hotaks's latest activity

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    वह पूजा कक्ष में सो गई और मैं पूजा कक्ष से बाहर तख़्त पर लेट गया, भीतर दीपक की लौ चमक रही थी और लेटे-लेटे मुझे विनीता का सौंदर्य एक अलाव...
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    मैं मंदिर में ही पड़ा रहता, मेरी सेवा भक्तगण किया करते, वे ही मुझे नहलाते, धुलाते और जोगिया वस्त्र पहनाते। मैं जोगी हो गया था, परंतु चल...
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    आज सब कुछ मिट कर रहेगा। आज मैं बेताल से पीछा छुड़ा लूंगा। आज मैं अधर्म त्याग दूंगा और ईश्वर की आराधना में लीन हो जाऊंगा। आज के बाद...
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    उस वक्त बेताल कहां गया। होश में आने के बाद मैंने अपने को सीखचों वाले कोठरी में पाया … मैंने बेताल को बहुत याद किया पर उसकी उपस्थिति का...
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    दस मिनट बाद ही बेताल फिर से उपस्थित हुआ। “आपका शत्रु मर गया…. उसे आपका भेद मालूम हो गया था। उसकी मूठ ने उसी की जान ले ली।” “क्या…?”...
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    “आका - आप बहुत परेशान हैं… जरा धैर्य से काम लीजिए अब आपकी रक्षा करना मेरा ध्येय है। जिस बस्ती से आप बच्चा उठाकर लाए थे, वहां एक बड़ा...
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    किसी आदमखोर भेड़िए की तरह मैं एक मासूम बच्चे का अपहरण कर लाया था और अपने क्रूर अपराध की पुनरावृत्ति कर दी। चांद की मुर्दा चांदनी को बलि...
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    उस वक्त मेरी जालिम प्रवृत्ति ना जाने कहां से सो गई थी। मेरा रोम-रोम हर्ष में डूबा था। उन लोगों ने मुझे बकायदा डोली में बिठाया और एक बड़े...
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    पत्तर मेरे सामने भी रख दिया। फिर मैंने देखा - वह रमणी अपने कर कमलों से भोजन परोस रही है। मुझे यह सब आनंदित प्रतीत हुआ और मैंने उसके...
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    इसके बाद मैंने सूरज गढ़ का रूख नहीं लिया। एक आदिवासी गांव में एक झोपड़े में मुझे पनाह मिल गई परंतु मेरी स्थिति असहाय इंसानो जैसी हो गई...
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    अचानक मेरे कान में कोई फुसफुसाया। “मेरे आका मैं मदद के लिये उपस्थित हूं।” मैं चौंक पड़ा। क्या बेताल था। हां अगिया बेताल ही था। मैं...
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    परंतु दस बारह सीढ़ियां चढ़ने के बाद मैं बुरी तरह हाफने लगा। उस स्थिति में भी मैं रुक नहीं रहा था… मेरे लिये आने वाला हर पल खतरनाक था। ना...
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    जब मुझे पुनः होश आया तो अंधकार घिर आया था। ऐसा जान पड़ता था जैसे रात की कालिमा चारों तरफ से मुझे जकड़ चुकी है। मेरे हाथ उसी प्रकार बंधे...
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    ठाकुर ने अपने फौलादी पंजे से मेरी गर्दन दबानी शुरू कर दी थी और मुझे अपना दम घुटता प्रतीत हो रहा था। मैंने जोर से उसकी कलाई काट दी। उसने...
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    ठाकुर हथेलियां रगड़ रहा था। उसका वश चलता तो उसी वक्त मुझे ठिकाने लगा देता। परंतु मेरी रिवाल्वर एक पल के लिये भी उससे विमुख नहीं हुई थी।...
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