hotaks's latest activity

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    #17 ख्यालो में मीता का अहसास लिए मैं रुद्रपुर के बाजार में थोड़ी देर रुक गया , एक दूकान पर मैं गन्ने का रस पी ही रहा था की मैंने अपनी...
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    हीरो को अचानक से पैसा मिला है ये बात सही है पर वो उस पर अधिकार नहीं जता रहा क्योंकि मुफलिसी ने उसे यही सिखाया है, नयी दौलत अपने साथ नए...
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    #16 दिल इतना बेताब कभी नहीं हुआ था , न जाने कैसी ये कसक थी . बैंक से निकल कर मैंने रुद्रपुर का रास्ता लिया ही थी की साइकिल धोखा दे...
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    # गिरने से बचने को मैंने ताई की कमर में हाथ डाल लिया ताई की कड़क छतिया मेरे सीने से टकराई मेरे लबो ने ताई के सुर्ख गालो को हलके से छू...
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    #14 मैंने हौले से उसके हाथ को अपने हाथ में थाम लिया. “”जाने दे मुझे “ उसने ठहरी आवाज में कहा . मैं-मेरे रोकने से रुक जाएगी क्या तू...
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    #13 मैंने देखा बावड़ी में पानी उसी तरह लहरा रहा था . “ये पानी नहीं तो क्या है ” मैंने निचे जाकर हथेली में पानी भरा और उसके पास लाया...
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    #12 मैंने देखा एक अद्भुद नजारा, कहने को कुछ भी नहीं और कहे तो बहुत कुछ हो जाए . मेरे सामने जलती राख थी जिसका धुआ भी अब धुआ धुआं हो...
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    #11 इन्सान का मन बड़ा विचित्र होता है , उसकी इच्छाए, उसकी लालसा , उसकी अनगिनत महत्वकांक्षी योजना, मन कब बावरा हो जाये, कब वो छल कर...
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    #10 ताई की बातो ने मुझे उत्सुक कर दिया था , दिल कर रहा था की अभी के अभी साइकिल उठाऊ और सीधा उधर पहुँच जाऊं , पर फिर सोचा शाम होने में...
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    #9 अधूरी बात छोड़ गाँव वाले ने पीछे नीम के पेड़ की तरफ इशारा किया और मेरी आँखों ने जो देखा,एक पल के लिए कलेजा जैसे शरीर से बाहर ही आ...
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    #8 मैं नहीं जानता वो कैसी घडी थी जब ताई मेरे गले लगी, पर उस घडी ने आने वाले कल को बदलने की शुरुआत शायद कर दी थी, ताई की भरी हुई...
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    #7 और जब मैंने दरवाजे को धक्का दिया तो मेरी आँखे फटी की फटी रह गयी. कमरे में चारपाई पर ताई और ठेकेदार एक दुसरे पर चढ़े हुए थे, अचानक...
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    #6 मैंने देखा की नाहर की पुलिया से एक गाड़ी टकरा गयी थी. मैं दौड़ कर उसके पास गया . गाड़ी में एक औरत थी जिसका चेहरा खून से लथपथ था ...
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    #5 बहुत देर तक मैं ताई की राह देखता रहा पर वो आई ही नहीं, हार कर मैं खुद ही चल दिया.ताई आये न आये फर्क नहीं पड़ता था मेरी अपनी...
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