hotaks's latest activity

hotaks's latest activity

  • hotaks
    शाम ढलने को थी रघु घूमते हुए गांव के नुक्कड़ पर हलवाई की दुकान पर पहुंच गया,,, 10 दिन जैसे हो चुके थे वह हलवाई की बीवी के दर्शन नहीं कर...
  • hotaks
    दूसरे दिन शालू ठीक समय पर आम की बगिया पर पहुंच गई,,, आपकी बगिया बिरजू का ही था,,, जहां पर एकदम नीरव शांति थी चारों तरफ हरियाली हे...
  • hotaks
    laliya is tarah se apni saree uthaye huye
  • hotaks
    गांव का मौसम बिल्कुल साफ था आसमान में तारे टिमटिम आ रहे थे चांद अपनी पूरी आभा बिखेरे पूरे गांव में अपनी चांदनी लूटा रहा था जिसकी वजह से...
  • hotaks
    रामू रघु का बोझ सर पर उठाकर कजरी के पीछे पीछे घर चला गया,,, रघु ललिया की मदद करने के लिए खेत में उतर गया,,,, ललिया जल्दी-जल्दी कटी हुई...
  • hotaks
    रघु घर जाने के लिए तैयार हो गया,,, वैसे उसे भूख भी लगी थी,,,, वह घर की तरफ निकल गया आज पहली बार हुआ है अपनी मां के नितंबों पर हाथ लगाया...
  • hotaks
    रघु की जिंदगी की सबसे बेहतरीन रात गुजर चुकी थी,,,। आज की रात के बाद से उसकी जिंदगी की नई शुरुआत हो रही थी इस रात ने रघु को एकदम से बदल...
  • hotaks
    एक ही खटिया पर सोने की बात सुनकर रघु के तन बदन में उत्तेजना की चिंगारी फूटने लगी आज तक उसने कभी भी किसी औरत के साथ एक ही खटिया पर नहीं...
  • hotaks
    वातावरण में शीतलता के साथ-साथ चांदनी भी फैली हुई थी लेकिन जिस स्थान पर बैठकर हलवाई की बीवी मूत रही थी वहां घनी झाड़ियां थी,,, वैसे भी...
  • hotaks
    हलवाई की बीवी के तन बदन में अजीब सी हलचल मची हुई थी वह रघु को अपनी मदमस्त गांड को नंगी करके दिखाना चाहती थी इसी बहाने वाह पेशाब भी कर...
Back
Top