hotaks's latest activity

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    उसने मुझे ही पुकारा था। “तुम्हें एक नेक सलाह देना चाहूँगा।” वह बोला – “गढ़ी वालों से उलझ कर किसी ने सफलता प्राप्त नहीं की बल्कि खुद को...
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    एक महीना बीत गया। मेरे कष्टप्रद दिनों का एक माह... यह तीस दिन तीस साल से भी अधिक भयानक थे। इस बीच मैंने अपनी आँखों की रौशनी पाने के लिए...
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    “तुम तो डॉक्टर हो, इतना अधिक निराश होने से बात नहीं बनेगी... आजकल तो आँखें कोई बड़ी समस्या नहीं। इंसान यदि जन्मजात अँधा न हो तो उसे...
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    “मैं कहाँ हूँ...।” मैं कराहा। “सुरक्षित... अगर मैं ठीक समय पर न देखता तो आदमखोर बाघ तुम्हे ख़त्म कर देता... मैं पूरे पच्चीस रोज से उसके...
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    गढ़ी की ऊँची दीवार को पार कर पाना आसान काम नहीं था और मेरे लिए यह जानना आवश्यक था कि चन्द्रावती कहाँ है... उस पर क्या बीत रही है। मैं...
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    यह मकान भी तो ऐसी जगह था,जिसके पीछे कोई आबादी नहीं थी और छोटी-बड़ी झाड़ियों का सिलसिला प्रारंभ हो जाता था एक घुटी-घुटी आवाज फिर सुनाई...
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    एक तीव्र कम्पन के साथ मेरी आँख खुल गई, मैं एकदम उठ कर बैठ गया और आँखे मलने लगा। वह कैसा कम्पन था। मेरे कान अब भी झनझना रहे थे। ऐसे जैसे...
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    वह काफी भावुक हो गई थी और अब मुझसे बातें करने में जरा भी शर्म महसूस नहीं होती थी। वह पढ़ी लिखी मालूम देती थी, मेरी समझ में नहीं आया कि...
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    “हाँ... लेकिन घबराने की जरुरत नहीं। और वह तब तक इसे आवाज नहीं देगा जब तक इसका पति इसके सामने गिड़गिड़ा कर माफ़ी नहीं मांगेगा। और अगर दो...
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    उस कमरे में एक लंबा चिमटा रखा था। मैंने वह उतार लिया और सब लोगों को बाहर निकल जाने के लिए कहा। सब उसे छोड कर बाहर निकल गए। वह मुझ पर...
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    “तू मुझे ठीक करेगा... मैं तेरा खून पी जाउंगी... मैं ब्रह्म राक्षस की बीवी हूँ... ही... ही... ही...। “अरे इसे पकड़ो... यह तो पागल है।”...
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    यहाँ आने के बाद पहली बार मेरे होठों पर मुस्कान आई थी। कैसे-कैसे ढोंग है यहाँ... हूं... ब्रह्म राक्षस। अगर मैं डॉक्टर न होता तो उसे...
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    “अरे यही ठाकुर प्रताप... उसकी नियत अच्छी नहीं। और आजकल तो उसके यहाँ भैरवप्रसाद का आना-जाना है। लोग कहते है, भैरव काले पहाड़ पर रहता है...
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    “माँ।” बुढ़िया चली गई। “कौन सी माँ ?” “मुझे तो याद भी नहीं था मेरी माँ कैसी थी – कौन थी—पर मेरे पिता ने तो मेरे लिए तीसरी माँ का...
  • hotaks
    नये मकान पर ताला डालकर मैं क़स्बा सूरजगढ़ की और चल दिया, वहां हमारा पुराना मकान था। मुझे यह देखना था कि मेरे पिता के पास कितनी...
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