hotaks's latest activity

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    #20 दिमाग में सवाल इतने थे की सोचते सोचते सरदर्द होने लगा था . मैं सीधा जाकर नहाया और फिर सरोज के पास गया , पीली साडी में सरोज बड़ी...
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    #19 “माफ़ करना मेरा ध्यान भटका , क्या कह रहे थे तुम ” बोली रूपा मैं- तूने किसी खोयी हुई हवेली के बारे में सुना है क्या रूपा जोर जोर...
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    #18 क्या वो मेरी नजरो का धोखा था या सच था , ये जो भी था मेरी आँखे देख रही थी पर दिल मान नहीं रहा था , मैंने देखा उसका धड बड़े सांप का...
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    #17 मैंने देखा कौशल्या रजाई ओढ़े सोयी पड़ी थी मैंने उसे जगाया . “मैंने तो सोच लिया था आज फिर धोखा दे गया लड़का ” कौशल्या ने अंगड़ाई लेते...
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    #16 बेशक सर्द हवा ने मुझे कम्बल को और कसने को मजबूर कर दिया था , पर सामने से आती उस सूरत को देख कर मुझे कम्बल की जरुरत रह नहीं गयी थी...
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    #15 बैग में एक ब्लैक एंड वाइट तस्वीर थी जो काफी पुरानी लगती थी , पर चूँकि उसे सहेज कर रखा गया था तो हालत ठीक थी , वो तस्वीर शायद किसी...
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    #14 मैंने देखा एक गाड़ी थी जिसे टक्कर मारी गयी थी गाडी काफी क्षतिग्रस्त थी , अन्दर रौशनी थी मैंने देखा एक औरत लहू लुहान अवस्था में...
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    #13 मेरे हाथ में एक जंग खाई बेहद पुराणी चाबी थी, मैं ताऊ की तरफ देखू वो मेरी तरफ “किस चीज़ की चाबी है ताउजी ये ” मैंने पूछा ताऊ-...
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    #12 उसने बोला कुछ नहीं , बस सामने की तरफ इशारा कर दिया. सामने कुछ लाशे पड़ी थी , कुछ नहीं बल्कि बहुत सारी लाशे, कम से कम पन्द्रह-बीस...
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    #11 काकी की आवाज से जैसे मैं जम गया ठण्ड में , मैंने पलट कर देखा . काकी- शाम को जल्दी घर आ जाना और बनिए की दूकान से कुछ सामान लाना...
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    #10 दो नंगे जिस्म एक दुसरे से इस सर्द मौसम में लिपटे हुए जिस्म की भड़की आग को शांत करने की कोशिश कर रहे थे , न जाने कब मैं सरोज के ऊपर...
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    #9 सरोज को अपनी बाँहों में भरना ऐसा अहसास था जैसे हलवाई के गर्म तवे पर घी का पिघलना, भरी बरसात में वो मेरी बाँहों में सिमट गयी थी ...
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    #8 लाला महिपाल की छवि कोई खास बढ़िया नहीं थी , लोगो को कर्जा देना और फिर ब्याज पर ब्याज वसूलना , सूद का ऐसा चक्रव्यूह चलाता था वो की...
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    #7 आँखे खुली तो सामने ऐसी सूरत थी जिसे बार बार देखने को जी चाहे , “तुम यहाँ कैसे, मेरा मतलब इतनी रात गए ” मैंने कई सवाल एक साथ पूछ...
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    #6 मुझे लगा करतार होगा , आवाज दी पर कोई नहीं था . जलते अलाव के पास बैठे मैं सोचने लगा की शायद चले गया होगा. रात अभी बहुत बाकी थी तो...
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