वंदना भाभी ने अपने पति को बेवकुफ बनाकर अपने ब्लाउज का अल्टरेशन करने बलवंत के पास आयी पर बल्लु एक मंजा हुआ खिलाड़ी था उसे मालूम था कि सेक्सी औरतों को कैसे पटाकर चोदना वो बराबर जानता था और वैसे ही हुआ, वंदना जैसी खुबसूरती और जवानी से भरी हुई एक औरत का नाप लेतै समय उसने जान बुझकर उसके मम्मे दबाए और उसकी नाभि को उंगली से सराहते हुए उसके बड़ी गान्ड पर अपने हाथ फेरने का चान्स लिया और फिर क्या है जो वह चाहता था वहीं हुआ वंदना ने अपने बड़े बु्ब्स खोलकर उसे चटाने और चुसने को खोल दिए और फिर बलवंत ने मौका देखकर भाभी को ले जाकर महाराज गेस्ट हाउस में दो बार पेलकर खुश कर दिया