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ऐसा क्यों कहा इसने
मुझे क्या पता
हम नौकर है.. फिर मेहमान कैसे हुई
किचन मई जा और पूछ ले उनसे..
तब नफीसा नवाज़ की तरफ देखने लगे.. शक की...
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आरती खुद को hi समझा रही थी ...उसके मन में नवाज़ के लिए प्यार की कालिया फुट रही थी और उसका दिमाग ये मान नहीं रहा था.. उसी यही रति रटाई...
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बताओ न नीता ..कभी किसी ने दबाया है क्या…
नहिई re...kisi ने नहीं दबाया ..तेरे आल्वा किसी ने नहीं छुआ
नीता इसमें क्या होता है ?
नवाज़...
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और आरती घूम जाती है और फिर से किचन की तरफ चल पड़ती हैं वहीँ नवाज़ की नज़रें एक बार फिर से आरती पर थी........ आरती के घूमते hi वो अपने पंत...
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अब क्या हुआ
वो हमें मतलब कोण कोण?
मई, पापाजी और तेरा आशिके
नवाज़ क्यों
तब हसकर आरती कहते है
क्योंकि दूसरा ड्राइवर कोई नहीं है...
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अरे मेरा मतलब था ki...tum अच्छी लग रही हो.. कमाल दिख रही हो तुम ...इस साडी पर.. अरे aisa-waisa कुछ मतलब नहीं था ...ये साड़ी तुम पर बहुत...
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ऐसा कह के नवाज़ बाजु वाले रूम मई जाता है.. और 1 रुग और एक निचे बिछाने वाले सॉफ्ट कारपेट देती है..
ये लेके जाओ..
ये क्यों मेमसाब
वह...
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तुरंत नवाज़ दूसरे तरफ देखने लगा और ऐसे दिखने लगा मैंने कुछ देखा hi नहीं.. … तब आरती ने मुस्कुराते हुए अपने साड़ी को ठीक किया ……. तभी उसके...
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अब शेठजी ने सोफे पाई बैठ कर टीवी ों किया और टीवी देखने लगे. अन्दर किचन मई बर्तनों को धोने लगी.. सोफे के पीछे के वार्डरॉब की फाइल निकलते...
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आरती जान गयी थी नवाज़ उसके पीछे आ रहा है.. अब वो कोई न कोई बात करेगा उसे लगता है.. कुछ तो बहाना बनके मेरे पीछे आएगा ऐसा उसे लग रहा था और...
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तुम पता नहीं है क्या
नहीं तो
तुम्हारे साहब तो कह रहे तुम hi लेके जाओगे मुझे
मुझे नहीं पता मेमसाब
सुन्ना है तुम बहुत अच्छी ड्राइविंग...
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ऐसा सोचते हुई वो झट से उसके हाट को झटका देके उसकी तरफ बिना देखे किचन से बहार चली जाती है .. नवाज़ कुछ कर नहीं पाया सिर्फ आरती को ऐसे जाते...
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नवाज़ का लौड़ा अब पीछे से आरती की गांड पर साड़ी के ऊपर से दस्तक दे रहा था जैसे कह रहा हो जल्दी दरवाज़ा खोल मुझे अंदर आना है.... नवाज़ के...
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तब जरा नखरे करते हुई कहते है..
मई न थोड़ी hi तुम्हारी नीता हु और न तुम्हारी वंदना
वो पता है इसलिए तो तुम ..
फिर रुख के उसके आँखों मई...
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तब नवाज़ उसका हाट पकड़ लेता है और बोलता कुछ नहीं है तब आरती कहती है
देखने दो न ..
आरती के तरफ देखते हुई कहता है
नहीं कोई जरुरत नहीं है...