ने थोड़ा गुस्से में बोलै ,

"वख्त पर छोड़ दो रमा , वख्त hi बताएगा , के अग्गे क्या होने वाला है , वैसे तुम बहुत हॉट हो , गाओं में तुम बेहद बुरी लगती थी..." रवि ने हस्ते हुए बोलै ,

"ाचा जी , उस दिन झोपड़े में मुज़से हसन और कोई नै थी , और अज्ज , में बुरी हो गई , में आपसे इतना प्यार करती हु , के मेरी पूरी जिंदगी अप्प पर कुर्बान.." रमा ने थोड़ा गंभीर होकर बोलै ,
 
"हम्म , जनता हु , तुम्हारे साथ जिंदगी की शुरुआत हुई और कोमल के साथ ख़तम , उस बेवफा ने मुझे हवसी कहा , शहहह मेरे पवितर प्यार का मज़ाक उदय उसने ..." रवि ने बेहद गुस्से में बोलै ,

"भाई अप्प चिंता मत करो , में हु न , अभ से अप्प कभी कोमल का नाम नै लोगे , वचन दो मुझे.." रमा ने थोड़ा नाम आँखों से बोलै ,

"वचन दिया , आखिर में अपनी रमा को दुखी नै कर सकता..." रवि ने मुस्कराते हुए बोलै ,

"हम्म , यह ठीक है , में आपकी हु , और हमेशा आपकी रहूगी..." रमा ने मुस्करा कर बोलै ,

"ठीक है , में भी तुम्हारा हु और तुम्हारा hi रहुगा..." रवि ने रमा को अपनी बहु में भर कर बोलै , अभ रमा के होंठो पर इक मुस्कान थी , दिलकश मुस्कान...

"भइआ , वादा करो , कभी मेरा साथ नै छोड़ोगे , वादा करो मुज़से , और यह वादा मेरी जिंदगी और मौत से जुड़ा होगा..." रमा ने बेहद गंभीर अवस्था में पूछा ,

"वादा रहा , चाहे दुनिआ ेहडेर की ोहडेर हो जाये , में तुम्हारा साथ जिंदगी भर दूंगा , पर में तुम्हारे साथ सेक्स नै कर सकता रमा , तुम्हारी माँ ने मुज़से वचन लिया है.." रवि ने उदास होकर बोलै ,

"कोई बात नै भइआ , अपने मुझे अपना लिया , यही मेरे लिए बहुत है , भइआ घर ा गया , पर भइआ kiss-viss तोह कर hi सकते हैं..." रमा शरमाते हुए बोली , और घर के अंदर भाग गई ,

"पगली कही की..." रवि भी मुस्कराते हुए घर के अंदर ा गया ,

रवि सीधा अपने रूम में गया , रवि ने मोबाइल को चार्ज पर लगाया और कुछ देर बीएड पर लेट गया ,

"आखिर रमा को अपना hi लिया तुमने , अछि बात है , वोह तुम्हारे लिए अग्गे काफी मददगार साबित होगी..." रिंग ने रवि से बात करते हुए बोलै ,

"हम्म , उफ़ क्या करता में , मने उसकी आँखों में इक लम्बा इंतज़ार , और इक गहरी तड़फ देखि , में उसे और दुःख और तकलीफ नै दे सकता , मेरे पास यही अंतिम रास्ता बचा था , वैसे भी हम दोनों कभी करीब नै होंगे , पर में उसे नै छोड़ सकता , वोह मुज़से बेइंतहा प्रेम करती है..." रवि ने थोड़ा उदास मन से बोलै ,

"कोई बात नै , में तुम्हारे मन की हालत समज़ती हु , उसे मने महसूस किया है , वोह टूट चुकी थी , अभ जाकर उसका मन शांत हुआ है , रवि अपना मोबाइल चला कर देखो न , क्या पता किसी खास का फ़ोन ा रहा हो..." रिंग ने थोड़ा उदास लहजे में बोलै ,

रवि ने उठ कर अपना फ़ोन ों किया , फिर उसने मस्सगे बॉक्स खोला तोह , कविता की 100 से ऊपर मिस्ड कॉल्स आयी हुई थी , और भी ढेरो नंबर्स दिख रहे थे , मोबाइल इनबॉक्स पर ,

रवि ने कविता को फ़ोन किया , कुछ hi रिंग्स गई होंगी , तब कविता ने फ़ोन पिकप कर लिया ,

"हलो कवी.."

"हलो भइआ , कहा थे अप्प , मने कितने फ़ोन किये आपको , भइआ हमें आपकी जरुरत है..." कविता ने रट हुए बोलै ,

"क्या हुआ मेरी जान , पूरी बात बताओ.." रवि भी उदास होकर बोलै ,

"भइआ देदी दिलवर खान के कब्जे में है , प्लस कुछ करो.." कविता ने रट हुए बोलै ,

"तुम रोना बंद करो , में हु न , वैसे पूरी बात बताओ मुझे.." रवि ने थोड़ा गुस्से में बोलै ,

"भइआ दिलवर खान , पिता जी से जमीन की मांग कर रहा है , पर पिता जी मन नै रहे थे , तोह उसने सोनल देदी को किडनैप कर लिया , अज्ज 3 दिन हो गए हैं , प्लस भइआ , देदी को बचा लो , प्लस..." कविता ने और भी जोर से रट हुए बोलै ,

"में तुमसे वादा करता हु , रत तक सोनल को रहा करवा कर , और दिलवर खान को ख़तम कर , में और सोनल तुम्हारे सामने होंगे , यह वादा है मेरा तुमसे..." रवि ने इतना बोल फ़ोन कट कर दिया ,

अभ उसकी आँखों अग्ग उगल रही थी , उसका बदन ठंडा पढ़ने लगा था , आँखों का गुस्सा अभ धीरे धीरे उसके पोरे बदन में तेज़ाब बन कर दौड रहा था , रवि जल्दी से रूम से बहार निकल घर के हॉल में पहुँच गया , यहाँ सभी बैठी हुई थी...

तो बे कुनिटेड.....
 
फ्रेंड्स अज्ज रत को अपडेट देने की कोससिह करुगा... मेरी तबीयत बिगड़ गई थी.. हॉस्पिटल में था.. सॉरी .. पता नै यह कब तक चलेगा...
 
update-8

Abh agge..

ravi gusse se pagal ghar ke hall me a gya , uski akhon me beintha gussa tha.

yeh gussa tha , use apne app par , akhir usne sonal ko vaha akela kyu choda , use sonal ko yaha apne pas leker anna chahyie tha.

seema ne ghor se ravi ko dekha , toh voh samaz gai , ke ravi behad preshan hai.

voh uth kar uske pas a gai , or dhere se boli ,

"kya hua , kuch preshan dikh rehe ho"

"seema , kavita ka phone aya tha , sonal dedi ko dilavar khan ne kidnap kar liya hai"

"ohh , toh tum yaha kya kar rehe ho , jao bachao apni behan ko.."

ravi ik dam se herian hua seema ko dekhne laga , voh kabhi seema ko samaz hi nai paya tha.

"kya bola tumne.."

"mane kaha jao , sonal ko bachao , or agar , use kuch hua , toh me tume kabhi maf nai karugi.." seema ne nam akhon se bola ,

"nai hoga , vada karta hu .."

"ik ik ko jaan se mar dena , agar tumne kabhi muzse pyar kiya ho toh.." seema ne ravi ke hontho ko chumte hue bola ,

"kisi ko bhi jinda nai choduga .."

"pora shehar dehal jaye , esi mout dena unko , ravi pariwar se badkar kuch nai hota , sonal hamara ik hissa hai , voh meri behan hai , tume ham sabki raksha karni hai , abh jao jaldi.." seema ne muskra kar bola ,

"hmm , me samazta hu..."

ravi jane laga , tabhi seema ne use awaz di.

"ravi ik mint rukna.."

"han bolo jaan.."

"rema , beti , meri bat suno.." seema ne rema ki traf dekhte hue bola ,

"ji maa.." rema bhi uth kar un dono ke pas a gai.

"beti , apne bhai ke sath jao , enke sath hi rehna.." seema ne thoda muskra kar bola , use kaal ki kahi batian yad a gai thi.

"ji maa.." rema bhi behad khush ho gai.

"par seema , vaha khatra hoga.."

"muze kuch nai sunna , tum rema ko sath leker jao.." seema ne thoda pyar or gusse ke mile-jule bhav liye bola.

"thik hai.." ravi ne etna bola , or rema ko sath leker ghar se bahar nikal gai.

vahi shurti or rimi thodi udas dikh rehi thi , or seema unko kuch bata rehi thi.

ravi ne geraj me jaker apni gadi nikali , or rema ko sath betha , nikal padha dilvar khan ke ladne.

"ruhi , kya tum bata sakti ho , dilavar khan kaha hoga.."

"hmm , voh ***** ik purani factory me chupa hua hai , vahi par sonal bhi hogi.."

"ruhi , ik bat yad rakhna , me ik aam insan ki trah apni behan ke liye ladna chahta hu , chahe muze kitni bhi chot kyu na lage , tum meri koi help nai karugi.." ravi ne man hi man ring se bola.

"par tumare pas etni takat hai , ke tum kuch hi palu me un sabko mar sakte ho.." ruhi ne preshan hoker bola.

"hmm , tum sahi ho , par me apni behan ki ijajat apne dum par bachana chahta hu , takat ka istemal , vahi hoga , yaha eski jarurat hogi , en gundu ke liye toh , mera yeh insani roop hi kafi hai.." ravi ne muskrate hue bola.

"tum bahut bahadur ho , tabhi toh me tume etna chahti hu , muze vishwas hai , tum jarur kamyab ho jauge.." ruhi ne muskra kar bola.

"bhai kya soch rehe ho.." rema ne apne lambe khubsurat baalo se khelte hue bola.

"kuch nai janu..." ravi ne rema ke masom or had se jayda khubsurat chehre ko niharte hue bola.

"par bhai ham ja kaha rehe hain.."

"janu , sonal dedi ko ik gunde ne kidnap kar liya hai , bus usi ko marne ja rehe hai..." ravi ne muskrate hue bola.

"bhyia me bhi use marugi.." rema ne gusse me bola.

"janu rema , tumare hath bahut nazuk hain , agar tume jara si bhi chot lagi , muze beintha dard hoga , tum toh meri pyari si gudia ho..." ravi ne rema ke baalo ko pyar se sehlate hue bola.

"hmm , flirt karna toh koi apse sikhe , vaise kya chahte ho , jo etna makhan laga rehe ho.." rema haste hue boli , uski nashili akhon me ik shararat thi.

"janu bus app gadi me bethe rehna , kahi unki nazar app par padh gai , toh voh sab ladna bhul jayege.." ravi ne rema ko akh marte hue bola.

"dhatt , app na bade voh ho.." rema sharmate hue boli.

"are , are , me sach bol reha hu , tumari en nashili akhon me dekh kar koi bhi madhosh ho jaye.." ravi muskrate hue bola.

"app toh hote nai.." rema ne apne hontho me hi yeh bat kahi.

"kya bola app ne rema jii.."

"kuch nai bola , or app yeh jii kyu laga rehe ho , etni ijajat se mat bolo , muzse hazam nai hogi , apki batian.." rema haste hue boli ,

uske naram gulabi hontho ki yeh jaduei muskan dekh , ik bar toh ravi bhi kahi kho sa gya.

rema haste haste sharmane lagi , or gadi ki mirror se bahar dekhne lagi.

"rema jab tum yu sharmati ho na , tab dil karta hai , bus tume chum lu , or bus tumare en naram gulabi hontho ko chumta rahu , chumta rahu.." ravi ne apna ik hath rema ke hath par rakhte hue bola.

"kya bhai app bhi , muze badi sharam a rehi hai.." rema ne sharma kar bola.

"hmm , ik toh bar bar bolti thi , muzse pyar nai karte , abh jab tumari jidd ke agge me zuk gya hu , toh abh hamari sexy rema ko sharam a rehi hai.." ravi ne rema ko chedte hue bola.

"umm , pehle maa se darte rehe app , meri en akhon me pyar nai dikha apko , me toh jab se thik hui hu , tab se apke prem ke liye taras rehi hu , me bus etna janti hu , ke me bus apke liye bani hu , sirf apke liye.." rema ne apne bhai ki akhon me akhen dal bola , or phir ika ik usne apni dhai akh ko daba diya..

"uff rema , aise akh mat maro yarr , kahi accident na ho jaye.." ravi ne haste hue bola.

"bhai.."

"hmm .."

"bhai me apko ik kiss kar lu.."

"mera abhi mod nai hai.." ravi ne rema ko chidate hue bola.

"bhad me jao app.." rema ne gusse me akar apna chehra dusri traf ghumate hue bola.

"tumara yeh katilana gussa hamari jaan le reha hai ,

haye koi toh bataye hamari sexy rema ko ,

ke ham toh uski khushi ke liye , jaan bhi de sakte hain.."

"huu ..." rema ne gusse se ravi ki traf dekha or apne hontho se usko chidate hue phir se chehra dusri traf kar liya , jaise keh rehi ho , uske yeh mithe bol , abh use behla nai sakte.

"कोई हसीना जब रूठ जाती है तो

और भी हसीन हो जाती है

कोई हसीना जब रूठ जाती है तो

और भी हसीन हो जाती है..." ravi song gane laga , par rema use koi bhao nai deti , par dil hi dil voh muskrane lagti hai...

ravi agge song gane lagta hai...

"ज़ुल्फो में छैय्या, मुखड़े पे धूप है

हे, ज़ुल्फो में छैय्या, मुखड़े पे धूप है

बड़ा मज़्ज़ेदार गोरिये ये तेरा रंग रूप है

डोर से पतंग जब टूट जाती है तो, है तो, है तो

रुख़ रंगीन हो जाती है

कोई हसीना जब रूठ जाती है तो

और भी हसीन हो जाती है

टेसान से गाड़ी जब छूट जाती है तो

एक दो तीन हो जाती है, एक दो तीन हो जाती है

एक दो तीन हो जाती है, एक दो तीन हो जाती है.." ravi ne song khatam kiya , toh dekha ke rema uski traf dekh kar muskra rehi thi...

"bhyia i love u , app bahut cute ho , so sweet..." rema pyar se agge badkar ravi ke galo ko chumte hue bolti hai.

"umm , etni mehnat se gana gaya , voh bhi galo par kiss ke liye..." ravi ne moh banate hue bola.

"toh ..."

"yaha pe kiss karo.." ravi ne apne hontho par jebh phira kar bola.

"maa se puch lu , phone karke , bus ik mint.."

"are nai rema , me toh mazak kar reha tha.." ravi ne muskrate hue bola.

"bhyia me bhi mazak kar rehi hu , apke liye toh yeh jaan bhi kurban.." rema ne muskra kar bola.

ravi ko ika ik komal ki yad a gai , voh behad kossih kar reha tha , ke komal ko bhul jaye , par uski har kossih nakam ho rehi thi , uski akh se ik katra asnu beh nikala.

"bhai , kya hua , app jo bolo me vahi karugi , apki akhen nam kyu hain , pls bhai , rona mat , varna me mar jaugi..." rema ne rote hue bola.

"are , meri sexy rema , tum kyu ro rehi ho , meri akhon ke yeh asnu , tumare pyar ke hain , me soch reha tha , meri rema , muze etna pyar karti hai.." ravi ne saf saf zuth bolte hue kaha.

"sach me.." rema ne apni akhen saf karte hue bola.

"han meri jaan , sach me.." ravi ne rema ka hath sehlate hue bola.

"ohh bhai , agar kabhi mere karan apki akhen nam hui , toh voh meri jindgi ka akhri din hoga.." rema ne apne bhai ke karib hote hue bola.

"ik thapad maruga , bahut intelligent ho gai hai tu , aisa kabhi bola toh..." ravi ne thoda gusse me bola.

"sorry bhyia.." rema ne masomyiat se kan pakadte hue bola.

aise hi pyar bhari nok-zok chalti rehi , or dono us factory ke pas pahuch gye , yaha sonal kaid thi.
 
"हम्म , तोह यहाँ कैद है सोनल देदी , भाई कब तक वापिस ायुगे.." रमा ने अपने गुलाबी होंठो पर जीभ फिरा उनको गीला करते हुए बोलै.

"हाय , जणू , अभ तोह जल्द वापिस ायुगा..." रवि ने भी अपने होंठो को गीला करते हुए बोलै.

"भाई , अगर अप्प ने सोनल देदी को बचा लिया , तोह आपको इक किश मिलेगी , यहाँ.." रमा ने अपने होंठो पर इक ऊँगली रखते हुए बोलै.

"जणू , अभ तोह में जल्दी hi वापिस ायुगा , आखिर ें गुलाबी होंठो का रास पीने को मिलेगा , में गया और आया .." रवि ने मुस्कराते हुए बोलै और गाड़ी से उतर कर फैक्ट्री की तरफ बढ़ने लगा.

"आखिर कितने लोग होंगे रूही..."

"18 लोग हैं , 2 मैं गेट पर , बाकि अंदर , कोई गन नै , बस तेज़धार हथियार है उनके पास..." रूही ने सब बताते हुए बोलै.

"हम्म , यद् है न , जो मने बोलै था..."

"हाँ यद् है , पर इक बार और सोच लो जणू.." रिंग ने थोड़ा उदास होते हुए बोलै.

"रूही , वोह मेरी बहिन नै , उससे भी कुछ बढ़कर है , मुज़मे इतनी ताकत है , के में अपनी सोनल को बचा सकू..." रवि ने बेहद गुस्से में बोलै.

रवि धीरे धीरे फैक्ट्री की और बढ़ने लगा , फैक्ट्री की हालत देख ऐसा लग रहा था , नजाने कब से बंद थी..

रवि धीरे धीरे अग्गे बढ़ते हुए फैक्ट्री के मैं गेट के पास पहुँच गया , वह 2 आदमी पहरा दे रहे थे.

उनको देख ऐसा लग रहा था , जैसे उनको कोई दर नै था , वैसे भी दिलावर खान इस शहर का डॉन था , उससे तोह इस शहर की पुलिस भी डर्टी थी.

रवि ने देखा दोनों पहरेदार आपस में बतिअन कर रहे थे.

रवि ने चलते चलते इक रोड निचे से उठाई और उनकी तरफ बढ़ने लगा ,

"यह कोण है तू.." इक पहरेदार थोड़ा ुचि आवाज़ में बोलै ,

लेकिन तब तक रवि उन दोनों के पास पहुँच गया था , जैसे hi वोह पहरेदार उसके करीब आया , रवि ने रोड का जोरदार वर उसके चेहरे पर कर दिया.

"अह्हह्ह्ह्ह..." इक चीख के साथ वोह पहरेदार , जमीन पर गिर गया , उसके आधे दन्त मोह से निकल कर खून के साथ बहार गिर पड़े..

"सेल तू नै बचेगा.." दूसरा पहरेदार यह बोलता हुआ रवि को मरने डोडा..

लेकिन रवि ने निचे झुक उसके पेट पर लोहे की रोड का तेज़ वर किया , वोह दर्द से कहरहटा हुआ निचे झुक गया.

रवि ने इक जोरदार वर उसके सार के ऊपर मारा , .."अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह.." इक तेज़ चीख के साथ उस दूसरे पहरेदार का सर फुट गया , वोह बेहोश होकर गिर गया..

रवि ने फैक्ट्री का गेट खोला और अंदर घुस गया..

अंदर तोह आदमी hi आदमी थे , अगर रवि रिंग उतर देता तोह वोह ें सभी को चाँद पलु में मौत की नंद सुला देता , पर उसके कनु में कोमल की आवाज़ गूंज रही थी , .."भइआ अप्प क्यार हो , बुज़दिल हो , अप्प क्यार हो , हाँ कायर हो अप्प्प , ..."

रवि गुस्से से चिलता हुआ उन सबकी तरफ बढ़ने लगा , तब तक उन लोग की नज़र भी रवि पर पढ़ चुकी थी , उनके बेच इक जाना मन नाम था , सुल्ताना...

"तुम , मर दो सेल को..." सुल्ताना गुस्से में चीखते हुए बोलै..

रवि ने देखा , सुल्ताना के पास hi सोनल थी , उसे इक कुर्सी से बाँदा गया था , उसके होंठो पर इक टेप लगी थी , जब सोनल ने रवि को देखा तोह उसकी आँखें गंगा जमुना की तरह बहने लगी ,

रवि ने जब सोनल को रट देखा , तोह वोह गुस्से से पागल हो गया ,

रवि ने देखा 5 आदमी हाथों में तेज़ दर हथियार लिए उसकी तरफ बढ़ रहे हैं , रवि भी उस रोड को हाथिओं में कास के पकड़ उनकी तरफ बढ़ने लगा ,

जैसे hi वोह नज़दीक ए , रवि ने निचे झुक रोड की वर दो अद्मयों की तंग पर किया , वोह चीखते हुए निचे गिर गए ,

रवि ने तेज़ी से खड़े होते hi इक आदमी के मोह पर रोड का तेज़धार वॉर किया , वोह आदमी दर्द से तडफता हुआ निचे गिर गया , जो बाकि दो बचे थे वोह थोड़ा पीछे हैट गए ,

उनमे से इक के हाथ में तलवार थी , उसने छीलते हुए तलवार का वॉर रवि पर किया , रवि निचे झुक गया और फिर ऊपर उठते hi , रवि ने उसका माथा फ़ूड दिया ,

जैसे hi वोह आदमी गिरने लगा , रवि ने उसके हाथिओं से तलवार चीन ली , जो इक आदमी बचा था , वोह रवि की तरफ बड़ा , लेकिन रवि ने तलवार के जोरदार वॉर से उसकी गर्दन धड़ से अलग कर दी ,

बाकि बचे 12 आदमी यह देख थोड़ा घबरा गए , खुद सुल्ताना भी , वोह गुस्से से चीखते हुए बोलै ,

"अरे खड़े खड़े मेरा मोह क्या देख रहे हो , ख़तम कर दो , सेल को..."

अपने बॉस की बात मन , वोह सभी रवि की तरफ डोडे , रवि भी उनकी तरफ भगा ,

"कोमल में कायर और बुज़दिल नै हु..." रवि अपने मन में बोलै और गुस्से से , उसके अग्गे जो आया , उसे कट्टा गया , रवि बस अपनी तलवार घुमाये जा रहा था , जो भी उसके सामने ा रहा था , वोह बस उसे कट्टा जा रहा था , किसी की बाह काट दी , किसी का चेहरा काट दिया , किसी की टंगे काट दी , किसी का पेट चीयर दिया ,

जब रवि रुका , सुल्ताना का इक भी आदमी खड़ा नै था , सब के सब जमीन पर लेते हुए थे और रवि की तलवार , खून से पूरी लाल हो चुकी थी , खून की बूंदे तलवार के तीखी नोक से निचे टपक रही थी...

"तू चाहता क्या है सेल , अज्ज में तुझे ख़तम कर दूंगा..." सुल्ताना ने गन निकल कर बोलै..

"नामर्द साला , हिमत है तोह , ा लड़ मुज़से , वार्ना मन ले के तू नामर्द है , ठयऊ.." रवि ने बेहद गुस्से में थूकते हुए बोलै ,

"अह्ह्ह सेल मुझे नामर्द बोलै , थायःहःहःहः.." गोली चलने की आवाज़ आयी , और रवि निचे गिर पढ़ा.....

तो बे कुनिटेड......
 
अपडेट-9

अभ अग्गे...

सुल्ताना की चलाई गोली सीधा रवि के कंडे पर जा लगी.

रवि इक डैम से पीछे की तरफ गिर gya.use बेहद दर्द हो रहा था , लेकिन तलवार अभी भी उसके हाथ में थी.

"रवि मुझे अपनी ऊँगली से खींच कर निकल दो , तुम ठीक हो जाओगे , प्लस.." रूही ने थोड़ा नाम आँखों से बोलै.

"नै , तुम मेरी कसम , यह लड़ाई मेरी खुद की है .." रवि ने दर्द सहते हुए रूही से बोलै.

"साला , मुझ पर थूकता है , जब तू अपनी माँ की गॉड में खेल रहा था , तब से में लोग को मरता ा रहा हु , मुज़से ताकतवर इस दुनिआ में कोई नै है , अभ तेरे सामने इस लड़की को नंगा करुगा , ः.." सुल्ताना ने सोनल के होंठो से टेप उतारते हुए बोलै.

"रवीए , प्लस उठो , बचाओ मुझे..." सोनल ने बेइंतहा रट हुए बोलै.

"चुप कर कामिनी , पहले तेरे साथ में मज़े करुगा , फिर तुझे बाजार में ुचि कीमत पर बेचूगा..." सुल्ताना ने सोनल की कमीज़ को खुश कर फाड़ते हुए बोलै.

"रवीए , देखो यह तुम्हारी सोनल की इजाजत लूट रहा है , उठो रवि प्लस..." सोनल ने चीखते हुए बोलै.

"चुप साली , वोह नै उठेगा , अभी तेरे सामने दो गोली और मरकर अत हु , फिर हम मज़े करेंगे रानी..." सुल्ताना मुस्कराते हुए बोलै और रवि के करीब पहुँच गया.

सुल्ताना , रवि के ऊपर झुक गया , और गन की नाली , उसकी माथे के बेचू बेच रख दी ,

"अलविदा बचे ..."

"इतनी जल्दी नै..." रवि ने इक डैम से आँखें खोली , सुल्ताना थोड़ा घबरा गया.

"तेरी तोह..." अभी सुल्ताना इतना hi बोलै था , रवि ने अपनी तलवार उसकी गर्दन के ऊपर रख दी.

"अगर तूने गोली चलाई , तोह में तेरा गाला काट दूंगा.." रवि ने धीरे धीरे उठते हुए बोलै.

रवि जब उठ कर खड़ा हुआ , तब सुल्ताना ने उसके पेट पर इक किक जड़ दी , जिससे रवि थोड़ा पीछे हैट गया.

"अभ कैसे बचेगा तू..." सुल्ताना ने गन रवि पर तन कर बोलै.

रवि धीरे धीरे घूमता हुआ सोनल की तरफ हो गया , और सुल्ताना की पीठ फैक्ट्री के गेट की तरफ ,

"बहुत उछाल रहा था तू , सेल कायर है तू..." सुल्ताना ने निचे थूकते हुए बोलै.

"ीेह्हह्ह्ह्ह..." रवि की आँखें गुस्से से लाल हो गई , जब सुल्ताना ने उसे कायर बोलै तोह ,

रवि ने भागते हुए निचे झुक कर अपने कंडे से सुल्ताना के पेट पर वॉर किया , सुल्ताना दर्द से कहरहटा हुआ निचे गिर गया , उसने लेते लेते hi गन रवि पर फिर से तन दी , लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी ,

रवि ने गुस्से से इक तेज़ वॉर किया और सुल्ताना का दया हाथ उसकी कलाई से काट कर दूर फेंक दिया.

"आआआआहहहहहहह माआआ..." सुल्ताना दर्द से चीखते हुए बोलै.

सुल्ताना दर्द से कहरहटा हुआ खड़ा हो गया और पीछे हटने लगा.

"में कायर नै हु , में कायर नै हु , सेल..." रवि गुस्से से पागल हो गया , उसे कुछ भी होश नै था , उसे ऐसा महसूस हुआ जैसे कोमल उसे कायर बुला रही थी ...

रवि ने इक तेज़ वॉर कर , सुल्ताना की तंग उसके घुटने से निचे काट दी , वॉर इतना जोरदार था के तंग काट कर इक तरफ गिर गई , सुल्ताना जमीन पर गिर गया और रट हुए चखने लगा.

"रवि रुक जाओ , प्लस , इतना काफी है..." सोनल ने रट हुए बोलै.

"तुमने मुझे कायर बोलै , पहले उस कोमल ने मुझे कायर बोलै था , अभ तुमने बोलै , में कायर नै हूउउउउउ..." रवि अपने होश में नै था , उसने तलवार फेंक दी , ेहडेर ोहडेर पागलो की तरह कुछ ढूंढ़ने लगा ,

सुल्ताना और भी दर कर कम्पनी लगा , वोह सोनल की तरफ देख कर बोलै.

"बहिन मुझे बचा ले , अह्ह्ह्ह मैं हाथ जोड़ता हु , मुझे बचा ले ..." सुल्ताना रट हुए सोनल से माफ़ी मांगने लगा ,

रवि पागलो की तरह कुछ दंड रहा था , अचानक उसे वोह चीज़ मिल गई , जो उसे चाहये थी , रवि ने भाग कर उस चीज़ को उठा लिया ,

"अप्प कायर हो , बुज़दिल हो अप्प , भइआ अप्प कायर हो , सेल तू कायर है , सेल तू कायर है..." रवि के दिमाग में कोमल और सुल्ताना की कही बतिअन चल रही थी , बार बार , वोह पागल होते जा रहा था.

"अह्हह्ह्ह्ह में कायर नै हु , सुना तुमने कोमल , सुन रही हो , में कायर नै हु , सुनो , बेवफा सुनो , में कायर नै हूउउउउ..." रवि ने जोर से चीखते हुए बोलै ,

और सुल्ताना की तरफ बढ़ने लगा , सुल्ताना रवि को अपनी तरफ अत देख और भी दर गया ,

"बहिन ऐसे रोकू , बचा लो मुझे , बहिन , में माफ़ी मांगता हु , रोक लो ऐसे , मुज़से गलती हो गई , रोको ऐसे , यह मर देगा मुझे..." सुल्ताना ने गिड़गिड़ाते हुए , रट बिलखते हुए बोलै ,

"तुमने मुझे कायर बोलै , कुट्टी..." रवि ने अपने हाथ में पकड़ी बड़ी से खुल्हाडी से सुल्ताना की दूसरी तंग भी काट दी...

"आआह्ह्हह्ह्ह्ह मायआ अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह बचाऊओऊ , कोइइइइइ बचावूओ मुजीईए अह्ह्ह्हह्हह..." सुल्ताना दर्द से चीखते हुए बोलै...

"रवि छोड़ दो प्लस , छोड़ दो उसे , रुको रवि , तुम मेरी कसम रुक जाओ , प्लसस , में हाथ जोड़ती हु , रुक जोऊ ..." सोनल ने रो रो कर रवि की मिनट करते हुए बोलै.

"शह्ह्हह्ह्ह्ह , खामोश हो जाओ , तुमने सुना न , इसने मुझे कायर बोलै , जैसे उस कोमल ने बोलै था , अगर तुम दुबारा बोली , तोह तुम्हारी भी गर्दन काट दूंगा , शह्ह्ह्ह ..." रवि ने गुस्से से सोनल की तरफ देखते हुए बोलै , और फिर अपने होंठो पर इक ऊँगली रख उसे चुप रहने का बोलै.

सोनल , रवि का यह डरावना रूप देख अंदर तक कम्प गई , वोह कंपते हुए खामोश सी हो गई , उसका बदन थार थार कम्प रहा था , पर आँखों से लगतार असनु बहते जा रहे थे.

"में कायर नै हूउउ , इस पूरी दुनिआ को बता दो , में कायर नै हूउउ..." रवि ने उस बड़ी से खुल्हाडी का वॉर सुल्ताना की छाती पर किया ,

"ahhhhhhhhhhhhh ...." इक लम्बी चीख के साथ सुल्ताना खामोश सा हो गया , पर रवि नै रुका , वोह बस मरता गया , मरता गया , उसका पूरा चेहरा , उसके कपडे , सुल्ताना के जिस्म से निकले खून से भर गए थे ,

"में कायर नै हु , सेल , बोल , बोल , के में कायर नै हुऊ..." रवि इतना पागल हो गया था , उसने सुल्ताना के पोरे जिस्म को फाड् दिया था , जमीन पर हर तरफ , सुल्ताना के जिस्म के टुकड़े भीकरें हुए थे ,

सोनल यह सब सेहन न करते हुए बेहोश हो गई , लेकिन रवि अभी भी नै रुका था ,

कुछ hi पलु में सुल्ताना के चेहरे के बिना , उसका पूरा शरीर छोटे छोटे टुकड़ू में कटा हुआ था ,

"रवि शांत हो जाओ , वोह मर चूका है..." रूही ने रट हुए बोलै.

"क्या ..."

"मने कहा वोह मर चूका है , रुक जाओ तुममम.." इस बार रूही ने थोड़ा गुस्से में बोलै.

"नै , यह मर नै सकता , रूही , ऐसे बोलो के यह कहे , के में कायर नै हु..." रवि ने सुल्ताना के कटे सर के पास बैठते हुए बोलै.

"रवि होश में ायो , वोह कैसे बोलेगा..." रूही ने बेहद रट हुए बोलै , उससे रवि की यह हालत देखि नै जा रही थी.

"ेहः भैई , सुल्ताना भाई , बोलो न , अरे कुछ तोह बोलो , रूही ऐसे कहु , के यह बोले के में कायर नै हु , वार्ना में ऐसे और मरुँगा , रूही बोलो ऐसे , ऐसे कहु में ऐसे जिन्दा छोड़ दूंगा , बस इतना सा बोल दे , के में कायर नै हु , रूही कुछ तोह करो , मुझे इसके मोह से सुन्ना है बस..." रवि ने सुल्ताना के कटे सार को अपनी गॉड में रखते हुए बोलै.

"रवि कैसे समाजु तुम , यह मर चूका है , यह अभ नै बोल सकता , इसका बस यही चेहरा hi बचा है..." रूही ने और भी रट हुए बोलै.

"लेकिन..." रवि ने सुल्ताना की चेहरे को जमीन पर रखते हुए बोलै.

"lekin-vekin कुछ नै , तुम सोनल को लेकर जाओ..." रूही ने इस बार थोड़ा गुस्से में बोलै.

"नै.."

"क्या बोलै तुमने..."

"मने कहा नै , जब तक यह नै बोलता , में नै जाउगा , ऐसे बोलना hi होगा के में कायर नै हु , उस बेवफा कोमल ने मुझे कायर बोलै , वोह तोह बच गई , पर यह नै बचेगा..." रवि ने फिर से गुस्से में आकर खुल्हाडी उठाते हुए बोलै.

"रवि रुक जोऊ .." रूही जोर से चीखते हुए बोली.

रवि ने रूही की बात को अनसुना कर , सुल्ताना की इक मटर पहचान उसकी खोपड़ी को भी चीयर दिया ,

रवि ने जैसे hi कुल्हाड़ी को वापिस ऊपर उठाया , सुल्ताना की खोपड़ी भी खुल्हाडी से तंगी ऊपर उठ गई ,

रवि ने खुल्दी निचे जमीन पर रख , अपने पेअर को सुल्ताना के चेहरे पर दबा , खुल्हाडी को उसके सार से खींच कर निकल लिया , और फिर रवि पागलो की तरह उसके चेहरे पर वर पर वर करने लगा , कुछ hi देर में सुल्ताना का पूरा चेहरा छोटे छोटे टुकड़ू में पड़ा हुआ था.

"बोल सेल में कायर नै हु , रूही , यह सुल्ताना कहा चला गया , अभी तोह यही जमीन पर लेता हुआ था , उसे जिन्दा करो , अपनी शक्ति से , उसे बोलना hi होगा के में कायर नै हूउउ..." रवि ने कुल्हाड़ी इक तरफ फेंकते हुए बोलै.

"जाओ सोनल के पास , उसकी आत्मा ने मुज़से कहा के रवि कायर नै है , बहुत बहादुर है , बहुत जायदा..." रूही ने झूठ बोलते हुए कहा , जिसने कभी जिंदगी में झूठ नै बोलै था , अज्ज उस पारी को झूठ बोलना पढ़ रहा था.

"सच में , अगर यह पहले hi इतनी सी बात बोल देता , बेचारा , सॉरी भैई , में जायदा hi गुस्से में था , अग्गे से कभी मुझे कायर मत बोलना..." रवि ने अपने कण पकड़ते हुए बोलै.

"रवि उसकी आत्मा ने यह सुन लिया है , अभ जाओ सोनल के पास .." रूही ने फिर से झूठ बोलते हुए कहा.

रवि भाग कर सोनल के पास गया , और उसे खोल कर अपने कण्डु पर उठा फैक्ट्री से बहार ा गया , यहाँ रमा उसका इंतज़ार कर रही थी.

"भैई यह क्या हुआ आपको , अप्प ठीक तोह हो न..." रमा ने थोड़ा नाम आँखों से बोलै.

"जणू में बिलकुल ठीक हु , तुम हमारी सोनल को सम्बलु , यह बेहोश हो गई है.." रवि ने रमा की मदद से सोनल को गाड़ी की पिछली सीट पर लिटाते हुए बोलै.

"भाई यह इतना सारा खूँन..." रमा ने थोड़ा नाम आँखों से बोलै.

"अरे मेरी सेक्सी रमा , यह खून उन लोग का है , तुम जानती हो , अज्ज सुल्ताना भाई की आत्मा ने मुज़से माफ़ी मांगी.." रवि ने मुस्कराते हुए बोलै.

"क्याआ..." रमा थोड़ा डरते हुए बोली.

"उसने मुझे कायर बोलै था , जैसे उस बेवफा कोमल ने बोलै था , मने गुस्से में आकर उसे मर दिया , फिर उसकी आत्मा ने मुज़से माफ़ी मांगी..." रवि हस्ते हुए बोलै.

रवि हस्ते हुए बेहद ब्यांक लग रहा था , उसका पूरा चेहरा खून से सना हुआ था , वोह इक शतिआं की तरह लग रहा था.

रमा थोड़ी घबरा रही थी , फिर वोह अग्गे की तरफ देखने लगी , कुछ hi देर बाद सोनल ने अपनी आँखें खोली , और दर के मरे चीख पढ़ी.

"आआह्ह्ह्हह मायआ..." सोनल रवि को देख चीख कर उठ बैठी.

"सोनल देदी क्या हुआ , में हु न , अभी कुछ देर में हम घर पहुँच जायेगे , अप्प लेट जाओ..." रमा ने बेहद प्यार से बोलै.

"हाँ सोनल , तुम आराम करो , अभ तुम कोई खतरा नै , बस आधे घंटे में तुम घर के अंदर होगी , जैसा मने कवी से वादा किया था..." रवि मुस्कराते हुए बोलै.

सोनल दिल hi दिल अभ रवि से बेहद दर रही थी , जैसा रूप उसने रवि का देखा था , शयद कोई भी लड़की उससे डरने लग जाती.

सोनल कुछ न बोली और लेट गई और आँखें बंद कर रवि के बारे में सोचने लगी.

"यह रवि को क्या हुआ था , इक कायर शब्द hi तोह बोलै था उसने , इसमें इतना गुस्सा क्यों , और रवि बार बार कोमल को बेवफा क्यों बोल रहा था , क्या हुआ होगा दोनों के बेच , उफ़ में पागल हो जोगी , मेरा रवि पहले ऐसा नै था , क्या हुआ उसके साथ , अभ तोह पागलो जैसा बर्ताव कर रहा है , रमा से पूछूगी रत को..." सोनल यह सब सोचते सोचते सो गई...

उसकी आँख तब खुली , जब रवि उसे प्यार से उठा रहा था .." सोनल , उठु न , घर ा गया , उठु सोनल..." सोनल , रवि की आवाज़ सुन इक जटके से उठ कर बेथ गई , वोह रवि की आँखों में देखने लगी , पर अभ उनमे सिर्फ प्यार था , न कोई गुस्सा , और न कोई पागलपन था.

"क्या हुआ सोनल इतना घबराई हुई क्यों हो , कोई तुम छू भी नै सकता , जब तक में जिन्दा हु , तुम डरने की जरुरत नै , ायो , सभी इंतज़ार कर रहे होंगे..." रवि ने बेहद प्यार से बोलै और गाड़ी से निचे उतर गया.

"उफ्फ्फ , में पागल हो जोगी , इक तरफ प्यार करता है और दूसरी तरफ मेरी गर्दन काटने वाला था ..." सोनल ने गले से थूक निगलते हुए अपनी नरम गर्दन को अपने हाथ से सेहला कर बोलै , और फटाफट गाड़ी से उतर रमा से चिपक गई , और उसका हाथ पकड़ अंदर जाने लगी ,

रवि दोनों के अग्गे चल रहा था , सोनल का बदन कम्प रहा था , वोह रमा से सहारा दंड रही थी , लेकिन रमा तोह खुद कम्प रही थी.

जैसे hi तीनो घर के अंदर ए , सभी घर के हॉल में परेशान बैठे हुए थे , पहले तोह सब सोनल को देख बेहद खुश हुए पर रवि का हालत देख सब परेशान हो गए.

"रवि मेरे बचे तू ठीक तोह है न..." बड़ी चची रुक्मणि रवि के नज़दीक आकर बोली.

"हाँ चची में ठीक हु , अप्प लोग सोनल से बतिअन करो , में नाहा कर अत हु.." रवि इतना बोल ऊपर जाने लगा.

"कवी बीटा , भइआ को उनके रूम में ले जाओ.." छोटी चची सुमन ने कविता की और देख कर बोलै.

फिर कवी , रवि के साथ सेड्यां चढ़ ऊपर उसी रूम में ा गई , यहाँ पहले रवि और शूरति रुके थे.

अंदर एते hi कविता ने रवि के होंठो को कास के चुम लिया और मुस्कराते हुए बोली.

"भइआ , बहुत बहुत थैंक्स , अपने मेरी बात मन कर सोनल देदी को बचा लिया , ी लव उउउउउउउ ..." कविता बेहद ख़ुशी में बोली , वोह रवि के गले लगने जा रही थी , लेकिन रवि ने उसे रोक दिया , क्यों की उसका पूरा बदन खून से रंगा हुआ था.

फिर रवि इक टॉवल लेकर वाशरूम में चला गया और कविता वही बीएड पर बेथ गई , कुछ देर बार रवि टॉवल लपेट कर बहार ा गया , उसने देखा कविता अभी भी वही पर थी.

"क्या हुआ जान , अभी तक यही हो..." रवि मुस्कराते हुए कविता के पास बैठते हुए बोलै.

"हम्म , भइआ मुझे प्यार करो न , में तड़फ रही हु , प्लस , पिछले कुछ दिनों से..." कविता ने रवि के नंगे चोदे सीने पर हाथ फिरते हुए बोलै , तभी उसकी नज़र रवि के कंडे पर गई , यहाँ से खून बहने लगा था.

"ओह्ह माय गोड्ढ , आपको चोट लगी है भइआए..." कविता ने नाम आँखों से बोलै.

"ओह्ह सहित ..." रवि ने अपनी कंडे को देखा , यहाँ अभी भी गोली का जखम था और उसमे से खून बह रहा था , वाशरूम में पानी डालते वख्त खून साफ हो गया था , और रवि भूल गया था गुस्से में , के उसे गोली लगी थी , पर उसे दर्द नै हो रहा था , यह थोड़ी अजीब बात थी.

"कोई बात नै कवी , छोटा सा जखम है , हाँ तोह तुम क्या बोल रही थी..." रवि ने कविता का दयँ अपनी चोट से हटते हुए बोलै.

"भइआ , अज्ज से 5 दिन पहले में सोनिया से मिलने उसके घर गई थी , तब विशाल और सोनिया सेक्स कर रहे थे , बस तब से मेरा बुरा हाल है.." कविता ने शरमाते हुए बोलै.

"कोई बात नै , रत को तुम बहुत प्यार दूंगा , अभ जाओ , और सोनल से मिल लो , में अत हु जखम पर पट्टी बंद कर..." रवि मुस्कराते हुए बोलै.

कविता के जाते hi रवि वापिस वाशरूम में घुस गया और रूही से बोलै.

"रूही , मुझे गोली लगी है , पर दर्द नै हो रहा.." रवि ने गोली वाली जगह पर अपनी ऊँगली से दबाते हुए बोलै.

"वोह , वोह , मने अपनी शक्ति से तुम्हारा दर्द गयाब कर दिया था.."

"क्या , मने तुमसे बोलै था , मुझे दर्द चाहये , फिर क्यों , अपनी शक्ति का असर ख़तम करो , अभी के अभी..." रवि ने बेहद गुस्से में बोलै.

"तुम पागल तोह नै हो , में ऐसा कुछ नै करने वाली..." रूही ने थोड़ा गुस्से में बोलै.

"तुम मेरी कसम.." रवि ने थोड़ा नाम आँखों से बोलै.

"ठीक है..." इतना बोल रूही ने अपनी शक्ति वापिस खींच ली , और तभी रवि को असहनीय पीड़ा होने लगी , आखिर गोली का घाव था.

"रवि , मने कहा था न , दर्द होगा.." रूही ने नाम आँखों से बोलै.

"नै , मुझे दर्द सहने दो , इससे मेरी ताकत बढ़ेगी..." रवि ने बेइंतहा दर्द सहते हुए बोलै , और इक कपडा बंद कर , रूम के बीएड पर लेट गया , लेकिन गोली अभ भी उसके जिस्म के अंदर थी...

रवि अभी लेता hi था के उसकी आँख लग गई , पता नै दर्द की वजह से , उसे कमज़ोरी सी महसूस हो रही थी , रूही पल पल रवि की शरीर को महसूस कर रही थी , वोह बेहद उदास थी.

रवि अभी सोया हुआ था के कोई इक घंटे बाद रमा , सोनल , सीतल और कविता , चारो उसके रूम में ा गई , अपने भाई को यु सोता देख उनको थोड़ा अजीब लगा.

रमा भाग कर रवि के पास बेथ गई , जैसे hi उसने रवि के माथे पर हाथ रखा वोह चिल्ला उठी ,

"देदी भाई को बहुत तेज़ भूकर है , और इनके कंडे पर क्या हुआ है..." रमा ने कंडे की पट्टी खोलते हुए बोलै.

"वोह , वोह रमा , रवि को गोली लगी थी , फिर में बेहोश हो गई तोह मुझे कुछ यद् नै रहा.." सोनल ने थोड़ा नाम आँखों से बोलै.

रवि के कंडे का जखम देख रमा रोने लगी , जखम काफी सूज गया था , और गोली भी अभी अंदर थी.

"ओह्ह माय गोड़ , डॉक्टर को भुलाओ जल्दी.." सीतल ने नाम आँखों से बोलै.

फिर कविता निचे भाग गई , और सबको बता दिया , आधे घंटे बाद इक लड़की आयी , जो डॉक्टर थी.

यह इनकी फॅमिली डॉक्टर थी , सुमन चची उसे लेकर ऊपर ा गई.

जैसे hi उस लड़की ने रवि का चेहरा देखा , वोह शॉकेड हो गई , बाकि सब की आँखें तोह नाम थी hi , पर उसकी भी आँखें नाम हो गई , वोह अग्गे बाद गई , और सबको रूम से बहार बेहज दिया , बस कविता को छोड़ कर....

वोह डॉक्टर रवि का इलाज करने लगी , और कवी उसकी मदद करती रही ,

सोनल ने रूम से बहार एते hi रमा का हाथ पकड़ा और उसे खींच कर अपने रूम में ले गई , सोनल ने दरवाजा अंदर से बंद कर लिया और रमा को लेकर बीएड पर बेथ गई.

"रमा इक बात पुछु तुमसे.."

"हाँ देदी.."

"रमा , कोमल और रवि के बेच जगदा हुआ है क्या .."

"मतलब , में कुछ समाजी नै.."

"देखो , रमा , में सब जानती हु , कोमल और रवि के बारे में , दोनों इक दूसरे से बेइंतहा प्यार करते हैं , तुम जानती हो वह क्या हुआ था.." सोनल ने उस दहशत भरे पलु को यद् करते हुए बोलै ,

"नै.."

"तोह सुनो..." फिर सोनल ने रमा को सब बता दिया , कैसे रवि ने पागलो की तरह सब को मर डाला , जिसे सुन कर रमा रोने लगी.

"अभ बताओ , रवि क्यों बार बार कोमल को बेवफा बोल रहा था..." सोनल ने नाम आँखों से बोलै.

"वोह देदी बात कुछ ऐसी है के..." फिर रमा ने भी सोनल को सब बता दिया , पिछले दिनों का जो कुछ हुआ था , जिसे सुनने के बाद सोनल पगलू की तरह रोने लगी.

"कोमल , मर चुकी है , यह बात में कैसे नै जान पायी , और मरते मरते भी , वोह अपने प्यार को साबित कर गई , और हमारा रवि उस बेचारी को बेवफा समाज रहा है , लेकिन इक बात तोह में जानती हु..." सोनल ने अपनी नाम आँखों को साफ करते हुए बोलै.

"वोह क्या देदी ..."

"वोह यह के रवि , कभी जिंदगी में कोमल को भूल नै पायेगा , अज्ज मने रवि का वोह रूप देखा है , जो कोई सपने में भी न सोच पाए , इतनी नफरत इस दुनिआ में किसी ने नै की होगी , जितनी रवि , कोमल से कर रहा है , पता नै इसका अंजाम क्या होगा..." सोनल ने रट हुए बोलै.

"हमें बस भइआ को खुश रखना है , चाहे कुछ भी हो जाये , उनको सामने कोमल का नाम नै लेना है , क्यों की में कोमल की जगह लुंगी , में जानती हु , में कोमल जैसी कभी नै बन सकती , पर में पैरो की धूल बन जाऊ , यही बहुत है , में भइआ को खुश रखूगी , जैसा कोमल चाहती थी..." रमा ने बेइंतहा रट हुए बोलै.

"तुमने सही कहा रमा , तुम hi रवि को खुश रख सकती हो , कोससिह करती रहो , क्या पता , रवि बदल जाये , भूल जाये कोमल को , इक नयी जिंदगी की शुरुआत करे , में भगवन से बस यही दुआ करती हु , मेरा रवि खुश रहे , वोह कभी उदास और दुखी न हो..." सोनल ने रट हुए दोनों हाथ जोड़ भगवन से पराथना की...

डॉक्टर ने गोली निकल दी थी , लेकिन रवि अभी भी बेहोश था , फिर डॉक्टर ने पट्टी बंद कर , कुछ इंजेक्शंस रवि को लगा दिए , कवी को लेकर रूम से बहार ा गई....

तो बे कुनिटेड.....
 
अपडेट-10

अभ अग्गे...

डॉक्टर और कविता दोनों घर के हॉल में ा गई , यहाँ सब बेथ उनका hi इंतज़ार कर रहे थे , उनके चेहरों पर इक उदासी थी.

"डॉक्टर कैसा है मेरा बीटा.." सुमन चची ने थोड़ा नाम आँखों से बोलै.

"जी मने गोली निकल दी है , अभ वोह खतरे से बहार है , सुबह होश ा जायेगा , में ा जोगी सुबह उनको देखने..." इतना बोल वोह डॉक्टर चली गई.

रवि अभी बेहोश था , वोह चैन की नंद सो रहा था , जो नंद वोह पिछले कुछ दिनों से नै सोया था.

लेकिन घर के सभी लोग परेशान हालत में थे , उन लोग ने बेमन से खाना खाया , कोई किसी से बात नै कर रहा था , फिर सब दुखी हालत में सोने चले गए , रमा अपने भाई के साथ आकर लेट गई.

रमा अपने भाई से चिपक कर सोने लगी , लेकिन उसे नंद नै ा रही थी , उसकी आँखें नाम थी , गुलाबी होंठ कंपकपी रहे थे.

तभी रमा का फ़ोन बज उठा , रमा ने कॉल देखा तोह सीमा का था , रमा सोचने लगी के अपने माँ को क्या जवाब de.par तभी उसने फ़ोन उठा लिया.

"हलो माँ कैसी हो अप्प.." रमा ने मुस्कराने की कोससिह करते हुए बोलै.

"मेरी बची तू मुज़से दूर गई है , तोह मेरी हालत कैसी होगी , मुझे तोह नंद hi नै ा रही तेरे बिना.." सीमा ने बीएड पर उठ कर बैठते हुए बोलै.

"ओह्ह माँ , बस इक रत की बात है , अप्प दुखी मत होना , और प्लस सो जाना , में ा जोगी कल..." रमा से भी अपनी माँ सीमा की जुदाई बर्दाश्त नै हो रही थी.

"उम्मा , मेरी प्यार बची , ाचा रवि क्या कर रहा है.." सीमा ने मुस्कराते हुए पूछा.

"माँ , वोह , भइआ दूसरे रूम में सो रहे हैं , वोह ठीक हैं , बस थोड़ा थक गए थे..." रमा ने घबराहट में बोलै.

"ओह्ह ठीक है , उसका फ़ोन स्विच ऑफ़ ा रहा था , कोई बात नै , सुबह उससे बात करवा देना.."

"जी माँ , ok गुड़ नाईट.." रमा ने बेमन से बोलै.

"गुड़ नाईट , मेरी बची.." सीमा ने थोड़ा मुस्करा कर बोलै और फ़ोन कट कर दिया.

रमा ने फ़ोन कट कर अपने भाई को देखा और फिर उसके चेहरे के ऊपर झुक गई , रमा के नरम गुलाबी होंठ अपने भाई के होंठो के नज़दीक थे , रमा की सांसे तेज़ तेज़ चल रही थी.

अचानक से रमा थोड़ा और झुक गई , अपने होंटो को जीभ फिरा गीला कर , अपने भाई के होंठो से छूआ दिया , उफ़ इक कामुक सा एहसास हुआ रमा को , उसके पोरे बदन में इक करंट सा दौड गया ,

"अह्ह्ह्ह सीईईई..." इक कामुक सिसकी उसके होंठो से निकल गई , रमा से अभ और सेहन न हुआ , उसने अपने तपते प्यासे होंठो को अपने भाई के होंठो से मिला दिया ,

रमा अपने गुलाबी होंठो को धीरे धीरे अपने भाई के होंठो पर रगड़ती हुई उनको चूमने लगी , वोह बड़े प्यार और शिदत से अपने भाई के दोनों होंठो को हल्का हल्का चुम रही थी , उसका दिमाग सूं पढ़ गया था , उसकी आँखें बंद थी , सांसे तेज़ थी , और हाथ अपने भाई के बालो को सेहला रहे थे ,

कुछ देर रमा धीमे धीमे अपने भाई के होंठो को चूमती रही , फिर अचानक उसने अपने नरम जीभ को बहार निकला और अपने भाई के दोनों होंठो को चाटने लगी , उफ़ बेहद कामुक एहसास था , रमा वासना में मदहोश सी हो चुकी थी ,

कुछ देर रमा ऐसे hi अपने भाई के होंठो को जीभ से चट्टी रही और फिर िका इक वोह वाइल्ड हो गई और जबरदस्त तरीके से अपने भाई के होंठो का पूरा रास निचोड़ने लगी , वोह यह भूल hi गई थी के उसका भाई बेहोश है , जब उसके भाई की सांसे थोड़ी भरी होने लगी , जब उसे साँस लेने में दिकत ऐनी लगी , तब रमा को अपनी गलती का एहसास हुआ ,

"सॉरी भइआ , मुझे माफ़ कार्डो.." रमा प्यार से अपने भाई के गाल को चूमते हुए उससे लिपट कर आँखें बंद कर सो गई...

इक तरफ घाना जंगल था , बड़े बड़े ब्यांक जीव थे , अजीब अजीब जानवर थे , जो अजीब अजीब ब्यांक अवाजिअं निकल रहे थे ,

जंगल पर करते hi , इक बहुत बड़ा पहाड़ था , इक डैम काळा रंग का , उसकी मिटटी भी काली थी , उस पहाड़ के पास , इक खुला मदिआं था , हर तरफ अग्ग hi अग्ग थी , जैसे अग्ग का समुन्दर हो ,

उस मदिआं पर चेखु का शोरे गूंज रहा था , रोने छिलने की अवाजिअं गूंज रही थी , सभी जीव और इंसान अग्ग में जल रहे थे ,

उस अग्ग के समुन्दर के पर , इक खली जगह पर इक लड़की बैठी हुई थी , जिसकी आँखें बंद थी , पर चेहरे पर इक मुस्कान थी , वोह अग्ग में जल रही थी , यह और कोई नै कोमल थी , जो आँखें बंद कर अपने भाई को देख रही थी ,

वोह हर पल अपने भाई को देखती रहती थी , उसकी ऐसी हालत उसे कमज़ोर कर रही थी , जैसे जैसे वोह दुखी और उदास हो रही थी , वैसे वैसे उसका बदन जल रहा था , क्यों की उसका मन कमज़ोर पढता जा रहा था , उसकी आत्मशक्ति घाट रही थी.

"भइआ मत करो ऐसा , इतना प्यार क्यों करते हो मुज़से , में अभ कभी नै ायुगी , नयी जिंदगी की शुरुआत करो , जो हुआ , सो हुआ , भूल जाओ , उस हर लम्हे को , जिसे हमने साथ में बिताया था.." कोमल ने सिसकते हुए बोलै.

"भइआ अह्ह्ह्ह बचाओ म्युज़िए..."

"कोमालललललललल ..." रवि इक डैम से चिलता हुआ उठ बैठा.

रमा भी अपने भाई की आवाज़ सुन इक जटके में उठ कर बेथ गई , और रवि के चेहरे को देखने लगी , जिस पर इक दर था , पसीना उतर आया था चेहरे पर , उसकी सांसे तेज़ चल रही थी.

"क्या हुआ भाई , अप्प चिलए क्यों..." रमा ने थोड़ा घबराहट में बोलै.

"vo..voh.. ko..mal , वोह.. वोह .. जल रही थी अग्ग में , लेकिन है कहा वोह , वोह.. वोह जिन्दा है रमा , मेरी कोमल जिन्दा है , वोह मुझे पुकार रही है..." रवि ने आँखों में असनु भरते हुए बीएड से उठने की कोससिह करते हुए बोलै.

"अह्ह्ह्ह सीईई..." इक तेज़ सिसकी उसके होंठो से निकल गई.

"भाई , बस करो , कोमल देदी मर चुकी है , यह बात अप्प भी जानते हो , प्लस , शांत हो जाओ..." रमा ने बेइंतहा रट हुए बोलै.

"नै , वोह नै मर सकती , वोह नाराज़ है मुज़से , मने उसे गलत नज़र से देखा था , वोह आएगी , जरूर आएगी , वोह जानती है , में उसका बिना , जिन्दा नै रह सकता , रमा , वोह बस मुज़से रूत गई है , अगर वोह मर गई होती , तोह में भी कब का मर जाता , वोह जिन्दा है , वोह जिन्दा है..." रवि ने बेइंतहा दर्द से बोलै.

"चत्ताककक..." रमा ने कास कर इक थपड रवि को जड़ दिया और उससे लिपट कर रोने लगी.

"तुमने मुझ पर हाथ उठाया..."

"तोह क्या करू में , पिछले 9 दिनों से आपको दर्द में देख रही हु , वोह कभी नै आएगी , भइआ इस बात को सवीकार कर लो , वोह मर चुकी है..." रमा ने बेहद रट हुए बोलै.

"ः , हाँ , हाँ , वोह घटिया कोमल मर चुकी है , में भी कबसे तुम यह बात कह रहा हु , तुम सुनती कहा हो मेरी बात , मने कब बोलै के वोह जिन्दा है , तुम न जणू मुझे पागल कर डौगी..." रवि ने बेइंतहा हस्ते हुए बोलै.

रमा खामोश सी अपने भाई की तरफ देखती रही , पर वोह कुछ कर नै सकती थी.

"कोमल , कोमल , सब बस उसका नाम लेते रहते हैं , तुम पता है न , में कितनी नफरत करता हु उससे , जणू , क्यों मेरा दिल दहकती हो , मुझे नै सुन्ना उसका नाम..." रवि ने रमा को अपनी बहु में भरते हुए बोलै.

"भइआ , मने कब नाम लिया कोमल का..." रमा परेशान सी हुई बोली.

"अरे , अभी अभी तोह तुम कोमल का नाम छीलकर उठी थी , चल कोई बात नै , जणू में बस तुमसे प्यार करता हु , बस उसका नाम मत लिया करो , मेरी प्यारी रमा.." रवि ने रमा के होंठो को चूमते हुए बोलै.

तभी रूम का गेट खुला और सोनल अंदर ा गई , रवि को सही सलामत देख वोह भाग कर उसके गले लग गई , उसके चेहरे को चूमने लगी.

"अहह अभ बस भी करो , देदी खा जोगी क्या.." रवि ने हस्ते हुए बोलै.

"ओह्ह सॉरी..." सोनल शरमाते हुए बोली.

"वैसे देदी अप्प बहुत ताकतवर हो.." रवि ने थोड़ा घम्बिर होकर बोलै.

"वोह कैसे.." सोनल भी बीएड पर उसके करीब बैठते हुए बोली.

"देदी कल जब मुझे गोली लगी , तब क्या मारा अपने उन सबको , अप्प इतना प्यार करती हो मुज़से , मेरी चोट देख पागल सी हो गई , ी लव ु देदी , अपने मेरी जान बचा ली कल..." रवि ने थोड़ा नाम आँखों से बोलै.

सोनल का मोह खुला का खुला रह गया , वोह रमा को देखने लगी , वोह तोह खुद शॉक थी.

"रवि ..म ..mm..mane ..कब मारा उन सब को .." सोनल ने हकलाते हुए बोलै.

"ल्यो कर लो बात , अपने सबकी कैसी ढुलाई की , मने देखा था , आपकी जिससे शादी होगी , उसकी पिटाई पाकी है हर रोज़..." रवि ने हस्ते हुए बोलै.

सोनल भी जबरन मुस्करा पढ़ी , वोह सवालिया नज़रिओं से रमा को देखने लगी , लेकिन वोह खुद सदमे में लग रही थी.

"रवि तुम कुछ यद् नै , कल क्या क्या हुआ.." सोनल ने थोड़ा दरी सेहमी आवाज़ में पूछा.

"यद् है न , जब मुझे गोली लगी , तब अपने उन सब को मारा , और फिर मुझे यहाँ ले आयी , देदी अप्प बहुत अछि हो..." रवि ने मुस्कराते हुए बोलै.

"रमा , जाओ छाए लेकर ायो..." सोनल ने रमा को बहार बेहजने के लिए बोलै.

रमा शॉकेड सी हुई , बिना कुछ बोले उठ कर चली गई.

"रवि तुम हुआ क्या है , तुमने मारा था उन सबको , और तुम कोमल को बेवफा बोल कर उन सबको मर रहे थे..." सोनल ने नाम आँखों से बोलै.

"कोमल , यह कोण है , में नै जनता उसे..." रवि ने थोड़ा सोचते हुए बोलै.

"तुम्हारी बहिन कोमल , जिसे तुम प्यार करते थे..." सोनल ने रट हुए बोलै.

"देदी , मेरी बहिन बस इक है , रमा , वोह जो अभी अभी गई , मने आपको बताया था पहले , में और रमा इक दूसरे से कितना प्यार करते हैं , पर माँ मन नै रही..." रवि ने उदास होकर बोलै.

"रवि वोह कोमल थी , तुमने कोमल के बारे में बोलै था , न की रमा के बारे में , तुम मुझे पागल कर डोज..."

"देदी , मैं किसी कोमल को जनता नै , मैं कभी किसी कोमल से मिला तक नै , अप्प क्यों बार बार कोमल , कोमल , चीला रही हो..." रवि ने थोड़ा नाम आँखों से बोलै.

"ाचा बाबा ठीक है , सॉरी , लेकिन क्या तुमने अपना इरादा बदला या नै , देखो में तुमसे शादी करना चाहती हु , तुम मुझे मरने भी नै देते , क्यों एते हो बार बार मेरी जिंदगी में..." सोनल ने बेइंतहा रट हुए बोलै.

"अरे मेरी सोना , रो क्यों रही हो , कल इतने अद्मयों को मारा , मेरी बहादुर देदी , में करुगा आपसे शादी..." रवि ने सोनल के असनु पोछते हुए बोलै.

"सच में.."

"हाँ , लेकिन.."

"लेकिन क्या.."

"आपको पहले डॉक्टर बनना होगा , फिर में वादा करता हु , आपसे शादी जरूर करुगा , बोलो मंज़ूर है.."

"तुमसे शादी करने के लिए में कुछ भी कर सकती हु , अपनी जान भी देदू.." सोनल ने मुस्कराते हुए बोलै.

"देदी , मुझे छोड़ तोह नै डौगी न , जैसे उस कोमल ने छोड़ा था.." रवि ने उदास सा चेहरा करते हुए बोलै.

सोनल के फिर से तोते उड़द गए.

"k...ko..kon...komal.." सोनल हकलाते हुए बोली.

"मेरी बहिन कोमल , उसने मुझे बेच रस्ते में छोड़ दिया , मुझे हवसी कहा , वोह बेवफा है देदी , वोह बेवफा है..." रवि ने रट हुए बोलै.

"रवि अभी अभी तुमने कहा के तुम कोमल को जानते तक नै.." सोनल की फैट रही थी , क्यों की रवि बतिअन hi ऐसी कर रहा था.

"अरे मने कब कहा , मने आपसे यह कहा था , के मुझे कोमल ने धोका दिया , यह बोलै था , वैसे देदी कल के लिए सॉरी.." रवि ने कण पकड़ते हुए बोलै.

"क्यों.."

"वोह देदी कल में गुस्से में था , तब मुझे आपका ख्याल नै आया , और मैं पागल सा हुआ उन लोग को मरता रहा..." रवि ने सोनल को अपनी बहु में भरते हुए बोलै.

"कोई बात नै इतस ok.." सोनल जबरन मुस्कराते हुए बोली.

"देदी अप्प बेहद खूबसूरत हो , इक किश कर लू. " रवि ने सोनल का चेहरा अपने दोनों हाथों में थमते हुए बोलै.

सोनल कुछ न बोली , उसने अपनी आँखें बंद कर ली , अभी रवि किश करने hi जा रहा था , उसे कुछ अहहत सुनाई दी.

तभी दरवाजा खुला और रमा के साथ सभी घर वाले ा गए.

"अरे मेरा बीटा उठ गया.." रुक्मणि चची ने रवि का माथा चूमते हुए बोलै.

"मेरे बचे अभ दर्द कैसा है.." सुमन ने रवि के कंडे को देखते हुए बोलै.

"ठीक है , वैसे मुझे हुआ क्या था.." रवि ने सबकी तरफ देख कर बोलै.

सबके चेहरों के तोते उड़द गए , रवि के इस सवाल से..

"बीटा तुम गोली लगी थी..."

"गोली..." रवि शॉकेड सा हुआ बोलै.

"तुम यद् नै , तुमने कल सोनल की जान बचाई थी.." सुमन चची ने प्यार से बोलै.

"ः , ाचा मज़ाक कर लेते हो अप्प सब , अज्ज क्या 1सत अप्रैल है , सोनल देदी तोह सही सलामत है , कल हम इक साथ hi तोह थे..." रवि की बात सुन सब परेशान हो गए.

"तुम क्या हुआ है बीटा , तुमने कल सोनल को उन गुंडों से बचाया था..." सुमन चची ने रट हुए बोलै.

"ाचा , सोनल ने मुझे कुछ बताया hi नै , सोनल यार बोल देती , कब से आयी हो तुम , में भूल गया था , चची सॉरी..." रवि ने थोड़ा उदास होकर बोलै.

"कोई बात नै , थोड़ी कमज़ोरी ा गई होगी , तुम आराम करो हम चलते हैं..." सुमन चची भी उठते हुए बोली.

"रमा , कोमल को बोल देना , में ठीक हु , वोह परेशान हो जाती है , उसे पता चला , के मुझे गोली लगी है , वोह बहुत रोयेगी पगली , उसे कहना , उसका भाई जल्दी घर आएगा..." रवि मुस्कराते हुए बोलै , सब परेशान सा हो गए थे , क्यों की रमा ने सबको बता दिया था , के कोमल मर चुकी है , लेकिन रवि के सामने शांत रहने को बोलै था.

"जी भइआ बोल दूंगी..." रमा ने नाम आँखों से बोलै.

सबकी आँखें नाम हो रही थी , तोह सभी जल्दी जल्दी बहार चले गए.

"ओह्ह हो , में भी न , हे भगवन मुझे जल्दी से ठीक करदे , अगर कोमल ने मुझे इस हालत में देख लिया , तोह रूत जाएगी मुज़से..." रवि ने ऊपर की तरफ देख कर बोलै.

सोनल से और सहा न गया , वोह रट हुए रूम से भाग गई , और रमा भी रूम से बहार आकर रोने लगी.

ल्यो , अभ देदी को क्या हुआ , अभ क्या में भगवन से कुछ मांग भी नै सकता , कोमल , मेरी स्वीटी , में ायुगा न तुमसे मिलने , सीमा को पूछ लू , वोह क्या कर रही है , खाना खाया के नै उसने , हाँ फ़ोन करता हु सीमा को..." रवि ने मुस्कराते हुए अपना फ़ोन निकला , फ़ोन स्विच ऑफ़ tha.ravi ने फ़ोन ों किया और सीमा को कॉल लगा दी...

कुछ hi रिंग्स गई होंगी , सीमा ने फ़ोन पिछ उप कर लिया.

"हलो , मेरे मजनू को यद् ा गई मेरी.." सीमा ने मुस्कराते हुए बोलै.

"मेरी प्यारी बीवी , क्या कर रही हो सोना.." रवि ने बहुत प्यारी आवाज़ में बात करते हुए बोलै.

"जणू , खाना बना रही हु , तुम ठीक हो न.."

"हाँ में ठीक हु , कोमल उठ गई के नै.." रवि के इस सवाल से सीमा भी परेशान हो गई.

"तुम क्यों पूछ रहे हो.."

"अरे मने एते वख्त उससे बात नै की , पगली रूत गई मुज़से , उसका फ़ोन भी बंद ा रहा , प्लस उसे कहना , में उसे बहुत चाहता हु , मुझे माफ़ करदे , में आकर उसे बहुत प्यार दूंगा , और तुम भी , बोलो न कुछ ..." रवि ने दर्दभरी आवाज़ में बोलै.

"हाँ , में बोल दूंगी उसे , अभी वोह सो रही है.." सीमा ने अपने असनु साफ करते हुए बोलै.

"ठीक है , bye में बाद में बात करता हु , लव ु जणू.."

"लव ु .." सीमा ने इतना बोल फ़ोन कट कर दिया और रोने लगी , वही बेथ कर , वोह जानती थी , अभ अग्गे क्या क्या होने वाला है...

रवि खुश सा हो गया था , क्यों वोह जनता था , सीमा , कोमल को समझा देगी , लेकिन कोमल तोह थी hi नै वह पर , किसको समज़ती सीमा ,

"उम् , तोह तुम्हारा दिमाग आखिर ख़राब हो hi गया.." रूही ने रवि से बात करते हुए कहा.

"कोण , कोण बोलै.." रवि ने as-pas देखा , लेकिन कोई नै था.

"में हु तुम्हारी रिंग रूही , अभ यद् आया कुछ.."

"हाँ , यद् आया , कोमल ने कहा था , के में hi तुम अपने पास रख सकता हु.." रवि ने रिंग को चूमते हुए बोलै.

"ओह्ह , तोह कल लड़ते वख्त जो गुस्सा और नफरत तुमने जाहिर की थी , तोह मेरी शक्ति ने तुम्हारे दिमाग को कब्जे में कर लिया है , मने तुम बोलै था , के में नफरत नै सेह पति हु , तुम रुके नै , अभ इसका परिणाम क्या होगा , में खुद नै जानती.." रूही ने उदास शबदो में बोलै.

"कैसी शक्ति , और में बिलकुल ठीक हु , रूही तुम बेकार में टेंशन ले रही हो , और वैसे भी वोह तुम्हारी शक्ति है , तुम वापिस खींच लो.."

"नै कर सकती में ऐसा , में कैद हु , मने तुमसे बोलै था , जितना जायदा तुम किसी से प्यार करोगे , उतनी तुम्हारी अछि ताकत बढ़ेगी , और जितनी नफरत तुम किसी से करोगे , उतना तुम कहकर और दरिंदे बन जाओगे , कल तुम्हारा गुस्सा अनंत था , तुम्हारा गुस्सा और नफरत इतना अधिक था के मेरी पूरी ताकत भी तुम शांत नै कर पायी और मेरी शक्ति , ने तुम्हारे गुस्से को और भी बड़ा दिया , अभ तुमरा इक और रूप बहार ा गया है , जो बेहद बुरा है , जो तुम्हारी अच्छी से हज़ार गुना जायदा ताकतवर है , अभ वोह भी तुम्हारे दिमाग में है , वोह इतना कहकर है के अगर वोह किसी को मरने लगे तोह उसकी बोटी बोटी नोच खायेगा , यह तुम्हारा दूसरा रूप , तुम्हारी नफरत से पैदा हुआ है..." रूही ने रट हुए बोलै.

"ओह्ह no , में ठीक कैसे होगा.." रवि ने परेशान होकर पूछा.

"इक hi इंसान तुम ठीक कर सकता है , जिसके लिए तुम्हारे दिल में नफरत है , और जिस कारन तुम्हारा यह ब्यांक रूप बहार आया है..." रूही ने रट हुए बोलै.

"कोण है वोह.."

"कोमल..."

"व्हाटट , वोह.. voh..to मर चुकी है..." रवि ने नाम आँखों से बोलै.

"वोह मरी नै , जिन्दा है , लेकिन मुझे नै पता वोह कहा है , लेकिन तुम उसे ढूंढ़ना होगा , यह तुम्हारा दोसरा रूप तुम उस तक पहुँचने से रोकेगा , यह अपने अप्प को जिन्दा रखने के लिए उसे मरना चाहएगा , लेकिन तुम ऐसे रोक सकते हो.." रूही ने इक उम्मीद की किरण जागते हुए बोलै.

"कैसे.."

"तुम कोमल से अपनी नफरत ख़तम करनी होगी , जब जब कोमल की बेवफाई तुम यद् आएगी , तुम्हारा यह खुखार रूप अपने अप्प बहार ा जायेगा , तुम तबाह कर डोज इस दुनिआ को , अगर तुम्हारा यह रूप ऐसे hi सामने अत रहा..." रूही ने नाम आँखों से बोलै.

"ok , ok , में समाज गया , में किसी को नुकसान नै पहुंचा सकता , में भूल जाउगा कोमल को..." रवि ने थोड़ा नाम आँखों से बोलै.

"यह इतना आसान भी नै होगा , तुम इक डेविल बनने जा रहे हो , बहुत जल्द , तुम्हारा यह रूप मिट जायेगा , में भी तुमसे दूर चली जोगी , लेकिन इक सही वख्त ऐनी पर , हम सब इक हो जायेगे ..." इतना बोल रिंग चुप कर गई.

"यह क्या बोल रही हो रूही , तुमने मुज़से वादा किया था , प्लस , मुझे अकेला छोड़ कर मत जाओ.." रवि ने रट हुए बोलै.

"में कही नै जा रही हु , लेकिन जब जब तुम्हारा डेविल वाला रूप बहार आएगा , मेरी शक्ति जीरो हो जाएगी , में तुमसे तभी बात कर पाउगी , जब तुम अपने इस रूप में होंगे..." रूही ने मुस्कराते हुए बोलै.

"में शतिआं नै हु , में इक ाचा इंसान हु , में सबको खुशियाँ देना चाहता हु , सबको प्यार करना चाहता हु , तुम आज़ाद करना चाहता हु , रूही ी लव ु ..." रवि ने रिंग को बेइंतहा चूमते हुए बोलै.

"में भी तुमसे बहुत प्यार करती हु , में तुमसे मिलने के लिए तड़प रही हु , ाचा अभ आराम करो , शांत रहो , और गुस्सा तोह बिलकुल भी नै करना , वोह तुम्हारे दिमाग से खेल रहा है , मल्टीप्ल पर्सनालिटी डिसऑर्डर , वोह इक दूसरा शकस है , उसे अपने दिमाग से खेलने मत दो , वार्ना वोह सब बर्बाद कर देगा..." रूही ने फिर से उदास होते हुए बोलै.

"नै ऐसा कभी नै होगा , ाचा तुम भी आराम करो , में भी सो जाता हु..." इतना बोल रवि ख़ामोशी से लेट गया , लेकिन उसका दिमाग शांत नै हो रहा था , इक अजीब सी हलचल उसके दिमाग में हो रही थी.....

सोनल अपने रूम में बैठी रो रही थी , इक तरफ उसे ख़ुशी थी के रवि उससे शादी करेगा , लेकिन दूसरी तरफ गम भी था , क्यों उसकी हालत भिगाडती जा रही थी.

"देदी , देदी , निचे ायो जल्दी..." कवी भागते हुए आयी और सोनल को निचे ले गई जल्दी जल्दी , सोनल ने हॉल में जाकर देखा , सबकी आँखें न्यूज़ चैनल पर जमी हुई थी.

"दयँ से देखइए , ऐसी जगह पर कल गंगवार हुआ , और सुल्ताना नाम का मोस्ट वांटेड गैंगस्टर मारा गया , लेकिन अजीब बात यह है , के उसकी बॉडी का नामु निशान तक नै मिला , पूरी बॉडी के छोटे छोटे टुकड़े मिले , पुलिस का कहना है , के यह काम , किसी साइको क्रिमिनल का हो सकता है , इतनी बेरहमी से कोई किसी को कैसे मर सकता है , यह दिल दहला देने वाली घटना ने पोरे शहर को हिला कर रख दिया है , कोई सबूत तक नै छोड़ा , जो आदमी बचे हैं , उनका कहना है , यह काम किसी लड़के का है , जो अकेला था , कोण था वोह लड़का , जिसने इतनी बेरहमी से सुल्ताना जैसे खतरनाक गैंगस्टर को उसके 20 अद्मयों के होते मारा , पुलिस अग्गे तफ्तीश कर रही है , अप्प बने रहे हमारे साथ...."

टीवी पर न्यूज़ देख रहे सभी शॉकेड हो चुके थे , क्यों की सभी को पता था , यह काम रवि का है , क्या वोह सच में साइको था , लेकिन कोई भी जल्दबाजी में फैसला नै करना चाहता था , लेकिन इक अनचाहा दर सबके मन में उमड़ रहा था.....

"यह सब हमारे रवि ने किया , मुझे तोह विश्वास hi नै हो रहा..." सूरज चाचा ने थोड़ा परेशान होकर बोलै.

"पापा वोह मेरे कपडे फाड् रहा था , मेरे भाई को गुस्सा ा गया , ऐसी लिए भाई ने मारा उसे , पापा कोई भाई अपनी बहिन की इजाजत कैसे लूटने देता , रवि मुझे बेहद प्यार करता है , वोह पागल हो गया था , में उसे रोक नै पायी..." सोनल ने रट हुए बोलै.

"अरे अप्प भी न , सही किया रवि ने , अभ इस कुत्ते की मौत देख , कोई हमारी बेटी को चुने से पहले 100 बार सोचेगा , चुप हो जा बेटी , तू जा रवि के पास..." रुक्मणि चची ने सोनल को चुप करवाते हुए बोलै.

सोनल अपने असनु पूछती हुई , रवि के पास चली गई , और बाकि सब , रवि की भिगाडती हालत के बारे में बात करने लगे.

सोनल ने रूम में पहुँचते hi दरवाजा अंदर से बंद किया और अग्गे बढ़कर रवि के साथ लेट गई , उसे इक सकूं सा महसूस हो रहा था , वोह धीरे धीरे रवि से लिपट गई.

रवि ने आँखें खोल सोनल की तरफ देखा और मुस्करा पढ़ा , रवि धीरे से सोनल को सीधा कर उसके ऊपर लेट गया ,

"ोुछः , कितने मोठे हो तुम.." सोनल ने मुस्कराते हुए बोलै.

"ाचा जी , मेरी बीवी को में मोटा लग रहा हु , अभी तोह कोई और भी मोटा है , जो तुम दर्द देगा..." रवि ने सोनल की आँखों में देखते हुए बोलै.

"धत्त्त , अप्प बड़े गंदे हो.." सोनल ने बेइंतहा शरमाते हुए बोलै.

"ओह्ह हो शादी के बाद तोह लेना hi पड़ेगा , कितना लम्बा और मोटा है , जब में तुम छोड़ूगा , तब क्या होगा..." रवि ने सोनल के होंठो को धीरे से चूमते हुए बोलै.

"हटो अप्प , शादी के बाद , वोह बाद की बात है , अभी हटो मेरे ऊपर से..." सोनल ने बेहद शर्मा कर बोलै.

"उम् , दिल तोह कर रहा है , आपको अभी नंगी कर दू , आपकी कमसिन छूट को छतो , फिर अपना लुंड दाल कर , आपको छोड़ दू , मुज़से छोडूगी , मेरी प्यारी देदी..." रवि ने सोनल की आँखों में देखते हुए बोलै.

"अह्ह्ह , मुझे नै पता..." सोनल ने शर्म से आँखें बंद कर ली.

"सोनल देदी , अप्प बेहद खूबसूरत हो , क्या में आपकी छूट देख लू , वह कितनी खूबसूरत होगी , इक बार दिखा दो न , प्लस..." रवि ने सोनल के गुलाबी लबु को चूसते हुए बोलै.

"नै रवि , मुझे शर्म ा रही है , प्लस ऐसी बतिअन मत करो .." सोनल के गाल लाल हो गए शर्म के मरे.

"उम् , मेरी देदी को शर्म ा रही है , जब में आपको , पूरी नंगी करके छोड़ूगा , तब क्या ऐसी तरह शरमाओगी , बोलो न..." रवि ने सोनल के कंपते होंठो को चूमते हुए बोलै.

"अह्ह्ह , छोड़ू मुझे , में कुछ नै कहने वाली , तुम न बहुत गंदे हो , हटो मेरे ऊपर से .." सोनल ने शरमाते हुए रवि के कण्डु पर प्यार से मरते हुए बोलै.

"देदी दिखा दो न इक बार..."

"नै , मौसे शर्म ा रही है.."

"प्लस देदी इक बार ..." रवि ने सोनल के गर्दन को चूमते हुए बोलै.

"अह्ह्ह रत को पका , अभ छोड़ू मुझे , क्या तुम सच में सेक्स करोगे..." सोनल ने मज़े में सिसकते हुए बोलै.

"हम्म , नै , जब तक आपसे शादी न कर लू , तब तक कुछ नै करुगा , वादा रहा.." रवि इक बार सोनल के होंठो को चुम उसके ऊपर से उठ गया ,

सोनल को रवि पर बेइंतहा प्यार ा रहा था , वोह प्लाट कर रवि से लिपट कर उसके आगोश में सोने की कोससिह करने लगी , रवि की आँखों चमक रही थी , बिलकुल काली अँधेरे की तरह , और फिर रवि उसके बालो को प्यार से सहलाता रहा , फिर दोनों की आँख लग गई , अभी सुबह के 10 बज रहे थे , लेकिन दोनों दुनिआ को भूल सो रहे थे.....

"ः , में ा गया हु इस दुनिआ में , अभ में हकूमत करुगा इस दुनिआ पर , पहले में अपने सरे दुश्मनो को जड़ से मिटा दूंगा , फिर मैं अकेला राज़ करुगा , अपनी साडी बहनो और अपनी पत्नीयों के साथ , कोई मुझे रोक नै पायेगा , कोई भी नै , काल और रूही भी नै और न hi यह कायर रवि , ः..." रवि खुद से hi बतिअन कर हसने लगा....

तो बे कुनिटेड....[friends apke replys ka jawab kal dunga.. mere pas wakht bahut kam tha... kal apke pichle or naye sabhi swalo ka jawab dunga.. shukriya sabhi ka... tc.. ]
 
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