hotaks's latest activity

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    मैं आप सब से एक प्रश्न पूछना चाहता हूं कि एक बेहतरीन कहानी की पृष्ठभूमि क्या होनी चाहिए. इतिहास, वर्तमान या फिर भविष्य. क्या इतिहास रोचक...
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    आप सभी पाठकों का मैं शुक्रगुजार हूं, ये केवल और केवल आपका ही साथ था जो ये कहानी यहां तक पहुंच पायी आप सब लोग मेरे लिए फॅमिली है क्या हुआ...
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    मित्रों, साथियो, ये कहानी आज समाप्त हो गई है. जब इसे लिखना शुरू किया था तो सोचा नहीं था कि आप सब का इतना साथ मिलेगा, दिल मे बहु ज़ज्बात...
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    #76 संध्या- मीता तुम वो तस्वीर देख कर चौंक गयी क्योंकि उसमे तुमने खुद को देखा जबकि वो मैं थी इसका कारण ये था की मैंने तुमको अपने गर्भ...
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    #75 “कैसा सौदा ” पूछा मैंने अर्जुन- बलबीर को अमृत कुण्ड देखना था . “अमृत कुण्ड ” इस बार हम तीनो ही एक साथ बोल पड़े. बाबा ने गहरी...
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    #74 “वक्त का पहिया घूमते हुए फिर से यही पर आकर रुक गया है अर्जुन, देखो जरा अपने आस पास मैं हूँ तुम हो और ये बरसता सावन ” मंदा ने कहा...
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    #73 जिस बाज़ी को मैंने अपने हिस्से में पलटते हुए देखा था रीना पर हुए इस हमले ने पल भर में ही हम सबको अहसास करवा दिया की ये बिसात इतनी...
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    #72 भरी दोपहर में ही मौसम बदलने लगा था , काले बादलो की घटा ने आसमान संग आँख-मिचोली खेलनी शुरू कर दी थी .ऐसा लगता था की रात घिर आई हो...
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    पाठक महोदय, मैं आपसे जानना चाहता हूं कि रोमांस के क्या मायने है यद्यपि कहानी मे स्तिथि अनुसार नायक नायिका के खास क्षणों को दिखाया गया है...
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    #71 इस से पहले की काकी कुछ जवाब दे पाती, अचानक से हवाओ का रुख बदलने लगा. आस पास सब काला काला होने लगा. साँसे भारी, बहुत भारी सी होने...
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    #70 पर इससे पहले की मैं कुछ कर पाता, मेरे कदम रुक गए. वो औरत अचानक से पलट कर मेरी तरफ घूम गयी . “तुम्हे मेरा पीछा करने की कोई जरुरत...
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    # झटके से मेरी आँख खुली तो मैंने पाया की बदन पसीने से तरबतर था . सांय सांय हवा चल रही थी , मीता मेरे पास सो रही थी . मेरे सीने पर हाथ...
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    #68 हम दोनों उसी समय जब्बर से मिलने के लिए चले गए . पर अफ़सोस वो कहीं बाहर गया हुआ था . निरासा से भरे हुए कदमो से वापिस लौटना कठिन था...
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    #67 मैं- कैसा अतीत मीता- तू चल तो सही मैं- रीना से बहुत कुछ कहना चता था खैर फिर कभी, चल चलते है . बोझिल, भारी कदमो से हम दोनों...
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    # किस्मत, हाँ ये निगोड़ी किस्मत ही तो थी जो मुझसे मजाक कर रही थी . जिस पल का मैंने बरसों इंतज़ार किया था की एक दिन आयेगा जब मेरा बाप...
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