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अब आरती उप्पर आ गयी थी.. पर इस बार नवाज़ ने ुंदरपनत पहन ली थी .. क्यों पता नहीं पर पहन ली थी ..
अंदर आते hi आरती वो जान गयी और ये जान कर...
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तब उठ के दूर की तरफ जाने लगी तब नवाज़ कहता है
अब तू जा रही है तो मेरे इस खड़े लुंड का क्या
इतने मज़े तो किये
क्या मज़े किये ..असली...
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आरती के मू से अचानक से ये चला गया ..मतलब वो नवाज़ से छुड़ाने को रेडी थी सिर्फ आपने ससुर घर मई होने की वजह से डर रही थी..
ये कहने के बाद...
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तब नवाज़ ने उसके गाल को पहले चुम लिया ..
आह्ह्ह्हह्ह..
और फिर आरती की और देख कर मुस्कराते हुए बोलै…
आज का दिन तुजे हमेशा याद रहेगा…...
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अब आगे आ जा
नहीं
शर्माओ mat…..aur आगे आ जा ..
ऐसा कह के वो उसके हाथ को पकड़ के आगे लता है तब आरती झट से आँख बंद करती है ..
अब आँख...
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देखो फिर कहा है
तब उसे टॉवल उसे पीछे गिरा हुआ दिखा .. नवाज़ के पीछे ..नवाज़ थोड़ा आगे चल के आया था इस वजह से टॉवल पीछे निचे गिरा था ...
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आप को शर्म नहीं आती क्या
अब इसमे शर्माना कैसा .. यहाँ कोण है तुम्हारे अलावा .. ज्यादा से ज्यादा नीता आ सकते है .. नीता ने तो कही बार...
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अभी भी नवाज़ दूर पाई खड़ा था और वो उसे hi देख रहा था तब वो उसे अंदर जाने का इशारा करते है..
फिर नवाज़ अंदर चला जाता है तब आरती भी आपने...
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आप क्यों रेडी नहीं हो रहे हो.. हमें सिटी जाने मई लेत हो जायेगा
ऐसा बोल के उठ कड़ी हो गए
नवाज़ - रेडी हो जाऊ क्या मई
आरती - हाँ...
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फिर वो नाहा धोके अच्छे से एक साड़ी पहन के हल्का सा मेक उप करके आपने आशिक़ के पास जाती है.. वो अभी भी सो रहा था . वो भी नंगा .. नंगा मतलब...
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तब अरविन्द अंदर जेक उतने लगता है पर वो उठता नहीं है तब अरविन्द रूम से बहार आ जाता है .. इस बार आरती कर भी कुछ नहीं पायी .. वो न चाहते...
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उसने किश करते हुई तुरंत आपने हाट मई उसका मां ले लिया .. तब आरती सिसक उठी पर नवाज़ के मू मई फिर उसने उसके निप्पल को अपनी उँगलियों के बीच...
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फुसफुसाते हुई नवाज़ के हाथ पे हाथ रखे हुई बोली .. . ऐसा लग रहा था आरती नवाज़ को रोक नहीं रही thi…bas औपचारिकता के लिए बोल रही है .आरती को...
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फिर किश तोड़ते हुई आरती नवाज़ को देख के गुस्सा होने लगी thi…aur उसको घर के देख रही थी.. फिर वो गुस्से मई उसे बोलती है..
पागल हो गए हो...
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घर और बैडरूम का असली मतलब वो अब समाज पायी तब वो फ़ौरन शर्माती हुई अपने सीने पर एक हाथ रख लेती हैं और अपना सर नीचे की तरफ झुकाती है...