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अपडेट-20
अभ अग्गे...
सीमा जड़ने के बाद शांत पढ़ गई , रवि धीरे धीरे उसके ऊपर से उठ कर , इक तरफ गिर गया , दोनों तेज़ तेज़ सांसे भर रहे थे ,
"उफ्फ्फ जान निकल दे मेरी .." सीमा मुस्कराते हुए बोली , और रवि से लिपट गई , रवि उसकी नंगी पथ को सहलाने लगा ,
धीरे धीरे रवि का हाथ उसके मोठे चूतड़ों पर रुक सा गया , रवि उसके दोनों नरम दूध जैसे सफेद चूतड़ों को मसलता हुआ , उसके होंठो को चूमने लगा ,
सीमा के नरम गदराये चूतड़ों का नरम मास्स रवि अपने हाथ की मुथियों में पकड़ कास कास कर मसल रहा था "ोुछःह रविइइइइइ.." सीमा को इक दर्द सा महसूस हो रहा था , लेकिन मज़ा भी बहुत अधिक ा रहा था ,
"सीमा डौगी बन जाओ..." रवि मुस्कराते हुए बोलै , तोह सीमा भी उसकी बात सुन हस्स दी , रवि ने सीमा की भलखती पतली कमर से उसे पकड़ा और उठा कर घोड़ी बना दिया ,
अभ सीमा दोनों खोयीओं को बीएड से टिका घुटनो के बल ज़ुकी हुई थी ,
रवि जल्दी से सीमा के पीछे ा गया , उफ्फ्फ सीमा की मोती छोड़ी गदराई गांड , जो रवि के कास कर मसलने से लाल हो चुकी थी , िका इक रवि की नज़र सीमा की छूट पर जैम सी गई , ताबड़तोड़ ढको से लाल हुई छूट , जो के पूरी गीली हो चुकी थी ,
"उम्म्म्म ssiiiiiiiiiii .." सीमा सिसक उठी , जब रवि की लपलपाती जीभ उसके छूट पर जा लगी , रवि भूके कुत्ते की तरह सीमा की छूट को चूमने चाटने लगा , सीमा अपनी छूट चूसै का आनंद लेती , मज़े से सिसकार रही थी ,
"उम् सीमा अभ त्यार हो जाओ अह्ह्ह.." रवि ने घुटनो के बल बेथ , अपने लुंड पर ढेर सारा थूक मॉल , उसके छूट के छेद पर टिका , कास कर ढके जड़ते हुए बोलै , "ाआईईईई सशह्ह्ह्ह ढेरी.." सीमा अभी इतना hi बोल पायी थी के रवि ने उसकी कमर को हाथो से पकड़ , कास कास कर ढके लगाने सुरु कर दिए ,
गीली छूट में लुंड तेज़ गोली की रफ़्तार से पाछहहह पछ्ह्ह्ह्ह की आवाज़ें करता अंदर बहार हो रहा था ,
रवि के लम्बे मोठे लुंड की चुंबन सीमा को और भी मदहोश कर रही थी ,
"अह्हह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह और तेज़ जणू आह्ह्ह्हह .." सीमा गीली छूट में फिसलते लुंड के तेज़ ढको का स्वाद लेती चीखती हुई बोली ,
रवि की जांगू से सीमा के नरम चूतड़ों का मास्स सागर में उठती लेहरो की तरह उछाल रहा था , रवि तेज़ तेज़ ढके जड़ता , सीमा की नरम गदराये चूतड़ों पर थपड जड़ने लगा ,
"ुछहःछःह अह्हह्ह्ह्ह मत मरु अह्हह्ह्ह्ह..." सीमा दर्द और मज़े से सिसकते हुए बोली ,
करीब 15 मिंटो तक रवि ताबड़तोड़ सीमा की छूट को बजता रहा , सीमा इक बार और जड़ चुकी थी , उसका बदन अभ सुस्त पढ़ चूका था ,
"ाआईईईईई रविइइइइ प्लसस रुक जोऊ अह्हह्ह्ह्ह प्लसस बस्स्स करूओ ना.." सीमा अभ तेज़ ढको को न जलती हुई सिसकते हुए बोली ,
"बस अह्ह्ह सीमा कुछ देर ोर्ड्र्र.." रवि ने सीमा की गांड को मसलते तेज़ ढके जड़ते हुए बोलै , सीमा ताबड़तोड़ ढको को बर्दाश्त न कर पायी और बीएड पर पेट के बल लेट गई ,
अभ रवि उसके ऊपर लेता , उसकी गर्दन को चूमता छत्ता , और भी तेज़ ढके जड़ने लगा ,
"आअह्ह्ह्हह मायआ रवीए बुसस करूओ..." सीमा चीखती हुई बोली ,
रवि ने सीमा की गर्दन के निचे से अपना हाथ निकल , उसे कास कर पकड़ते हुए , उसे छोड़ना जारी रखा ,
"थप्प्प्प थप्प्प्प पछहः पाछह " की अवाजिअं करता रवि , सीमा को छोड़ता रहा ,
"में गया अह्ह्ह्हह मेरी जांणण..." रवि पूरी रफ़्तार से सीमा की छूट को फाड़ता रोंद्ता हुआ
जड़ने लगा ,
रवि जटके खता जड़ता हुआ , सीमा के ऊपर लेता उसके गोर गालो को चूमता रहा , कुछ देर रवि उसके ऊपर लेता रहा ,
"ोुछःह उतर जाओ निचे अह्ह्ह्ह तुम्हारा वजन बहुत है.." सीमा मुस्कराते हुए बोली ,
रवि , सीमा के ऊपर से उतर कर , इक तरफ लेट गया , सीमा वैसे hi सोई रही ,
"सीमू मेरी जान , कैसा लगा.." कुछ देर बाद रवि ने सीमा की तरफ पलट कर बोलै ,
"उम् शहहह रवि , जान निकल दी तुमने.." सीमा हस्ते हुए बोली , और रवि के सीने से लग गई ,
"में तुमसे बहुत प्यार करता हु , प्लस कभी मुझे छोड़ कर मत जाना , ी लव ु सीमा.." रवि ने नाम आँखों से बोलै ,
"नै जोगी , कभी नै , हम जिंदगी भर साथ रहेंगे , ाचा इक बात बताऊ.."
"हाँ बताओ न.."
"वोह , वोह सीमा ा रही है कल.."
"राखी बाँड्ने.." रवि ने हस्ते हुए बोलै ,
"पागल , हमसे मिलने , तुम्हारी साली है , राखी क्यों बंदगी तुम.."
"ओह्ह , ठीक है , मेरी प्यारी बीवी.." रवि ने सीमा को अपनी बहु में भरते हुए बोलै ,
"ाचा में जाओ , रमा इंतज़ार कर रही होगी.." सीमा मुस्कराते हुए बोली ,
"यही सो जाओ न , मेरी बहु में , प्लस.." रवि ने सीमा को अपनी बहु में कस्ते हुए बोलै ,
"ठीक है.." सीमा भी मुस्करा कर बोली और दोनों इक दूसरे के सीने से लगे सो गए , कल रवि की जिंदगी का बड़ा दिन था , राखी का दिन था , लेकिन रवि की जिंदगी बदलने वाली थी...
सुबह के 7 बजे...
"हे भगवन कैसे सोता है यह , रवि उठो न.." सीमा अपनी पूरी ताकत लगा रवि को जगा रही थी ,
आखिर उसकी म्हणत रंग लायी और रवि उठ कर बेथ गया ,
"क्या हुआ जणू , सुबह हो गयी क्या.." रवि ने आँखें मसलते हुए बोलै ,
"नै जी , रत के 12 बज रहे हैं , चलो जल्दी फ्रेश हो जाओ , 8 बजे सीमा ा रही है , उसे लेने जाना है.."
"ठीक है , में अभी अत हु.." रवि उठ कर खड़ा होता हुआ बोलै , और नंगा hi वाशरूम में घुस गया ,
"यह कभी नै सुधरेगा.." सीमा अपने माथे पर हाथ मरती मुस्कराती हुई रूम से बहार चली गई ,
दूसरी तरफ..
"प्रिय देदी , कितने बजे ा रही हो अप्प.." सैर ने मुस्कराते हुए पूछा ,
"बस छोटी निकल रही हु , अभी 1 घंटे में पहुँच जोगी , तुम रेडी रहना.."
"जी देदी.."
इतना बोल सैर ने फ़ोन कट कर दिया , यहाँ इक तरफ रवि की बहाने उसे राखी नै बंद रही थी , तोह वही दूसरी तरफ उसकी दो बहने उसे राखी बाँड्ने के लिए बेक़रार थी ,
वही दूसरी और...
रवि त्यार होकर घर के हॉल में ा गया , रमा और सीमा किचन में काम कर रही थी ,
रिमी अपने रूम में थी और शूरति सोफे पर बैठी किसी से बात कर रही थी ,
रवि किचन में सीमा के पास गया और उससे पूछा के सीमा कब आएगी , फिर रवि घर से बहार ा गया और गाड़ी स्टार्ट कर सीमा को लेने बस स्टॉप की तरफ निकल गया ,
रवि रस्ते में सीमा के बारे में सोच रहा था , जंगल में रहते वोह सीमा के बेहद करीब ा गया था , अभ पता नै सीमा कैसी होगी , 8 महीने बीत चुके थे , वोह सीमा से मिलने को बेक़रार था ,
रवि बस स्टॉप पहुँच सीमा का इंतज़ार करने लगा , फिर सीमा के गाओं की बस ा गई , रवि गाड़ी से उतर उस बस के पास पहुँच गया ,
कुछ लोग के उतरने के बाद सीमा भी बस से उतर गई , उफ़ ब्लैक पजामी सूट में सीमा का कैसा हुआ बदन , बड़े बड़े मम्मी , पतली कमर , हलके ब्राउन बॉल , छोड़ी गदराई गांड , रवि की नज़र तोह सीमा के लाजवाब हुसैन पर जैम सी गई ,
सीमा ने मुस्करा कर रवि की तरफ देखा और उसके करीब पहुँच गई , सीमा के गालो पर इक शर्म की लाली थी , और उसकी मुस्कान , उसके नरम गुलाबी होंठ , उफ़ रवि तोह बेबस हो गया था उसके हुसैन के अग्गे ,
"हे जाने मन , अपना नंबर तोह देदू ." दो लड़को ने सीमा को पीछे से आवाज़ दी ,
शयद वोह दोनों सीमा के साथ hi बस से उतरे थे , सीमा ने गुस्से से उनको घोर कर देखा और फिर रवि की तरफ देखने लगी ,
जैसे hi इक लड़का सीमा के करीब आया , रवि ने सीमा को इक तरफ कर उसके चेहरे पर कास कर इक थपड जड़ दिया ,
थपड पढ़ते hi उस लड़के का गोरा गाल लाल हो गया , वोह इक तरफ झुक गया ,
"तेरी तोह सेल.." दूसरा लड़का गुस्से से रवि को मरने डोडा , लेकिन रवि ने उसकी तरफ भाग कर अपने कंडे को उसके पेट में जड़ दिया , और उसे उठाये हुए hi पीछे ढकता हुआ बस से जा टकराया ,
वोह लड़का दर्द से कहरहटा हुआ बस से पीठ टिकाये hi बेथ गया , रवि ने पलट कर दूसरे लड़के की तरफ देखा , वोह लड़का डरता हुआ भाग गया ,
सीमा मोह फाडे बस रवि को देखती रही , रवि धीरे धीरे सीमा के करीब पहुँच गया ,
"चले साली साहिबा.." रवि मुस्करा कर सीमा को आँख मर बोलै ,
सीमा शर्मा गई और रवि के पीछे पीछे उसके साथ गाड़ी में बेथ गई , फिर दोनों घर की तरफ निकल गए ,
अभ दोनों मैं रोड पर जा रहे थे , सीमा खामोश सी बैठी हुई थी , वोह कुछ बोल नै रही थी ,
"उम् , मेरी साली इतनी खामोश क्यों है , न कोई हलो , न हाय , क्या बात है.. " रवि ने ड्राइव करते हुए सीमा की तरफ देख कर बोलै ,
"नै कुछ नै जेजु , में नाराज़ हु आपसे.." सीमा ने बुरा सा मोह बना कर बोलै ,
"क्यों.."
"अपने वादा किया था , अप्प गाओं में ायुगे , पर अप्प ए नै.."
"ओह्ह तोह यह बात है.."
"हाँ , अभ मुज़से बात मत करो.."
"ोुछःह , यह मत करो.." रवि ने ड्राइव करते हुए अपना इक हाथ सीमा की कासी मोती जंग पर रख दिया , वोह सीमा की मोती जंग को प्यार से सहलाने लगा ,
"ओह्ह तोह इस बात की नाराज़गी है आपको , में गाओं नै आया और आपको छोड़ने का वादा किया था , वोह पूरा नै किया.."
"धत्त , गंदे कही के , मने कब ऐसा बोलै.." सीमा बेहद शरमाते हुए बोली ,
"साली साहिबा , हम आपकी परेशानी समज़ते हैं , इक तोह आपकी यह कातिल जवानी , और रास टपकता आपका यह लाजवाब हुसैन , फिकर मत करो , आपको बहुत मज़ा दूंगा अभ में.." रवि ने सीमा को अपनी तरफ खींच उसके रसीले गुलाबी होंठो को चूमते हुए बोलै ,
सीमा शर्माती हुई सीधी होकर बेथ गई , सरे रस्ते रवि कभी उसकी जांगू को मसलता रहा , कभी उसके गदराये मोठे चुचु को , सीमा की छूट खूब गीली हो चुकी थी , उसकी आँखें वासना में खूब नशीली हो चुकी थी , ऐसे hi वख्त बीटा और वोह दोनों घर पहुँच गए ,
सीमा को देख सभी खुश हो गए , सभी उसे बहुत प्यार से मिले , रवि अपने रूम की तरफ चला गया ,
रवि जनता था , उसकी बहाने बहुत जिद्दी हैं , वोह उसे राखी नै बंदगी , इस लिए चुप चाप वोह अपने रूम में चला गया ,
सुबह के 10 बज रहे थे , तभी इक गाड़ी घर के सामने आकर रुक गई , गाड़ी से 2 लड़कियाँ उतरी , उनके चेहरों पर इक मुस्कान थी , यह दोनों कोई और नै , प्रिय और सैर थी...
तो बे कुनिटेड....
अभ अग्गे...
सीमा जड़ने के बाद शांत पढ़ गई , रवि धीरे धीरे उसके ऊपर से उठ कर , इक तरफ गिर गया , दोनों तेज़ तेज़ सांसे भर रहे थे ,
"उफ्फ्फ जान निकल दे मेरी .." सीमा मुस्कराते हुए बोली , और रवि से लिपट गई , रवि उसकी नंगी पथ को सहलाने लगा ,
धीरे धीरे रवि का हाथ उसके मोठे चूतड़ों पर रुक सा गया , रवि उसके दोनों नरम दूध जैसे सफेद चूतड़ों को मसलता हुआ , उसके होंठो को चूमने लगा ,
सीमा के नरम गदराये चूतड़ों का नरम मास्स रवि अपने हाथ की मुथियों में पकड़ कास कास कर मसल रहा था "ोुछःह रविइइइइइ.." सीमा को इक दर्द सा महसूस हो रहा था , लेकिन मज़ा भी बहुत अधिक ा रहा था ,
"सीमा डौगी बन जाओ..." रवि मुस्कराते हुए बोलै , तोह सीमा भी उसकी बात सुन हस्स दी , रवि ने सीमा की भलखती पतली कमर से उसे पकड़ा और उठा कर घोड़ी बना दिया ,
अभ सीमा दोनों खोयीओं को बीएड से टिका घुटनो के बल ज़ुकी हुई थी ,
रवि जल्दी से सीमा के पीछे ा गया , उफ्फ्फ सीमा की मोती छोड़ी गदराई गांड , जो रवि के कास कर मसलने से लाल हो चुकी थी , िका इक रवि की नज़र सीमा की छूट पर जैम सी गई , ताबड़तोड़ ढको से लाल हुई छूट , जो के पूरी गीली हो चुकी थी ,
"उम्म्म्म ssiiiiiiiiiii .." सीमा सिसक उठी , जब रवि की लपलपाती जीभ उसके छूट पर जा लगी , रवि भूके कुत्ते की तरह सीमा की छूट को चूमने चाटने लगा , सीमा अपनी छूट चूसै का आनंद लेती , मज़े से सिसकार रही थी ,
"उम् सीमा अभ त्यार हो जाओ अह्ह्ह.." रवि ने घुटनो के बल बेथ , अपने लुंड पर ढेर सारा थूक मॉल , उसके छूट के छेद पर टिका , कास कर ढके जड़ते हुए बोलै , "ाआईईईई सशह्ह्ह्ह ढेरी.." सीमा अभी इतना hi बोल पायी थी के रवि ने उसकी कमर को हाथो से पकड़ , कास कास कर ढके लगाने सुरु कर दिए ,
गीली छूट में लुंड तेज़ गोली की रफ़्तार से पाछहहह पछ्ह्ह्ह्ह की आवाज़ें करता अंदर बहार हो रहा था ,
रवि के लम्बे मोठे लुंड की चुंबन सीमा को और भी मदहोश कर रही थी ,
"अह्हह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह और तेज़ जणू आह्ह्ह्हह .." सीमा गीली छूट में फिसलते लुंड के तेज़ ढको का स्वाद लेती चीखती हुई बोली ,
रवि की जांगू से सीमा के नरम चूतड़ों का मास्स सागर में उठती लेहरो की तरह उछाल रहा था , रवि तेज़ तेज़ ढके जड़ता , सीमा की नरम गदराये चूतड़ों पर थपड जड़ने लगा ,
"ुछहःछःह अह्हह्ह्ह्ह मत मरु अह्हह्ह्ह्ह..." सीमा दर्द और मज़े से सिसकते हुए बोली ,
करीब 15 मिंटो तक रवि ताबड़तोड़ सीमा की छूट को बजता रहा , सीमा इक बार और जड़ चुकी थी , उसका बदन अभ सुस्त पढ़ चूका था ,
"ाआईईईईई रविइइइइ प्लसस रुक जोऊ अह्हह्ह्ह्ह प्लसस बस्स्स करूओ ना.." सीमा अभ तेज़ ढको को न जलती हुई सिसकते हुए बोली ,
"बस अह्ह्ह सीमा कुछ देर ोर्ड्र्र.." रवि ने सीमा की गांड को मसलते तेज़ ढके जड़ते हुए बोलै , सीमा ताबड़तोड़ ढको को बर्दाश्त न कर पायी और बीएड पर पेट के बल लेट गई ,
अभ रवि उसके ऊपर लेता , उसकी गर्दन को चूमता छत्ता , और भी तेज़ ढके जड़ने लगा ,
"आअह्ह्ह्हह मायआ रवीए बुसस करूओ..." सीमा चीखती हुई बोली ,
रवि ने सीमा की गर्दन के निचे से अपना हाथ निकल , उसे कास कर पकड़ते हुए , उसे छोड़ना जारी रखा ,
"थप्प्प्प थप्प्प्प पछहः पाछह " की अवाजिअं करता रवि , सीमा को छोड़ता रहा ,
"में गया अह्ह्ह्हह मेरी जांणण..." रवि पूरी रफ़्तार से सीमा की छूट को फाड़ता रोंद्ता हुआ
जड़ने लगा ,
रवि जटके खता जड़ता हुआ , सीमा के ऊपर लेता उसके गोर गालो को चूमता रहा , कुछ देर रवि उसके ऊपर लेता रहा ,
"ोुछःह उतर जाओ निचे अह्ह्ह्ह तुम्हारा वजन बहुत है.." सीमा मुस्कराते हुए बोली ,
रवि , सीमा के ऊपर से उतर कर , इक तरफ लेट गया , सीमा वैसे hi सोई रही ,
"सीमू मेरी जान , कैसा लगा.." कुछ देर बाद रवि ने सीमा की तरफ पलट कर बोलै ,
"उम् शहहह रवि , जान निकल दी तुमने.." सीमा हस्ते हुए बोली , और रवि के सीने से लग गई ,
"में तुमसे बहुत प्यार करता हु , प्लस कभी मुझे छोड़ कर मत जाना , ी लव ु सीमा.." रवि ने नाम आँखों से बोलै ,
"नै जोगी , कभी नै , हम जिंदगी भर साथ रहेंगे , ाचा इक बात बताऊ.."
"हाँ बताओ न.."
"वोह , वोह सीमा ा रही है कल.."
"राखी बाँड्ने.." रवि ने हस्ते हुए बोलै ,
"पागल , हमसे मिलने , तुम्हारी साली है , राखी क्यों बंदगी तुम.."
"ओह्ह , ठीक है , मेरी प्यारी बीवी.." रवि ने सीमा को अपनी बहु में भरते हुए बोलै ,
"ाचा में जाओ , रमा इंतज़ार कर रही होगी.." सीमा मुस्कराते हुए बोली ,
"यही सो जाओ न , मेरी बहु में , प्लस.." रवि ने सीमा को अपनी बहु में कस्ते हुए बोलै ,
"ठीक है.." सीमा भी मुस्करा कर बोली और दोनों इक दूसरे के सीने से लगे सो गए , कल रवि की जिंदगी का बड़ा दिन था , राखी का दिन था , लेकिन रवि की जिंदगी बदलने वाली थी...
सुबह के 7 बजे...
"हे भगवन कैसे सोता है यह , रवि उठो न.." सीमा अपनी पूरी ताकत लगा रवि को जगा रही थी ,
आखिर उसकी म्हणत रंग लायी और रवि उठ कर बेथ गया ,
"क्या हुआ जणू , सुबह हो गयी क्या.." रवि ने आँखें मसलते हुए बोलै ,
"नै जी , रत के 12 बज रहे हैं , चलो जल्दी फ्रेश हो जाओ , 8 बजे सीमा ा रही है , उसे लेने जाना है.."
"ठीक है , में अभी अत हु.." रवि उठ कर खड़ा होता हुआ बोलै , और नंगा hi वाशरूम में घुस गया ,
"यह कभी नै सुधरेगा.." सीमा अपने माथे पर हाथ मरती मुस्कराती हुई रूम से बहार चली गई ,
दूसरी तरफ..
"प्रिय देदी , कितने बजे ा रही हो अप्प.." सैर ने मुस्कराते हुए पूछा ,
"बस छोटी निकल रही हु , अभी 1 घंटे में पहुँच जोगी , तुम रेडी रहना.."
"जी देदी.."
इतना बोल सैर ने फ़ोन कट कर दिया , यहाँ इक तरफ रवि की बहाने उसे राखी नै बंद रही थी , तोह वही दूसरी तरफ उसकी दो बहने उसे राखी बाँड्ने के लिए बेक़रार थी ,
वही दूसरी और...
रवि त्यार होकर घर के हॉल में ा गया , रमा और सीमा किचन में काम कर रही थी ,
रिमी अपने रूम में थी और शूरति सोफे पर बैठी किसी से बात कर रही थी ,
रवि किचन में सीमा के पास गया और उससे पूछा के सीमा कब आएगी , फिर रवि घर से बहार ा गया और गाड़ी स्टार्ट कर सीमा को लेने बस स्टॉप की तरफ निकल गया ,
रवि रस्ते में सीमा के बारे में सोच रहा था , जंगल में रहते वोह सीमा के बेहद करीब ा गया था , अभ पता नै सीमा कैसी होगी , 8 महीने बीत चुके थे , वोह सीमा से मिलने को बेक़रार था ,
रवि बस स्टॉप पहुँच सीमा का इंतज़ार करने लगा , फिर सीमा के गाओं की बस ा गई , रवि गाड़ी से उतर उस बस के पास पहुँच गया ,
कुछ लोग के उतरने के बाद सीमा भी बस से उतर गई , उफ़ ब्लैक पजामी सूट में सीमा का कैसा हुआ बदन , बड़े बड़े मम्मी , पतली कमर , हलके ब्राउन बॉल , छोड़ी गदराई गांड , रवि की नज़र तोह सीमा के लाजवाब हुसैन पर जैम सी गई ,
सीमा ने मुस्करा कर रवि की तरफ देखा और उसके करीब पहुँच गई , सीमा के गालो पर इक शर्म की लाली थी , और उसकी मुस्कान , उसके नरम गुलाबी होंठ , उफ़ रवि तोह बेबस हो गया था उसके हुसैन के अग्गे ,
"हे जाने मन , अपना नंबर तोह देदू ." दो लड़को ने सीमा को पीछे से आवाज़ दी ,
शयद वोह दोनों सीमा के साथ hi बस से उतरे थे , सीमा ने गुस्से से उनको घोर कर देखा और फिर रवि की तरफ देखने लगी ,
जैसे hi इक लड़का सीमा के करीब आया , रवि ने सीमा को इक तरफ कर उसके चेहरे पर कास कर इक थपड जड़ दिया ,
थपड पढ़ते hi उस लड़के का गोरा गाल लाल हो गया , वोह इक तरफ झुक गया ,
"तेरी तोह सेल.." दूसरा लड़का गुस्से से रवि को मरने डोडा , लेकिन रवि ने उसकी तरफ भाग कर अपने कंडे को उसके पेट में जड़ दिया , और उसे उठाये हुए hi पीछे ढकता हुआ बस से जा टकराया ,
वोह लड़का दर्द से कहरहटा हुआ बस से पीठ टिकाये hi बेथ गया , रवि ने पलट कर दूसरे लड़के की तरफ देखा , वोह लड़का डरता हुआ भाग गया ,
सीमा मोह फाडे बस रवि को देखती रही , रवि धीरे धीरे सीमा के करीब पहुँच गया ,
"चले साली साहिबा.." रवि मुस्करा कर सीमा को आँख मर बोलै ,
सीमा शर्मा गई और रवि के पीछे पीछे उसके साथ गाड़ी में बेथ गई , फिर दोनों घर की तरफ निकल गए ,
अभ दोनों मैं रोड पर जा रहे थे , सीमा खामोश सी बैठी हुई थी , वोह कुछ बोल नै रही थी ,
"उम् , मेरी साली इतनी खामोश क्यों है , न कोई हलो , न हाय , क्या बात है.. " रवि ने ड्राइव करते हुए सीमा की तरफ देख कर बोलै ,
"नै कुछ नै जेजु , में नाराज़ हु आपसे.." सीमा ने बुरा सा मोह बना कर बोलै ,
"क्यों.."
"अपने वादा किया था , अप्प गाओं में ायुगे , पर अप्प ए नै.."
"ओह्ह तोह यह बात है.."
"हाँ , अभ मुज़से बात मत करो.."
"ोुछःह , यह मत करो.." रवि ने ड्राइव करते हुए अपना इक हाथ सीमा की कासी मोती जंग पर रख दिया , वोह सीमा की मोती जंग को प्यार से सहलाने लगा ,
"ओह्ह तोह इस बात की नाराज़गी है आपको , में गाओं नै आया और आपको छोड़ने का वादा किया था , वोह पूरा नै किया.."
"धत्त , गंदे कही के , मने कब ऐसा बोलै.." सीमा बेहद शरमाते हुए बोली ,
"साली साहिबा , हम आपकी परेशानी समज़ते हैं , इक तोह आपकी यह कातिल जवानी , और रास टपकता आपका यह लाजवाब हुसैन , फिकर मत करो , आपको बहुत मज़ा दूंगा अभ में.." रवि ने सीमा को अपनी तरफ खींच उसके रसीले गुलाबी होंठो को चूमते हुए बोलै ,
सीमा शर्माती हुई सीधी होकर बेथ गई , सरे रस्ते रवि कभी उसकी जांगू को मसलता रहा , कभी उसके गदराये मोठे चुचु को , सीमा की छूट खूब गीली हो चुकी थी , उसकी आँखें वासना में खूब नशीली हो चुकी थी , ऐसे hi वख्त बीटा और वोह दोनों घर पहुँच गए ,
सीमा को देख सभी खुश हो गए , सभी उसे बहुत प्यार से मिले , रवि अपने रूम की तरफ चला गया ,
रवि जनता था , उसकी बहाने बहुत जिद्दी हैं , वोह उसे राखी नै बंदगी , इस लिए चुप चाप वोह अपने रूम में चला गया ,
सुबह के 10 बज रहे थे , तभी इक गाड़ी घर के सामने आकर रुक गई , गाड़ी से 2 लड़कियाँ उतरी , उनके चेहरों पर इक मुस्कान थी , यह दोनों कोई और नै , प्रिय और सैर थी...
तो बे कुनिटेड....